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                <title>dates - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हर हफ्ते 40 टन पिंड खजूर खा रहा कोटा जिला</title>
                                    <description><![CDATA[पिंड खजूर के व्यापारियों ने बताया कि सर्दियों के सीजन में इनकी खपत ज्यादा होती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-district-is-eating-40-tons-of-dates-every-week/article-63922"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/hr-din-40-ton-pind-khajoor-kha-rha-kota-jila...kota-news-11-12-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सर्दी के मौसम में स्वाद बढ़ाने वाले विभिन्न तरह के फल बाजार में खूब बिक रहे हैं, लेकिन बात जब पिंड खजूर की होती तो मुंह में मिठास-सी घुल जाती है। पिंड खजूर खाने में जितने स्वादिष्ट होते हैं उतने ही लाभकारी भी हैं। यही वजह है कि खजूर एक लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है। वर्तमान में कोटा में खाड़ी देशों के पिंड खजूर की बिक्री जोरों पर है। सर्दियों में खजूर की खपत बहुत ज्यादा होती है। तापमान में गिरावट और शादी के सीजन में कोटा में इराक, ईरान और सऊदी अरब से आने वाले पिंड खजूर की मांग बढ़ गई है। फल विक्रेताओं के अनुसार कोटा में खाड़ी देशों से आने वाले पिंड खजूर की एक हफ्ते में खपत लगभग 40 टन हो रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिंड खजूर का स्वाद घर-घर पहुंच रहा है। वर्तमान में थोक मंडी में खजूर की कीमत 90 से 100 रुपए किलो के बीच चल रही है। वहीं कोटा के अन्य इलाकों में यही सौ से सवा सौ रुपए किलो बेचा जा रहा है।</p>
<p><strong>इन देशों से आ रहा पिंड खजूर</strong><br />विश्व में सबसे अधिक पिंड खजूर का उत्पादन खाड़ी देशों में होता है। खाड़ी देशों में पिंड खजूर तैयार करने के लिए भूमि काफी उपयुक्त मानी जाती है। ऐसे में वहां पर उत्पादित पिंड खजूर का निर्यात पूरे विश्व में किया जाता है। भारत में भी काफी मात्रा में वहां से पिंड खजूर आता है। कोटा में इस समय   ईरान, इराक, सउदी अरब, फिलीस्तीन, अल्जीरिया देशों से खजूर आ रहा है। वर्तमान में मुंबई और गुजरात के बंदरगाहों से इराक, ईरान और सऊदी अरब से खजूर कोटा के बाजारों में आती हैं।</p>
<p><strong>विश्व  में खजूर की 200 से अधिक किस्म</strong><br />स्थानीय व्यापारियों के अनुसार दुनियाभर में दो सौ से अधिक किस्म के खजूर पाए जाते हैं। अजवा खजूर लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। अरब के मदीना से आने वाला यह खजूर स्वाद के साथ ही काफी सेहतमंद और मुलायम होता है। अजवा खजूर अन्य खजूरों के मुकाबले छोटा होता है। इस खजूर को खाने के बाद मुंह से गुलाब की खुशबू आने लगती है। खजूर की खेती सबसे पहले इराक में शुरू हुई थी। उसके बाद यह अरब और अन्य देशों में उगाया जाने लगा है। भारत में सिर्फ गुजरात में खजूर उगाया जाता है।  </p>
<p><strong>दो दिन में 20 से 25 टन की आवक</strong><br />थोक फल सब्जी मंडी के प्रमुख व्यापारी शब्बीर अंसारी ने बताया कि कोटा में देशभर के लाखों बच्चे पढ़ने आते हैं। ऐसे में पिंड खजूर की खपत यहां ज्यादा है। खाड़ी देशों से आने वाले इन खजूरों को कोटा के व्यापारी गुजरात के बंदरगाह से 20 से 25 टन हर दो दिन में गाड़ी से मंगवाते हैं। कोटा के छोटे और बड़े दुकानदार यहां से लेकर जाते हैं। पिंड खजूर के व्यापारियों ने बताया कि सर्दियों के सीजन में इनकी खपत ज्यादा होती है। बच्चे इसे खरीदते हैं और दूध में उबालकर खाते हैं।</p>
<p>पिंड खजूर खाने में जितने ही स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही सेहत के लिए भी लाभकारी होते हैं। यह फाइबर से भरपूर होते हैं। यह कब्ज की समस्या को रोकता है और दिल की सेहत में सुधार करता है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में यह काफी काम आता है। यह दिल और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद है।<br /><strong>- डॉ. गिरिश स्वामी, आयुर्वेदिक चिकित्सक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Dec 2023 19:14:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मिठाइयों पर अधिकांश दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले दो साल नये नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-of-the-shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-60113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/mithaiyon-par-adhikansh-dukanadar-nahi-likh-rahe-expiry-date...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नवरात्र के साथ ही त्यौहारी सीजन शुरू हो चुका है। शहर में मिठाइयों की दुकानें सजने लगी हैं। लेकिन इन मिठाइयों की शुद्धता की जांच के लिए एफएसएसएआई द्वारा  दो साल पहले बनाए नियम लागू होते दिखाई नहीं दे रहा है।  लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था। इससे ग्राहक को पता चल सके कि मिठाई ताजा है या बासी है। अब तक यह सुविधा पैकिंग वस्तुओं पर ही लागू थी । इसे एक अक्टूबर 2021 से देश में खुली वस्तुओं की बिक्री पर भी लागू कर दिया है। लेकिन दो साल बीतने आए फिर भी शहर में अभी इस नियम का पालन  मिठाइयों की दुकानों पर होता दिखाई नही दे रहा है। </p>
<p>हालांकि शहर के कुछ प्रतिष्ठ मिठाई की दुकानों वाले जरूर इस नियम का पालन कर रहे है लेकिन वो भी रोज तारीख ही बदलते माल नहीं। बाकी बचे अधिकांश दुकानदार अभी मिठाई दुकानदार पुराने ढ़र्रे पर ही बिना एक्सपायरी डेट लिखे फ्रीजर में रखी मिठाइयां बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले दो साल नये नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। दो साल साल बाद भी अभी कई दुकानदारों  को तो इस नियम की पूरी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ मिठाई कारोबारियों को का कहना है कि  हालांकि शहर की कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों ने तो एक्सपायरी डेट लिखना शुरू किया लेकिन वो भी रोज डेट बदल कर ग्राहकों चुना ही लगा रहे है। </p>
<p><strong>बासी और खराब पर रोक के लिए बनाया था नियम</strong><br />बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद  भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिठाई की दुकानों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया कि वे मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें। पहले यह निर्णय जून 2021 से  लागू होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इसे 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया। दो साल पहले लागू हुए  इस नियम की कोटा जिले में पालना होती नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार ने प्रदेश में भी सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम की पालना कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर की ओर से जारी किए हैं। लेकिन पालना अभी भी नहीं हुई है।</p>
<p><strong>मिठाई की खपत से दस फीसदी कम तैयार कर  रहे माल</strong><br />नये नियम के वजूद में आने के बाद से मिठाई की खपत से दस फीसदी मिठाई कम तैयार कर रहे है। जिससे नुकसान से बचा जा सके। इसका असर बिक्री पर ज्यादा पड़ेगा। मिठाई के डिब्बे तैयार कराएं जिस पर मिठाई तैयार करने की डेट, एक्सपायरी डेट, कब तक खा सकते हैं आदि जानकारी अंकित की हुई है। इस नियम से खाद्य सुरक्षा अधिकारी जानबूझकर दुकानदारों को परेशान कर सकते हैं।  वो मिठाई का सैंपल लेने के बाद उसी दिन लैब में भेज देंगे इस बात की क्या गारंटी है इससे इंस्पेक्टर राज को ही बढ़ावा मिलेगा। <br /><strong>-रामप्रकाश सैनी, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>दुकानदार बोले नया नियम अप्रासंगिक है</strong><br />देश में 80 फीसदी मिठाई का काम असंगठित क्षेत्र से होता है। ऐसे में इस तरह के नियम दुकानदारों को परेशान करने के लिए हैं। दो साल पहले बनाया ये नियम अप्रासंगिक है। जिससे लोग पालना नहीं कर रहे है। एफएसएसआई को टर्नओवर और एक से अधिक दुकान जैसी कई श्रेणी बनाकर इस प्रकार के नियम लगाने चाहिए थे। शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है कैसे करेंगे नियमों की पालना।<br /><strong>-राजू अग्रवाल, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />दो साल पहले एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है। दशहरा पर्व के बाद  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 20:29:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रोजाना डाइट में शामिल करें खजूर सेहत के लिए होते हैं फायदेमंद</title>
                                    <description><![CDATA[डाइट में खजूर को एड करने से बॉडी में विटामिन बी 6 और आयरन की कमी पूरी होती है,साथ ही खजूर में काफी कम मात्रा में कैलोरी होती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/include-dates-in-daily-diet--they-are-beneficial-for-health/article-51193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/multipurpose-timeline-infographic-based-on-years-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>खजूर में प्रोटीन, विटामिन बी 6,आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैलोरी,कार्बोहाइड्रेट और फाइबर जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं,ऐसे में सीमित मात्रा में रोजाना खजूर का सेवन कई तरह की दिक्कतों को दूर करने में मदद करता है।<br /><br /><strong>सूजन से राहत<br /></strong>खजूर खाने से आपको सूजन से छुटकारा मिल सकता है,बता दें कि को खजूर एंटीआॅक्सीडेंट तत्वों का बेहतर सोर्स माना जाता है,साथ ही इनमें बाकी फू्रट्स और वेजिटेबल्स की अपेक्षा पॉलीफेनोल्स एंटीआॅक्सीडेंट भी अच्छी मात्रा में होते हैं, जो स्वेलिंग दूर करने में मदद करते हैं। <br /><br />डाइट में खजूर को एड करने से बॉडी में विटामिन बी 6 और आयरन की कमी पूरी होती है,साथ ही खजूर में काफी कम मात्रा में कैलोरी होती है,जिसके चलते मीठा खाने की क्रेविंग होने पर भी आप इसका सेवन कर सकते है। <br /><br /><strong>वेट लॉस होता है</strong><br />वेट लॉस में भी खजूर अच्छी भूमिका निभाता है, इसमें काफी मात्रा में फाइबर मौजूद होता है,जिसकी वजह से खजूर खाने के बाद भूख कम लगती है और वजन कम करने में मदद मिलती है,ऐसे में डाइटिंग के दौरान खजूर खाना आपके लिए बेहतर आॅप्शन हो सकता है। <br /><br /><strong>मसल्स स्ट्रॉन्ग होती हैं</strong><br />खजूर खाने से मसल्स को भी मजबूती मिलती है, खजूर में अच्छी मात्रा में पोटैशियम मौजूद होता है, जो मांसपेशियों को स्ट्रॉन्ग बनाने में काफी मदद करता है,इसके साथ ही खजूर बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने और हार्ट हेल्थ को मेंटेन रखने में भी  असरदार है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jul 2023 11:50:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>प्रदेश में लगातार तीसरे साल कोरोना से प्रभावित होगा शैक्षणिक सत्र</title>
                                    <description><![CDATA[आठवीं व पांचवीं की बोर्ड परीक्षाएं होंगी माध्यमिक परीक्षाओं के साथ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/academic-session-will-be-affected-by-corona-for-the-third-consecutive-year-in-the-state--board-examinations-of-class-eightth-and-fifteth-will-be-held-along-with-secondary-examinations--trouble-continues-for-dates/article-4558"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shisha-sankul-new.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में सभी स्तर के स्कूल और शिक्षण संस्थाएं खुलने के साथ ही परीक्षाओं की तैयारी भी शिक्षा विभाग शुरू करेगा। इस बार भी कोरोना के चलते नया सेशन 2022-23 अप्रैल में समय पर शुरू नहीं हो सकेगा, क्योंकि अधिकांश स्कूलों में एग्जाम अप्रैल में होंगे। ये एग्जाम अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह में हो सकते हैं। जबकि आठवीं बोर्ड एग्जाम एक बार फिर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के साथ होंगे। शिक्षा विभाग ने स्कूल स्तर पर होने वाले एग्जाम की डेट तय करने के लिए मशक्कत शुरू कर दी है। मार्च से अप्रैल के पहले सप्ताह तक बोर्ड एग्जाम होंगे। इसके ठीक बाद स्कूलों में एग्जाम शुरू हो जाएंगे। अप्रैल में ही रिजल्ट आएगा।<br /><strong><br />जल्द जारी होगा परीक्षाओं का कार्यक्रम </strong><br />आमतौर पर नया सेशन एक अप्रैल से शुरू होता है, लेकिन इस बार विलंब से होगा। 15 मई के बाद स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू होती है। इससे पहले एक बार औपचारिक रूप से सेशन शुरू करने की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभागीय पंजीयक कार्यालय भी आठवीं बोर्ड एग्जाम के लिए जल्द टाइम टेबल जारी करेगा। एक पारी में बोर्ड के दसवीं व बारहवीं के एग्जाम होंगे, जबकि दूसरी पारी में आठवीं कक्षा के बोर्ड पैटर्न एग्जाम होंगे। पांचवीं बोर्ड के लिए पांच मार्च तक फार्म भरने का काम हो रहा है। जबकि एग्जाम डेट अब तक तय नहीं है। शिक्षा विभग के निदेशक कानाराम ने कहा कि शैक्षणिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए शिक्षा विभाग सरकार के निर्देश पर काम कर रहा है। बुधवार से सभी स्तर के स्कूल खोल दिए गए हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि सभी गतिविधियां समय पर हो। <br /><br /><strong>बिना एग्जाम नहीं होंगे पास</strong><br />पिछले दो साल से स्टूडेंट्स को बिना एग्जाम ही पास किया जा रहा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। कोरोना संक्रमण दर कम हो रही है। तमाम पाबंदियां भी खत्म हो गई है। ऐसे में स्कूलों पर कोई पाबंदी लगने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। ऐसे में विद्यार्थी बिना एग्जाम दिए पास नहीं होंगे। यही नहीं ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी, लेकिन परीक्षाएं आॅफलाइन ही होंगी। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>फैक्ट फाइल</strong></span></span></span><br />    प्रदेश में 65 हजार सरकारी स्कूलों में करीब 98 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। <br />    स्कूल शिक्षा विभाग में 4,05,633 कार्मिक कार्यरत। 30 फीसदी महिला यानी सवा लाख है। <br />    प्रदेश में 9वीं से 12वीं तक के  14914 से अधिक सरकारी स्कूल और कुल स्टूडेंट्स 26 लाख से ज्यादा हैं।<br />    राज्य में नौ से बाहरवीं तक के निजी स्कूल 16180 से ज्यादा और कुल स्टूडेंट्स 25 लाख<br />    प्रारंभिक शिक्षा में राज्य में करीब 55 लाख स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे। इनमें करीब 26 लाख स्टूडेंट्स सरकारी स्कूल में है। <br />    1 से 8 तक की सरकारी स्कूल में 40 लाख में से 22 लाख छात्राएं हैं। <br />    प्राइवेट व सरकारी स्कूलों के कुल छात्र करीब 1.65 करोड़ हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Feb 2022 13:11:53 +0530</pubDate>
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                <title>चुनावी शंखनाद</title>
                                    <description><![CDATA[690 विधानसभा सीटों के लिए 10 फरवरी को पहले चरण और 7 मार्च को अंतिम चरण का मतदान होगा। सभी राज्यों के चुनावों परिणाम 10 मार्च को घोषणा किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/61dbe58cee191/article-3920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/81.jpg" alt=""></a><br /><p>चुनाव आयोग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, मणिपुर और गोवा समेत सभी पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। 690 विधानसभा सीटों के लिए 10 फरवरी को पहले चरण और 7 मार्च को अंतिम चरण का मतदान होगा। सभी राज्यों के चुनावों परिणाम 10 मार्च को घोषणा किए जाएंगे। ये चुनाव एक ऐसे समय में हो रहे हैं जब देश में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मण्डरा रहा है। संक्रमितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। इस गंभीरता को देखते हुए आयोग के मुख्य आयुक्त सुशील चन्द्रा ने कहा कि 15 जनवरी तक चुनावी रैलियां, जनसभा रोड शो, पदयात्रा व नुक्कड़ सभाओं पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। चन्द्रा ने कहा कि 15 जनवरी के बाद इस पाबंदी समीक्षा की जाएगी। वैसे भी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को प्रचार अभियान डिजिटल मोड में ही चलाना चाहिए। आयोग ने चुनावों में बाहुबलियों अथवा अपराधी छवि वाले लोगों को चुनाव लड़ने से हतोत्साहित करने के लिहाज से यह नियम बनाया है कि प्रत्येक प्रत्याशी को अपने आपराधिक रिकार्ड के बारे में कम से कम तीन बार अखबार या टीवी चैनलों के माध्यम से मतदाताओं को जानकारी देनी होगी। इसके अलावा आयोग ने यह भी फैसला किया है कि आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों का चयन करने के बारे में संबंधित राजनीतिक दल को भी यह ऐसे लोगों के बारे में बताना होगा और यह भी स्पष्टीकरण देना होगा कि किस आधार पर इन्हें प्रत्याशी बनाया जा रहा है और इसकी वजह क्या है? लेकिन यह नहीं बताया जाएगा कि इनके जीतने की संभावना ज्यादा है। इस मोर्चे पर आयोग की यह सराहनीय पहल है। समूचे राजनीतिक तंत्र को पाक-साफ करने का प्रयास किया ही जाना चाहिए। इसके साथ ही आयोग ने पहली बार 80 वर्ष से अधिक आयु व दिव्यांग मतदाताओं का वोट उनके घर से डलवाने की व्यवस्था की है। इन लोगों के लिए मतदान केन्द्रों पर भी विशेष व्यवस्था होगी। इस बार मतदान केन्द्रों की तादाद भी काफी बढ़ाई गई है ताकि एक केन्द्र पर अधिकाधिक एक हजार से ज्यादा मतदाता न पहुंचे। महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा संचालित मतदान केन्द्रों की व्यवस्था होगी। यह भी एक सराहनीय बदलाव है। आयोग ने पांचों राज्यों का जो मतदान कार्यक्रम बनाया है उसके अनुसार उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान कराए जाएंगे और मणिपुर में दो चरणों में मतदान होगा। जबकि पंजाब, गोवा व उत्तराखण्ड में एक-एक चरण में चुनाव होंगे। जिन पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, उनमें चार में भाजपा की और पंजाब में कांग्र्रेस की सरकार है। अगले चुनावों में देखना है कि मतदाता किस दल की सरकार का चयन करेंगे। ये चुनाव राजनीतिक व राष्ट्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। देश को नतीजों की प्रतीक्षा रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jan 2022 15:03:19 +0530</pubDate>
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