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                <title>evidence - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, AI की मदद से महिलाओं के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाला युवक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पश्चिम पुलिस ने युवती की फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी ग्रुप बनाने और ब्लैकमेल करने वाले आरोपी निर्मल सिंह को श्रीगंगानगर में भारत-पाक बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर अश्लील एडिटेड फोटो पोस्ट कर पीड़िता के परिचितों को भेज रहा था और वीडियो कॉल के लिए दबाव बना रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/man-who-posted-obscene-videos-of-women-on-social-media/article-155427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सोशल मीडिया पर युवती की फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर प्रसारित करने और ब्लैकमेल करने के मामले में जयपुर पश्चिम पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास से दस्तयाब किया। पुलिस उपायुक्त पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि 17 मई 2026 को पीड़िता ने करधनी थाने में रिपोर्ट दी थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी फोटो व नाम का दुरुपयोग कर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी ग्रुप बनाकर अश्लील एडिटेड फोटो पोस्ट कर रहा है।</p>
<p>आरोपी उसके परिचितों को फोटो भेजकर अभद्र टिप्पणियां कर रहा था तथा वीडियो कॉल के लिए दबाव बनाकर ब्लैकमेलिंग कर रहा था। मामले में एडीसीपी राजेश गुप्ता और एसीपी आलोक कुमार के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई। जांच में आरोपी की पहचान निर्मल सिंह निवासी श्रीगंगानगर के रूप में हुई। पुलिस टीम ने पीछा कर आरोपी को भारत-पाक बॉर्डर क्षेत्र के पास से पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लालकिला कार बम विस्फोट मामला: एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की 7500 पन्नों की चार्जशीट, 11 लोगों की हुई थी मौत </title>
                                    <description><![CDATA[NIA ने लाल किला कार बम विस्फोट मामले में 10 आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी (Assistant Professor) ने सहयोगियों के साथ मिलकर TATP विस्फोटक तैयार किया था। जांच में एके-47 की खरीद और ड्रोन हमलों की खतरनाक साजिश का भी खुलासा हुआ है, जिसका उद्देश्य देश की सुरक्षा को निशाना बनाना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/red-fort-car-bomb-blast-case-nia-files-7500-page-charge/article-153810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nia.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला क्षेत्र में हुए कार बम विस्फोट मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है जिसमें 11 लोगों की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हुए थे। पिछले साल 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में एक कार में लगे शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण विस्फोट से इलाके में भारी तबाही हुई थी और आसपास की संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुंचा था।</p>
<p>पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार 10 आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी भी शामिल है जिसकी विस्फोट के दौरान मौत हो गयी थी। वह आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (अजीयूएच) से जुड़ा हुआ था। यह संगठन भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) का एक सहयोगी गुट है। गृह मंत्रालय ने जून 2018 में एक्यूआईएस और उससे जुड़े सभी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।</p>
<p>चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967, भारतीय न्याय संहिता 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, शस्त्र अधिनियम 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल की गई है। मुख्य साजिशकर्ता पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर रह चुका था। उसकी मौत हो चुकी है और उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव अदालत में रखा गया है। आरोपपत्र में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजमिल शकील, डॉ. आदिल अहमद रादर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्हा और यासिर अहमद डार को भी आरोपी बनाया गया है।</p>
<p>एनआईए के अनुसार जांच के दायरे में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाके आये। एजेंसी ने 588 मौखिक गवाहियों, 395 से अधिक दस्तावेजों और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में चार्जशीट में शामिल किया है। लाल किला धमाके में इस्तेमाल ट्राइएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड (टीएटीपी) विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए जरूरी रसायनों और उपकरणों को गुप्त तरीके से जुटाया गया और विस्फोटक मिश्रण को अधिक घातक बनाने के लिए कई प्रयोग किए गए।</p>
<p>एनआईए ने बताया कि आरोपियों ने एके-47 और क्रिंकोव राइफल समेत प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद भी की थी। इसके अलावा वे ड्रोन और रॉकेट आधारित आईईडी विकसित कर जम्मू-कश्मीर तथा देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। एजेंसी ने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, फोरेंसिक जांच और वॉयस एनालिसिस के जरिए पूरे आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया। जांच के दौरान अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न ठिकानों से अहम सबूत जुटाए गए। एनआईए ने कहा कि इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश और जांच अभी जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:35:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>रिपोर्ट में दावा: हमास ने अक्टूबर 2023 में यौन उत्पीड़न को दिया अंजाम, पीड़ितों में 52 देशों के नागरिक शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[सिविल कमीशन की 300 पन्नों की रिपोर्ट "साइलेंस्ड नो मोर" ने 7 अक्टूबर के हमलों और गाजा में बंधकों के खिलाफ योजनाबद्ध यौन हिंसा का पर्दाफाश किया है। 10,000 साक्ष्यों के आधार पर इसे 'युद्ध का हथियार' और नरसंहार बताया गया है। रिपोर्ट में अपराधियों पर अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत मुकदमा चलाने की मांग की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israeli-civil-commission-report-claims-hamas-committed-sexual-assault-in/article-153733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px)1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। आज सिविल कमीशन ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की अपनी 300 पेज की जाँच रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल में 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमले के दौरान तथा गाज़ा में बंधक बनाकर ले जाए गए लोगों के खिलाफ ‘‘योजनाबद्ध और व्यापक’’ एसजीबीवी को अंजाम दिया गया। ‘‘साइलेंस्ड नो मोरः सेक्सुअल टेरर अनवील्ड’’ नाम की इस रिपोर्ट में जाँचकर्ताओं ने व्यापक प्रमाण और रिकॉर्ड पेश किए हैं, जिनसे यह खुलासा होता है कि ये जघन्य अत्याचार हिंसा की आकस्मिक घटनाओं की बजाय युद्ध के सोचे-समझे हथियार थे।</p>
<p>ये नतीजे डॉ. कोचाव एल्कायम-लेवी के नेतृत्व में की गई दो साल की तहकीकात के बाद मिले हैं। जाँचकर्ताओं द्वारा 10,000 से अधिक फोटो, वीडियो तथा 1,800 घंटे से अधिक के विज़्युअल प्रमाणों की समीक्षा की गई। पीड़ितों, गवाहों, वापस आए बंधकों, विशेषज्ञों और उनके परिवार के सदस्यों के 430 से अधिक साक्षात्कार लिए गए, उनके बयान दर्ज किए गए तथा उनके साथ बैठकें की गईं। कमीशन के अनुसार, पीड़ितों में 52 देशों के नागरिक शामिल थे, जिससे स्पष्ट होता है कि इन अपराधों का दायरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक फैला था। कमीशन के मुताबिक उत्पीड़न एक पैटर्न में बार-बार दोहराया गया, जिसमें बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन उत्पीड़न, अंगों को काटना, जबरदस्ती नंगा करना, यौन उत्पीड़न करना, जान से मारकर शव को अपमानित करना और आतंक फैलाने के लिए हिंसा का वीडियो बनाकर उसका प्रसार करना शामिल था।</p>
<p>इस रिपोर्ट के मुताबिक ये अपराध किनसाईडल यौन हिंसा पर केंद्रित थे। इस रिपोर्ट में आतंक के डिजिटल थिएटर का विस्तार से जिक्र किया गया है। यानी इन दुष्कृत्यों का वीडियो बनाया गया और उन्हें पीड़ितों के अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से हाथों-हाथ प्रसारित किया गया। यह रिपोर्ट यूनाईटेड नेशंस की विशेष प्रतिनिधि, प्रमिला पाटन द्वारा पहले दिए गए नतीजों की पुष्टि करती है, जिनके मुताबिक हमलों के दौरान और बाद में इस तरह की हिंसक घटनाएं हुई थीं, इस पर यकीन करने के ठोस आधार मौजूद हैं।</p>
<p>कमीशन के अनुसार ये अपराध अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार की श्रेणी में आते हैं। कमीशन ने निष्कर्ष दिया कि इन अपराधों के खिलाफ तुरंत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सार्वभौम न्यायक्षेत्र का उपयोग करके अपराधियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए तथा युद्ध के समय हुई यौन हिंसा के लिए विशेष ज्यूडिशियल चैंबर स्थापित किए जाने चाहिए। डॉ. एल्कायम-लेवी ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय के लिए इन अपराधों को औपचारिक पहचान दिया जाना सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इन घटनाओं को स्थायी ऐतिहासिक रिकॉर्ड में सही-सही दर्ज किया जाए।</p>
<p>सिविल कमीशन एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी संगठन है, जिसमें युद्ध अपराधों को दर्ज करने के लिए समर्पित कानूनी विशेषज्ञ और मानव अधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं। इस रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय कानूनी अधिकारियों, जैसे माननीय इरविन कोटलर और प्रोफेसर डेविड क्रेन ने अपना योगदान दिया है। यह रिपोर्ट सार्वजनिक और न्यायिक समीक्षा के लिए कमीशन की आधिकारिक वेबसाईट पर उपलब्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:32:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>TCS धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा : MIM पार्षद मतीन पटेल ने दी निदा खान को पनाह, राजनीतिक हलकों में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[टीकेट धर्मांतरण और यौन शोषण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब MIM पार्षद मतीन पटेल पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस फरारी के दौरान मदद करने के आरोपों की जांच कर रही है। कॉल डिटेल्स और चैट्स खंगालने से कई सफेदपोश चेहरों और आर्थिक लेन-देन के बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nashik-conversion-case-mim-councilor-matin-patel-gave-shelter-to/article-153157"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/nida-khan.png" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र। नासिक के चर्चित टीसीएस धर्मांतरण और यौन शोषण प्रकरण में मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। करीब 40 दिन तक फरार रहने वाली निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर में छिपाने में MIM पार्षद मतीन पटेल की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी किया है। साथ ही जांच के लिए उनका मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है।</p>
<p>पुलिस अब कॉल डिटेल, लोकेशन और चैट रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि फरारी के दौरान आरोपी की गतिविधियों और संपर्कों की पूरी जानकारी मिल सके। जांच एजेंसियों को ठिकाने की व्यवस्था और संभावित आर्थिक लेन-देन से जुड़े कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। मामले में राजनीतिक नाम सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपी की मदद करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 16:18:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>झुंझुनूं के ‘रीढ़ का टीला’ में मिला हजारों साल पुराने मानव बसावट का प्रमाण : पुरातात्विक उत्खनन में प्रागैतिहासिक औज़ार, मंदिर स्थापत्य और 11वीं-12वीं शताब्दी की मूर्तियों के मिले अवशेष </title>
                                    <description><![CDATA[झुंझुनूं के ग्राम त्योंदा के पास ‘रीढ़ का टीला’ पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो रहा। राजस्थान राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा उत्खनन में 11वीं-12वीं शताब्दी की मूर्तियां, मंदिर अवशेष, टेराकोटा और धातु के उपकरण, मृद्भांड और प्रागैतिहासिक पत्थर के औजार। विशेषज्ञ इसे प्राचीन धार्मिक और औजार निर्माण केंद्र मानते।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/evidence-of-human-habitation-thousands-of-years-old-found-in/article-146070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। झुंझुनूं जिले की खेतड़ी तहसील के ग्राम त्योंदा के पास स्थित ‘रीढ़ का टीला’ इन दिनों पुरातात्विक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। राजस्थान राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा यहां वैज्ञानिक पद्धति से उत्खनन कार्य किया जा रहा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण पुरावशेष सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थल प्रागैतिहासिक काल से लेकर प्रारंभिक मध्यकाल तक मानव गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र रहा होगा।</p>
<p><strong>प्राचीन मंदिर और मूर्तिकला के मिले साक्ष्य :</strong></p>
<p>उत्खनन के दौरान पत्थर की मूर्तियों के कई खंड प्राप्त हुए हैं। इनमें विशेष रूप से देवी Lakshmi और Ganesha की खंडित प्रतिमाओं के अवशेष शामिल हैं। मूर्तियों की शैली और शिल्पकला के आधार पर विशेषज्ञ इन्हें 11वीं–12वीं शताब्दी ईस्वी का मानते हैं। इसके अलावा नक्काशीदार पत्थर के स्तंभ, द्वार चौखट के हिस्से, अलंकरणयुक्त पत्थर के ब्लॉक और आधार पत्थर जैसे कई स्थापत्य अवशेष भी मिले हैं। इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यहां कभी एक भव्य मंदिर परिसर या धार्मिक केंद्र मौजूद रहा होगा।</p>
<p><strong>टेराकोटा और धातु अवशेष भी मिले :</strong></p>
<p>खुदाई के दौरान टेराकोटा वस्तुएं, लघु आकृतियों के खंड और सजावटी सामग्री भी प्राप्त हुई हैं, जो उस समय के लोगों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की झलक देती हैं। इसके साथ ही लौह धातु की कीलें, क्लैम्प, औजारों के टुकड़े और ताम्र धातु के छोटे अवशेष भी मिले हैं। ये वस्तुएं उस काल की तकनीकी दक्षता और निर्माण कार्यों के प्रमाण मानी जा रही हैं।</p>
<p><strong>मृद्भांडों से मिली घरेलू जीवन की झलक :</strong></p>
<p>उत्खनन में बड़ी मात्रा में लाल मृद्भांड के टुकड़े भी मिले हैं, जो चाक पर बनाए गए प्रतीत होते हैं। इनमें घड़े, कटोरे, हांडी और भंडारण पात्रों के अवशेष शामिल हैं। कुछ मृद्भांडों पर काले रंग से ज्यामितीय आकृतियां भी बनी हुई हैं, जबकि कई पर जले हुए निशान पाए गए हैं। इससे उस समय की भोजन पकाने और भंडारण से जुड़ी परंपराओं का संकेत मिलता है।</p>
<p><strong>प्रागैतिहासिक औजार निर्माण का केंद्र रहा क्षेत्र :</strong></p>
<p>सर्वेक्षण के दौरान टीले के आसपास पहाड़ी ढलानों और कंकरीली सतहों पर बड़ी संख्या में प्रागैतिहासिक पत्थर के औजार, कोर और फ्लेक भी मिले हैं। ये औजार मुख्यतः क्वार्ट्जाइट जैसे कठोर पत्थरों से बने प्रतीत होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र प्रागैतिहासिक काल में पत्थर के औजार बनाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा होगा, जहां प्राचीन मानव समूह स्थानीय पत्थरों से औजार तैयार करते थे।</p>
<p><strong>आगे और मिल सकते हैं महत्वपूर्ण साक्ष्य :</strong></p>
<p>पुरातत्वविदों के अनुसार अरावली पर्वतमाला के निकट स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों और पत्थर के कच्चे पदार्थ की उपलब्धता के कारण प्राचीन मानव के लिए अनुकूल रहा होगा। विभाग द्वारा यहां आगे भी विस्तृत सर्वेक्षण और वैज्ञानिक उत्खनन जारी रखने की योजना है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां से और भी महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य मिल सकते हैं, जो शेखावाटी क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विकास को समझने में अहम भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 14:57:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से छेड़छाड़ का अंदेशा नहीं : हाईकोर्ट ने 6 करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोपी को दी जमानत, अदालत ने कहा- आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र की सुनवाई में समय लगने की संभावना </title>
                                    <description><![CDATA[आरोपी के खिलाफ पहले से कोई भी आपराधिक प्रकरण लंबित नहीं है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-no-possibility-of-tampering-with-electronic-evidence/article-130305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 करोड़ रुपए से अधिक की जीएसटी चोरी के मामले में आरोपी प्रेम कुमार को जमानत पर रिहा करने के आदेश हैं। जस्टिस चन्द्र प्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ ने यह आदेश आरोपी की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि मामले में आरोपी के खिलाफ पेश आरोप पत्र की सुनवाई में समय लगने की संभावना है। मामले में अभियोजन साक्ष्य हैं, वह इलेक्ट्रॉनिक प्रकृति है और उनके साथ छेड़छाड़ का अंदेशा नहीं है। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ पहले से कोई भी आपराधिक प्रकरण लंबित नहीं है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जा सकता है। </p>
<p>जमानत याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता की कंपनी मैसर्स केशव सीमेंट एजेंसी ने 28 फीसदी जीएसटी अदा कर सीमेंट कंपनी से सीमेंट खरीदी थी। उस पर आरोप है कि उसने बिना माल भेजे केवल इनवॉइस के आधार पर छह करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी की है। याचिका में कहा गया कि मामले में जिन दो कंपनियों को बिल जारी किए गए, उसके आधार पर दोनों कंपनियों ने टैक्स अदा कर दिया। यदि याचिकाकर्ता के खिलाफ टैक्स चोरी का मामला बनता है तो वह पांच करोड़ रुपए से अधिक का नहीं हो सकता और 5 करोड़ रुपए तक का आरोप जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। </p>
<p>इसके बावजूद भी विभाग ने संपूर्ण बिलों की राशि को जीएसटी की राशि जोड़कर छह करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी का बनाकर याचिकाकर्ता को गिरफ्तार कर लिया। जमानत याचिका का विरोध करते हुए जीएसटी विभाग की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता ने बिना माल भेजे फर्जी इनवॉइस के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट पासऑन करके गैर कानूनी लाभ उठाया है। उसकी फर्म को करीब साढ़े छह करोड़ रुपए की टैक्स के्रेडिट ट्रांसफर हुई है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 11:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कार्यवाही होते देख शुरू की सबूत मिटाने की कवायद </title>
                                    <description><![CDATA[खैराबाद ग्राम पंचायत द्वारा खनिज विभाग व ग्राम पंचायत प्रशासन की स्वीकृति लिए बिना चारागाह भूमि की खुदाई करके इसका स्वरूप बिगाड़ने के मामले में आधिकारिक स्तर पर कार्यवाही होते देख अब सबूत मिटाने की कवायद शुरू कर दी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/seeing-the-action-being-taken--the-exercise-of-eradicating-the-evidence-started/article-11206"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/gg.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। खैराबाद ग्राम पंचायत द्वारा खनिज विभाग व ग्राम पंचायत प्रशासन की स्वीकृति लिए बिना चारागाह भूमि की खुदाई करके इसका स्वरूप बिगाड़ने के मामले में आधिकारिक स्तर पर कार्यवाही होते देख अब सबूत मिटाने की कवायद शुरू कर दी है। ग्राम पंचायत ने खुदाई से हुए गड्ढे को आसपास पड़ी काली मिट्टी के ढेर से भरना शुरू किया है।<br /><br />जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खैराबाद की खसरा नंबर 552 चारागाह भूमि है को पहले रेलवे ट्रेक ठेकेदार से खुदवाया गया। जब आधिकारिक स्तर पर कार्यवाही होने लगी, तो चारागाह भूमि खोदने के सबूत मिटाए जा रहे हैं। चारागाह भूमि के इस गड्ढे से पीली मिट्टी का अवैध खनन हो चुका है। अब आसपास पड़े काली मिट्टी के ढेर से इसे पुन: भरवाया जा रहा है। खैराबाद स्थित चारागाह भूमि की खुदाई करवाकर मिट्टी रेलवे ठेकेदार को बेच दी गई थी। जिसके जुर्माने के तौर पर रोबोट कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 7 लाख रुपए की राशि खनिज विभाग में जमा कर दी थी। ग्रामीणों ने मिट्टी खुदाई करवाने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग को लेकर ज्ञापन दिया था। ग्राम पंचायत ने इस चारागाह भूमि की मिट्टी बेचने की रसीदें भी काटी थीं। ग्रामीणों के विरोध व कार्यवाही की मांग को लेकर दिए ज्ञापन के बाद जब आधिकारिक स्तर पर कार्यवाही होने लगी तो अब रात्रि में जेसीबी से सबूत मिटाने के लिए गड्ढे में काली मिट्टी भराई जा रही है। <br /><br /><strong>हो सकता है हादसा</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि इस काली मिट्टी भराई से पूरा गड्डा तो नहीं भरा जा सकता। उल्टे इस गड्ढे में काली मिट्टी बारिश में दलदल बन सकती है। इस दलदली मिट्टी के कारण हादसों की आशंका बढ़ जाएगी। जानवर गड्ढे में फंस कर मौत का शिकार हो सकते हैं। <br /><br /><strong>चारागाह भूमि का बिगाड़ा स्वरूप</strong><br />खैराबाद की खसरा नंबर 552 भूमि ग्राम पंचायत रिकॉर्ड में चारागाह के नाम पर दर्ज है। उस चारागाह भूमि से मिट्टी खोदकर ग्राम पंचायत ने चारागाह भूमि का स्वरूप बिगाड़ दिया। इसमें ना तो ग्राम पंचायत की स्वीकृति ली गई और ना ही खनिज विभाग की। <br /><br /><strong>उपखंड अधिकारी से की थी कार्यवाही की मांग</strong><br />ग्रामवासियों ने इस सम्बंध में उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की थी। उपखण्ड अधिकारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए खनिज विभाग को जांच के लिए लिखा था। उसमें रोबोट कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने 7 लाख की अवैध खनन की जुर्माना राशि जमा कर दी है। लेकिन ग्राम पंचायत ने रोबोट कम्पनी को चारागाह भूमि खोदने की स्वीकृति क्यों दी, इस पर कार्यवाही नहीं की गई। तथ्य छुपाने के लिए अवैध खनन के गड्ढे को खुर्दबुर्द करने व चारागाह भूमि खोदने के कार्य पर पर्दा डाला जा रहा है।<br /><br /><strong>पूर्व में अधिकारियों ने जांच का दिया था भरोसा</strong><br />ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व में अधिकारियों ने जांच कर कार्यवाही का भरोसा दिलाया था। उस समय रामगंजमंडी तहसीलदार भारत सिंह ने बताया था कि उपखण्ड अधिकारी ने चारागाह भूमि पर किए मिट्टी खुदाई के कार्य की जांच हल्का पटवार खैराबाद को दे दी गई है। कितने टन मिट्टी खुदाई हुई सारी जांच की जाएगी। लेकिन अभी तक जांच व कार्यवाही नहीं होने से पंचायत को सबूत मिटाने का मौका मिल गया है।<br /><br />खैराबाद में चारागाह भूमि को काली मिट्टी से भरने की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं है। मामला जानकारी में आया है। जांच कर कार्यवाही की जाएगी।<strong>-विनोद कुमार मीणा, उपखण्ड अधिकारी, रामगंजमंडी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 16:18:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होती : पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[मूक बधिर बालिका प्रकरण में पुलिस ने खुलासे का दावा किया है। रविवार शाम पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि समस्त तकनीकी अनुसंधान, एफएसएल, मेडिकल रिपोर्टों एवं मौखिक व अन्य एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-rape-not-confirmed-on-basis-of-evidence--says-police/article-9402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/654465464.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। मूक बधिर बालिका प्रकरण में पुलिस ने खुलासे का दावा किया है। रविवार शाम पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि समस्त तकनीकी अनुसंधान, एफएसएल, मेडिकल रिपोर्टों एवं मौखिक व अन्य एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होती है। पुलिस के अनुसार तिजारा पुलिया पर ड्राइवर द्वारा बस को अचानक ब्रेक लगाकर रोकने से बस के पीछे आ रहे बाइक सवार के एकदम से बस की बांयी तरफ कट मारने के दौरान पीड़िता को टक्कर लग गई। मामले में बस चालक भूपेन्द्र सिंह पुत्र विजय सिंह राजपूत निवासी कशोदा थाना नगर जिला भरतपुर हाल ठाकर वाला कुआ सोमवंशी कॉलोनी थाना एनईबी अलवर एवं बाइक चालक युनुस खान द्वारा अपराध प्रमाणित पाया गया है। हालांकि पुलिस का यह खुलासा आम जनता के गले से नीचे नहीं उतर रहा है।</p>
<p><strong>जांच पर उठ रहे शुरू से ही सवाल</strong><br />इस मामले में पुलिस जांच को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। मामले को पूरी तरह दुर्घटना का रूप देकर पुलिस की ओर से दबाए जाने का प्रयास बताया जा रहा है।</p>
<p><strong>क्या था मामला</strong><br />अलवर शहर की तिजारा फाटक पुलिया पर 11 जनवरी की रात को एक 15 वर्षीय मूक-बधिर बालिका लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ी मिली थी जिसके प्राइवेट पार्ट से खून भी बह रहा था। पीड़िता को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान चिकित्सकों एवं पुलिस अधिकारियों ने बालिका के साथ गैंगरेप की आशंका जताते हुए इसमें दो या दो से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही थी। इसके बाद पीड़िता को जयपुर रैफर कर दिया गया। जहां चिकित्सकों ने कई घंटों तक ऑपरेशन कर उसकी सर्जरी की। 72 घंटे बाद पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने अपने पूर्व में दिए गए बयान से यू टर्न लेते हुए जयपुर से आई मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दुष्कर्म से साफ इनकार करते हुए हादसे की बात कही थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 12:15:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>REET पर घमासान: भाजपा के पास सबूत हैं तो विधानसभा में पेश करें: खाचरियावास</title>
                                    <description><![CDATA[ कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंगलवार को भाजपा पर फिर से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमित शाह के घर पर बैठकर भाजपा गहलोत सरकार को बदनाम करने का प्रयास करती है। बिना तथ्यों के मंत्रियों को बदनाम करने वाले अगर मानहानि का दावा हुआ तो जवाब देना मुश्किल होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/reet-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8--%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A5%82%E0%A4%A4-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82--%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-4334"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/pratap-singh.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंगलवार को भाजपा पर फिर से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमित शाह के घर पर बैठकर भाजपा गहलोत सरकार को बदनाम करने का प्रयास करती है। बिना तथ्यों के मंत्रियों को बदनाम करने वाले अगर मानहानि का दावा हुआ तो जवाब देना मुश्किल होगा।</p>
<p><br />कांग्रेस चिंतन शिविर के दौरान मीडिया से बात करते हुए खाचरियावास ने कहा कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर बैठकर राजस्थान की सरकार को बदनाम करने के लिए षड्यंत्र किया जाता है। भाजपा का षड्यंत्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस परीक्षा को रद्द करके फेल कर दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब बिना तथ्यों और बिना सबूतों के भाजपा के नेता मंत्रियों के नाम ले रहे हैं, मुख्यमंत्री के स्टाफ का नाम ले रहे हैं। अगर इनके पास कोई सबूत है तो वह सबूत कल (बुधवार को) विधानसभा में पेश करें।</p>
<p><br />खाचरियावास ने कहा कि पेपर लीक होने पर भाजपा के राज मे भी परीक्षा निरस्त हुई थी, लेकिन भाजपा ने कभी इसकी जांच नहीं करवाई। जबकि राजस्थान की सरकार पेपर लीक मामले की जांच भी करवा रही है और गिरफ्तारियां भी की जा रही है।  जबकि भाजपा केवल इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है। बिना सोचे समझे जो भाजपा के नेता आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं और मंत्रियों और अधिकारियों का नाम ले रहे हैं, अगर उन्होंने मानहानि का दावा पेश कर दिया तो इन नेताओं के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Feb 2022 12:43:09 +0530</pubDate>
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                <title>विमंदित बालिका से दुष्कर्म मामले में सबूत बनेंगे उसके शरीर पर मिले पांच बाल</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने जांच के लिए दो बार में भेजे कुल 19 सैम्पल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A5%82%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2/article-4035"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/img-20220116-wa0061.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। अलवर में विमंदित बालिका से दुष्कर्म मामले की गहन जांच करने के लिए पुलिस ने और बड़ा प्रयास शुरू किया है। पुलिस ने सोमवार शाम को एफएसएल जांच के लिए मौके समेत अन्य जगहों के और 12 सैम्पल जयपुर भेजे हैं। इससे पहले शनिवार शाम को सात सैम्पल भेजे थे। इन 12 सैम्पलों में बच्ची के शरीर पर मिले पांच बालों के अलावा अस्पताल की बेड शीट और पत्थर भी शामिल है। सूत्रों की मानें तो पीड़िता के ब्लड की जांच में यदि सीमन मिलता है तो दुष्कर्म का पुख्ता प्रमाण माना जाएगा। वहीं पांच बाल आरोपी को तलाशने में अहम सबूत बनेंगे। एफएसएल की टीम लगातार जांच कर रही है। हालांकि एफएसएल ने मौका निरीक्षण रिपोर्ट अलवर से आए पुलिसकर्मी को सौंप दी। अब एफएसएल परीक्षण रिपोर्ट देने के लिए लगातार ब्लड समेत अन्य सैम्पल की गहनता से जांच कर रही है।<br /> <br /> <strong>धारदार हथियार से किया वार</strong><br /> मेडिकल जांच रिपोर्ट में आया है कि पीड़िता पर धारदार हथियार से वार किए हैं। इससे करीब 15 इंच का घाव हो गया और इतना ब्लड निकला कि पीड़िता की सलवार समेत जूते भी खून में सन गए। जयपुर में डॉक्टरों ने कैंची से काटकर सलवार को उतारा और ऑपरेशन कर बच्ची की जान बचाई।  <br /> <br /> <strong>इन सैम्पल पर हुई जांच </strong><br /> पुलिस ने रेप केस की जांच करने के लिए मौके से ब्लड, बच्ची के कपड़े, डॉक्टर की ओर से बच्ची का लिया गया स्वाब और स्मीयर, कपड़ों की मिट्टी, मौके पर पड़ी मिट्टी, नशीले पदार्थ की जांच के लिए बच्ची का यूरिन और ब्लड समेत कुल सात सैम्पल एफएसएल जांच के लिए भेजे। एफएसएल टीम ने इन सैम्पलों में से तीन जांच की। पहली जांच सीमन की उपस्थिति, नशीले पदार्थ की उपस्थिति और मिट्टी का मिलान। इनके आधार पर टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। सबसे पहले एफएसएल ने अपनी जांच में प्राथमिकता सीमन की उपस्थिति को दिया। <br /> <strong><br /> पादुकलां में बाल ने दिलाई फांसी की </strong><br /> नागौर पादुकलां इलाके में सात वर्षीय मासूम से दुष्कर्म करते समय हैवान से लड़ते समय बचने के लिए सिर के बाल पकड़ लिए जो उसके हाथ में ही रह गए। इन बालों को पुलिस ने एफएसएल जांच के लिए भेजा। एफएसएल टीम ने बालों की जांच की और पकड़े गए आरोपी के बालों के डीएनए से मिलान करवाया। मिलान करने के बाद उसे गिरफ्तार लिया। कोर्ट में बालों का डीएनए अहम सबूत बना और आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई।<br /> <br />  <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jan 2022 11:41:11 +0530</pubDate>
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