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                <title>आंसुओं से लिखी सफलता की इबारत : झाड़ू-पौंछा लगाने वाली और मजदूर की बेटियों ने बोर्ड में रचा इतिहास</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[गरीबी, दर्द , अभावों से लड़कर और जिम्मेदारियों के बीच बेटियां बनीं बोर्ड टॉपर ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-saga-of-success-written-in-tears--daughters-of-domestic-workers-and-laborers-make-history-in-board-exams/article-147974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)71.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कोटा । किसी के हाथ में किताबों से पहले झाड़ू थी, कोई मां के बिना घर संभालते हुए पढ़ी तो किसी ने पिता की मौत के बाद टूटते परिवार को संभाला। मजदूर और किसान की बेटियां अभावों से लड़ती रही। लेकिन, हालातों के आगे हार नहीं मानी। संघर्ष, चुनौतियों और अभावों से जूझते हुए इन बेटियों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर खुद को साबित किया। उन्होंने साबित कर दिया कि सफलता के लिए महंगे स्कूल, कोचिंग और सुविधाएं जरूरी नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास जरूरी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">बिन मां की बेटी कृष्णा ने मैकेनिक पिता का नाम किया रोशन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कृष्णा ने संघर्ष और चूनौतियों से लड़ खुद को साबित किया। बिन मां की बेटी कृष्णा ने 10वीं बोर्ड में 90 प्रतिशत अंकों के साथ सभी विषयों में डिक्टेशन हासिल की है। पिता वेल्डिंग का काम करते हैं। परिवार की माली हालत और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा का दामन थामे रखा। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अंबेडकर नगर कुन्हाड़ी की छात्रा के पिता विपिन कुमार बताते हैं, कृष्णा तीन भाई बहन है। स्कूल से आने के बाद घर का काम और बुजुर्ग दादी की सार-संभाल करती है। दिन में थोड़ा समय पढ़ाई के लिए मिलता तो शाम को फिर से घर के काम में लग जाती। रात को 4 घंटे पढ़ती और साथ में छोटे भाई को भी पढ़ाती। परीक्षा के दौरान बीमार हो गई फिर भी कृष्णा ने हार नहीं मानी और परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">पिता की मृत्यु से टूटी फिर संभली अब बोर्ड में किया नाम रोशन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कुन्हाड़ी निवासी सरकारी स्कूल की छात्रा रंजिता का जीवन चुनौतियों और संघर्षों से भरा रहा। वर्ष 2024 में पिता का अचानक देहांत होने से वह टूट गई। मां हॉस्टल में झाडू-पौंछा कर परिवार का पेट पालती है। ऐसी विकट परिस्थितियों में भी रंजिता ने हार नहीं मानी और नियमित 4 घंटे पढ़ाई कर परीक्षा में 81 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए। साथ ही सभी 6 विषयों में विशेष योग्यता हासिल कर गार्गी पुरस्कार में चयनित हुई। प्रिंसिपल अर्पणा शर्मा कहती हैं, अभावों से जूझते हुए भी रंजिता ने मुकाम हासिल किया है। अब वह साइंस लेकर मेडिकल फिल्ड में जाना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">मजदूर की बेटी ने किया स्कूल टॉप</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">राजकीय बालिका उच्च माध्मिक विद्यालय कुन्हाड़ी की छात्रा सोनाक्षी ने 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया। उनके पिता विशू प्रताप मजदूरी करते हैं और मां इसी स्कूल में पोषाहार बनाती है। मां ममता मेघवाल बताती हैं, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। किराए से कमरा लेकर रहते हैं। एक ही कमरे में परिवार के 6 सदस्य रहते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सोनाक्षी ने सफलता की इबारत लिखी। बेटी आगे इंजीनियर बनना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">इलेक्ट्रीशियन की बेटी ने रचा इतिहास</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सुल्तानपुर की छात्रा दिव्या नागर ने बोर्ड परीक्षा में 96.83 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे ब्लॉक में टॉपर रही है। दिव्या के पिता सुरेश इलेक्ट्रीक की दुकान पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के बाद बेटी घर के काम में मां का हाथ बटाती है। रात को 4 घंटे नियमित पढ़ाई करती है और छोटे बहन-भाई को भी पढ़ाती है। बुजुर्ग दादी की अक्सर तबीयत खराब रहती है, जिससे घर का माहौल भी अशांत हो जाता है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दिव्या ने खुद को साबित करके दिखाया। बेटी सरकारी टीचर बनना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">काश्तगार की बेटी ने बढ़ाया पिता का मान</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">सुल्तानपुर के सरकारी स्कूल की छात्रा फिजा खानम ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 92.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार का मान बढ़ाया। फिजा के पिता दिलभर खान काश्तगार हैं, जो दूसरों की जमीन जोतकर आजिविका चलाते हैं। उन्होंने बताया कि घर से स्कूल की दूरी एक किमी है। बेटी रोजाना पैदल स्कूल जाती है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी। 5 घंटे नियमित पढ़ाई करती और घर का काम भी संभालती। बेटी ने 600 में 556 अंक प्राप्त किए हैं।</span></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 15:41:02 +0530</pubDate>
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                <title>राजकीय कन्या महाविद्यालय में शास्त्रीय गायन व सितार वादन की दी जाती है शिक्षा</title>
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                        <![CDATA[महाविद्यालय में छह पद स्वीकृत जिनमें गायन व वादन में एक-एक पद खाली हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-music-sparks-employment-opportunities/article-132513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/500-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय कन्या कला महाविद्यालय में संचालित संगीत विभाग के नजदीक से आप गुजर रहे है तो वहां गुरूजनों के पैर छूती और सरस्वती वंदना करती हुई छात्राओं को देखकर आप चौकियें मत ये सभी संगीत  विभाग की छात्राएं हैं। एचओडी प्रेरणा शर्मा ने बताया कि अभी महाविद्यालय में करीब शास्त्रीय गायन व सितार वादन में करीब 100 छात्राएं अध्ययनरत हैं। जो कि हाड़ौती सहित अन्य स्थानों से यहां पर छात्राएं प्रवेश लेती है। वहीं कॉलेज में बरर्सों से छात्राओं को संगीत की  शिक्षा दे रही हूं। अभी तक महाविद्यालय की छात्राओं ने देश सहित विदेश में शहर व कॉलेज का नाम रोशन किया। एचओडी ने बताया कि संगीत में  प्रवेश लेने के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं होती है। यदि कोई छात्रा बीए करने बाद भी संगीत की शिक्षा लेना चाहते है तो उनका सरकारी प्रक्रिया के तहत एडमिशन होता है। पहले वर्ष में एक बार एग्जाम होता था। अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत एग्जाम  का आयोजन होता हैं। वहीं अभी महाविद्यालय में शास्त्रीय गायन व सितार वादन की शिक्षा दी जाती है। शास्त्रीय गायन में तीन अध्यापक जिसमें डॉ. राजेंद्र माहेश्वरी, पुनीता श्रीवास्तव, संतोष कुमार मीणा व सितार वादन में एक अध्यापिका है जिनमें एचओडी प्रेरणा शर्मा, ताबला वादन में देवेंद्र कुमार सक्सेना व महूराज राव द्वारा ताबले की कमान संभाली जाती हैं। महाविद्यालय में छह पद स्वीकृत जिनमें गायन व वादन में एक-एक पद खाली हैं। </p>
<p><strong>इतने है रोजगार के अवसर </strong><br />ऐसी छात्राएं जो कि पढ़ाई-लिखाई से हटकर अन्य किसी फील्ड़ में कामयाब होना चाहते हैं, तो वह संगीत  के क्षेत्र में कामयाब हो सकते है। संगीत के क्षेत्र में  शिक्षा लेने के बाद विद्यार्थी के सामने अपार रोजगार की संभावना है। जिसमें डिग्री पूरी करने के बाद छात्राएं सभी सरकारी नौकरी की तैयारी कर सकती हैं। साथ ही कुछ छात्राएं तो अभी रेल्वे,आकाशवाणी, लेखक, साहित्यकार, विभिन्न शादी- पार्टियों में प्रस्तुति, संगीत स्टूडियों सहित अन्य जगह पर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं </p>
<p><strong>अभी तक इतने प्रसिद्ध सितारे दिए है </strong><br /> एचओडी ने बताया कि कॉलेज द्वारा अभी तक प्रतिभावन छात्राओं को शिक्षा दी। जिनमें से नेहा पांचाल, बरखा राव, आस्था सक्सेना, दर्पण राव, शिवांगी भट्ट, भव्या छाबड़ा, संगीता सक्सेना, ज्योति ठाकुर सहित दर्जनों छात्राओं ने यहां से शिक्षा प्राप्त की जो कि आज भारत के प्रत्येक कोने में संगीत की शिक्षा दे रहे है। और कुछ ने तो टीवी पर संचालित रियलटी शो में प्रस्तुति देकर कॉलेज सहित शहर का नाम रोशन किया। </p>
<p>मैं छाबड़ा की रहने वाली हूं। यहां पर संगीत की शिक्षा ग्रहण करने आई हूं। मेरे को संगीत बचपन से ही पसंद था। जिसके चलते मेने संगीत विषय को चुना। इसमें रोजगार की अपार संभावना है। <br /><strong>- प्रियांशी शर्मा</strong></p>
<p>मेरे पापा बचपन से ही गाना गाते थे। जिसके चलते पापा ने ही मुझे संगीत विषय दिलाया है। संगीत सुने के बाद दिमाग क्रिएटिव रहता है और शांति मिलती हैं।<br /><strong>- हंसिका दुबे</strong></p>
<p>मैेंने जब संगीत विषय लिया तब जाकर थोड़ा पापा ने नाराजगी जाहिर की। पर मैंने उनको राजी किया। इसी के साथ ही संगीत को सुनकर मन को शांति मिलती हैं। वहीं संगीत में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। <br /><strong>- पार्थिवी गौड़</strong></p>
<p>मेरे को बचपन से ही संगीत पसंद था। इस वजह से मेने संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रही हूं। इसी के साथ में अभी विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। <br /><strong>- किस्मत सैनी</strong></p>
<p>मैं छाबड़ा की रहने वाली हूं मेरे पापा दुकानदार है। वे डेली मेडिटेशन करते हैं जिससे उनको समझाया कि संगीत कितना जरूरी हैं। इसी के साथ इसमें बीए,एमए, पीएचडी, नेट सहित विभिन्न डिग्रियों की पढ़ाई की जा सकती हैं। <br /><strong>- पूनम साहू </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />संगीत विषय में शहर सहित दूरदराज की छात्राएं अब संगीत की शिक्षा प्राप्त करने के लिए कॉलेज आती हैं। साथ ही इसमें अब कोई उम्र की बाधा नहीं होने की वजह से  अब अच्छी -खासी संख्या में प्रवेश हो रहे हैं। इसकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियो के सामने अपार रोजगार की अपार संभावनाएं है। <br /><strong>- प्रेरणा शर्मा, एचओडी संगीत विभाग</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 14:57:19 +0530</pubDate>
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                <title>6 दिन बाद परीक्षा, स्कूलों में 35% कोर्स अधूरा, शिक्षक-विद्यार्थियों की बढ़ी धड़कनें, शिक्षक बोले- 20%कोर्स में हो कटौती तो छात्रों को मिले राहत </title>
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                        <![CDATA[ विभाग ने परीक्षा को 22 दिन पहले आयोजित करने का निर्णय तो ले लिया।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/exams-are-due-in-six-days--with-35--of-the-syllabus-incomplete-in-schools--raising-concerns-among-teachers-and-students--teachers-say-a-20--reduction-in-the-syllabus-would-provide-relief-to-students/article-132404"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(39).png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  शिक्षा विभाग की ओर से 20 नवम्बर से राज्य स्तरीय समान परीक्षा (अर्द्धवार्षिक) आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने में शुक्रवार से 6 दिन बचे हैं, लेकिन सरकारी विद्यालयों में 10वीं व 12वीं बोर्ड कक्षाओं का सिलेबस करीब 30 से 35% अधूरा है। जबकि, विज्ञान, गणित और एसएसटी जैसे विषयों के एक लेसन (पाठ व प्रश्नावली) को पूरा करवाने में 2 से 3 दिन का समय लगता है। इस तरह परीक्षा से पहले शेष बचे दिनों में कोर्स पूरा होना संभव नहीं है। ऐसे में जहां विद्यार्थियों की धड़कनें तेज हो गई वहीं, शिक्षकों में पाठ्यक्रम पूरा करवाने को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है। इधर, शिक्षक संगठनों ने निदेशालय से बोर्ड कक्षाओं के पाठ्यक्रम में 20% सिलेबस में कटौती किए जाने की मांग की है। हालांकि, विभाग द्वारा इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। </p>
<p><strong>कोर्स कटौती की राहत नहीं, 22 दिन पहले परीक्षा </strong><br />शिक्षकों का कहना है, हर साल राज्य स्तरीय समान परीक्षा 12 दिसम्बर से आयोजित की जाती थी, जिसे इस बार 20 नम्बर से करवाई जाएगी। जिसका शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। विभाग ने परीक्षा को 22 दिन पहले आयोजित करने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन कक्षा 9वीं से 12वीं तक के कोटा से करीब 92 हजार विद्यार्थियों को कोर्स कटौती को लेकर कोई राहत नहीं दी। जिससे विद्यार्थी परेशान हैं वहीं, शिक्षकों के सामने 5 दिन में कोर्स पूरा करवाना चूनौती बना हुआ है। </p>
<p><strong>72 वर्किंग-डे ही मिले, जिसमें से 65 दिन ही कक्षाएं </strong><br />शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेश महासचिव नवल सिंह ने बताया कि वर्तमान सत्र के प्रारंभ से अक्टूबर तक करीब 72 वर्किंग डे ही मिले हैं। जिसमें से भी 60-65 दिन ही कक्षाएं लगी हैं। जबकि, गणित व विज्ञान विषयों का एक लेसन ही पूरा करवाने में 3 से 4 दिन तक लग जाते हैं। वहीं, गत जुलाई से 31 अक्टूबर तक चार माह में कुल 120 दिन वर्किंग-डेज थे। लेकिन, अत्यधिक बारिश, पर्व, त्योहार पर अवकाश होने से  कक्षाएं 60 से 65 दिन ही लगी है। </p>
<p><strong>यह है अर्द्धवार्षिक परीक्षा में सिलेबस का नियम</strong><br />अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 9वीं-11वीं कक्षा में 70% कोर्स से और 10वीं-12वीं में 100% कोर्स से सवाल पूछे जाते हैं। ऐसे में जिले के कई सरकारी विद्यालय ऐसे हैं, जहां कोर्स 30 से 35% अधूरे हैं। इसलिए कोर्स में 20% कटौती की मांग की थी। जिसे दरकिनार करते हुए विभाग ने पेपर भी तैयार करा लिए हैं।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />गणित विषय में एक प्रश्नावली में ही 50 से ज्यादा प्रश्न होते हैं। जिसे छात्रों को सॉल्व करवाने में ही 3 से 4 दिन का समय लग जाता है। ऐसे में एक दिन में एक प्रश्नावली पूरा करवाना संभव ही नहीं है। स्कूलों में गणित व विज्ञान संकाय के कोर्स अधूरे हैं और 10वीं-12वीं का पेपर 100 फीसदी सिलेबस से आएगा। अधूरे कोर्स के बीच पेपर देना मजबूरी बन गया है। विभाग को स्थिति देखते हुए कोर्स में 20 प्रतिशत की कटौती कर राहत देनी चाहिए।<br /><strong>- रघुवीर मेहरा, सुशांत वर्मा, छात्र नया नोहरा</strong></p>
<p>इन दिनों महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक बीएलओ की भूमिका निभा रहे हैं। जबकि, उनके विषयों का कोर्स ही अधूरे चल रहे हैं। सामाजिक विज्ञान हो या अंगे्रजी सब के हालात एक जैसे ही हैं।  सरकार को छात्रहित में कदम उठाना चाहिए। <br /><strong>- यशवंत धाकड़, संजय रावल, विभोर कुमार, छात्र विज्ञान नगर</strong></p>
<p><strong>छात्रहित में 20% कोर्स की हो कटौती </strong><br />अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 20% कोर्स कटौती कर छात्रों को राहत दी जानी चाहिए। विभाग चाहे तो अब भी 20% कटौती का आदेश जारी कर सकता है। इसमें यह कर सकते हैं कि कटौती के बाद तय कोर्स से बाहर सवाल आए तो उनके अंकों का विभाजन अन्य सवालों में बांट दिए जाएं या बोनस अंक देकर राहत दी जा सकती है। वहीं, शिक्षकों को बीएलओ के रूप में चुनाव कार्य में लगा रखा है।  ऐसे में परीक्षा से पहले कोर्स पूरा होना संभव नहीं है। <br /><strong>- मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेस्टा</strong></p>
<p><strong>20% कटौती का आदेश जारी करे विभाग</strong><br />स्कूलों में कोर्स अधूरे है, इसलिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा में 20% सिलेबस कटौती की जानी चाहिए ताकि, विद्यार्थियों को राहत मिल सके। ऐसे में सरकार को छात्रहित में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। <br /><strong>- नवल सिंह, प्रदेश महासचिव शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है  </strong><br />सीबीईओ, यूसीईईओ व पीईईओ के माध्यम से शाला प्रधानों को स्कूल समय में ही अतिरिक्त पीरियड लगाकर कोर्स पूरा करवाने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं, विशेष गहन पुननिरीक्षण कार्य में लगे शिक्षकों (बीएलओ) द्वारा शिक्षा व चुनाव कार्य के बीच सामंजस्य बनाकर शिक्षण कार्य बेहतर   किया जा रहा है। दोनों ही महत्वपूर्ण कार्य सुविधानुसार पूरे करवाए जा रहे हैं।<br /><strong>- रामचरण मीणा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक कोटा </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 16:46:09 +0530</pubDate>
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                <title>दो परीक्षाएं व शिक्षक सम्मेलन की तिथियां टकराई, कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा विभाग के बीच तालमेल का अभाव</title>
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                        <![CDATA[परीक्षा के बीच शिक्षक सम्मेलन की तिथि से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति ।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-dates-of-two-exams-and-the-teachers--conference-clash--leading-to-a-lack-of-coordination-between-the-staff-selection-board-and-the-education-department/article-132271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/_4500-px)-(27).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा आयोजित होने वाली प्लाटून कमांडर सीधी भर्ती परीक्षा से शिक्षा विभाग की राज्य स्तरीय समान परीक्षा की तिथि टकरा गई। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्थाओं के गड़बड़ा जाने की आशंका के चलते शिक्षा निदेशालय ने समान परीक्षा का संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। जिसके तहत 22 नवम्बर को होने वाले हिन्दी सहित अन्य भाषाओं के पेपर अब 11 दिन बाद 2 दिसम्बर को आयोजित होगा। दरअसल, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 22 नवंबर को प्लाटून कमांडर सीधी भर्ती परीक्षा का आयोजन विभिन्न जिलों में किया जाएगा। भर्ती परीक्षा को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 22 नवंबर को हिंदी सहित विभिन्न विषयों की कक्षा 9 से 12 तक की होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर अब 2 दिसंबर को करवाने का निर्णय लिया है। </p>
<p><strong>पहले दिसंबर में थी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं </strong><br />शिक्षक चेतराम मीणा ने कहा कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं पहले दिसंबर माह में प्रस्तावित थीं, लेकिन संशोधित शिविरा कैलेंडर में इन्हें नवम्बर में आगे बढ़ा दिया है। इस वजह से सम्मेलन और परीक्षा कार्यक्रम आपस में टकरा रहे हैं। संघ ने मांग की है कि सरकार स्थिति का संज्ञान लेकर शिक्षकों के हित में शीघ्र निर्णय ले। शिक्षक समुदाय अब शिक्षा विभाग के निर्णय की प्रतीक्षा में है कि क्या सम्मेलन की तिथियों में संशोधन कर नई घोषणा की जाएगी या नहीं।</p>
<p><strong>निजी स्कूलों को 30 मिनट पहले मिलेंगे प्रश्न पत्र</strong><br />शिक्षा निदेशालय में 20 नवंबर से शुरू होने वाली अर्द्धपरीक्षा के आयोजन को लेकर राज्य के सभी संयुक्त निदेशक और जिला शिक्षाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रतिदिन की पारी के मुताबिक विषय वार एवं कक्षा वार परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले निजी स्कूलों को प्रश्न पत्र का वितरण किया जाएगा।</p>
<p><strong>अब 2 दिसम्बर को होगा हिन्दी का पेपर </strong><br />प्रतियोगी परीक्षा से राज्य स्तरीय समान परीक्षा की तिथि में टकराव होने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने संशोधित समय सारणी की घोषित कर दी है। नई समय सारणी के अनुसार 22 नवंबर को दोनों पारियों में आयोजित होने वाले 9वीं से 12वीं कक्षा के विभिन्न विषयों की परीक्षाएं अब 2 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। हिन्दी सहित 7 विषयों की परीक्षा जो पहले अलग अलग पारी में 22 नवम्बर को होनी थी। अब वे 2 दिसंबर को होगी। हालांकि, परीक्षा के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>अर्द्धवार्षिक परीक्षा से टकराया शिक्षक सम्मेलन  </strong><br />शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह ने बताया कि परीक्षा करवाने वाली सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल का अभाव है। जहां एक ओर राज्य स्तरीय समान परीक्षा (अर्द्धवार्षिक परीक्षा) से प्लाटून कमांडर एग्जाम की तिथि टकरा गई वहीं, दूसरी ओर अर्द्धवार्षिक परीक्षा से राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन की तिथियां भी टकरा रही है। उन्होंने कहा कि  शिक्षा विभाग की ओर से घोषित नई परीक्षा तिथियों के चलते शिक्षक सम्मेलन की पूर्व निर्धारित तिथियों पर शिक्षकों की उपस्थिति संभव नहीं होगी। शिविरा पंचांग के अनुसार राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन 21 से 22 नवम्बर को प्रस्तावित है। लेकिन अब-शिविरा कैलेंडर में संशोधन के बाद अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं 20 नवम्बर से आयोजित की जानी तय की गई हैं। जारी टाइम टेबल के मुताबिक 21 और 22 नवम्बर को भी परीक्षा कार्यक्रम निर्धारित है, साथ ही इन्हीं तिथियों पर कर्मचारी चयन बोर्ड की प्रतियोगी परीक्षाएं भी प्रस्तावित है। ऐसे में शिक्षक, परीक्षाएं करवाएंगे या सम्मेलन में उपस्थित होंगे, ऐसे में असमंजस बरकरार है। </p>
<p><strong>राष्ट्रीय जंबूरी : इन विद्यार्थियों की बाद में होगी परीक्षा </strong><br />भारत स्काउट व गाइड राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली के तत्वावधान में 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी 23 नवंबर से 29 नवंबर तक लखनऊ में आयोजित की जाएगी। प्रदेशभर से इस जंबूरी में भाग लेने वाले स्काउट व गाइड अभ्यर्थियों की अर्द्ध वार्षिक व प्रायोगिक परीक्षाएं जंबूरी कार्यक्रम के बाद स्कूल स्तर पर ही ली जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p><strong>परीक्षा नियामक बोर्ड का हो गठन  </strong><br />राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन होता रहता है, जिसके कारण स्कूलों में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की तिथि में टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। राज्य सरकार को टकराव रोकने के लिए राजस्थान परीक्षा नियामक बोर्ड का गठन करना चाहिए ताकि, प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन की तिथि तय करने से पहले शिक्षा विभाग की परीक्षाओं की जानकारी हो सके, जिससे टकराव की स्थिति न हो।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा </strong></p>
<p><strong>परीक्षा में ड्यूटी करेंगे तो सम्मेलन में कैसे उपस्थित होंगे शिक्षक</strong><br />राज्य स्तरीय समान परीक्षा कार्यक्रम के साथ शिक्षक सम्मेलन की तिथियों का टकराव होने से अधिकांश शिक्षक परीक्षा कार्य में व्यस्त रहेंगे। इस स्थिति में सम्मेलन की सफलता प्रभावित होगी। यदि, शिक्षक परीक्षा में ड्यूटी करेंगे तो शिक्षक सम्मेलन में कैसे उपस्थित होंगे। विभाग को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन की तिथियां आगे बढ़ाकर नई तिथियों में घोषित की जानी चाहिए, जिससे परीक्षाओं के सफल संचालन के साथ राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन में शिक्षकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।<br /><strong>-गजराज सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा  </strong></p>
<p>प्रतियोगी परीक्षा से राज्य स्तरीय समान परीक्षा के हिन्दी के पेपर की तिथि टकरा गई थी, जिसे निदेशालय द्वारा संशोधित कर दिया गया है। ऐसे में 22 नवम्बर को होने वाले हिन्दी का पेपर अब 2 दिसम्बर को होगा। जबकि, शेष पेपर यथावत रहेंगे। <br /><strong>-रामचरण मीणा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 16:10:54 +0530</pubDate>
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                <title>विद्यार्थियों के सामने परीक्षा से ज्यादा गर्मी बड़ी चुनौती ...   </title>
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                        <![CDATA[गर्मी में बेहाल छात्र: बिना पंखों के दे रहे परीक्षा ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/heat-is-a-bigger-challenge-for-students-than-exams/article-111325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर है। तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है और ऐसे में जब छात्रों के लिए परीक्षा का समय अत्यंत संवेदनशील होता है। ऐसे में पछाड़ स्थित प्रेमसिंह सिंघवी राजकीय महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं बेहद अमानवीय परिस्थितियों में परीक्षा देने को मजबूर हैं। इन दिनों कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित बी ए प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही हैं। लेकिन परीक्षा कक्षों की बदहाल व्यवस्था ने छात्रों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। अधिकांश कक्षाओं में पंखे बंद हैं या पूरी तरह खराब हो चुके हैं। ना तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और ना ही गर्मी से बचाव का कोई विकल्प। परीक्षा की घड़ी छात्रों के लिए एक मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक परीक्षा बन चुकी है।</p>
<p><strong>स्थानीय लोग और अभिभावक में रोष, बेपरवाह कॉलेज प्रशासन </strong><br />कॉलेज की हालत देखकर आमजन और अभिभावक भी चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि जब सरकारी महाविद्यालय में सुविधाओं की यह स्थिति है, तो छात्रों का भविष्य कैसे उज्जवल होगा? क्षेत्र के नागरिकों ने शिक्षा विभाग से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।</p>
<p><strong> ये है छात्रों की प्रमुख मांगें</strong><br />  महाविद्यालयों के छात्रों की कई मांगे है। जिनमें सभी कक्षाओं में तत्काल पंखों की मरम्मत या नवीन पंखे लगाए जाएं, परीक्षा के दौरान पेयजल और वेंटीलेशन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, कॉलेज परिसर में नियमित सफाई और छात्राओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। शिक्षा विभाग द्वारा निरीक्षण कर मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए आदि है। </p>
<p><strong>चेताने और ज्ञापन के बाद भी नहीं हुआ समाधान</strong><br />कई बार महाविद्यालय में हो रही समस्याओं को लेकर छात्र नेता और विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन देकर और अन्य तरीकों से चेताया है लेकिन उसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। कॉलेज विद्यार्थियों ने बताया कि पूरे साल मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। पानी, शौचालय, सफाई—हर जगह अव्यवस्था का आलम बना हुआ है। जिससे विद्यार्थियों को शिक्षण करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विद्याथियों को एक अनुकूल वातावरण नहीं मिल पा रहा है। जिससे वह अपनी पूरी क्षमता के साथ अध्यापन कार्य कर सके। महाविद्यालय की यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि आखिरकार शिक्षा विभाग कब जागेगा?</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />कॉलेज में सिर्फ परीक्षा की बात नहीं है। पूरे साल मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। पानी, शौचालय, सफाई—हर जगह अव्यवस्था है। यह स्थिति शर्मनाक है और उच्च शिक्षा विभाग को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।<br /><strong>-  पूजा वैष्णव, छात्रा </strong></p>
<p>गर्मी इतनी ज्यादा है कि हमसे बैठा भी नहीं जाता। कई छात्राएं चक्कर खाकर गिर चुकी हैं। बिना पंखों के परीक्षा देना बहुत बड़ी चुनौती है।<br /><strong>- रवीना नागर, परीक्षा देने आई छात्रा </strong></p>
<p>कॉलेज में कई समस्याएं लंबे समय से चल रही हैं। जिन पर कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिया जा चुका है। पंखों की मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब ये परीक्षा के समय छात्रों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो छात्र संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।<br /><strong>- दीपक गुर्जर, अध्यक्ष, कॉलेज छात्र इकाई </strong></p>
<p>कुछ पंखे खराब हो गए हैं। जिसकी जानकारी हमारे पास पहले भी आई थी। मरम्मत के लिए स्थानीय कर्मचारी को सूचना दे दी गई है। बहुत जल्द सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। <br /><strong>-  अरविन्द प्रताप सिंह, प्राचार्य, प्रेमसिंह सिंघवी महाविद्यालय</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 14:48:58 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कोटा विवि ने स्थगित की 12 अप्रेल की सभी सेमेस्टर परीक्षाएं</title>
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                        <![CDATA[सेमेस्टर एग्जाम स्थगित होने पर विद्यार्थियों ने नवज्योति का आभार जताया]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---kota-university-postponed-all-semester-exams-of-12th-april/article-109742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड  की ओर से 12 अप्रेल को होने वाली जेल प्रहरी सीधी भर्ती परीक्षा के चलते कोटा यूनिवर्सिटी ने इसी तिथी पर होने वाली यूजी व पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी है। दैनिक नवज्योति में 3 अप्रेल को सेमेस्टर एग्जाम से टकराई प्रतियोगी परीक्षा की तिथी, संकट में विद्यार्थी..., शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन कोटा यूनिवर्सिटी ने छात्रहित में 12 अप्रेल को होने वाली विभिन्न सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर छात्रों को राहत पहुंचाई। प्रतियोगी परीक्षा से विवि की सेमेस्टर  परीक्षाएं टकराने से विद्यार्थी असमंजस में थे कि वह किस परीक्षा की तैयारी करें। इसी कशमकश के कारण स्टूडेंट्स दोनों ही परीक्षाओं पर फोकस नहीं कर पा रहे थे। सेमेस्टर एग्जाम स्थगित होने पर विद्यार्थियों ने नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p><strong>अब 23 अप्रेल को होगी सेमेस्टर परीक्षाएं</strong><br />कोटा विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रवीण भार्गव ने बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा  स्थगित की गई 12 अप्रेल को होने वाली विभिन्न सेमेस्टर की परीक्षाएं  अब 23 अप्रेल को आयोजित की जाएगी। उन्होंने परीक्षार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपने परीक्षा प्रवेश पत्र में पूर्व में निर्धारित परीक्षा केंद्र व निर्धारित समय पर केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराएं।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों ने जताया नवज्योति का आभार</strong><br />गवर्नमेंट कॉलेज कोटा के निवृतमान छात्रसंघ अध्यक्ष आशिष मीणा ने छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने व परेशानियों का समाधान करवाने के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हजारों विद्यार्थी लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन परीक्षा की तिथी से सेमेस्टर एग्जाम की तिथि टकराने से विद्यार्थी अवसाद में आ गए थे। ऐसे में कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा 12 अप्रेल को होने वाली सभी यूजी-पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित करने से विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही परीक्षा तैयारी का समय भी मिल पाएगा। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 15:29:42 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने जारी किया भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर, परीक्षा और परिणाम की तिथियां बताई</title>
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                        <![CDATA[राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने मार्च 2025 से सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली 44 भर्ती परीक्षाओं का संशोधित कैलेंडर जारी कर दिया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-employees-selection-board-released-the-calendar-exam-and-result/article-106791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajasthan-karamchari-chayan-board.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने मार्च 2025 से सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली 44 भर्ती परीक्षाओं का संशोधित कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर में न केवल परीक्षाओं की तारीखें दी गई हैं, बल्कि संभावित परिणाम तिथियां भी शामिल की गई हैं। कैलेंडर के अनुसार, 2025 में मार्च से दिसंबर तक 35 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जबकि 2026 में 9 परीक्षाओं का आयोजन होगा।  </p>
<p>भर्ती परीक्षाओं में सबसे पहले शीघ्र लिपिक और निजी सहायक ग्रेड सेकेंड की परीक्षा 19 से 23 मार्च 2025 तक होगी, जिसका परिणाम 20 जून को आएगा। इसके बाद 12 अप्रैल को जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा होगी, जिसका परिणाम 12 नवंबर को घोषित किया जाएगा। वहीं, 11 मई को पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन होगा, जिसका परिणाम 11 अगस्त को जारी होगा। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा कैलेंडर देख सकते हैं। इससे उम्मीदवारों को परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 18:00:35 +0530</pubDate>
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                <title>इस बार भी भंवर में फंसेगी छात्रों की नैया!</title>
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                        <![CDATA[राजसेस कॉलेजों में शिक्षण कार्य विद्या संबल शिक्षकों द्वारा करवाया जाता है। जिनकी चयन प्रक्रिया सेमेस्टर वाइज होती है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/this-time-too-the-boat-of-students-will-be-stuck-in-the-whirlpool/article-98289"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/555435.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के अधीन संचालित सरकारी कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था  फिर से बेपटरी होने की कगार पर है। हर साल की तरह इस साल भी परीक्षा से पहले ही विद्या संबल पर लगे शिक्षकों को हटाने की कवायद शुरू हो गई है। जबकि, हाड़ौती के अधिकतर राजसेस कॉलेजों  में अब तक 40 से 50% कोर्स ही पूरे हो सके हैं। जबकि, सत्र 2024-25 में खुले नए कॉलेजों में तो 60 प्रतिशत कोर्स अधूरे हैं। जबकि, यूजी प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम आगामी जनवरी माह में होने हैं। इसके बावजूद  अतिथि शिक्षकों को हटाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में आयुक्तालय ने नोडल महाविद्याय व प्राचार्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, राजसेस कॉलेजों में शिक्षण कार्य विद्या संबल शिक्षकों द्वारा करवाया जाता है। जिनकी चयन प्रक्रिया सेमेस्टर वाइज होती है। लेकिन, शिक्षा सत्र देरी से शुरू होने पर इनकी नियुक्ति भी देरी से की गई। नियमानुसार, 24 सप्ताह या 28 फरवरी इनमें से जो भी पहले हो, तब तक ही यह अध्यापन करवा सकते हैं। लेकिन, यह अवधि सेमेस्टर एग्जाम से पहले होनी चाहिए। जबकि, कई कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति ही सितम्बर-अक्टूबर माह में हुई है। ऐसे में इनके 24 सप्ताह पूरे होने से पहले ही इन शिक्षकों  की छुट्टी कर दी जाएगी। इस अटपटे नियम से शिक्षक व छात्रों में रोष है। </p>
<p><strong>50% तक कोर्स अधूरे </strong><br />हाड़ौती के कई राजसेस कॉलेजों में यूजी प्रथम व थर्ड सेमेस्टर में 50 प्रतिशत कोर्स अधूरे हैं। वहीं, जनवरी माह में प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम प्रस्तावित हैं। ऐसे में परीक्षा से पहले ही शिक्षकों को हटा दिए जाने से विद्यार्थियों का कोर्स पूरा नहीं हो सकेगा। ऐसे में उनका परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की आशंका रहेगी। </p>
<p><strong>नए कॉलेजों में अभी 60 दिन ही लगी क्लासें</strong><br />राजकीय महाविद्यालय दीगोद में कार्यरत विद्या संबल शिक्षिका शर्मिला ने बताया कि यहां 1 अक्टूबर से फैकल्टी लगाई गई है। 80 दिनों में से एक महीना दीपावली व सरकारी अवकाश में गुजर गया। इस दरमियान मात्र 60 दिन ही कक्षाएं लगी हैं। ऐसे में यूजी प्रथम सेमेस्टर का 50 प्रतिशत ही कोर्स पूरा हो सका है। जनवरी में एग्जाम होने हैं। वहीं, परीक्षा से पहले हमारे 24 सप्ताह पूरे नहीं हो पाएंगे। इसके बावजूद विद्या संबल शिक्षकों को हटा दिया जाएगा।   जिससे विद्यार्थियों को अध्यापन में काफी परेशानी होगी। सरकार को कोर्स पूरा होने तक रखना चाहिए। </p>
<p><strong>नियुक्ति में लेटलतीफी, अब हटाने में उतावलापन</strong><br />बारां जिले के राजकीय सीसवाली कॉलेज में कार्यरत   सहायक आचार्य डॉ. रवि कुमार कहते हैं, सरकारी कॉलेजों में शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद में भी शिक्षण के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में लेटलतीफी बरती गई। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद में शिक्षण कार्य शुरू हो पाया। एनईपी में सेमेस्टर सिस्टम होने के कारण सेमेस्टर कक्षाओं में अब तक कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। मगर दूसरी तरफ आयुक्तालय की ओर से 21 जून 2024 को जारी आदेश की पालना करने के निर्देश जारी हो गए हैं। इन आदेशों में साफ तौर पर अतिथि शिक्षकों को 24 सप्ताह या फिर 28 फरवरी 2025 तक हटाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जितनी फुर्ती हटाने में दिखाई जाती है उतनी ही   फुर्ति शिक्षकों की नियुक्ति में भी दिखाई जानी चाहिए।</p>
<p><strong>शिक्षक-विद्यार्थी दोनों तनाव में </strong><br />कोटा संभाग में राजसेस के अधीन संचालित सरकारी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक बेरोजगार होने से तनाव में हैं, वहीं पढ़ाई प्रभावित होने से विद्यार्थियों को परिणाम बिगड़ने का डर सता रहा है। जबकि, जनवरी माह में यूजी प्रथम सेमेस्टर एग्जाम होने हैं और परीक्षा से पहले शिक्षकों को हटाया जाना है लेकिन अधिकतर महाविद्यालयों में 40 से 50 प्रतिशत कोर्स अधूरे हैं। ऐसे में इन दिनों गुरु-शिष्य दोनों ही तनाव से गुजर रहे हैं। </p>
<p><strong>विद्यार्थी बोले- परिणाम बिगड़ने का सता रहा डर</strong><br />अभी तक यूजी प्रथम वर्ष का करीब 40 प्रतिशत ही कोर्स पूरा हुआ है, जनवरी में पेपर है। एग्जाम से पहले विद्या संबल पर लगे शिक्षकों को हटा देंगे तो शेष सिलेबस को कौन पूरा करवाएगा। छात्रों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, द्वितीय वर्ष के सैकंड सेमेस्टर का तो अभी 25 प्रतिशत ही सिलेबस पूरा हुआ है। प्रेक्टिकल व असाइनमेंट भी अधूरे हैं। सरकार एक तरह तो क्वालिटी एजुकेशन देने का दवा करती है और दूसरी तरफ शिक्षकों को हटाने पर तुली है। शिक्षकों के बिना पास होने के भी लाले पड़ जाएंगे।<br /><strong>-भूपेश कुमार, तस्यम नेग, छात्र, सीसवाली व तालेड़ा कॉलेज</strong></p>
<p>सरकार के जो निर्देश मिले हैं, उसकी पालना की जाएगी। हमारे यहां शिक्षक सितम्बर माह में लगे थे। जिनके 24 सप्ताह जनवरी के अंत में पूरे हो जाएंगे। परीक्षा से पूर्व कोर्स पूरे होने की संभावना है। <br /><strong>-प्रो. राजेश कुमार प्राचार्य रामपुरा कन्या महाविद्यालय कोटाक्या कहते हैं शिक्षक</strong></p>
<p>विद्या संबल शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। हर सेमेस्टर में चयन प्रक्रिया के तहत शिक्षकों से फॉर्म भरवाए जाते हैं। वर्ष 2024 में ही 3 बार फॉर्म भर चुके हैं। जिसकी वजह से बार-बार कॉलेज बदल रहा है। <br /><strong>-डॉ. शर्मिला कुमारी, सहायक आचार्य विद्या संबल</strong></p>
<p>राजसेस महाविद्यालय में लगे शिक्षकों को बीच-बीच में न हटाया जाए। चयन प्रक्रिया साल में एक बार होनी चाहिए और जो विद्या संबल शिक्षक जिन कॉलेज में लगे हैं, उन्हें  उसी कॉलेज में लगाया जाए। बार-बार कॉलेज बदलने से शिक्षक व विद्यार्थियों को परेशानी होती है। ऐसे में बार-बार चयन प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए।<br /><strong>-डॉ. हनिफ खान, सहायक आचार्य विद्या संबंल</strong></p>
<p>संभाग में 19 पुराने व 4 नए राजसेस कॉलेज हैं। इनमें से अधिकतर कॉलेजों में सिलेबस अधूरा है। ऐसे में परीक्षा से पहले शिक्षकों को हटाने से विद्यार्थियों की न केवल पढ़ाई प्रभावित होगी बल्कि उनका परिणाम भी बिगड़ने का खतरा रहेगा।  सरकार भले ही विद्या संबंल शिक्षकों को नियमित न करे लेकिन उन्हें एक साल तक के लिए तो कॉलेज में लगाए और बार-बार चयन प्रक्रिया बंद की जानी चाहिए। <br /><strong>-डॉ. रवि कुमार, सहायक आचार्य सीसीवाली कॉलेज बारां</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2024 14:11:48 +0530</pubDate>
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                <title>6 माह की परीक्षा 2 माह में, सिलेबस पूरा होना तो दूर, पास होना ही चुनौती</title>
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                        <![CDATA[हाड़ौती में खुले 4 नए सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों का भविष्य अधर में।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/6-months-exam-in-2-months--let-alone-completing-the-syllabus--even-passing-is-a-challenge/article-92809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती में खुले 4 नए कॉलेजों के विद्यार्थियों का भविष्य अधरझूल में है। दिसम्बर में बीए फर्स्ट ईयर के प्रथम सेमेस्टर एग्जाम होने हैं लेकिन अभी तक कई कॉलेजों में कक्षाएं ही प्रारंभ नहीं हुई है। ऐसे में आगामी 2 माह में सिलेबस पूरा होना तो दूर विद्यार्थियों का पास होना ही चुनौतिपूर्ण है। दरअसल, मुख्यमंत्री बजट घोषणा में सत्र 2024-25 में सरकार ने कोटा, बूंदी व झालावाड़ में कुल 4 नए राजकीय कला महाविद्यालय खोले  हैं। इनमें प्रवेश प्रक्रिया ही 30 सितम्बर तक जारी रही है।  वहीं, कागजों में एक अक्टूबर से कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई लेकिन वास्तविकता में कुछ कॉलेजों में विद्या संबल की फेकल्टी के लिए आवेदन ही 5 अक्टूबर तक निकाले गए हैं। ऐसे में बिना फेकल्टी के कक्षाएं कैसे लग सकती है। वहीं, कुछ महाविद्यालय तो ऐसे हैं, जहां आवंटित सभी विषयों के शिक्षक ही नहीं आए हैं। </p>
<p><strong>टेबल-कुर्सियां तो दूर, बिछाने को दरी पट्टी तक नहीं </strong><br />संभाग के चारों नवीन राजकीय महाविद्यालयों में कुल 447 विद्यार्थियों ने एडमिशन लिया है। इनमें लाखेरी, चेचट व डग महाविद्यालय में विद्यार्थियों को बिठाने के लिए टेबल कुर्सियां तो दूर जमीन पर बिछाने के लिए दरी पट्टियां तक नहीं है। चेचट कॉलेज में 153 तो डग में 96 स्टूडेंट्स कक्षाओं में दरी पट्टी बिछाकर जमीन पर बैठते हैं लेकिन लाखेरी कॉलेज में 132 प्रवेशित छात्र-छात्राओं को बिना दरी पट्टी के जमीन पर बैठना पड़ता है। अव्यवस्थाओं के कारण  नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही है। </p>
<p><strong>जमीन पर बिठाकर पढ़ा रहे विद्यार्थी </strong><br />सरकार की अनदेखी से कॉलेजों में उच्च शिक्षा का मखौल उड़ रहा है। दीगोद को छोड़कर चेचट, डग व लाखेरी सहित तीनों कॉलेजों में विद्यार्थियों को बिठाने के लिए फर्नीचर तक नहीं है। मजबूरी में प्रवेशित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को जमीन पर बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। वहीं, कुछ कॉलेज में तो नल, लाइट  पंखें की व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे हालात में विद्यार्थियों को क्वालिटी एजुकेशन मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। </p>
<p><strong>2 माह में कैसे होगा कोर्स पूरा</strong><br />शिक्षाविदें का कहना है, सरकार ने संभाग में 4 नए कॉलेज खोले हैं। जिनमें कोटा में चेचट, दीगोद, बूंदी में लाखेरी व झालावाड़ में डग महाविद्यालय   शामिल हैं। सेमेस्टर स्कीम के तहत दिसम्बर में कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम करवाए जाने हैं, लेकिन अभी तक सभी महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रोपर रूप से शुरू नहीं हुआ है। वहीं, अक्टूबर से दिसम्बर तक सरकारी व साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर कुल 27 दिन की छुट्टियां हैं। ऐसे में 6 माह की सेमेस्टर परीक्षा  की तैयारी 2 माह में करवाना संभव नहीं है। इस बीच एग्जाम से पहले मिर्ड टर्म भी करवाए जाने हैं, वह कैसे होंगे। सरकार की अव्यवस्थाओं से शिक्षक व विद्यार्थी दोनों ही हैरान हैं। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं प्राचार्य</strong><br />कॉलेज अभी अस्थाई रूप से पुराने अस्पताल भवन में संचालित हो रहा है। यहां बड़ी संख्या में मेडिकल वेस्ट व कचरा-गंदगी के ढेर लगे थे। जिसे साफ करवाने में ही 8 दिन लग गए। करीब 10 ट्रॉली से ज्यादा कचरा निकला है। कक्षाएं  एक अक्टूबर से ही शुरू करवा दी गई है। अभी नल, लाइट, बिजली व फर्नीचर की व्यवस्थाएं कर रहे हैं।<br /><strong>- पवन  शर्मा, नोडल अधिकारी, राजकीय चेचट महाविद्यालय</strong></p>
<p>दीगोद कॉलेज में 75 विद्यार्थियों का एडमिशन हुआ है। बुधवार को ही खादी ग्रामोध्योग से विद्यार्थियों व स्टाफ के लिए फर्नीचर खरीदे हैं।  कक्षाएं आयुक्तालय के निर्देशानुसार विद्या संबल पर शिक्षक नियुक्त कर 1 अक्टूबर से ही शुरू करवा दी गई है। रही बात एग्जाम से पहले कोर्स पूरा करवाने की तो एस्ट्रा क्लासें लगवाकर सिलेबस कम्पलीट करवाया जाएगा। विद्यार्थियों के बेहतर अध्ययन व सुविधाओं के लिए माकूल बंदोबस्त किए जा रहे हैं। आयुक्तालय के दिशा-निर्देशानुसार आगे भी कार्य जारी रहेंगे। <br /><strong>- प्रो. रोशन भारती, प्राचार्य, नोडल राजकीय कला महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी</strong><br />चेचट कॉलेज पुराने जर्जर अस्पताल भवन में चल   रहा है। यहां अस्पताल का मेडिकल वेस्ट के ढेर लगे हैं, जिसकी सफाई करवाने में ही कॉलेज प्रशासन को 8 दिन लग गए। बैठने के लिए टेबल-कुर्सियां नहीं है, जमीन पर दरी पट्टियां बिछाकर बैठना पड़ता है। कागजों में तो 1अक्टूबर से कक्षाएं लग रही हैं लेकिन हकीकत में सातों विषय की कक्षाएं नहीं लग रही। यहां नल, बिजली व पंखे तक की व्यवस्था नहीं है।<br /><strong>- कुशलपाल, छात्र </strong></p>
<p>हम कॉलेज विद्यार्थी हैं, लेकिन हमारी हालात सरकारी स्कूल के बच्चों से भी बदहाल है। स्कूल के बच्चे  दरी पट्टी बिछाकर बैठते हैं लेकिन हमारे लिए जमीन पर बिछाने के लिए दरी पट्टियां तक नहीं है। धूल जमे फर्श पर ही बैठना पड़ता है, कपड़े खराब हो रहे हैं। यह उच्च शिक्षा के साथ मजाक है। सरकार, टेबल-कुर्सियां नहीं दे सकती तो कम से कम बैठने के लिए दरी पट्टियां ही दे दे।<br /><strong>- कुलदीप कुमार (परिवर्तित नाम), छात्र </strong></p>
<p>कॉलेज स्कूल की पुरानी बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। सुविधाएं तो छोड़िए, यहां पढ़ाने के लिए अभी तक शिक्षक नहीं लगे हैं। कक्षाएं ही शुरू नहीं हुई। जबकि, दिसम्बर में प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम प्रस्तावित है। ऐसे में अक्टूबर से दिसम्बर तक सरकारी व साप्ताहिक करीब एक माह की छुट्टियां है। 2 महीने में शिक्षक कोर्स कैसे पूरा करा पाएगी और हम कैसे समझ पाएंगे। यहां एडमिशन लेकर गलती  कर दी, ऐसा महसूस हो रहा है।<br /><strong>- पुष्पेंद्र कुमार (परिवर्तित नाम), छात्र राजकीय महाविद्यालय डग </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />चौमेहला कॉलेज में प्रतिनियुक्ति निरस्त करवाने, स्थाई शिक्षकों की पोस्टिंग व डग के नवीन महाविद्यालय में फर्नीचर सहित अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं के लिए मैंने आज ही उच्च शिक्षा मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री  प्रेमचंद बैरवा से बात की है। उन्होंने जल्द  ही समस्याएं दूर करने का भरोसा दिलाया है।<br /><strong>- कालूराम मेघवाल, विधायक डग झालावाड़</strong></p>
<p>संभाग के सभी नवीन महाविद्यालयों में कक्षाएं 1 अक्टूबर से शुरू करवा दी गई हैं। हमारी कोशिश निर्धारित समय पर सिलेबस पूरा करवाने की रहेगी। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने की जरूरत  पड़ी तो लगाई जाएगी। विद्यार्थियों के हित में बेहतर अध्ययन व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।<br /><strong>- डॉ. गीताराम शर्मा, सहायक क्षेत्रिय निदेशक कॉलेज आयुक्तालय कोटा</strong></p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Oct 2024 16:26:51 +0530</pubDate>
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                <title>दिसम्बर में एग्जाम, अब तक कक्षाएं शुरू तक नहीं</title>
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                        <![CDATA[राहत की जगह बोझ बना सेमेस्टर सिस्टम ।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/exams-in-december--classes-have-not-started-yet/article-91623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय महाविद्यालयों में सेमेस्टर प्रणाली राहत की जगह विद्यार्थियों के लिए बोझ बन गई। 6 माह के एग्जाम ढाई से तीन माह में हो रहे हैं। परीक्षाओं से पहले न तो सिलेबस पूरा हो पा रहा और न ही प्रेक्टिकल व असाइनमेंट समय पर पूरे हो पा रहे। नतीजन, आधी-अधूरी तैयारियों के बीच परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं, जिससे विद्यार्थियों का रिजल्ट बिगड़ रहा है। हालात यह हैं, एमए, एमएसी व एमकॉम के सैकंड सेमेस्टर के एग्जाम हो चुके हैं, इसके बावजूद कॉलेजों में अभी तक थर्ड सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू तक नहीं हो सकी। जबकि, कोटा विश्वविद्यालय द्वारा थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसम्बर में प्रस्तावित है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी के लिए तीन माह का समय मिलेगा लेकिन इन माह में साप्ताहिक अवकाश, राजकीय अवकाश, दीपावली सहित 20 से 25 दिन का अवकाश रहेगा। ऐसे में छात्रों को मात्र ढाई माह का ही समय मिल पाएगा। इस समय में सिलेबस पूरा होना संभव नहीं होगा।</p>
<p><strong>6 माह की परीक्षा ढाई माह में</strong><br />राष्टÑीय शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक सेमेस्टर की परीक्षा 6 माह में होनी चाहिए। लेकिन, कॉलेजों में ढाई से तीन माह में ही एग्जाम हो रहे हैं। हाल ही में पीजी सैकंड सेमेस्टर के एग्जाम सितम्बर माह में सम्पन्न हुए हैं, जबकि यह परीक्षाएं जून 2024 में होनी चाहिए थी। वहीं, यूजी की बात करें तो प्रथम वर्ष के सैकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं गत जून में होनी थी, जो आगामी 8 अक्टूबर को सम्पन्न होगी। </p>
<p><strong>ढाई माह में कोर्स पूरा  करवाना संभव नहीं</strong><br />पीजी थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसम्बर में होनी है, लेकिन अभी तक कक्षाएं शुरू नहीं हुई। अक्टूबर से दिसम्बर तक तीन माह में 20 से 25 दिनों की सरकारी छुट्टियां हैं। ऐसे में परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों के पास मात्र ढाई माह का समय मिलेगा। जिसमें न तो सिलेबस पूरा हो पाएगा और न ही प्रेक्टिकल व असाइनमेंट हो पाएंगे। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच पेपर देना पड़ रहा है, जिसका असर परीक्षा परिणामों में देखने को मिल रहा है। सेमेस्टर सिस्टम को पटरी पर लाने के प्रयास अब तक नाकाफी साबित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं प्राचार्य</strong><br />अभी एमएससी सैकंड सेमेस्टर के प्रेक्टिकल व असाइनमेंट करवाए जाने हैं, जिसकी सूचना विद्यार्थियों को दे दी गई है। दशहरे  की छुट्टी से पहले ही प्रेक्टिकल व असाइनमेंट करवा दिए जाएंगे। इसके बाद थर्ड सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि, थोड़ा समय लग रहा है लेकिन एक बार सेमेस्टर रेगुलाइज हो जाएगातो यह विद्यार्थियों के लिए कारगर साबित होगा।<br /><strong>- प्रो. प्रतिमा श्रीवास्तव, प्राचार्य गनर्वमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>कॉलेज में अभी यूजी सैकंड सेमेस्टर के एग्जाम चल रहे हैं। जिसमें स्टाफ व भौतिक संसाधन लगा है। संसाधनों की कमी होने के बावजूद हमने थर्ड सेमेस्टर की कक्षाएं लगवा दी हैं। रहीं बात, आगामी परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवाने की तो छुट्टियों में भी एक्स्ट्रा क्लासें लगवाकर कोर्स पूरा करवा देंगे। छात्रहित में व्यवस्थाएं बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं।<br /><strong>- प्रो. रोशन भारती, प्राचार्य, गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज </strong></p>
<p>पीजी थर्ड सेमेस्टर के एग्जाम दिसम्बर व जनवरी के मध्य करवाए जाएंगे। वहीं, प्रथम सेमेस्टर के अधिकतर विषयों के परीक्षा परिणाम जारी किए जा चुके हैं। शेष रहे सब्जेक्ट के रिजल्ट जल्द ही जारी किए जाएंगे।<br /><strong>- प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक कोटा यूनिवर्सिटी</strong></p>
<p><strong>विद्यार्थी बोले- ढाई महीने में कोर्स पूरा होना तो दूर प्रेक्टिकल व असाइमेंट भी नहीं हो पाएंगे</strong><br /><strong>वर्ष 2020 से पटरी पर नहीं आया शैक्षणिक सत्र</strong><br />सत्र 2024-25 के एमएससी थर्ड सेमेस्टर की अब तक कक्षाएं नहीं लगाई  गई। जबकि, दिसम्बर में परीक्षाएं होनी है। दीपावली व अन्य राजकीय अवकाश आने से विद्यार्थियों को परीक्षा तैयारी के लिए मात्र 2 माह का ही समय मिलेगा। जिसमें सिलेबस तक पूरा नहीं हो पाएगा। वहीं, सत्र 2023-24 के थर्ड सेमेस्टर के परिणाम अब तक जारी नहीं हुए। जबकि, फोर्थ ईयर की परीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी हैं। ऐसे में विद्यार्थी दूसरे प्रोफेशनल कोर्सेज में एडमिशन नहीं ले पा रहे। कोरोना के बाद से ही शैक्षणिक सत्र पटरी पर नहीं आ सका। जिसका नतीजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। <br /><strong>- आशीष मीणा, निर्वमान छात्रसंघ अध्यक्ष, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>5 महीने बाद भी नहीं जारी किया रिजल्ट</strong><br />सत्र 2023-24 की एमएससी फाइनल ईयर के फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं हो चुकी है लेकिन थर्ड सेमेस्टर का परिणाम अब तक कोटा विवि ने जारी नहीं किया। जबकि, पेपर अप्रेल में ही समाप्त हो गए थे। पांच महीने से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। हालात यह हैं, बिना रिजल्ट देखे ही फाइनल ईयर की परीक्षाएं दे चुके हैं। जिससे परिणाम को लेकर अमंजस की स्थिति बनी हुई है। <br /><strong>- मयंक सोनी, छात्र गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>आधी-अधूरी तैयारी से बिगड़ रहा परिणाम</strong><br /> एमकॉम सैकंड सेमेस्टर के एग्जाम 14 सितम्बर को समाप्त हो चुके हैं इसके बावजूद अभी तक थर्ड सेमेस्टर  की कक्षाएं शुरू नहीं हुई है। कॉलेज प्रशासन द्वारा गु्रप पर इस संबंध में कोई सूचना भी नहीं दी गई है। दिसम्बर तक सिलेबस पूरा नहीं हो पाएगा। हर बार की तरह इस बार भी विद्यार्थियों को आधी-अधूरी तैयारियों के साथ पेपर देना पड़ेगा। आयुक्तालय व कोटा विवि की लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।<br /><strong>- अर्पित जैन, निर्वमान छात्रसंघ अध्यक्ष, गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज</strong></p>
<p><strong>छात्रों में असमंजस की स्थिति </strong><br />एमएससी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा 18 सितम्बर को खत्म हो गई थी। जिसके 8 दिन बाद भी थर्ड सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू नहीं की गई। वहीं, एमएससी प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम अप्रेल 2024 में हुआ था, जिसका परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ। परिणाम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है, ऐसे में आगामी सेमेस्टर की भी पढ़ाई प्रभावित होती है। विवि व कॉलेज प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए।<br /><strong>- रविकांत सैनी, छात्र थर्ड सेमेस्टर, गवर्नमेंट कॉलेज</strong></p>
<p><strong>दूसरे कॉलेजो में नहीं ले पा रहे एडमिशन</strong><br />कोटा विवि कैम्पस में एमएससी थर्ड व फोर्थ सेमेस्टर के एग्जाम हो चुके हैं। प्रेक्टिकल भी हो गए। इसके बावजूद दोनों ही रिजल्ट नहीं आए। जिसकी वजह से अन्य कोर्सेज में एडमिशन नहीं ले पा रहे, क्योंकि दूसरे कॉलेज थर्ड सेमेस्टर में पास होने का सबूत मांग रहे हैं। विश्वविद्यालय में भी सम्पर्क किया लेकिन रिजल्ट कब जारी होंगे, इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। पिछले कई माह से परेशान हो रहे हैं। यूनिवर्सिटी को जल्द से जल्द परिणाम जारी करना चाहिए। <br /><strong>- निरंजना चंदेल, छात्रा एमएससी बॉटनी, कोटा विवि</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Sep 2024 17:18:28 +0530</pubDate>
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                <title>NTA ने घोषित की UGC-NET सहित तीन परीक्षाओं की तिथि</title>
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                        <![CDATA[एनटीए के मुताबिक एनसीईटी की परीक्षा अब 10 जुलाई को कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित होगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nta-announced-the-date-of-three-exams-including-ugc-net/article-83163"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/one-student-one-id.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) की परीक्षा 21 अगस्त से 04 सितंबर तक आयोजित की जाएगी।</p><p>गौरतलब है कि 18 जून को आयोजित यूजीसी नेट की परीक्षा पेपर लीक होने की वजह से एक दिन बाद यानी 19 जून को रद्द कर दी गयी थी, जबकि चतुर्थ वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (एनसीईटी) की परीक्षा 12 जून का आयोजित हुई थी और उसी दिन शाम मेें रद्द कर दी गयी थी। वहीं, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (जॉइंट सीएसआईआर- यूजीसी नेट) की परीक्षा 25 जून से 27 जून के बीच आयोजित होने वाली थी, लेकिन एनटीए ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए इसे स्थगित कर दिया । </p><p>राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से यूजीसी-नेट सहित तीन परीक्षाओं की तिथि घोषित की गयी। एनटीए के मुताबिक एनसीईटी की परीक्षा अब 10 जुलाई को कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में आयोजित होगी। वहीं, जॉइंट सीएसआईआर- यूजीसी- नेट की स्थगित परीक्षा अब 25 से 27 जुलाई के बीच सीबीटी मोड में आयोजित होगी, जबकि यूजीसी-नेट की परीक्षा 21 अगस्त से चार जुलाई के बीच सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी। </p><p>यूजीसी इंडिया ने एक्स पर एनटीए की ओर से जारी अधिसूचना को पोस्ट करते हुए लिखा कि यूजीसी-नेट जून 2024 चक्र 21 अगस्त से 04 सितंबर 2024 के बीच आयोजित किया जाएगा। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी-नेट और एनसीईटी 2024 की तिथियों की भी घोषणा की गई है। पूरी जानकारी एनटीए की वेबसाइट <a href="http://nta.sc.in">http://nta.sc.in</a> पर प्राप्त करें।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 15:41:06 +0530</pubDate>
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                <title>लोकसभा चुनाव का राष्ट्रीय परीक्षाओं की तिथि पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव</title>
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                        <![CDATA[ऐसे में विद्यार्थी अपनी पूरी तैयारी रखें। आने वाले दिनों में यह परीक्षाएं हैं और लोकसभा चुनाव भी होने हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पूर्व की निर्धारित तिथि पर ही आयोजित की जाएगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lok-sabha-elections-will-not-have-any-impact-on-the-exams/article-73197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(4)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लोकसभा चुनाव का राष्ट्रीय परीक्षाओं की तिथि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इन परीक्षा में जेईई मेन, सीयूईटी यूजी और नीट यूजी की तिथियों में फेर बदलाव नहीं किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की ओर से जेईई मेन, सीयूईटी यूजी एवं नीट यूजी परीक्षा की तैयारियों में लगे स्टूडेंट्स के लिए राहत दी है, कि परीक्षाओं की तिथि में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा और एग्जाम तय समय पर ही आयोजित होंगे। </p>
<p>ऐसे में विद्यार्थी अपनी पूरी तैयारी रखें। आने वाले दिनों में यह परीक्षाएं हैं और लोकसभा चुनाव भी होने हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पूर्व की निर्धारित तिथि पर ही आयोजित की जाएगी। यह यूजीसी ने स्पट कर दिया है। ऐसे में जो भी छात्र इन एग्जाम के लिए आवेदन कर चुके हैं वे अपनी परीक्षा तैयारियों को जारी रखें। इन परीक्षाओं में करीब 60 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।</p>]]>
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                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 12:22:09 +0530</pubDate>
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