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                <title>certificates - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>विकलांगता आवेदन पत्रों में फजीर्वाड़ा : मचा हड़कम्प,  सभी ऑफलाईन प्रक्रिया की बंद </title>
                                    <description><![CDATA[कई फार्मो में ''घुटने के नीचे एक पैर कटा'' लिखा असेसमेन्ट बना शक का कारण। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/fraud-uncovered-in-disability-applications--uproar-ensues--all-offline-processing-halted/article-147547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)57.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में विकलांगता प्रमाण पत्रों को लेकर बड़ा गडबड़ झाला सामने आया है। कोटा एमबीएस में प्राप्त आफलाईन व आनलाईन आवेदनों में गम्भीर प्रकार की गड़बड़ी देखने में आयी है। जहां डॉ. द्वारा जांच पत्र में भरी गयी जानकारी की हूबहू नकल करके अन्य आवेदकों के फार्माे पर लगा कर मिथ्या टिप्पणियां बना दी गयी है। हांलाकि मेडिकल बोर्ड द्वारा समय पर इन गड़बड़ियों को पकड़ लिया गया, जिससे इन आवेदकों के फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र बनने से रह गये । जबकि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मामले का परिवाद नयापुरा थाने में भी दिया जा चुका हे।</p>
<p>कोटा के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिये लोग सीधे ही कोटा आते है। ऐसे आवेदनों की संख्या व लोगों को राहत देने के लिये एमबीएस प्रशासन ने अभी भी आॅफलाईन प्रक्रिया जारी की हुई हे। हांलाकि राज्य सरकार ने ऐसे किसी भी आवेदन के लिये वऊकऊ यूनिक डिस एबिलिटि पहचान पत्र पोर्टल पर आवेदन को अनिवार्य रूप से करने का भी निर्देश जारी किया हुआ है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से आये लोगों द्वारा अभी भी सीधे एमबीएस आने के कारण यहां पर कार्य भार बढ़ता जा रहा है । ऐसे में सीधे कार्यालय में किये गये आवेदनों का जांचने में काफी चूक होने की संभावना रहती है।</p>
<p><strong>घुटने के नीचे एक पैर कटा'' से खुला मामला</strong><br />यहां आये आवेदनों में एक बात सभी में कॉमन थी की सभी आवेदकों के चिकित्सकीय प्रमाणीकरण में घुटने के नीचे एक पैर कटा वाली टिप्पणी लिखी हुयी थी। ऐसे में किसी भी चिकित्सक द्वारा एक जैसी लैखनी व टिप्पणी की गयी थी। जिससे इन आवेदकों के बारें में शक हुआ।विकलांगता के लिये भरे गये पत्र में भी चिकित्सीय टिप्पणी में एक टांग के कटे वाली टिप्पणी से पैनल को सारी कहानी समझ में आ गयी।वहीं दो अन्य मामलों मे प्राप्त आवेदन में भूनेश सुमन वार्ड नं 5 पिपल्दा व मनोहरी बाई ख्यावदा निवासी द्वारा दिये गये प्रपत्र में भी ऐसी ही टिप्पणी की गयी हे।</p>
<p><strong>सभी ने एक ही ई मित्र संचालक का नाम लिया</strong><br />बनवारी सुमन मनोहरी बाई सुमन के पति 4 साल पहले मोटर सायकिल से गिरकर एक्सीडेन्ट हो गया था एक पैर ने काम करना बन्द कर दिया कोटा एमबीएस में आॅपरेशन करवाया था,जिसके बाद पैर पतला पड़ गया। पैर से चलने में लाचार है सरकारी पेंशन मिल जायें तो काम आये इसी लिये हमनें आवेदन किया है। हमने पिपल्दा के ई-मित्र से हमने फार्म भरवाया था। मामले में जानकारी जुटाने के दौरान सभी आवेदक एक ही क्षेत्र के निकले वहीं सभी ने आवेदन प्रक्रिया में ई मित्र संचालक का नाम भी लिया। वही ई मित्र संचालक का कहना है कि मैने किसी का कोई आवेदन नहीं किया।</p>
<p><strong>अब आवेदन केवल आॅनलाईन ही मान्य</strong><br />एम बी एस अस्पताल द्वारा ऐसे मामले सामने आने के बाद हड़कम्प मच गया था। अधीक्षक डॉ धर्मराज मीणा इस संदर्भ में जानकारी देते हुये बताया कि जिसके बाद से ही आॅफलाईन आवेदनों को पूरी तरह बन्द कर दिया गया है। डॉ मीणा ने बताया की हमारी तरफ से उपरोक्त प्रकरण को नयापुरा थाने में भिजवाया गया है ।</p>
<p><strong>चिकित्सकों की डिजिटल मैपिंग</strong><br />अब वऊकऊ की समस्त कार्यप्रणाली आॅनलाइन होगी। अधिकृत चिकित्सकों की प्रोफाइल पोर्टल पर मैप की जा रही है ताकि आंकलन सीधे आॅनलाइन भरा जा सके।सत्यापन प्रक्रिया आॅनलाइन आवेदकों को अस्पताल द्वारा स्वयं कॉल करके बुलाया जाएगा। जांच और आॅनलाइन एंट्री के बाद ही वऊकऊ कार्ड जारी होगा। निश्चित समय सीमा: इस पूरी प्रक्रिया (जांच से कार्ड जारी होने तक) के लिए एक माह की अवधि निर्धारित की गई है।</p>
<p>आम जन की सुविधा के लिये दोनों प्रकार से काम चलाया हुआ था लेकिन गड़बडी मिलने के बाद अब केवल आॅनलाईन ही काम होंगे। हमने पुलिस को भी जानकारी भिजवा दी है।<br /><strong>-डॉ धर्मराज मीणा,  अधीक्षक एमबीएस कोटा</strong></p>
<p>अभी जानकारी में आया हे यदि ऐसा हे तो मामले में जांच की करवायी जायेगी।<br /><strong>- विनोद कुमार,  थानाधिकारी नयापुरा कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 15:41:20 +0530</pubDate>
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                <title>मेडल जीते, फिर भी नौकरी का गोल हो रहा फेल, खेल का सर्टिफिकेट लेने के बाद खिलाड़ी सरकारी नौकरी की तरफ करते  हैं रूख</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशिक्षित कोचों की संख्या बेहद सीमित, नहीं  मिल रहा खिलाड़ियों को सही दिशा में मार्गदर्शन ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-winning-medals--the-goal-of-securing-a-job-remains-elusive--after-obtaining-sports-certificates--players-turn-their-attention-to-government-jobs/article-130521"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती अंचल खेलों की प्रतिभाओं से भरा पड़ा है। यहां के युवा और बालिकाएं जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। लेकिन बड़ी सच्चाई यह है कि कोचों की कमी, मानक अनुरूप ग्राउंड का अभाव और लंबे समय से रुकी भर्ती की वजह से इन खिलाड़ियों का सफर आगे बढ़ ही नहीं पाता। सरकार खेलों को बढ़ावा देने के तमाम प्रयास कर रही है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी खिलाड़ियों की मेहनत पर भारी पड़ रही है। खेलों से सरकारी नौकरी पाने का रास्ता खुला है। यही वजह है कि खिलाड़ी राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय सर्टिफिकेट लेकर नौकरी की तैयारी में लग जाते हैं। उनके भीतर की खेल प्रतिभा वहीं ठहर जाती है। सरकार अगर सही समय पर प्रशिक्षित कोच और मानक स्तर के मैदान उपलब्ध कराए, तो यही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चमक सकते हैं।</p>
<p><strong>फुटबॉल और क्रिकेट के लिए नहीं है राष्ट्रीय स्तर का मैदान</strong><br />खेल शिक्षा अधिकारियों और कोचों के मुताबिक, हाड़ौती में फुटबॉल और क्रिकेट जैसे बड़े खेलों के लिए न तो राष्ट्रीय स्तर के मैदान हैं और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं। नतीजा यह है कि खिलाड़ी अपने दम पर मेहनत तो कर रहे हैं, लेकिन आगे बढ़ने के रास्ते उनके लिए बहुत जल्दी बंद हो जाते हैं।</p>
<p><strong>कोटा की गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी में सुविधाएं मौजूद</strong><br />राजस्थान में फिलहाल दो सरकारी फुटबॉल एकेडमी संचालित हैं। एक लड़कियों के लिए कोटा में और दूसरी लड़कों के लिए जोधपुर में। कोटा की गर्ल्स एकेडमी में 30 सीटें हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक ही छात्रा कोटा शहर की है। इसका नाम निहारिका मेहरा, जो कुन्हाड़ी कोटा की है। बाकी सभी खिलाड़ी बाहर के जिलों से हैं। यहां हॉस्टल की व्यवस्था है, प्रशिक्षण सुबह-शाम होता है, और सरकार इसकी पूरी लागत उठाती है। बावजूद इसके मैदान का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। </p>
<p><strong>निजी कोच अपने स्तर पर कर रहे प्रयास</strong><br />सरकारी कोचों की कमी के बीच निजी क्षेत्र के कोच अपने स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार कर रहे हैं। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में ये खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन भी कर लेते हैं। लेकिन संसाधनों और मार्गदर्शन की कमी के चलते वे आगे चलकर बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में टिक नहीं पाते। नतीजा यह होता है कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल राज्य या राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र हासिल करके सरकारी नौकरी की तैयारी में लग जाते हैं। उनका हुनर, जो देश का नाम रोशन कर सकता था, वहीं रुक जाता है।</p>
<p><strong>कोचों की भारी कमी, खिलाड़ी भटक रहे</strong><br />हर खेल में प्रशिक्षित कोचों की संख्या बेहद सीमित है। यही कारण है कि खिलाड़ी सही दिशा में मार्गदर्शन नहीं पा रहे। फुटबॉल और क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी यही हाल है। खासकर लड़कियों के लिए प्रशिक्षित कोच उपलब्ध नहीं हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए यह सबसे बड़ी बाधा है।</p>
<p><strong>कागजी खानापूर्ति से नहीं बनेगा खिलाड़ी</strong><br />अधिकांश स्कूल-कॉलेजों में खेल गतिविधियां केवल खानापूर्ति तक सीमित हैं। प्रतियोगिताएं होती हैं, लेकिन इनमें खिलाड़ियों को न तो बेहतर ट्रेनिंग मिलती है और न ही आवश्यक सुविधाएं। इस वजह से प्रतिभाशाली खिलाड़ी शुरूआत में दम तो दिखाते हैं, लेकिन आगे चलकर उनका करियर अधर में रह जाता है।</p>
<p><strong>सरकार के प्रयास अधूरे ही साबित</strong><br />सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बना रही है। स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं हो रही हैं। लेकिन कोचों की भर्ती न होना और संसाधनों की कमी इन प्रयासों को अधूरा बना रही है। राजस्थान में दो सरकारी एकेडमियां जरूर चल रही हैं, लेकिन उनमें भी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। जब तक प्रशिक्षित कोच और मानक मैदान नहीं मिलेंगे, तब तक हाड़ौती की खेल प्रतिभाएं केवल शुरूआती स्तर तक ही सिमटकर रह जाएंगी।</p>
<p><strong>2012 के बाद से नहीं हुई कोचों की भर्ती</strong><br />राजस्थान सरकार की नीतियां भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। 1991 के बाद करीब 21 साल तक कोई कोच भर्ती नहीं निकली। 2012 में बड़ी मुश्किल से एक भर्ती निकली, लेकिन उसके बाद से अब तक 13 साल बीत गए। आज भी खेल विभाग में प्रशिक्षित कोचों की भारी कमी है। स्कूलों और कॉलेजों में खेलों को बढ़ावा देने के नाम पर शिक्षकों पर ही खेलों की जिम्मेदारी डाल दी जाती है। ऐसे में खेल आयोजन तो हो जाते हैं, लेकिन खिलाड़ी वास्तविक प्रशिक्षण से वंचित रह जाते हैं। खेलो इंडिया खेलो के बाद भी खिलाडियों को नौकरी नहीं मिल रही है।<br /><strong>- एमपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष जिला  फुटबॉल संघ कोटा</strong></p>
<p><strong>हाड़ौती में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं</strong><br />कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां हाड़ौती क्षेत्र का हर जिला खेल प्रतिभाओं से लबालब है। फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी, ताइक्वांडो और बास्केटबॉल जैसे खेलों में यहां के खिलाड़ी राज्य स्तर पर लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। खासकर बालिकाओं ने हाल के वर्षों में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए गोल्ड और सिल्वर मेडल अपने नाम किए हैं। लेकिन यह तस्वीर अधूरी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए जिन सुविधाओं की दरकार होती है, वे यहां मौजूद ही नहीं हैं।<br /><strong>- मधू बिश्नोई, कोच</strong></p>
<p><strong>बालिकाओं का भविष्य अधर में</strong><br />बालिकाओं के खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कोटा में एकेडमी जरूर खोली है, लेकिन यह केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। कोचों की कमी, मैदान का स्तर खराब होना और स्थानीय प्रतिभाओं का एकेडमी से दूर रहना इस योजना को अधूरा बना रहा है। आज की बालिकाएं हर खेल में आगे बढ़ रही हैं। ओलंपिक से लेकर एशियन गेम्स तक, भारतीय बालिकाएं देश का नाम ऊंचा कर रही हैं। लेकिन कोटा जैसी जगहों पर, जहां बालिकाएं मेहनत करने को तैयार हैं, उन्हें सही मार्गदर्शन और मंच नहीं मिल पा रहा।<br /><strong>- मीनू सोलंकी, कोच</strong></p>
<p><strong>यह बोलीं एकेडमी की बालिकाएं</strong><br />मैं दो साल से एकेडमी में हू, अभी हॉस्टल में रह रही हूं। सुबह और शाम रोजाना दो घंटे स्टेडियम में मैच की प्रेक्टिस करते हैं। प्रैक्टिस के दौरान रनिंग, फास्ट रनिंग, स्टेचिंग, शूटिंग, कोन तथा व्यायाम करते है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अलवर में हमारी एकेडमी टीम गोल्ड मेडल जीता है। आगे भी राष्टÑीय स्तर खेलने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है। चार साल से लगातार गोल्ड मेडल ला रहे है।<br /><strong>-अंजलि मेहरा, कुन्हाड़ी कोटा</strong></p>
<p>मैंने इस साल ही एकेडमी ज्वाइनिंग की है। मैं इसके माध्यम आगे बढ़ना चाहती हूं तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के साथ नेशनल व इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में पार्टिसिपेट करना चाहती हूं। इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। हमारे कोच भी अच्छे है, जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है।<br /><strong>-निहारिका मेहरा, हनुमानगढ़</strong></p>
<p>मैंने चार साल रहकर एकेडमी में पढ़ाई की तथा कोटा के रामपुरा की रहने वाली हूं। मैंने 13 बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया तथा 6 बार गोल्ड, 2 बार सिल्वर व एक बार कांस्य पदक हासिल किया। अभी हाल ही में नेशनल प्रतियोगिता में भाग भी लिया है हम प्रतियोगिता पंजाब के अमृतसर में हुई थी जिसमें सभी स्टेट की टीमों ने पार्टिसिपेट किया था। अब हमारे सामने यह दुविधा है कि आगे की प्रतियोगिताओं के लिए कैसे तैयारी करें, अच्छे कोचों का गाइडेंस के साथ राष्टÑीय-अंतरराष्टÑीय मैचों में भाग लेने के लिए प्रशासन से हमें कोई सपोर्ट नहीं मिल पा रहा है। <br /><strong>-  मेधनी सैन, रामपुरा, कोटा</strong></p>
<p><strong>खेलों से नौकरी तक खुल रही राह</strong><br />हाड़ौती के खिलाड़ी अब खेलों के जरिए न सिर्फ अपना हुनर दिखा रहे हैं बल्कि सरकारी नौकरियों तक पहुंच भी बना रहे हैं। राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कोटा के युवा लगातार हिस्सा ले रहे हैं और अपनी मेहनत व लगन से गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार की ओर से खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि वे खेल के हर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। खेल विभाग की ओर से खिलाड़ियों को और अधिक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है। सुविधाओं का दायरा और बढ़ा रहे है ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेर सकें।<br /><strong>-वाईबी सिंह, खेल विकास अधिकारी, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 15:30:53 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - सरकारी विद्यालय के 87 बच्चों के बनाए जन्म प्रमाण पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[जन्म प्रमाण पत्र वितरण करने के बाद विद्यालय परिसर व आस-पास के क्षेत्र में पौधारोपण किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---birth-certificates-made-for-87-children-of-government-school/article-122364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम कोटा दक्षिण ने अनूठी पहल करते हुए घर-घर जाकर जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया के तहत रथकांकरा स्थित सरकारी स्कूल के 87 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाए। इन प्रमाण पत्रों का शुक्रवार को विद्यालय परिसर में वितरण किया गया और पौधे लगाए गए।  रथकांकरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में  आयोजित कार्यक्रम के दौरान जन्म प्रमाण पत्र वितरण किए गए । कार्यक्रम में  नगर निगम कोटा दक्षिण महापौर राजीव अग्रवाल द्वारा 87 बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही ग्रामवासियों को अपने  बच्चों से संबंधित दस्तावेजों को समय पर बनाए जाने के लिए प्रेरित किया। जन्म प्रमाण पत्र वितरण करने के बाद विद्यालय परिसर व आस-पास के क्षेत्र में पौधारोपण किया गया।</p>
<p><strong>घरों पर जन्मे बच्चों की नहीं थी जानकारी</strong><br />गौरतलब है कि नगर निगम कोटा दक्षिण क्षेत्र के रथकांकरा स्थित  राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों का शिक्षा विभाग के यू-डाइस पोर्टल पर जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण नामांकन नहीं हो पा रहा था। घरों पर जन्म होने के कारण जानकारी के अभाव में इन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बने हुए थे। </p>
<p><strong>लोकसभा अध्यक्ष ने दिए थे निर्देश</strong><br />इस मामले की जानकारी मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण आयुक्तों को निर्देश दिए थे कि वे घर-घर जाकर ऐसे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाएं जिनके प्रमाण पत्र अभी तक बने हुए नहीं है। लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश के बाद नगर निगम कोटा दक्षिण  व कोटा उत्तर के आयुक्तों ने इस संबंध में आदेश जारी किए थे। </p>
<p><strong>विद्यालय परिसर में लगाया था शिविर</strong><br />कोटा दक्षिण आयुक्त अनुराग भार्गव ने विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रथकांकरा में शिविर आयोजित किया था।  वहां जन्म प्रमाण पत्र के लिए वांछित दस्तावेज लिए गए। वहीं शिविर में जन्म प्रमाण पत्र संबंधित दस्तावेज जमा कराने से वंचित रहे बच्चों के घर-घर जाकर दस्तावेज एकत्र कर 10 नम्बर फार्म की जरूरी कार्यवाही करते हुए जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए।</p>
<p><strong>निगम अधिकारी व विद्यालय स्टाफ रहा मौजूद</strong><br />प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान नगर निगम कोटा दक्षिण आयुक्त अनुराग भार्गव, उपायुक्त दयावती सैनी, अधीक्षण अभियंता महेशचन्द गोयल, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रूकमणी नागर, अध्यापिका स्नेहलता शर्मा, कमलेश मीणा, भारती हाड़ा, एसएमसी अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, संदीप वार्ष्णेय समेत कई लोग मौजूद रहे। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि जन्म प्रमाण पत्र से वंचित बच्चों के घर-घर जाकर नगर निगम द्वारा प्रमाण पत्र बनाने संबंधी समाचार दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 20 जुलाई को पेज 5 पर‘ निगम कर्मचारी घर-घर जाकर जन्म प्राण पत्र से वंचितों की जुटाएंगे जानकारी शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें  दोनों निगमों के क्षेत्र के साथ ही रथकांकरा सरकारी स्कूल के बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाने की भी जानकारी दी गई थी। नगर निगम ने उसकी प्रक्रिया शुरु कर दी थी। जिसके तहत 87 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर उन्हें शुक्रवार को वितरित किए गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 14:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>प्रसारण निगम के 6 ग्रिड सब-स्टेशन उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत, अधिकारियों को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम ने 6 ग्रिड सब-स्टेशनों को अंक आधारित कार्य कुशलता योजना के आधार पर 2025 के प्रथम त्रैमासिक में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/6-grid-sub-stations-of-broadcasting-corporation-honored-by-giving-certificates/article-114152"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(2)41.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम ने 6 ग्रिड सब-स्टेशनों को अंक आधारित कार्य कुशलता योजना के आधार पर 2025 के प्रथम त्रैमासिक में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया है। इसमें 3 ग्रिड सब-स्टेशन 220 के.वी. व 3 ग्रिड सब-स्टेशन 132 के.वी. के हैं।</p>
<p>प्रसारण निगम के प्रबन्ध निदेशक  नथमल डिडेल ने आज इन 6 ग्रिड सब-स्टेशनों के अधिकारियों को उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया है। जिन ग्रिड सब-स्टेशनों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र दिया गया है, उनमें 220 के.वी. ग्रिड सब-स्टेशन श्रेणी में जयपुर जोन के कोटा सर्किल में बारां, अजमेर जोन के सीकर सर्किल में सीकर, जोधपुर जोन के हनुमानगढ़ सर्किल के भादरा, एवं 132 के.वी. ग्रिड सब-स्टेशनों की श्रेणी में जयपुर जोन के कोटा सर्किल में बांरा, जोधपुर जोन के रतनगढ़ सर्किल में चाँदगोठी हैं।</p>
<p>डिडेल ने बताया कि प्रसारण निगम के ग्रिड सब-स्टेशनों के तकनिकी आंकलन के लिए अंक आधारित कार्यकुशलता योजना बनाई गई है, जिसे प्रसारण निगम लागू किया गया है। इस योजना के तहत समस्त ग्रिड सब-स्टेशनों के विभिन्न तकनिकी बिन्दु, रख-रखाव एवं अन्य कार्यों का मासिक आधार पर आंकलन किया जाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 18:44:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पांच माह से अटका है मूल निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का काम </title>
                                    <description><![CDATA[ नगर पालिका बनने के चार माह बाद में हिण्डौली में नगर पालिका की आईडी शुरू नहीं हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/problem--the-work-of-making-the-original-residence-and-birth-death-certificate-is-stuck-for-five-months/article-57095"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/samasya---5-maah-s-atka-h-mool-niwasi,-janm-mrtyu-praman-patra-bnane-ka-kaam-bnd...hindoli,-bundi-14-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंडौली। हिंडौली पंचायत नगर पालिका में क्रमोन्नत के बाद लंबे समय से बंद पड़ी जन्म- मृत्यु,जाति मूल निवास, विवाह प्रमाण पत्र नहीं बनने से यहां पर युवा और विद्यार्थी काफी परेशान हो रहे हैं। दरअसल अप्रेल माह में हिंडौली ग्राम पंचायत नगर पालिका में क्रमोन्नत हुई थी। इसके बाद ग्राम पंचायत का पोर्टल बंद कर दिया गया था लेकिन इसके बाद नगर पालिका  का पोर्टल अब तक राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने अब तक नहीं बनाया। इस वजह से ग्रामीणों को दिक्कतें हो रही है। जानकारी के अनुसार पांच माह से लोग जाति, मूल, जन्म मृत्यु विवाह सहित कई प्रमाण पत्र बनाने के लिए नगर पालिका और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे। लेकिन वहां पर उन्हें अधिकारी संतोषप्रद जवाब नहीं दे रहे हैं। गत दिनों यहां पर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ने आईडी शुरू करने के उच्चाधिकारियों से पत्र व्यवहार किया। स्टेटिक्स विभाग ने जन्म मृत्यु वैवाहिक, प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर जयपुर भिजवा दिए , जिसकी अप्रूवल अब आई हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जन्म मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र का रजिस्ट्रेशन की मैपिंग बुधवार को कर दी जाएगी। इसके बाद नगर पालिका द्वारा इसे प्रारंभ करवा दिया जाएगा। वहीं जाति मूल प्रमाण पत्र उपखंड अधिकारी स्तर का मामला है। यहां पर तत्कालीन उप खंड अधिकारी ने भी डीओआईटी विभाग को पत्र भेज कर जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र की आईडी शुरू करने की मांग की।</p>
<p><strong>हिंडौलीवासियों में आक्रोश</strong><br />लोगों ने बताया कि नगर पालिका बनने के चार माह बाद में हिण्डौली में नगर पालिका की आईडी शुरू नहीं हुई। जिससे यहां के विद्यार्थी व युवक प्रमाण पत्र बनाने के लिए परेशान हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी की एक सप्ताह के भीतर सभी प्रकार की आईडिया शुरू नहीं की तो वह आंदोलन करेंगे।</p>
<p>मेरी पोती शेखावाटी विद्यालय में पढ़ती है उसका मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाना है, ई-मित्र की दुकान पर गया था। जहां साइड नहीं चलने के कारण उसने मना कर दिया और कहा कि साइड चलने के बाद आप आना स्कूल से बार-बार मूल निवास प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। <br /><strong>- घनश्याम पुरोहित</strong></p>
<p>भाई का जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाना था, जिसका आवेदन करे हुए लगभग 2 महीने से अधिक का समय हो गया है। नगर पालिका के चक्कर काट कर थक गए है लेकिन अभी तक तकनीकी कमियों के कारण नहीं चलने के दोनों प्रमाण पत्र नहीं बने है और स्कूल वाले परेशान कर रहे हैं। <br /><strong>- सत्यनारायण गुर्जर</strong></p>
<p>मेरा भतीजा कक्षा आठवीं में पढ़ता है। हम ओबीसी में आने के कारण विद्यालय वाले मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। जब से हिंडोली ग्राम पंचायत नगर पालिका बनी है तब से हिंडोली का नाम गायब हो चुका है। ई मित्र वाले साइड चलने की बात कह रहे हैं। इस बारे में नगर पालिका से संपर्क कर जानकारी चाहिए तो पता लगा के नगर पालिका की ईद आने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी होना शुरू होगा।</p>
<p>मूल निवास जाति प्रमाण पत्र ईडब्ल्यूएस जन्म प्रमाण पत्र को लेकर स्वायत्त शासन विभाग जयपुर को लिखकर कॉपी दिन हो गए है। स्वायत्त शासन विभाग को रिमाइंडर भी भिजवा दिया गया है। शीघ्र ही पालिका की आई चालू होगी। <br /><strong>- सुनील कुमार बैरवा इओ, नगर पालिका हिंडौली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Sep 2023 15:39:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फिक्की फ्लो ने प्रतिभागियों को दिए प्रमाण-पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[सभी प्रशिक्षुओं को ऑटोमोटिव सेक्टर स्किल काउंसिल से प्रमाण पत्र मिला। वहीं चार महिलाओं ने ई-रिक्शा खरीदा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ficci-flow-gave-certificates-of-the-participants/article-56713"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/untitled-1-copy7.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर ने एसके फाउंडेशन के साथ मिलकर ई-रिक्शा चलाकों और महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल की है। इस मौके पर निवारू स्थित कौशल केंद्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम में फ्लो जयपुर चैप्टर की अध्यक्ष नेहा ढड्डा, फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी शालिनी सेतिया और जयपुर चैप्टर की कार्यकारी समिति सदस्य स्वाति छाबड़ा मौजूद रहे। सभी प्रशिक्षुओं को ऑटोमोटिव सेक्टर स्किल काउंसिल से प्रमाण पत्र मिला। वहीं चार महिलाओं ने ई-रिक्शा खरीदा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Sep 2023 10:29:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>58 मिनट 52 सैकण्ड का होगा राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह, न पुलिस पदक वितरित होंगे और न ही योग्यता प्रमाण पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[गणतंत्र दिवस पर होने वाले राज्य स्तरीय समारोह पर भी कोरोना का साया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/58-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%9F-52-%E0%A4%B8%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%97%E0%A4%A3%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9--%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A4%95-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0/article-4148"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/vidhan-sabha.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। गणतंत्र दिवस पर बुधवार को होने वाले राज्य स्तरीय समारोह पर भी कोरोना का साया नजर आएगा। समारोह में न तो पुलिस पदक वितरित किए जाएंगे और न ही योग्यता प्रमाण पत्र। समारोह भी 58 मिनट 52 सैकण्ड का होगा। सवाई मानसिंह स्टेडियम में समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र झण्डारोहण करेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहेंगे। समारोह में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। इसके चलते कार्यक्रम के समय में कटौती की है।  सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिए जाने वाले पुलिस पदक और सराहनीय कार्यों के लिए दिए जाने वाले योग्यता प्रमाण पत्र संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे, जो सामान्य समारोह में कर्मचारियों और अधिकारियों को दिए जाएंगे। राजधानी से बाहर के कर्मचारी और अधिकारी को संबंधित प्रभारी मंत्री के हाथों सम्मानित कराया जाएगा। <br /> <br /> <strong>अब यह रहेगा कार्यक्रम</strong><br /> राज्यपाल मिश्र सुबह साढ़े नौ बजे स्टेडियम पहुंचेंगे और झण्डारोहण, राष्ट्रीय अभिवादन, राष्ट्रगान और परेड का निरीक्षण करेंगे। 9.40 बजे परेड का विसर्जन करेंगे। इसके बाद लोक कलाकार 25 मिनट का सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। दस बजकर आठ मिनट पर 13 मिनट का डॉग शो और घुड़सवार शो शुरू होगा। इसके बाद 10.21 बजे पुलिस और सेना बैण्ड का वादन होगा। अंत में 10.28 बजे राष्टÑगान शुरू होगा और 52 सैकण्ड बाद राज्यपाल कार्यक्रम से रवाना होंगे। <br /> <br /> <strong>रिहर्सल संपन्न</strong><br /> समारोह के लिए सोमवार को अंतिम रिहर्सल हुई। अब स्टेडियम बुधवार सुबह खोला जाएगा, जो सुरक्षा अधिकारियों के हवाले कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 25 Jan 2022 13:27:37 +0530</pubDate>
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