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                <title>recruit - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>महिला दिवस पर फ्लीका इंडिया ने जेंडर गैप को कम करने के लिए उठाए जरूरी कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर। टायर प्रबंधन कंपनी फ्लीका इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने टायर प्रबंधन उद्योग में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए हैं। कंपनी ने ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और फ्लीट उद्योगों में करियर बनाने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने और उनका समर्थन करने के लिए एक अनूठी पहल की है। साथ ही, कंपनी ने अपनी वर्कफोर्स में जेंडर गैप को कम करने के लिए भी जरूरी कदम उठाए हैं।</p>
<p>मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, ‘भारत की श्रम शक्ति में केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही महिलाओं का है।’ यही स्थिति ऑटोमोबाइल उद्योग में भी है।<br />ऑटोमोबाइल उद्योग को लंबे समय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-women-s-day--fleeka-india-took-necessary-steps-to-reduce-the-gender-gap--decision-to-recruit-women-service-engineers-for-tire-services-on-highways/article-5693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/11.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। टायर प्रबंधन कंपनी फ्लीका इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने टायर प्रबंधन उद्योग में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए हैं। कंपनी ने ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और फ्लीट उद्योगों में करियर बनाने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने और उनका समर्थन करने के लिए एक अनूठी पहल की है। साथ ही, कंपनी ने अपनी वर्कफोर्स में जेंडर गैप को कम करने के लिए भी जरूरी कदम उठाए हैं।</p>
<p>मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, ‘भारत की श्रम शक्ति में केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही महिलाओं का है।’ यही स्थिति ऑटोमोबाइल उद्योग में भी है।<br />ऑटोमोबाइल उद्योग को लंबे समय से महिलाओं के लिए अनुपयुक्त माना जाता है, जिसका नतीजा यह है कि आज इस पेशे में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम है। समझ की कमी, उद्योगों में निर्माण संबंधी कार्यों में विविधता और कौशल विकास कार्यक्रमों तक सीमित पहुंच के कारण भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम हो पाया है।<br /><br />ऐसे माहौल में फ्लीका इंडिया कंपनी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए अपने कार्यबल में जेंडर गैप को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। फ्लीका का मिशन लड़कियों और महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाना है, ताकि वे टायर उद्योग को और अधिक गहराई से समझ सकें, उपकरणों और प्रशिक्षण तक उन्हें पहुंच मिल सके और टायर प्रबंधन के क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में विचार करने के लिए उन्हें प्रेरित किया जा सके। <br /><br /> योगिता रघुवंशी के जीवन से ही प्रेरणा लें। उन्हें लॉजिस्टिक्स और परिवहन उद्योग में एक सच्ची सुपरवुमन माना जाता है, वे पहली महिला ट्रक ड्राइवर हैं और यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने जेंडर संबंधी नियमों को धता बताया, जिन्होंने एक ऐसी महिला का सबसे शानदार उदाहरण पेश किया जो कुछ भी हासिल कर सकती है। पहली और एकमात्र महिला ट्रक/टायर मैकेनिक सुश्री शांति देवी को भी ऐसे ही एक और उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है। ये दोनों ही सच्ची प्रेरणा हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों को पार करते हुए पुरुष प्रधान सड़क परिवहन उद्योग में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने के लिए कदम उठाए।</p>
<p><br />इस पहल की शुरुआत करते हुए फ्लीका इंडिया के सीईओ और संस्थापक टीकम जैन ने कहा, ‘‘हमारा मकसद टायर प्रबंधन, टायर सेवा और टायर रखरखाव के क्षेत्र में महिला शक्ति को भी जोड़ना है। हालांकि यह एक मुश्किल काम है, क्योंकि यह एक कठोर और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है, एक ऐसा सेक्टर जिसे महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं समझा जाता। शुरू में मुझे भी यही लगता रहा कि अपने इरादों को हम अमल में कैसे ला पाएंगे, लेकिन जब मैंने देखा कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी लाॅजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के साथ जुड़ती जा रही हैं, तो मेरे मन का भय भी दूर हो गया। इस स्थिति ने मुझे प्रेरित किया है, और हम फ्लीका का हिस्सा बनने और संगठन में योगदान करने के लिए नारी शक्ति से सज्जित वर्कफोर्स की तलाश में जुट गए। आज फ्लीका इंडिया ने अधिक से अधिक महिला कर्मचारियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं।’’<br /><br />‘‘फ्लीका ने पहले से अधिक जेंडर बैलेंस्ड लॉजिस्टिक्स सोसायटी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिभावान महिलाओं को तैयार करने और तैनात करने का संकल्प लिया है। सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए सीखने की पहल शुरू की गई है, साथ ही उनके लिए आवश्यक कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है और उन्हें जरूरी सलाह और मार्गनिर्देशन भी प्रदान किया जा रहा है। हम इस क्षेत्र में महिलाओं की उपस्थिति के परिणामस्वरूप उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहे हैं, क्योंकि यह ऐसा कार्यबल है, जो अधिक संगठित हैं, जो अधिक कुशल और अनुशासित हैं। इस तरह हम एक स्वच्छ और सस्टेनेबल इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 14:13:37 +0530</pubDate>
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                <title>खिलाड़ियों के लिए आत्मघाती बने एथलेटिक ट्रेक को बदलने, अधूरे खेल भवन का निर्माण फिर शुरू करने और प्रशिक्षकों की नई भर्ती की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[खेल विभाग और राजस्थान खेल परिषद में चल रहा है मंथन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A5%9C%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%98%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%A5%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A5%87--%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88-%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A6/article-4096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/9.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार के नये साल के बजट से पहले खेल विभाग और राजस्थान खेल परिषद ने भी मंथन शुरू कर दिया है। खेल परिषद की कुछ महती योजनाओं को लेकर विगत दिनों खेलमंत्री अशोक चांदना और परिषद के अध्यक्ष के स्तर पर चर्चाएं हुईं ताकि इन योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन की मांग लेकर सरकार के साथ बजट पूर्व बैठक में अपना पक्ष रखा जा सके। राजस्थान खेल परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार खेल विभाग को बजट में राजस्थान खेल परिषद में प्रशिक्षकों की नई भर्ती, खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का जिम बनाने, खेल उपकरणों की खरीद के लिए अतिरिक्त  राशि आवंटित करने, खस्ता हाल बन चुके एथलेटिक ट्रैक को बदलने और खेल भवन के अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राशि के आवंटन की उम्मीद है। <br /> <strong><br /> पांच साल में पूरा नहीं हुआ खेल भवन</strong><br /> सरकार ने 2016-17 के बजट में एसएमएस स्टेडियम में खिलाड़ियों के ठहरने के लिए बहुमंजिला खेल भवन के निर्माण की घोषणा की और इसके लिए 10 करोड़ और साज-सज्जा के लिए तीन करोड़ रुपए का राशि आवंटित की गई लेकिन भवन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। पैसा नहीं होने की वजह से खेल परिषद ठेकेदार को भुगतान नहीं कर सकी और कार्य बीच में ही रुक गया। <br /> <strong><br /> रिक्त हैं खेल अधिकारी और प्रशिक्षकों के 86 पद</strong><br /> राजस्थान खेल परिषद में खेल अधिकारी और प्रशिक्षकों के 183 पद स्वीकृत हैं लेकिन इनमें से 86 पद रिक्त पड़े हैं। खेल परिषद में प्रशिक्षकों की सीधी भर्ती 2012 में हुई लेकिन इसके बाद दस साल के भीतर खेल अधिकारी और प्रशिक्षक सेवानिवृत होते गए लेकिन उनके स्थान पर नए प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई। प्रशिक्षकों के अभाव में प्रदेशभर में प्रशिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। <br /> <br /> खिलाड़ियों के लिए घातक बन गया है एथलेटिक ट्रैक<br /> सवाई मानसिंह स्टेडियम के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक को बने करीब डेढ़ दशक बीत चुका है। ट्रैक के हालात अब इतने खराब हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक की तैयारी के लिए आने वाले खिलाड़ी इस टैÑक पर घातक चोट का शिकार भी बन सकते हैं। ट्रैक कई जगह से उखड़ गया है और कई जगह पर असमतल हो गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बजट में इसे बदलने के लिए प्रावधान किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jan 2022 18:11:34 +0530</pubDate>
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