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                <title>Modi Government - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Modi Government RSS Feed</description>
                
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                <title>‘महिला आरक्षण’ को लेकर संसद में टकराव संभव : विशेष सत्र में सरकार-विपक्ष होंगे आमने-सामने, महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत </title>
                                    <description><![CDATA[संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 करने वाले विधेयकों पर घमासान तय है। मोदी सरकार जहाँ इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और दक्षिण भारतीय राज्य परिसीमन के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। किरेन रिजिजू ने आश्वस्त किया है कि यह बदलाव संतुलित और आनुपातिक विकास सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/clash-possible-in-parliament-over-womens-reservation-government-opposition-will-face/article-150602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)11.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के 16 से 18 अप्रैल तक बुलाए गए विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर जोरदार सियासी टकराव देखने को मिल सकता है। मोदी सरकार जहां ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने इसके कई प्रावधानों पर कड़ा विरोध जताया है। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत है।</p>
<p>विशेष सत्र में मोदी सरकार तीन विवादास्पद विधायी प्रस्तावों को पारित कराने की कोशिश कर रही है, जिनके लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 815 करना, महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और इस विस्तार के दायरे में केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करना है। ये तीन विधेयक हैं, संविधान (131वां संशोधनद्ध विधेयक)परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक जिसे विपक्ष के रजामंदी के बिना संसद में पास करना मुमकिन नहीं है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधेयक का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है और इससे संसदीय लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। </p>
<p><strong>परिसीमन के मुद्दे पर कई गैर-बीजेपी मुख्यमंत्री खिलाफ</strong></p>
<p>वहीं, दक्षिण भारत के कई गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि राज्य के हितों को नुकसान पहुंचा या उत्तरी राज्यों का राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया गया, तो तमिलनाडु में व्यापक आंदोलन होगा। </p>
<p><strong>किसी राज्य के साथ नहीं होगा अन्याय: रिजिजू </strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा सीटों के परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होने की आशंका सिरे से खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 किए जाने से दक्षिणी राज्यों को लाभ होगा, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या में आनुपातिक वृद्धि की जाएगी। संविधान संशोधन विधेयक पूरी तरह से संतुलित, सुविचारित है और प्रत्येक समुदाय, क्षेत्र और राज्य की आकांक्षाओं का ध्यान रखेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:13:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना : संसद में पूछे गए हर सवाल पर गुमराह करने का लगाया आरोप, पीड़ित महिलाओं को मिलती है सहायता के बजाय बंद दरवाज़े और अधूरी व्यवस्थाएं </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला सुरक्षा और 'वन स्टॉप सेंटर' की बदहाली पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में आंकड़ों को 'संतोषजनक' बताकर जनता को गुमराह कर रही है। राहुल के अनुसार, स्टाफ की कमी और बजट में कटौती के कारण 5 में से 3 पीड़ित महिलाओं तक मदद नहीं पहुँच पा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-targets-center-on-womens-safety-accuses-it-of/article-149165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और सब कुछ 'संतोषजनक' बता कर संसद में पूछे हर सवाल पर गुमराह करती है। राहुल गांधी ने लोकसभा में 27 मार्च को महिला और बाल विकास मंत्रालय से महिला सुरक्षा को लेकर पूछे अपने एक सवाल के मिले जवाब के आधार पर आरोप लगाया है कि सरकार ठोस तथ्यों के साथ महिला सुरक्षा पर जवाब नहीं देती और सब कुछ संतोषजनक बताकर बात खत्म कर देती है। उनका कहना था कि हिंसा से पीड़ित महिलाएं मदद के लिए जब महिलाओं की सुरक्षा और वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) का दरवाज़ा खटखटाती हैं तो उन्हें सहायता के बजाय बंद दरवाज़े और अधूरी व्यवस्थाएं मिलती हैं।</p>
<p>उन्होंने संसद में उठाए सपने सवाल और उसके जवाब की प्रति भी पोस्ट की और कहा कि उन्होंने सरकार से पूछा था कि ओएससी केंद्रों पर स्टाफ की भारी कमी है और देशभर से आ रही शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा इस उन्हें सरकार की तरफ से कहा गया कि सब कुछ 'संतोषजनक' है। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ ठीक है तो इन केंद्रों से जुड़ी समस्याओं की खबरें लगातार क्यों सामने आ रही हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया "हर पांच में से तीन महिलाओं तक अभी भी मदद नहीं पहुंच पा रही है और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बजट में ओएससी के लिए बेहद कम खर्च किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा कोई योजना नहीं बल्कि सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है। हर मुद्दे को 'संतोषजनक' बताना दर्शाता है कि सरकार आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रही है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 14:07:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>देश की विदेश नीति पर चिंता जताते हुए प्रमोद तिवारी ने साधा केन्द्र सरकार पर निशाना, बोले-पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थ के रूप में पेश करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने मोदी सरकार की विदेश नीति को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान-अमेरिका तनाव में पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाने की चर्चा पर चिंता जताई। तिवारी ने 'अब की बार ट्रंप सरकार' नारे पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या देश की सुरक्षा और सम्मान से समझौता किया जा रहा है?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/expressing-concern-over-the-countrys-foreign-policy-pramod-tiwari-targeted/article-148375"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pramod-tiwari-1738226239.jpg.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने देश की विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। प्रमोद तिवारी ने सोमवार को यहां एक बयान में कहा कि जिस पाकिस्तान ने पहलगाम जैसी घटनाओं में देश की बहनों का सुहाग उजाड़ने का काम किया, उसी पाकिस्तान को आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थ के रूप में पेश किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान की मध्यस्थता की बात कहना और इस्लामाबाद में संभावित वार्ता को भारत के लिए अत्यंत चिंताजनक बताया।</p>
<p>कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने 'अब की बार ट्रंप सरकार' का नारा दिया था लेकिन आज देश की विदेश नीति को किस दिशा में ले जाया जा रहा है, यह सवाल खड़ा हो रहा है।" उन्होंने केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि, पाकिस्तान ने रविवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए "सार्थक वार्ता" की मध्यस्थता और मेजबानी करने के लिए तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 12:58:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संसद में सग्राम: शिवराज सिंह चौहान का पलटवार, बोले-मोदी सरकार की पहलों से खेती में शुष्क क्षेत्रों का योगदान 29 से बढ़ कर 39 प्रतिशत हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में बताया कि मोदी सरकार के प्रयासों से शुष्क और वर्षा-निर्भर क्षेत्रों का खाद्यान्न योगदान 29% से बढ़कर 39% हो गया है। जलवायु-अनुकूल 3,236 किस्मों के विकास और जल संरक्षण तकनीकों से किसानों की आय में प्रति एकड़ ₹6,000 की वृद्धि हुई है। पंजाब के पराली प्रबंधन और 'जीरो टिलेज' मॉडल की भी सराहना की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sagram-shivraj-singh-chauhan-countered-in-parliament-and-said-that/article-148133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/shivraj-singh-chouhan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को राज्य सभा में बताया कि मोदी सरकार के प्रयासों से देश में शुष्क और वर्षा‑निर्भर क्षेत्रों में खाद्यान्न उत्पादन में 82 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई और कुल राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में शुष्क क्षेत्रों का योगदान 29 प्रतिशत से बढ़कर 39 प्रतिशत तक हो गया है। शिवराज सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न सदस्यों के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि देश में लगभग 48 प्रतिशत कृषि शुष्क या वर्षा पर निर्भर है और मौजूदा सरकार ने इसकी उपज बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है जिसके परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन में इनका योगदान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के दौर में खाद्यान्न उत्पादन तो तेजी से बढ़ा, लेकिन शुष्क (ड्राईलैंड) क्षेत्र अपेक्षाकृत अछूते रह गए थे।</p>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि हैदराबाद स्थित केंद्रीय बरानी/शुष्क कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा चलायी जा रही समन्वित परियोजनाओं से किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों के प्रभाव के तृतीय‑पक्ष मूल्यांकन में यह सामने आया कि मौसम आधारित सलाह से किसानों की आय में औसतन 6,000 रुपये प्रति एकड़ की वृद्धि हुई है। खेत‑तालाब, चेक‑डैम, स्टॉप‑डैम, बोरी‑बंधन जैसी जल संरक्षण तकनीकों के कारण प्रति खेत‑तालाब लगभग 73,895 रुपये तक अतिरिक्त आय दर्ज की गई। संस्थान के 18 मुख्य, 1 उप और 9 स्वायत्त केंद्र हैं। इसके अलावा 25 मुख्य और 5 स्वायत्त केंद्र भी देशभर में स्थापित हैं, जिनमें महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के क्षेत्र भी शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में फसल अनुसंधान संस्थानों ने पिछले 10-11 वर्षों में 3,236 जलवायु‑अनुकूल किस्मों का विकास किया है, जो कम पानी, अधिक तापमान और अधिक सर्दी जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा उत्पादन देने में सक्षम हैं। पंजाब से जुड़े एक सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हरित क्रांति के दौर से ही पंजाब के किसानों ने अपने परिश्रम से देश के अन्न भंडार भरे, भुखमरी मिटाने का काम किया और पूरे देश के लिए मिसाल कायम की।</p>
<p>कृषि मंत्री ने साथ ही यह चिंता भी साझा की कि अत्यधिक उत्पादन के दबाव, अधिक पानी वाली किस्मों और रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग के कारण पंजाब सहित कई क्षेत्रों में मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई है और नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम तथा सेकेंडरी और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स के स्तर में गिरावट देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के लिए केवल किसानों को दोषी बताना ठीक नहीं है। पंजाब के किसान स्वयं पराली प्रबंधन व नई पद्धतियाँ अपनाने में आगे हैं। कृषिमंत्री ने गत 27 नवम्बर को मोगा जिले के अपने दौरे का उल्लेख किया जहाँ रन सिंह वाला गाँव और आस‑पास के गाँवों में किसान खेती की बिना जुताई किये ही सीधे बीज लगा रहे थे और ज़ीरो टिलेज जैसी तकनीकों से बिना पराली जलाए खेती का सफल प्रयोग होते देखे गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 16:13:13 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी और इजरायली को नाराज करने से बच रही सरकार : खामेनेई की मौत पर मौन क्यों? जयराम बोले- वजह बताएं सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[जयराम रमेश ने आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या पर सरकार के "मौन" पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि रईसी की मृत्यु पर राजकीय शोक घोषित करने वाली भाजपा सरकार अब अमेरिका-इजरायल को नाराज करने से डर रही है। कांग्रेस ने संसद में शोक प्रस्ताव न लाने को कूटनीतिक विफलता और भेदभावपूर्ण व्यवहार करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-government-is-avoiding-angering-the-americans-and-israelis-why/article-146329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की रहस्यमई हवाई दुर्घटना में मृत्यु पर राजकीय शोक की घोषणा करने वाली मोदी सरकार को बताना चाहिए कि अब वह हमले में मारे गये ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की मौत पर मौन क्यों है।</p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईरान के संवैधानिक प्रमुख आयतुल्लाह खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा हत्या कर दी गयी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौन हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर मौन हैं। संसद में अब तक इस पर शोक प्रस्ताव तक नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की सही रूप से निंदा की है, लेकिन ईरान पर हुए अमेरिका और इजरायल के हमले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। यह भी याद रखा जाना चाहिए कि ईरान ब्रिक्स का हिस्सा है जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत के पास है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि मई 2024 में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक रहस्यमय हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। तब मोदी सरकार ने 21 मई 2024 को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और संसद में एक जुलाई 2024 को (जब सत्र शुरू हुआ) शोक प्रस्ताव भी रखा गया था।</p>
<p>उन्होंने सवाल करते हुए कहा, अब यह हिचकिचाहट क्यों। इसमें कोई संदेह नहीं कि एक समझौतावादी प्रधानमंत्री अपने अमेरिकी और इजरायली दोस्तों को नाराज करने से बचना चाहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:56:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में आप पार्टी ने किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के शहीद स्मारक पर आम आदमी पार्टी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संगीता गौड़ ने केंद्र सरकार से कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/aap-party-demonstrated-against-atrocities-on-hindus-in-bangladesh/article-139178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/aap.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाओं के विरोध में रविवार को आप पार्टी ने शहीद स्मारक पर विरोध प्रदर्शन किया। <br />जयपुर महिला जिलाध्यक्ष संगीता गौड़ ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि मोदी सरकार एक तरफ तो हिंदुओं की हितैषी बनती है, दूसरी तरफ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की घटनाओं पर चुप है। भाजपा केवल चुनाव जीतने के लिए हिन्दू मुस्लिम करती है।</p>
<p>आप पार्टी हिंदुओ पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। हमारी मोदी सरकार से मांग है कि बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक दवाब बनाकर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर विरोध दर्ज कराए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आप पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 17:41:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MNREGA विवाद पर राहुल, प्रियंका गांधी का चौंकाने वाला बयान, कहा-नाम बदलना केंद्र सरकार की सनक</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने मनरेगा का नाम बदलने को सरकार की सनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे गरीबों के रोजगार अधिकार कमजोर होंगे और महात्मा गांधी के विचारों का अपमान किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-priyanka-gandhis-shocking-statement-on-mnrega-controversy-said-that/article-136173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-and-priynak-gandhi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना(मनरेगा) का नाम बदलना केंद्र सरकार की सनक का परिणाम है और ऐसा कर वह गरीबों के हक मार रही है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, मनरेगा का नाम बदलने के पीछे की सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार रोजगार के कानूनी अधिकार को खत्म करना चाहती है। इस योजना से देश के गरीब से गरीब मजदूरों को रोजगार की गारंटी मिलती है, लेकिन केंद्र सरकार को योजनाओं के नाम बदलने की सनक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नाम बदलना इनकी सनक है और हर नाम को वह बदल रही है। सरकार जब भी नाम भी बदलती है तो सरकार का खर्च होता है। महात्मा गांधी देश के राष्ट्रपिता हैं और उनके नाम पर मनरेगा कानून में बड़ा बदलाव किया जा रहा है और इस योजना को कमजोर कर खत्म करने की योजना चल रही है। इसमें सिर्फ 125 दिन किए गये हैं लेकिन इसके पैसे लोगों को नहीं मिल रहे हैं। योजना में 90 प्रतिशत केंद्र देता है और सरकार चाहती है कि इसे कम किया जाए और अगर ऐसा होगा तो राज्यों को देना पड़ेगा और इस वजह से उन पर अधिक वित्त का बोझ पड़ जाएगा।</p>
<p>राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, केंद्र सरकार को दो चीजों से पक्की नफऱत है-महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से। मनरेगा, महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है-करोड़ों ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा है, जो कोविड काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ। मगर सत्तारूढ़ पार्टी को यह योजना हमेशा खटकती रही और पिछले दस सालों से इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं। आज वो मनरेगा का नामो-निशान मिटाने पर आमादा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों, रोजगार का अधिकार-जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेगा, गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता तथा केंद्र सरकार मजदूरी का पूरा खर्च और समान की लागत का 75 फीसदी देगी, पर आधारित है। केंद्र सरकार अब इसी मनरेगा को बदलकर सारी ताकत सिर्फ अपने हाथों में केंद्रित कर, बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा, राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा तथा बजट खत्म होते ही या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा की नीति पर चल रहे हैं।</p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि यह नया विधेयक महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है। केंद्र सरकार ने पहले ही भयंकर बेरोजगारी से भारत के युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है और अब यह विधेयक लाकर उसने उस योजना को भी खत्म कर दिया है जो ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोजी-रोटी को भी खत्म करने का जरिया है। उन्होंने कहा कि कांगेस इस जनविरोधी विधेयक का गांव की गलियों से संसद तक विरोध करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 17:43:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी का गंभीर आरोप, विपक्ष के नेता को विदेशी मेहमानों से नहीं मिलने देती सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को विपक्ष के नेता से मिलने नहीं देती, जबकि यह पूर्व सरकारों में परंपरा थी। पुतिन की भारत यात्रा पर उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर विपक्ष को अलग रखती है। शशि थरूर ने भी लोकतांत्रिक मुलाकातों का समर्थन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-serious-allegation-on-the-central-government-the-government/article-134747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi-on-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि सरकार में विपक्ष के नेता को विदेशी गणमान्य मेहमानों से मिलने नहीं दिया जाता है। राहुल गांधी ने आज यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पहले जो भी विदेशी मेहमान आते थे, तो उन्हें विपक्ष के नेता से मिलने दिया जाता था। यह परंपरा सरकार के आने से पहले तक जारी रही है, लेकिन अब नहीं मिलने दिया जाता। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता का एक अलग दृष्टिकोण होता है और उसे विदेशी गणमान्य अतिथि से मिलने की इजाजत होनी चाहिए लेकिन सरकार और विदेश मंत्रालय इन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं।</p>
<p>रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर पूछे गये सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, आमतौर पर यह परंपरा है कि जो भी बाहर से आता है वह विपक्ष के नेता से भी मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और डॉ मनमोहन सिंह की सरकारों के दौरान यही होता था। यह एक परंपरा रही है, लेकिन अब विदेशी गणमान्य मेहमान आते हैं या जब मैं विदेश यात्रा पर जाता हूं, तो सरकार उन्हें विपक्ष के नेता से नहीं मिलने के लिए कहती है। यह उनकी नीति है और वे हर बार ऐसा ही करते हैं। मैं भी जब विदेश जाता हूं तो बताया जाता है कि सरकार का परामर्श है कि इनसे नहीं मिलना है।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति के साथ संबंधों को लेकर पूछे गये एक प्रश्न पर उन्होंने कहा, हमारे सभी के साथ संबंध हैं। एलओपी एक अलग दृष्टिकोण देता हैं। हम भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिर्फ सरकार ही प्रतिनिधित्व नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर से आने वाले लोगों से मिले जबकि मिलने की परंपरा रही है लेकिन विदेश मंत्रालय इस नियम और ऐसे मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया में कहा कि लोकतंत्र में देश में आने वाले गणमान्य मेहमान से मिलने की इजाजत देना अच्छा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 17:18:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जातिगत गणना पर सरकार के जवाब को सार्वजनिक करते हुए राहुल गांधी ने कहा, सरकार के पास ठोस रूपरेखा की कमी </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में पूछे गए सवालों का हवाला देते हुए जाति जनगणना पर मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास न स्पष्ट योजना है, न समयसीमा, न ही सफल राज्यों से सीखने की इच्छा। राहुल ने 2025-26 में जनगणना के लिए मात्र 575 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए इसे बहुजनों के साथ “खुला विश्वासघात” बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/making-public-the-governments-reply-on-caste-census-rahul-gandhi/article-134542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/rahul-gandhi--in-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और संसद में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बार सत्तारूढ़़ केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जाति जनगणना के सवाल पर सरकार के जवाब को सार्वजनिक कर दिया। राहुल गांधी ने सरकार के जवाब को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि, संसद में मैंने सरकार से जाति जनगणना पर कई सवाल पूछे और उनका जवाब चौंकाने वाला है। न ठोस रूपरेखा, न समयबद्ध योजना, न संसद में चर्चा, और न ही जनता से संवाद। इसके आगे राहुल गांधी ने लिखा कि, दूसरे राज्यों की सफल जाति जनगणनाओं की रणनीति से सीखने की कोई इच्छा भी नहीं। मोदी सरकार की यह जाति जनगणना देश के बहुजनों के साथ खुला विश्वासघात है।</p>
<p>इसके आगे राहुल गांधी ने कहा कि, हेडलाइन तो दी गई, लेकिन इसमें डेडलाइन नहीं है। हम सब जानते हैं कि ऐसे काम में नरेंद्र मोदी कितने माहिर हैं। इसी को देखते हुए राहुल गांधी जी ने कहा है कि सरकार जातिगत जनगणना को लेकर पूरा रोडमैप सामने रखे। हम छह साल से जनगणना का इंतज़ार कर रहे हैं और इससे पहले तो जाति शब्द का कोई जिक्र नहीं था, लेकिन कल अचानक जातिगत जनगणना की बात कह दी गई।</p>
<p>जबकि, 2025-26 के बजट में सेन्सस कमिश्नर के ऑफिस-जिसपर जनगणना करने की जिम्मेदारी होती है- उसे सिर्फ 575 करोड़ का बजट दिया गया है। इससे पहले ख़ुद दिसंबर 2019 को नरेंद्र मोदी देश को बता चुके हैं कि जनगणना कराने में 8,254 करोड़ का खर्च आएगा। ऐसे में सवाल है कि सरकार 575 करोड़ रुपए में कौन सी जनगणना कराएगी?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 15:00:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशहरा-दिवाली से पहले मोदी कैबिनेट की बड़ी सौगातें : केंद्रीय कर्मियों का डीए 3% बढ़ा, 57 खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय </title>
                                    <description><![CDATA[इसके अलावा पीएम आशा गारंटी योजना के तहत एमएसपी, दालों की सरकारी खरीद के लिए लिमिट को भी 45,000 करोड़ से बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपए करने का फैसला लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/before-dussehra-diwali-big-gifts-of-modi-cabinet-increased-da-3/article-128467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिवाली और दशहरा से पहले मोदी कैबिनेट ने शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई, वहीं बढ़ती हुई महंगाई से राहत देने के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी भी की है। अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए/डीआर बेसिक पे का 58 फीसदी हो जाएगा, ये बढ़ोतरी एक जुलाई से लागू होगी। इस फैसले से 49.2 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.7 लाख पेंशनधारकों को लाभ होगा। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले से देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, किसान कल्याण और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मोदी कैबिनेट ने 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी है, वहीं सरकार ने 'वंदे मातरम' गीत के 150 साल पूरे होने पर बड़े स्तर पर समारोह के आयोजन को भी मंजूरी दे दी। साथ ही रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाने पर भी कैबिनेट ने अपनी सहमति जता दी है। </p>
<p><strong>केंद्रीय विद्यालयों में बनेंगी बालवाटिका</strong><br />वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सात और शेष राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित होंगे, जिसपर 5,863 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन विद्यालयों में पहली बार बालवाटिका (तीन वर्ष का प्री.प्राइमरी स्तर) की भी शुरुआत होगी। इन विद्यालयों से लगभग 86,640 छात्रों को लाभ मिलेगा और 4,617 स्थाई रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वैष्णव ने बताया कि 20 विद्यालय ऐसे जिलों में खुलेंगे जहां अब तक कोई केवी मौजूद नहीं है, जबकि 14 विद्यालय आकांक्षी जिलों, चार उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और पांच पूवार्त्तर/पहाड़ी क्षेत्रों में स्थापित होंगे।</p>
<p>दालों में आत्मनिर्भर बनने की योजना:  कैबिनेट में राष्ट्रीय 'दलहन मिशन' को मंजूर किया गया है। मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 242 लाख टन से 350 लाख टन करने का है। मिशन के तहत 416 जिलों में विशेष उत्पादन एवं वृद्धि कार्यक्रम लागू होंगे, जिसके लिए 11,440 करोड़ रुपए की योजना का ऐलान किया है। इसके अलावा पीएम आशा गारंटी योजना के तहत एमएसपी, दालों की सरकारी खरीद के लिए लिमिट को भी 45,000 करोड़ से बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपए करने का फैसला लिया है।</p>
<p>बायोमेडिकल रिसर्च प्रोग्राम को बढ़ावा : कैबिनेट ने बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम के तीसरे फेज को भी मंजूरी दी। इसपर 1,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत भारत में बायोमेडिकल और क्लिनिकल साइंस को बढ़ावा दिया जाएगा। तीसरे फेज के तहत 401 रिसर्चर को छह साल तक सपोर्ट किया जाएगा, इसमें 192 रिसर्च फेलोशिप, 106 अनुदान और 103 रिसर्च मैनेजमेंट शामिल है। </p>
<p>रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी  : मोदी कैबिनेट ने रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दी है। गेहूं का एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल, जौ 2150 रुपए, चना 5875 रुपए, मसूर 7000 रुपए, सरसों 6200 रुपए और सैनफ्लावर 6540 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 10:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>जीएसटी 2.0 लागू : मोदी सरकार ने दिया भारत के लोगों को दिवाली का असली उपहार, नवरात्र और टैक्स कटौती के पहले दिन उपभोक्ताओं का उत्साह रहा चरम पर</title>
                                    <description><![CDATA[कार शोरूम में कतारें देखी गईं, गाड़ियों के लिए भारी संख्या में ऑनलाइन ऑर्डर किए गए और उत्सव से जुड़ी बिक्री में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि देखी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gst-20-applicable-modi-government-gave-the-real-gift-of/article-127718"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/gst.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। 22 सितंबर 2025 एक ऐसी तिथि बन गई जो दुकानदारों, ऑटो डीलरों और प्रत्येक भारतीय परिवार की स्मृति में सदैव अंकित रहेगी क्योंकि उपभोक्ताओं ने इस दिन जीएसटी 2.0 का स्वागत अभूतपूर्व उत्साह के साथ किया। मोदी सरकार ने नवरात्र की पहली पूजा के दिन जीएसटी 2.0 को लागू कर भारत के लोगों को दिवाली का असली उपहार दे दिया। नवरात्र के पहले दिन के साथ सही तालमेल बिठाते हुए, सुधारित कर व्यवस्था ने कम कीमतें, सरलीकृत स्लैब और दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर तत्काल राहत के रुप में आम आदमी को प्रसन्न होने का एक प्रत्यक्ष कारण दे दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी 2.0 को भारत के लोगों को समर्पित एक सुधार बताया और उनके शब्दों के ही अनुरूप यह एक शुष्क नीति परिवर्तन की तरह कम और एक उत्सव के उपहार की तरह प्रतीत हुआ। कार शोरूम में कतारें देखी गईं, गाड़ियों के लिए भारी संख्या में ऑनलाइन ऑर्डर किए गए और उत्सव से जुड़ी बिक्री में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि देखी गई।</p>
<p><br /><strong>ई-कॉमर्स कार्ट पर ऑनलाइन ऑर्डर की भरमार</strong><br />खरीदारी से जुड़ा उत्साह डिजिटल बाजारों में भी देखने को मिला, जहां लोगों में फैशन, घरेलू आवश्यक वस्तुओं और उत्सव की आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक करने की होड़ सी लग गई।<br />फ्लिपकार्ट और अमेजन ने सोमवार को लॉयल्टी प्रोग्राम यूजर्स के लिए अपने फेस्टिव सेल इवेंट्स की शुरूआत की, जिसमें विक्रेताओं और ब्रांडों ने जीएसटी में छूट की बदौलत मजबूत शुरूआती ट्रैक्शन की रिपोर्ट की।<br />फैशन ब्रांड द पैंट प्रोजेक्ट में पिछले वर्ष की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि दोनों मार्केटप्लेस पर विक्रेता शैडो एटेल ने पिछले सप्ताह की तुलना में होम एसेंशियल सेगमेंट में 151 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।<br />स्निच जैसे फैशन ब्रांडों के ऑनलाइन ऑर्डर में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।</p>
<p><strong>ऑटोमोबाइल सेक्टर में नया कीर्तिमान</strong><br />ऑटोमोबाइल सेक्टर ने ऐतिहासिक आंकड़ों के साथ सुर्खियां बटोरीं। नए जीएसटी ढांचे के तहत, छोटी सब-4 मीटर कारों को 18 प्रतिशत स्लैब में स्थानांतरित कर दिया गया था, जबकि ऑटोमोबाइल पर मुआवजा उपकर को पूरी तरह से हटा दिया गया था।</p>
<p>जीएसटी 2.0 के पहले दिन मारुति के लिए 80,000 इंक्वायरी दर्ज की गई और उसने 30,000 कारों की डिलीवरी की, जो 35 वर्षों में इसका एक दिन का सबसे बड़ा प्रदर्शन है। आम त्योहारी सीजन की तुलना में छोटी कारों की बुकिंग में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।</p>
<p>हुंडई के लिए डीलर बिलिंग भी उस दिन 11,000 तक बढ़ गई, जो पांच वर्षों में इसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।</p>
<p>टाटा मोटर्स ने नवरात्रि के पहले दिन 10,000 कारों की डिलीवरी और 25,000 से अधिक इंक्वायरी दर्ज की, जो शोरूम वॉक-इन में उल्लेखनीय वृद्धि, उच्च कन्वर्जन और बढ़ते ऑर्डर बुक के साथ त्योहारी सीजन की मजबूत शुरूआत को चिह्नित करता है।</p>
<p>हुत से परिवारों के लिए, जीएसटी 2.0 ने लंबे समय से अटके हुए सपनों को वास्तविकता में बदल दिया। ऑटोमोबाइल न केवल उनके लिए अधिक सुलभ हो गए, बल्कि उन परिवारों की उत्सव की एक सच्ची खरीदारी भी हो गई।</p>
<p><strong>एसी और टीवी की भारी बिक्री</strong><br />जीएसटी 2.0 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर ने एक और बड़ी सफलता गाथा लिखी, जिसमें लोग उच्च मांग वाले उत्पादों पर कम कीमतों का भारी लाभ उठा रहे हैं। ्प्लिलट एसी की कीमतों में 3,000 से 5,000 रुपए की कमी आई है, जबकि महंगे टीवी की कीमतों में 85,000 रुपए तक की कटौती देखी गई है।</p>
<p>22 सितंबर को, हायर जैसी कंपनियों ने एक सामान्य सोमवार की तुलना में लगभग 2 गुना बिक्री दर्ज कराई, जिसमें नई दरों के लागू होने से पहले ही कई प्री-बुकिंग कर दी गई थी।</p>
<p>ब्लू स्टार का अनुमान है कि जीएसटी 2.0 के पहले दिन की बिक्री पिछले साल के इसी दिन की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक थी।<br />टीवी, खासकर 43 इंच और 55 इंच के सेगमेंट की बिक्री में भी तेज वृद्धि हुई। सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों ने फ्लिपकार्ट के माध्यम से बिक्री में 30 से 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की।</p>
<p><strong>दीपावली का असली उपहार</strong><br />जीएसटी 2.0 ने पहले दिन से ही तत्काल राहत दी और उपभोक्ताओं को आनंदित कर दिया। इससे घरेलू खर्च कम हुए, सभी उद्योगों में मांग में तेजी आई और रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के साथ त्योहारी सीजन जगमगा उठा। कारों और इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर किराने का सामान और फैशन तक, हर सेक्टर में भारी वृद्धि देखी गई। यह केवल कर सुधार ही नहीं था। यह बचत का त्योहार था, मांग को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से भारत के लोगों को दिवाली का असली उपहार था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Sep 2025 09:41:06 +0530</pubDate>
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                <title>वाड्रा परिवार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही मोदी सरकार : डोटासरा</title>
                                    <description><![CDATA[ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर ईडी की बार बार पूछताछ करने की प्रक्रिया पर पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने मोदी सरकार पर हमला बोला है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/modi-government-is-trying-to-tarnish-the-image-of-vadra/article-120939"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-05/dotasara_5.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर ईडी की बार बार पूछताछ करने की प्रक्रिया पर पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।</p>
<p>डोटासरा ने कहा है कि मोदी सरकार द्वारा एक दशक से रॉबर्ट वाड्रा एवं उनके परिवार को सुनियोजित षड्यंत्र और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर प्रताड़ित किया जा रहा है। अनेक बार उनकी छवि को धूमिल किया गया, एजेंसियों के दुरुपयोग से बार-बार पूछताछ की गई, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला। जब देश महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जनता जबाव मांग रही है, तब मोदी सरकार ने असल मुद्दों से ध्यान भटकाने एवं परिवार को बदनाम करने के लिए साज़िशन उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सत्य की इस लड़ाई में पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है। अंतत: जीत सत्य की होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Jul 2025 18:36:34 +0530</pubDate>
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