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                <title>vaccinated - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जबरन टीका नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला दिया है कि टीकाकरण के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--not-forcibly-vaccinated/article-9124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/covid.jpg" alt=""></a><br /><p>अब यही माना जाता रहा है कि भारत में सफल टीकाकरण अभियान की वजह से ही कोविड-19 पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकी है, वहीं यह भी आशंकाएं जुड़ी रही हैं कि टीकों का विपरीत प्रभाव पड़ता हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला दिया है कि टीकाकरण के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके अलावा अदालत ने केन्द्र से इस तरह के टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभाव के आंकड़ों को सार्वजनिक करने को कहा है। अदालत की राय टीकाकरण के मसले पर उठे सवालों और आशंकाओं के बीच संतुलन बैठाने की ही कोशिश है। इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शारीरिक स्वायत्तता और अखण्डता की रक्षा की जाती है। सुनवाई के दौरान अदालत को यह भी बताया गया कि कई राज्यों में जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, उन्हें ट्रेनों या सार्वजनिक वाहनों में बैठने से रोका जा रहा है और अन्य सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। इसके पीछे यह दलील दी जा रही है बिना टीका लगाकर लोग संक्रमण फैलाने की वजह बन सकते हैं। यह सही है कि कोरोना संक्रमण एक-दूसरे व्यक्ति के माध्यम से ही फैलता है और संकट के समय में सावधानी भरे कदम उठाना समय की मांग भी है। लेकिन इस मसले पर अदालत ने साफ तौर पर कहा कि टीका न लगवाने वाले लोगों पर किसी तरह की पाबंदी मान्य नहीं है, साथ ही अदालत ने कहा कि जहां तक सावधानी बरतने की बात है तो केन्द्र और राज्य सरकारों ने ऐसा कोई साक्ष्य अदालत के सामने नहीं रखा, जिससे यह पता चलता हो कि टीका न लगवाने वाले लोगों से खतरा ज्यादा है। साथ ही सरकारें टीकाकरण के दुष्प्रभावों को लेकर उठ रही आशंकाओं के निवारण के बारे में कुछ नहीं बता रही है। तथ्यों को छुपाने व सार्वजनिक न करने से आशंकाएं जोर पकड़ती जा रही हैं। तभी अदालत ने कोरोना रोधी टीका लगवाने के बाद सामने आने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ चिकित्सीय परीक्षण का आंकड़ा सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। अदालत की मंशा स्पष्ट है कि टीकाकरण को बाध्यकारी नहीं बनाया जा सकता है। किसी की सहमति के बिना जबरन टीकाकरण न्याय और अधिकारों के विपरीत है। लेकिन यहां अदालत को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि टीकाकरण तो स्वैच्छिक हैं, लेकिन टीका न लगाने वालों को मास्क लगाने व सार्वजनिक दूरी बनाकर रखने जैसी सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 16:46:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>संक्रमण की आशंका कम, 90 फीसदी आबादी को लगा टीका</title>
                                    <description><![CDATA[चीन में कोविड ने एक बार फिर से दस्तक दी है। जिसके चलते  एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ गई। हालांकि, यहां चीन की तरह हालात खराब नहीं होंगे। ऐसी संभावना कोटा के एक्सपर्ट ने जताई है। फिर भी सावधानी बरतने की जरुरत है। कोविड प्रोटॉकाल की पालना भी पूर्व की भांति करना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/less-chance-of-infection--90--of-the-population-got-vaccinated/article-6245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/00.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा समेत देश भर में कोविड संक्रमण थम गया है। स्थिति यह है कि यहां पिछले एक माह से नए मरीज दो डिजिट में आ चुके है, लेकिन पड़ोसी देश में कोविड के नए मामले आना शुरू हो गए है। जिसके चलते  एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ गई। हालांकि, यहां चीन की तरह हालात खराब नहीं होंगे। ऐसी संभावना कोटा के एक्सपर्ट ने जताई है। एक्सपर्ट का कहना है कि ये बात सही कि चीन में कोविड ने एक बार फिर से दस्तक दी है। वहां लॉकडाउन की नौबत आ गई है, लेकिन कोटा में ऐसी स्थिति सामने नहीं आएगी। क्योंकि, 90 फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। वैक्सीन से इन लोगों में इम्युनिटी डवलप हो गई है। साथ ही अधिकांश लोग पॉजीटिव हो चुके है। यहां पर प्रथम, द्वितीय और तीसरी लहर गुजर गई है। कोविड संक्रमण की भी लोगों में एंटीबॉडी है।  ऐसे में यहां अधिक संक्रमण नहीं होगा। ऐसे में अधिक चिंता की बात नहीं है। फिर भी सावधानी बरतने की जरुरत है। कोविड प्रोटॉकाल की पालना भी पूर्व की भांति करना चाहिए।<br /><br /><strong>बीए-2 वेरिएंट की आशंका</strong><br />एक्सपर्ट का कहना है कि अभी तक चीन में मिलने वाले कोविड वेरिएंट की अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी में इसको बीए.2 वेरिएंट बता रहे है। उनका कहना है कि ये स्टेल्थ वेरिएंट है। यानिकि छुपा वेरिएंट है। इसके लक्षणों से बीए.2 वेरिएंट की तरह माना जा रहा है। यही कारण है कि वहां पर इसका संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। अच्छी बात यह है कि डब्लूएचओ ने भी इसको वेरिएंट आॅफ कर्सन नहीं माना है। क्योंकि, मरीज जरूर अधिक आ रहे है। लेकिन, मौतें अधिक नहीं है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगले दो चार दिन में स्थिति साफ हो जाएगी। <br /><br /><strong>कोटा में आ चुका ये वेरिएंट</strong><br />एक्सपर्ट का कहना है कि बीए.2 वेरिएंट कोटा में पहले भी आ चुका है। हालांकि, ये ओमिक्रोन के बीए.1 वेरिएंट से अधिक घातक था। इस वेरिएंट से मरीज अधिक आए थे। उनको दिक्कत भी हुई थी। अधिकांश मरीजों में लक्षण होने के बावजूद रिपोर्ट नेगेटिव थी। क्योंकि, आरटीपीसीआर इसको डिटेक्ट नहीं कर सकी थी। ऐसे में स्टेल्थ ओमिक्रॉन के अलावा जिस एक और वैरिएंट से चीन में संक्रमितों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, वे दोनों ही स्वरूप भारत को प्रभावित कर चुके हैं।  चीन का संक्रमण से भारत के प्रभावित होने की संभावनाएं काफी कम हैं। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />यहां की अधिकांश आबादी वैक्सीनेट हो चुकी है। साथ में पॉजीटिव होने से एंटीबॉडी भी बन गई थी। ऐसे में लगता नहीं कि नया संक्रमण से असर होगा।<br /><strong>- डॉ केके डंग, अस्थमा और स्वांस रोग विशेषज्ञ</strong><br /><br />अब कोई सा भी वेरिएंट आ जाए किसी को अधिक असर नहीं होगा। ये जरूर है कि पॉजीटिव हो सकते है। ओमिक्रोन से अधिकांश लोग संक्रमित हो चुके है।<br /><strong>- डॉ सुधीर उपाध्याय, वरिष्ठ चिकित्सक, कोटा</strong><br /><br />चीन में मामले तेजी से बढ़े है। प्रारंभिक जानकारी में बीए.2 वेरिएंट की पुष्टि हो रही है। हालांकि, अधिकृत जानकारी नहीं है। ये वेरिएंट कोटा में आ चुका है।<br /><strong>- डॉ नवीन सक्सेना, अधीक्षक, एमबीएस</strong><br /><br />चीन में मौजूदा वेरिएंट इंडिया में पहले आ चुका है। ऐसे में लगता नहीं कि यहां अधिक असर होगा। संक्रमण आता भी तो लोगों को दिक्कत नहीं होगी। ऐसा मेरा मानना है।<br /><strong>- डॉ विजय सरदाना, प्राचार्य, न्यू मेडिकल कॉलेज, कोटा</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Mar 2022 15:01:28 +0530</pubDate>
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                <title>12 साल से अधिक आयु के बच्चों का भी जल्द हो वैक्सीनेशन</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना संक्रमण दर एक सप्ताह में दुगुनी, मंत्रिपरिषद ने जताई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/12-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%81-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8/article-4078"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/vexin.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को वीसी के जरिए हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोविड के बढ़ते संक्रमण पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण पर बल दिया गया। बैठक में बताया गया कि विगत कुछ सप्ताह से पॉजिटिविटी दर लगातार बढ़ रही है। मात्र एक सप्ताह में यह दर 7.61 प्रतिशत से बढ़कर 15.52 प्रतिशत तक अर्थात् दोगुनी हो चुकी है। संक्रमण की इस गति को रोकने के लिए जरूरी है कि आमजन के द्वारा कोविड प्रोटोकॉल की निरंतर पालना की जाए। साथ ही संक्रमण को रोकने के लिए फोकस्ड सैम्पलिंग की जाए, जिन लोगों में सर्दी, खांसी, जुकाम के लक्षण हैं, उनकी प्राथमिकता से जांच की जाए। इस वायरस से छोटी आयु के बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में 12 साल से अधिक आयु के बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द शुरू होना चाहिए। केन्द्र सरकार इस बारे में जल्द निर्णय लें।<br /> <strong><br /> वैक्सीनेशन राष्ट्रीय औसत से बेहतर</strong><br /> चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के 94.4 % लोगों को पहली तथा 78 % लोगों को दूसरी डोज लगी है। साथ ही 56.5% किशोर-किशोरियों को पहली डोज लगाई जा चुकी है। इन सभी में राजस्थान का प्रदर्शन राष्टÑीय औसत से बेहतर है। दिसम्बर माह में 1 करोड़ 31 लाख लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई थी। जनवरी माह में भी इसी भावना के साथ वैक्सीनेशन किया जा रहा है।<strong><br /> <br /> 31 के बाद नई गाइडलाइन</strong><br /> फिलहाल संक्रमण के चलते 31 जनवरी तक की गाइडलाइन जारी की हुई है। चर्चा के दौरान सामने आया कि इसके बाद संक्रमण की गति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। इसमें कुछ पाबंदियों में छूट भी प्रदान की जा सकती है। इसके साथ ही एक फरवरी से वैक्सीन नहीं तो एन्ट्री नहीं भी सख्ती से लागू करने की तैयारी है। इसके लिए भी आदेश जारी किए जा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jan 2022 11:02:12 +0530</pubDate>
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