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                <title>councilor - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 76- इस पार्षद को वोट देकर गलती हो गई, वार्ड हो गया गंदगी से बदहाल</title>
                                    <description><![CDATA[पार्षद वार्ड में आना तो दूर की बात, अब तो वह हमारा फोन तक नही उठातें है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-76--voting-for-this-councillor-was-a-mistake--the-ward-has-become-in-a-bad-state-due-to-filth/article-119780"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/882roer-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम कोटा दक्षिण का वार्ड 76  अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। यहां घरों के आगे झूलते तार, चरमराई सफाई व्यवस्था, पार्क में टूटे झूले वार्ड की बदहाली की गवाही दे रहे हैं। वार्डवासियों के काम नहीं होने से परेशान हो रहे हैं। वार्ड में आधिकांश लोग तो वार्ड पार्षद का नाम तक नहीं जानते है। वार्डवासियों का कहना है कि हमें लगता है कि वार्ड पार्षद को वोट देकर बहुत बड़ी गलती कर दी। जिसकी सजा पूरा वार्ड भुगत रहा है। इस वार्ड में सालों से रह रहें है लेकिन वार्ड पार्षद के दर्शन दुर्लभ ही है।  वो ना तो  वार्ड में नजर आते ना ही  किसी समस्या का समाधान करते हंै। कई सालों से वार्ड में नाले जाम हो रहे है। कई बार शिकायत करने के बाद भी पार्षद इस का समाधान नहीं करा पा रहे है। वार्ड में बिजली के तार घरों को छूते हुए छतों से गुजर रहें है। जिससे हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इस समस्या को लेकर कई बार मौखिक व लिखित में अवगत कराई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सकता। वार्डवासियों का कहना है कि पार्षद वार्ड में आना तो दूर की बात, अब तो वह हमारा फोन तक नही उठातें है।</p>
<p><strong>गार्डन बन गए जंगल</strong><br />वार्ड में पार्कों के हालात बत से बदतर बने हुए है कई पार्को में तो झूलें ही नहीं है और कई पार्को में झूले कबाड़ अवस्था में नजर आते हंै। बारिश के मौसम में पार्क  में पानी की निकासी नहीं होने के कारण पार्क में चहुंओर पानी भर जाता है जिससे पार्को में जाने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पार्क में चारों ओर बड़ी बड़ी झाड़ियां फैल गई है जिससे गार्डन में घूमने आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।<br /><strong>-जमना बाई, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>खम्भों से झूलते हुए तार बन सकते हैं दुर्घटना का कारण</strong><br />पूरे वार्ड में बिजली के तार खम्भों से झूलतें हुए घरों के सहारे लटक रहें है जिससें कभी भी घटना घट सकती है। इस समस्या के लिए कई बार पार्षद को बोला है। लेकिन अब तो ये हालात है कि वो हमारा फोन तक नहीं उठाते है। वार्ड के विकास के लिए अब किससे गुहार लगाए। <br /><strong>-बिरधीलाल सुमन, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>नालों की नहीं हो रही सफाई</strong><br />वार्ड की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। इस वार्ड का कोई धणी धोरी नहीं है। सालों से वार्ड में नालों कि समय से सफाई नही होने के कारण नाले जाम हो गए है जिससे काफी समस्या आती है। वार्ड में नालियां जाम हो रही है। जिसकी हमें खुद के पैसों से  सफाई करवानी पड़ रही है। <br /><strong>-कुंजबिहारी शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>गंदगी लगा रही वार्ड को दाग</strong><br />वार्ड में  महीने में एक या दो बार सफाई कर्मचारी सफाई करने आते है, अन्य दिनों मेंसफाई करवाने के लिए रुपए देकर सफाई करानी पड़ती है। पार्षद की ओर से त्े सफाई व्यवस्था बिल्कुल सही नहीं है वार्ड में चहुओर गंदगी फैली हुई रहती है। इस कारण वार्ड की सुन्दरता को दाग लग रहा है।<br /><strong>- लाडबाई, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में कई कार्य करवाए हैं जिन लोगों को समस्या आ रही है मुझे पता है उन्होनें मुझे वोट नहीं दिए। लेकिन फिर भी मैं सभी की समस्या का समाधान करने की कोशिश करता हूं। <br /><strong>-कुलदीप गौतम, पार्षद वार्ड 76</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 14:57:50 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 12 - जनता की आवाज : जो वादे किए थे, वो पूरा करें पार्षद</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल में एक बार भी पार्षद ने वार्ड में झांक कर देखा तक नहीं कि वार्डवासी किन तकलीफों से गुजर रहे हैं। पार्षद बनते ही वादे हवा हो गए और कल तक जो अपनापन था वो आज परायपन में तब्दील हो गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-12---voice-of-the-public--the-councilor-fulfill-the-promises/article-14263"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ward-12--janta-ki-awaz.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निकाय चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों ने वार्डों को स्मार्ट बनाने के जो वादे किए थे वो चुनाव खत्म होने के साथ ही जेहन से मिट गए। पहले एक-एक घर दस्तक देकर कुशलक्षेम पूछते, भाई-भतीजा, बेटा बनकर अपनापन जताते फिर वोट मांगते। परीक्षा की घड़ी आई तो जनता ने भी अपना फर्ज निभाया और पूरी निष्ठा से पार्षद को शहरी सरकार का हिस्सा बनाया। लेकिन, पार्षद बनते ही वादे हवा हो गए और कल तक जो अपनापन था वो आज परायपन में तब्दील हो गया।  हालात यह हैं, दो साल में एक बार भी पार्षद ने वार्ड में झांक कर देखा तक नहीं कि वार्डवासी किन तकलीफों से गुजर रहे हैं।  दैनिक नवज्योति टीम नगर निगम दक्षिण के वार्ड 12 के बाशिंदों के बीच पहुंची तो लोगों ने कुछ इस तरह पीड़ा बयां की। <br /><br /><strong>यह है वार्ड क्षेत्र</strong> <br />वार्ड-6 का सम्पूर्ण क्षेत्र, झाडू बस्ती, सेक्टर 5-ए आशिंक, रेलवे लाइन के सहारे बस्ती, अभिज्ञान स्कूल की गली, गांधी नगर कच्ची बस्ती शामिल हैं। <br /><br /><strong>बच्चों का निकलना मुश्किल</strong><br /> पीएनटी कॉलोनी स्थित विस्तार योजना की कॉलोनी में घरों तक पहुंचने का रास्ता तक नहीं बचा।  सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए खोद सीसी सड़क पर कीचड़ पसरा हुआ है। ईद पर मेहमान कीचड़ से होते हुए घर पहुंचे। चारों तरफ गंदगी का ढेर लगा हुआ है। बारिश का पानी भरा होने से मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। खेलने के लिए बच्चों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। <br /><strong>- अब्दुल गनी, वार्ड 12 निवासी</strong><br /><br /><strong>घरों के सामने कचरे का ढेर</strong><br />कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर कचरे का ढेर लगा हुआ है। भोजन की तलाश में आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। दुर्गंध से मोहल्लेवासियों का रहना मुहाल हो गया। यहां से गुजरने के दौरान श्वानों का झूंझ राहगीरों व बाइक सवारों को काटने दौड़ता है। कई बार इनसे बचने के चक्कर में बाइक सवार गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। समय पर कचरे का उठाव नहीं होना सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। <br /><strong>-इश्तियाक अली, विस्तार योजना निवासी</strong><br /><br /><strong>गलियों में सड़ रहा कचरा</strong><br />झाडू बस्ती में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नहीं होता। टीपर भी समय पर नहीं आते। सफाई कर्मचारी भी सप्ताह में दो या तीन बार ही आते हैं। वहीं, बस्ती की गलियों में सफाई नहीं होने से कचरा सड़ता रहता है। बदबू से लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। यहां सरकारी स्कूल का भवन खंडर हो चुका है, जिसमें रात को असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। <br /><strong>-राधा देवी, झाडू बस्ती निवासी</strong><br /><br /><strong>आफत बने झूलते  बिजली के तार</strong><br />मोहल्ले में बिजली के तार काफी नीचे की ओर झूल रहे हैं। लोडिंग वाहनों के गुजरने के दौरान तार उलछकर टूट जाते हैं, जिससे घंटों बिजली गुल रहती है। वहीं, विद्युत पोल घरों से सटे हुए हैं। जिससे बरसात के दौरान करंट का खतरा बना रहता है। पूर्व में पार्षद को भी समस्या से अवगत कराया था लेकिन समाधान नहीं हुआ। <br /><strong>- शिव लाल, वार्ड 12 निवासी</strong><br /><br /><strong>नहीं होती सुनवाई</strong><br />वार्ड 12 के इलाके में अधिकतर हिस्सा कच्ची बस्ती आती है। जहां पार्कों में अतिक्रमण, सड़क व धीमी गति से जलापूर्ति सहित कई समस्याएं हैं। जिनका समाधान के लिए संबंधित विभागों की शिकायत महापौर, एक्सईएन, जेईएन से की लेकिन बीजेपी पार्षद होने के नाते सुनवाई नहीं हुई। सीवरेज लाइन का काम पूरा होते ही पूरी सीसी सड़क बनवाएंगे। झाडू बस्ती में क्रमोन्नत होने के बाद खाली पड़े सरकारी स्कूल भवन को सामुदायिक भवन में तब्दील करवाना प्राथमिकता है, ताकि लोगों को शादी-समारोह के आयोजन के लिए जगह मिल सके। सेक्टर-6 में तीन पार्क हैं, जहां चारदीवारी, नई बैंचे, प्लास्टर सहित अन्य काम करवाएं हैं। वहीं, जहां पानी की समस्या है वहां नई पाइप लाइन बिछाने के लिए जलदाय विभाग को लिखा है। <br /><strong> दिलीप सिंह, पार्षद वार्ड 12</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Jul 2022 13:29:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रिश्वत लेते भाजपा पार्षद व उसका पति गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी प्रथम ने नगर परिषद के वार्ड 29 की भाजपा की पार्षद लक्ष्मीदेवी सेन व उसके पति मुकेश सेन को एक ठेकेदार से एक लाख 50 हजार (एक लाख 20 हजार का चेक और 30 हजार नकद) की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bhilwara/bjp-councilor-and-her-husband-arrested-for-taking-bribe/article-12798"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bhp1.jpg" alt=""></a><br /><p>भीलवाड़ा। भीलवाड़ा की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने लगातार दूसरे दिन बुधवार को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए एक और कार्यवाही को अंजाम दिया। एसीबी प्रथम ने नगर परिषद के वार्ड 29 की भाजपा की पार्षद लक्ष्मीदेवी सेन व उसके पति मुकेश सेन को एक ठेकेदार से एक लाख 50 हजार (एक लाख 20 हजार का चेक और 30 हजार नकद) की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी प्रथम के इंस्पेक्टर नरसीलाल मीणा ने बताया कि एसीबी भीलवाड़ा इकाई को परिवादी गुढा का खेड़ा बरसनी निवासी और महालक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर व नगर परिषद के ठेकेदार सुवालाल पुत्र मांगीलाल कुमावत ने शिकायत दी कि उसके द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्यों को निर्बाध चलने देने की एवज में पार्षद लक्ष्मीदेवी सेन द्वारा अपने पति मुकेश सेन के माध्यम से एक लाख 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर परेशान किया जा रहा है। इस पर एसीबी अजमेर के उप महानिरीक्षक समीर कुमार सिंह के सुपरविजन और भीलवाड़ा इकाई के एएसपी बृजराज सिंह चारण के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। बुधवार को पुलिस निरीक्षक नरसीलाल ने मय टीम कार्यवाही करते हुए वार्ड 29 की पार्षद लक्ष्मीदेवी सेन के कहने पर उसके पति मुकेश सेन को परिवादी से एक लाख 50 हजार रुपए (एक लाख 20 हजार का चेक और 30 हजार नकद) रिश्वत राशि लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने यह कार्यवाही काशीपुरी में विष्णु जलपान गृह के पास की। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। इनके आवास व ठिकानों पर सर्च की जा रही है। इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली एसीबी प्रथम की टीम में एसीबी निरीक्षक मीणा के साथ एएसआई रामपाल, देबीलाल जंगलिया, श्रवण कुमार, किशोर, हेमेंद्र सिंह आदि शामिल थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भीलवाड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 13:02:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
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                <title>पार्षद कचरे की गाड़ी लेकर पहुंचा निगम के ऑफिस</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना नगर निगम के लिए चुनौती भरा काम हो गया है। भरसक प्रयासों के बाद भी स्थिति सुधर नहीं रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-councilor-reached-the-corporations-office-with--garbage-vehicle/article-12833"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ww-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना नगर निगम के लिए चुनौती भरा काम हो गया है। भरसक प्रयासों के बाद भी स्थिति सुधर नहीं रही है। इसका खामियाजा शहरवासियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को उठाना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि अपने-अपने वार्ड में कचरा संग्रहण व सफाई को लेकर बार-बार अधिकारियों के आगे गुहार लगा रहे है, लेकिन पार्षदों की सुनवाई नहीं हो रही है। इसकी बानगी देखने को मिली। मालवीय नगर जोन के वार्ड 134 से पार्षद करण शर्मा कचरे से भरा टैम्पो लेकर जोन कार्यालय पहुंचे। कचरे को कार्यालय परिसर में खाली कर महापौर एवं निगम प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।</p>
<p>शर्मा ने बताया पिछले 10 दिन से वार्ड की कई कॉलोनियों से कचरा नहीं उठ रहा है। इस संबंध में सफाई निरीक्षक से लेकर उपायुक्त तक सभी को शिकायत कर चुका हूं। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों के साथ कचरे का टैम्पो भरकर लाया हूं जिसे निगम के द्वार पर खाली किया हैं। इससे निगम प्रशासन की आंखें खुल सके और सफाई व्यवस्था में सुधार करे। पहले हूपर दो-तीन दिन में कचरा उठाने आते थे। अब दस दिन से हूपर कचरा उठाने नहीं आ रहे। वार्ड में जगह-जगह बने कचरा डिपो भी भर गए। बारिश का समय चल रहा है और कचरा गीला होने पर बदबू आती है। पार्षद के विरोध के बाद मालवीय नगर नगर निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए 5 दिन का समय मांगा हैं। उपायुक्त ने कहा कि हूपर रोजाना जा रहे हैं। कुछ कॉलोनियां छूट रही है, तो वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 11:46:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पानी की किल्लत को लेकर पार्षद के साथ किया विरोध प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय जलदाय विभाग कार्यालय में रोजाना पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर कस्बे के विभिन्न वार्डों से लोग पहुंच रहे है। रविवार को वार्ड पार्षद गौतम बंसल के साथ कुछ पार्षद व नागरिक पेयजल की मांग को लेकर रामलीला पार्क में स्थित पानी की टंकी के पास इकट्ठे हुए और अधिकारियों को पेयजल की सप्लाई सुचारू नहीं करने पर टंकी पर चढ़ने की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/protest-with-councilor-over-water-shortage/article-12084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bik-rawatsar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रावतसर।</strong> शहर में गर्मी बढ़ने के साथ साथ पेयजल की भयंकर किल्लत का शहर वासियों को सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जलदाय विभाग कार्यालय में रोजाना पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर कस्बे के विभिन्न वार्डों से लोग पहुंच रहे है। रविवार को वार्ड पार्षद गौतम बंसल के साथ कुछ पार्षद व नागरिक पेयजल की मांग को लेकर रामलीला पार्क में स्थित पानी की टंकी के पास इकट्ठे हुए और अधिकारियों को पेयजल की सप्लाई सुचारू नहीं करने पर टंकी पर चढ़ने की चेतावनी दी। लेकिन अधिकारियों ने पार्षदों को दूरभाष पर ही शीघ्र ही वार्ड में पेयजल सप्लाई सुचारू करने का आश्वासन दिया और थोड़ी देर बाद वार्ड 21 में पेयजल सप्लाई छोड़ दी गई।</p>
<p>इसी क्रम में सोमवार को वार्ड 9, 20 व 21 मैं पेयजल सप्लाई नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए लगभग दो दर्जन महिला व पुरुष जलदाय विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय पहुंचे और पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग की। सहायक अभियंता हेमंत कुमार सोनी ने बताया कि जहां पर पेयजल सप्लाई की मांग कर रहे हैं वह क्षेत्र काफी ऊंचा है इसलिए वहां पर पानी कम पहुंचता है। शहर वासियों ने बताया कि लगभग 5 से 7 दिन के अंतराल पर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन वह भी हमारे घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है।प्रदर्शन कर रहे महिला व पुरुषों ने बताया कि यह समस्या वर्षों से है लेकिन विभाग द्वारा कोई हल नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शन मैं शामिल लोगों ने बताया कि हमारे क्षेत्र की गलियां बहुत संकरी है इसलिए घर तक पानी का टैंकर भी नहीं पहुंच पाता है।  प्रदर्शन करने वालों में पार्षद देवीलाल नाथ, ओमप्रकाश,महेंद्र कुमार, सुनील सोनी, अरुण कुमार, रमेश जाजू आदि शामिल रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 14:47:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नगर परिषद के गेट पर पार्षद ने जड़ा ताला, आयुक्त व पार्षद के बीच हुई नोंक-झोंक</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर परिषद आयुक्त नवीन भारद्वाज ने नाराज पार्षद से समझाइश कर ताला खुलवाने का प्रयास किया मगर दोनों के बीच देखते ही देखते तीखी नोकझोंक हो गई। ऐसे में नगर परिषद आयुक्त नवीन भारद्वाज ने पार्षद द्वारा मुख्य गेट पर लगाए गए ताले तो तुड़वा दिया। आयुक्त द्वारा ताला तुड़वाने के बाद नाराज पार्षद नगर परिषद के मुख्य गेट पर ही धरना देकर बैठ गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/the-councilor-put-a-lock-on-the-gate-of-the-city-council--there-was-a-dispute-between-the-commissioner-and-the-councilor/article-11506"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/swm1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> सवाई माधोपुर।</strong> सवाई माधोपुर नगर परिषद में सोमवार को उस वक्त माहौल गरमा गया जब नगर परिषद के पार्षद फुरकान अली ने नगर परिषद अधिकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से नाराज होकर नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। नगर परिषद के मुख्य गेट पर तालाबंदी की सूचना पर नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारी सकते में आ गए।</p>
<p><br />इस दौरान नगर परिषद आयुक्त नवीन भारद्वाज ने नाराज पार्षद से समझाइश कर ताला खुलवाने का प्रयास किया मगर दोनों के बीच देखते ही देखते तीखी नोकझोंक हो गई। ऐसे में नगर परिषद आयुक्त नवीन भारद्वाज ने पार्षद द्वारा मुख्य गेट पर लगाए गए ताले तो तुड़वा दिया। आयुक्त द्वारा ताला तुड़वाने के बाद नाराज पार्षद नगर परिषद के मुख्य गेट पर ही धरना देकर बैठ गया।</p>
<p>ऐसे में आयुक्त को मानटाउन थाना पुलिस बुलाना पड़ा पुलिस अधिकारियों द्वारा पार्षद से समझाइश की गई। मगर नाराज पार्षद नगर परिषद के मुख्य गेट पर धरने पर बैठा रहा और कड़ी मशक्कत के बाद धरने से उठा। पार्षद फु रकान अली का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं की दो पट्टे व रजिस्ट्रेशन की दो फाइलें नगर परिषद में है। दोनों फाइलों को लेकर वे पिछले 6 महीनों से नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अधिकारी कर्मचारियों द्वारा कोई भी काम नहीं किया जा रहा। पार्षद का आरोप है कि नगर परिषद कार्मिकों द्वारा उनके कार्यकर्ताओं की फाइलों को ही गुम कर दिया गया। ऐसे में मजबूरन आज उन्हें नगर परिषद के गेट पर ताला लगाना पड़ा और धरने पर बैठना पड़ा, पार्षद का कहना है कि लोगों ने उन्हें जीता कर भेजा है अगर वो लोगों का काम ही नहीं करा करा सके तो पार्षद बनकर क्या फायदा।</p>
<p> पार्षद का कहना है कि अब भले ही उन्हें इस्तीफा देना पड़े या जेल जाना पड़े वे अपने कार्यकर्ताओं का काम करवाकर रहूंगा। वहीं नगर परिषद आयुक्त नवीन भारद्वाज का कहना है कि पार्षद बेवजह ही नाराज हो रहे है पार्षद के कार्यकर्ताओं की जिस कार्मिक के पास फÞ ाइल थी उसका तबादला हो चुका है। अभी तक किसी अन्य कार्मिक को चार्ज नहीं दिया गया है। जैसे ही अन्य कार्मिक को चार्ज दिया जाएगा पार्षद का कार्य भी हो जाएगा। आयुक्त ने कहा कि नगर परिषद से कोई भी फाइल गुम नहीं हुई है। गौरतलब है कि सवाई माधोपुर नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड है और नगर परिषद पर तालाबंदी करने वाला पार्षद फु रकान अली भी कांग्रेस के ही पार्षद हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 13:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवज्योति की ख़बर का असर: फिर पाबंदी के आदेश, निकायों में पार्षद पतियों की नो एंट्री</title>
                                    <description><![CDATA[स्वायत्त शासन विभाग ने इस मामले में पुराने आदेश का हवाला देते हुए फिर से सभी निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निकायों के क्रियाकलापों और बैठकों में महिला पार्षद के पति या रिश्तेदार शामिल नहीं होंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--effect-of-the-news-of-navjyoti--orders-of-ban-again--no-entry-of-councilor-husbands-in-bodies/article-9307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/khabar-ka-asar-.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;"> जयपुर। प्रदेश की नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं में भले ही महिला जनप्रतिनिधि निर्वाचित हुई हो, लेकिन निकायों के क्रियाकलापों, बैठकों आदि में उनके पति या अन्य नजदीकी रिश्तेदार सक्रिय रुप से हिस्सा लेते है। सरकार के बार-बार निर्देश जारी करने के बाद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही है। स्वायत्त शासन विभाग ने इस मामले में पुराने आदेश का हवाला देते हुए फिर से सभी निकायों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निकायों के क्रियाकलापों और बैठकों में महिला पार्षद के पति या रिश्तेदार शामिल नहीं होंगे। यही नहीं निकाय के कामों में भी पति या रिश्तेदार दखलअंदाजी नहीं करेंगे। अगर इस आदेश का उल्लंघन किया गया तो संंबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी।</span><br style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;" /><br style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;" /><strong><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">काम के देते हैं निर्देश</span></strong><br style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;" /><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">गत दिनों ग्रेटर नगर निगम जयपुर में पूर्व कार्यवाहक महापौर शील धाभाई ने भी महिला पार्षद के पतियों की एंट्री बंद कर दी थी। बाकायदा निगम दफ्तर में जगह-जगह पार्षद पति की नो एंट्री के पर्चे तक लगाए गए थे। धाभाई ने कहा था कि इस आदेश के पीछे उनका मंतव्य यही है कि महिला पार्षद खुद एक्टिव हों और खुद समझे कि निगम में काम कैसे करवाया जाता है। पार्षद पतियों की एन्ट्री को लेकर निकायों के अधिकारी-कर्मचारी भी शिकायतें करते रहे है। पार्षद पति अधिकारियों के काम में भी हस्तक्षेप करते हैं। खुद महिला पार्षद कुछ नहीं बोलती और उनके पति ही सभी आदेश देते हैं।</span></p>
<p><strong><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</span></strong></p>
<p><span style="color:#222222;font-family:Arial, Helvetica, sans-serif;font-size:small;font-style:normal;font-weight:400;letter-spacing:normal;text-indent:0px;text-transform:none;white-space:normal;word-spacing:0px;background-color:#ffffff;text-decoration-thickness:initial;text-decoration-style:initial;text-decoration-color:initial;float:none;">दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को उठाया था सरकार और प्रशासन तक खबर के माध्यम से बात रखी थी कि कैसे महिला जनप्रतिनिधि भले ही निर्वाचित होती है, लेकिन निकायों के क्रियाकलापों, बैठकों में उनके पति या रिश्तेदार सक्रिय रूप से हिस्सा लेते रहे है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 May 2022 17:50:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलवर में भ्रष्टाचार: पार्षद तो छोटी मछली, मगरमच्छ पकड़ से दूर</title>
                                    <description><![CDATA[नगर परिषद् अलवर में सिविल कार्यों की निविदाओं में भ्रष्टाचार के मामले में पार्षद नरेन्द्र मीणा सहित दो ठेकेदार बीते गुरुवार पांच लाख पन्द्रह हजार की मोटी राशि सहित एसीबी के हत्थे चढ़ गए। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/corruption-in-alwar--councilor-is-a-small-fish--crocodile-away-from-catch--the-question-is--how-did-a-councilor-dare-to-have-such-a-huge-corruption--the-earnings-of-corruption-used-to-be-distributed-till-the-top/article-4822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/rishwat.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। नगर परिषद् अलवर में सिविल कार्यों की निविदाओं में भ्रष्टाचार के मामले में पार्षद नरेन्द्र मीणा सहित दो ठेकेदार बीते गुरुवार पांच लाख पन्द्रह हजार की मोटी राशि सहित एसीबी के हत्थे चढ़ गए। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि एक पार्षद की इतने बड़े भ्रष्टाचार की हैसियत कैसे हुई। साफ है कि पार्षद नरेन्द्र मीणा तो एक छोटी मछली है। मगरमच्छ तो दूसरे ही हैं। भ्रष्टाचार की कमाई ऊपर तक बंटती थी।मामले में तीनों आरोपियों को एसीबी कोर्ट ने तीन दिन के रिमांर्ड पर सौंपा। तीनों की रिमांड अवधि समाप्त होने पर सोमवार को एसीबी ने आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसीबी की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में इस कदर खौफ छा गया कि नगर परिषद् को नरक परिषद् बना चुके कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं ठेकेदारों ने फोन बंद कर लिए। इससे साफ जाहिर होता है, कि नगर परिषद् में भ्रष्टाचार के खुले खेल में सभी लोग शामिल थे। <br /><br /><strong>ठेकेदारों का पूल बनाकर कम दर पर ठेके का खेल</strong><br />एक पार्षद स्तर का नेता नगर परिषद् की ओर से जारी निर्माण कार्यों की निविदाओं पर अपने चहेते ठेकेदारों का पूल बनाकर उन्हें 5 से 7 प्रतिशत ब्लो रेट पर टेंडर दिलवा रहा था। खास बात यह है, कि इनमें एक दर्जन से अधिक ऐसी फर्म हैं, जिन्हें ईएसआई व पीएफ जैसी शर्तों को दरकिनार करते हुए टेंडर दिए गए। </p>
<p><br /><strong>मंत्री और बड़े कांग्रेस नेताओं का करीबी</strong><br />लोगों के बीच पार्षद नरेन्द्र मीणा की जिले के एक पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्य के एक केबिनेट मंत्री सहित कांग्रेस के आला नेताओं से नजदीकियों को लेकर चर्चा है। राज्य सरकार में केबिनेट मंत्री के हर कार्यक्रम में पार्षद नरेन्द्र मीणा को मंच पर जगह मिलती रही है।  मीणा रिश्वत मामले में पकड़े जाने से पूर्व तक जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव के साथ ही प्रवक्ता भी थे। लोगों का कहना है कि केबिनेट मंत्री के सबसे कृपापात्र होने के कारण उनके हर कार्य को नरेन्द्र मीणा ही देखते थे। चाहे किसी को ठेका दिलवाना हो या फिर कोई डिजायर लिखवानी हो। इन सब कामों की फुल डीलिंग नरेन्द्र मीणा के हाथों  होती थी। <br /><br /><strong>पार्षद नरेन्द्र मीणा को मिला मंत्री की नजदीकी का फायदा</strong><br />अलवर से केबिनेट मंत्री बनने के साथ ही नरेन्द्र मीणा का कांग्रेस में रूतबा अचानक बढ़ गया। इससे पहले नरेन्द्र स्कीम नम्बर 5 स्थित मकान में रहते थे। लेकिन करीब तीन साल पहले मोती डूंगरी स्थित एक सोसायटी में फ्लैट लेकर केबिनेट मंत्री के पड़ौसी बन गए। तभी से नरेन्द्र मीणा का कद अचानक बढ़ता चला गया। <br /><br /><strong>बीना गुप्ता के ट्रैप होने के बाद सभापति बनने की थी तैयारी</strong><br />नगर परिषद् की पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता के रिश्वत प्रकरण में ट्रैप होने के बाद मंत्री का नजदीकी होने के कारण नरेन्द्र को ही चेयरमैन पद के चेहरे के रूप में देखा जा रहा था लेकिन कांग्रेस पार्षदों की आंतरिक कलह में क्रास वोट के डर से मुकेश सारवान को चेयरमैन बनाना पडा। इसमें नरेन्द्र मीणा की ही अहम भूमिका रही। यहां तक की मुकेश सारवान चेयरमैन बनते ही नगर परिषद् में नरेन्द्र मीणा के जयकारे लगाते दिखाई दिए। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है, कि चाहे नगर परिषद् में कोई भर्ती हो या फिर निविदा सहित अन्य कोई भी कार्य सबमें नरेन्द्र मीणा की सहमति सबसे जरूरी रहती थी।</p>
<p><br /><strong>आगाह कर रहे थे पार्षद</strong><br />कुछ पार्षदों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर यहां तक कहा कि उनके द्वारा एसीबी की कार्रवाई से पहले कुछ दिनों से नरेन्द्र मीणा को बार-बार आगाह किया जा रहा था। लेकिन मंत्री के साथ नजदीकियों के चलते अति आत्मविश्वास के चलते एसीबी  प्रकरण हुआ। इससे पहले भी कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में नरेन्द्र को लेकर काफी नाराजगियां रही। पार्षद नरेन्द्र मीणा राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 15:49:01 +0530</pubDate>
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                <title>अलवर में जयपुर एसीबी की कार्रवाई, अलवर नगर परिषद में दो ठेकेदार और पार्षद नरेंद्र मीणा को पांच लाख 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी के इस एक्शन में चार स्थानों पर एसीबी की टीम ने एक साथ कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/action-of-jaipur-acb-in-alwar--two-contractors-and-a-councilor-in-alwar-municipal-council--narendra-meena-caught-taking-bribe-of-five-lakh-15-thousand-rupees/article-4571"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/whatsapp-image-2022-02-17-at-15.58.33_new.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। अलवर नगर परिषद में भ्रष्टाचार का फिर बड़ा खुलासा हुआ है। जयपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने नगर परिषद के पार्षद नरेंद्र मीणा और दो ठेकेदारों को 5 लाख 15 हजार रुपए की रिश्वत के साथ ट्रेप किया है। एसीबी की टीम नगर परिषद में कमिश्नर के पास दस्तावेजों की जांच की। चौंकाने वाली बात है कि नरेंद्र मीणा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली के करीबी हैं।</p>
<p><strong>एक्शन में एसीबी</strong></p>
<p>एसीबी के इस एक्शन में चार स्थानों पर एसीबी की टीम ने एक साथ कार्रवाई की। एक टीम ने नगर परिषद में दस्तावेज खंगाले तो दूसरी और तीसरी टीम दोनों ठेकेदारों के निवास पर जबकि चौथी टीम ने कबिनेट मंत्री टीकाराम जूली के मोती डूंगरी स्थित फ्लैट के ऊपर स्थित पार्षद नरेंद्र मीणा के फ्लैट पर कार्रवाई की। <br /><br /></p>
<p><strong>ACB ने कुछ समय पहले अलवर नगर परिषद के सभापति बीना गुप्ता को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते  उनके बेटे के साथ गिरफ्तार किया था</strong><br />उल्लेखनिय है कि एसीबी की टीम ने कुछ समय पहले अलवर नगर परिषद के सभापति बीना गुप्ता को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उनके बेटे के साथ गिरफ्तार किया था। उसके बाद एसीबी की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। अलवर नगर परिषद भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। यहां करोड़ों रुपए का खेल चल रहा है। आम आदमी परेशान है, तो पार्षदों के काम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से साबित हो चुका है कि अलवर नगर परिषद में पैसों का खुला खेल चलता है।</p>
<p> </p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Feb 2022 16:17:29 +0530</pubDate>
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                <title>करबला क्रिकेट विवाद पहुंचा पीसीसी मुख्यालय,निर्दलीय पार्षद ने लिया समर्थन वापस</title>
                                    <description><![CDATA[कर्बला क्रिकेट विवाद अब नए राजनीतिक विरोध का रूप लेने लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A6-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B8/article-4028"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/37.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कर्बला क्रिकेट विवाद अब नए राजनीतिक विरोध का रूप लेने लगा है। विवाद में पुलिस कार्रवाई के दुर्व्यवहार पर उठ रही कानूनी कार्यवाही की मांग पर अब विभाग प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंच गया है।</p>
<p><br /> अपने समर्थकों के साथ पीसीसी विरोध जताने पहुंचे निर्दलीय पार्षद एहसान कुरैशी ने सोमवार को कांग्रेस से समर्थन वापस लिया। कुरैशी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने इस विवाद में पुलिस के दुर्व्यवहार पर कोई कार्यवाही नहीं होने के विरोध में कांग्रेस की सदस्यता और हेरिटेज बोर्ड से समर्थन वापस लिया है। कुरैशी ने बताया कि हम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र सौंपने आए थे जिसमें कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा देने और नगर निगम एडिटेज बोर्ड से समर्थन वापस देने की बात हमने कही है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हमें कोई पदाधिकारी नहीं मिला। जब इन समर्थकों और पार्षद को पीसीसी में कोई नहीं मिला तो वह अपना समर्थन वापसी पत्र देने के लिए विधायक रफीक खान अमीन कागजी और खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के पास रवाना हो गए।</p>
<p><br /> गौरतलब है कि निर्दलीय पार्षद के भाई पप्पू कुरैशी ने कर्बला मैदान पर क्रिकेट टूर्नामेंट का विरोध किया था। विरोध करने पर पुलिस ने कथित तौर पर निर्दलीय पार्षद के भाई के साथ दुर्व्यवहार किया था। निर्दलीय पार्षद दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े थे और 17 जनवरी तक कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया था। अब पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज हो कर हेरिटेज नगर निगम बोर्ड से समर्थन वापस लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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