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                <title>india news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दिल्ली: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव पर चाकू से हमला, आरोपी हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सांसद पप्पू यादव पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा चाकू से हमला करने का प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद समर्थकों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए हमलावर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर घटना के पीछे की मंशा की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/knife-attack-accused-on-pappu-yadav-during-delhi-press-conference/article-161822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/pappu-yadav.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सांसद पप्पू यादव पर सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर चाकू से हमला करने की कोशिश की गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप कर आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।</p>
<p>घटना के बाद पप्पू यादव ने दावा किया कि उन पर चाकू से हमला करने का प्रयास किया गया और उनके ऊपर चप्पल भी फेंकी गई। उन्होंने कहा कि यदि वहां मौजूद लोगों ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 13:15:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा कांग्रेस का राजधानी में प्रदर्शन, उदय भानु ने कहा- विद्यार्थियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार को देना चाहिए जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[युवा कांग्रेस ने दिल्ली में छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर विरोध मार्च निकालते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब देने की मांग की। संगठन ने प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/youth-congress-protest-in-the-capital-demanding-resignation-of-union/article-161446"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/uday-bhanu-chib.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में केरल हाउस से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला और केंद्र  सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर चिब ने कहा कि विद्यार्थियों पर पैलेट गन तथा आंसू गैस का इस्तेमाल और लाठीचार्ज किये जाने को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शाह को लोकसभा में आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई यदि गृह मंत्री के निर्देश पर हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और उनकी जानकारी के बिना हुई है तो इससे देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p>चिब ने कहा कि युवा कांग्रेस विद्यार्थियों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि विद्यार्थियों पर कार्रवाई करने वालों को सजा मिलनी चाहिए और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। युवा कांग्रेस ने शाह को तत्काल बर्खास्त करने, मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने और नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। प्रदर्शन में संगठन के कई राष्ट्रीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 19:01:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन: पहले दिन हेल्पलाइन पर मिली 2,000 शिकायतें, AI से होगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार की नई भ्रष्टाचार-रोधी हेल्पलाइन को शुरुआत के पहले ही दिन बड़ी संख्या में शिकायतें मिलीं। प्रशासन के अनुसार भ्रष्टाचार के साथ नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों की भी जानकारी दर्ज कराई गई। शिकायतों के त्वरित निस्तारण और निगरानी के लिए संबंधित विभागों को मामलों का तत्काल हस्तांतरण शुरू कर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-against-corruption-in-west-bengal-2000-complaints-received/article-161414"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/wb.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा शुरू की गई टोल-फ्री भ्रष्टाचार-रोधी हेल्पलाइन के कामकाज के पहले ही दिन लगभग 2,000 शिकायतें मिलीं। पश्चिम बंगाल राज्य सचिववालय (नबन्ना) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा घोषित और बुधवार से शुरू इस हेल्पलाइन को इसलिए शुरू किया गया ताकि नागरिक कथित भ्रष्टाचार एवं आपराधिक गतिविधियों की रिपोर्ट सीधे राज्य प्रशासन को कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि शिकायतें सिर्फ़ कट-मनी, सिंडिकेट के कामकाज या गैर-कानूनी टोल वसूली के आरोपों तक ही सीमित नहीं थीं।</p>
<p>नबान्न कंट्रोल रूम को अन्नपूर्णा भंडार योजना, ज़मीन एवं संपत्ति विवाद, सड़कों की खराब स्थिति, जल निकासी की समस्याओं और जल-जमाव से जुड़ी शिकायतें भी मिलीं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नियंत्रण कक्ष में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को संबंधित विभाग को अग्रेषित किया जा रहा है। जिन चार खास श्रेणियों के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई, उनसे जुड़ी शिकायतों को तुरंत कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री द्वारा भवानी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में शुरू की गई चार टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं : कट-मनी की शिकायतों के लिए 155334, सिंडिकेट से जुड़े अपराधों के लिए 155335, अवैध रोड टैक्स या टोल वसूली के लिए 155337 और अवैध शराब के कारोबार के लिए 155339 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकारी निर्देशों के अनुसार, इन नंबरों पर रोज़ाना सुबह आठ बजे से रात 10 बजे के बीच शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। नबन्ना ने एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया है, जिसका मुख्यमंत्री के खुद निरीक्षण करने की उम्मीद है।</p>
<p>सरकार ने चेतावनी दी है कि हेल्पलाइन का गलत इस्तेमाल करने या निजी दुश्मनी के कारण गलत जानकारी देने वाले शख्स पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने कहा कि हेल्पलाइन पर आने वाली हर कॉल रिकॉर्ड की जाएगी और भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर उन रिकॉर्डों को दोबारा हासिल करने की व्यवस्था भी की जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रशासन शिकायतों के शुरुआती वर्गीकरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल की संभावना पर विचार कर रहा है, जिसके बाद पुलिस अधिकारी हर शिकायत की अलग-अलग जांच करेंगे और ज़रूरी कार्रवाई करेंगे।</p>
<p>प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि प्राप्त शिकायतों की संख्या, निपटाई गई शिकायतों और की गई कार्रवाई की जानकारी देने वाली समय-समय पर तैयार रिपोर्ट, निगरानी के लिए नियमित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 18:35:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भोपाल की 'लेडी सिंघम' का साहस कैमरे में कैद, प्रदर्शनकारियों के सामने बस रोककर कानून-व्यवस्था बचाने का वीडियो हुआ वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में किसान प्रदर्शन के दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का शांत और साहसिक रवैया चर्चा का विषय बन गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान उनकी तत्परता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। अधिकारी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-video-of-bhopals-lady-singhams-courage-to-save-law/article-161490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/bhopal1.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसान प्रदर्शन के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) मोनिका शुक्ला की बहादुरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने रास्ता रोकने के लिए सड़क पर बसें खड़ी की थीं। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बस को धक्का देकर आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन एसीपी मोनिका शुक्ला बस के सामने खड़ी हो गईं। उनके इस कदम के बाद प्रदर्शनकारियों ने बस को आगे बढ़ाने का प्रयास छोड़ दिया। </p>
<p>घटना के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर 'लेडी सिंघम' कहा जा रहा है। हालांकि, मोनिका शुक्ला ने इसे अपनी ड्यूटी का हिस्सा बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन विरोध कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को ऐसे हालात में संयम से काम लेना चाहिए, क्योंकि प्रदर्शनकारी अपराधी नहीं बल्कि अपनी मांग रखने वाले नागरिक होते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 18:34:51 +0530</pubDate>
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                <title>झारखंड कांग्रेस में मचा सियासी बवाल! के.एन. त्रिपाठी के बयान पर पार्टी का नोटिस, अनुशासनहीनता पर सख्त रुख</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन और महागठबंधन की एकजुटता को सर्वोच्च बताते हुए वरिष्ठ नेता के. एन. त्रिपाठी को सार्वजनिक बयानबाजी पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी ने सात दिन में जवाब मांगा और स्पष्ट किया कि संगठन की निर्धारित प्रक्रिया व मर्यादा का पालन सभी नेताओं के लिए अनिवार्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/political-uproar-in-jharkhand-congress-party-notice-on-kn-tripathis/article-161457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/congress.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी में अनुशासन, सामूहिक जिम्मेदारी और महागठबंधन धर्म सर्वोपरि है। इन्हीं सिद्धांतों के अनुरूप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. एन. त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि 28 जुलाई 2026 को पलामू में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान के. एन. त्रिपाठी द्वारा सार्वजनिक रूप से कानून-व्यवस्था, पुलिस एवं गृह विभाग को लेकर दिए गए बयान पार्टी की निर्धारित नीति और गठबंधन की सामूहिक जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं हैं। कांग्रेस लोकतांत्रिक विचार-विमर्श में विश्वास करती है, लेकिन सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयान, जिनसे संगठन और महागठबंधन की एकता प्रभावित हो, स्वीकार्य नहीं हो सकते।</p>
<p>सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और पार्टी के प्रत्येक नेता एवं कार्यकर्ता के लिए संगठनात्मक मर्यादा का पालन अनिवार्य है। यदि किसी विषय पर मतभेद हैं तो उन्हें पार्टी के निर्धारित मंचों पर रखा जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान दिए जाएं जिनसे विपक्ष को भ्रम फैलाने का अवसर मिले और संगठन की छवि प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है। के. एन. त्रिपाठी से सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई पार्टी संविधान एवं अनुशासन के अनुरूप की जाएगी। सिन्हा ने कहा कि झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी महागठबंधन की एकजुटता, संगठनात्मक अनुशासन और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा और संगठन के हित सर्वोपरि रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 17:51:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET-UG प्रदर्शन पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: छात्रों पर नहीं होगी कार्रवाई, आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर सख्ती जारी रहेगी</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली सरकार ने नीट-यूजी प्रदर्शन से जुड़े मामलों में राहत देते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। प्रशासन ने कहा कि मामलों की समीक्षा के बाद पात्र प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-on-neet-ug-protest-no-action/article-161481"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/rekha-gupta1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि दर्ज है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार के अनुसार, 29 जुलाई 2026 तक इन प्रदर्शनों के संबंध में दिल्ली पुलिस ने 13 एफआईआर दर्ज की थीं। </p>
<p>अब इन मामलों की समीक्षा कर गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। यह निर्णय 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद लिया गया है। दिल्ली सरकार ने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और इस प्रकरण को समाप्त माना जाएगा। वहीं, आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 17:49:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संसद में लेबर रिफॉर्म पर बड़ा बयान: गिग वर्कर्स की सुरक्षा मजबूत होगी, न्यूनतम मजदूरी के नियम भी बदलेंगे अब</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने संसद में कहा कि नई श्रम संहिताओं के जरिए गिग वर्कर्स को कानूनी पहचान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही न्यूनतम मजदूरी तय करने की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है, जिससे राज्यों को निर्धारित सीमा से कम वेतन तय करने की अनुमति नहीं होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-statement-on-labor-reform-in-parliament-security-of-gig/article-161421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(3)15.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को संसद में कहा कि गिग वर्कर्स के हितों की रक्षा के लिए नयी श्रम संहिताओं में पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख लाल मांडविया ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि नयी श्रम संहिताओं में गिग वर्कर्स के हितों की रक्षा के लिए सभी प्रावधान किये गये हैं।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के गिग वर्कर्स समझौते से खुद के अलग रखने के केन्द्र सरकार के निर्णय का बचाव करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत पहला देश है जिसने गिग वर्कर्स को मान्यता दी है। यूरोप का अलग मॉडल है, भारत का अलग मॉडल है। भारत को इस संबंध में लचीलापन चाहिये था। श्रमिकों की समाजिक सुरक्षा के बारे में मांडविया ने कहा कि साल 2014 से पहले केवल 19 प्रतिशत लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थे। आज यह संख्या बढ़कर 68 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि काम छूट जाने के बावजूद कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ जारी रहे।</p>
<p>न्यूनतम मजदूरी से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि आज तक केंद्र सरकार मशविरा के रूप में राज्यों से न्यूनतम मजदूरी की सिफारिश करती थी जिसे मानना या न मानना राज्यों के ऊपर था। नयी श्रम संहिताओं के तहत केंद्र सरकार न्यूनतम मजदूरी की कम से कम सीमा तय करेगी। राज्य उस सीमा से कम न्यूनतम मजदूरी तय नहीं कर सकेंगे। यह 'ए', 'बी' और 'सी' श्रेणियों में होगा। बड़े शहर 'ए' श्रेणी में, छोटे और मझौले शहर 'बी' तथा ग्रामीण इलाके 'सी' श्रेणी में आयेंगे। इलाके में जीवनयापन के जरूरी खर्च के आधार पर न्यूनतम मजदूरी की सीमा तय की जायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर बड़ा हमला: सरकार बताए, गोली चलाने का आदेश किसने दिया? वेणुगोपाल ने लगाया विपक्ष को संसद में नहीं बोलने का आरोप   </title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मांग की कि बल प्रयोग और कथित फायरिंग के आदेश से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कर सरकार से जवाबदेही तय करने की अपील की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-big-attack-on-the-centre-government-should-tell-who/article-161392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/venugopal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि सरकार बताए कि दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया। पार्टी ने कहा कि इस पूरे मामले में देश के गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए। हमारा यह भी सवाल है कि गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं और इस मुद्दे पर जवाब देने से क्यों बच रहे हैं।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और गोली चलाने का आदेश किसने दिया, इस सवाल का जवाब गृह मंत्री को देना चाहिए और उन्हें संसद में आना चाहिये, संसद आने से भागना नहीं चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता को संसद में बोलने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है। सरकार को छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए जवाबदेह होना चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने रखनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 15:01:51 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यसभा में NEET पेपर लीक पर जबरदस्त हंगामा! गृह मंत्री के जवाब की मांग पर विपक्ष का वॉकआउट, सरकार पर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[नीट यूजी पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष ने गृह मंत्री से जवाब देने की मांग को लेकर जोरदार विरोध किया। मांग स्वीकार नहीं होने पर विपक्षी सांसद सदन से बाहर चले गए। सरकार ने दोहराया कि वह सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tremendous-uproar-over-neet-paper-leak-in-rajya-sabha-oppositions/article-161407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री के जवाब पर अड़े विपक्ष ने गुरुवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा किया और उनकी मांग पूरी नहीं होने पर सदन से बहिर्गमन किया। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद जैसे ही शून्यकाल की कार्यवाही शुरू करनी चाही सदन में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने व्यवस्था के प्रश्न के तहत यह मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री से सदन में आकर इस पर जवाब देने की मांग की।</p>
<p>उन्होंने कहा," विपक्ष चाहता है कि सदन शांति से चले लेकिन सत्ता पक्ष अपनी बात पर अड़ा है। उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 75 कहता है कि मंत्रिपरिषद सदन के प्रति उत्तरदायी होती है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ है इसलिए गृह मंत्री सदन में आयें और जवाब दें। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठी और गाेली चली है तो इस मुद्दे पर जवाब गृह मंत्री को ही देना होगा।" राधाकृष्णन ने कहा कि आपके व्यवस्था के प्रश्न को नामंजूर किया जा रहा है क्योंकि विपक्ष हर रोज सदस्यों के अधिकारों का अतिक्रमण कर रहा है। इसके बाद उन्होंने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही शून्यकाल की कार्यवाही शुरू कर दी। इस बीच विपक्ष के सदस्य गृह मंत्री सदन में आओ तथा अन्य नारे लगाते रहे। सभापति ने इस पर ध्यान नहीं दिया और विपक्ष के सदस्यों ने उनकी मांग नहीं माने जाने पर सदन से बहिर्गमन किया।</p>
<p>विपक्ष के सदस्यों के जाने के बाद नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि सत्र के शुरू से ही विपक्ष की भूमिका नकारात्मक रही है और उसका ध्यान केवल व्यवधान पैदा करने तथा सदन नहीं चलने देने में ही रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन है और बार बार अपना रूख बदल रहा है। नेता सदन ने साफ किया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इससे पहले सभापति ने सदन को बताया कि आज के विधायी कामकाज के लिए संशोधित कार्यसूची जारी की गयी है और इसके तहत पेपर लीक से संबंधित विधेयक को चर्चा और पारित के लिए सदन में लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि विधेयक की डिजिटल प्रति बुधवार शाम सदस्यों को उपलब्ध करा दी गयी थी और सदस्य विधेयक के संबंध में अपने संशोधन साढे बारह बजे तक दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक पर दो बजे चर्चा होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 14:01:22 +0530</pubDate>
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                <title>पेपर लीक कानून ऐतिहासिक कदम, लोकतंत्र को भीड़तंत्र में नहीं बदलना चाहिए: शांता कुमार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में पेपर लीक रोकने वाले नए कानून को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि कड़े कानूनी प्रावधानों से नकल और संगठित अपराध पर अंकुश लगेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि विशेषज्ञ समिति के सुझावों से भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/paper-leak-law-is-a-historic-step-democracy-should-not/article-161381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/shanta-kumar.png" alt=""></a><br /><p>पालमपुर। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने पेपर लीक रोकने वाले कड़े कानून की संसद में मंज़ूरी का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है जो परीक्षा के पेपर लीक होने की समस्या पर प्रभावी तरीके से रोक लगाएगा। बुधवार को यहां जारी एक बयान में कुमार ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद दो अहम घटनाक्रम हुए हैं। पहला, लोकसभा द्वारा पेपर लीक को रोकने के लिए एक कड़ा कानून पारित किया जाना।</p>
<p>भाजपा नेता ने इस कानून का समर्थन करने के लिए सभी विपक्षी दलों का धन्यवाद किया और कहा कि यह कानून पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध से सख्ती से निपटेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने में मदद करेगा। कुमार ने कहा कि दूसरी अहम बात इस मुद्दे के लिए लंबे समय तक चलने वाले समाधान सुझाने के मकसद से छह जाने-माने राष्ट्रीय विद्वानों की एक समिति का गठन करना था। उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि समिति की सिफारिशें इस समस्या को पूरी तरह से हल करने में मदद करेंगी।</p>
<p>देश में हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि टेलीविज़न पर हो रही घटनाओं को देखकर उन्हें अक्सर चिंता और दुख होता था। उन्होंने चेतावनी दी कि यह डर बढ़ रहा है कि भारत के लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करें और यह सुनिश्चित करें कि लोकतंत्र मजबूत बना रहे और भीड़तंत्र के प्रभाव से सुरक्षित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:25:58 +0530</pubDate>
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                <title>बॉम्बे हाई कोर्ट की FDA को फटकार, सरकारी कैंटीनों और मंत्रियों के प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[बॉम्बे हाई कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा मामलों में समान कार्रवाई पर जोर देते हुए सरकारी और अर्धसरकारी भोजनालयों की भी जांच कराने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि निरीक्षण निष्पक्ष और एकसमान होना चाहिए। साथ ही कार्रवाई करते समय स्वच्छता मानकों के साथ कर्मचारियों के रोजगार पर प्रभाव का भी ध्यान रखने की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bombay-high-court-reprimands-fda-orders-investigation-into-government-canteens/article-161390"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/इवउइंल-ीब.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए जांच के दायरे को केवल निजी प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रखने का निर्देश दिया है। नवी मुंबई के एक पांच सितारा होटल का फूड लाइसेंस रद्द किए जाने के मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि क्या सरकारी संस्थानों और मंत्रियों से जुड़े प्रतिष्ठानों की भी इसी तरह जांच की जाती है। कोर्ट ने मंत्रालय, सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों की कैंटीनों, हाई कोर्ट परिसर और अन्य सरकारी भोजनालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। </p>
<p>अदालत ने यह भी कहा कि एक-दो कॉकरोच मिलने मात्र से किसी होटल का लाइसेंस रद्द करना उचित नहीं माना जा सकता। सुनवाई में सामने आया कि संबंधित होटल में 95 प्रतिशत स्वच्छता पाई गई थी, जबकि निर्धारित मानक 79 प्रतिशत है। कोर्ट ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का भी ध्यान रखने की बात कही। वहीं, महाराष्ट्र FDA ने स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर भी सख्ती बढ़ाते हुए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bombay-high-court-reprimands-fda-orders-investigation-into-government-canteens/article-161390</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:03:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राज्यसभा में गरमाई सियासत! छात्रों पर कथित फायरिंग पर विपक्ष का हंगामा, नड्डा बोले- सरकार हर बहस के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों से जुड़े विवाद को लेकर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया, जबकि सरकार ने सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही। लगातार हंगामे के बाद विपक्षी सांसद सदन से बाहर निकलकर संसद परिसर में प्रदर्शन करने लगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/politics-heats-up-in-rajya-sabha-opposition-uproar-over-alleged/article-161397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/jp-nadda.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में गुरुवार को छात्रों पर कथित पेलेट गन फायरिंग के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा और सदन में जोरदार हंगामा किया। केंद्रीय मंत्री एवं सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष का रवैया लगातार नकारात्मक रहा है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आदत हर बार 'गोल पोस्ट' बदलने की है और वह सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है। हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया। इसके बाद विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार पर एकत्र हुए और छात्रों पर कथित फायरिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:20:01 +0530</pubDate>
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