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                <title>industry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>खाद्य तेल की खपत कम करने की पीएम मोदी की अपील का स्वागत, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री की खाद्य तेल उपभोग कम करने की अपील का व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। भारत अपनी खपत का 60% आयात करता है। राजस्थान, जहाँ सरसों उत्पादन 60 लाख टन तक पहुँच चुका है, अब 120 लाख टन का लक्ष्य रखकर देश को आयात मुक्त और खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pm-modis-appeal-to-reduce-consumption-of-edible-oil-welcomed/article-153459"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/raja.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खाद्य तेल के उपभोग को कम करने की अपील का व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने स्वागत किया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता ने कहा कि वैश्विक संकट और बढ़ती आयात निर्भरता के दौर में देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। देश में प्रतिवर्ष लगभग 255 लाख टन खाद्य तेल की खपत होती है, जिसमें से करीब 145 लाख टन तेल आयात किया जाता है। भारत में पॉम ऑयल मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से, सोयाबीन ऑयल अमेरिका और ब्राजील से तथा सनफ्लावर ऑयल रूस और यूक्रेन से आयात होता है। </p>
<p>ऐसे में वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर भारतीय बाजार और उपभोक्ताओं पर पड़ता है। बाबू लाल गुप्ता ने कहा कि राजस्थान ने सरसों उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में सरसों का उत्पादन पहले 30 लाख टन था, जो बढ़कर 60 लाख टन तक पहुंच चुका है और भविष्य में इसे 120 लाख टन तक ले जाने की क्षमता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि राजस्थान को “सरसों उत्पादक राज्य” के रूप में विशेष पहचान दी जाए, ताकि किसानों को प्रोत्साहन मिल सके और देश खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ सके। उन्होंने कहा कि यदि देश में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए और खाद्य तेल के अनावश्यक उपभोग को नियंत्रित किया जाए तो विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी तथा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:29:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विदेशी मुद्रा बचाएं, हम पश्चिम एशिया संकट के बीच विजेता बनकर उभरेंगे: पीएम मोदी के बाद अश्विनी वैष्णव की देशवासियों से बड़ी अपील</title>
                                    <description><![CDATA[रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के विजेता बनकर उभरने का भरोसा जताया। उन्होंने नागरिकों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन और सोने की खपत कम करने की प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। मंत्री ने उद्योग जगत को निवेश बढ़ाने और 6-8% विकास दर बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/save-foreign-exchange-we-will-emerge-victorious-amid-west-asia/article-153396"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ashvini-vaishnav.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की प्रधानमंत्री की अपील पर अमल का अनुरोध करते हुए सोमवार को कहा कि भारत पश्चिम एशिया संकट के बीच विजेता बनकर उभरेगा। अश्विनी वैष्णव ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि आज दो देशों के बीच युद्ध का असर पूरी दुनिया और भारत झेल रहा है जिसमें हमारी कोई गलती नहीं है। इसका कारण यह है कि हम ऊर्जा के अपने बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर हैं।</p>
<p>उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर अमल का अनुरोध करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में गत 28 फरवरी से जारी संकट के कारण कई देशों में ईंधनों की कीमत काफी बढ़ गयी है लेकिन भारत ने उसे अबतक नियंत्रित रखा है। उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने रविवार को लोगों से अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने, सोने की गैर-जरूरी खरीद न करने और ईंधन की बचत करने की अपील की थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "एक नागरिक के तौर पर हम हर उस खपत में कटौती कर सकते हैं जिसके लिए देश की विदेशी मुद्रा खर्च करनी होती है। साथ ही हम विदेश मुद्रा की कमाई बढ़ाने पर फोकस कर सकते हैं।"</p>
<p>अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चुनौती कितनी भी बड़ी हो भारतीय अर्थव्यवस्था छह-आठ प्रतिशत की दर से बढ़ती रहेगी, मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहेगी क्योंकि हमारा विकास लंबे समय तक कायम रहने वाला विकास है, हम इस संकट के बीच विजेता बनकर उभरेंगे। उन्होंने उद्योग जगत से सारी आशंकाओं को परे रखकर निवेश करने और भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 13:04:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खड़गे का केंद्र पर तीखा हमला: मजदूर विरोधी लेबर कोड लागू कर सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों का किया खनन, बोले-सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 केवल कागजी औपचारिकता</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार द्वारा 'चुपके से' लागू किए गए चार लेबर कोड की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे 'हायर एंड फायर' वाली उद्योगपति-हितैषी नीति बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों मजदूरों के हड़ताल और यूनियन अधिकारों का हनन होगा। कांग्रेस ने न्यूनतम मजदूरी ₹400 करने और श्रमिक न्याय का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharges-sharp-attack-on-the-center-said-that-the-government/article-153374"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/kharge.png-2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने “कायरतापूर्ण तरीके” से 8 और 9 मई 2026 को गजट अधिसूचनाओं के जरिए इन श्रमिक विरोधी कानूनों को लागू किया। खड़गे ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि ये कानून करोड़ों मजदूरों के लिए “हायर एंड फायर”, रोजगार और यूनियन अधिकारों में कटौती का रास्ता खोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना किसी व्यापक चर्चा और श्रमिक संगठनों से सलाह-मशविरा किए इन कानूनों को लागू किया। उन्होंने कहा कि 2015 के बाद से भारतीय श्रम सम्मेलन तक नहीं बुलाया गया और ये श्रम संहिताएं केवल केंद्र सरकार के “उद्योगपति मित्रों” को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वेतन संहिता, 2019 के तहत न्यूनतम मजदूरी तय करने के पुराने मानकों को खत्म कर दिया गया है, जिससे मजदूरों की मजदूरी मनमाने तरीके से तय हो सकेगी। साथ ही नई व्यवस्था में कर्मचारियों की वेतन घटने का खतरा पैदा हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020” कार्यस्थल सुरक्षा को कमजोर करता है और गंभीर दुर्घटनाओं में भी कंपनियों को सिर्फ जुर्माना देकर बच निकलने का रास्ता देता है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा और श्रमिकों के अधिकारों को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि “सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020” असंगठित क्षेत्र के 90 प्रतिशत श्रमिकों के लिए केवल “कागजी औपचारिकता” बनकर रह गया है, जबकि गिग वर्कर्स के लिए भी ठोस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं दी गई। खड़गे ने आरोप लगाया कि “औद्योगिक संबंध संहिता, 2020” के जरिए 300 कर्मचारियों तक वाली कंपनियों को बिना सरकारी अनुमति कर्मचारियों की छंटनी की छूट दे दी गई है और हड़ताल के अधिकार को भी लगभग खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी “श्रमिक न्याय” एजेंडा के तहत मनरेगा का विस्तार, 400 रुपये प्रतिदिन राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी, सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा, असंगठित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कार्यों में ठेका प्रथा समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 11:47:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी सरकार ने दी मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी: कपास क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फैसला, आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की अध्यक्षता में मिशन फॉर कॉटन को मंजूरी मिली है, जिसके लिए ₹5,659 करोड़ आवंटित किए गए हैं। साथ ही, गन्ना किसानों के लिए ₹365/क्विंटल FRP तय की गई है। संकटग्रस्त उद्योगों के लिए ECLGS 5.0 और सेमीकंडक्टर मिशन के तहत नए कारखानों को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-government-approves-mission-for-cotton-productivity-decision-to-make/article-152822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कपास क्षेत्र में उत्पादन, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 5,659.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पहल भारत सरकार के ‘5एफ विजन’, फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप तैयार की गई है।</p>
<p><strong>गन्ना किसानों के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल एफआरपी मंजूर </strong></p>
<p>इसके साथ ही सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए 2026-27 के लिए 10.25 प्रतिशत रिकवरी दर पर 365 रुपए प्रति क्विंटल का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) मंजूर किया है। इस निर्णय से देश के लगभग पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों एवं सहायक गतिविधियों में लगे करीब पांच लाख श्रमिकों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी </strong></p>
<p>सरकार ने पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित उद्योगों की मदद के लिए आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 शुरू करने का फैसला किया है। पश्चिम एशिया संकट के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और विमान सेवा कंपनियों पर पड़े दबाव से उन्हें राहत दिलाने के लिए यह योजना लाई गई है। इस योजना में बैंकों द्वारा एमएसएमई को दिये जाने वाले ऋण के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई तथा विमान सेवा कंपनियों को दिये जाने वाले ऋण के लिए 90 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी  प्रदान की जाएगी। क्रेडिट गारंटी राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी न्यास कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए दी जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश में परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिनमें एक मिनी और माइक्रो डिस्प्ले विनिर्माण इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग कारखाना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-government-approves-mission-for-cotton-productivity-decision-to-make/article-152822</link>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 13:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित यादव का केंद्र पर प्रहार: सरकार कर रही मजदूरों के अधिकारों का हनन, आंदोलन में गिरफ्तार वर्करों और नेताओं को रिहा करने की अपील </title>
                                    <description><![CDATA[समाजवादी मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव अमित यादव ने मजदूर दिवस पर भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने 12 घंटे कार्य के कानून को शोषण बताते हुए मजदूरों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। सपा ने गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई और महिला श्रमिकों के लिए आरक्षण की पुरजोर मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-yadavs-attack-on-the-center-appeals-to-release-the/article-152338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/amit-yadav.png" alt=""></a><br /><p>जौनपुर। समाजवादी मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव अमित यादव ने शुक्रवार को कहा कि मोदी सरकार ने उद्योगपतियों के हित का ध्यान रखते हुए मजदूरों से 12 घंटे काम लेने का कानून बनाकर उनके अधिकारों का हनन कर रही है। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्री यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सोच है कि समाज के हर वर्ग को समान भागीदारी मिले। इसी क्रम में ईट भट्ठों पर कार्य करने वाली महिला श्रमिक को भी संसद तक पहुंचाने के उद्देश्य से ओबीसी, एससी, एसटी एवं अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाई गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज मजदूर दिवस के दिन समाजवादी मजदूर सभा की मांग हैं कि कुछ दिनों पूर्व हुए मजदूर आंदोलन में गिरफ्तार हुए मजदूरों और मजदूर नेताओं को जल्द से जल्द रिहा किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-yadavs-attack-on-the-center-appeals-to-release-the/article-152338</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 16:52:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लद्दाख का विकास स्थानीय हितों के अनुरूप हो : राहुल गांधी का आरोप, बोले-लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का हो रहा प्रयास </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र को 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है और उद्योगपतियों के लाभ के लिए नाजुक पर्यावरण से समझौता हो रहा है। उन्होंने गृह मंत्री से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और भूमि संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/development-of-ladakh-should-be-in-accordance-with-local-interests/article-152228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास हो रहा है और वहां के लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि लद्दाख के युवाओं ने उन्हें बताया है कि किस तरह से उनके क्षेत्र को एक तरह के 'पुलिस राज' में बदल दिया गया है। वहां लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और स्थानीय लोगों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि लद्दाख की ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को कथित रूप से बड़े उद्योगपतियों के हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी है।</p>
<p>राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे ऐसा विकास चाहते हैं जो स्थानीय समुदाय को रोज़गार और आर्थिक लाभ पहुंचाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्री अमित शाह अपने प्रस्तावित दौरे में क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझेंगे और वहां के लोगों की चिंताओं पर ध्यान देंगे। गौरतलब है कि लद्दाख में हाल के वर्षों में राजनीतिक अधिकारों, ज़मीन और विकास मॉडल को लेकर असंतोष बढ़ा है। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के बाद केंद्र शासित प्रदेश बनने से वहां विधानसभा नहीं है, जिससे स्थानीय लोग अपने अधिकार सीमित होने की बात कहते हैं। इसके साथ ही वहां के लोग बाहरी निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर ज़मीन, रोज़गार और नाज़ुक पर्यावरण पर इसके असर की आशंका भी जता रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना में संशोधन, नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा </title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने RIPS-2024 के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। अब सोलर मॉड्यूल, सेमीकंडक्टर और बैटरी निर्माण इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। केवल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को पात्र माना जाएगा, असेंबलिंग को नहीं। इस निर्णय से राजस्थान में हरित ऊर्जा निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/amendment-in-rajasthan-investment-promotion-scheme-will-give-boost-to/article-151603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/राजस्थान-सचिवालय.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। वित्त विभाग (कर प्रभाग) द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए योजना की उपधारा 7.3.1 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। संशोधन के तहत योजना की उपधारा 9.1 में “रिन्यूएबल्स मैन्युफैक्चरिंग” की परिभाषा को नया रूप दिया गया है। अब इसके अंतर्गत सोलर मॉड्यूल, सोलर पीवी सेल, इंटीग्रेटेड सोलर सेल एवं मॉड्यूल, सेमीकंडक्टर, सौर ऊर्जा भंडारण में प्रयुक्त बैटरियां तथा सोलर इलेक्ट्रिक चार्जिंग उपकरणों के निर्माण से जुड़ी इकाइयों को शामिल किया गया है।</p>
<p>स्पष्ट किया गया है कि केवल निर्माण इकाइयां ही पात्र होंगी, असेंबलिंग इकाइयां नहीं। इसके साथ ही योजना में “सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग” को नई औद्योगिक गतिविधि के रूप में जोड़ा गया है। इसमें फोटोवोल्टिक सेल की परतें तैयार करने, उन्हें जोड़ने, टफेंड ग्लास, लेमिनेशन, फ्रेम तथा जंक्शन बॉक्स के माध्यम से उपयोग योग्य मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया को शामिल किया गया है। सरकार के इस निर्णय से राज्य में हरित ऊर्जा निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:59:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में प्रोजेक्ट एक्सपो प्रयोगम : इंडस्ट्री के 15 प्रतिनिधियों ने किया प्रोजेक्ट्स का अवलोकन, स्टूडेंट्स की क्रिएटिविटी देखने को मिली</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के सीएसई विभाग ने ‘प्रयोगम-2026’ प्रोजेक्ट प्रदर्शनी आयोजित की, जिसमें बीटेक, बीसीए व एमसीए प्रथम वर्ष के छात्रों ने 121 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स पेश किए। एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, आईओटी जैसे क्षेत्रों में रचनात्मकता झलकी। 15 इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने मूल्यांकन किया, जबकि मुख्य अतिथि डॉ. आशीष जैन रहे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/project-expo-at-purnima-university-15-representatives-of-pragyam-industry/article-150975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/6622-copy80.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने शनिवार को वार्षिक तकनीकी ‘प्रोजेक्ट प्रदर्शनी ‘प्रयोगम-2026’ आयोजित किया। इसमें बीटेक, बीसीए व एमसीए प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स ने अपने 121 इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए। एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, आईओटी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों के इन प्रोजेक्ट्स के जरिए स्टूडेंट्स की क्रिएटिविटी देखने को मिली।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इनके अवलोकन के लिए 15 इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मौजूदगी रही। एंकटेक सॉफ्टवेयर्स के संस्थापक व एमडी डॉ.आशीष जैन उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि और कुचोरिया टेकसॉफ्ट के संस्थापक अभिषेक शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। मेजबान पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. सुरेश चंद्र पाढ़ी ने काबिल इंजीनियर बनने में अनुभव आधारित सीखने और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 12:59:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प टैरिफ कम होने से 12 सौ करोड़ हो जाएगा हाड़ौती का निर्यात</title>
                                    <description><![CDATA[ अब पहले से भी कम टैरिफ, अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को यहां की वस्तुएं मिलेंगी सस्ती ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hadoti-s-exports-will-reach-1200-crore-rupees-due-to-the-trump-tariff-reduction/article-142050"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/trump&#039;s-tariffs-kam-hone-se-12-sau-crore-ho-jaega-hadoti-ka-niryat...kota-news-05.02.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए टैरिफ को पहले से भी कम करने की घोषणा की है। इससे हाड़ौती से अमेरिका में होने वाला निर्यात पहले से करीब डेढ़ गुना यानि करीब 12 सौ करोड़ रुपए का होने की संभावना है। साथ ही यहां से निर्यात होने वाले चावल, धनिया, कोटा स्टोन व सैंड स्टोन उद्योग में बढ़ोतरी होगी। अमेरिका द्वारा पूर्व में जहां भारत पर पारम्परिक शुल्क(टैरिफ) 25 फीसदी लगाया हुआ था। उसे कुछ समय पहले बढ़ाकर 50 फीसदी करने की घोषणा कर दी थी। उस घोषणा के साथ ही भारत से अमेरिका में निर्यात होने वाले सामान पर एक तरह से रोक लग गई थी। भारत उसे मानने को तैयार नहीं था और अमेरिका उसे कम करने को राजी नहीं था। ऐसे में भारत ने भी अमेरिका को किए जाने वाले निर्यात को बंद कर दिया था। इससे भारत के अलग-अलग राज्यों से होने वाले सामान का जहां निर्यात घटा था। वहीं उन वस्तुओं की अमेरिका में रहने वाले भारतीय को उपलब्धता होना या तो बंद हो गया था या फिर वह वस्तुएं महंगी हो गई थी।</p>
<p><strong>कई महीनों तक रही असमंजस की स्थिति</strong></p>
<p>ट्रम्प द्वारा टैरिफ बढ़ाने की घोषणा का असर हाड़ौती संभाग पर भी पड़ा था। यहां भी असमंजस की स्थिति बनी रही। जिससे यहां से अमेरिका को निर्यात होने वाले सामान पर रोक लगा दी गई थी। जिससे यहां से होने वाला निर्यात कम हो गया था। हालांकि इससे कोटा के कई उद्योग प्रभावित हुए। लेकिन इसी बीच प्रधानमंत्री द्वारा ब्रिटेन व यूरोप से जो ट्रेड डील की उससे और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से व्यापार व उद्योग में उम्मीद की किरण जगी थी।</p>
<p><strong>इन वस्तुओं का होता है निर्यात</strong></p>
<p>कोटा व हाड़ौती संभाग के अन्य जिलों से अमेरिका समेत कई अन्य देशों को चावल, धनिया, कोटा स्टोन, सैंड स्टोन, कैमिकल, आटे का निर्यात होता है। जिससे यहां के इन उद्योगों को अमेरिका में मार्केट उपलब्ध होता है। पहले जहां 25 फीसदी टैरिफ लगने से जितना निर्यात यहां से हो रहा था। उस टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने से अब उस निर्यात में बढ़ोतरी होगी।</p>
<p><strong>800 से 12 सौ करोड़ हो जाएगा निर्यात</strong></p>
<p>हाड़ौती से प्रमुख रूप से चावल, धनिया, कोटा स्टोन, सैंड स्टोन व कैमिकल का अमेरिका में अधिक निर्यात होता है। जिससे वहां रहने वाले भारतीयों को यहां के सामान उपलब्ध होते हैं। लेकिन ट्रम्प द्वारा टैरिफ बढ़ाने की घोषणा से यहां से निर्यात बंद कर दिया था। जिससे यहां से निर्यात तो कम हुआ था लेकिन उससे अधिक नुकसान अमेरिका में आयात घटने से वहां के लोगों को भारतीय वस्तुएं महंगी मिल रही थी। पूर्व में हाड़ौती से जहां करीब आठ सौ करोड़ रुपए सालाना निर्यात हो रहा था। अब टैरिफ पहले से भी कम होने से एक तरफ से अमेरिका ने काफी राहत दी है। जिससे हाड़ौती से निर्यात बढ़कर करीब 12 सौ करोड़ रुपए का हो जाएगा।</p>
<p><strong>- गोविंद राम मित्तल, संस्थापक अध्यक्ष, दी एसएसआई एसोसिएशन</strong></p>
<p><strong>अमेरिका में भारतीय को सस्ती मिलेगी वस्तुएं</strong></p>
<p>कोटा व हाड़ौती से काफी सामान विशेष रूप से खाद्यान से जुड़ी वस्तुओं का अमेरिका में अधिक निर्यात होता है। आटा, चावल व धनिया समेत कई ऐसी वस्तुए़ं हैं जिनकी वहां रहने वाले भारतीयों में अधिक डिमांड है। टैरिफ कम होने से यहां से निर्यात तो बढ़ेगा ही। साथ ही अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को यहां की वस्तुएं सस्ती मिलेगी। कुछ समय तक निर्यात बंद रहने से वहां कई वस्तुओं की कीमतें काफी अधिक बढ़ गई थी।</p>
<p><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव, कोटा व्यापार महासंघ</strong></p>
<p><strong>अमेरिका में मिलेगा अधिक मार्केट</strong></p>
<p>ट्रम्प टैरिफ कम होना भारत व हाड़ौती के लिए अच्छा संकेत है। इससे यहां से अमेरिका में जाने वाली वस्तुओं का निर्यात बढ़ेगा। यहां की वस्तुओं को अमेरिका में अधिक मार्केट मिलेगा। विशेष रूप से हाड़ौती से चावल, धनिया व अन्य वस्तुएं शामिल हैं।</p>
<p><strong>- मनोज राठी, अध्यक्ष, दी एसएसआई एसोसिएशन</strong></p>
<p><strong>आने वाले समय में होगा लाभ</strong></p>
<p>अमेरिका ने टैरिफ 25 से 50 फीसदी लगाने की घोषणा की थी। जिससे हाड़ौती से वहां होने वाले निर्यात को बंद कर दिया था। जिससे यहां का उद्योग व व्यापार तो प्रभावित हुआ ही था साथ ही सबसे अधिक नुकसान अमेरिका को भी हुआ था। लेकिन अब पहले से कम टैरिफ करने से इसका आने वाले समय में अधिक लाभ होगा। हाड़ौती के व्यापार व उद्योग को फिर से आर्थिक लाभ होगा।</p>
<p><strong>- अनिल मूंदड़ा, अध्यक्ष कैट</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 15:18:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सांसद लुंबाराम चौधरी ने किया मेगा एग्जीबिशन &quot;विजन राजस्थान&quot; के  पोस्टर का लोकार्पण </title>
                                    <description><![CDATA[जालौर-सिरोही में 19 से 21 जनवरी 2026 तक मेगा एग्जीबिशन विजन राजस्थान आयोजित होगा। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्टार्टअप, रक्षा और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों की उपलब्धियां प्रदर्शित होंगी। सांसद लुंबाराम चौधरी ने कहा कि यह आयोजन निवेश, नवाचार और प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mp-lumbaram-chaudhary-inaugurates-poster-of-mega-exhibition-vision-rajasthan/article-132474"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/500-px)-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजस्थान राज्य में निवेश के नए अवसर खोलने और स्थानीय स्तर पर कौशल व रोजगार के नए आयाम विकसित करने के लिए जालौर-सिरोही जिले में मेगा एग्जीबिशन विजन राजस्थान का आयोजन होने जा रहा है। इसमें कृषि, उद्योग, शिक्षा, तकनीकी अनुसंधान, स्टार्टअप, स्वास्थ्य, पर्यटन, रक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों का प्रदर्शन होगा। जालौर- सिरोही से सांसद लुंबाराम चौधरी ने मेगा एग्जीबिशन विजन राजस्थान 2026 का पोस्टर लोकार्पण करते हुए कहा कि यह आयोजन राजस्थान में निवेश, कौशल, नवाचार और विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा। सांसद चौधरी ने बताया कि यह भव्य प्रदर्शनी 19, 20 और 21 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। </p>
<p><strong>प्रदेश को मुख्य धारा में मजबूती से स्थापित किया जा सकेगा</strong></p>
<p>सांसद ने अपेक्षा जताई कि इस कार्यक्रम से प्रदेश के हर वर्ग युवा, महिला, किसान, उद्योगपति और शोधकर्ता को समान रूप से लाभ मिलेगा और राजस्थान को राष्ट्रीय विकास की मुख्य धारा में और अधिक मजबूती से स्थापित किया जा सकेगा।  सांसद चौधरी ने यह भी कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि विजन राजस्थान 2026 के माध्यम से राज्य के अगले दशक के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करेगा। </p>
<p><strong>प्रदेश के समग्र विकास का अभियान</strong></p>
<p>लुंबाराम ने कहा कि विजन राजस्थान 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का अभियान है, जो युवाओं, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत को साझा मंच प्रदान करेगा।  सांसद चौधरी ने यह भी कहा कि सिरोही सहित पूरे प्रदेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच मिलेगा और इस आयोजन से हर वर्ग को लाभ पहुंचेगा। यह एग्जिÞबिशन इन संभावनाओं को न केवल पहचान देगा, बल्कि उन्हें वास्तविक विकास में बदलने का कार्य करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 10:48:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चौमहला से मजदूर पलायन को मजबूर, सरकार से उद्योग लगाने की आस</title>
                                    <description><![CDATA[रेल और सड़क कनेक्टिविटी होने के बाद भी युवा बेरोजगार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/laborers-forced-to-migrate-from-chaumhala/article-104033"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(4)17.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। गंगधार उपखंड क्षेत्र की प्रमुख व्यापारिक मंडी एवं दिल्ली मुंबई सेंट्रल रेलवे लाइन पर स्थित चौमहला क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग नहीं होने से बेरोजगारों के सामने रोजगार व मजदूरों के सामने दूसरी जगह पलायन का संकट बना हुआ है। क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क व रेल जैसे बुनियादी ढांचे की उपलब्धता व  चंबल, शिप्रा, छोटी काली सिंध जैसी प्रमुख नदियां होते हुए भी कस्बा बरसों से एक अदद उद्योग को तरस रहा है। क्षेत्र के पढ़े लिखे बेरोजगार युवा और मजदूर वर्ग के लोग नई सरकार से उद्योग की आस लगाए बैठे हैं। झालावाड़ जिले की डग विधान सभा क्षेत्र के गंगधार उपखंड के चौमहला क्षेत्र में  रोजगार के कोई  प्रमुख साधन बड़ा उद्योग नहीं होने के कारण क्षेत्र के पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं और मजदूरों के पास जीवन यापन का कोई ठोस आधार नहीं है। इस कारण यहां के युवा बेरोजगार व मजदूर पलायन कर अपने दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए जा रहे हैं।</p>
<p>क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जलवायु उद्योग के लिए काफी अनुकूल है। साथ ही बिजली, पानी की भी समुचित उपलब्धता है। वहीं चौमहला झालावाड़ जिले की डग विधान सभा क्षेत्र के गंगधार उपखंड की मुख्य व्यापारिक मंडी है। तहसील गंगधार क्षेत्र में 116 गांव आते हैं। जिसकी आबादी करीब सवा लाख  है। डग व गंगधार तहसील मिलाकर 191 गांव हैं जिसकी आबादी करीब दो लाख है। इतने बड़े क्षेत्र के लिए आजादी के बाद से कोई उद्योग नहीं होने से लोगों को अपना घर बार छोड़ कर दूसरी जगह जाना पड़ता है। क्षेत्र के बाशिंदों का कहना है कि चौमहला क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग खुलना चाहिए। जिससे क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। इसके लिए सभी दलों के जनप्रतिनिधियों को सामूहिक रूप से प्रयास करने चाहिए।</p>
<p><strong>व्यापार संघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र</strong><br />खाद्य एवं किराना व्यापार संघ अध्यक्ष पवन पिछोलिया ने मुख्य मंत्री, सांसद दुष्यंत सिंह, विधायक कालूराम मेघवाल को पत्र लिख कर आगामी बजट में चौमहला क्षेत्र में औद्योगिक इकाई स्वीकृत करने की मांग की है। पत्र में लिखा कि प्रयास कर बजट में चौमहला क्षेत्र में किसी बड़े उद्योग की स्वीकृति कराई जाए।  पत्र में बताया कि क्षेत्र में पानी की प्रचुर मात्रा उपलब्ध है व बड़े बांध प्रस्तावित हैं। औद्योगिक इकाई के लिए पठारी भूमि, दिल्ली मुंबई रेल मार्ग, नदियों की उपलब्धता है।</p>
<p><strong>रेल व सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध</strong><br />क्षेत्र में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे 8 लाइन, गरोठ उज्जैन इंदौर फोर लाइन समीप ही है। जिससे देश के हर कोने में वाहन से माल की सप्ेलाई हो सकती है। वहीं चौमहला पश्चिम रेलवे के दिल्ली-मुंबई मुख्य व सीधी रेल लाइन पर स्थित है। क्षेत्र में भयंकर बेरोजगारी है। जिससे श्रमिकों की उपलब्धता की भी कोई समस्या नहीं है। रोजगार नहीं होने से श्रमिक अन्य राज्यों में मजदूरी के जाते हैं। अगर यहां कोई बड़ा उद्योग लगता है तो आसानी के साथ श्रम बल भी उपलब्ध होगा और क्षेत्र के लोगों को अपना घर, गांव व कस्बा छोड़कर अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। क्षेत्र में शांत वातावरण के सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बड़ा उद्योग लगाने से क्षेत्र का विकास होगा।</p>
<p>क्षेत्र में कोई उद्योग नहीं होने से बेरोजगारी है। श्रमिक मजदूरी के लिए अन्य राज्यों में पलायन करते है। यहां बिजली, पानी, पठारी जमीन के साथ रेल व सड़क का साधन उपलब्ध है। यहां कोई उद्योग फैक्ट्री खुलनी चाहिए। इसको लेकर मुख्यमंत्री,सांसद, विधायक को भी पत्र लिखा है।<br /><strong>- पवन पिछोलिया, अध्यक्ष खाद्य एवं किराना व्यापार संघ चौमहला</strong></p>
<p>कोई औद्योगिक इकाई खुले इसके लिए  प्रयास किए जा रहे है। इस विषय में विधायक को ज्ञापन भी दिया गया है। उद्योग खुलने से बेरोजगारी कम होगी रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।<br /><strong>- गौतम जैन, भाजपा मंडल अध्यक्ष</strong></p>
<p>चौमहला क्षेत्र में कोई औद्योगिक इकाई खुलती है। क्षेत्र का विकास होगा। बेराजगारी कम होगी।<br /><strong>- जगदीश अग्रवाल, ग्रेन व्यवसाई</strong></p>
<p>क्षेत्र में औद्योगिक इकाई खुले इसके लिए प्रयास जारी है।<br /><strong>- कालूराम मेघवाल, विधायक डग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 16:46:37 +0530</pubDate>
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                <title>तेल, दाल, आटा, मसाला उद्योग तीन दिन करेंगे सद्बुद्धि यज्ञ</title>
                                    <description><![CDATA[तेल, दाल. आटा, मसाला उद्योगों को बन्द भी किया जा सकता है, जिसकी सारी जिम्मेवादी राज्य सरकार की होगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/oil-pulses-flour-spice-industry-will-perform-sadbuddhi-yagya-for/article-100621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल तथा राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के तत्वावधान में आयोजित सभा में राजस्थान के तेल मिल, आटा मिल, दाल मिल तथा मसाला उद्योग के उद्योगपत्ति एक साथ उपस्थित हुए और निर्णय लिया कि राज्य सरकार 30 जनवरी से पहले बाहर से आयात की गयी कृषि जिंस पर राजस्थान में मण्डी सेस तथा कृषक कल्याण फीस नहीं लगने का निर्णय नहीं करती है, तथा साथ ही पुरानी मीलों को नयी मीलों की तरह रिप्स में छूट नहीं देती है, तो राज्य की तेल मीलें, आटा मीलें. दाल मीलें, मसाला उद्योग राज्य सरकार को चेतावनी के लिये दिनांक 1, 2, 3 फरवरी 2025 को सद्बुद्धि यज्ञ करेंगे। अपने-अपने शहर व कस्बों में सामूहिक यज्ञ आयोजित किये जायेंगे। यदि फिर भी राज्य सरकार हमारी मांग नहीं मानती है, तो 4 फरवरी को जयपुर में बड़ी सभा आयोजित की जायेगी, जिसमें आंदोजन की अग्रिम रूपरेखा तय की जायेगी। आवश्यक हुआ तो तेल, दाल. आटा, मसाला उद्योगों को बन्द भी किया जा सकता है, जिसकी सारी जिम्मेवादी राज्य सरकार की होगी।</p>
<p>आयोजित सभा में मस्टर्ड ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल डाटा तथा राष्ट्रीय मंत्री अनिल चतर के साथ प्रान्त के तेल मिल एसोसिएशन के सदस्यों ने तथा प्रदेश दाल मिल महासंघ समिति, राजस्थान के अध्यक्ष विमल बड़जात्या, पवन अग्रवाल, जयपुर दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबूलाल गोयल सहित एसोसिएशन के अन्य सदायों ने, राजस्थान रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष गोविन्द ग्रोवर, मंत्री भानूप्रकाश गर्ग व एसोसिएशन के अन्य सदस्यों ने,नेशनल ऑयल्स मैन्यूफैक्चरर्स एण्ड रिपैकर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मुरारका तथा एसोसिएशन के अन्य सदस्यों ने, राजस्थान मसाला उद्योग व्यापार संघ के प्रान्तीय मंत्री दिनेश अग्रवाल एवं एसोसिएशन के सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज की।</p>
<p>भारतीय उद्योग व्यापर मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमेन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने रोष व्यक्त किया कि राज्य सरकार राईजिंग राजस्थान का सम्मेलन आयोजित कर तथा रिप्स में नयी मीलों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाकर नए उद्योग लगाना चाहती है, परन्तु सभी उद्योगों के लिये राज्य के बाहर से दलहन, गेहूँ, तिलहन एवं मसाले आयात करने पर दुबारा गण्डी सेस तथा कृषक कल्याण फीस लेती हैं, जिसका उद्योगों पर विपरीत प्रभाव पडता है। चैरिटी नहीं आने के कारण पुरानी मीलें बन्द होती जा रही हैं, इसलिये आवश्यक है कि आयातित कृषि जिन्स पर राज्य में मण्डी सेस तथा कृषक कल्याण फीस नहीं लगाई जाएं। नयी मीलों की तरह पुरानी मीलों को भी रिप्स में छूट दी जायें तथा अन्य दी जाने वाली सब्सिडी भी पुरानी मीलों को उपलब्ध करवाई जाएं। यह उद्योग किसान के हित में तथा उपभोक्ताओं के हित में है। यदि राज्य सरकार 31 जनवरी तक आदेश नहीं पारित करती है, तो 1, 2, 3 फरवरी को सामूहिक सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किये जाएंगे और 4 फरवरी को संयुक्त सभा आयोजित कर आन्दोलन की अग्रिम रूपरेखा तय की जायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 16:55:01 +0530</pubDate>
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