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                <title>north korea - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को दिया धोखा, ट्रंप ने छीना थॉड एयर डिफेंस सिस्टम, किम जोंग के लिए बड़ा मौका?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी मिसाइलों से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण कोरिया से 'थाड' (THAAD) सिस्टम हटाकर मिडिल ईस्ट में तैनात करना शुरू कर दिया है। इस फैसले से सियोल में सुरक्षा को लेकर खलबली मच गई है। उत्तर कोरिया के खतरे के बीच दक्षिण कोरिया अब अपनी रक्षा रणनीति और अमेरिकी भरोसे पर पुनर्विचार करने को मजबूर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/america-betrayed-south-korea-trump-snatched-thod-air-defense-system/article-146181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(6)1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से थाड एयर डिफेंस सिस्टम को धीरे धीरे बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इनकी तैनाती मिडिल ईस्ट में की जा रही है। सिर्फ थाड एयर डिफेंस सिस्टम ही नहीं बल्कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से कई और मिलिट्री हार्डवेयर भी ले जाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी मीडिया ने मामले से परिचित दो अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पेंटागन थाड सिस्टम के कुछ हिस्सों को मिडिल ईस्ट ले जा रहा है।</p>
<p>अमेरिका के इस फैसले से दक्षिण कोरिया में खलबली मच गई है। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने बताया है कि दक्षिण कोरिया को डोनाल्ड ट्रंप के इरादों पर गहरा शक पैदा हो गया है। उसने चेतावनी दी है कि परमाणु हथियारों वाला उत्तर कोरिया इस मौके का फायदा उठा सकता है। वहीं दक्षिण कोरिया में राजनीतिक बहस शुरू हो गई है कि आखिर उसने उत्तर कोरिया के इतने गंभीर खतरे के सामने अमेरिका के ऊपर भरोसा ही क्यों किया था? जबकि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल में तबाही मचा रही हैं।</p>
<p>हालांकि, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि बगैर अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के भी दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया की तरफ से आने वाले खतरों को रोकने की क्षमता रखता है। राष्ट्रपति ली ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि अगर पूछा जाए कि क्या इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ हमारी रोकथाम की रणनीति में कोई बड़ी रुकावट आएगी तो मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि ऐसा नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण कोरिया दुनिया में सबसे ज्यादा डिफेंस बजट पर खर्च करने वाले देशों की लिस्ट में आता है और देश का रक्षा बजट उत्तर कोरिया के जीडीपी का 1.4 गुना ज्यादा है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने शुक्रवार को कहा कि यूएस और साउथ कोरिया की सेनाएं मिडिल ईस्ट में कुछ अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को फिर से तैनात करने पर भी चर्चा कर रही हैं। </p>
<p>वहीं दक्षिण कोरिया के कई अखबारों ने दावा किया है कि कुछ मिसाइल बैटरी को सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात में अमेरिकी बेस पर तैनात किए जाने की संभावना है।</p>
<p>दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति या विदेश मंत्री कुछ भी दावा करें लेकिन हकीकत यही है कि उत्तर कोरिया की घातक मिसाइलें देश पर भारी पड़ सकती हैं। अमेरिकी डिफेंस सिस्टम के दक्षिण कोरिया से बाहर निकलने के बाद देश की सुरक्षा कमजोर हो गई है। उत्तर कोरिया ने भी ईरान की तरह की हथियारों के निर्माण में ही भारी भरकम खर्च किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 11:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किम जोंग उन का दावा: बोलें अमेरिका शत्रुतापूर्ण नीति छोड़ उत्तर कोरिया के परमाणु राष्ट्र संपन्न दर्जा स्वीकार कर ले, तो सुधर सकते हैं संबंध </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने अमेरिका के साथ संबंध सुधारने के लिए परमाणु संपन्न राष्ट्र के संवैधानिक दर्जे को स्वीकारने की रखी शर्त। शत्रुतापूर्ण नीति त्यागने पर ही बातचीत संभव। दक्षिण कोरिया को सबसे बड़ा दुश्मन बताया। किम जोंग उन ने दोहराया परमाणु शस्त्रागार के विस्तार का संकल्प।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/kim-jong-un-claims-that-relations-can-improve-if-america/article-144736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/kim-jong-un.png" alt=""></a><br /><p>प्योंगयांग। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा है कि यदि अमेरिका अपनी शत्रुतापूर्ण नीति छोड़कर उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न राष्ट्र के संवैधानिक दर्जे को स्वीकार करता है, तो उत्तरी कोरिया अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए तैयार होगा। रिपोर्ट के अनुसार, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नौवीं कांग्रेस के अवसर पर आयोजित एक परमाणु सैन्य परेड में किम जोंग उन ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यदि अमेरिका उत्तर कोरिया के संविधान में परिभाषित परमाणु राष्ट्र की वर्तमान स्थिति का सम्मान करता है और उत्तर कोरिया के प्रति अपनी शत्रुतापूर्ण नीति वापस लेता है, तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम अमेरिका के साथ अच्छे संबंध स्थापित न कर सकें।</p>
<p>किम जोंग उन ने कहा कि अमेरिका और उत्तर कोरिया साथ चल सकते हैं, लेकिन केवल तभी जब अमेरिका यह स्वीकार कर ले कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार स्थायी रूप से रहेंगे। उत्तरी कोरिया के सुप्रीम लीडर की टिप्पणियों को अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से पहले अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खोलने के रूप में देखा गया। किम जोंग उन ने हालांकि दक्षिण कोरिया के साथ किसी भी राजनयिक सुधार की उम्मीदों को खारिज करते हुए उन्हें सबसे बड़ा शत्रु करार दिया।</p>
<p>इसके आगे किम जोंग उन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया ने देश की पहचान एक परमाणु संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थायी रूप से स्थापित कर दी है और विरोधियों को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक वैश्विक वातावरण में मौलिक बदलाव नहीं आता, उत्तरी कोरिया अपने परमाणु हथियारों का त्याग नहीं करेगा। सुप्रीम लीडर ने इस बात पर जोर दिया कि देश के परमाणु सशस्त्र बलों का और अधिक विस्तार और सुदृढ़ीकरण करना पार्टी के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा, हमारे पास वार्षिक आधार पर राष्ट्रीय परमाणु शक्ति को मजबूत करने की एक दीर्घकालिक योजना है और हम परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ परमाणु अभियानों के साधनों और दायरे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेंगे।</p>
<p>किम जोंग उन के अनुसार, उत्तर कोरिया का परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र का दर्जा संभावित विरोधियों को रोकने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाये रखने का काम करता है। उन्होंने परमाणु शक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा, हितों के लिए एक प्रमुख सुरक्षा कवच बताया। किम ने एशिया-प्रशांत में अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधनों पर स्वीकार्य सीमा से बाहर विस्तार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सैन्य गतिविधियां एक तनावपूर्ण और असामान्य स्थिति पैदा कर रही हैं, जो कोरियाई प्रायद्वीप और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 18:01:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन का बड़ा दावा, जापान के पास इतना प्लूटोनियम कि रातो-रात बना ले परमाणु बम </title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया कि जापान ने सैन्य महत्वाकांक्षाओं के चलते गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-big-claim-is-that-japan-has-enough-plutonium-to/article-139751"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cbina.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराए थे। उसके बाद जापान ने प्रण लिया था कि वो अपनी सेना नहीं रखेगा। कई दशक बीतने के बाद अब जापान ना सिर्फ अपनी सेना बना रहा है, बल्कि चीन ने दावा किया है कि जापान, गुप्त तरीके से परमाणु बम का निर्माण कर रहा है।</p>
<p>हालांकि, परमाणु हथियारों को लेकर जापान का हमेशा से सख्त रूख रहा है और उसने फरवरी 1970 में क्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी पर साइन कर दिए थे। इसके अलावा जापान तीन नॉन-न्यूक्लियर सिद्धांतों का भी पालन करता है। ये तीन सिद्धांत हैं 1- न्यूक्लियर हथियार न रखना, 2- न्यूक्लियर हथियार ना बनाना, 3- जापानी इलाके में न्यूक्लियर हथियारों को आने की इजाजत न देना। जापान का ये सिद्धांत ऐतिहासिक था, लेकिन नये जियो-पॉलिटिकल हालातों और चीन के बढ़ते खतरों ने जापान को परमाणु हथियार बनाने के लिए मजबूर कर दिया है।</p>
<p>जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने पिछले दिनों कहा था कि चीन अगर ताइवान पर सशस्त्र हमला करता है, तो इससे जापान के लिए अस्तित्व का खतरा पैदा हो सकता है, जिससे ऐसे हालात में जापानी सेना की जवाबी कार्रवाई की संभावना खुल जाती है। चीन के अलावा जापान को उत्तर कोरिया के हमले की भी आशंका रहती है, जिसके पास पहले से ही परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट है कि जापान ने चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों के खतरों को देखते हुए दूसरे देशों को जानलेवा हथियार एक्सपोर्ट करने पर खुद लगाई गई पाबंदियों में ढील दी है। </p>
<p>क्या जापान चोरी से बना रहा परमाणु बम?</p>
<p>चीन ने इस हफ्ते की शुरूआत में 30 पन्नों की एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें उसने इंटरनेशनल कम्युनिटी से जापान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ ठोस और कड़े कदम उठाने की अपील की है। चीन के रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान ने शायद पहले ही गुपचुप तरीके से हथियार बनाने लायक प्लूटोनियम बना लिया है और उसके पास कम समय में न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की टेक्नोलॉजिकल और आर्थिक क्षमताएं हैं। इसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की एक टिप्पणी का भी जिक्र किया गया है कि जापान के पास लगभग रातों-रात न्यूक्लियर हथियार बनाने की क्षमता है। बाइडेन ने यह जानकारी सबसे पहले जून 2016 में दिए एक इंटरव्यू में दी थी।</p>
<p>शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बाइडेन ने कहा था कि क्या होगा अगर जापान, जो कल न्यूक्लियर पावर बन सकता है, कल ही न्यूक्लियर हथियार बना ले? उनके पास लगभग रातों-रात ऐसा करने की क्षमता है। चीन ने जो रिपोर्ट जारी की है, उसका शीर्षक जापान के दक्षिणपंथी ताकतों की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाएं: विश्व शांति के लिए एक गंभीर खतरा नाम से है, जो करीब 30 पन्नों का है।</p>
<p>यह रिपोर्ट चाइना आर्म्स कंट्रोल एंड डिसआमार्मेंट एसोसिएशन और न्यूक्लियर स्ट्रेटेजिक प्लानिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, जो चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉपोर्रेशन से जुड़ा एक थिंक टैंक है, उसने मिलकर तैयार किया है। इस डील में कहा गया है कि एनपीटी संधि के तहत जापान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं, कि वो परमाणु हथियारों का निर्माण नहीं करेगा, लेकिन उसने गुपचुप तरीके से न्यूक्लियर हथियारों पर रिसर्च और डवलपमेंट किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 11:39:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वीडियो देखकर सब हैरान : कोई साथ ले गया गिलास, तो कोई लगा कुर्सी रगड़ने, पुतिन संग बैठक के बाद किम जोंग के स्टाफ ने मिटाया हर सबूत</title>
                                    <description><![CDATA[एक कर्मचारी ने किम की कुर्सी के पिछले हिस्से को ध्यान से पॉलिश किया, जबकि दूसरा किसी फॉरेंसिक एक्सपर्ट की तरह सावधानी से उनका गिलास ट्रे में रखकर साथ ले गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/someone-took-a-glass-together-and-some-felt-that-after/article-125759"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-x-400-px)9.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन हवाई यात्रा नहीं करते, यह बात सभी को पता है। वह चीन की विक्ट्री परेड में शामिल होने के लिए स्पेशल ट्रेन से पहुंचे थे, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से किम की मुलाकात के बाद एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। यह वीडियो डिप्लोमेटिक प्रोटोकॉल से ज्यादा एक क्राइम सीरियल जैसा लग रहा है। इसमें नॉर्थ कोरियाई स्टाफ चीन में उस हर सामान की सफाई करते दिख रहे हैं, जिसे पुतिन के साथ बैठक के दौरान किम जोंग उन ने छुआ था। यह हैरान करने वाला वाकया बुधवार को सामने आया, जब नॉर्थ कोरिया और रूस के नेताओं के बीच बीजिंग में एक भव्य सैन्य परेड के बाद मीटिंग हुई, जहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने देश की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। टेलीग्राम पर पोस्ट की गई फुटेज में किम के दो सहयोगी मीटिंग खत्म होते ही तेजी से काम करते दिखाई दे रहे हैं। एक कर्मचारी ने किम की कुर्सी के पिछले हिस्से को ध्यान से पॉलिश किया, जबकि दूसरा किसी फॉरेंसिक एक्सपर्ट की तरह सावधानी से उनका गिलास ट्रे में रखकर साथ ले गया।</p>
<p><strong>कुछ सामान अधिकारी अपने साथ भी ले गए</strong><br />किम ने जिस भी सामान को छुआ था, उसकी बारीकी से साफ-सफाई की गई और कुछ सामान तो अधिकारी अपने साथ भी ले गए। कुर्सी के हैंडल से लेकर साइड टेबल को भी तब तक जोर-जोर से पोंछा गया जब तक कि नॉर्थ कोरियाई नेता की मौजूदगी का हर एक निशान मिट न गया हो। रूसी पत्रकार अलेक्जेंडर युनाशेव ने अपने चैनल युनाशेव लाइव पर बताया, बातचीत के बाद, डीपीआरके प्रमुख के साथ आए कर्मचारियों ने किम की मौजूदगी के सभी निशानों को सावधानी से मिटा दिया।</p>
<p><strong>सिक्योरिटी के लिए उठाया गया कदम</strong><br />युनाशेव ने बताया कि अधिकारी वो गिलास भी साथ ले गए जिसमें किम ने शराब पी थी, कुर्सी की गद्दी और फर्नीचर के उन हिस्सों को पोंछ दिया जिन्हें कोरियाई नेता ने छुआ था। आधिकारिक बैठक सकारात्मक रूप से खत्म हुई, किम और पुतिन दोनों ही बहुत संतुष्ट होकर गए। नॉर्थ कोरियाई नेता किम की ओर से छुए गए सामान की फॉरेंसिक लेवल की इस साफ-सफाई का कोई ठोस कारण अभी तक साफ नहीं है, लेकिन कुछ लोगों का अनुमान है कि यह रूस की शक्तिशाली डिफेंस सर्विस के खिलाफ एहतियात के तौर पर उठाया गया कदम है।</p>
<p><br /><strong>गर्मजोशी से मिले किम और पुतिन</strong><br />वार्ता में, किम ने सतर्कता से आगे बढ़कर पुतिन को अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है। किम ने रूसी राष्ट्रपति से कहा, अगर मैं आपके और रूसी लोगों के लिए कुछ कर सकता हूं या करना चाहिए, तो मैं इसे अपनी फर्ज मानता हूं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Sep 2025 09:47:31 +0530</pubDate>
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                <title>उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर दागी बैलिस्टिक मिसाइल</title>
                                    <description><![CDATA[ जापानी प्रसारक एनएचके ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइल संभवत: जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/north-korea-fired-ballistic-missile-towards-the-east-sea/article-90352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/missile-attack1.png" alt=""></a><br /><p>प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर एक अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप समाचार एजेंसी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>इस बीच, जापानी प्रसारक एनएचके ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइल संभवत: जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी।</p>
<p>गौरतलब है कि जुलाई में वॉयस ऑफ कोरिया ब्रॉडकास्टर ने बताया था कि उत्तर कोरिया ने एक नए प्रकार की सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल ह्वासोंगफो-11डीए-4.5 का सफल परीक्षण किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Sep 2024 17:24:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को लेकर अमेरिका के तैयार होने पर रूस आश्वस्त नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[ संयुक्त राष्ट्र में रूसी उप स्थायी प्रतिनिधि अन्ना एवेस्टिग्नीवा ने कहा है कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने के लिए उत्तर कोरिया के साथ रचनात्मक बातचीत के लिए अमेरिका तैयार है, इस बात को लेकिन रूस आश्वस्त नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-is-not-convinced-that-america-is-ready-for-talks/article-47655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र में रूसी उप स्थायी प्रतिनिधि अन्ना एवेस्टिग्नीवा ने कहा है कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने के लिए उत्तर कोरिया के साथ रचनात्मक बातचीत के लिए अमेरिका तैयार है, इस बात को लेकिन रूस आश्वस्त नहीं है।</p>
<p>एवेस्टिग्नीवा ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान कहा, ''हमें अमेरिकी प्रतिनिधि द्वारा बातचीत के लिए दिखायी गयी तत्परता के बारे में पता है, लेकिन हम निश्चित नहीं हैं कि अमेरिका वास्तव में उत्तर कोरिया के साथ रचनात्मक चर्चा के लिए तैयार है।"  संयुक्त राष्ट्र में रूसी उप स्थायी प्रतिनिधि एवेस्टिग्नीवा ने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा किये जाने वाले सैन्य अभ्यास स्थिति को अस्थिर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अमेरिका से तनाव कम करने और बातचीत फिर से शुरू करने का आह्वान करते हैं। उन्होंने कहा कि कूटनीति का और कोई विकल्प स्वीकार्य नहीं है।</p>
<p>गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने  बुधवार को चोलिमा-1 वाहक रॉकेट पर स्थापित मल्लिगयोंग-1 सैन्य टोही उपग्रह का असफल प्रक्षेपण किया। उत्तर कोरिया की अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि पहले चरण के अलग होने के बाद, दूसरे चरण का इंजन प्रज्वलित होने में विफल रहा, जिससे रॉकेट की गति मंद पड़ गयी और वह पीले सागर में गिर गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2023 18:47:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर कोरिया ने किया नई ह्वासोंगफो-18 मिसाइल का परीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[ उत्तर कोरिया ने गुरुवार को नई ह्वासोंगफो-18 ठोस ईंधन अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट दी हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/north-korea-tests-new-hwasongpho-18-missile/article-42767"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/narth-korea.png" alt=""></a><br /><p>प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने गुरुवार को नई ह्वासोंगफो-18 ठोस ईंधन अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट दी हैं। उत्तर कोरिया की सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की देखरेख में नई प्रकार की ह्वासोंगफो-18 ठोस-ईंधन अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का पहला परीक्षण किया गया।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षण का उद्देश्य मल्टी-स्टेज मिसाइलों के लिए उच्च-बल वाले ठोस-ईंधन इंजनों के प्रदर्शन और अन्य प्रणालियों की विश्वसनीयता की पुष्टि करना है। इस अवसर पर किम जोन उन ने कहा कि नवीनतम प्रक्षेपण उत्तर कोरिया को कोरियाई प्रायद्वीप के लगातार बिगड़ते सुरक्षा वातावरण और दीर्घकालिक सैन्य खतरों से निपटने के लिए अधिक विकसित और उन्नत शक्तिशाली हथियार प्रणाली के विकास को तेजी से और बढ़ाने अनुमति देगा। उन्होंने कहा कि मिसाइल का विकास उत्तर कोरिया के रणनीतिक निवारक घटकों में बड़े पैमाने पर सुधार करेगा, साथ ही साथ परमाणु पलटवार मुद्रा की प्रभावशीलता को मौलिक रूप से बढ़ावा देगा और इसकी आक्रामक सैन्य रणनीति की व्यावहारिकता में बदलाव लाएगा।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि किम ने नई मिसाइल के विकास में शामिल राष्ट्रीय रक्षा वैज्ञानिक अनुसंधान क्षेत्र के सदस्यों की अत्यधिक सराहना करते हुए 10 से अधिक सैन्य अधिकारियों को उत्तर कोरिया के लेबर हीरो का खिताब देने का प्रस्ताव रखा और उप-निदेशक कर्नल हान कुम बोक को मेजर जनरल पद पर पदोन्नत किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Apr 2023 14:22:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर कोरिया एकतरफा संचार दक्षिण कोरिया के साथ कर सकता है बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने सोमवार आशंका जतायी कि उत्तर कोरिया दोनों देशों के बीच संचार लाइनों को एकतरफा रूप से बंद कर सकता है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी माना कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में वह पहले भी ऐसा कर चुका है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/north-korea-may-stop-one-way-communication-with-south-korea/article-42387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/kim-jong.jpg" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने सोमवार आशंका जतायी कि उत्तर कोरिया दोनों देशों के बीच संचार लाइनों को एकतरफा रूप से बंद कर सकता है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी माना कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में वह पहले भी ऐसा कर चुका है। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार सुबह से, उत्तर कोरिया ने सैन्य और एकीकरण मंत्रालय लाइनों सहित अंतर-कोरियाई संचार चैनलों के माध्यम से दक्षिण कोरिया के नियमित कॉल का जवाब देना बंद कर दिया है। दोनों देशों को दिन में दो बार सैन्य और संपर्क हॉटलाइन के माध्यम से नियमित कॉल करना होता है लेकिन उत्तर कोरिया ने लगातार चौथे दिन भी कॉल का जवाब नहीं दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया ने शुक्रवार से ही सैन्य संचार चैनलों के माध्यम से हमारी कॉल का जवाब नहीं दिया है। एकीकरण मंत्रालय के प्रवक्ता कू ब्यूंगसम ने कहा कि दक्षिण-उत्तर संयुक्त संपर्क कार्यालय और सेना दोनों ने आज सुबह तक कोई जवाब नहीं दिया गया है इसलिए बहुत अधिक संभावना है कि उत्तर कोरिया ने एकतरफा संचार लाइनों को काट दिया हो। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्योंगयांग पहले भी एकतरफा निलंबन का निर्णय ले चुका है।</p>
<p>दक्षिण कोरिया रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जियोन हा-ग्यू ने कहा कि अतीत में भी ऐसे कई उदाहरण हैं जब पश्चिमी या पूर्वी सैन्य लाइनों पर संचार अवरुद्ध किया गया और बाद में बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जब उत्तर कोरिया ने हमारे संयुक्त अभ्यास के कारण ऐसा किया है। जियोन ने कहा कि सोल अभी भी उत्तर कोरिया द्वारा तकनीकी खराबी सहित जो कुछ भी किया जा रहा है, उसके संभावित कारणों पर विचार कर रहा है और स्थिति की निगरानी कर रहा है।</p>
<p>कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया है, जिसे प्योंगयांग आक्रमण की तैयारी के रूप में देखता है। शनिवार को, उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने एक नकली परमाणु वारहेड के साथ हील-2 अंडरवाटर अटैक ड्रोन परीक्षण की सूचना दी और दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी सैन्य अभ्यास की निंदा की।</p>
<p>दोनों कोरियाई देश पहले भी कई बार सीमा पार संचार लाइनों को अस्थायी रूप से रोक चुके हैं। जून 2022 में प्योंगयांग ने बारिश में हुई तकनीकी गड़बड़यिों के कारण कॉल का जवाब देना बंद कर दिया था। जून 2020 में, प्योंगयांग ने अपने दक्षिणी पड़ोसी के साथ संचार बंद कर दिया था और सीमावर्ती शहर केसोंग में संयुक्त संपर्क कार्यालय को उड़ा दिया था। जुलाई 2021 में, उत्तर कोरिया ने संचार चैनल को बहाल किया लेकिन अगस्त में इसे फिर से काट दिया। अक्टूबर 2021 में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के निर्देश पर इसमें सुधार किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Apr 2023 20:15:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उत्तर कोरिया ने फिर किया दो बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण </title>
                                    <description><![CDATA[ दक्षिण कोरिया के सेना प्रमुख ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया ने रविवार को दोनों मिसाइलों को 50 मिनट के अंतराल पर प्रक्षेपित किया। लेकिन इसके अलावा और कोई जानकारी नहीं दी गई कि यह किस श्रेणी का था या कितनी दूर तक मार करने में सक्षम है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/north-korea-again-tested-two-ballistic-missiles/article-32704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/q-191.jpg" alt=""></a><br /><p>सियोल। उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से रविवार को दो बैलेस्टिक मिसाइलों का फिर परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों की श्रृंखला में इस ताजा परीक्षण की जानकारी दक्षिण कोरिया व जापान ने दी है। उत्तर कोरिया ने दो दिन पहले भी उच्च क्षमता के ठोस ईधन मोटर का सफलतापूर्वक परीक्षण करने का दावा किया था। कहा था कि वह अमेरिका पर हमला करने के लिए डिजाइन की गई अधिक कारगर और शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलों को विकसित करने पर जोर दे रहा है। दक्षिण कोरिया के सेना प्रमुख ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया ने रविवार को दोनों मिसाइलों को 50 मिनट के अंतराल पर प्रक्षेपित किया। लेकिन इसके अलावा और कोई जानकारी नहीं दी गई कि यह किस श्रेणी का था या कितनी दूर तक मार करने में सक्षम है। इसी तरह जापान के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मिसाइलें जापान और कोरियाई प्रायद्वीप के बीच समुद्र में गिरीं। ये जापान के विशेष आर्थिक जोन क्षेत्र से बाहर थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Dec 2022 10:20:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पहली बार बेटी के साथ दुनिया के सामने आए किम जोंग</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन के स्टिमसन सेंटर में उत्तर कोरियाई विशेषज्ञ माइकल मैड्डेन ने कहा कि चु-एई का सामने आना महत्वपूर्ण है। मैड्डेन ने बीबीसी को बताया की उत्तर कोरिया का नेतृत्व करने वाले परिवार की किम जोंग तीसरी पीढ़ी हैं जिनकी सत्ता पर मजबूत पकड़ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/kim-jong-appeared-in-front-of-the-world-for-the/article-30164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/website-photo-630400-(1)9.jpg" alt=""></a><br /><p>प्योंगयांग। उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग-उन पहली बार अपनी बेटी के साथ दुनिया के सामने आए हैं जिससे उनकी बेटी को लेकर लगायी जा रही अटकलों की पुष्टि हो गयी है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी बेटी का नाम किम चु-एई हो सकता है जो शुक्रवार को अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के परिक्षण के दौरान किम जोंग के साथ थी। परिक्षण के दौरान पिता-पुत्री हाथ थाम कर खड़े थे जिसकी अमेरिका ने अलोचना की है। किम जोंग दुनिया के सबसे खुफिया देश का नेतृत्व करते हैं जिससे लोगों को उनके बारे में बहुत कम जानकारी है।</p>
<p>बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार दोनों की तस्वीरें उत्तर कोरिया के स्वामित्व वाली समाचार एजेंसी केसीएनए ने पेश की हैं जिसमें वे दोनों हाथ थामें बात करते, आधिकारियों से जानकारी लेते, मिसाइल का निरीक्षण करते और मिसाइल के परिक्षण को देखते हुए नजर आ रहे हैं।</p>
<p>वाशिंगटन के स्टिमसन सेंटर में उत्तर कोरियाई विशेषज्ञ माइकल मैड्डेन ने कहा कि चु-एई का सामने आना महत्वपूर्ण है। मैड्डेन ने बीबीसी को बताया की उत्तर कोरिया का नेतृत्व करने वाले परिवार की किम जोंग तीसरी पीढ़ी हैं जिनकी सत्ता पर मजबूत पकड़ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Nov 2022 16:17:26 +0530</pubDate>
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                <title>नोर्थ कोरिया ने दी साउथ कोरिया, अमेरिका के खिलाफ बड़ा कदम उठाने की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[द. कोरिया ने सोमवार को उ. कोरिया की ओर से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए कम्प्यूटर आधारित वार्षिक प्रशिक्षण शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/north-korea-threatens-to-take-big-steps-against-south-korea/article-28870"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/website-photo-630400.gif" alt=""></a><br /><p>सोल। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के खिलाफ बड़ा कदम उठाने की धमकी दी है। उ. कोरिया की सेना ने सोमवार को कहा कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास का सख्त और पुरजोर जवाब दिया जाएगा। अमेरिका में इस सप्ताह होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले उ. कोरिया परमाणु परीक्षण कर सकता है।  </p>
<p>कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक उ. कोरिया की सेना (केपीए) के जनरल स्टाफ ने कहा कि बीते सप्ताह द. कोरिया और अमेरिका ने चार दिवसीय सैन्य अभ्यास किया था।  इसके जवाब में उ. कोरिया ने 80 किलोमीटर तक मार कर सकने वाली दो सामरिक मिसाइल का परीक्षण किया है। </p>
<p>केपीए ने कहा कि सैन्य अभ्यास को लेकर केपीए की ओर से हाल में की गई कार्रवाई स्पष्ट संकेत हैं कि उ. कोरिया दश्मनों की ओर से लगातार की जा रही उत्तेजक सैन्य गतिविधियों का केपीए जोरदार तरीके से जवाब देगा। केपीए ने द. कोरिया तथा अमेरिका के सैन्य अभ्यान से निंदा की। केपीए ने कहा कि केपीए नजर स्टाफ ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उ. कोरिया के विरुद्ध दुश्मनों के सभी सैन्य अभ्यास का लगातार जोरदार तरीके से जवाब दिया जाएगा। उधर द. कोरिया ने सोमवार को उ. कोरिया की ओर से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए कम्प्यूटर आधारित वार्षिक प्रशिक्षण शुरू किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Nov 2022 16:57:18 +0530</pubDate>
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                <title>नोर्थ कोरिया ने किया आईसीबीएम का परीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों कोरियाई देशों की ओर से एक दूसरे की ओर मिसाइलें दागने के बाद तनाव बढ़ गया है और इसी क्रम में आज मिसाइल दागी गयी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/north-korea-tests-icbm/article-28505"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/kim-jong.jpg" alt=""></a><br /><p>सोल। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण किया है, जिसे दुनिया के दूसरी छोर को भेदने के उदेश्य से तैयार किया गया है। आईसीबीएम का प्रक्षेपण इस साल उ. कोरिया की ओर से किया गया सातवां प्रक्षेपण है और ऐसी आशंका है कि वह जल्द ही एक परमाणु हथियार का परीक्षण करेगा।</p>
<p>द. कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के एक  बयान के अनुसार उ. कोरिया ने गुरुवार को स्थानीय समयानुसार लगभग 07:40 बजे  लंबी दूरी तक मार कर सकने वाली मिसाइल का परीक्षण किया। वहीं बीबीसी के एक सूत्र ने भी इसकी पुष्टि की है कि उ. कोरिया की ओर से दागी गई मिसाइल आईसीबीएम थी। </p>
<p>उ. कोरिया की ओर से दागी गयी मिसाइल ने लगभग  760 किमी (472 मील) तक उड़ान भरी और लगभग 1,920 किमी की ऊंचाई तक पहुंची।  द. कोरिया ने योनहाप न्यूज एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि उ. कोरिया की यह मिसाइल विफल हो गयी। दोनों कोरियाई देशों की ओर से एक दूसरे की ओर मिसाइलें दागने के बाद तनाव बढ़ गया है और इसी क्रम में आज मिसाइल दागी गयी है।</p>
<p>उ. कोरिया ने कम दूरी तक मार कर सकने वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी है। उधर, जापान की सरकार ने उ. कोरिया की ओर से मिसाइलें दागी जाने के मद्देनजर गुरुवार की सुबह अपने कुछ उत्तरी क्षेत्रों के निवासियों को घर के अंदर रहने के लिए एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया।जापान ने शुरू में कहा था कि मिसाइल जापानी सीमा में गिरी है, लेकिन बाद में रक्षा मंत्री हमादा ने कहा कि मिसाइल जापानी द्वीपसमूह को पार नहीं कर सकी, बल्कि जापान सागर के ऊपर गायब हो गयी। </p>
<p>जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने उ. कोरिया की ओर से बार-बार मिसाइल प्रक्षेपण किए जाने की घटना की निंदा की। इस बीच द. कोरिया के उप विदेश मंत्री चो ह्यून-डोंग और अमेरिका के उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन ने फोन पर बात की और इस घटना को दुखद और अनैतिक करार दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Nov 2022 13:12:46 +0530</pubDate>
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