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                <title>Khel Samachar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सेमीफाइनल में हारे बजरंग पूनिया: अजरबैजान के हाजी एलियेव ने 12-5 से दी शिकस्त, अब ब्रॉन्ज के लिए लड़ेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[टोक्यो ओलंपिक में भारत की स्वर्ण पदक की उम्मीद पहलवान बजरंग पूनिया शुक्रवार को टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग कुश्ती के सेमीफाइनल मुकाबले में ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता और 3 बार के विश्व चैंपियन अजरबैजान के हाजी एलियेव से 5-12 से हार गए। बजरंग अब कांस्य पदक के लिए रेपेचेज मुकाबले के विजेता से खेलेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%85%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%87%E0%A4%B5-%E0%A4%A8%E0%A5%87-12-5-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4--%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87/article-1373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e8gvu1owyaiyvgm.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और टोक्यो ओलंपिक में भारत की स्वर्ण पदक की उम्मीद पहलवान बजरंग पूनिया शुक्रवार को टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग कुश्ती के सेमीफाइनल मुकाबले में ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता 3 बार के विश्व चैंपियन अजरबैजान के हाजी एलियेव से 5-12 से हार गए। बजरंग अब कांस्य पदक के लिए रेपेचेज मुकाबले के विजेता से खेलेंगे। एलियेव के खिलाफ मुकाबले में बजरंग शुरुआत से आक्रामक दिखाई दिए और उन्होंने मुकाबले का पहला अंक अलीयेव को पैसिविटी समय की पेनल्टी मिलने से हासिल किया, लेकिन अलीयेव ने वापसी करते हुए लगातार दो-दो अंक हासिल किए और पहले राउंड को 4-1 की बढ़त के साथ समाप्त किया। अलीयेव ने दूसरे राउंड में बजरंग के टखनों को पकड़ा और उन्हें दो बार उमेठते हुए 4 अंक हासिल कर लिए। <br /> <br /> अलीयेव के पास अब मजबूत बढ़त हो चुकी थी। बजरंग ने वापसी करने की कोशिश की लेकिन उनके पास अलीयेव की तकनीकी श्रेष्ठता और ताकत का कोई जवाब नहीं था। अलीयेव ने अंक बटोरते हुए यह मुकाबला 12-5 से जीत लिया और फाइनल में पहुंच गए, जहां उनका मुकाबला 2018 के विश्व चैंपियन जापान के ताकुतो ऑटोगरो से होगा। इससे पहले बजरंग ने ईरान के मोर्टेजा घियासी को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। इस मुकाबले में बजरंग पूनिया ने पहले राउंड में डिफेंसिव खेल दिखाया। मैच रेफरी ने उनके खिलाफ पैसिविटी समय (असक्रिय रहने का जुर्माना) शुरू किया, जिसके चलते मोर्टेजा को एक अंक जरूर मिला, लेकिन बजरंग घबराए नहीं। पहले राउंड के बजरंग 0-1 से पिछड़ते दिखे, हालांकि मुकाबले के आखिर के कुछ समय में बजरंग ने पहले एक अंक हासिल किया और फिर अपने विरोधी को चित करके मुकाबला जीत लिया। इससे पहले उन्होंने प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकमातालिएव एर्नाजार को हराया था।<br /> <br /> <strong>भारतीय पहलवान सीमा बिस्ला का ओलंपिक अभियान खत्म</strong><br /> ट्यूनीशिया की सारा हामदी के शुक्रवार को महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती के 50 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 3 बार की ओलंपिक पदक विजेता अजरबैजान की मारिया स्टैडनिक से हारने के साथ ही भारतीय पहलवान सीमा बिस्ला का टोक्यो ओलंपिक अभियान खत्म हो गया। सीमा महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती के 50 किग्रा वर्ग के अपने शुरुआती मुकाबले में ट्यूनीशिया की सारा हामदी से हार गईं थी। हालांकि सीमा के पास सारा के फाइनल में पहुंचने के बाद कांस्य पदक मैच में चुनौती पेश करने का मौका था, लेकिन हामदी की हार के साथ ही वह ओलंपिक से बाहर हो गईं। 2019 अफ्रीकी खेलों की रजत पदक विजेता सारा ने 29 वर्षीय सीमा को शुरुआती मुकाबले में 3-1 से मात दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Aug 2021 17:32:46 +0530</pubDate>
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                <title>ब्रॉन्ज मेडल से चूकीं महिला हॉकी टीम: कांटे के मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन ने 4-3 से हराया, मोदी बोले- टीम पर गर्व है</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय महिला हॉकी टीम शुक्रवार को रियो ओलंपिक 2016 के स्वर्ण पदक विजेता ग्रेट ब्रिटेन से हारकर टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने से चूक गई। इस कांटे के मुकाबले में भारत को ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 3-4 से हार का सामना करना पड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE--%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%A8%E0%A5%87-4-3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87--%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%B9%E0%A5%88/article-1363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e8fzr4gucaeex3p.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। भारतीय महिला हॉकी टीम शुक्रवार को रियो ओलंपिक 2016 के स्वर्ण पदक विजेता ग्रेट ब्रिटेन से हारकर टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने से चूक गई। इस कांटे के मुकाबले में भारत को ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 3-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ग्रेट ब्रिटेन की महिला हॉकी टीम ने ओवरऑल अपना चौथा ओलंपिक और तीसरा कांस्य पदक जीता। मैच की बात करें तो दोनों टीमों ने पोडियम पर समाप्त करने के लिए अपनी जी जान लगा दी। पहला क्वार्टर में दोनों ओर से गोल के प्रयास किए गए, लेकिन डिफेंस अच्छा रहने के कारण कोई भी टीम खाता नहीं खोल पाई और शून्य के स्कोर के साथ पहला क्वार्टर समाप्त हुआ।<br /> <br /> फिर दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही ग्रेट ब्रिटेन की तरफ से एक गोल किया गया। फॉरवर्ड रेयर ऐलेना सियान ने 16वें मिनट में फील्ड गोल करके ब्रिटेन को 1-0 से बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर का दूसरा गोल भी ग्रेट ब्रिटेन की तरफ से आया। मिडफील्डर रॉबर्टसन सारा ने 24वें मिनट में यह गोल किया। 2-0 से पिछडऩे के बाद भारतीय टीम ने वापसी की और 25वें, 26वें और 29वें मिनट में लगातार 3 गोल दागे। डिफेंडर गुरजीत कौर ने 25वें और 26वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया, जबकि 29वें मिनट में फॉरवर्ड वंदना कटारिया ने फील्ड गोल किया। इन तीन शानदार गोलों के साथ भारत ने दूसरे क्वार्टर की समाप्ति 3-2 की मजबूत स्थिति में रहते हुए की।<br /> <br /> इसके बाद तीसरे क्वार्टर में 35वें मिनट में कप्तान पीयरने-वेब होली ने शानदार गोल कर ग्रेट ब्रिटेन को 3-3 से बराबरी पर ला कर खड़ा कर दिया। फिर 47वें मिनट तक मैच बराबरी पर रहा, लेकिन डिफेंडर बाल्सडन ग्रेस ने 48वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करके ग्रेट ब्रिटेन को 4-3 से बढ़त दिला दी। इसके बाद बचे मैच के आखिरी 12 मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों ने एक गोल की तलाश में काफी मशक्कत की, लेकिन उनकी कोशिशें सफल नहीं हुईं और ग्रेट ब्रिटेन ने मैच को 4-3 से जीत लिया। <br /> <br /> <strong>महिला हॉकी टीम पर गर्व: मोदी</strong><br /> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की महिला हॉकी टीम में नए भारत की भावना परिलक्षित होती है और इस टीम पर गर्व है। मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि महिला हॉकी में हम मामूली अंतर से पदक से चूक गए लेकिन इस टीम में नए भारत की भावना प्रकट होती है, जहां हम अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं तथा नए आयाम हासिल करते हैं। इसके अलावा ओलंपिक में इनकी सफलता देश की युवा बेटियों को हॉकी खेलने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा देगी। इस टीम पर गर्व है। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा की हम महिला हॉकी टीम के टोक्यो 2020 में शानदार प्रदर्शन को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने सभी मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम का प्रत्येक खिलाड़ी साहस, कौशल और दृढ़ निश्चय वाला है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 06 Aug 2021 17:24:33 +0530</pubDate>
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                <title>टोक्यो ओलंपिक: भारतीय रेसलर रवि दहिया ने जीता रजत पदक, फाइनल में रूसी पहलवान ने दी शिकस्त</title>
                                    <description><![CDATA[कुश्ती इवेंट में भारत को गोल्ड मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है। 57 किग्रा वेट कैटेगरी के फाइनल मुकाबले में रवि दहिया को 2 बार के वर्ल्ड चैंपियन रूस के जावुर युगुऐव ने 7-4 से हराया। इस हार के साथ रवि को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BF-%E0%A4%A6%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A4%95--%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4/article-1362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e8bd7_zvgag8mss.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। कुश्ती इवेंट में भारत को गोल्ड मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है। 57 किग्रा वेट कैटेगरी के फाइनल मुकाबले में रवि दहिया को 2 बार के वर्ल्ड चैंपियन रूस के जावुर युगुऐव ने 7-4 से हराया। इस हार के साथ रवि को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा है। रवि कुमार दहिया ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले भारत के दूसरे पहलवान हैं। इससे पहले सुशील कुमार 2012 ओलंपिक में फाइनल में पहुंच कर सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।</p>
<p>इससे पहले सेमीफाइनल में रवि ने कजाकिस्तान के सनायेव नूरीस्लाम को हराकर फाइनल में प्रवेस किया था। सेमीफाइनल में रवि कुमार एक समय 8 पॉइंट से पीछे चल रहे थे। इस दौरान लगा कि वे हार जाएंगे, लेकिन 1 मिनट बाकी रहते रवि ने कजाकिस्तानी पहलवान को चित किया और मुकाबले से ही बाहर कर दिया। उन्हें विक्ट्री बाय फॉल रूल से विजेता करार दिया गया।</p>
<p><strong>आखिरी मिनट में ब्रॉन्ज चूके दीपक पूनिया</strong></p>
<p>टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय पहलवान दीपक पूनिया को 86 किग्रा वेट कैटेगरी के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। सैन मैरिनो के नाजेम मायलेस एमिने ने उन्हें 4-2 से शिकस्त दी। शुरुआत में दीपक 2-1 से आगे थे, लेकिन इसके बाद नाजेम ने सिंगल लेग अटैक के जरिए दो पॉइंट जुटाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया। भारतीय दल ने फैसले के खिलाफ अपील की, जो उनके खिलाफ गई। इससे विरोधी पहलवान को 1 पॉइंट और मिल गया और उसने बाउट 4-2 से जीत ली।</p>
<p><strong>विनेश फोगाट क्वार्टर फाइनल में हारीं</strong></p>
<p>विश्व नंबर एक भारतीय पहलवान विनेश फोगाट महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा कुश्ती के क्वार्टर फाइनल में बुल्गारिया की वेनेसा कलाडजिंस्काया से हार गईं। वेनेसा शाम को सेमीफाइनल में हार गईं और उनकी हार के साथ विनेश की रेपेचेज में जाने की उम्मीदें समाप्त हो गईं। बुल्गारियन पहलवान ने शुरू से ही मुकाबले में आक्रामकता दिखाई और शुरुआत में ही 2-0 की बढ़त ले ली। हालांकि विनेश ने वापसी करते हुए दो अंक लिए, लेकिन अंत में वेनेसा ने विनेश को 9-3 से पस्त करते हुए मुकाबला जीत लिया। विनेश के पास रेपचेज राउंड में पहुंचकर कांस्य पदक जीतने का मौका था, बशर्ते वेनेसा फाइनल में पहुंचे। वेनेसा ने चीन की पहलवान के खिलाफ एक-एक करके दो अंक बनाए लेकिन अंतिम मिनट में चीन की पहलवान पांग कियान्यू ने दो अंक एक साथ लिए जो उन्हें फाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त थे। चीनी पहलवान के जीतने के साथ ही विनेश की रेपेचेज में उतरने की उम्मीदें टूट गईं और उनकी चुनौती भी समाप्त हो गई।</p>
<p><strong>पहलवान अंशु मलिक कांस्य लाने में असफल</strong></p>
<p>युवा भारतीय पहलवान अंशु मलिक के महिला फ्रीस्टाइल 57 किग्रा भार वर्ग के रेपचेज राउंड में रूसी ओलंपिक समिति (आरओसी) की वेलेरिया कोब्लोवा से हारने के बाद टोक्यो ओलंपिक में एक और कांस्य पदक की उम्मीद टूट गई। वेलेरिया ने अंशु को 5-1 से मात दी। रूसी पहलवान ने मुकाबले की शुरुआत में ही 1 अंक लेकर अंशु पर दबाव बनाया, लेकिन भारत की इस युवा पहलवान ने जवाबी हमला बोला और एक अंक हासिल कर स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया, लेकिन मैच के अंत में वेलेरिया ने दांव दिखाए और सीधे 4 अंक हासिल कर 5-1 से मुकाबला जीत लिया। अंशु को इससे पहले प्री क्वार्टर फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा था। इस मुकाबले में उन्हें बुल्गारिया की इरियाना कुराचकिना ने 8-2 से हराया था।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 05 Aug 2021 17:50:40 +0530</pubDate>
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                <title>टोक्यो ओलंपिक: हॉकी में पदक का सूखा खत्म, 41 साल बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जीता ब्रॉन्ज मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने गुरुवार को टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी को हराकर कांस्य पदक जीत लिया और 41 वर्षों से चला आ रहा पदक का सूखा खत्म कर दिया। 1980 के मॉस्को ओलंपिक खेलों के बाद यह भारत का पहला ओलंपिक हॉकी पदक है। यह ओलंपिक के इतिहास में भारत का तीसरा हॉकी कांस्य पदक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%B9%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%96%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE--41-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%B7-%E0%A4%B9%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2/article-1351"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/2021-08-05~ogugo_nl.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने गुरुवार को टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी को हराकर कांस्य पदक जीत लिया और 41 वर्षों से चला आ रहा पदक का सूखा खत्म कर दिया। 1980 के मॉस्को ओलंपिक खेलों के बाद यह भारत का पहला ओलंपिक हॉकी पदक है। यह ओलंपिक के इतिहास में भारत का तीसरा हॉकी कांस्य पदक है। अन्य दो कांस्य पदक 1968 मेक्सिको सिटी और 1972 म्यूनिख खेलों में आए थे। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ओवरऑल ओलंपिक में 12 पदक जीते हैं, जिसमें 8 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं।<br /> <br /> मैच की बात करें तो दोनों टीमों ने अपनी ताकत के साथ हॉकी खेली। जर्मनी शुरुआत में भारत के मुकाबले थोड़ा हावी रहा। दूसरे मिनट में पहला गोल भी जर्मनी की तरफ से ही हुआ। मिडफील्डर ओरुज तिमूर ने शानदार गोल करते हुए टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। इसके बाद भारत ने एक गोल की तलाश में आक्रामकता दिखाई, लेकिन गोल नहीं हो पाया और पहला क्वार्टर 1-0 के स्कोर पर समाप्त हुआ। दूसरा क्वार्टर शुरू होते ही भारत को वो गोल मिला, जिसकी उसे तलाश थी। फॉरवर्ड सिमरनजीत सिंह ने 17वें मिनट में शानदार गोल दागकर टीम को बेहद जरूरी 1-1 की बराबरी कराई, हालांकि इसके बाद जर्मनी ने एक-एक मिनट के अंतराल में दो गोल करके अपनी बढ़त को 3-1 कर लिया। फॉरवर्ड वेलेन निकलस और फुर्क बेनेडिक्ट ने क्रमश: 24वें और 25वें मिनट में ये गोल दागे। <br /> <br /> भारतीय खिलाड़ियों ने 3-1 से पिछड़ने के बाद तेजी दिखाई, जिसका अच्छा परिणाम मिला। भारत 27वें और 29वें मिनट में दो पेनल्टी कॉर्नर लेने में कामयाब हुआ। मिडफील्डर हार्दिक सिंह और डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह ने इन मौकों को भुनाया और गोल करके टीम को 3-3 से बराबरी कराई। इसी के साथ दूसरा क्वार्टर समाप्त हुआ। इसके बाद मैच में भारत ने पकड़ बनाए रखी। दूसरे क्वार्टर में मिली लय को बरकरार रखते हुए टीम ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही 2 गोल दागे और 5-3 की मजबूत बढ़त ले ली। 31वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी डिफेंडर रुपिंदर पाल सिंह ने गोल में तब्दील किया। इसके ठीक 3 मिनट बाद 34वें मिनट में सिमरनजीत सिंह ने फिर अपना जलवा दिखाया और एक शानदार गोल किया। गोल के साथ-साथ भारत ने डिफेंस में भी अच्छा काम किया। गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कई मौकों को गोल में तब्दील होने से बचाया। <br /> <br /> तीसरे क्वार्टर में 3-5 से पीछे रहने के बाद चौथे क्वार्टर में जर्मनी ने आक्रामक रुख अपनाया और एक गोल के लिए जी जान लगा दी और वह अपनी कोशिश में कामयाब हुआ। डिफेंडर विंडफेडर लुकास ने मैच के 48वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। इस गोल के साथ जर्मनी ने स्कोर को 4-5 कर दिया। मैच के अंतिम पलों में भारत ने अपने डिफेंस पर ज्यादा ध्यान दिया, हालांकि जर्मनी ने स्कोर लेवल करने के उद्देश्य से गोलकीपर को हटाकर एक अन्य अटैकर को मैदान पर बुलाया, लेकिन वह इसका लाभ नहीं उठा सका और मैच गंवा दिया। जर्मनी को जहां निराशा हाथ लगी तो वहीं भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों बाद ओलंपिक पदक जीत कर देश को गौरवान्वित किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Aug 2021 17:40:35 +0530</pubDate>
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                <title>भारत का चौथा मेडल पक्का: कुश्ती के फाइनल में पहलवान रवि दहिया, दीपक दहिया सेमीफाइनल में हारे</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने इतिहास रचते हुए भारत का चौथा मेडल पक्का कर दिया। उन्होंने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में कजाकिस्तान के सनायव नूरिस्लाम को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BF-%E0%A4%A6%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A4%95-%E0%A4%A6%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87/article-1350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e77-wknxmaioobg.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने इतिहास रचते हुए भारत का चौथा मेडल पक्का कर दिया। उन्होंने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में कजाकिस्तान के सनायव नूरिस्लाम को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब फाइनल गुरुवार को होगा, जहां वह गोल्ड या सिल्वर के लिए दांव लगाएंगे। रवि कुमार शुरुआती मुकाबले में पिछड़ गए थे और 7-9 से पीछे चल रहे थे, लेकिन 1 मिनट बाकी रहते रवि ने कजाक पहलवान को चित करते हुए मुकाबले से ही बाहर कर दिया। उन्हें विक्ट्री बाय फॉल रूल से विजेता करार दिया गया। <br /> <br /> उधर, दीपक पूनिया 86 किलोग्राम वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में हार गए। उन्हें अमेरिकी पहलवान डेविड मॉरिस टेलर ने एकतरफा अंदाज में 10-0 से शिकस्त दी। हालांकि अभी दीपक के लिए ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीद बरकरार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Aug 2021 16:28:41 +0530</pubDate>
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                <title>टोक्यो ओलंपिक: वर्ल्ड नंबर-1 बॉक्सर से सेमीफाइनल में 5-0 से हारीं लवलीना, ब्रॉन्ज मेडल से करना पड़ा संतोष</title>
                                    <description><![CDATA[ओलंपिक के बॉक्सिंग इंवेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा है। 69 किलो वेल्टरवेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में लवलीना को वर्ल्ड नंबर 1 मुक्केबाज तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली ने 5-0 से हराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%A8%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%B0-1-%E0%A4%AC%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-5-0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%BE--%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%B7/article-1343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e77nmx0vgag9_xj.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। ओलंपिक के बॉक्सिंग इंवेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन की चुनौती सेमीफाइनल में हार के साथ समाप्त हो गई और फाइनल में जाने का सपना टूट गया। इस हार के साथ लवलीना को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। बुधवार को 69 किलो वेल्टरवेट कैटेगरी के सेमीफाइनल में लवलीना को वर्ल्ड नंबर 1 मुक्केबाज तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली ने 5-0 से हराया।</p>
<p>सेमीफाइनल मुकाबले में बुसेनाज ने शुरुआत से ही लवलीना पर दबाव बनाया, हालांकि लवलीना ने कुछ पंच लगाए, लेकिन बुसनेज तीनों राउंड में उन पर हावी रहीं और सर्वसम्मत फैसले से लवलीना को 5-0 से हरा दिया। बुसनेज अब शनिवार को स्वर्ण पदक मैच में चीन की गु होंग से भिड़ेंगी।</p>
<p> </p>
<p>लवलीना बोरगोहेन ओलंपिक मुक्केबाजी इवेंट में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय बॉक्सर बन गई हैं। इससे पहले विजेंदर सिंह और एमसी मैरीकॉम यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। विजेंदर सिंह ने बीजिंग ओलंपिक (2008) के मिडिलवेट कैटेगरी में कांस्य पदक जीता था, जबकि मैरीकॉम ने लंदन ओलंपिक (2012) में फ्लाइवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Aug 2021 16:19:41 +0530</pubDate>
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                <title>टोक्यो ओलंपिक: जेवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज चोपड़ा, पहले प्रयास में फेंका 86.65 मीटर का थ्रो</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने अपने टोक्यो ओलंपिक अभियान का शानदार आगाज किया है। उन्होंने बुधवार को क्वालीफिकेशन राउंड में अपने पहले प्रयास में 86.65 मीटर के थ्रो के साथ सीधे क्वालीफिकेशन से पुरुषों के भाला फेंक फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%9C-%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE--%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE-86-65-%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B/article-1340"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e768iftuuaqmjz6.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। 2018 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने अपने टोक्यो ओलंपिक अभियान का शानदार आगाज किया है। उन्होंने बुधवार को क्वालीफिकेशन राउंड में अपने पहले प्रयास में 86.65 मीटर के थ्रो के साथ सीधे क्वालीफिकेशन से पुरुषों के भाला फेंक फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। उल्लेखनीय है कि फाइनल के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लिए योग्यता चिन्ह 83.50 रखा गया।</p>
<p> </p>
<p><strong>शिवपाल सिंह फाइनल में पहुंचने में नाकाम</strong><br /> उधर शिवपाल सिंह क्वालीफिकेशन राउंड में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे और इसके साथ ही उनका टोक्यो ओलंपिक का सफर भी खत्म हो गया। शिवपाल अपने तीनों प्रयासों में 80 के चिन्ह पर भी नहीं पहुंच पाए। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 76.40 का रहा, जो क्वालीफाई करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं रहा। तीनों प्रयासों में क्रमश: 76.40, 74.80 और 74.81 मीटर के थ्रो के साथ वह ग्रुप बी में 12वें स्थान पर रहे, जबकि पाकिस्तान के भाला फेंक एथलीट अरशद नदीम सर्वश्रेष्ठ 85.16 मीटर के थ्रो के साथ ग्रुप टॉपर रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Aug 2021 16:14:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टोक्यो ओलंपिक: फाइनल में जाने से चूकी भारतीय पुरुष हॉकी टीम, बेल्जियम ने 5-2 से हराया</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय पुरुष हॉकी टीम फाइनल की रेस से बाहर हो गई है। उसे सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व चैम्पियन बेल्जियम के हाथों 5-2 से करारी हार मिली है। भारतीय टीम को इस मुकाबले में कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन खिलाड़ी इनको भुनाने में नाकाम रही। हालांकि टीम इंडिया के पास अब भी मेडल जीतने का मौका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%B7-%E0%A4%B9%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE--%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-5-2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE/article-1331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-08/e7tbnbjvcaq6gqx.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। भारतीय पुरुष हॉकी टीम फाइनल की रेस से बाहर हो गई है। उसे सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व चैम्पियन बेल्जियम के हाथों 2-5 से करारी हार मिली है। बेल्जियम के लिए एलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने 19वें, 49वें और 53वें, लोइक लुयार्ट ने दूसरे और जॉन-जॉन डोहमेन ने 60वें मिनट में गोल दागा। वहीं भारत के लिए हरमनप्रीत सिंह ने 7वें और मंदीप सिंह ने 9वे मिनट में गोल किया। हालांकि टीम इंडिया के पास अब भी मेडल जीतने का मौका है। इस हार के बाद भारतीय टीम अब कांस्य पदक के लिए खेलेगी। अब ब्रॉन्ज मेडल के लिए भारत को गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया या जर्मनी के साथ मशक्कत करनी होगी। अगर भारतीय टीम वह मुकाबला जीत लेती है तो 41 साल बाद पुरुष हॉकी टीम को ओलिंपिक मेडल मिलेगा।<br /> <br /> दोनों टीमों ने मैच के पहले क्वार्टर में धमाकेदार शुरुआत की, लेकिन लोइक लुयार्ट के फ्लिक के जरिए दूसरे ही मिनट में गोल से बेल्जियम को मिली बढ़त से भारतीय अटैकर्स शुरुआत में ही दबाव में आ गए, हालांकि भारत को इसका जवाब देने में ज्यादा देर नहीं लगी और 7वें मिनट ने भारत ने एक के बाद एक पेनल्टी कॉर्नर लिए, जिसका फायदा उठाते हुए हरमनप्रीत ने शानदार ड्रैगफ्लिक के जरिए गेंद को गोल पोस्ट में भेज दिया और टीम को 1-1 से बराबरी पर खड़ा कर दिया। टोक्यो 2020 में यह उनका पांचवां गोल रहा। फिर नौंवे मिनट में भारत ने एक गोल करके 2-1 की बढ़त बना ली। अमित रोहिदास की सहायता से मंदीप सिंह ने डी के ऊपर से एक टोमहॉक मार कर गोल दागा, हालांकि 19वें मिनट में बेल्जियम के अटैकर हेंड्रिक्स ने मैच का पहला गोल करके टीम की 2-2 की बराबरी कराई और पहला हाफ इसी स्कोर के साथ समाप्त हुआ।<br /> <br /> बेल्जियम की टीम चौथे क्वार्टर में भारत पर हावी रही। मैच के 49वें मिनट में एलेक्जेंडर हेंडरिक्स ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल कर अपनी टीम को 3-2 से बढ़त दिला दी। इसके बाद 53वें मिनट में बेल्जियम पेनल्टी स्ट्रोक मिला है। एलेक्जेंडर हेंडरिक्स ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए बेल्जियम की बढ़त को 4-2 से मजबूत कर दिया। 60वें मिनट में बेल्जियम ने 1 और गोल दाग मैच 5-2 से जीत लिया। भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक में अब तक बेल्जियम के सामने कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई है। इससे पहले बेल्जियम ने 2012 लंदन ओलंपिक में भारत को 3-0 और 2016 रियो ओलंपिक में 3-1 से हराया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Aug 2021 16:04:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>टोक्यो ओलंपिक: भारतीय महिला हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हराया, वंदना ने दागे 3 गोल</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूल स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 4-3 से हरा दिया है। भारत के लिए वंदना कटारिया ने 3 गोल दागे, जबकि 1 गोल नेहा गोयल ने किया। 3 गोल करने वाली वंदना ओलंपिक मैच में गोल की हैट्रिक लगाने वाली भारत की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A3-%E0%A4%85%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-4-3-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%87-3-%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B2/article-1322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/e7mskhkvuaiky2m.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूल स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 4-3 से हरा दिया है। भारत के लिए वंदना कटारिया ने 3 गोल दागे, जबकि 1 गोल नेहा गोयल ने किया। 3 गोल करने वाली वंदना ओलंपिक मैच में गोल की हैट्रिक लगाने वाली भारत की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं। भारतीय महिला टीम ने आक्रामक शुरुआत की और मैच के चौथे मिनट में ही नवनीत कौर के पास पर वंदना ने गोल दाग कर भारत 1-0 से आगे कर दिया। पहला क्वार्टर खत्म होने से पहले साउथ अफ्रीका टीम ने गोल कर बराबरी कर ली। <br /> <br /> दूसरे क्वार्टर में वंदना ने एक गोल कर टीम को एक फिर 2-1 से आगे कर दिया। वहीं साउथ अफ्रीका ने दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में गोल कर 2-2 की बराबरी की। तीसरे क्वार्टर में रानी रामपाल के पास पर नेहा गोयल ने गोल दागा। साउथ अफ्रीका ने तीसरे क्वार्टर में एक बार फिर गोल दाग कर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद वंदना ने 49वें मिनट में अपना तीसरा और टीम के लिए चौथा गोल दाग कर भारत को जीत दिला दी। भारत को अब दुआ करनी होगी कि आखिरी ग्रुप मैच में आयरलैंड की टीम ब्रिटेन से हार जाए या ड्रॉ खेले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jul 2021 16:56:30 +0530</pubDate>
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                <title>टोक्यो ओलंपिक: डिस्कस थ्रो के फाइनल में पहुंची कमलप्रीत कौर, तीरंदाजी और बॉक्सिंग में मिली निराशा</title>
                                    <description><![CDATA[टोक्यो ओलंपिक के 9वें दिन भारतीय महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारत की कमलप्रीत कौर ने डिस्कस थ्रो कैटेगरी में 64 मीटर का थ्रो करते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। क्वालिफिकेशन राउंड में कमलप्रीत समेत सिर्फ 2 महिला एथलीट ही 64 मीटर का आंकड़ा छूने में सफल रहीं। फाइनल 2 अगस्त को होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%B8-%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8C%E0%A4%B0--%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BE/article-1321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/e7msanyvoaegzwi.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक के 9वें दिन भारतीय महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारत की कमलप्रीत कौर ने डिस्कस थ्रो कैटेगरी में 64 मीटर का थ्रो करते हुए फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। क्वालिफिकेशन राउंड में कमलप्रीत समेत सिर्फ 2 महिला एथलीट ही 64 मीटर का आंकड़ा छूने में सफल रहीं। फाइनल 2 अगस्त को होगा। कमलप्रीत के पास मेडल जीतने का बेहतरीन मौका होगा। उधर भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूल स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 4-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल की उम्मीद बरकरार रखी है। हालांकि तीरंदाजी और बॉक्सिंग में भारत को निराशा मिली है। तीरंदाज अतनु दास और बॉक्सर अमित पंघल प्री-क्वार्टर फाइनल का मैच हारकर बाहर हो गए हैं। अब बॉक्सर पूजा रानी से उम्मीदें हैं, वह क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतते ही पदक पक्का कर लेंगी।<br /> <br /> <strong>डिस्कस थ्रो के फाइनल में पहुंची कमलप्रीत कौर <br /> </strong>डिस्कस थ्रो में भारत की कमलप्रीत कौर ने गजब का प्रदर्शन कर फाइनल में जगह बना ली है। अपने ओलंपिक पदार्पण में 25 वर्षीय कमलप्रीत ने तीसरे प्रयास में 64 मीटर के प्रत्यक्ष योग्यता चिह्न को पार करते हुए पदक राउंड में जगह पक्की की। 31 एथलीटों में कमलप्रीत और अमेरिका की वैलेरी ऑलमैन ही ऐसी दो एथलीट रहीं, जो क्वालीफाइंग राउंड में 64 मीटर के चिह्न को पार करने में सफल रहीं। वैलेरी जहां क्वालीफाइंग राउंड में 66.42 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष पर रहीं, वहीं कमलप्रीत 64 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। क्रोएशिया की सैंड्रा पेर्कोविक ने 63.75 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। हालांकि भारत की अनुभवी डिस्कस थ्रोअर सीमा पूनिया क्वालीफाइंग चरणों में 16वें स्थान पर रहने के बाद पदक राउंड में जगह बनाने में विफल रहीं। 4 बार की ओलंपियन सीमा का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 60.57 मीटर मापा गया। <strong><br /> <br /> बॉक्सर अमित पंघल प्री-क्वार्टर फाइनल में हारे<br /> </strong>भारत के पुरुष मुक्केबाजों ने टोक्यो ओलंपिक में निराश किया है। अमित पंघल 52 किग्रा (फ्लाईवेट) वर्ग में राउंड 16 में कोलंबिया के युबरजेन मार्टिनेज से हारने के बाद ओलंपिक से बाहर हो गए। विश्व नंबर एक पंघल रियो के रजत पदक विजेता मार्टिनेज से रयोगोकू कोकुगिकन क्षेत्र में तीन रोमांच से भरे राउंड में 4-1 के बंटे हुए निर्णय से हार गए। अमित की हार के साथ ही टोक्यो ओलंपिक में 5 भारतीय पुरुष मुक्केबाजों में से चार अब अपने-अपने शुरुआती दौर से बाहर हो गए हैं। अब सुपर हैवीवेट डिवीजन में भारत के लिए सिर्फ सतीश कुमार ही स्पर्धा में हैं।<strong><br /> <br /> तीरंदाजी में अतनु दास को हार का सामना करना पड़ा<br /> </strong>भारतीय तीरंदाज अतानु दास की पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में हार के साथ भारत की तीरंदाजी में कोई पदक जीतने की उम्मीदें भी समाप्त हो गईं। अतानु राउंड 16 में लंदन 2012 ओलंपिक के रजत विजेता जापान के ताकाहरु फुरूकावा से कड़े संघर्ष में 4-6 से हार गए।। प्रणव जाधव और तरुणदीप राय इससे पहले व्यक्तिगत स्पर्धा के राउंड 32 में हार गए थे। इन तीनों की पुरुष टीम क्वार्टरफाइनल में दक्षिण कोरिया से हार गई थी। प्रवीण और दीपिका कुमारी की मिश्रित युगल टीम सेमीफाइनल से पहले हार गई थी। अतानु की पत्नी दीपिका का व्यक्तिगत स्पर्धा में अभियान क्वार्टरफाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया था। <strong><br /></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jul 2021 16:53:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टोक्यो ओलंपिक: पदक से एक जीत दूर भारतीय शटलर पीवी सिंधु, यामागुची को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचीं</title>
                                    <description><![CDATA[मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु टोक्यो ओलिंपिक में पदक बरकरार रखने से मात्र एक जीत दूर रह गई है। सिंधु ने क्वार्टरफाइनल में जापान की अकाने यामागुची को लगातार गेमों में 21-13, 22-20 से हराकर महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%95--%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4-%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%B6%E0%A4%9F%E0%A4%B2%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%81--%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%82/article-1314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/e7ikcfjveaixnme.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु टोक्यो ओलिंपिक में महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। सिंधु ने क्वार्टरफाइनल में शुक्रवार को जापान की अकाने यामागुची को लगातार गेमों में 21-13, 22-20 से हराकर लगातार दूसरी बार टोक्यो ओलंपिक के महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया और वह अपना पदक बरकरार रखने से मात्र एक जीत दूर रह गई है। अगर वह अगले मुकाबले में भी जीत हासिल करती हैं तो लगातार दूसरे ओलंपिक में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन जाएगी।<br /> <br /> पिछले रियो ओलंपिक में रजत जीतने वाली छठी सीड सिंधु ने चौथी सीड अकाने से पहला गेम आसानी से 21-13 से जीत लिया और दूसरे गेम में 12-6 की मजबूत बढ़त बना ली लेकिन जापानी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए 16-16 से बराबरी हासिल की और फिर 18-16 से आगे हो गईं। सिंधु ने भी जोर लगाया और 18-18 से बराबरी कर ली। अकाने ने अब दो अंक लेकर 20-18 की बढ़त बनाई और इस गेम अंक पर पहुंच गईं। सिंधु ने ऐसे समय में धैर्य दिखाया और आक्रामक रुख अपनाते हुए दो स्मैश लगाकर 20-20 से बराबरी हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने फिर बढ़त बनाई और मैच अंक पर पहुंच गईं। अकाने का एक रिटर्न नेट में उलझते ही भारतीय खिलाड़ी ने मुकाबला जीत लिया और जीत का इजहार हुंकार लगाकर किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jul 2021 16:49:34 +0530</pubDate>
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                <title>भारत के 2 और खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव: चहल और गौतम हुए संक्रमित, क्रुणाल पांड्या के संपर्क में आए थे</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया में शामिल लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल और स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौथम भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ये दोनों खिलाड़ी क्रुणाल पंड्या के क्लोज कॉन्टैक्ट में आए थे। इस कारण वे आखिरी 2 टी-20 मुकाबलों में नहीं खेल सके थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-2-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%89%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B5--%E0%A4%9A%E0%A4%B9%E0%A4%B2-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A5%8C%E0%A4%A4%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4--%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%8F-%E0%A4%A5%E0%A5%87/article-1309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/00019.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया में शामिल लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल और स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौतम भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ये दोनों खिलाड़ी क्रुणाल पंड्या के क्लोज कॉन्टैक्ट में आए थे। इस कारण वे आखिरी 2 टी-20 मुकाबलों में नहीं खेल सके थे। पहले टी-20 के बाद 27 जुलाई को क्रुणाल पांड्या कोरोना संक्रमित मिले थे। चहल और गौतम के अलावा हार्दिक पंड्या, सूर्यकुमार यादव, पृथ्वी शॉ, मनीष पांडे और ईशान किशन भी क्रुणाल के संपर्क में आए थे, हालांकि इन सभी की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई है। ये सभी खिलाड़ी कोरोना प्रोटोकॉल की वजह से श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और तीसरे टी-20 में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे।<br /> <br /> बता दें कि क्रुणाल पांड्या के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टी-20 मैच को टाल दिया गया था। ये मुकाबला पहले 27 जुलाई को होना था, जो बाद में 28 जुलाई को खेला गया। कोलंबो में खेले गए सीरीज के दूसरे टी-20 में टीम इंडिया को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि तीसरे व निर्णायक टी-20 में बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण 7 विकेट से शिकस्त झेलने के साथ ही 3 मैचों की सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jul 2021 16:45:19 +0530</pubDate>
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