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                <title>Railway - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Railway RSS Feed</description>
                
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                <title>बारां स्टेशन पर हमसफर एक्सप्रेस का ठहराव, यात्रियों को मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[यात्रियों की सुविधा के लिए जोधपुर-तिरूच्चिरापल्लि हमसफर एक्सप्रेस का अब बारां स्टेशन पर भी स्टॉपेज होगा। यह ठहराव 26 अप्रैल (तिरूच्चिरापल्लि से) और 30 अप्रैल (जोधपुर से) प्रभावी होगा। रेलवे के इस फैसले से क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jodhpur-tiruchirappalli-express-stops-at-baran-station/article-151492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/train2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए जोधपुर-तिरूच्चिरापल्लि हमसफर एक्सप्रेस रेलसेवा का बारां स्टेशन पर आगामी आदेशों तक ठहराव दिया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार जोधपुर-तिरूच्चिरापल्लि हमसफर एक्सप्रेस रेलसेवा 30 अप्रैल से बारां स्टेशन पर रात 2.08 बजे आगमन एवं 2.10 बजे प्रस्थान करेगी। इसी प्रकार तिरूच्चिरापल्लि-जोधपुर हमसफर एक्सप्रेस रेलसेवा 26 अप्रैल से बारां स्टेशन पर शाम 7.53 बजे आगमन एवं 7.55 बजे प्रस्थान करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:30:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जापान में सुबह सुबह हिली धरती, रिक्टर पैमाने पर 6.2 रही तीव्रता, सुनामी का कोई खतरा नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी जापान में मंगलवार को 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। शिमाने परमाणु ऊर्जा केंद्र सुरक्षित है, हालांकि बुलेट ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित रहीं। सुनामी का कोई खतरा नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/earth-shook-in-japan-early-in-the-morning-intensity-was/article-138557"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/earthquake-.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान के पश्चिमी चुगोकू क्षेत्र के शिमाने प्रांत में मंगलवार को भूकंप के कई झटके महसूस किये गये। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गयी, हालांकि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। गौरतलब है कि, भूकंप के केंद्र से मात्र 32 किमी दूरी पर 'शिमाने परमाणु ऊर्जा केंद्र' है। जापान के परमाणु नियामक प्राधिकरण ने कहा कि संयंत्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं पायी गयी है।</p>
<p>एक प्रवक्ता ने बताया कि संयत्र का संचालन करने वाली चुगोकू इलेक्ट्रिक पावर संयंत्र की इकाई दो पर पडऩे वाले प्रभाव की जांच की जा रही है। यह इकाई मार्च 2011 में फुकुशिमा आपदा के बाद बंद कर दी गयी थी और दिसंबर 2024 से दोबारा शुरू हुई है। भूकंप के इस झटके के बाद पूर्वाह्न 10:37 बजे 5.4 तीव्रता का एक अन्य भूकंप आया।</p>
<p>पश्चिमी जापान रेलवे ने बताया कि भूकंप के बाद शिन-ओसाका और हाकाता के बीच बुलेट ट्रेन का संचालन रोक दिया गया था, लेकिन दोपहर एक बजे (स्थानीय समयानुसार) से सेवाएं फिर से शुरू कर दी गयीं। जापान दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं।</p>
<p>इससे पहले नौ दिसंबर को, देश के उत्तर-पूर्वी तट पर 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे और अधिकारियों को 1,00,000 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने के लिए कहा गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 12:41:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टाइगर से चीते तक के खून से सने हाईवे और रेलवे ट्रेक, जंगल में तीन तरफ से मौत का जाल</title>
                                    <description><![CDATA[रफ़्तार की बली चढ़ रहे शेड्यूल - 1 के वन्यजीव:  मुकुंदरा व रामगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों को ट्रक और ट्रेनो ने रौंदा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/highways-and-railway-tracks-stained-with-the-blood-of-animals-from-tigers-to-cheetahs--a-death-trap-surrounding-the-forest-on-three-sides/article-136384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(1200-x-600-px)-(16).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा और रामगढ़ टाइगर रिजर्व से गुजरते नेशनल हाइवे और रेलवे ट्रेक वन्यजीवों की अकाल मौत का कारण बन रहे हैं। भोजन-पानी की तलाश में जंगल से बाहर निकलते ही बेजुबान जानवर सड़कों पर तेज रफ्तार ट्रकों और पटरियों पर दौड़ती ट्रेनों की चपेट में आ रहे हैं। हालात इतने भयावह हैं कि बीते पांच वर्षों में यहां 51 से ज्यादा वन्यजीव अकाल मौत का शिकार हो चुके हैं। इतना ही नहीं, लापरवाही का आलम यह है कि हाल ही में मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकले चीते की बारां जिले से गुजर रहे आगरा-मुंबई हाइवे के शिवपुरी लिंक रोड पर अज्ञात कार की टक्कर से दर्दनाक मौत हो गई। इसके बावजूद बेजुबान वन्यजीवों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कागजों से आगे नहीं बढ़ पाए। जबकि, अकाल मृत्यु के शिकार हुए वन्यजीवों में अधिकतर शेड्यूल वन श्रेणी के हैं। इन वन्यजीवों को भी सुरक्षा का उतना ही अधिकार प्राप्त है, जितना टाइगर को। इसके बावजूद वन अधिकारियों द्वारा इनकी सुरक्षा में कोताही बरती जा रही है।</p>
<p><strong>51 से ज्यादा वन्यजीवों को ट्रेन-ट्रकों ने कुचला</strong><br />मुकुंदरा व रामगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्ष 2019 से 2025 तक टाइगर, पैंथर, भालू व मगरमच्छ, हायना सहित 50 से ज्यादा वन्यजीवों की सड़क व रेल दुर्घटनाओं में दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं, वन्यजीव विभाग के अधीन सेंचुरी में भी वन्यजीव सुरक्षित नहीं है। यहां वर्ष 2023 व 24 में मगरमच्छ व मादा नील गाय को हाइवे पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहन कुचल गए। बेजुबानों की दर्दनाक मौत के बावजूद वन अधकारियों द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। अकाल मृत्यु में सर्वाधिक संख्या पैंथर की है।</p>
<p><strong>इधर, ट्रेन से कटा टाइगर, उधर कार ने कुचला चीता</strong><br />मुकंदरा टाइगर रिजर्व के दरा रेंज से गुजर रही रेलवे ट्रेक वन्यजीवों के लिए मौत का ट्रैक बनती जा रही है। वर्ष 2003 में रणथम्भौर से चलकर मुकुंदरा आया ब्रोकन टेल टाइगर की ट्रेन की टक्कर से मौत हो गई थी। वहीं, हाल ही में एनक्लोजर से बाहर निकली कनकटी भी कुछ मिनटों के लिए दरा रेलवे ट्रेक पर आ गई थी। इसके बाद वह पूरी रात ट्रेक के पास झाड़ियों में बैठी रही। जिससे उसकी जान को खतरा था। इधर, आठ दिन पहले गत 7 दिसम्बर को बारां जिले से गुजर रहे आगरा-मुंबई हाइवे के शिवपुरी लिंक रोड पर कूनो नेशनल पार्क से आया चीते को कार कुचल गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p><strong>11 केवी लाइन गिरी, करंट से लेपर्ड परिवार खत्म</strong><br />मुकुंदरा व रामगढ़ टाइगर रिजर्व के बीच डाबी के डसालिया वनखंड से गुजर रही 11 केवी बिजली का तार टूटकर गिर गया। करंट की चपेट में आने से लेपर्ड का पूरा परिवार खत्म हो गया। यहां नर व मादा लेपर्ड के साथ दो शावकों की भी मौत हो गई थी। वहीं, 4 नेवलों की भी करंट की चपेट में आने से मुत्यु हो गई। इसी तरह 12 दिसम्बर 2023 को नेशनल हाइवे 148-डी पर अज्ञात भारी वाहन ने 1 वर्षीय मादा पैंथर को रौंद दिया।</p>
<p><strong>ट्रेन की टक्कर से भालू के हो गए दो टुकड़े</strong><br />12 जनवरी 2020 को मुकुंदरा में दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन पर ट्रेन से कटकर 12 वर्षीय नर भालू की दर्दनाक मौत हो गई थी। ट्रेन की रफ्तार से भालू के शरीर के दो टुकड़े हो गए थे। यह दुर्घटना कमलपुरा स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर डॉट के मोखे के ऊपर हुआ था।</p>
<p><strong>यह वन्यजीव हुए अकाल मौत के शिकार</strong><br /><strong>मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व :</strong> ब्रोकन टेल टाइगर, पैंथर, नर व मादा भालू, जरख, सियार, मगरमच्छ, मादा नील गाय, सांभर, चीतल, मोर, जंगली बिल्ली सहित अनेक जानवरों की ट्रेन व भारी वाहनों की टक्कर से मौत हो गई। इनमें से अधिकतर जानवरों की मौत पटरी पार करते हुए ट्रेन की चपेट में आने से हुई है।<br /><strong>रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व :</strong> पैंथर, जंगली सूअर, नर व मादा नील गाय (बच्चा), मोर, मादा सांभर, सियार, चीतल शामिल हैं। यह तो वो एनीमल हैं, जिनकी मौत रिकॉर्ड में दर्ज हैं, इसके अलावा कई एनीमल तो ऐसे हैं, जिनकी मौत का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।<br /><strong>वाइल्ड लाइफ कोटा : </strong>वन्यजीव विभाग के अधीन अभयारणयों से मगरमच्छ व मादा नील गाय की मौत हुई है। यहां जंगलों से सटकर निकल रहे नेशनल, स्टेट व मेगा हाइवे गुजर रहे हैं। जिन्हें पार करते हुए मौत के शिकार हो गए।</p>
<p><strong>आंकड़ों में देखिए, ट्रेन से पैंथरों की दर्दनाक मौत</strong><br />- 5 मार्च 2023 को रामगढ़ टाइगर रिजर्व में भीमलत के पास बूंदी-चित्तौड़गढ़ रेलवे लाइन पर नर पैंथर की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी।<br />- 22 जनवरी 2021 को भीमलत के पास जालंधरी-श्रीनगर स्टेशन के बीच मादा पैंथर ट्रेन की चपेट में आ गई थी। जिससे उसका दम टूट गया।<br />- 11 मार्च 2021 को भीमलत के जंगलों में सीताकुंड वनक्षेत्र के जैतपुरा बांध के पास नर पैंथर की मौत हो गई।<br />- 30 अक्टूबर 2019 को भारी वाहन ने 7 माह के पैंथर शावक को हाइवे पर कुचल दिया।<br />-15 दिसम्बर 2025 : कोटा चित्तौड़ नेशनल हाइवे पर अज्ञात वाहन ने 4 वर्षीय मादा पैंथर को कुचल दिया। स्थिति नाजुक बनी हुई है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रामगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के लिए पर्याप्त भोजन-पानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जंगल से बाहर निकलने पर रेलवे ट्रैक पार करते वक्त ट्रेन या हाइवे पार करते समय भारी वाहनों की चपेट में आने से जान गंवा बैठते हैं। बिजौलिया से करोंदी टोल के पास भालू की दुर्घटना में मौत होती रहती है। कई जगह से रिजर्व की दीवारें टूटी हुई हैं। यहां प्रोपर गश्त नहीं होती। जिसकी वजह से वनकर्मियों को वन्यजीवों की मौत का पता ही नहीं लग पाता। इनका मुखबिर तंत्र भी कमजोर है। फोरस्ट अधिकारियों को स्थानीय लोगों को साथ लेकर बेजुबानों की जान बचाने के प्रयास करना चाहिए।<br /><strong>-विट्ठल सनाढ्य, वन्यजीव विशेषज्ञ बूंदी</strong></p>
<p>जब भी फोरेस्ट की तरफ से रेलवे ट्रैक के आसपास वन्यजीव के मूवमेंट की जानकारी मिलती है तो ट्रेनों की स्पीड कम कर दी जाती है। पटरियों के पास व पीछे की ओर क्रेश बेरियर वॉल बनाई गई है। हालांकि, कुछ जगहों पर छुटी हुई है। लेकिन, मथूरा से नागदा तक क्रेश बेरियर वॉल का काम चल रहा है।<br /><strong>-सौरभ जैन, सीनियर डीसीएम रेलवे कोटा</strong></p>
<p>वाइल्ड लाइफ में नए प्रोजेक्ट पर कई कंडीशन लगाते हैं, जिसमें एलीवेटेड रोड व टनल बने, अंडर पास बने। वहीं, लोकल सर्विस रोड की मरम्मत की मंजूरी के दौरान अधिक ब्रेकर बनवाते हैं, जिससे वाहनों की गति कम रहे और वन्यजीव को सड़क पार करने को समय मिल सके। इसके अलावा जहां कहीं इस तरह की घटनाएं होती है तो उसके संबंध में हाई आॅथोरिटी से बात कर उचित उपाए करवाएंगे।<br /><strong>-सुगनाराम जाट, सीसीएफ मुकुंदरा टाइगर रिजर्व</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 16:53:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चलती ट्रेन से गिरीं बिजनेसमैन की प्रेग्नेंट पत्नी और बेटी : 4 दिन बाद ट्रेन की पटरी के पास झाड़ियों में मिले शव, आंध्र प्रदेश से राजस्थान आ रहा था परिवार</title>
                                    <description><![CDATA[एक परिवार ट्रेन से 22 नवंबर को शादी में शामिल होने के लिए परिवार के साथ राजस्थान आ रहे थे। इस दौरान चलती ट्रेन से गिरने से जालोर के बिजनेसमैन की 5 माह की प्रेग्नेंट पत्नी और बेटी की मौत हो गई। बिजनेसमैन आंध्र प्रदेश में मोबाइल एसेसरीज का व्यापार करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/businessmans-pregnant-wife-and-daughter-fell-from-moving-train-bodies/article-132469"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/500-px)-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>जालोर। जालोर के रामसीन क्षेत्र के बासड़ा-धनजी गांव का एक परिवार ट्रेन से 22 नवंबर को शादी में शामिल होने के लिए परिवार के साथ राजस्थान आ रहे थे। इस दौरान चलती ट्रेन से गिरने से जालोर के बिजनेसमैन की 5 माह की प्रेग्नेंट पत्नी और बेटी की मौत हो गई। बिजनेसमैन आंध्र प्रदेश में मोबाइल एसेसरीज का व्यापार करते हैं। हादसा कर्नाटक के रायचूर जिले से करीब 90 किलोमीटर दूर यादगिरी और नालवर स्टेशन के बीच हुआ। मां-बेटी के शव गुरुवार (13 नवंबर) की शाम को रायचूर जिले में ट्रेन की पटरी के पास झाड़ियों में मिले। पोस्टमॉर्टम के बाद शव एम्बुलेंस से जालोर के लिए भेजे गए हैं।</p>
<p> 9 नवंबर को आंध्र प्रदेश से रवाना हुआ परिवार: जालोर के रामसीन थाना इलाके के बासड़ा-धनजी गांव निवासी मांगीलाल देवासी (35) पत्नी पुष्पा देवी (32), बेटी रवीना (5) और बेटे धर्मेंद्र (9) के साथ आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से जालोर आ रहे थे। वे 9 नवंबर को रात 8:30 बजे अनंतपुर से अहमदाबाद तक चलने वाली ट्रेन (गाड़ी संख्या 22690) से रवाना हुए थे। रात करीब 10 बजे खाना खाकर पूरा परिवार सीटों पर सो गया। करीब 11:30 बजे ट्रेन कर्नाटक के रायचूर जिले से 90 किलोमीटर दूर यादगिरी और नालवर के बीच चल रही थी। इस दौरान रात 11:30 से 12 बजे के बीच बेटी रवीना को बाथरूम के लिए पुष्पा देवी साथ लेकर गईं। बाथरूम के बाहर नल पर हाथ धोते समय फर्श पर पानी के कारण रवीना का पैर फिसल गया। रवीना को बचाने के चक्कर पुष्पा भी फिसल गई। कोच का गेट खुला होने से दोनों ट्रेन से गिर गईं और उनकी मौत हो गई। </p>
<p><strong>रात करीब 12 बजे देखा तो सीट पर नहीं मिली</strong><br />आधी रात को पति उठा तो नहीं मिली पत्नी और बेटी रात करीब 12 बजे मांगीलाल देवासी ने देखा कि पास की सीट पर पत्नी पुष्पा और बेटी रवीना नहीं थी। उन्होंने पूरे कोच में खोजबीन की, लेकिन वे नहीं मिलीं। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई। रायचूर पुलिस ने 10 नवंबर की रात को गुमशुदगी का मामला दर्ज किया। 13 नवंबर को शाम करीब 5 बजे रायचूर जिले के पहाड़ी इलाके में पटरी के पास झाड़ियों में दोनों के शव मिले। पहाड़ी इलाका होने से पटरी के एक और करीब 200 मीटर तक की खाई है, जहां शव मिले। शवों को रायचूर हॉस्पिटल की मॉच्युर्री में रखवाया गया। शुक्रवार (14 नवंबर) सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव एम्बुलेंस से जालोर भेजे गए हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 12:31:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - रेल यात्रियों को फिर मिली एस्केलेटर की सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[सभी यात्रियों को प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए आसानी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---railway-passengers-again-get-escalator-facility/article-122697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के हृदयस्थल स्थित कोटा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को रेलयात्रियों के लिए तकनीकी खराबी के चलते बंद हुए एस्केलेटर को पुन: चाल कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने दैनिक नवज्योति में प्रकाशित शीर्षक कोटा स्टेशन पर स्केलेटर की खराबी के चलते यात्री हो रहे परेशान के बाद हरकत में आया तथा रेल यात्रियों की सुविधा के लिए पुन: तकनीकी खराबी को सही करवा चालू करवा दिया।</p>
<p>रेलवे जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने बताया कि रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए पुन: स्केलेटर (स्वचालित सीढी) चालू कर दिया है। स्टेशन पर विकलांग, वृद्धजन, महिलाओं व जरूरतमंद सभी यात्रियों को प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए आसानी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 14:22:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चेन्नई के पास कच्चे तेल से भरी मालगाड़ी में लगी भीषण आग, रेल सेवाएं बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[आग इतनी भीषण थी कि आग के घने गुबार ने चेन्नई से लगभग 40 किलोमीटर दूर तिरुवल्लूर जिले के एगात्तूर के आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/fierce-fire-in-goods-train-near-chennai-interrupted-railway-services/article-120424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(2)17.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। चेन्नई के पास कच्चे तेल से भरी एक मालगाड़ी में रविवार को आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि आग के घने गुबार ने चेन्नई से लगभग 40 किलोमीटर दूर तिरुवल्लूर जिले के एगात्तूर के आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इससे सुबह वहां दहशत फैल गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दुर्घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब एन्नोर से जोलारपेट्टई जा रही मालगाड़ी सुबह करीब पांच बजे तिरुवल्लूर-एगाट्टूर मार्ग से गुज़र रही थी। इस मालगाड़ी में कई तेल के टैंकर थे। आग लगने से पूरा इलाका धुएं की मोटी चादर से ढक गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, दो डिब्बों के पटरी से उतरने से भीषण आग लगी। हालांकि दक्षिण रेलवे ने कहा है कि आग लगने के कारण का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। सूचना मिलते ही दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गईं। चार डिब्बे आग की चपेट में आ गए और आग की लपटें अन्य डिब्बों तक फैल गईं। पांच डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया गया है और इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। ज़लिा कलेक्टर एम. प्रताप कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों को आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए।</p>
<p>वेल्लोर से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम राहत और बचाव कार्य में शामिल है। दुर्घटना के बाद चेन्नई-अरक्कोणम मार्ग पर ट्रेन सेवाएं बाधित हुई, जिससे बेंगलुरु, कोयंबटूर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और उस मार्ग पर स्थित अन्य स्थानों पर जाने वाले हज़ारों यात्रियों को असुविधा हुई। उपनगरीय ट्रेनें भी आंशिक रूप से रद्द कर दी गईं और उन्हें अवादी तक ही चलाया गया। अरक्कोणम और काटपाडी के बीच निरस्त की गई ट्रेनों में मैंगलोर मेल, नीलगिरी एक्सप्रेस, कोयम्बटूर इंटरसिटी और तिरुवनंतपुरम मेल शामिल हैं। इसके अलावा, चेन्नई से आने वाली आ एक्सप्रेस ट्रेनें, जिनमें मैसूर शताब्दी, कोयंबटूर कोवई एक्सप्रेस, तिरुपति सप्तगिरि एक्सप्रेस और बेंगलुरु डबल डेकर एक्सप्रेस शामिल हैं, रद्द कर दी गई हैं। चार अन्य ट्रेनों को गुडूर और रेनिगुंटा के रास्ते चलाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 12:48:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य, रेलसेवाओ में किया संशोधन</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली-भुज रेलसेवा 27 व 28 जुलाई को परिवर्तित मार्ग दिल्ली किशनगंज- दयाबस्ती-पटेल नगर होकर, कामाख्या-जोधपुर रेलसेवा 25 जुलाई को परिवर्तित मार्ग दिल्ली- किशनगंज- दयाबस्ती-पटेल नगर होकर संचालित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/non-interlocking-work-amended-in-railway-service/article-120084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/train_03.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर रेलवे के दिल्ली मण्डल पर दिल्ली सराय रोहिल्ला स्टेशन पर न्यू इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पैनल के लिए नॉन इण्टरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित मार्ग परिवर्तित रेलसेवाओं में संशोधन किया है।</p>
<p>उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार बरेली-भुज रेलसेवा 27 व 28 जुलाई को परिवर्तित मार्ग दिल्ली किशनगंज- दयाबस्ती-पटेल नगर होकर, कामाख्या-जोधपुर रेलसेवा 25 जुलाई को परिवर्तित मार्ग दिल्ली- किशनगंज- दयाबस्ती-पटेल नगर होकर संचालित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 19:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने ट्रैक संरक्षा पर गहन निरीक्षण अभियान चलाया, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कामाख्या रेलवे स्टेशन और डिपो का किया औचक निरीक्षण </title>
                                    <description><![CDATA[रेल संरक्षा और बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता बढ़ाने के दृढ़ प्रयास के तहत, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पू. सी. रेलवे) ने 29 मई से 10 दिवसीय व्यापक संरक्षा अभियान चलाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/north-eastern-frontier-railway-conducted-intensive-inspection-operations-on-track/article-116825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news22.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। रेल संरक्षा और बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता बढ़ाने के दृढ़ प्रयास के तहत, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पू. सी. रेलवे) ने 29 मई से 10 दिवसीय व्यापक संरक्षा अभियान चलाया। यह अभियान पू. सी. रेलवे के विभिन्न मंडलों में प्वाइंट्स और क्रॉसिंग के निरीक्षण पर केंद्रित था। महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ फील्ड निरीक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया, ताकि ट्रैक संरक्षा और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति जोन की शीर्ष-स्तरीय प्रतिबद्धता मजबूत हो।</p>
<p>इस अभियान में इंजीनयरी, सिग्नल एवं दूरसंचार विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त भागीदारी निभाई। टीमों ने पहले के संरक्षा अभियानों और निरीक्षण निष्कर्षों के आधार पर यादृच्छिक रूप से चयनित प्वाइंट्स और क्रॉसिंग का निरीक्षण किया। इन कार्यों का उद्देश्य प्राथमिकता के आधार पर किसी भी कमी या अनियमितता की पहचान कर उसे ठीक करना था, ताकि महत्वपूर्ण ट्रैक बुनियादी संरचना के समग्र हालात को मजबूत किया जा सके। निरीक्षण के एक प्रमुख पहलू में इलास्टिक रेल क्लिप (ईआरसी) फिटिंग के निचले भार का मापन भी शामिल था। ट्रैक ज्यामिति को बनाए रखने, रेल की आवाजाही के जोखिम को कम करने और बेपटरी होने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निचले भार की निगरानी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>संरक्षा अभियान के मद्देनजर पू. सी. रेलवे के महाप्रबंधक ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कामाख्या रेलवे स्टेशन और डिपो का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने प्वाइंट्स और क्रॉसिंग स्थिति की बारीकी से जांच की, जिसमें इलास्टिक रेल क्लिप्स के निचले भार के मापन पर विशेष ध्यान दिया गया। मानसून के मौसम में ट्रैक घटकों के असुरक्षित होने की आशंका प्रबल हो जाती है। इस पर उन्होंने सभी फील्ड कर्मियों और अधिकारियों से विशेष अनुरक्षण कार्यों को अपनाने और निर्बाध एवं सुरक्षित ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने का आह्वान किया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 12:54:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर-कनकपुरा रेलखण्ड के मध्य किया जा रहा है तकनीकी कार्य, रेल यातायात रहेगा प्रभावित </title>
                                    <description><![CDATA[ उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल पर जयपुर-कनकपुरा रेलखण्ड के मध्य ब्रिज संख्या-223 पर तकनीकी कार्य के लिए ट्रेफिक ब्लॉक लिया जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/technical-work-is-being-done-between-jaipur-kankapura-railway-block-railway/article-108909"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/train2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल पर जयपुर-कनकपुरा रेलखण्ड के मध्य ब्रिज संख्या-223 पर तकनीकी कार्य के लिए ट्रेफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण जयपुर-बान्द्रा टर्मिनस रेलसेवा 9 अप्रैल को जयपुर स्टेशन से अपने निर्धारित समय से 35 मिनट देरी से प्रस्थान करेगी।</p>
<p>इसी प्रकार जम्मूतवी-अजमेर रेलसेवा गैटोर जगतपुरा स्टेशन पर 7, 13 व 16 अप्रैल को 1 घंटे 10 मिनट, 9 अप्रैल को 1 घंटे, 12 अप्रैल को 50 मिनट तथा 10 व 17 अप्रैल को 1 घंटे 10 मिनट, भोपाल-जोधपुर रेलसेवा दुर्गापुरा स्टेशन पर 7, 9, 12, 13 व 16 अप्रैल को 1 घंटे तथा 10 व 17 अप्रैल को 01 घंटे 10 मिनट, काठगोदाम-जैसलमेर रेलसेवा खातीपुरा स्टेशन पर 7, 10, 13, 16 व 17 अप्रैल को 1 घंटे 10 मिनट, 9 अप्रैल को 1 घंटे तथा 12 अप्रैल को 50 मिनट, आगरा फोर्ट-अजमेर रेलसेवा खातीपुरा स्टेशन पर 10 अप्रैल को 1 घंटे रेगूलेट रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:03:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक ने किया जोगीघोपा में रेल बुनियादी संरचना का निरीक्षण, पूर्वोत्तर भारत के लिए एक लॉजिस्टिक हब के रूप में करेगी कार्य </title>
                                    <description><![CDATA[ पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पू. सी. रेलवे) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल मास्टर प्लान के तहत विकसित किए जा रहे ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/general-manager-of-north-eastern-frontier-railway-inspects-multi-model/article-107406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पू. सी. रेलवे) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल मास्टर प्लान के तहत विकसित किए जा रहे जोगीघोपा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) में चल रहे रेल बुनियादी संरचना के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। यह परियोजना पू. सी. रेलवे के रंगिया मंडल के तहत है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने ट्रैक बिछाने, यार्ड विकास और कनेक्टिविटी बढ़ाने सहित रेलवे निर्माण से संबंधित कार्यों की प्रगति का बारीकी से आकलन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि टर्मिनल हब के शीघ्र पूरा होने के लिए सभी कार्य योजनाबद्ध कार्यक्रम के अनुरूप हो जोगीघोपा एमएमएलपी रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा की परियोजना है, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए एक लॉजिस्टिक हब के रूप में कार्य करेगी। इससे रेलवे और अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यह गेलेफू (भूटान) से 91 कि.मी., बांग्लादेश सीमा से 108 कि.मी. और गुवाहाटी से 147 कि.मी. दूर स्थित है, जो इसे बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के साथ सीमा पार व्यापार के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार बनाता है। यह टर्मिनल गोदामों, कोल्ड स्टोरेज, सीमा शुल्क क्लीयरेंस सुविधा और कई रेल साइडिंगों से सुसज्जित होगा, जिससे माल परिवहन को काफी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p><strong>भविष्य में पांच लाइनों तक विस्तार करने की योजना</strong><br />इस परियोजना के रेलवे घटकों में तीन रेल लाइनों का निर्माण शामिल है तथा भविष्य में पांच लाइनों तक विस्तार किए जाने की योजना है। पूर्ण परिचालन के बाद टर्मिनल से प्रति माह 25 आवक तथा 25 जावक रेकों की हैंडलिंग होने की उम्मीद है, जिससे ऑटो घटकों, उर्वरकों, खाद्यान्नों, इस्पात, कोयला, क्लिंकर, स्टोन चिप्स तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में सुविधा होगी। हाल ही में उद्घाटन किए गए अंतरदेशीय जलमार्ग घटक ने पहले ही परिचालन शुरू कर दिया है, जिससे बांग्लादेश के लिए कार्गों की निर्बाध आवाजाही संभव हुई है।</p>
<p><strong>औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा</strong><br />यह कार्य पूर्ण हो जाने पर टर्मिनल परियोजना के अपार आर्थिक और लॉजिस्टिक लाभ प्रदर्शित होंगे। इससे परिवहन लागत कम होगी, आपूर्ति श्रृंखला दक्षता में सुधार होगा और पूर्वोत्तर क्षेत्र एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह एमएमएलपी व्यापार को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्योगों को सहयोग करने और पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में सुधार कर भारत की एक्ट ईस्ट नीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जोगीघोपा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे यह इस क्षेत्र में माल लॉजिस्टिक्स के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम साबित होगा। इससे आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी के लिए रेलवे की बुनियादी संरचना को बढ़ाने के प्रति पू.सी. रेलवे की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 15:08:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>महाशिवरात्रि पर रेलवे की विशेष तैयारी : प्रयागराज से 350 से अधिक ट्रेनें चलाने की योजना, स्टेशनों पर भारी भीड़ </title>
                                    <description><![CDATA[अमृत स्नान के बाद अपने-अपने शहर वापस जाने वाले लोगों और श्रद्धालुओं का भारी हुजूम रेलवे स्टेशनों पर उमड़ना संभावित है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/special-preparation-of-railway-on-mahashivaratri-plan-to-run-more/article-105585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/train_03.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। महाकुंभ-2025 का अंतिम अमृत स्नान 26 फरवरी को होना है। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज आए हुए हैं। रविवार और सोमवार को भी बिहार के पटना, दानापुर, मुजफ्फरपुर, गया, सासाराम, कटिहार, खगड़िया, सहरसा, जयनगर, दरभंगा आदि स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या अधिक रही। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, कानपुर, गोंडा, दीनदयाल उपाध्याय नगर, झांसी आदि जिलों के रेलवे स्टेशनों पर प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या औसत से काफी ज्यादा रही। मध्य प्रदेश के चित्रकूट, जबलपुर,सतना, खजुराहो जैसे स्टेशनों पर भी भीड़ रही, जबकि झारखंड के धनबाद बोकारो, रांची, गढ़वा और मेदनी नगर स्टेशन से बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज के लिए रवाना हुए।</p>
<p>अमृत स्नान के बाद अपने-अपने शहर वापस जाने वाले लोगों और श्रद्धालुओं का भारी हुजूम रेलवे स्टेशनों पर उमड़ना संभावित है। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेल, पूर्वोत्तर रेल और उत्तर रेलवे ने व्यापक तैयारी की है और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्य स्थल पर मुस्तैदी के साथ टिके रहने का निर्देश दिया है। रेलवे ने मौनी अमावस्या के दिन 360 से अधिक गाड़ियों का परिचालन करके 20 लाख से अधिक लोगों को उनके गंतव्य स्थान पर भेजने में सफलता पाई थी। महाशिवरात्रि स्रान के बाद भी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए अधिक संख्या में ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई गई है और प्रयागराज के समीप वाले स्टेशनों पर अतिरिक्त रेक रखे गए हैं, जिनका उपयोग आवश्यकतानुसार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार रेलवे ने प्रारंभ में महाकुंभ के दौरान लगभग 13500 गाड़ियों के चलने की योजना बनाई थी। महाकुंभ के 42वें दिन तक 15 हजार से अधिक ट्रेनें चलाई जा चुकी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें भी शामिल हैं। रेलवे की पूरी व्यवस्था की निगरानी का नेतृत्व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वयं किया है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार भी लगातार रेलवे बोर्ड से ट्रेनों की मॉनिटरिंग में लग रहे हैं। तीन जोनल रेलवे महाप्रबंधक भी अपनी टीमों के साथ रेलवे व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सभी जोन के महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि महाकुंभ के यात्रियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाए। जरूरत पड़ने पर अधिक संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं।</p>
<p>महाशिवरात्रि की भीड़ के दृष्टिगत रेल प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, आश्रय, आसान टिकट वितरण एवं बड़ी संख्या में गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। प्रयागराज के सभी स्टेशनों पर रेलवे वाणिज्य विभाग के 1500 से अधिक तथा रेल सुरक्षा बल के 3000 से जवानों की तैनाती की गई है। रेलवे सुरक्षा विशेष बल की 29 टुकड़ियां, महिला रेलवे सुरक्षा विशेष बल की 2 टुकड़ियां, 22 डॉग स्क्वाड एवं और 02 बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड को भी प्रयागराज में ड्यूटी पर लगाया गया है। स्काउट्स एवं गाइड्स, सिविल डिफेंस सहित सभी विभागों की टीमें महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयत्नशील हैं। श्रद्धालुओं को सुलभता के साथ उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए प्रयागराज क्षेत्र के सभी स्टेशनों पर आंतरिक मूवमेंट प्लान के अनुरूप कार्य किया गया और श्रद्धालुओं को विशेष गाड़ियों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इसी क्रम में प्रयागराज जंक्शन पर भी श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य के अनुरूप यात्री आश्रयों में भेजा गया। निर्धारित यात्री आश्रय से उन्हें विशेष गाड़ी में बैठा कर उनके गंतव्य तक भेजा गया।</p>
<p>यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रेलवे ने अपने आपातकालीन प्लान को तुरन्त लागू करते हुए खुसरो बाग में लोगों को होल्ड करके उन्हें सुरक्षित और नियन्त्रित तरीके से यात्री आश्रय शेड के माध्यम से स्टेशन में प्रवेश कराकर ट्रेन में बोर्ड कराया। इस दौरान सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग प्रयागराज जंक्शन पर स्थित कंट्रोल टावर में प्रयागराज मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से की जा रही थी एवं स्थिति आकलन कर तत्काल आवश्यक निर्णय लिए जा रहे थे। जिससे ट्रेनों से संचालन में किसी प्रकार की बाधा न हो और श्रद्धालुओं को विशेष गाड़ियों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया जा सके। इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर बनाए गए आबाजर्वेशन रूम में भी गंभीर स्थित में लाए गए श्रद्धालुओं का इलाज किया गया। महाकुंभ-2025 में आए श्रद्धालुओं ने रेलवे की डिजिटल सेवाओं को भी हाथों हाथ लिया। रविवार को रेलवे ने 335 गाड़ियां चलाकर 16 लाख से अधिक लोगों को उनके गंतव्य स्थान पर भेजने में सफलता पाई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 14:11:40 +0530</pubDate>
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                <title>सीबीआई ने रेलवे मुख्यालय पहुंचकर की पूछताछ, रिश्वत के मामले में कर रही जांच</title>
                                    <description><![CDATA[सीबीआई की मौजूदगी से मुख्यालय में हड़कंप हो गया। सूत्रों के अनुसार टीम ने रेलवे के चीफ इंजीनियर (टीपी) से लंबी पूछताछ की, जो रात 10 बजे तक जारी रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cbi-the-railway-headquarters-inquiry-in-to-the/article-104867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cbi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने दोपहर करीब साढ़े बारह बजे उत्तर पश्चिम रेलवे के जवाहर सर्किल स्थित मुख्यालय पहुंचकर पूछताछ की। सीबीआई की मौजूदगी से मुख्यालय में हड़कंप हो गया। सूत्रों के अनुसार टीम ने रेलवे के चीफ इंजीनियर (टीपी) से लंबी पूछताछ की, जो रात 10 बजे तक जारी रही। </p>
<p>इस मामले में अकाउंट्स विभाग के जूनियर अकाउंटेंट और स्टोर्स विभाग के चीफ ओएस भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों का कहना है कि ट्रैक पर स्लीपर बिछाने वाली एक फर्म ने सीबीआई में सूचना दी है कि उनसे बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। मामले के सत्यापन के बाद सीबीआई ने मुख्यालय में यह कार्रवाई की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 10:10:39 +0530</pubDate>
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