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                <title>बंगाल डबल इंजन सरकार के नेतृत्व विकास की छुयेगा नयी ऊंचाइयां: भजनलाल</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोलकाता में शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के तहत बंगाल अब भ्रष्टाचार और भय से मुक्त होकर विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर भरोसा जताने के लिए जनता का आभार व्यक्त किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bhajanlal-will-touch-new-heights-in-the-leadership-development-of/article-153279"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bhajan-lal-sharma041.png" alt=""></a><br /><p><span class="storydetails">कोलकाता । राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल अब तेज विकास की नयी ऊंचाइयों को छुयेगा। श्री शर्मा शनिवार को यहां श्री शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में पश्चिम बंगाल में नयी सरकार के गठन पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि वह बंगाल की जनता का धन्यवाद करते है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विकास और गरीब कल्याण की योजनाओं पर भरोसा जताया।</span></p>
<p><span class="storydetails">उन्होंने कहा कि बंगाल लंबे समय तक भ्रष्टाचार और भय के माहौल में रहा लेकिन आज उससे मुक्ति पायी है और आने वाले समय में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में राज्य तेज़ विकास की नयी ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने बंगाल में भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को चुनाव में पार्टी की प्रचंड जीत के लिए बधाई एवं धन्यवाद दिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:36:55 +0530</pubDate>
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                <title>सुवेन्दु अधिकारी की दूरदर्शी सोच बंगाल को प्रगति, सुशासन और नई संभावनाओं की ओर अग्रसर करेगी : संजय सरावगी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण को ऐतिहासिक बताते हुए 'सोनार बांग्ला' के सपने को साकार होने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बंगाल में जन-विरोधी शासन का अंत सुशासन और प्रगति की नई शुरुआत है। भाजपा के नेतृत्व में राज्य अब विकास और नई संभावनाओं की ओर अग्रसर होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/suvendu-adhikaris-visionary-thinking-will-take-bengal-towards-progress-good/article-153262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sanjay-saravgi.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी की दूरदर्शी सोच बंगाल को प्रगति, सुशासन और नई संभावनाओं की ओर अग्रसर करेगी। संजय सरावगी ने आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण को प्रदेश के लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल में हुए चुनाव में एक 'जन-विरोधी' सरकार हार गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा के नेतृत्व में राज्य में बड़ा विकास होगा। ‎उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली बार सरकार बनने पर देश के भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए भी एक बड़ा दिन बताया।</p>
<p>संजय सरावगी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनने पर सुवेन्दु अधिकारी को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि सुवेन्दु अधिकारी की दृढ़ नेतृत्व क्षमता, जनता के प्रति समर्पण और विकास को केंद्र में रखकर कार्य करने की दूरदर्शी सोच निश्चित रूप से पश्चिम बंगाल को प्रगति, सुशासन और नई संभावनाओं की ओर अग्रसर करेगी। उन्होंने “सोनार बांग्ला” का सपना साकार होने की भी ईश्वर से कामना की है।</p>
<p>संजय सरावगी ने कहा कि ‎पश्चिम बंगाल के लिए इसे एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से राज्य में सरकार बनाने का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि आज से पश्चिम बंगाल में एक बड़ा बदलाव आएगा। ‎उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोगों ने आज विकास का सूर्योदय देख लिया है। अब वहां के लोग विकास और सुशासन भी देखेंगे। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार लोगों की आकांक्षाएं पूर्ण करेगी। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक सत्ता परिवर्तन नहीं है, नए बदलाव की भी शुरुआत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 16:50:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सीएम योगी ने दी बंगाल के नए मंत्रियों को शुभकामनाएं, बोले- जनसेवा से पुनर्स्थापित करें सोनार बांग्ला का गौरव</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंगाल के नए मंत्रिमंडल को बधाई देते हुए "सोनार बांग्ला" के गौरव को पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने मंत्रियों से जनसेवा को सर्वोपरि रखने की अपील की और माँ काली से उनके यशस्वी कार्यकाल की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने बंगाल की समृद्ध विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का विश्वास जताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-yogi-congratulated-the-new-ministers-of-bengal-and-said/article-153255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/yogi_adityanath_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री और मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी जनप्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में नए मंत्रियों से जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए “सोनार बांग्ला” के गौरव को पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में लिखा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सभी मंत्री जनसेवा को सर्वोच्च मानकर कार्य करेंगे और पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देंगे।</p>
<p>उन्होंने मां काली का स्मरण करते हुए कहा कि देवी की कृपा से सभी मंत्रियों का कार्यकाल यशस्वी, जनकल्याणकारी और लोकहित को समर्पित हो। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश का समापन “वंदे मातरम्” के साथ किया। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल के सदस्यों ने शनिवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से शुभकामनाएं दी जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 16:32:54 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 : यूपीएससी ने घोषित किए नतीजे, बसवराज केम्पावाड ने हासिल किया पहला स्थान</title>
                                    <description><![CDATA[संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम जारी कर दिए हैं। कुल 148 उम्मीदवार सफल हुए, जिसमें बसवराज केम्पावाड ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। गाजीपुर के अश्वनी कुमार राय ने बिना कोचिंग 10वीं रैंक हासिल कर मिसाल पेश की। यह सफलता कड़ी मेहनत और नियमित अध्ययन का परिणाम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indian-forest-service-exam-2025-upsc-declared-results-basavaraj-kempawad/article-153215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/upsc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित कर दिये हैं। यूपीएससी की ओर से शुक्रवार को घोषित नतीजों में कुल 148 उम्मीदवार सफल हुए हैं। बसवराज केम्पावाड ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, अंशुमान कुमार सिंह दूसरे स्थान पर रहे और सिद्धार्थ को तीसरा स्थान मिला। करण कुमार सिंह को चौथा और आंचल शर्मा को पांचवां स्थान मिला है। आयोग ने बताया है कि गत वर्ष 16 से 23 नवंबर तक यूपीएससी द्वारा आयोजित भारतीय वन सेवा परीक्षा के लिखित भाग के नतीजों और छह से 15 अप्रैल तक आयोजित हुए व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) के आधार पर 148 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की गयी है।</p>
<p>यूपीएससी की ओर से आयोजित इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिला के बिरपुर के निवासी अश्वनी कुमार राय ने 10वां स्थान हासिल किया। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर गांव और पूरे क्षेत्र खुशी का माहौल है। अश्वनी कुमार अपनी इस सफलता से खुश हैं और उन्होंने यूनीवार्ता से बातचीत में अपनी सफलता श्रेय अपने पिता रामप्रवेश राय और माता मंजू राय को दिया। उन्होंने बताया कि विज्ञान पृष्ठभूमि होने की वजह से उन्हें इस परीक्षा तैयारी में थोड़ी कम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अश्वनी कुमार ने बताया कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए किसी तरह की कोचिंग का सहारा नहीं लिया है। नियमित रूप से सात से आठ घंटे तक पढ़ाई करके यह सफलता हासिल की है। अश्वनी कुमार मौजूदा समय में हरियाणा के अंबाला में प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर कार्यरत हैं।</p>
<p>अश्वनी के पिता रामप्रवेश राय ने बताया कि वह (अश्वनी) बचपन से ही पढ़ने-लिखने में काफी मेहनती रहा है। मौजूदा समय में वह हरियाणा के अंबाला में बीडीओ के पद पर कार्यरत है और उसकी इस सफलता से हम काफी खुश हैं। अश्वनी की सफलता पर उनके गांव उत्साह का माहौल है। गांव के लोग उनकी इस सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बता रहे हैं। आयोग ने सामान्य वर्ग के 42, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 21, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 52, अनुसूचित जाति (एससी) के 22 और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 11 उम्मीदवारों की नियुक्त की सिफारिश की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 12:22:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिहार मंत्रीमंडल का विस्तार: अखबार और तेल बेचकर उठाते थे पढ़ाई का खर्च, आज बने सम्राट कैबिनेट के मंत्री, पहचाना कौन..?</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की सम्राट सरकार में प्रमोद चंद्रवंशी का मंत्री बनना संघर्ष की जीत है। कभी पटना की सड़कों पर अखबार और सरसों तेल बेचने वाले प्रमोद आज युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। अभावों के बीच पले-बढ़े इस साधारण किसान पुत्र की सादगी और समर्पण ने उन्हें शिखर तक पहुँचाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/expansion-of-bihar-cabinet-used-to-bear-the-expenses-of/article-153104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dr-pramod-kumar-minister-1778150879799.webp" alt=""></a><br /><p>जहानाबाद। बिहार की राजनीति में संघर्ष और सादगी की मिसाल माने जाने वाले डॉ. प्रमोद कुमार उर्फ प्रमोद चंद्रवंशी को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से जहानाबाद समेत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बेहद साधारण परिवार से निकलकर मंत्री पद तक पहुंचने वाले डॉ. प्रमोद कुमार की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जहानाबाद जिले के काको प्रखंड स्थित नेरथुआमठ गांव निवासी डॉ. प्रमोद कुमार का बचपन आर्थिक अभावों में बीता। उनके पिता अयोध्या प्रसाद खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते थे। सीमित आय होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रमोद कुमार ने शिक्षा और सामाजिक जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प नहीं छोड़ा।</p>
<p>छात्र जीवन में ही वे विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए और पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष शुरू किया। पटना के पोस्टल पार्क में रहकर उन्होंने अपना खर्च चलाने के लिए अखबार बेचने का काम किया। बाद में घर-घर जाकर सरसों तेल बेचकर भी अपनी पढ़ाई और जीवन-यापन का खर्च उठाया। स्थानीय लोगों के अनुसार संघर्ष के उन्हीं दिनों ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया। बताया जाता है कि तेल व्यवसाय से उनका जुड़ाव आज भी बना हुआ है। हालांकि अब वे स्वयं घर-घर जाकर तेल नहीं बेचते, बल्कि पोस्टल पार्क स्थित उनकी स्थायी दुकान का संचालन कर्मचारी करते हैं।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो वर्ष पहले तक उनका पैतृक घर झोपड़ीनुमा था, जहां चोरी की घटना भी हो चुकी थी। बाद में उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर गांव में छोटा पक्का मकान बनवाया। परिवार की सादगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि विधान परिषद सदस्य बनने के बाद भी उनका भाई पटना की एक निजी गैस एजेंसी में सामान्य वेतन पर नौकरी करता रहा। राजनीतिक जीवन में लगातार सक्रिय रहने और संगठन के प्रति समर्पण के कारण डॉ. प्रमोद कुमार को पहले विधान परिषद पहुंचने का अवसर मिला और बाद में मंत्रिमंडल में जगह मिली। वर्ष 2025 में गठित नीतीश सरकार में भी उन्हें वन, पर्यावरण एवं सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट में भी उन्हें मंत्री बनाए जाने से समर्थकों और आम लोगों में उत्साह है।</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. प्रमोद कुमार का मंत्री बनना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति में आज भी साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले और संघर्ष के दम पर आगे बढ़ने वाले लोगों के लिए जगह बनी हुई है। धनबल और परिवारवाद के दौर में उनका राजनीतिक सफर आम लोगों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 11:52:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लाइफ़लॉंग लर्निंग विभाग की पहल: हृदय आधारित ध्यान और सकारात्मक आदतों से विद्यार्थी गढ़ेंगे अपना भविष्य </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विश्वविद्यालय में 'द आर्ट ऑफ लिविंग लाइफ डीपली' कार्यशाला का आगाज हुआ। डॉ. अमित शर्मा ने टीम वर्क और मानसिक शांति पर जोर दिया, जबकि डॉ. तनु रुंगटा ने हृदय आधारित ध्यान का प्रशिक्षण दिया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनावमुक्त जीवन और एकाग्रता के व्यावहारिक गुर सिखाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/initiative-of-lifelong-learning-department-students-will-shape-their-future/article-152937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rera2.pdf-(1200-x-600-px)-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के लाइफ़लॉंग लर्निंग विभाग द्वारा द आर्ट ऑफ लिविंग लाइफ डीपली विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ बुधवार, 6 मई 2026 को किया गया। कार्यशाला के प्रथम दिन विद्यार्थियों को मानसिक शांति, एकाग्रता और टीम वर्क के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने विभाग के विजन पर प्रकाश डालते हुए सत्र की शुरुआत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, सफलता के लिए ईमानदारी और एकजुट होकर कार्य करना अनिवार्य है। डॉ. शर्मा ने दैनिक जीवन की अच्छी आदतों के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे छोटे-छोटे अनुशासन जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं।</p>
<p>कार्यशाला की समन्वयक डॉ. चित्रा चौधरी ने तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानना और उन्हें तनावमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। हृदय आधारित ध्यान का प्रशिक्षण प्रथम दिवस के मुख्य सत्र में आमंत्रित वक्ता डॉ. तनु रुंगटा ने हृदय आधारित ध्यान पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ध्यान के लाभों को साझा करते हुए इसके नियमित अभ्यास की विधि समझाई। डॉ. रुंगटा ने विद्यार्थियों को ध्यान का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, जिससे प्रतिभागियों ने स्वयं मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:28:48 +0530</pubDate>
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                <title>जटिल एवं विशाल सिर के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज की टीम ने रचा नया इतिहास </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने 30 वर्षीय महिला के सिर से 4 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर निकालकर नया जीवन दिया। यह सर्जरी अत्यंत जटिल थी क्योंकि ट्यूमर मस्तिष्क तक पहुँच चुका था। डॉ. आर.के. जैन और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा जगत में मिसाल कायम की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/successful-operation-of-complex-and-huge-head-tumor-sms-medical/article-152531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sms.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल करते हुए 30 वर्षीय मरीज कृष्णा के सिर से लगभग 4 किलोग्राम वजनी जटिल एवं विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में सफलता प्राप्त की है। यह सर्जरी ट्यूमर के असाधारण आकार, जटिल स्थिति तथा मस्तिष्क एवं महत्वपूर्ण नसों से जुड़े होने के कारण अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी। मरीज लंबे समय से सिर पर अत्यधिक बड़े ट्यूमर से पीड़ित थी, जिसका आकार सिर से लगभग दोगुना हो चुका था। </p>
<p>ट्यूमर के कारण उसे चलने-फिरने में भी कठिनाई हो रही थी तथा दुर्गंध के चलते उसकी दैनिक जीवनशैली गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार, मरीज ने कई बड़े अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन ट्यूमर की जटिलता—खोपड़ी की हड्डियों को पार कर मस्तिष्क तक पहुंचने—के कारण अधिकांश स्थानों पर ऑपरेशन से मना कर दिया गया। अंततः यह चुनौतीपूर्ण केस न्यूरोसर्जरी विभाग से प्लास्टिक सर्जरी विभाग को रेफर किया गया, जहां डॉ. आरके जैन (विभागाध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी) के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। </p>
<p>इस सर्जरी में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. अंकित गोयल, डॉ. सौरभ शर्मा, डॉ. दिलप्रीत, डॉ. अंकित एवं डॉ. संधू शामिल रहे। चूंकि ट्यूमर मस्तिष्क के भीतर तक पहुंच चुका था, इसलिए न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अशोक गांधी का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. राजीव शर्मा ने किया, जिसमें डॉ. रजनी एवं डॉ. गोपा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:03:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रील बनाने का शौक बना हादसा: सीढ़ी टूटने से 16 घंटे फंसे रहे दो मासूम, Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर से चला रेस्क्यू ऑपरेशन </title>
                                    <description><![CDATA[सिद्धार्थनगर में वायुसेना ने हेलीकॉप्टर के जरिए 16 घंटे से पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को सुरक्षित निकाला। सोशल मीडिया वीडियो बनाने के चक्कर में सीढ़ी टूटने से यह हादसा हुआ, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई। NDRF के विफल होने पर वायुसेना ने गोरखपुर से आकर महज 15 मिनट में यह साहसिक ऑपरेशन पूरा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/reel-making-hobby-turned-into-an-accident-two-innocent-children/article-152528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/up-news.png" alt=""></a><br /><p>सिद्वार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में रविवार सुबह एक जटिल रेस्क्यू अभियान को भारतीय वायुसेना ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। कांशीराम आवासीय कॉलोनी की एक ऊंची पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को करीब 16 घंटे बाद सुरक्षित नीचे उतारा गया। यह घटना शनिवार की है, जब पांच बच्चे सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के उद्देश्य से टंकी पर चढ़ गए थे। इसी दौरान टंकी की सीढ़ी अचानक टूट गई, जिससे सिद्धार्थ, शनि और गोलू नीचे गिर गए, जबकि पवन और कल्लू ऊपर ही फंस गए। हादसे में सिद्धार्थ की गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई, जबकि शनि और गोलू को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है।</p>
<p>रात में बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टंकी तक पहुंचने का रास्ता न होने के कारण उनकी मशीनरी काम नहीं कर सकी। प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ता बनाने का प्रयास भी किया, जो बारिश के कारण अधूरा रह गया। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से मदद मांगी, जिसके बाद वायुसेना का हेलीकॉप्टर गोरखपुर से रवाना किया गया। रविवार सुबह हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा और जवानों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 15 मिनट में दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया। रेस्क्यू के बाद बच्चों को हेलीकॉप्टर से गोरखपुर ले जाकर चिकित्सकीय जांच कराई गई। इस पूरे अभियान के दौरान प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी में जुटी रहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 14:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा के पीडब्ल्यू  विद्यापीठ के छात्र हर्ष वर्धन कुमार का कमाल, जेईई मेंन्स में 66 से 99 पर्सेंटाइल तक पहुँचे</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा के हर्ष वर्धन कुमार ने JEE Main में चमत्कारिक सुधार कर सबको चौंका दिया। सेशन 1 में 66 परसेंटाइल लाने के बाद, उन्होंने हार नहीं मानी और सटीक रणनीति व PW विद्यापीठ के गुरुजनों के मार्गदर्शन से सेशन 2 में 99 परसेंटाइल हासिल किए। उनकी यह सफलता निरंतरता और खुद पर भरोसे की जीत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/amazing-feat-of-harsh-vardhan-kumar-student-of-pw-vidyapeeth/article-152137"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)17.png" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';">प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए मेहनत, सही रणनीति और लगातार प्रयास बहुत जरूरी होते हैं। इसका बेहतरीन उदाहरण कोटा में तैयारी कर रहे छात्र हर्ष वर्धन कुमार ने पेश किया है, जिन्होंने JEE Main Session 1 में 66 पर्सेंटाइल से Session 2 में 99 पर्सेंटाइल हासिल कर एक शानदार सुधार दर्ज किया। उनकी यह यात्रा न केवल संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है, बल्कि यह दिखाती है कि सही दिशा में की गई मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। </span><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';">इस शानदार उपलब्धि के पीछे की कहानी और उनकी तैयारी की रणनीति को जानने के लिए हमने हर्ष वर्धन कुमार से खास बातचीत की:</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">आपकी JEE Main Session 1 से Session 2 तक की यात्रा कैसी रही? इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण क्या था?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">मेरी JEE Mains Session 1 से Session 2 तक की यात्रा इतनी अप्रत्याशित रही है कि मुझे खुद भी विश्वास नहीं था कि मैं इतना अच्छा परिणाम हासिल कर पाऊँगा। इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य रूप से 2-3 कारण थे। जब मैं छठ पूजा के बाद कोटा वापस आया, तब मुझे एहसास हुआ कि समय हाथ से निकलता जा रहा है। मुझे लगा कि अगर अब कुछ नहीं किया, तो खाली हाथ घर वापस जाना पड़ेगा। दूसरी बात यह थी कि मुझे खुद पर थोड़ा भरोसा था; क्योंकि मैंने पहले भी कई एग्जाम्स आखिरी समय में एक सटीक रणनीति के दम पर निकाले थे। बस इसी आत्मविश्वास ने मुझे आगे बढ़ाया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">आपने खुद बताया कि शुरुआत में पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं थी—तो फिर ऐसा कौन-सा मोड़ आया जिसने आपको मेहनत करने के लिए प्रेरित किया?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">ऐसा नहीं था कि मेरी पढ़ाई में रुचि नहीं थी, लेकिन जब कुछ समझ नहीं आता था, तो पढ़ने का मन भी नहीं करता था। उदाहरण के लिए, मेरी केमिस्ट्री बहुत कमजोर थी, यहाँ तक कि मुझे 11वीं की केमिस्ट्री भी समझ नहीं आती थी। इसके विपरीत, मैथ्स में मैं शुरू से अच्छा था और फिजिक्स भी औसत था। लेकिन Session 1 के बाद मुझे समझ आया कि अगर स्कोर बढ़ाना है, तो केमिस्ट्री पर फोकस करना ही होगा, और मैंने वही किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">PW Vidyapeeth Kota ने आपकी सफलता में किस तरह से भूमिका निभाई? क्या कोई खास शिक्षक या रणनीति थी जिसने आपको मदद की?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">मेरी सफलता की कहानी में कोटा PW विद्यापीठ और वहां के अनुभवी गुरुजनों का योगदान अतुलनीय है। यहाँ के शिक्षकों के मार्गदर्शन ने न केवल मेरे ज्ञान को बढ़ाया, बल्कि मुश्किल विषयों के प्रति मेरा नजरिया भी बदल दिया। जैसे कि ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में राहुल पारीक सर (RP Sir) जैसा कोई नहीं है; मेरा मानना है कि अगर किसी छात्र को उनसे यह विषय समझ नहीं आया, तो शायद ही कोई और उसे समझा पाएगा। फिजिक्स में अंशुल गुप्ता सर ने मेरी नींव मजबूत की, उन्होंने मुझे केवल फॉर्मूले रटने के बजाय वैचारिक स्पष्टता पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया, जो परीक्षा के दौरान बहुत मददगार साबित हुआ। वहीं गणित के क्षेत्र में महेश जैन सर एक सच्चे 'लिजेंड' हैं, जिनसे बेहतर शिक्षक मैंने आज तक नहीं देखा। साथ ही, राजीव रस्तोगी सर की विशेषज्ञता का दायरा सिर्फ JEE तक सीमित नहीं था, बल्कि वे दुनिया भर के विभिन्न और कठिन प्रकार के सवालों से हमारा परिचय कराते थे; उनकी मेहनत का स्तर यह है कि अक्सर उनके नोट्स से सीधे सवाल मुख्य परीक्षा में मिल जाते हैं। इन सभी गुरुजनों के सामूहिक प्रयासों और कोटा विद्यापीठ के बेहतरीन माहौल ने ही मेरी सफलता का मार्ग प्रशस्त किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">इस सफर में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और आपने उन्हें कैसे पार किया?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">66 परसेंटाइल से 99 परसेंटाइल तक का सफर बहुत कठिन था, लेकिन नामुमकिन नहीं। सबसे बड़ी चुनौती थी उन 2-3 महीनों में कंसिस्टेंसी बनाए रखना। अक्सर ऐसा होता था कि एक हफ्ते तक 10-12 घंटे पढ़ने के बाद मन भटकने लगता था कि 'आज रहने देते हैं', लेकिन मैंने खुद को रुकने नहीं दिया। मैंने पहले दिन जो JEE Mains का एनालिसिस करके प्लान बनाया था, उसे पूरी ईमानदारी से फॉलो किया कि क्या पढ़ना है और क्या छोड़ना है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">अब आगे के लिए आपके क्या लक्ष्य और भविष्य की योजनाएँ हैं? क्या आप अन्य छात्रों को कोई संदेश देना चाहेंगे?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';">फिलहाल मैं अपनी पूरी ऊर्जा के साथ JEE Advanced की तैयारी में जुटा हूँ और अपना शत-प्रतिशत योगदान दे रहा हूँ। हालाँकि मुझे इस बात का सटीक अंदाजा नहीं है कि मैं सिर्फ कट-ऑफ क्लियर कर पाऊँगा या मेरी रैंक अंडर 5000 आएगी, लेकिन मैं अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा हूँ। अब मैं मानसिक रूप से काफी शांत और तनावमुक्त महसूस करता हूँ क्योंकि मैं स्वयं को एक सुरक्षित स्थिति में पाता हूँ। अन्य तैयारी करने वाले छात्रों को मैं यही मशविरा दूँगा कि सबसे पहले अपने शिक्षकों पर अटूट भरोसा रखें; उनका अनुभव आपसे कहीं अधिक है और उनकी बातें भले ही कभी कड़वी लगें, पर वे हमेशा आपके हित में होती हैं। साथ ही, अपनी पढ़ाई में कंसिस्टेंसी बनाए रखें, चाहे क्लासेस ऑनलाइन हों या ऑफलाइन, उन्हें नियमित रूप से अटेंड करें। केवल लेक्चर देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक अभ्यास और PYQs को हल करना अनिवार्य है। कभी भी यह गलतफहमी न पालें कि आप केवल दो विषयों के सहारे JEE फतह कर लेंगे; यदि कोई विषय कठिन लगता है, तो उससे जी चुराने के बजाय उस पर डटकर मेहनत करना ही एकमात्र विकल्प है। अंत में मेरा यही मानना है कि यदि आप पूरी ईमानदारी से अपनी प्रक्रिया यानी 'प्रोसेस' को फॉलो करते हैं, तो लक्ष्य स्वयं ही हासिल हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:40:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भजनलाल सरकार में शिक्षा का स्वर्णिम दौर : आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने रचा इतिहास, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों से आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में कीर्तिमान रचा है। कला और वाणिज्य संकाय में लगभग 100% परिणाम के साथ वंचित वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्कृष्टता सिद्ध की। मंत्री अविनाश गहलोत ने इस सफलता को समावेशी शिक्षा और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/golden-era-of-education-under-bhajanlal-government-students-of-residential/article-151812"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ambedkar-bhawan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों का असर अब परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने इस शानदार उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई प्रेरणा है और आने वाले समय में ये विद्यालय और बेहतर परिणाम देंगे।</p>
<p><strong>शानदार परीक्षा परिणाम</strong></p>
<p>आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए—</p>
<p>10वीं बोर्ड में 97.98% परिणाम दर्ज किया। 1829 में से 1792 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।<br />12वीं विज्ञान संकाय में 98.38% सफलता मिली, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की।<br />कला संकाय में 99.85% का लगभग शत-प्रतिशत परिणाम रहा।<br />वाणिज्य संकाय में 100% परिणाम दर्ज कर सभी 18 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।</p>
<p>उच्च अंकों की बात करें तो कई विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।</p>
<p><strong>समावेशी शिक्षा का मॉडल बना योजना</strong></p>
<p>वर्ष 1997-98 में शुरू हुई आवासीय विद्यालय योजना आज सामाजिक परिवर्तन का मजबूत माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में राज्य के 42 विद्यालयों में 14,500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां अनुसूचित जाति, जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, पुस्तकें और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>
<p><strong>बढ़ते निवेश से मिल रहे बेहतर परिणाम</strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा इस योजना पर लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है। पिछले वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च कर हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिससे शिक्षा का स्तर ऊंचा हुआ है और वंचित वर्ग मुख्यधारा से जुड़ रहा है।</p>
<p><strong>मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता</strong></p>
<p>छात्रों की नियमित मॉनिटरिंग, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और परामर्श व्यवस्था ने इन परिणामों की नींव मजबूत की है। सभी विद्यालय राजस्थान रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सोसाइटी (RREIS) के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और संसाधन मिलने पर वंचित वर्ग के विद्यार्थी भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>100% अंकों की गूंज :पीडब्ल्यूवाला छात्रों की सीबीएसई 10वीं बोर्ड 2026 में रिकॉर्ड सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[फिजिक्सवाला (PW) के छात्रों ने सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। वैभव अरोड़ा, अमोलिक पंडिता और आयुष्मान महापात्रा ने 100% अंक पाकर देश में शीर्ष स्थान हासिल किया। जयपुर विद्यापीठ में आयोजित समारोह में मेधावियों को सम्मानित किया गया। अलख पांडेय ने इस सफलता को कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन का परिणाम बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/echo-of-100-marks-record-success-of-physics-students-in/article-150775"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/untitled-1.pdf.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। फिज़िक्सवाला (पीडब्ल्यू) के लिए आज का दिन गर्व और उत्सव का रहा, जब इसके कई विद्यार्थियों ने सीबीएसई कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उच्च अंक प्राप्त किए। इनमें कुछ विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत (100%) अंक हासिल कर देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में पंजाब के फाजिल्का से वैभव अरोड़ा, गुजरात के अहमदाबाद से अमोलिक पंडिता और ओडिशा के भुवनेश्वर से आयुष्मान महापात्रा शामिल हैं, जिन्होंने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, पीडब्ल्यू विद्यापीठ, जो फिज़िक्सवाला के तकनीक-सक्षम ऑफलाइन केंद्र हैं, ने  जयपुर में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में शहर के उन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।  अपने अनुभव साझा करते हुए वैभव अरोड़ा ने कहा, “नियमित तैयारी, सतत अभ्यास और स्कूल व पीडब्ल्यू शिक्षकों के मार्गदर्शन ने मुझे पूर्ण अंक प्राप्त करने में मदद की।”</p>
<p>अमोलिक पंडिता ने बताया, “नियमित रिविजन और मॉक टेस्ट हल करना मेरे लिए 100% अंक लाने में बहुत सहायक रहा।” आयुष्मान महापात्रा ने कहा, “अनुशासन बनाए रखते हुए एक सुव्यवस्थित अध्ययन योजना का पालन करना मेरी सफलता की कुंजी रहा।” परिणामों पर अपने विचार साझा करते हुए अलख पांडेय, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, फिज़िक्सवाला (पीडब्ल्यू) ने कहा, “हम परीक्षा में शामिल हुए सभी विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना करते हैं। विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को बधाई, जिन्होंने पूर्ण अंक हासिल किए। ये परिणाम निरंतर प्रयास और सही शैक्षणिक सहयोग प्रणाली को दर्शाते हैं।”</p>
<p>इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 10वीं परीक्षा में 25 लाख से अधिक विद्यार्थी सम्मिलित हुए। इन विद्यार्थियों का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि सुनियोजित ऑनलाइन एवं मिश्रित शिक्षण पद्धति शैक्षणिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:30:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समंदर की लहरों पर कोटा की छाप: गर्वित बल्दुआ  बढ़ा रही शहर का मान,नेशनल सर्फ ओपन 2026 में बनाई जगह</title>
                                    <description><![CDATA[जुनून, मेहनत और सपनों की उड़ान ने दिलाई नई पहचान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota%E2%80%99s-mark-on-the-ocean-waves--garvit-baldua-brings-honor-to-the-city--secures-a-spot-in-the-national-surf-open-2026/article-149992"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चंबल नदी के शांत किनारों से निकलकर अब समंदर की ऊंची लहरों पर अपनी पहचान बना रही कोटा की बेटी गर्वित बल्दुआ ने एक बार फिर शहर का गौरव बढ़ाया है। अंडमान में आयोजित हो रहे नेशनल सर्फ ओपन 2026 में स्थान बनाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। यह प्रतियोगिता 13 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें देशभर के प्रतिभाशाली सर्फर्स भाग ले रहे हैं। गर्वित की कहानी केवल एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि एक ऐसे सपने की उड़ान है, जो कोटा जैसे शैक्षणिक शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंची है। उन्होंने अमेरिका में अपना स्टार्टअप भी शुरू किया है और इसके साथ ही सर्फिंग की कोचिंग लेकर इस खेल में खुद को और निखार रही हैं। गर्वित का कहना है, “अब समुद्र से मेरी दोस्ती हो गई है। लहरों के साथ जीना और उन्हंम समझना ही मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गया है।”<br /><strong> </strong><br /><strong>बचपन से ही बड़े सपनों की उड़ान</strong><br />गर्वित की मां संगीता महेश्वरी बताती हैं कि बचपन से ही उनकी बेटी के सपने बड़े थे। स्कूल के दिनों में वह एक बेहतरीन बास्केटबॉल कि खिलाड़ी रही हैं। खेलों के प्रति उनका झुकाव शुरू से ही रहा, लेकिन उनके भीतर कुछ अलग करने का जुनून भी था। पहाड़ों पर चढ़ना, नई जगहों पर घूमना और चुनौतियों को अपनाना उसे हमेशा आकर्षित करता था।</p>
<p><strong> बेंगलुरु में मिला सर्फिंग का सपना</strong><br />उनके जीवन में असली मोड़ तब आया जब उन्होंने बेंगलुरु में एमबीए के दौरान पहली बार समुद्र किनारे लोगों को सर्फिंग करते देखा। लहरों पर सवार होकर संतुलन बनाने का यह खेल उन्हें इतना आकर्षक लगा कि यही उनका सपना बन गया। इसके बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह सर्फिंग के लिए समर्पित कर दिया।</p>
<p><strong>पढ़ाई भी समुद्र किनारे, जुनून भी वहीं</strong><br />गर्वित की लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अपनी पढ़ाई भी समुद्र किनारे बैठकर करती थीं। चेन्नई के महाबलीपुरम में 2023 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सर्फिंग प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांचवीं रैंक हासिल की थी। इसी उपलब्धि के आधार पर उन्होंने नेशनल स्तर के लिए क्वालिफाई किया और अब नेशनल सर्फ ओपन 2026 में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।<br /><strong> </strong><br /><strong>कोटा से दुनिया तक का सफर</strong><br />साल 2011-12 से ही गर्वित कोटा से बाहर निकलकर नई दुनिया को देखने और समझने लगी थीं। उन्हें नए अनुभव हासिल करना और अलग-अलग जगहों पर जाना पसंद था। यही जिज्ञासा और साहस उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आया है। गर्वित बल्दुआ की सफलता न केवल कोटा बल्कि पूरे राजस्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने यह दिखा दिया कि पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर भी नए रास्ते बनाए जा सकते हैं। आज वह उन युवाओं के लिए मिसाल हैं, जो अपने सपनों को सच करने का साहस रखते हैं। समंदर की लहरों पर सवार होकर गर्वित ने यह साबित कर दिया है कि जुनून और मेहनत के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। अब सभी की नजरें उनके आगामी प्रदर्शन पर हैं, जहां वह देश के लिए और अधिक गौरव हासिल करने की तैयारी में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:46:42 +0530</pubDate>
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