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                <title>summit - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बड़ी खबर: ज़ेलेंस्की बातचीत के लिए कभी भी आ सकते हैं रुस ?</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की शांति वार्ता चाहते हैं, तो वे कभी भी मॉस्को आ सकते हैं। जेलेंस्की ने राष्ट्रपति पुतिन को पत्र लिखकर पूर्ण युद्धविराम के साथ आमने-सामने की बैठक का प्रस्ताव दिया था, जिस पर रूस ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-zelensky-can-come-to-russia-for-talks-any/article-156095"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ukreen-jalensky.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रुस ने कहा है कि अगर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की बातचीत करना चाहते हैं, तो वे कभी भी यहां आ सकते हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस आशय की घाेषणा की है। ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को एक पत्र जारी करके शांति प्रक्रिया पर चर्चा के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ आमने-सामने की बैठक का प्रस्ताव रखा, जिसमें यूरोप और अमेरिका भी शामिल हों। ज़ेलेंस्की ने पत्र में लिखा, "यूक्रेन हमारे और आपके बीच सीधी बातचीत के ज़रिए इस युद्ध को खत्म करने का प्रस्ताव देता है। मैं एक बैठक का प्रस्ताव रख रहा हूं।"</p>
<p>ज़ेलेंस्की ने बैठक के लिए एक स्पष्ट तारीख तय करने की भी मांग की और कहा कि बातचीत के दौरान पूरी तरह से युद्धविराम के लिए यूक्रेन तैयार है। उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड, तुर्की और कुछ अरब देशों ने ऐसी बातचीत की मेज़बानी करने की इच्छा जताई है। पेस्कोव ने कहा कि क्रेमलिन ने पत्र की समीक्षा कर ली है और अपनी कामकाजी बैठक के बाद पुतिन को इसकी जानकारी देगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि अगर ज़ेलेंस्की बातचीत करना चाहते हैं, तो वे मॉस्को आकर ऐसा कर सकते हैं।" प्रवक्ता ने यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने में अमेरिका की कोशिशों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रूस ने कभी भी अमेरिका की भूमिका को आदर्श नहीं माना है और उसके लिए राष्ट्रीय हित ही सबसे ऊपर हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 16:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जापान और फिलीपींस ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया: प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए</title>
                                    <description><![CDATA[जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए और फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश गोपनीय सैन्य सूचना सुरक्षा और गश्ती पोतों के हस्तांतरण पर सहमत हुए हैं। इसके साथ ही एआई, अंतरिक्ष और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर सहयोग बढ़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-and-philippines-elevate-their-relations-to-the-level-of/article-155339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/takaichi.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान और फिलीपींस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह जानकारी जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "28 मई को जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए ने फिलीपींस गणराज्य के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज़ मार्कोस जूनियर से शिखर सम्मेलन किया, जो राजकीय अतिथि के रूप में जापान की यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया, जो फिलीपींस के लिए अपनी तरह की पहली साझेदारी है। यह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।"</p>
<p>बयान में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष गोपनीय सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा के लिए एक समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि जापान और फिलीपींस गश्ती पोतों सहित उपकरणों के हस्तांतरण पर सहयोग में तेजी लाने का इरादा रखते हैं। इसके अतिरिक्त, जापान और फिलीपींस ने कथित तौर पर एशिया में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने सहित आर्थिक सहयोग को और गहरा करने तथा कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, ऊर्जा और मानव संसाधन विकास में सहयोग विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:16:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इटली पहुंचे पीएम मोदी: मिला गार्ड ऑफ ऑनर, जॉर्जिया मेलोनी से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। पीएम मोदी आज इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे और रणनीतिक कार्य योजना (2025-2029) की समीक्षा पर मुख्य ध्यान दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-modi-reached-italy-received-guard-of-honor-will-hold/article-154424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi10.png" alt=""></a><br /><p>रोम। पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इटली की अपनी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी का यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाद में होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई।</p>
<p>पीएम मोदी का द्विपक्षीय वार्ता से पहले राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भी मिलने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,''इटली के रोम पहुँचा। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करूँगा तथा उनके साथ चर्चा करूँगा। यह यात्रा भारत-इटली सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी, इसमें विशेष रूप से भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर ध्यान दिया जाएगा। संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की भी समीक्षा की जाएगी। मैं खाद्य और कृषि संगठन के मुख्यालय का भी दौरा करूँगा और बहुपक्षवाद तथा वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करूँगा।''</p>
<p>मेलोनी ने मंगलवार रात प्रधानमंत्री के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें विपक्षीय वार्ता का उत्सुकता से इंतजार है। उन्होंने कहा,''रोम पहुँचने पर रात्रिभोज के दौरान प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद प्रतिष्ठित कोलोसियम का भ्रमण किया। हमने विभिन्न विषयों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। आज होने वाली हमारी वार्ताओं की प्रतीक्षा है, जहाँ हम भारत-इटली मैत्री को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा आगे बढ़ाएँगे।'' इटली की प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी देर शाम स्वदेश रवाना हो जाएंगे। वह 15 मई को पांच देशों की छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 12:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नार्वे और भारत के बीच सहयोग की अपार संभावना,नार्वे की कंपनियों के लिए खुले हैं दरवाजे: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण और समुद्री उद्योगों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने TEPA समझौते के तहत $100 अरब के निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-immense-potential-for-cooperation-between-norway-and-india/article-154317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi8.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और नार्वे के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि नॉर्वे की कंपनियों के लिए भारत के दरवाजे खुले हैं और उन्हें स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। नार्वे की दो दिन की यात्रा पर गये पीएम मोदी ने सोमवार रात भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था।</p>
<p>उन्होंने कहा, "ओस्लो सिटी हॉल में प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे और मैंने एक व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लिया। व्यापार क्षेत्र और अनुसंधान जगत से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद करना एक सुखद अवसर था। हमारे देशों के पास खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के उत्कृष्ट अवसर हैं। मैंने नॉर्वे को भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहलों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मैंने भारत के सुधार एजेंडा के समर्थन में भी अपने विचार रखे। जहाज निर्माण एक ऐसा क्षेत्र है जो व्यापक और असीम संभावनाएं प्रदान करता है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग का आह्वान करते हुए नॉर्वे की कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, समुद्री उद्योगों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाने के लिए कहा। शिखर सम्मेलन में नॉर्वे के क्राउन प्रिंस हाकोन के अलावा 50 से अधिक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ-साथ दोनों देशों के व्यापार और अनुसंधान क्षेत्रों के 250 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह आयोजन भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के लागू होने के बाद भारत-नॉर्वे संबंधों में बढ़ती गति को दर्शाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के हितधारकों से व्यापार समझौते के तहत निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों के हितधारकों को टीईपीए के तहत 100 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य तथा भारत में 10 लाख रोजगार सृजन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करने चाहिए।" प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, अनुकूल जनसांख्यिकी और निवेशक-अनुकूल नीतियों पर जोर देते हुए देश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बताया। उन्होंने नॉर्वे को समुद्री अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, महत्वपूर्ण खनिज, नवप्रवर्तन उद्यमों और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में अधिक भागीदारी के लिए आमंत्रित किया, साथ ही सतत विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "भारत का विशाल आकार, बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं और जलवायु प्रतिबद्धताएं नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना के तीव्र विस्तार को बढ़ावा दे रही हैं।" उन्होंने समुद्री क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में कमी, महासागर स्थिरता और जलवायु वित्त में नॉर्वे की विशेषज्ञता की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायों को नई साझेदारी बनाने और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के लिए उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय और नार्वे की कंपनियों तथा संस्थानों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए गए। इससे पहले दिन में, ओस्लो में चार गोलमेज चर्चाएंआयोजित की गईं, जिनमें स्वास्थ्य सेवा नवाचार, समुद्री सहयोग, बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रणाली, डिजिटलीकरण और विद्युतीकरण तथा पवन ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:35:34 +0530</pubDate>
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                <title>ओस्लो पहुंचे पीएम मोदी: नार्वे पीएम योनास स्तोरे ने किया गर्म जोशी के साथ हवाई अड्डे पर स्वागत, द्विपक्षीय वार्ता आज</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण में ओस्लो (नॉर्वे) पहुंचे, जहां पीएम योनास गार स्तोरे ने उनका स्वागत किया। 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला नॉर्वे दौरा है। पीएम मोदी आज द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और कल तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-reaches-oslo-norwegian-pm-jonas-storey-welcomes-him/article-154251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi7.png" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण में सोमवार को यहां गार्डमॉन हवाई अड्डे पहुंचे जहां नार्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्तोरे ने उनका गर्म जोशी से स्वागत किया। दो दिवसीय यात्रा पर ओस्लो पहुंचे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया कि उनकी यात्रा भारत-नॉर्वे मित्रता को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। चार दशकों से भी अधिक समय में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, नॉर्वे के ओस्लो पहुँचा। मैं प्रधानमंत्री योनास गार स्तोरे का हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आभारी हूँ। चार दशकों से अधिक समय के बाद यह नॉर्वे की पहली प्रधानमंत्री स्तरीय यात्रा है। मुझे विश्वास है कि यह भारत-नॉर्वे मित्रता को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। मैं महाराज राजा हाराल्ड पंचम और महारानी सोन्या से भेंट करूँगा तथा प्रधानमंत्री स्तोरे के साथ बातचीत करूँगा।</p>
<p>पीएम मोदी तीसरे भारत नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, कल, 19 तारीख को, ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जो मेरे नॉर्डिक समकक्षों से मिलने का एक शानदार अवसर प्रस्तुत करेगा। प्रधानमंत्री का नार्वे के अपने समकक्ष के साथ आज द्विपक्षीय बातचीत का कार्यक्रम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:38:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का चीन के साथ 17 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद खरीद का वादा, समझौते पर हस्ताक्षर </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और चीन ने 2017 के बाद का सबसे बड़ा ऐतिहासिक समझौता किया है। इसके तहत चीन अगले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष $17 अरब के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदेगा और 200 बोइंग विमानों को मंजूरी देगा। आर्थिक समन्वय के लिए दो नए बोर्ड स्थापित किए गए हैं और दोनों देशों ने महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी सहमति जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-signs-agreement-with-china-promising-to-purchase-agricultural-products/article-154253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china4.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत चीन ने अगले तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष कम से कम 17 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। यह अक्टूबर 2025 में की गयी सोयाबीन संबंधी पूर्व प्रतिबद्धताओं के अतिरिक्त है। व्यापार के अलावा यह समझौता दो नए द्विपक्षीय तंत्रों, अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड और अमेरिका-चीन निवेश बोर्ड की स्थापना भी करता है, जिनका उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा के बाद आर्थिक समन्वय को मजबूत करना है। दोनों पक्षों ने ईरान, उत्तर कोरिया और होर्मुज जलडमरूमध्य सहित प्रमुख भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी सहमति के संकेत दिए हैं।</p>
<p>द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के व्यापक प्रयास के तहत प्रस्तुत इस समझौते में चीन द्वारा 200 बोइंग विमानों के प्रारंभिक ऑर्डर की मंजूरी भी शामिल है, जो 2017 के बाद बीजिंग की पहली ऐसी प्रतिबद्धता है। व्हाइट हाउस ने कहा कि यह समझौता अमेरिका में उच्च-कुशल विनिर्माण नौकरियों को बढ़ावा देगा और दीर्घकालिक वाणिज्यिक विमानन संबंधों को मजबूत करेगा। यह घोषणा उन वार्ताओं के बाद हुई जिनमें दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता में सुधार लाने के उद्देश्य से उपायों पर सहमति व्यक्त की। वाशिंगटन ने चर्चाओं को कई रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों को शामिल करने वाला बताया। व्हाइट हाउस इसे 2017 के बाद का सबसे महत्वपूर्ण अमेरिका-चीन समझौता मानता है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक समझौते की आधारशिला के रूप में, राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दो नए संस्थान अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड और अमेरिका-चीन निवेश बोर्ड की स्थापना की है। इनका उद्देश्य गैर-संवेदनशील वस्तुओं के द्विपक्षीय व्यापार के प्रबंधन और निवेश संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करना है। व्हाइट हाउस ने कहा कि चीन ने यट्रियम, स्कैंडियम, नियोडिमियम और इंडियम जैसी दुर्लभ पृथ्वी धातुओं की आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने और उत्पादन एवं प्रसंस्करण उपकरणों और प्रौद्योगिकियों पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की प्रतिबद्धता जताई है। चीन दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के उत्पादन और प्रसंस्करण उपकरणों और प्रौद्योगिकियों की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों या सीमाओं को लेकर अमेरिका की चिंताओं का भी समाधान करेगा।</p>
<p>कृषि क्षेत्र में, चीन ने 400 से अधिक अमेरिकी गोमांस उत्पादन इकाइयों की समाप्त हो चुकी सूचियों का नवीनीकरण करके और नए अनुमोदन जोड़कर अमेरिकी गोमांस के लिए बाजार पहुंच बहाल करने पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही अमेरिकी कृषि विभाग ने अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा से मुक्त प्रमाणित अमेरिकी राज्यों से मुर्गी पालन का आयात फिर से शुरू करने पर भी सहमति जताई है व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों पक्षों ने व्यापक भू-राजनीतिक चिंताओं पर सहयोग की पुष्टि की, जिनमें ईरान द्वारा परमाणु हथियार प्राप्त करने का विरोध और उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण का समर्थन शामिल है।</p>
<p>दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि किसी भी देश या संगठन को टोल वसूलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी ने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने साझा लक्ष्यों की पुष्टि की। राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रपति शी को 24 सितंबर को वाशिंगटन आने का निमंत्रण दिया है। दोनों देश इस वर्ष के अंत में होने वाले जी20 और एपेक शिखर सम्मेलनों के मेजबान के रूप में एक-दूसरे का समर्थन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:41:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप-जिंनपिग समिट: बीजिंग शिखर सम्मेलन के बाद बनी सहमति, चीन-अमेरिका के बीच विमान खरीद पर समझौता, 200 विमानों की डील</title>
                                    <description><![CDATA[चीन और अमेरिका के बीच विमानों, इंजनों और कलपुर्जों की खरीद को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बीजिंग शिखर सम्मेलन के बाद इस डील पर मुहर लगी। चीन 200 बोइंग विमान खरीदेगा, जिसे भविष्य में 750 तक बढ़ाया जा सकता है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मोड़ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-jinpig-summit-agreement-reached-after-beijing-summit-agreement-on-aircraft/article-154108"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china5.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि चीन और अमेरिका के बीच विमानों, विमान इंजनों और अन्य कलपुर्जों की खरीद को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ है। मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने चीन द्वारा अमेरिकी विमानों की खरीद के साथ-साथ चीन को अमेरिकी विमान इंजनों और अन्य घटकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही दोनों देश संबंधित क्षेत्रों में सहयोग को और विकसित करना जारी रखने पर भी सहमत हुए हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया था कि चीन 200 बोइंग विमान खरीदने पर सहमत हुआ है और इस ऑर्डर को भविष्य में 750 विमानों तक बढ़ाने की भी संभावना है। यह महत्वपूर्ण सौदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच बीजिंग में हुए शिखर सम्मेलन के तत्काल बाद हुआ है, जिसे चीन ने ह्यऐतिहासिकह्य करार दिया है।</p>
<p><strong>चीन-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय </strong></p>
<p>इस शिखर सम्मेलन को दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से परिभाषित करने वाले एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां दोनों नेता रणनीतिक स्थिरता के रचनात्मक संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस वार्ता को द्विपक्षीय संबंधों का एक नया शुरूआती बिंदु करार दिया है जो एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने के सही रास्ते को खोजने के प्रयासों को दशार्ता है।</p>
<p><strong>चीन-अमेरिका सहयोग पर वांग यी का बयान, एक साथ चल सकते हैं दोनों लक्ष्य</strong></p>
<p>विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग शिखर सम्मेलन को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि इस बैठक ने दुनिया को संदेश दिया है कि चीनी राष्ट्र का पुनरुद्धार और ह्यअमेरिका को फिर से महान बनानाह्ण(मागा) एक साथ चल सकते हैं और दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में सहायक होकर पूरी दुनिया का कल्याण कर सकते हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:11:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान मुद्दे पर चीन की अमेरिका को चेतावनी, जिनपिंग ने कहा-गलत रणनीति दोनों देशों को &quot;संघर्ष&quot; की ओर धकेल सकती है</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि ताइवान पर गलत रणनीति "संघर्ष" भड़का सकती है। ट्रंप ने शी को "मित्र" बताकर शानदार भविष्य की उम्मीद जताई। चीन ने "थ्यूसीडिडेस ट्रैप" से बचकर प्रतिद्वंद्विता के बजाय साझेदारी और रणनीतिक स्थिरता पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-warning-to-america-on-taiwan-issue-jinping-said/article-153850"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china5.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि ताइवान मुद्दे पर किसी भी प्रकार की गलत रणनीति दोनों देशों को "संघर्ष" की ओर धकेल सकती है। गुरुवार को महाशक्ति शिखर सम्मेलन के तहत हुई बैठक में ट्रंप ने शी जिनपिंग को "महान नेता" और "मित्र" बताते हुए कहा कि दोनों देशों का "भविष्य शानदार" होगा। शी जिनपिंग ने औपचारिक स्वागत समारोह के बीच अपेक्षाकृत सख्त लहजे में यह भी कहा कि दोनों देशों को "प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार" होना चाहिए। उन्होंने शुरुआत में ही ताइवान मुद्दे को चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण विषय बताया।</p>
<p>चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार शी जिनपिंग ने कहा, "ताइवान प्रश्न चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। यदि इसे गलत तरीके से संभाला गया, तो दोनों देश टकराव या यहां तक कि संघर्ष की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे पूरे चीन-अमेरिका संबंध अत्यंत खतरनाक स्थिति में चले जाएंगे।" रिपोर्ट के अनुसार, करीब सवा दो घंटे तक चली प्रारंभिक वार्ता के बाद व्हाइट हाउस के जारी आधिकारिक विवरण में ताइवान का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इससे संकेत मिला कि दोनों नेता इस मुद्दे पर किसी ठोस सहमति तक नहीं पहुंच सके। ट्रंप की यह यात्रा लगभग एक दशक बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। भव्य स्वागत समारोह के बावजूद व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव अब भी दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।</p>
<p>शी जिनपिंग ने ट्रंप का स्वागत ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में रेड कार्पेट, सैन्य बैंड, तोपों की सलामी और स्कूली बच्चों के स्वागत नारों के साथ किया। ट्रंप ने समारोह के दौरान कहा, "चीन और अमेरिका के संबंध पहले से कहीं बेहतर होने जा रहे हैं।" इसके विपरीत शी जिनपिंग ने प्राचीन यूनानी राजनीतिक सिद्धांत "थ्यूसीडिडेस ट्रैप" का उल्लेख करते हुए कहा कि उभरती शक्ति और स्थापित शक्ति के बीच प्रतिस्पर्धा युद्ध का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा, "क्या चीन और अमेरिका तथाकथित 'थ्यूसीडिडेस ट्रैप' से ऊपर उठकर महाशक्तियों के संबंधों का नया प्रतिमान स्थापित कर सकते हैं? सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभकारी है, जबकि टकराव दोनों को नुकसान पहुंचाता है।"</p>
<p>वर्ष 2017 में ट्रंप की पिछली चीन यात्रा के बाद से दोनों देश व्यापार युद्ध, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और कई वैश्विक मुद्दों पर लगातार मतभेदों में उलझे रहे हैं। ताइवान लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण रहा है। अमेरिका "वन चाइना" नीति के तहत केवल बीजिंग को मान्यता देता है, लेकिन अमेरिकी कानून के अनुसार वह ताइवान को आत्मरक्षा के लिए हथियार उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं करता। हाल के वर्षों में उसने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ाया है। शी की टिप्पणियों के बाद ताइपे ने प्रतिक्रिया देते हुए चीन को क्षेत्रीय शांति के लिए "एकमात्र खतरा" बताया और कहा कि अमेरिका ने ताइवान के प्रति अपने "स्पष्ट और दृढ़ समर्थन" की बार-बार पुष्टि की है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं की वार्ता अब तक सकारात्मक माहौल में हुई है। ट्रंप ने शी जिनपिंग को "मित्र" बताया और दोनों नेताओं ने "रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर संबंध" स्थापित करने पर सहमति जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:47:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात : अमेरिका-चीन संबंधों में 'नये दौर' का संकेत, इन अहम मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग में शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच ऐतिहासिक मुलाकात हुई। शी ने ताइवान को 'रेड लाइन' बताते हुए कड़ी चेतावनी दी, लेकिन संबंधों को 'स्थिर और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा' का नया दौर भी कहा। व्यापार, AI और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा के साथ दोनों महाशक्तियाँ आपसी तनाव कम करने की कोशिश में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-jinping-meeting-signals-a-new-era-in-us-china-relations-discussion/article-153831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china3.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के साथ संबंधों के उभरते चरण को अधिक स्थिर और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा का 'नया दौर' करार दिया है। साथ ही जिनपिंग ने ताइवान के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी देते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों में सबसे संवेदनशील और खतरनाक मुद्दा करार दिया है। चीन के राष्ट्रपति ने ये टिप्पणियां उनके और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के शुरुआत में की। वर्ष 2017 के बाद चीन में यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी, जिसने उन चर्चाओं की दिशा तय कर दी, जिनका मुख्य केंद्र रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा होने की उम्मीद है। यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर तनाव का माहौल है। </p>
<p>ईरान में जारी संघर्ष, ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती आर्थिक प्रतिस्पर्धा शामिल है। चर्चा के लिए मेज पर रखे गये प्रमुख मुद्दों में व्यापार और टैरिफ को स्थिर करना, अमेरिकी बाजारों तक चीन की पहुंच और चीन में अमेरिकी कंपनियों का विस्तार, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात और वैश्विक ऑटो उद्योग पर इसका प्रभाव तथा ऊर्जा सुरक्षा और ईरान के तेल निर्यात जैसे विषय शामिल हैं। </p>
<p>ईरान के तेल निर्यात के मामले में चीन का काफी प्रभाव है और इस मुद्दे पर दोनों महाशक्तियां अपनी भूमिका निभाएंगी। यह बैठक ईरान युद्ध की छाया में हो रही है, जिसमें दोनों देशों के नेता व्यापक भू-राजनीतिक समीकरणों और दोनों नेता महाशक्तियों के बीच 'नियंत्रित प्रतिस्पर्धा' पर चर्चा करेंगे। जिनपिंग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहां दोनों देशों को स्थिरता और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ताइवान चीन के लिए सबसे अहम चिंता का विषय है और चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने इसे एक 'रेड लाइन' (सीमा रेखा) बताया जो दोनों देशों के संबंधों की भविष्य की दिशा तय कर सकती है। तनाव के बावजूद जिनपिंग ने कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच चीन और अमेरिका को एक-दूसरे का विरोधी बनने के बजाय साझेदार के तौर पर काम करना चाहिए। </p>
<p>उन्होंने सुझाव दिया कि समग्र स्थिरता बनाये रखने के लिए दोनों देशों के बीच के मतभेदों को सुलझाया जा सकता है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, दोनों पक्षों ने मध्य-पूर्व में हो रहे घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मार्गों में आ रही बाधाओं पर भी अपने विचार साझा किये। ट्रंप अपने साथ वरिष्ठ अधिकारियों और अमेरिकी व्यापार जगत के दिग्गजों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आये थे, जो संभावित निवेश और व्यापारिक समझौतों पर उनके विशेष ज़ोर का संकेत था। इस प्रतिनिधिमंडल में उनके मंत्रिमंडल और आर्थिक टीम के प्रमुख सदस्य शामिल थे, जो इस शिखर सम्मेलन के भारी आर्थिक महत्व को दर्शाता है।</p>
<p>जिनपिंग के साथ हालांकि सार्वजनिक रूप से उपस्थित रहने के दौरान ट्रंप ने ताइवान के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों का सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होता है, जबकि टकराव से दोनों को ही नुकसान पहुंचता है। ट्रंप ने आर्थिक संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के संबंधों को लेकर आशावादी दृष्टिकोण व्यक्त किया। अब दोनों नेता बंद दरवाज़ों के पीछे आपसी बातचीत (गोपनीय वार्ता) के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। आने वाले दिनों में उनके बीच और भी कई बैठकें, राजकीय कार्यक्रम और आधिकारिक भोज आयोजित किए जाने हैं। अभी तक हालांकि किसी बड़े समझौते की घोषणा नहीं की गयी है, फिर भी ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों पक्ष अपने संबंधों में स्थिरता लाने एवं तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए एक साझा रूपरेखा तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं। यह दुनिया के दो सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 17:29:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा: शी जिनपिंग से होगी खास मुलाकात; व्यापार, ईरान और ताइवान मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने बीजिंग पहुंच चुके हैं। इस शिखर सम्मेलन में ईरान युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और ताइवान जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। वैश्विक तेल संकट और आर्थिक मंदी के खतरों के बीच दुनिया की नजरें इन दोनों दिग्गजों के बीच होने वाले रणनीतिक समझौतों पर टिकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-visits-china-special-meeting-with-xi-jinping-possible/article-153555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)17.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए बीजिंग रवाना हो गए हैं, जहां दोनों वैश्विक नेता व्यापार, युद्ध कूटनीति और ताइवान पर गंभीर चर्चा करेंगे। ट्रंप का 2017 के बाद यह पूर्वी एशियाई देश का पहला दौरा है। इस दौरान दशकों में सबसे अहम अमेरिका-चीन सम्मेलन होने की संभावना है। गुरुवार से शुरू होने वाला दो दिनों का यह सम्मेलन दुनिया की दो बड़ी ताकतों के बीच संबंधों को नया आकार दे सकता है। है। ट्रंप 14 मई को ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे, जहां दोनों औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और उसके बाद शाम को एक राजकीय दावत का आयोजन किया जाएगा। ट्रंप की 15 मई को वाशिंगटन लौटने से पहले दोपहर के भोजन कार्यक्रम और 'ऐतिहासिक स्वर्ग का मंदिर' जाने की भी योजना है।</p>
<p>जब फरवरी में व्हाइट हाउस ने इस दौरे की पुष्टि की, तो चीनी सामान पर वाशिंगटन के आसमान छूते शुल्क एजेंडे पर छाए हुए थे। लेकिन 28 फरवरी के बाद दुनिया के राजनीतिक हालात बदल गए जब ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया, जिससे एक युद्ध शुरू हो गया और जिसके कारण ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना पड़ा और इस स्थिति ने तेहरान को इस रणनीतिक जलमार्ग को नियंत्रित करने के लिए एक बोर्ड बनाने पर मजबूर कर दिया। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान एक तनावपूर्ण परमाणु गतिरोध में फंसे हुए हैं क्योंकि वाशिंगटन का तर्क है कि परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो सकती और तेहरान प्रतिबंधों में राहत, युद्ध खत्म करने, जब्त की गई संपत्ति को छोड़ने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को रोकने की मांग कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को 'पूरी तरह से नामंजूर' कर दिया है क्योंकि दोनों पक्ष किसी भी संभावित समझौते के लिए जरूरी शर्तों से बहुत दूर हैं।</p>
<p>इसलिए दोनों नेताओं को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तनाव पर चर्चा करनी अनिवार्य है। चीन अपना लगभग आधा कच्चा तेल जलमार्ग से आयात करता है। उसने बड़े स्टॉक और अलग-अलग तरह के ऊर्जा मिश्रण से खुद को सुरक्षित रखा है लेकिन इसका आर्थिक असर बहुत बड़ा है। तेल की कीमतों में उछाल ने पेट्रोकेमिकल पर निर्भर निर्माताओं के लिए लागत 20 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि वैश्विक मंदी की संभावना बनी हुई है क्योंकि चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग पांचवां हिस्सा निर्यात पर निर्भर करता है, इसलिए दुनिया जो आर्थिक रूप से इतनी परेशान है कि चीनी सामान नहीं खरीद सकती, उसके लिए अकेले आयात शुल्क युद्ध से भी बड़ा खतरा है।</p>
<p>बैठक में ताइवान का मुद्दा भी मुख्य रहेगा क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने पिछले दिसंबर में ताइपे को 11 बिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी थी, जिससे चीन नाराज हो गया था। फिर भी ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह भी सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका ताइवान की रक्षा करने के लिए बाध्य है और कहा है कि अमेरिका को उसकी सुरक्षा गारंटी के लिए पैसे देना काफी नहीं है। इस सप्ताह किसी बडे व्यापारिक समझौते की उम्मीदें कम हैं लेकिन अधिक उम्मीद अक्टूबर के संघर्ष विराम को बढ़ाने की है। इसके साथ ही एक संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा। दुनिया इस सम्मेलन को बड़ी दिलचस्पी से देख रही है और उम्मीद कर रही है कि यह सम्मेलन सफल हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 16:43:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टेक एनर्जीया इंडस्ट्री समिट-2026 का आयोजन : वक्ताओं ने उद्योग और तकनीक के भविष्य पर विचार किए साझा, उत्पादों और सेवाओं का किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट द्वारा आरआईसी में टेक एनर्जीया इंडस्ट्री समिट-2026 आयोजित हुई। समिट में इंडस्ट्री 5.0, नेट-जीरो पहल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्मार्ट ग्रिड जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। 25 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया, जबकि 20 से ज्यादा कंपनियों ने अपने उत्पादों का लाइव प्रदर्शन किया। छात्रों के लिए पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tech-energia-industry-summit-2026-organized-speakers-discussed-the-future-of/article-146546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/6622-copy84.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूनिवर्सिटी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इंजीनियरिंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">एण्ड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मैनेजमेंट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ओर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टेक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">एनर्जीया</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इंडस्ट्री</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समिट</span>-2026 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आयोजन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आरआईसी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हुआ।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समिट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उद्देश्य</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तकनीक</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उद्योग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऊर्जा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">क्षेत्र</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जुड़े</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विशेषज्ञों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">एक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मंच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लाकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> 2047 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> 30 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रिलियन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डॉलर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अर्थव्यवस्था</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बनाने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दिशा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चर्चा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सहयोग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़ावा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">देना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">रहा।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समिट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मैन्युफैक्चरिंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रगति</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इण्डस्ट्रीज</span> 5.0 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मानव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">केन्द्रित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सिस्टम</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नेट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जीरो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पहल</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऊर्जा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सस्टेनेबिलिटी</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सिलिकॉन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ब्लूप्रिंट</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इलेक्ट्रिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मोबिलिटी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तथा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">स्मार्ट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ग्रिड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इंफ्रास्ट्रक्चर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जैसे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विषयों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विस्तृत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चर्चा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कार्यक्रम</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> 25 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विशेषज्ञ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वक्ताओं</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पैनल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चर्चाओं</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भाग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लेकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उद्योग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तकनीक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भविष्य</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अपने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विचार</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साझा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किए।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समिट</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दौरान</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कोर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इंजीनियरिंग</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">क्षेत्र</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> 20 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रमुख</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कंपनियों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अपने</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उत्पादों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सेवाओं</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लाइव</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रदर्शन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">किया।</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ही</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">विभिन्न</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कॉलेजों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">छात्रों</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लिए</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पोस्टर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रेजेंटेशन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतियोगिता</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">आयोजित</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गई।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 14:32:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>एआई इम्पैक्ट समिट की बढ़ी तारीख : अब 21 फरवरी तक चलेगा एक्सपो, समिट में एआई रोबोट के डांस सहित कई इनोवेशन बने आकर्षण का केंद्र </title>
                                    <description><![CDATA[समिट में स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियां अपनी नई एआई तकनीक पेश कर रही हैं। एआई रोबोट के डांस सहित कई इनोवेशन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ai-impact-summit-will-now-run-till-21st-february-many/article-143670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ai.png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">नई दिल्ली। भारत मंडपम में जारी India AI Impact Summit 2026 को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। इसे देखते हुए समिट को एक दिन और बढ़ा दिया गया है। अब यह आयोजन 20 फरवरी की बजाय 21 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को समिट का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित करीब 20 देशों के प्रमुख मौजूद रहेंगे।</p>
<p dir="ltr">इस दिन एक्सपो आम जनता के लिए बंद रहेगा, जबकि 21 फरवरी को एक्स्ट्रा डे के रूप में एक्सपो खोला जाएगा। समिट में स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियां अपनी नई एआई तकनीक पेश कर रही हैं। एआई रोबोट के डांस सहित कई इनोवेशन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।</p>
<p dir="ltr">समिट के बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार समिट में करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल के आसपास एंट्री-ड्रोन सिस्टम और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम भी लगाया गया है। 500 से अधिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही हैं। </p>
<p dir="ltr"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 14:52:51 +0530</pubDate>
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