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                <title>divider - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अंधेरी नदी की पुलिया बनी खतरे की डगर, नीचे 40 फीट गहरी नदी</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क किनारे खुले गड्ढों से नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/andheri-river-bridge-becomes-a-dangerous-path--40-foot-deep-river-below/article-131813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर स्थित अंधेरी नदी की पुलिया इन दिनों लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। लगभग 200 फीट लंबी यह सीसी पुलिया अब पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। पुलिया की ऊपरी परत उखड़ चुकी है, जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और लोहे की सरिए भी बाहर निकल आए है।  जानकारी अनुसार पुलिया का निर्माण कई वर्ष पहले सीसी स्ट्रक्चर के रूप में किया गया था, लेकिन उस पर बार-बार डामर से पैचवर्क किया जाता रहा। इन अस्थायी मरम्मतों से कुछ समय के लिए राहत तो मिली, लेकिन हर बार कुछ महीनों में सतह फिर से खराब हो गई। अब पुलिया की सड़क पूरी तरह टूटी-फूटी और असमान हो चुकी है।</p>
<p><strong>डिवाइडर और रेलिंग कई जगह गायब : </strong>पुलिया के दोनों ओर लगी पाइपनुमा लोहे की रेलिंग और सीमेंटेड डिवाइडर अब खतरे का कारण बन गए हैं। कई हिस्सों में रेलिंग टूटकर नदी में गिर चुकी है, जबकि कुछ पाइप गिरने की कगार पर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया पर अब सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं बची है। सड़क किनारे खुले गड्ढे हैं, जिनसे नीचे सीधे नदी में गिरने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>बरसात में बढ़ जाता है खतरा </strong><br />नीचे बहने वाली अंधेरी नदी लगभग 30 से 40 फीट गहरी है। बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से यह खतरा और बढ़ जाता है। पुलिया के किनारों पर रेलिंग नहीं होना किसी भी समय बड़ा हादसा करा सकता है।</p>
<p><strong> जनता की मांग : स्थायी मरम्मत और सुरक्षा रेलिंग जरूरी </strong><br />ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल डामर पैचवर्क से काम नहीं चलेगा। पुलिया की सतह को दोबारा मजबूत करना और दोनों ओर नई पाइप रेलिंग व डिवाइडर लगाना आवश्यक है। साथ ही पुलिया पर सड़क लाइट और चेतावनी संकेत भी लगाए जाएं ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।</p>
<p><strong>बाल-बाल बची बाइक सवार की जान </strong><br />कुछ दिन पहले तेज बारिश में कस्बे का एक युवक बाइक सहित पुलिया से फिसलकर नदी में गिर गया था। सौभाग्य से वह तैरना जानता था, जिसने किसी तरह किनारे लगकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने समय रहते उसे बाहर निकाल लिया। यदि वह तैरना नहीं जानता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।</p>
<p><strong>लोगों में रोष, रोजमर्रा की परेशानी </strong><br />रोजाना इस पुलिया से स्कूली बसें, ट्रक, ट्रैक्टर, कार, आॅटो और सैकड़ों ग्रामीण वाहन गुजरते हैं। गहरे गड्ढों और टूटी सतह के कारण वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ता है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से यह खतरा और बढ़ जाता है। कवाई निवासी मुरारी सुमन, सत्यनारायण सेन, महेंद्र सुमन और उमर थाना क्षेत्र के भूरालाल मेघवाल ने बताया कि इस पुलिया से प्रतिदिन भारी वाहन, बसें और बच्चों की बाल वाहिनियां गुजरती हैं। नीचे गहरी नदी और ऊपर टूटी हुई सतह से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार डामर से मरम्मत हुई, लेकिन हर बार कुछ दिन में फिर उखड़ गई। यदि शीघ्र स्थायी मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पुलिया की हालत इतनी खराब हो गई है कि रोजाना सफर करने में डर लगता है। ट्रक या बस लेकर निकलते वक्त लगता है। कहीं पहिया किनारे से फिसल न जाए। नीचे गहरी नदी है और रेलिंग भी टूटी पड़ी है। सरकार को जल्द स्थायी मरम्मत करवानी चाहिए।<br /><strong>- सत्यनारायण सेन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>बरसात के दौरान पुलिया पर पानी भर जाता है और फिसलन बढ़ जाती है। कुछ समय पहले एक युवक बाइक सहित गिर गया था, उसकी जान बाल-बाल बची। अगर जल्दी कार्य नहीं हुआ तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।<br /><strong>- महेंद्र सुमन, कवाई निवासी।</strong></p>
<p>हम लोग रोज इसी पुलिया से गुजरते हैं। छोटे बच्चे और स्कूली बसें भी यहीं से निकलती हैं। पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग नहीं है और रात में रोशनी की व्यवस्था भी नहीं। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। <br /><strong>- भूरालाल मेघवाल, उमर थाना निवासी।</strong></p>
<p>अंधेरी नदी की पुलिया अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ऊपर की परत उखड़ी है, डिवाइडर टूटे हैं और रेलिंग गायब है। नीचे गहरी नदी है, जिससे हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। कई बार मरम्मत हुई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर खराब हो गई। रात में रोशनी नहीं रहती, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। प्रशासन को स्थायी मरम्मत और नई रेलिंग लगवाने की तुरंत जरूरत है। <br /><strong>-  मुरारी सुमन, कवाई निवासी। </strong></p>
<p>अंधेरी नदी पुलिया का बजट स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल आचार संहिता लागू होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। जैसे ही आचार संहिता समाप्त होगी, कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- नरेंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता, स्टेट हाईवे छबड़ा। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 16:56:39 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - अब धानमंडी-एयरपोर्ट लिंक रोड पर नहीं पसरेगा अंधेरा,  डिवाइडर में भी लगवा दी गई रोड लाइटें </title>
                                    <description><![CDATA[केडीए ने इस सड़क की मरम्मत व डिवाइडर निर्माण कार्य शुरू करवाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-darkness-will-not-spread-on-dhanmandi-airport-link-road/article-107787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(2)40.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित नई धानमंडी-एयरपोर्ट लिंक रोड पर अब अंधेरा नहीं पसरेगा, जल्द ही रोशनी से रोशन होगा। दैनिक नवज्योति की खबर के बाद केडीए ने सड़क मरम्मत व डिवाइडर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। यहां पुराने डिवाइडर को तोड़कर फिर से नया डिवाइडर बनाया गया है, आधे हिस्से में डिवाइडर में रोड लाइटें भी लगवा दी गई है। वहीं, अपना घर आश्रम से लॉयंस क्लब तक डिवाइडर बनाया जा रहा है। जिससे आधी रोड पर उजाला और आधे पर अंधेरा होने की समस्या से वाहन चालकों को निजात मिल सकेगी। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने दो किमी लंबे इस लिंक रोड पर आधी सड़क रोशन तो आधी पर पसरा अंधेरा..., अंधेरी सड़कों पर सता रहा जान का डर..., शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर केडीए व जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। इस पर केडीए ने इस सड़क की मरम्मत व डिवाइडर निर्माण कार्य शुरू करवाया। </p>
<p><strong>700 मीटर सड़क पर रहता है अंधेरा</strong><br />यह लिंक रोड करीब दो किमी लंबा है। पॉलिटेक्निक कॉलेज से अपना घर आश्रम तक करीब 500 मीटर तक डिवाइडर बना हुआ है, जिसमें रोड लाइटें लगी होने से यह हिस्सा रोशन रहता है। वहीं, अपना घर आश्रम से थोड़ा आगे छत्रपुरा रोड से लॉयंस क्लब तक डिवाइडर नहीं होने से रोड लाइटें नही है। जिससे रात को करीब 700 मीटर के दायरे में अंधेरा पसरा रहता है। जिसकी वजह से वाहन चालक यहां से गुजरने के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। वहीं, हादसे का डर भी सताता है।  इस दौरान इस रोड पर वाहन चालकों को गड्ढे व स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं देते। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>ब्रेकर पर उछल अनियंत्रित होते हैं वाहन</strong><br />छावनी निवासी लोकेश कुमार, विट्टल मीणा ने बताया कि पॉलीटेक्निक कॉलेज से एयरपोर्ट की ओर गुजर रहा बायपास पर रोड लाइटें बंद रहती हैं। जबकि, दो किमी लंबी सड़क पर एक दर्जन से अधिक लाइटें लगी हुई हैं। सड़क पर बीच-बीच में स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं, जो अंधेरे के कारण दिखाई नहीं देते। कई बार ब्रेकर पर उछल कर बाइक अनियंत्रित हो जाती है और वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं, गड्ढ़ों  के कारण दुर्घटना हो रही है। ऐसे में अब डिवाइडर बनने से रोड लाइटें लगना आसान हो जाएगा और अंधेरे की समस्या से निजात मिल सकेगी। </p>
<p><strong>असुरक्षा का अहसास कराता है अंधेरा</strong><br />छत्रपुरा निवासी बिलाल, हिमांशु, सलमान अंसारी ने बताया कि रात को कई बार इसी मार्ग से घर जाते हैं। अंधेरे के कारण लूटपाट व अनहोनी का डर सताता है। इस वजह से बाइक को स्पीड से दौड़ाना पड़ता है लेकिन कई बार गड्ढ़े व ब्रेकर दिखाई नहीं देते और वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। वहीं, बायपास से छत्रपुरा के गुजर रहा मार्ग पर भी अंधेरा रहता है। रात को कहीं जाना पड़े तो विज्ञान नगर होते हुए झालावाड़ रोड पर आना पड़ता है। </p>
<p>नई धानमंडी से एयरपोर्ट लिंक रोड पर सड़क मरम्मत व डिवाइडर बनाने का काम प्रगति पर है। 15 अप्रेल तक काम पूरा होने की उम्मीद है। डिवाइडर में रोड लाइटें भी लगाई जाएंगी, जिससे अंधेरे की समस्या खत्म हो सकेगी।<br /><strong>-रविंद्र माथुर, निदेशक अभियांत्रिकी केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:09:23 +0530</pubDate>
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                <title>ये डिवाइडर सड़क है या पार्किंग स्थल?</title>
                                    <description><![CDATA[करोड़ो की राशि खर्च होने के बाद भी लोग फोरलेन युक्त डिवाइडर सड़क से वंचित रहेगें।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/is-this-a-divider-road-or-a-parking-space/article-103492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer27.png" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। रामगंजमंडी में इन दिनों रामगंजमंडी से कुदायला पारसा माताजी चौराहे तक डिवाडर युक्त सड़क बनाई जा रही है,किन्तु सड़क का निर्माण ही इस तरह से किया है कि पूरी तरह से पार्किंग स्थल बनी हुई है। अतिक्रमण हटाने में प्रशासन की निष्क्रियता से ऐसा हो रहा है। इसकी बानगी हाल ही में नारायण टॉकीज चौराहे पर डिवाइडर सड़क की बनाई गई ,एक साइड सड़क पर देखने को मिली। जहां सड़क के बीच मे ही पेयजल योजना के नल कनेक्शन छोड़ने के लिए वाल्व लगे है इन्हें सड़क से दूर नहीं किया, सड़क के बीच में ही ले लिया है। एक निजी मोबाइल कम्पनी की लाइन से कनेक्टेड गड्डा है जो कनेक्शन की देखरेख के लिए छोड़ दिया गया है। सड़क के समीप ही दुकाने बनी हुई है जिनके होर्डिंग व ग्राहकों के वाहन भी इसी रोड़ पर ही  खड़े होंगे। क्योकि वाहन खड़े करने की  जगह नही है, अतिक्रमण नही हटाये गए है। कुल मिलाकर करोड़ो की राशि खर्च होने के बाद भी लोग फोरलेन युक्त डिवाइडर सड़क से वंचित रहेगें।</p>
<p><strong>सड़क पर खड़े है वाहन</strong><br />डिवाइडर फॉर लेन सड़क में जाली होना व साइड रोड होना चाहिए,जिससे छोटे वाहन व बाइक सवार पैदल चल  सके। हाल ही बनाई गई डिवाइडर सड़क में सुकेत रोड़ पर बिल्कुल दुकानों के पास से रोड़ बना दिया गया है,अब यही दुकानदार जिनमे मिस्त्री की दुकानें है वह रोड़ पर ही काम कर रहे है। कुछ दुकानदारों ने सामान रख दिए, कुछ दुकानदारों के सामने ग्राहकों की फोरव्हीलर हमेशा खड़ी रहती है।कुल मिलाकर दोनों ओर 10-10 फिट तो दूकानदारो ने घेर ली। अब शेष सड़क बची है टू लेन सड़क है।आम राहगीरों ने बताया कि इस डिवाइडर सड़क बनने का कोई ओचित्य नही है,रोड तो चौड़े हुए है लेकिन रोड के  पास साइड सड़क व पार्किंग  न बनने से फॉर लेन सड़क वाहनों की पार्किंग नजर आ रही है। डिवाइडर सड़क पर विद्युत पोल सड़क पर आने के मामले में विभाग के सहायक अभियंता कहते है कि पोल हटा दिया जाएगा, जबकि 1 साल से कुदायला से सुकेत तक बने रोड के मामले में भी यही कहा था कि पोल हटा देंगे, विभाग को लिख दिया है जबकि आज भी वहां पोल खड़े है।विभाग सड़क बनाने से पूर्व विद्युत पोल व अन्य व्यवधान आखिर हटाता क्यो नहीं है? ये विद्युत पोल व अन्य कोई सड़क यातायात में बाधक बने सरकारी उपक्रमों को हटने के बाद ही रोड बनाया जाना चाहिए। सड़क बनने के बाद फिर कोई विद्युत पोल व अन्य कोई अवरोधक हटते नही है, जबकि नवनिर्मित सड़क पर विद्युत्त्त पोल व जलदाय विभाग के वाल्व कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते है। क्योकि पानी छोड़ते समय कोई भी वाहन आ सकता है, पानी छोड़ने वाले कर्मचारी दुर्घटना की चपेट में आ सकता है। ऐसे वाल्व बीच सड़क में न रहकर अन्य जगह शिप्ट होना चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />हॉल ही में रामगंजमंडी सुकेत सड़क पर बनाए डिवाइडर सड़क का कोई औचित्य नहीं है,आसपास के अतिक्रमण न हटने से दुकानों के सामने रोड बना देने से सभी लोग वाहन खड़ा करेंगे, और पेयजल योजना के वाल्व व मोबाइल कम्पनी की लाइनों को डिवाइडर सड़क पर रखने से आवागमन में बाधा होगी,अतिक्रमण हटाकर साइड सड़क बने तब डिवाइडर सड़क का महत्व है। सरकार के करोड़ो रुपए यूं ही समाप्त हो गए,प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।<br /><strong>- कमल पारेता संरक्षक लोकल ट्रक यूनियन रामगंजमंडी </strong></p>
<p>यह रोड व्यस्त रोड है और यहाँडिवाइडर सड़क बनाई गई है, किन्तु अतिक्रमण नहीं हटे है, जबकि सड़क से सेंटर से छोड़कर दोनों ओर 50 फिट के अंतराल में नगरपालिका ने पट्टे दिए है, तो सुकेत रोड पर 50 फिट छोड़कर अतिक्रमण हटे तो डिवाइडर सड़क का सार्थकता है।<br /><strong>- श्याम आचार्य ब्लॉक इंटक अध्यक्ष  मजदूर नेता रामगंज मंडी </strong></p>
<p>पानी सप्लाई के ये जो दो बड़े गड्ढे है , वह बन्द हो जाएंगे, और उनमे होल करके वाल्व जारी रहेगा। मोबाइल कम्पनी का जो पोल सड़क पर खड़ा है हटा दिया जाएगा।<br /><strong>- अशोक महावर सहायक अभियंता रामगंजमंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 16:44:27 +0530</pubDate>
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                <title>6 महीने बाद भी नहीं लगे डिवाइडर पर पौधे</title>
                                    <description><![CDATA[वन महोत्सव के दौरान जिलेभर में सघन पौधारोपण किया जाता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/even-after-6-months--no-treatment-has-been-brought-on-the-divider/article-99104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(4)19.png" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। झालावाड़ के सिटी फोरलेन के मध्य बनाया गया डिवाइडर जो कुछ समय पहले तक हरियाली और फूलों से गुलजार हुआ करता था, इन दिनों उजड़ा हुआ पड़ा है, लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस डिवाइडर को उजाड़ तो दिया गया, लेकिन उजाड़ते समय इसको वापस आबाद करने के जो वादे हुए थे उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हो पाया है। 23 जुलाई 2024 को इस डिवाइडर पर लगे हुए पौधों को हटाकर नए फूलदार पौधे लगाए जाने की बात कही गई थी और प्रशासन की तरफ से इस कार्यवाही को शुरू किया गया था, लेकिन अब लगभग 6 महीने का समय बीत जाने के बाद भी यह डिवाइडर उजड़े हुए वीरान पड़े हैं। झालावाड़ सिटी फोर लेन के निर्माण के साथ ही इस डिवाइडर का निर्माण भी हुआ था तथा इस वक्त इस पर फूलदार पौधे लगा दिए गए थे। धीरे-धीरे यह पौधे बड़े होने लगे और फूल भी देने लगे। समय के साथ-साथ पौधों ने अच्छा आकर ले लिया जिससे एक लाइन में चलने वाली गाड़ियों की हेडलाइट की रोशनी दूसरी लाइन में जाना भी बंद हो गई। डिवाइडर पर पौधे लगाए जाने का मुख्य कारण यही होता है कि आमने-सामने चलने वाली गाड़ियों की हेडलाइट की रोशनी एक दूसरे पर ना पड़े, क्योंकि इसके कारण काफी दुर्घटनाएं घटित हो जाती हैं झालावाड़ के सिटी फोरलेन पर लगे हुए पौधों को हटाने का विचार जिला प्रशासन के मन में उस वक्त आया, जब वन महोत्सव की शुरूआत की गई। वन महोत्सव के दौरान जिलेभर में सघन पौधारोपण किया जाता है। इसी के चलते इस डिवाइडर पर रंगीन फूलों वाले खूबसूरत पौधे लगाने का मन बनाया गया और जिला प्रशासन की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए। अभियान की शुरूआत विधिवत्त झालावाड़ मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार के सामने डिवाइडर पर लगे पुराने पौधों को हटाकर नए पौधे लगाकर की गई और एक बड़ा आयोजन हुआ, जिसमें कई संस्थाएं, एनजीओ और निजी विद्यालयों ने भाग लिया। इस अवसर पर सभी संस्थाओं ने अपने-अपने हिसाब से डिवाइडर को गोद लेकर पौधे लगाने और सार संभाल करने की बात कही और अनेक वादे किए गए, लेकिन नतीजा हमेशा की तरह वही "ढ़ाक के तीन पात" रहा। आज डिवाइडर की हालत किसी से छुपी नहीं है ऐसे में सवाल पैदा होता है कि आखिर वह सभी संस्थाएं जिन्होंने पौधे लगाने और संभालने के वादे किए थे वह अब कहां है।<br />  <br /> पुराने पौधे हटाकर नए पौधे लगाए जाने के अभियान की शुरूआत झालावाड़ जिला कलेक्टर के सानिध्य में हुई थी। ऐसे में जब हमने जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौर से इस पूरे मामले को लेकर बात की तो उन्होंने कहा कि मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए ऐसे सभी हिस्से जहां पर पौधे नहीं है या सूख गए हैं, वहां पर पौधे लगवाएंगे। जिला कलेक्टर ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश भी दिए कि तुरंत प्रभाव से उन सभी संस्थाओं और लोगों से संपर्क करें जिन्होंने पौधे लगाने की जिम्मेदारी ली थी और जहां से भी पौधे उजड़ गए हैं उनको वापस लगवाया जाए।  जिला प्रशासन ने पूरे अभियान की शुरूआत मिनी सचिवालय के सामने वाले हिस्से से की थी तथा यह अभियान मिनी सचिवालय के सामने से लेकर झालावाड़ अस्पताल के सामने मौजूद डिवाइडर तक चला। जहां पौधे उजाड़ तो दिए गए लेकिन लगाए नहीं गए। झालावाड़ पशु चिकित्सालय के सामने और झालरापाटन रोड पर आज भी पुराने पौधे बरकरार हैं, उन्हें देखकर एहसास होता है कि इन पौधों में भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं थी तथा इनको सड़क बनाने वाले विशेषज्ञों द्वारा सोच समझकर उस वक्त लगवाया गया था। ऐसे में एक बड़ा सवाल पैदा हो जाता है कि क्या जरूरत पड़ी थी कि हरे भरे पौधों को उखाड़ कर फेंक दिया गया और हद तो तब हो गई जब उनके स्थान पर नए पौधे भी नहीं लग पाए। </p>
<p>डिवाइडर पर पौधे लगाने की जिम्मेदारी जिन संस्थाओं ने ली थी, उनसे बात करके पौधों को वापस लगाया जाएगा। ताकि डिवाइडर फिर से हरे भरे हो सके। <br /><strong>-  अजय सिंह राठौड, जिला कलेक्टर झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 17:25:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अनन्तपुरा में  डिवाइडर पर होने लगा पौधारोपण</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने 3 अक्टूबर को केडीए ने पौधारोपण के लिए गड्ढे किए, पौधे लगाना भूले शीर्षक से खबर प्राकशित की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---plantation-started-on-divider-in-anantpura/article-92865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(9)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के अनंतपुरा थाने से श्रीराम सर्कल तक डिवाइडर पर केडीए की ओर से खोदे गए गड्ढों में पौधरोपण होेने के साथ ही ट्री गार्ड लगने लगे हैं। पिछले कई दिनों से इस मार्ग के डिवाइडर पर पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदे पड़े थे। पौधारोपण के साथ में केडीए की ओर से मलबे को भी हटाया जा रहा है।</p>
<p><strong>ये था मामला</strong><br />दरअसल, पौधारोपण के दौरान केडीए की संवेदक फर्म ने केवल गड्ढे खोद कर छोड़ दिए थे। ऐसे में गड्ढों का पूरा मलबा सड़क पर बिखरा पड़ा था। साथ ही फर्म की ओर से कई स्थानों पर पौधे तक नहीं रोेपे गए थे। इसी मामले को लेकर दैनिक नवज्योति ने 3 अक्टूबर को केडीए ने पौधारोपण के लिए गड्ढे किए, पौधे लगाना भूले शीर्षक से खबर प्राकशित की थी। जिस पर केडीए सचिव कुशल कोठारी ने 10 दिवस के भीतर पौधारोपण के साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने की बात कही थी। </p>
<p><strong>कुछ जगहों पर अभी भी पड़ा मलबा</strong><br />केडीए की ओर से पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाए जा रहे हैं। लेकिन कई स्थानों पर अभी भी मलबा बिखरा पड़ा है। जो आने जाने वालों के लिए परेशानी बन रहा है। पौधारोपण के साथ सड़क पर बिखरा मलबा हटने से वाहन चालकों को परेशानी से निजात मिल सकती है।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br /> केडीए की ओर से पौधारोपण किया जा रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर अभी भी मलबा पड़ा है। जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। पौधारोपण के साथ ही मलबा भी उठे तो अच्छा हो।<br /><strong>- दिनेश कुशवाह, रंगबाड़ी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दैनिक नवज्योति की खबर का संज्ञान लेते हुए संवेदक फर्म को जल्दी काम पूरा करने के निर्देश दे दिए थे। पौधारोपण के साथ में सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगावाए जा रहे हैं। मलबा जल्द हटा लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Oct 2024 11:45:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लोग रॉन्ग साइड से आकर ट्रॉफिक कर रहे जाम</title>
                                    <description><![CDATA[आईलैड बनने के बाद शुरू करते तो लोग रॉग साइड से नहीं आते और दुर्घटनाएं नहीं होती अभी रॉग साइड से आ रहे लोगों से जाम लग रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-coming-from-the-wrong-side-causing-traffic-jam/article-51011"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/log-wrong-side-s-aakr-traffic-kr-rhe-jaam...kota-news-06-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सीएडी रोड पर अभय कमांड सेंटर के सामने आईलैंड बनाने के लिए डिवाइडर का कुछ हिस्सा बीच से तोड़ा कर काम शुरू कर दिया साथ ही अभय कमांड के पास बने नये बायी पास रोड को चालू करने से लोग अब रॉग साइड से आ रहे जिससे दुर्घटनाएं बढने की संभावना बढ़ गई है। अभय कमांड के पास नाले पास बने नये बायी पास रोड से निकल लोग घोडेवाले बाबा चौराहा जाने के लिए  सीएडी जाने वाले रोड पर बने कट से नहीं घूमकर अभय कमांड के सामाने से रॉग साइड में होते हुए सोफिया स्कूल के पास के कट से निकल रहे जिससे घोडेवाले चौराहा से सीएडी की ओर जाने वाले वाहनों को रॉग साइड से आ रहे वाहनों खतरा बढ़ गया है।  </p>
<p>नगर विकास न्यास द्वारा दादाबाड़ी तिराहे से अभय कमांड सेंटर तक करीब एक किमी. लम्बी सड़क बनाई गई है। उस सड़क से आने वाले वाहन अभय कमांड सेंटर के सामने से डिवाइडर के बीच बनने वाले आईलैंड से  होकर घोड़ा चौराहा होते हुए एरोड्राम चौराहे की तरफ जा सकेंगे। ऐसा न्यास ने प्लान बनाया है। जिसका काम भी शुरू हो गया है।वहीं वाहनों को यहां मुड़ने व आवागमन में परेशानी नहीं हो इसके लिए बकरा मंडी की जगह पर सड़क को चौड़ा किया गया है।  न्यास अधिकारियों का कहना है कि डिवाइडर की जगह पर आईलैंड बनाया जाएगा। जिससे वाहन जहां से टर्न होकर निकल सकेंगे। यह आईलैंड कोटड़ी व जेडीबी चौराहे की तरह का होगा। </p>
<p><strong>बढ़ गया दुर्घटना का खतरा</strong><br />हालांकि डिवाइडर का बीच का हिस्सा खाली होने से बुधवार को अधिकतर वाहन लम्बा चक्कर घूृमने की जगह इसी कट से होकर निकल रहे थे।  जिससे लोगों भारी परेशानी हो रही है। वहीं न्यास ने सीएडी रोड पर आईलैंड बनाने का काम शुरू कर लेकिन अभय कमांड पास के बायपास को अभी चालू नहीं करना चाहिए था। आईलैड बनने के बाद शुरू करते तो लोग रॉग साइड से नहीं आते और दुर्घटनाएं नहीं होती अभी रॉग साइड से आ रहे लोगों से जाम लग रहा है। और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2023 16:53:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कार डिवाइडर से टकराई: भाई-बहन व भतीजे की मौत, पत्नी सहित दो घायल</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर हाइवे स्थित जालखेड़ा चौराहे पर एक कार बेकाबु होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार सवार भाई-बहन व भतीजे की मौत हो गई। वहीं मृतक की पत्नी सहित दो लोग घायल हो गये, जिनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bhilwara/bhiwara-news-car-collided-with-divider--brother--sister-and-nephew-killed--two-injured-including-wife/article-10848"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/road-accident.jpg" alt=""></a><br /><p>भीलवाड़ा। अजमेर हाइवे स्थित जालखेड़ा चौराहे पर एक कार बेकाबु होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार सवार भाई-बहन व भतीजे की मौत हो गई। वहीं मृतक की पत्नी सहित दो लोग घायल हो गये, जिनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। इस हादसे में बुआ-भतीजे ने अस्पताल पहुंचने पर, जबकि युवक ने अल सुबह अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उधर, इस हृदय विदारक घटना से भदालीखेड़ा गांव में शोक छा गया। गुलाबपुरा थाना पुलिस के अनुसार भदालीखेड़ा से कुछ लोग अपनी रिश्तेदारी में कार से हुरड़ा गये थे। ये लोग रविवार रात हुरड़ा से पुन: भदालीखेड़ा के लिए रवाना हुये। अजमेर हाइवे स्थित जाल खेड़ा चौराहे पर इनकी कार डिवाइडर से टकराकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार सभी लोग घायल हो गये। आस-पास मोजूद लोग मौके पर पहुंचे ओर पुलिस को सूचना देते हुये घायलों को  अस्पताल भिजवाया। जहां भदालीखेड़ा की बेटी और साकेत, कोटा निवासी परवीन बानो पत्नी अब्दुल रहीश उम्र 37, इसके भतीजे आरीश पुत्र असलम उम्र 11 भदालीखेड़ा को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं भदालीखेड़ा निवासी असलम पुत्र अशरफ व इसकी पत्नी जुबेदा बानू व जूनावास निवासी इरफान पुत्र मोहम्मद रफीक पठान को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। सोमवार अल सुबह असलम ने भी दम तोड़ दिया। इरफान व जुबेदा का उपचार जारी है। उधर, भाई-बहन व भतीजे की मौत की खबर से भदालीखेड़ा में शोक छा गया। सोमवार को भाई-बहन व भतीजे के शव परिजनों को सौंप दिये। उधर, असलम व उसके बेटे आरीश के शव जैसे ही भदालीखेड़ा पहुंचे। परिजनों की चीत्कार फूट पड़ी। गांव में शोक छा गया। गुलाबपुरा पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भीलवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 May 2022 12:35:39 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क चौड़ी करने के लिए हटाए डिवाइडर </title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास की ओर से नयापुरा में सड़क चौड़ी करने के लिए रोड के डिवाइडर हटाए गए हैं ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/remove-divider-to-widen-the-road/article-8320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/sadak-se-hataye-divider-kota-21.4.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।  नगर विकास न्यास की ओर से नयापुरा में सड़क चौड़ी करने के लिए रोड के डिवाइडर हटाए गए हैं । उनके साथ ही बिजली के खंभे भी हटा दिए जिससे उन सड़कों पर रात के समय अंधेरा रहने लगा है। <br /><br /> नगर विकास न्यास द्वारा सीबी गार्डन से उम्मेद सिंह स्टेडियम तक और महर्षि नवल सर्किल से अग्रसेन चौराहे तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा । इसके लिए दोनों रोड के बीच बने पुराने डिवाइड को पूरी तरह से हटा दिया है।  डिवाइडर के बीच में लगे बिजली के खंभों को भी डिवाइडर के साथ ही हटा दिया है।  जिससे पहले उन सड़कों पर रात के समय रोशनी रहती थी वहां अब अंधेरा रहने लगा है।  लोगों ने बताया कि डिवाइडर बनने और बिजली के खंभे लगने में कई दिन का समय लगेगा । ऐसे में उस रोड पर रात के समय अंधेरा रहने से हादसों के साथ ही किसी भी तरह की अनहोनी का खतरा बना हुआ है।  लोगों ने बताया कि नगर विकास न्यास को विकास के काम करना ही है तो काम करे लेकिन ,उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जानी चाहिए । इधर नगर विकास न्यास के अभियंताओं का कहना है कि सड़क चौड़ी करने के लिए डिवाइडर एक साइड पर कम और दूसरी साइड पर ज्यादा चौड़ी सड़क को बांट रहे थे।  ऐसे में उन डिवाइडर को हटाकर नए सिरे से बीच में बनाया जाएगा । जिससे दोनों तरफ की सड़क बराबर हो सके । डिवाइडर हटाने से उनके बीच लगे बिजली के खंभों को भी हटाना आवश्यक है। यह काम जल्दी ही पूरा कर दिया जाएगा । जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा । <br /><br />इधर गौरतलब है कि नगर विकास न्यास द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में करीब 80 करोड रुपए के 100 किलोमीटर सड़कों पर स्मार्ट डिवाइडर भी बनाए जा रहे हैं।  जिनका काम चल रहा है । अदालत चौराहे से अंटाघर चौराहे तक , घोड़े वाले बाबा और एरोड्रम चौराहे पर भी स्मार्ट डिवाइडर बनाए जा रहे हैं। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 17:08:50 +0530</pubDate>
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                <title>180 की स्पीड में थी शराबियों की कार, पहले मारी डिवाईडर को टक्कर फिर पुलिसकर्मी को रौंदा</title>
                                    <description><![CDATA[नए साल के जश्न और शराब की मदहोशी ने एक परिवार के लाड़ले को छीन लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61d008c9176e7/article-3713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नए साल के जश्न और शराब की मदहोशी ने एक परिवार के लाड़ले को छीन लिया। शहर में 180 से 200 की रफ्तार में कार दौड़ा रहे कुछ लड़कों ने एक पुलिसकमी की जान ले ली। कार सवार इतने ज्यादा नशे में थे कि सही तरीके से खड़ा भी नहीं हो पा रहे थे। आज तड़के करीब चार बजे यह हादसा हरमाड़ा थाना क्षेत्र में हुआ है। कार सवार हरमाड़ा से होते हुए चौमू की ओर जा रहे थे। लेकिन इस दौरान पुलिसकर्मी को चपेट में ले लिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही पुलिसकर्मी ने दम तोड़ दिया। दरअसल हरमाड़ा थाना इलाके में थाना चेक पोस्ट के नजदीक ही बीती रात थाने और यातायात पुलिस का जाब्ता लगाया गया था। नए साल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बंदोबस्त भी किया गया था। रात को शांति से निकल गई लेकिन तड़के करीब चार बजे एक तेज रफ्तार कार ने पुलिसवाले की जान ले ली। हरमाड़ा पुलिस ने बताया कि शराब के ठेके पर काम करने वाले चार लड़के कार में थे। उन्होनें अपने एक साथी को पानीपेच उतारा था। वे चैमू की ओर जा रहे थे। इस दौरान नाके पर पुलिसकर्मी भी शिफ्ट बदली की तैयारी में थे और रिलेक्स थे। इसी दौरान कार चालक ने पुलिसवालों को देखकर कार और तेज कर दी। उसने पहले तो बेरिकेड को टक्कर मारी और उसके बाद डिवाईडर से कार को ठोकते हुए पास ही खडे यातायात पुलिसकमी संजय कुमार पर का चढा दी। संजय को साथियों ने अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार सवार तीनों इतने ज्यादा नशे में थे कि  कार छोड़कर भाग भी नहीं सके। कुछ ही दूरी तक वे भागे इस बीच अन्य पुलिसकर्मियों ने उनको दबोच लिया और थाने ले आए। संजय के बारे में साथियों ने बताया कि वे 2008 बैच के कांस्टेबल थे। मूल रुप से झुझुनूं के बुहाना में रहने वाले संजय परिवार के साथ हरमाड़ा के टोडी मोड के नजदीक रहते थे। वे राजस्थान पुलिस की फुटबाॅल टीम के सक्रिय सदस्य भी थे। उनके पिता भी राजस्थान पुलिस में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jan 2022 14:23:25 +0530</pubDate>
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