<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/sovereignty/tag-11852" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>sovereignty - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/11852/rss</link>
                <description>sovereignty RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान का बड़ा ऐलान: यूरेनियम रहेगा देश में, अमेरिका से समझौते के बीच बधाई बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजेगा, बल्कि देश के भीतर ही इसकी सांद्रता कम (डाउन-ब्लेंडिंग) करेगा। अमेरिका के साथ हुए हालिया समझौते के तहत, वाशिंगटन 30 दिनों के भीतर ईरान से सटे इलाकों से अपने सैनिक हटाने पर सहमत हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-announcement-uranium-will-remain-in-the-country-amidst/article-157369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/024.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ईरान अपनी इस बात पर कायम है कि देश से संवर्धित यूरेनियम बाहर नहीं ले जाया जाएगा। बघाई ने कहा, "हमने शुरू से ही कहा है कि संवर्धित सामग्री देश से बाहर नहीं ले जाई जाएगी। एक विकल्प ईरान के भीतर ही इसकी सांद्रता कम करना (डाउन-ब्लेंडिंग) है। यह कोई नया विकल्प नहीं है।" उनका यह बयान संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की घोषणा के बाद दिया। उम्मीद है कि इसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लेकर बातचीत होगी। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अंतिम समझौते के 30 दिनों के भीतर ईरान से सटे इलाकों से अपने सैनिक हटा लेगा और तब तक अतिरिक्त बल तैनात नहीं करेगा। समझौते के चौथे पैराग्राफ में लिखा है, "अमेरिका अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर ईरान से सटे इलाकों से सैनिक हटाने का भी वादा करता है।" साथ ही, दस्तावेज़ के नौवें पैराग्राफ के अनुसार, समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिका इस क्षेत्र में अतिरिक्त बल नहीं भेजेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-announcement-uranium-will-remain-in-the-country-amidst/article-157369</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/irans-big-announcement-uranium-will-remain-in-the-country-amidst/article-157369</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:14:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/024.png"                         length="1319145"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी : AI के लिए प्रस्तुत किया 'मानव' विजन, सुरक्षा और समावेशिता पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 सम्मेलन में एआई के लिए भारत का 'मानव' विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एआई का विकास सुरक्षा, गति और जनहित पर आधारित होना चाहिए। पीएम ने डीपफेक और साइबर खतरों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और 'ग्लोबल साउथ' तक तकनीक पहुंचाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/development-of-artificial-intelligence-should-be-based-on-the-basic/article-157305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modii.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 देशों के सामने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में भारत के 'मानव' विजन का उल्लेख करते हुए कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास समावेशिता, सुरक्षा और जनहित के मूल सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। जी-7 देशों के 52 वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस यात्रा पर गये पीएम मोदी ने बुधवार रात फ्रांस के एवियन में "इंश्योरिंग ए सेफ, रैपिड एंड एफिशिएंट रोल आउट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस" विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति है जिसमें मानव सभ्यता की दिशा को फिर से परिभाषित करने की क्षमता है, लेकिन इसे लोगों को सशक्त बनाने वाला भी होना चाहिए। उन्होंने विस्तार से बताया कि इसी व्यापक सोच के साथ भारत ने हाल ही में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी की थी। प्रधानमंत्री ने एआई के लिए भारत के 'मानव' विजन को रेखांकित किया, जो इस बात पर जोर देता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास समावेशिता, सुरक्षा और जनहित के मूल सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा साइबरस्पेस को एक वैश्विक सार्वजनिक संपत्ति के रूप में देखा है और लोकतांत्रिक देशों की ऐसी एआई मॉडल तक पहुंच होनी चाहिए जो उनके महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे को सुरक्षित कर सकें और उन्हें साइबर खतरों से निपटने में मदद कर सकें। उन्होंने एआई विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का आह्वान किया, जिसमें सुरक्षा, गति और दक्षता पर एक साथ ध्यान दिया जाए।</p>
<p>इस संबंध में, उन्होंने चार सुझाव दिए: एआई सिस्टम को 'सेफ-बाय-डिजाइन' (निर्माण के स्तर पर ही सुरक्षित) होना चाहिए। एआई के इस्तेमाल के साथ-साथ सामान्य मानक, परीक्षण फ्रेमवर्क और नियामक दिशानिर्देश होने चाहिए। डीपफेक, गलत सूचना और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए प्रभावी वैश्विक सहयोग होना चाहिए और एक समावेशी दुनिया सुनिश्चित करने के लिए एआई का लाभ 'ग्लोबल साउथ' के देशों तक पहुँचना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उद्देश्य मानव क्षमता का विस्तार करना, मानवीय विकल्पों को सशक्त बनाना और मानव गरिमा की रक्षा करना होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इन उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/development-of-artificial-intelligence-should-be-based-on-the-basic/article-157305</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/development-of-artificial-intelligence-should-be-based-on-the-basic/article-157305</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:08:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/modii.png"                         length="827139"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान की इजरायल को दोटूक, लेबनान में संघर्ष विराम उल्लंघन पर दी कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी 'शरारत' बंद नहीं की, तो उसे कड़े परिणाम भुगतने होंगे। ईरान-अमेरिका शांति समझौते के बीच, तेहरान ने इजरायल पर 84 बार संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कब्जे वाले क्षेत्रों से पूरी तरह पीछे हटने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cant-tolerate-it-anymore-iran-accuses-israel-of-ceasefire-violations/article-157251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/iran-israel.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी ‘शरारत’ बंद नहीं की, तो उसे ईरानी सशस्त्र बलों की ‘कड़ी’ प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना होगा। ईरान के मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स’ ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति की घोषणा की है, तब से इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 84 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है और वह अब भी ‘पीड़ित लेबनानी लोगों के खिलाफ अपराध और उनकी हत्या’ जारी रखे हुए है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान ने सोमवार तड़के लेबनान सहित पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। ईरान और अमेरिका शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस समझौता ज्ञापन पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करने वाले हैं। मंगलवार को तेहरान में विदेशी राजनयिकों के साथ एक बैठक में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने लेबनान में युद्ध की समाप्ति को ईरान-अमेरिका शांति समझौते का एक 'अटूट' हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि तेहरान के दृष्टिकोण से, इस समझौते के दो पक्ष हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल हैं, तो दूसरी तरफ ईरान और हिजबुल्लाह है।</p>
<p>अराघची ने कहा, “युद्ध की समाप्ति का मतलब इजरायली कब्जे का खत्म होना भी है। जब तक इजरायली सेना इस युद्ध में कब्जाये गये लेबनानी क्षेत्रों से पीछे नहीं हटती, तब तक युद्ध की समाप्ति पूरी नहीं मानी जाएगी।” अराघची ने यह टिप्पणी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान के बाद की है, जिसमें नेतन्याहू ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि इजरायली सेना लेबनान, सीरिया और गाजा पट्टी में अपने नियंत्रण वाले ‘सुरक्षा क्षेत्रों’ में तब तक बनी रहेगी, जब तक आवश्यक होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/cant-tolerate-it-anymore-iran-accuses-israel-of-ceasefire-violations/article-157251</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/cant-tolerate-it-anymore-iran-accuses-israel-of-ceasefire-violations/article-157251</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 18:32:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/iran-israel.png"                         length="474377"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तुर्की की हवाई सुरक्षा होगी मजबूत, कोन्या में तैनात होगी इटली की एसएएमपी-टी (SAMP-T) मिसाइल रक्षा प्रणाली</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की ने नाटो की रक्षा योजना के तहत कोन्या में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल प्रणाली तैनात करने की घोषणा की है। फ्रांस और इटली द्वारा विकसित यह सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से रक्षा करेगी। इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/t%C3%BCrkiyes-big-announcement-samp-t-missile-defense-system-will-be-deployed/article-157252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/023.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्की ने घोषणा की है कि देश की हवाई क्षेत्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कोन्या प्रांत में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करेगा। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह कदम उत्तरी अटलांटिक संधि (नाटो) की स्थायी रक्षा योजनाओं  के तहत उठाया जा रहा है और इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है। इटली द्वारा संचालित इस प्रणाली को कोन्या में तीसरे मुख्य जेट बेस कमांड पर तैनात किया जाएगा।</p>
<p>रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस और इटली द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एसएएमपी-टी एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसे बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कई तरह के खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। नाटो ने पहले ही अदाना प्रांत के इंसिलिक एयर बेस पर एक अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैनात कर दक्षिण-पूर्वी तुर्की में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/t%C3%BCrkiyes-big-announcement-samp-t-missile-defense-system-will-be-deployed/article-157252</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/t%C3%BCrkiyes-big-announcement-samp-t-missile-defense-system-will-be-deployed/article-157252</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 17:25:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/023.png"                         length="1586550"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी राष्ट्रपति का दावा, बोले- अमेरिका के साथ समझौते के बावजूद ईरान किसी भी स्थिति के लिए तैयार, अंतिम समझौता बाकी </title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते को युद्ध रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम समझौता होना अभी बाकी है और ईरान हर स्थिति के लिए तैयार है। इस ऐतिहासिक समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-claims-despite-agreement-with-america-iran-is/article-157113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(2)18.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान-अमेरिका समझौता युद्ध खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम है लेकिन ईरान किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। पेज़ेशकियन ने एक्स पर कहा, "जिस बात पर सहमति बनी है वह युद्ध रोकने और बातचीत शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है लेकिन अभी अंतिम समझौता होना बाकी है। ईरान का इस्लामिक गणराज्य सभी विकल्पों के लिए तैयार है।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार अमेरिका के साथ अंतिम समझौते के बिना भी या उसके साथ लोगों की सेवा करेगी। पेज़ेशकियन ने बताया कि अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन तैयार करने में ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अहम भूमिका निभाई। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाली धाराओं को शामिल करने में सम्मानित सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन की सबसे बड़ी भूमिका रही है और हम इसके लिए उनके आभारी हैं।"</p>
<p>15 जून को, ईरान और अमेरिका ने उस ज्ञापन के पूरा होने की पुष्टि की, जिस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने हैं। ईरानी पक्ष ने बताया कि इस ज्ञापन में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई खत्म करने की बात कही गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को पुष्टि किया कि ईरान के साथ ज्ञापन पर वास्तव में हस्ताक्षर हो चुके हैं। ईरान ने कहा कि ज्ञापन के बाद, दोनों पक्ष एक अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे, जिससे ईरान के परमाणु मुद्दे और तेहरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का समाधान हो सकेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-claims-despite-agreement-with-america-iran-is/article-157113</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-claims-despite-agreement-with-america-iran-is/article-157113</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:21:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/111200-x-600-px%29-%282%2918.png"                         length="877913"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पवन कल्याण का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: जन सेना का 'सेना प्रस्थानम्' मिशन शुरू, राष्ट्रीय मुद्दों पर बनेगी रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[जन सेना पार्टी का विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन 'सेना प्रस्थानम्' दिल्ली में शुरू हुआ। पार्टी अध्यक्ष पवन कल्याण के नेतृत्व में आयोजित इस अधिवेशन में दक्षिण भारत के 150 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में संगठनात्मक और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसके बाद कल्याण राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pawan-kalyans-big-show-of-strength-jana-senas-sena-prasthanam/article-157015"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/pawan-kalyan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जन सेना पार्टी का विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन 'सेना प्रस्थानम्–फॉर नेशनल इंटीग्रेशन' सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद पार्टी अध्यक्ष पवन कल्याण ने उद्घाटन संबोधन दिया। दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में जन सेना पार्टी के सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, विभिन्न निगमों के अध्यक्ष, निर्वाचित जनप्रतिनिधि तथा देश के दक्षिणी राज्यों से आए लगभग 150 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के प्रतिनिधि भागीदारी कर रहे हैं। बैठक के दौरान संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, विभिन्न सत्रों में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पेश किए जाने की संभावना है।</p>
<p>सम्मेलन के समापन के बाद जन सेना पार्टी अध्यक्ष्य कल्याण राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) जायेंगे। इस दौरान वह देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। जन सेना पार्टी के अनुसार, 'सेना प्रस्थानम्' पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, दक्षिणी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक विमर्श को आगे बढ़ाना है। पार्टी का मानना है कि यह सम्मेलन देश की एकता और समावेशी विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/pawan-kalyans-big-show-of-strength-jana-senas-sena-prasthanam/article-157015</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/pawan-kalyans-big-show-of-strength-jana-senas-sena-prasthanam/article-157015</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:59:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/pawan-kalyan.png"                         length="727502"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जे.डी. वेंस का बड़ा बयान, बोले- ईरान न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेगा और न ही खरीदने की, अमेरिका रखेगा सख्त नजर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौता यह सुनिश्चित करता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की प्रतिबद्धताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यदि समझौता सफल रहता है, तो अगले 50 वर्षों में पश्चिम एशिया निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/jds-big-statement-said-iran-will-neither-try-to/article-156991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jd-vance.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौता यह पक्का करता है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। वेंस ने कहा, "इसका मतलब है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। वह न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेगा और न ही उन्हें खरीदने या हासिल करने की कोशिश करेगा। यह बात इस समझौते में शामिल है।"</p>
<p>अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका इस बात पर नज़र रखेगा कि ईरान समझौते का पालन कर रहा है या नहीं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसके बदले ईरान को क्या मिलेगा। वेंस ने कहा, "यहां एक ऐसा तरीका अपनाया जा रहा है, जिसमें हम जांच-पड़ताल करते रहेंगे और जब ईरान अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी करेगा, तो उसे वास्तविक फ़ायदे भी मिलेंगे।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन करता है, तो अगले पचास सालों में पश्चिम एशिया में बुनियादी बदलाव आएगा और यह इलाका निवेश के लिए ज़्यादा अनुकूल बन जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/jds-big-statement-said-iran-will-neither-try-to/article-156991</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/jds-big-statement-said-iran-will-neither-try-to/article-156991</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:07:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/jd-vance.png"                         length="1240589"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐतिहासिक अमेरिका-ईरान समझौता : सुरक्षा परिषद देगी अंतिम मंजूरी, $24 अरब की ईरानी संपत्ति से हटेगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से अमेरिका-ईरान समझौते को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। शर्तों के तहत अमेरिका ईरान पर लगे तेल प्रतिबंध हटाएगा और उसकी $24 अरब की संपत्ति मुक्त करेगा। बदले में ईरान परमाणु हथियार न बनाने और 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-final-agreement-between-iran-and-america-will-be-approved/article-156987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trump2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी। ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के मसौदा का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा, “अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी।” एजेंसी ने कहा है कि अमेरिका ने ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाने, ईरान के खिलाफ़ नये प्रतिबंध न लगाने और पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य ताकत न बढ़ाने का वादा किया है। समाचार एजेंसी ने मसौदा ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा, “तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव्स की बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएंगे। </p>
<p>अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सेना न बढ़ाने और ईरान के खिलाफ नये प्रतिबंध न लगाने का वादा किया है।” इसके अलावा मसौदा ज्ञापन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के आंतरिक मामलों में दखल न देने और इस्लामिक गणराज्य की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा किया है। दोनों पक्षों के बीच ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की संधि (एनपीटी) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है और परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। एजेंसी ने मसौदा ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि दस्तावेज़ में यह उल्लेख है।</p>
<p>हालांकि, इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन विशिष्ट प्रतिरोधी बलों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज़ में यह भी कहा गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच अंतिम वार्ता तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक ईरान की विदेशी परिसंपत्तियों का आधा हिस्सा मुक्त नहीं कर दिया जाता, ईरानी तेल पर लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटा लिए जाते और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त नहीं कर दी जाती। मसौदे के अनुसार, अमेरिका ने ईरान की 24 अरब डॉलर की विदेशी परिसंपत्तियों पर लगी रोक हटाने का वादा किया है। इनमें से आधी राशि दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने से पहले ही ईरान को वापस दी जानी होगी। इससे पहले, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ईरान और अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन पर काम पूरा होने की पुष्टि की थी। इस पर हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-final-agreement-between-iran-and-america-will-be-approved/article-156987</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-final-agreement-between-iran-and-america-will-be-approved/article-156987</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:15:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/trump2.png"                         length="1238663"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर कोरिया का बड़ा ऐलान: अमेरिका-दक्षिण कोरिया की निरस्त्रीकरण मांग ठुकराई; कहा- न्यूक्लियर ताकत के रूप में हमारी स्थिति अब स्थायी</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर कोरिया ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की बैठकों के बाद परमाणु निरस्त्रीकरण को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इसे "हमेशा के लिए तय हो चुका" मामला बताते हुए साफ किया कि वह अपने परमाणु हथियार कभी नहीं छोड़ेगा और अपनी परमाणु शक्ति की स्थिति को बरकरार रखेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/north-koreas-big-announcement-rejected-us-south-koreas-demand-for-disarmament/article-156963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/kim-jong.png" alt=""></a><br /><p>सोल। उत्तर कोरिया ने रविवार को परमाणु निरस्त्रीकरण को "हमेशा के लिए तय हो चुका" मामला बताया और कहा कि वह कभी भी अपने परमाणु हथियार नष्ट नहीं करेगा। उत्तर कोरिया का यह जवाब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच हुई हालिया बैठक के जवाब में आया है, जिसमें उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को फिर से दोहराया गया था। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच गुरुवार को हुई द्विपक्षीय 'परमाणु परामर्श समूह' की बैठक में साझा लक्ष्य को फिर से दोहराए जाने के बाद उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक अज्ञात प्रवक्ता ने इसकी आलोचना की।</p>
<p>मीडिया द्वारा जारी एक बयान में प्रवक्ता ने कहा, "दूसरे युद्धरत पक्ष के परमाणु हथियारों को खत्म करने की बात करना बेतुका और कोरी कल्पना है।" प्रवक्ता ने कहा, "उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की बेकार की बयानबाज़ी और उसे परमाणु ख़तरे में डालने के लिए उनका सहयोग, परमाणु हथियार वाले देश के तौर पर हमारी पक्की स्थिति को कभी नहीं बदल सकता। 'परमाणु हथियारों को खत्म करने' (निरस्त्रीकरण) का मामला हमेशा के लिए तय हो चुका है।"</p>
<p>प्रवक्ता ने पिछले हफ़्ते अमेरिका और जापान के बीच हुई 'एक्सटेंडेड डेटरेंस डायलॉग' पर भी आपत्ति जतायी, जिसमें दोनों देशों ने उत्तर कोरिया को "पूरी तरह परमाणु-मुक्त" बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया चाहे कितनी भी बहस कर लें, वे परमाणु हथियार वाले देश के तौर पर उत्तर कोरिया की मौजूदा स्थिति को कभी नहीं बदल पाएंगे।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/north-koreas-big-announcement-rejected-us-south-koreas-demand-for-disarmament/article-156963</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/north-koreas-big-announcement-rejected-us-south-koreas-demand-for-disarmament/article-156963</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 18:00:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/kim-jong.png"                         length="731378"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर: होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर झुका ईरान, जहाज़ों से टोल नहीं लेने पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौते के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल टैक्स नहीं लेगा, जिसके बदले अमेरिका अपनी आर्थिक नाकेबंदी हटाएगा। इस रणनीतिक कदम के बाद क्षेत्र से बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-news-from-the-middle-east-iran-bent-on-the/article-156942"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mojtaba.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों से टोल न लेने पर सहमत हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान उस रणनीतिक जलडमरूमध्य को खोल देगा जहाँ कोई टोल नहीं लिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चैनल को बताया कि अगर यह समझौता हो जाता है, तो ईरान के जलडमरूमध्य खोलने के साथ ही अमेरिका नाकेबंदी हटा लेगा, जिसके बाद बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा। इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान और ओमान जल्द ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग मैनेजमेंट पर एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि टोल लेने के बारे में कोई बात नहीं हुई है, लेकिन सेवाओं के लिए शुल्क लिए जाने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-news-from-the-middle-east-iran-bent-on-the/article-156942</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-news-from-the-middle-east-iran-bent-on-the/article-156942</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 16:50:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/mojtaba.png"                         length="943376"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान का पलटवार : बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमला, अराघची ने कहा- सुरक्षित रहना है तो क्षेत्र छोड़ दें</title>
                                    <description><![CDATA[अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। बहरीन, जॉर्डन और कुवैत की वायु रक्षा प्रणालियों ने कई खतरों को हवा में ही नष्ट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-counterattack-missile-drone-attack-on-american-bases-in-bahrain-and/article-156574"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/delhi-hospital-bomb-threat.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इन ठिकानों में बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय और जॉर्डन में अल-अज़राक सैन्य अड्डा शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को यह चेतावनी भी दी कि अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र से चले जाएं। एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान में हमले किया जिसके बाद ईरान ने ये हमले किए। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय और जॉर्डन में अल-अज़राक सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। बहरीन ने कहा कि उसने ईरान की कई मिसाइलों और ड्रोन को रोका जबकि जॉर्डन ने पांच मिसाइलों को रोकने की जानकारी दी। कुवैत ने भी कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली दुश्मन के हवाई लक्ष्यों का मुकाबला कर रही थी।</p>
<p>अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे इलाके से चले जाएं। उन्होंने कहा कि ईरान हमलों या धमकियों का जवाब ज़रूर देगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बुधवार को एक अधिकारी के हवाले से कहा कि दो जलाशयों पर हमले के बाद कम से कम 20,000 ईरानियों के लिए पीने का पानी मिलना बंद हो गया है। ये जलाशय कोहेस्तक शहर और आस-पास के 10 गांवों को पीने का पानी आपूर्ति करते थे। तस्नीम ने बताया कि अभी टैंकर ट्रकों से पानी पहुंचाने और अस्थायी पंपिंग प्रणासी लगाने जैसे आपातकालीन उपाय किए जा रहे हैं। इससे अवसंरचना को भी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "कल अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में, कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने मंगलवार शाम पांच बजे ईरान के ख़िलाफ़ आत्मरक्षा में हमला शुरू किया।" अमेरिकी सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर कार्रवाई की। श्री ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराने के लिए ईरान ज़िम्मेदार है और उन्होंने कड़ा जवाब देने का वादा किया था। अप्रैल में एफ-15 फाइटर जेट के नुकसान के बाद, अपाचे हेलीकॉप्टर दूसरा ऐसा अमेरिकी विमान है जिसमें चालक दल सवार था और जिसे मौजूदा संघर्ष के दौरान मार गिराए जाने की पुष्टि हुई है।</p>
<p>सेंटकॉम ने कहा कि क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त के दौरान ओमान के तट के पास अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद, दोनों सैनिकों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया और उनकी हालत स्थिर थी। अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तट पर मौजूद वायु रक्षा प्रणाली, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस रडार केंद्र को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। सिरिक और केशम द्वीप समेत कई शहरों में धमाकों और वायु रक्षा सायरन की खबरें आईं। ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने फारस की खाड़ी के तट पर, जिसमें बंदर अब्बास, केशम और सिरिक शामिल हैं, धमाकों और वायु रक्षा गतिविधियों की जानकारी दी।</p>
<p>इस बीच ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत में कई स्थानों पर धमाकों की खबर मिली जिसमें रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आस-पास के इलाके भी शामिल हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमलों में पानी के जलाशयों को नुकसान पहुंचा जिससे स्थानीय जलापूर्ति बाधित हो गई और धमाकों की खबरों के बाद दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया। एक अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इन हमलों से संघर्ष खत्म करने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों के पटरी से उतरने की संभावना कम है। लेकिन एक दूसरे पर किये गये हमलों ने इलाके में तनाव और बढ़ा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/irans-counterattack-missile-drone-attack-on-american-bases-in-bahrain-and/article-156574</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/irans-counterattack-missile-drone-attack-on-american-bases-in-bahrain-and/article-156574</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:35:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/delhi-hospital-bomb-threat.png"                         length="274440"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले के बाद बड़ा पलटवार: अमेरिका ने ईरान के 20 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी में बढ़ी सैन्य हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के 20 रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। सोमवार को ओमान तट के पास ईरानी 'शाहेद' ड्रोन द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिका ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, रडार और ड्रोन केंद्रों को नष्ट कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/us-iran-drone-attack.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी सेना ने ईरान में 20 ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसे उसने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद 'जवाबी कार्रवाई' बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से जारी बयान के अनुसार, जिन ठिकानों पर हमले किए गए उनमें ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली, रडार प्रतिष्ठान और ड्रोन नियंत्रण केंद्र शामिल थे। सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों का एक जवाब थी।</p>
<p>यह नया तनाव बुधवार तड़के कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बाद शुरू हुआ। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के साथ-साथ कुवैत में अली अल सलेम हवाई ठिकाने को निशाना बनाया था। कुवैती सैन्य अधिकारियों ने बाद में कहा कि उनकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के हवाई हमलों को हवा में ही रोक दिया। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कोई ड्रोन अपने तय निशाने तक पहुँच पाया था या नहीं।</p>
<p>दोनों देशों के बीच अप्रैल में हुए संघर्ष विराम के बाद से यह अब तक की सबसे गंभीर सैन्य झड़प है, जिसने पहले से ही कमजोर शांति समझौते को और बिगाड़ दिया है। अमेरिकी समाचार सूत्रों के अनुसार, सोमवार को ओमान के तट के पास समुद्री क्षेत्र में गश्त के दौरान अपाचे हेलीकॉप्टर पर ईरान निर्मित 'शाहेद' ड्रोन से हमला किया गया था। केंद्रीय कमान ने बताया कि हमले के बाद विमान समुद्र में गिर गया था, जिसके बाद दोनों पायलटों को लगभग दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया।</p>
<p>ईरानी सैन्य अभियानों में ये ड्रोन मुख्य आक्रामक हथियारों में से एक बन गए हैं, जिनका उपयोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ अभियानों में बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके अलावा, ईरान ने ये ड्रोन रूस को भी दिए हैं, जिसका इस्तेमाल उसकी सेना यूक्रेन में बड़े पैमाने पर कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/big-counterattack-after-the-attack-on-american-apache-helicopter-america/article-156577</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 17:23:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/us-iran-drone-attack.png"                         length="385085"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        