<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/roof/tag-11585" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>roof - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/11585/rss</link>
                <description>roof RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का : भूतल जल संग्राहक की टूटी छत को अस्थायी रूप से ढ़का, टैंक से 1 लाख से अधिक की आबादी को मिलता है पेयजल </title>
                                    <description><![CDATA[लापरवाही पर लीपापोती का पैबन्द, खबर के बाद आनन फानन में ढ़की, टूटी हुई छत ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--the-broken-roof-of-the-groundwater-reservoir-has-been-temporarily-covered/article-143492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एमबीएस परिसर में बने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शुद्ध पानी के स्टोरेज टेंक को विभाग ने ढकवा दिया है। एमबीएस मुर्दाघर के पास संचालित इस टेंक से नयापुरा से लेकर स्टेशन तक के घरों में पेयजल की सप्लाई की जाती है। दैनिक नवज्योंति के 13 फरवरी को कोटा सिटी अंक के पेज नम्बर 5 पर खतरा बैठा ग्राउंड वाटर टैंक में शीर्षक से टैंक के टूटे हुये ढ़कान से होने वाली संभावित हानियों की ओर सम्बन्धित विभाग व प्रशासन का ध्यान दिलाने की खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया था।</p>
<p>जलदाय विभाग के अधकारियों को जैसे ही मामले की जानकारी लगी तो पूरे महकमें में हड़कम्प मच गया। खबर प्रकाशन के बाद छत के टूटे हुये हिस्से को लोहे की नालीदार चद्दरों से ढ़क दिया गया। हालांकि जानकार मानते है कि इससे भी पानी शुद्धता पर प्रभाव पड़ने की संभावनायें है। जानकार बताते है कि किसी भी पानी के स्त्रोत को प्लेन चद्दर से ही पूरी तरह ढ़ाका जाना चाहिये जिससे  इसमें किसी भी बाहरी चीज का प्रवेश ही ना हो सके तभी जल की शुद्धता बनी रह सकती है । इस तरह से टूटे हुये हिस्से को ढकान करने से पानी की पूरी तरह सुरक्षा नहीं हो पायेंगी ।</p>
<p><strong>क्यों था अहम</strong><br />21 लाख लीटर क्षमता वाला यह टेंक शहर के दो बड़े अस्पतालों एमबीएस जेके लोन के अलावा सम्पूर्ण नयापुरा,दोस्तपुरा गांवड़ी, खेड़ली फाटक, भीममण्ड़ी,सहित करीब 1 लाख से अधिक की आबादी के घरों तक पेयजल की उपलब्धता करवाने का साधन है । ऐसे में इसके ढ़कान का जर्जर होकर टुट जाने के इसमें रखा जल खुला हो गया था। उपर से जमींन के पास होने के कारण इसमें किसी भी जानवर या उपर से भी किसी प्रकार के बाहरी पदार्थ के गिरने की पूरी पूरी संभावना थी।</p>
<p><strong>खबर के बाद विभाग में मचा हडकम्प लोग सांसत में</strong><br />शहर के बड़े क्षेत्र को पानी की आपूर्ति करने वाले इस वाटर टेंक की हालात की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली लोगों के हलक सुख गये। अस्पताल परिसर के भीतर जलदाय विभाग के कर्मचारयों द्वारा इती बड़ी लापरवाही की खबर को पढ़ने के बाद लोगों ने इसे आम जन के जीवन से खिलवाड़ करने वाला संगीन मामला बताया।</p>
<p>लापरवाही का बड़ा मामला है, विभाग द्वारा जनता के स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे कार्यों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिये।<br /><strong>-शुभम मेहरा, खेड़ली फाटक</strong></p>
<p>हमारें घरों तक आने वाला पानी शुद्ध् हो सरकारें इसके लियें प्रयासरत है,लेकिन सरकारी कर्मचारियों की अनदेखी का इतना बडा मामला सामने आने के बाद हमारे तो हलक से पानी उतरता भी मुश्किल हो गया।<br /><strong>- रोहित कुमार, दोस्तपुरा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--the-broken-roof-of-the-groundwater-reservoir-has-been-temporarily-covered/article-143492</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--the-broken-roof-of-the-groundwater-reservoir-has-been-temporarily-covered/article-143492</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 14:55:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/12200-x-600-px%29-%282%29.png"                         length="1261059"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाड़ौती के सबसे व्यस्त बस स्टैंड पर 'मौत का साया' : 14 हजार यात्री रोज जोखिम में, प्रशासन की फाइलों में अटका सुधार</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा आगार को 98% रेवेन्यू देने वाला नयापुरा बस स्टैंड खुद उपेक्षा का शिकार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--shadow-of-death--looms-over-hadoti-s-busiest-bus-stand--with-14-000-passengers-at-risk-daily--improvements-are-stuck-in-administrative-files/article-140480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)53.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती संभाग की पहचान और राजस्थान रोडवेज के सबसे व्यस्ततम केंद्रों में शुमार नयापुरा बस स्टैंड आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस बस स्टैंड से रोजाना 14,000 से अधिक यात्री अपनी मंजिलों की ओर निकलते हैं, वहां की छत से टपकता पानी और गिरता प्लास्टर यात्रियों के लिए 'कैद खाने' जैसा अहसास कराता है। स्थिति यह है कि जयपुर से रोडवेज का प्रतिनिधिमंडल सर्वे कर प्रस्ताव तो दे गया, लेकिन कोटा के स्थानीय प्रशासन (केडीए) और रोडवेज के बीच तालमेल की कमी के कारण सुधार की कोई सूरत नजर नहीं आ रही है।</p>
<p><strong>खतरनाक छत: झांकती सलाखें दे रही हैं दुर्घटना को न्योता</strong><br />नयापुरा बस स्टैंड की इमारत जर्जर हो चुकी है। बारिश के दिनों में छत से पानी का रिसाव आम बात है, लेकिन अब प्लास्टर गिरना यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पिलरों और छतों से झांकती लोहे की सलाखें विभाग की लापरवाही की गवाही दे रही हैं। यात्रियों को हर वक्त इस डर में रहना पड़ता है कि कहीं ऊपर से सीमेंट का कोई हिस्सा सिर पर न गिर जाए।</p>
<p><strong>रेवेन्यू में अव्वल, सुविधाओं में फिसड्डी</strong><br />कोटा शहर मे कहने को तो दो बस स्टैण्ड संचालत है। आंकड़े गवाह हैं कि कोटा आगार का 98% रेवेन्यू इसी नयापुरा बस स्टैंड से आता है। कोटा डिपो में करीब 400 कार्मिकों का अमला है, जिसमें 200 रनिंग स्टाफ शामिल है। करीब 6,000 स्क्वायर मीटर में फैले इस बस स्टैंड से 80% रोडवेज बेड़ा संचालित होता है। शहर के बीचों-बीच होने के कारण यहां से आॅटो और अन्य साधन आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री इसे ही प्राथमिकता देते हैं। विडंबना देखिए, जो बस स्टैंड विभाग की तिजोरी भर रहा है, उसे ही मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसाया जा रहा है।<br /> <br /><strong>जयपुर से टीम आई, पर समाधान नहीं निकला</strong><br />करीब दो माह पूर्व जयपुर से रोडवेज के एसई (सिविल) दीपेश नागर और कंस्ट्रक्शन सलाहकार कंपनी 'पिडकॉर' के प्रतिनिधि कोटा पहुंचे थे। उन्होंने विभिन्न विस्तृत मॉडल और खाका तैयार कर केडीए (तत्कालीन यूआईटी) को भी चर्चा विभिन्न मॉडल्स पर हुई, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो सका है कि निर्माण कार्य रोडवेज कराएगा या केडीए। अधिकारियों के बीच 'फाइनल निर्णय' के इंतजार में हजारों यात्रियों की सुरक्षा दांव पर लगी है।</p>
<p><strong>यात्रियों और दुकानदारों की जुबानी: डर और उम्मीद</strong><br />हजारों लोगों का आना-जाना है। बारिश में प्लास्टर कभी भी गिर जाता है। हमें यात्रियों को लगातार सावधान करना पड़ता है ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो जाए।<br /><strong>-प्रकाश धामेजा (स्थानीय दुकानदार)</strong></p>
<p>हम वर्षों से इसी बस स्टैंड को जानते हैं। इसका सुधार होना केवल रोडवेज के लिए नहीं, बल्कि कोटा की पहचान के लिए जरूरी है।<br /><strong>-अरुण जैन (यात्री, अलीगढ़-उनियारा)</strong></p>
<p>पीहर से आते समय बच्चों के साथ यहीं उतरते हैं क्योंकि यहां से साधन सस्ते मिलते हैं। बस स्टैंड को विकसित करना चाहिए और महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।<br /><strong>-सीमा वैष्णव (यात्री, नैनवां)</strong></p>
<p><strong>अधिकारियों की सफाई</strong><br />जयपुर से रोडवेज विभाग की टीम आई थी। विभिन्न मॉडल्स पर चर्चा की गई है, लेकिन फाइनल निर्णय उनकी (रोडवेज) तरफ से ही होना है। वर्तमान में विभागीय रूप से हमारे पास कोई नया अपडेट नहीं आया है।<br /><strong>- मुकेश चौधरी, सचिव, कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>
<p>दो महीने पहले सिविल विंग और सलाहकार कंपनी के साथ लोकल प्रशासन की चर्चा हुई थी। विकल्पों पर विचार किया गया है, लेकिन उसके बाद से अभी तक उच्च स्तर से कोई निर्देश या अपडेट प्राप्त नहीं हुआ है। <br /><strong>-अजय मीणा, प्रबंधक, कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--shadow-of-death--looms-over-hadoti-s-busiest-bus-stand--with-14-000-passengers-at-risk-daily--improvements-are-stuck-in-administrative-files/article-140480</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--shadow-of-death--looms-over-hadoti-s-busiest-bus-stand--with-14-000-passengers-at-risk-daily--improvements-are-stuck-in-administrative-files/article-140480</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 17:30:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%281%2953.png"                         length="798236"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही : आंगनबाड़ी पाठशाला पर मंडराता खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[आंगनबाड़ी का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है। और किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--danger-looms-over-the-anganwadi-school/article-136635"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/3694.png" alt=""></a><br /><p>सूमर। ग्राम पंचायत सूमर के चीकली गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के पास संचालित आंगनबाड़ी पाठशाला की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। आंगनबाड़ी का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनसे बारिश के दौरान लगातार पानी टपकता रहता है। ऐसे हालात में यहां अध्ययनरत 18 नन्हे-मुन्ने बच्चे इसी खतरनाक भवन में बैठकर पढ़ने और खेलने को मजबूर हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। </p>
<p>पिपलोदी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था, लेकिन इसके बावजूद चीकली गांव की आंगनबाड़ी आज भी उसी खतरे की जद में बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में टपकती छत बच्चों के सिर पर लटकती तलवार बन चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति के चलते बच्चों को बाहर बैठाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। यह समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सरकारी योजनाएं कागजों में मजबूत नजर आती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। रामबिलास बैरवा, महेश मीणा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि छत में बने गड्ढे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने किसी बड़े हादसे से पहले तत्काल मरम्मत अथवा नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की मांग की है।</p>
<p> पिपलोदी हादसे के बाद भी प्रशासन बेखबर है। यहां केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण जरूरी है।<br /><strong>- बलराम गुर्जर, वार्ड पंच </strong></p>
<p> इस समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। ये 18 बच्चे गांव का भविष्य हैं, जिन्हें खतरे में नहीं डाला जा सकता।<br /><strong>- महेंद्र गुर्जर, ग्रामीण</strong></p>
<p> महिला एवं बाल विकास विभाग से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की।<br /><strong>- शालू शर्मा, ग्रामीण</strong></p>
<p>भवन की हालत खराब होने के कारण बच्चों को बाहर बैठाना पड़ रहा है।<br /><strong>- द्रोपदी बाई, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता</strong></p>
<p> सूचना विभाग के संज्ञान में है। भवन का स्वयं सर्वे कराया गया है और पीडब्ल्यूडी से भी सर्वे करवाया गया है। सर्वे रिपोर्ट व सूची उच्च स्तर पर भेज दी गई है, आगे की कार्रवाई प्रक्रिया में है।<br /><strong>- सत्येंद्र सिंह चौहान, विभागीय महिला एवं बाल विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--danger-looms-over-the-anganwadi-school/article-136635</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--danger-looms-over-the-anganwadi-school/article-136635</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 16:53:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/3694.png"                         length="1287782"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा का मंदिर बदहाल: बारिश में टपकता है पानी</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकने की समस्या एक हॉल सहित बरामदे की छत जर्जर हालत में है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-temple-of-education-is-in-a-bad-state--water-drips-during-the-rains/article-91991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer9.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में सादेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल भवन जर्जर हो रहा है। बरसात में कक्षाओं में छतों से पानी टपकता है। ऐसे में पढ़ाई करना मुश्किल हो रहा है। कक्षा कक्षों की कमी के चलते तीन कक्षाएं खुले में बैठकर शिक्षा ग्रहण करवाने की मजबूरी बनी हुई है। इनमें से भी बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकने की समस्या एक हॉल सहित बरामदे की छत जर्जर हालत में है। शाला में चल रही कक्षा-कक्षों की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को समय-समय पर अवगत भी करवाते आ रहे है। शाला परिवार की समस्या जस की तस बनी हुई है। जानकारी के अनुसार सादेड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 1-12 तक कक्षाएं संचालित है। पर कक्षा-कक्ष सात है। इनमें भी बारिश के समय पांच कक्षों की छत टपकती है। कक्षों की दीवारों में सीलन आ रही है। एक हॉल व कक्ष के सामने बरामदे की छत जर्जर हालात में है। छत में लगा आरसीसी का सरिया तक गला हुआ नजर आ रहा है। प्लास्तर गिर जाने से सरिया भी गलने से कुछ जगह सरिए ही नजर आने लगे है। यहां पर हर समय स्कूली बच्चों सहित शालाध्यापकों का आवागमन बना रहता है। जो शाला परिवार खतरे के साए शिक्षण कार्य कर रहे है। शालास्तर पर समय-समय पर  संबन्धित विभाग को अवगत करवाया जा रहा है। पर संबंधित जिम्मेदार इस समस्या को गहनता से नही ले रहे है। जो यहां पर कभी भी दुर्घटना दस्तक दे सकती है। गनीमत है कि शाला परिवार की सतर्कता के चलते अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है।</p>
<p><strong>खुले में अध्ययनकी मजबूरी</strong><br />शाला में जिम्मेदार की सतर्कता से जर्जर छत के कारण कक्षा-3 व कक्षा-6 व कक्षा-7 वीं को खुले में एवं परिसर के पेड़ों की छाया में बैठकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। खुले में शिक्षा ग्रहण के समय बारिश आने पर अन्य कक्षाओं के साथ शामिल करके व्यवस्था बिठाई जाती है। जिससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है। संबंधित विभाग शाला परिवार की समस्या को लेकर चिंतित नहीं है। जो स्कूली बच्चों सहित स्टॉफ को भी शैक्षिक प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरन कुछ कक्षाओं को खुले में बैठकर शिक्षण करना पड़ता है।</p>
<p><strong>इनका कहना हैं </strong><br />मुझे यहां पर आए तीन माह ही हुए है। एक हॉल व बरामदे की छत जर्जर होने से कही कोई अनहोनी घटना घटित नही हो। उसे लेकर दोनों जगहों पर छात्र-छात्राओं को नही बिठाते है। मैं यहा पर आई हूँ, तभी से संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया गया है। संबंधित विभाग से कक्षाकक्षों की कमी को लेकर मांग की गई है। पर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।<br /><strong>-राजकिरण मीणा, प्रधानाचार्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादेड़ा </strong></p>
<p>मरम्मत की जरूरत वाले विद्यालयों की सेक्शन आ गई। दो-दो लाख रुपए वितरण करेंगे। इनसे जल्द भवन की मरम्मत करवाई जाएगी। <br /><strong>-राजेंद्र व्यास, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-temple-of-education-is-in-a-bad-state--water-drips-during-the-rains/article-91991</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-temple-of-education-is-in-a-bad-state--water-drips-during-the-rains/article-91991</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 16:44:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/4427rtrer9.png"                         length="664688"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फाल सीलिंग टूटी, फिर टपकने लगी छत</title>
                                    <description><![CDATA[गनीमत रही थी कि उस समय वहां निगम कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/false-ceiling-broke--then-the-roof-started-leaking/article-87393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के प्रशासनिक भवन की तीसरी मंजिल पर नई लगाई फाल सीलिंग फिर से टूट गई है। जिससे बरसात में छत टपकने लगी है।  नगर निगम के  प्रशासनिक भवन को कोटा उत्तर व दक्षिण दो भागों में बांट दिया है। कोटा उत्तर निगम के हिस्से वाली साइड पर पहले फाल सीलिंग गिर गई थी। जिसे कुछ समय पहले ही सही कराया गया है। लाखों रुपए खर्च कर सही करवाई गई फाल सीलिंग एक बरसात भी नहीं झेल सकी। वह भी तब जब अभी तक न तो तेज और न ही मूसलाधार बरसात हुई है। उसके बावजूद हालत यह है कि फाल सीलिंग तीन से चार जगह से टूट चुकी है। जिससे बरसात में वहां से पानी टपकने लगा है। टपकते पानी से पूरे फर्श पर पानी ही पानी फेल जाता है। जिससे वहां आने वाले लोगों के फिसलकर गिरने का खतरा बना हुआ है। यह स्थिति उस जगह पर है जहां तीसरी मंजिल पर पुलिस उप अधीक्षक का कक्ष है। जेरोक्स मशीन लगी हुई है। इनके अलावा कोटा दक्षिण निगम की तरफ जाने का रास्ता है। जन सुविधा के पास व जेरोक्स मशीन वाली साइड पर फाल सीलिंग टूटने से अधिक बरसात होने पर इसके और भी गिरने का खतरा बना हुआ है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि कुछ समय पहले भी डे एनयूएलएम अनुभाग की फाल सीलिंग गिरी थी। गनीमत रही थी कि उस समय वहां निगम कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं था। वे भी अपने कक्ष में थे जबकि फाल सीेलिंग बाहर की तरफ गिरी थी। वरना उस समय भी कई लोगों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ था। इधर कोटा उत्तर व दक्षिण निगम होने से लोगों की तरह ही इस फाल सीलिंग के गिरने की जिम्मेदारी भी कोई लेने को तैयार नहीं है। कोटा दक्षिण वालों का कहना है कि यह कोटा उत्तर निगम क्षेत्र का मामला है। जबकि कोटा उत्तर निगम के अधिकारियों ने फोन ही रिसीव नहीं किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/false-ceiling-broke--then-the-roof-started-leaking/article-87393</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/false-ceiling-broke--then-the-roof-started-leaking/article-87393</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 17:03:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/4111u1rer-%281%2919.png"                         length="266402"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब राजकोट एयरपोर्ट पर हुआ हादसा, बारिश के कारण गिरी छत</title>
                                    <description><![CDATA[ बहोरा ने कहा कि बारिश के एयरपोर्ट के आगे की छत में जलभराव हो गया था। इसके कारण यह हादसा हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/now-an-accident-happened-at-rajkot-airport-roof-collapsed-due/article-83158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6699-copy18.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा हो गया। यहां बारिश के कारण एयरपोर्ट की कैनोपी गिर गई। बारिश के बाद एयरपोर्ट की कैनोपी का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। इस हादसे में जानहानि नहीं हुई है। एयरपोर्ट के के निदेशक दिंगत बहोरा ने हादसे को लेकर जानकारी दी है। बहोरा ने कहा कि बारिश के एयरपोर्ट के आगे की छत में जलभराव हो गया था। इसके कारण यह हादसा हुआ है। हालांकि इस हादसे में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। </p>
<p>बहोरा ने कहा कि एयरपोर्ट पर जहां छत गिरी है, वहां पर यात्री पिकअप और ड्रॉप होता है, लेकिन हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था। यह एयरपोर्ट 2654 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ था। इससे एक दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर भी बारिश के कारण एक हिस्सा ढ़ह गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/now-an-accident-happened-at-rajkot-airport-roof-collapsed-due/article-83158</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/now-an-accident-happened-at-rajkot-airport-roof-collapsed-due/article-83158</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 15:15:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/6699-copy18.jpg"                         length="202675"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्माणाधीन दुकान की छत गिरी, छह लोग दबे</title>
                                    <description><![CDATA[दूसरी मंजिल की छत भरी जा रही थी। तभी छत टूटकर पहली मंजिल पर गिरी। मलबे के वजन से पहली मंजिल वाली छत भी आधी टूटकर नीचे गिर गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/six-people-buried-under-the-roof-of-a-shop-under/article-40226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(10)3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। झोटवाड़ा थाना इलाके में निवारू रोड स्थित प्रताप डेयरी के पास शनिवार दोपहर करीब एक बजे निर्माणाधीन दुकान की दूसरी मंजिल की छत गिर गई। हादसे में दुकान मालिक के बेटे समेत छह लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। घायल दिनेश बैरवा पाड़ली सवाई माधोपुर, प्रदीप यादव बिहार, इन्द्राज बैरवा मालपुरा टोंक, जगमोहन उर्फ  जॉनी झोटवाड़ा के रहने वाले हैं। ये सभी एसएमएस में भर्ती है। यहां दिनेश की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं घायल ओम प्रकाश एवं धनराज का निजी अस्पताल में उपचार जारी है। थाना प्रभारी घनश्याम सिंह राठौड़ ने बताया कि झोटवाड़ा पुलिया बनाने के लिए दुकानें तोड़ी गई थी। इसके बदले में दुकानदारों को प्रताप डेयरी के पास दुकानें दी गई है। यहां पर मनोज सिंह दुकान बनवा रहे थे। शनिवार को दूसरी मंजिल की छत भरी जा रही थी। तभी छत टूटकर पहली मंजिल पर गिरी। मलबे के वजन से पहली मंजिल वाली छत भी आधी टूटकर नीचे गिर गई। छत भर रहे सभी मजदूर भी नीचे गिरकर घायल हो गए। </p>
<p><strong>ई-रिक्शा से ले जाकर एम्बुलेंस में बिठाया</strong> : हादसे की सूचना पर हैड कांस्टेबल मालीराम सबसे पहले पहुंचे थे। मलबे में दबे चार घायलों को पास खड़े ई-रिक्शा में बैठाया। इसके बाद इन्हे लेकर रवाना हो गए। 400 मीटर चलने के बाद सामने से एम्बुलेंस आ गई। बाद में घायलों को उसमें बैठा दिया। ऐसे में इन सभी को अस्पताल में तुरंत उपचार मिल गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/six-people-buried-under-the-roof-of-a-shop-under/article-40226</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/six-people-buried-under-the-roof-of-a-shop-under/article-40226</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Mar 2023 10:31:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-03/site-photo-size-%2810%293.jpg"                         length="241273"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत से नीचे गिरने पर बुजुर्ग की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[छत पर टहलते समय  64 वर्षीय  बुजुर्ग का  संतुलन बिगड़ गया और  नीचे गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने से  घायल हो गया उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/elderly-dies-after-falling-from-roof/article-27166"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/chhat-se-neeche-girne-par-bujurg-ki-maut..kota-news-live-19.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । अनंतपुरा थाना क्षेत्र  में मंगलवार रात को छत पर टहलते समय एक 64 वर्षीय  बुजुर्ग की छत से नीचे गिरने पर मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को मृतक के परिजनों के समक्ष पोस्टमार्टम करवाकर शव उन्हें सौंप दिया । एएसआई  राम सिंह ने बताया कि  भैरूलाल पुत्र कृपा सिंह  उड़िया बस्ती अनंतपुरा रात को खाना खाने के बाद छत पर टहलने के लिए गया  था तभी  अचानक उसका  संतुलन बिगड़ गया और  नीचे गिर गया।  परिजन  उसे तुरंत एमबीएस अस्पताल लेकर गए जहां उसे भर्ती कराया । सिर में गंभीर चोट लगने से  घायल हो गया था  उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।</p>
<p>  सूचना पर रात को एमबीएस पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया तथा बुधवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को शव सौंप दिया । पीड़ित परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है ।  भेरूलाल मजदूरी  का काम करता था। पिछले तीन-चार दिन से काम पर नहीं जा रहा था। उन्होंने बताया कि  परिजनों से अब तक पूछताछ में छत पर टहलने जाने के दौरान  गिरने की बात सामने आ रही है। मामले में अनुसंधान किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/elderly-dies-after-falling-from-roof/article-27166</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/elderly-dies-after-falling-from-roof/article-27166</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Oct 2022 16:49:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-10/chhat-se-neeche-girne-par-bujurg-ki-maut..kota-news-live-19.10.2022.jpg"                         length="30807"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल की छत से टपकता है पानी, कैसे होगी पढ़ाई?</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र के आजन्दा राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को टपकती छत के नीचे बैठ पढ़ाई करने को मजबूर है। बरसात के कारण स्कूल परिसर में पानी भर गया है। यहीं नहीं स्कूल के कार्यालय, बरामदे व कक्षा कक्ष में भी पानी भर गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/water-is-dripping-from-the-roof-of-the-school--how-will-the-studies-be-done/article-16418"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/school-paani-tapakta-kapren-news-bundi-27.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कापरेन। क्षेत्र के आजन्दा राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को टपकती छत के नीचे बैठ पढ़ाई करने को मजबूर है। बरसात के कारण स्कूल परिसर में पानी भर गया है। यहीं नहीं स्कूल के कार्यालय, बरामदे व कक्षा कक्ष में भी पानी भर गया। जिसके चलते छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संस्था प्रधान बजरंग लाल स्वामी ने बताया कि विद्यालय भवन काफी पुराना होने से बरसात का पानी छत में भरने पर टपकने लग जाता है। परिसर में पानी भरने से छात्रों को और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित रहती है। सोमवार को दिनभर बरसात का मौसम रहने से परिसर में पानी हो गया। झाड़ू लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया। लेकिन छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान होने से कई छात्र स्कूल नही आते हैं। विद्यालय भवन को मरम्मत की दरकार हैं। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong> <br />विद्यालय भवन करीब आठ साल पुराना है । दीवारों में सीलन आने से खतरा बना हुआ है। बरसात में टपकने से छात्रों को परेशानी होती है। भवन की मरम्मत होनी चाहिए। <strong>-भैरु सिंह,ग्रामीण</strong> <br /><br />बारिश के समय स्कूल की छत टपकने से पढ़ाई नहीं कर पाते है। भवन जर्जर होने से गिरने का डर बना हुआ है।  <strong>-मुस्कान मीणा, छात्रा</strong><br /><br />स्कूल की छतें टपकने से वहां बैठने की जगह भी नहीं रहती है। मन में भय बना रहता है। <strong>- कमल कुमारी गुर्जर, छात्रा</strong><br /><br />बारिश के मौसम में स्कूल की छतें टपकने के कारण स्कूल जाने का भी मन नहीं करता है, क्योंकि वहां पर पुरी स्कूल की छतें टपकती है।   <strong>-भूपेंद्र सिंह, छात्र</strong><br /><br />बारिश होने के समय हमारी स्कूल की छतें टपकती है,जिस कारण पढ़ाई में मन भी नहीं लगता है। स्कूल परिसर में जगह-जगह पानी भरा रहता है।  <strong> -विशाल मीणा, छात्र</strong><br /><br />बरसात होने से स्कूल की छतें टपकती है जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। सरपंच को भी अवगत कराया गया है, पर अभी तक स्कूल की छतें सही करवाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है। <strong>-बजरंग स्वामी, प्रधानाध्यापक संस्कृत स्कूल आंजदा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/water-is-dripping-from-the-roof-of-the-school--how-will-the-studies-be-done/article-16418</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/water-is-dripping-from-the-roof-of-the-school--how-will-the-studies-be-done/article-16418</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Jul 2022 15:56:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/school-paani-tapakta-kapren-news-bundi-27.7.2022.jpg"                         length="181171"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक साल में ही टपकी यूआईटी के नए भवन की छत </title>
                                    <description><![CDATA[नगर विकास न्यास द्वारा शहर में बनवाई जा रही सड़कों की ही हालत खराब नहीं हो रही है। यूआईटी के स्वयं के नए भवन की छत तक बरसात में टपकने लगी है। पिछले साल 18 जुलाई को ही इस नए भवन का स्वायत्त शासन मंत्री ने उद्घाटन किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/of-new-building-of-uit-leaked-in-a-year/article-16251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ek-saal-mei-tapki-uit-ke-naye-bhavan-..kota-news-26.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर विकास न्यास द्वारा शहर में बनवाई जा रही सड़कों की ही हालत खराब नहीं हो रही है। यूआईटी के स्वयं के नए भवन की छत तक बरसात में टपकने लगी है। नगर विकास न्यास कीे ओर से न्यास कार्यालय में ही नया विस्तारित भवन बनाया गया है। करीेब 12 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला भवन बनाया है। जिसे बने अभी एक साल ही हुआ है। पिछले साल 18 जुलाई को ही इस नए भवन का स्वायत्त शासन मंत्री ने उद्घाटन किया था। नया भवन बनने के एक साल के भीतर ही कार्यालय की तीसरी मंजिल की छत सोमवार को तेज बरसात में टपकने लगी। <br /><br /><strong> तीसरी मंजिल पर फाल सीलिंग गिरी</strong><br />तीसरी मंजिल पर दोनों एटीपी कार्यालय और चॉक के अलावा कई अन्य कमरों की छत से पानी टपकने लगा। साथ ही कमरों में छत से दीवारों के सहारे से पानी अंदर आ गया। जिससे आलमारियों के ऊपर रखी फाइलें व बस्ते भीग गए। छत टपकने से पूरे ऑफिस में पानी ही पानी हो गया। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल भी भवन का उद्घाटन होते ही बरसात में तीसरी मंजिल पर फाल सीलिंग गिर गई थी। जिससे किसी को नुकसान तो नहीं हुआ था लेकिन न्यास के स्वयं के भवन में उनके कामकाज की पोल खुल गई है। इस बारे में न्यास सचिव से फोन पर बात करने का प्रयास किया और मोबाइल पर मैसेज भी किया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/of-new-building-of-uit-leaked-in-a-year/article-16251</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/of-new-building-of-uit-leaked-in-a-year/article-16251</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Jul 2022 15:49:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/ek-saal-mei-tapki-uit-ke-naye-bhavan-..kota-news-26.7.2022.jpg"                         length="19557"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तूफान बना आफत : स्टेडियम की दर्शक दीर्घा की उड़ी छत, एचटी लाइन के तारों में अटकी, डिस्कॉम को हुआ लाखों का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[भोड़की गांव में जन सहयोग से बनाए स्टेडियम में भामाशाहओं के सहयोग से बने दर्शक स्टैंड व मंच की छत की लोहे की चद्दरे उड़ गई। कुछ चद्दरें पास से गुजर रही एचटी लाइन सितारों पर अटक गई तथा कुछ स्टेडियम की चारदीवारी की रेलिंग में फंस गई, पिलानी सहित ग्रामीण क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। तेज अंधड़ 60-70 किमी प्रति घंटा की रफ्Þतार से करीब 30-40 मिनट तक चला जिसके बाद बारिश भी हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/hurricane-havoc--roof---stadium-s---spectator--gallery--stuck---wires-of-ht-line--loss---lakhs-to-discom/article-10409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/qqqqq.jpg" alt=""></a><br /><p>झुंझुनूं। जिले के ग्राम भोड़की में सोमवार रात्रि में रात्रि को आए चक्रवाती तूफान से लाखों रुपए संपत्ति का नुकसान हुआ है। भोड़की गांव में जन सहयोग से बनाए स्टेडियम में भामाशाहओं के सहयोग से बने दर्शक स्टैंड व मंच की छत की लोहे की चद्दरे उड़ गई। कुछ चद्दरें पास से गुजर रही एचटी लाइन सितारों पर अटक गई तथा कुछ स्टेडियम की चारदीवारी की रेलिंग में फंस गई, जिससे काफी दूर में लोहे की रैलिंग धराशायी हो गई। हवा का वेग इतना तेज था कि कई लोहे की चद्दरें 500 मीटर दूर तक उड़ कर चली गई। तूफान रात्रि में आने से किसी प्रकार के जान माल का नुकसान नहीं हुआ। प्रात: सरपंच नेमीचंद जांगिड़, स्टेडियम समिति अध्यक्ष हरलाल सिंह गढ़वाल, सचिव राजकुमार सैनी ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। तूफान से बिजली के पोल तथा ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए, जिससे रात्रि को गुल हुई बिजली दूसरे दिन मंगलवार की दोपहर तक सुचारू नहीं हुयी। <br /><br /><strong>तेज आंधी से डिस्कॉम को हुआ लाखों का नुकसान</strong></p>
<p>बीती रात को मौसम में हुए जबरदस्त बदलाव के चलते तेज आंधी और बारिश के कारण कस्बे पिलानी सहित ग्रामीण क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। तेज अंधड़ 60-70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से करीब 30-40 मिनट तक चला जिसके बाद बारिश भी हुई। साथ ही बारिश के साथ कुछ जगह पर ओले भी गिरे। इस दौरान बिजली के पोल गिर जाने से कस्बे सहित कई गांवों में बिजली गुल रही।</p>
<p><br /><strong>6 लाख रुपए से अधिक का हुआ नुकसान</strong> :  डिस्कॉम के अधिकारी ने बताया कि पिलानी कस्बे के अलावा पीपली, बेरी, बनगोठड़ी, केहरपुरा, रायला, लीखवा, घूमनसर, खुडानिया, जवाहरपुरा, सूजड़ोला आदि गांवों में कई जगह ट्रांसफार्मर व बिजली के पोल अंधड़ की वजह से धराशाई हो गए। अधिकारी ने बताया कि सोमवार को आए अंधड़ की वजह से 50 पोल गिरे हैं जिससे डिस्कॉम को अनुमानित 6 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह बाधित हो गयी। खंभों व बिजली लाइन की मरम्मत करने तथा उपकरणों के रख-रखाव के लिए मंगलवार को कई फीडर्स पर बिजली बंद रखी गई।</p>
<p><br /><strong>तेज तूफान से गिरे पेड़</strong> : आंधी की वजह से अनेक पेड़ भी गिर गए। इसके अलावा कई जगह टीन शेड, बैनर्स, होर्डिंग आदि भी तेज हवा की वजह से उड़ गए। कस्बे के खेड़ला रोड़, बाइपास आदि बाहरी इलाकों में क ची बस्तियों तथा तम्बू-टेंट लगा कर रहने वाले खानाबदोशों को भी तूफानी हवाओं के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/hurricane-havoc--roof---stadium-s---spectator--gallery--stuck---wires-of-ht-line--loss---lakhs-to-discom/article-10409</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/hurricane-havoc--roof---stadium-s---spectator--gallery--stuck---wires-of-ht-line--loss---lakhs-to-discom/article-10409</guid>
                <pubDate>Wed, 25 May 2022 14:59:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/qqqqq.jpg"                         length="91979"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संतुलन बिगड़ने से छत से गिरने से 2 युवकों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[मानसरोवर इलाके में किरण पथ चौराहे के पास पार्टी के बाद मकान की छत पर दो युवक 40 फीट की ऊंचाई (चौथी मंजिल) से पड़ोसी की छत पर गिर गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-2-youth-killed-to-falling-from-roof/article-10140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/1-copy7.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानसरोवर इलाके में किरण पथ चौराहे के पास पार्टी के बाद मकान की छत पर दो युवक 40 फीट की ऊंचाई (चौथी मंजिल) से पड़ोसी की छत पर गिर गए। दोनों युवकों के शव पड़े होने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तस्दीक की। डीसीपी साउथ मृदुल कच्छावा ने बताया कि मृतक संजय मीणा और मनोज मीणा एक व्यक्ति के साथ किरण पथ पर व मनोज अपने भाई सुरेश मीणा के साथ स्वर्ण पथ पर किराये से रहता था और रीट की तैयारी कर रहा था। संजय के कमरे पर मनोज शाम छह बजे गया था। थाना प्रभारी दिलीप सोनी ने बताया कि दोनों छत पर शराब पार्टी कर रहे थे और नशे में एक-दूसरे को उठा रहे थे, संतुलन बिगड़ने से दोनों के नीचे गिरने से उनकी मौत हो गई। सुरेश ने बताया कि रात आठ बजे मनोज से अंतिम बात हुई थी। पुलिस को दोनों के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि पहले दोनों की लड़ाई भी हुई थी।</p>
<p><strong>हादसे के बाद भागा एक साथी</strong><br />पुलिस ने बताया कि दोनों की मौत के बाद संजय के साथ रहने वाला साथी मौके से चला गया। कुछ देर बाद वह वापस आया, तो छत पर संजय और मनोज नहीं मिले। उसने दोनों को इधर-उधर तलाशने का प्रयास किया। पुलिस ने साथी युवक को बुलाकर पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-2-youth-killed-to-falling-from-roof/article-10140</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-2-youth-killed-to-falling-from-roof/article-10140</guid>
                <pubDate>Sat, 21 May 2022 10:47:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/1-copy7.jpg"                         length="151402"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        