<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/sovereignty/tag-11852" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>sovereignty - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/11852/rss</link>
                <description>sovereignty RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी नाकेबंदी पर ईरान का पलटवार : राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार ; इरावानी ने इसे संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का &quot;घोर उल्लंघन&quot; बताया </title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। राजदूत अमीर सईद इरावानी ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताते हुए सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की मांग की है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और पड़ोसी देशों से भारी हर्जाने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-counterattack-on-us-blockade-is-a-gross-violation-of/article-150373"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-war.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। ईरान ने अमेरिका द्वारा उसके बंदरगाहों की कथित नौसैनिक नाकेबंदी की कड़ी निंदा करते हुए इसे उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का "घोर उल्लंघन" बताया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे पत्र में इस कदम को "अवैध आक्रामक कार्रवाई" करार दिया, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।</p>
<p>इरावानी ने कहा कि 12 अप्रैल को यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा घोषित यह नाकेबंदी संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत "आक्रामकता का स्पष्ट उदाहरण" है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात को रोकने का प्रयास है, जिससे न केवल ईरान के संप्रभु अधिकारों में हस्तक्षेप हो रहा है, बल्कि तीसरे देशों और वैध समुद्री व्यापार के अधिकारों का भी उल्लंघन हो रहा है। ईरानी दूत ने चेतावनी दी कि तेहरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए "सभी आवश्यक और उचित कदम" उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।</p>
<p>ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप कर नाकेबंदी की निंदा करने और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को रोकने की अपील की है। इस बीच, अमेरिकी नौसेना ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है, जिसमें यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित कई युद्धपोत और 11 विध्वंसक तैनात हैं। हालांकि, ऑपरेशन में शामिल जहाजों की सटीक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में सप्ताहांत में हुई वार्ता विफल रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को मंजूरी दी।</p>
<p>इसके अलावा, ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन से भी मुआवजे की मांग की है। ईरान का आरोप है कि इन देशों ने अमेरिका-इज़राइल अभियान में भूमिका निभाई और कुछ मामलों में ईरान के भीतर नागरिक ठिकानों पर "अवैध हमलों" में भी शामिल रहे। इरावानी ने पत्र में श्री एंटोनियो गुटेरेस और बहरीन (जो अप्रैल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है) को संबोधित करते हुए कहा कि बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन को ईरान को "पूर्ण क्षतिपूर्ति" देनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन देशों को अपने "अंतरराष्ट्रीय रूप से अवैध कृत्यों" के कारण हुए सभी भौतिक और नैतिक नुकसान की भरपाई करनी होगी। ईरान के अनुसार, इन कार्रवाइयों से उसे भौतिक और नैतिक दोनों प्रकार का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई संबंधित देशों को करनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-counterattack-on-us-blockade-is-a-gross-violation-of/article-150373</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/irans-counterattack-on-us-blockade-is-a-gross-violation-of/article-150373</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 15:34:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran-war.png"                         length="946819"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कतर के विदेश मंत्रालय ने रास लाफान ऊर्जा केंद्र पर मिसाइल हमले की निंदा की, बताया संप्रभुता एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन</title>
                                    <description><![CDATA[कतर ने रास लाफान ऊर्जा केंद्र पर मिसाइल हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। जवाबी कार्रवाई में कतर ने ईरानी राजनयिकों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। विश्व के सबसे बड़े एलएनजी टर्मिनल पर हुए इस हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/qatars-foreign-ministry-condemned-the-missile-attack-on-ras-laffan/article-147060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/qtar.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। कतर के विदेश मंत्रालय ने रास लाफान औद्योगिक शहर पर हुए हमलों की निंदा करते हुए इस हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और चेतावनी दी कि उसके पास जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है। रस लाफान कतर का प्रमुख एलएनजी उत्पादन केंद्र है, जहां गैस प्रसंस्करण, शोधन एवं बिजली उत्पादन की प्रमुख सुविधाएं स्थित हैं। इसका बंदरगाह विश्व के सबसे बड़े औद्योगिक ऊर्जा परिसरों में से एक है और दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात टर्मिनल शामिल है।</p>
<p>कतर के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसने ईरानी सैन्य और सुरक्षा अताशों के साथ-साथ दूतावास के कर्मचारियों को अवांछित घोषित किया है और उनसे 24 घंटे के भीतर देश छोडऩे का अनुरोध किया है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय कतर को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों के मद्देनजर लिया गया है जो कि कतर की संप्रभुता एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर इस तरह की कार्रवाई जारी रही तो और भी कदम उठाए जा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/qatars-foreign-ministry-condemned-the-missile-attack-on-ras-laffan/article-147060</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/qatars-foreign-ministry-condemned-the-missile-attack-on-ras-laffan/article-147060</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:13:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/qtar.png"                         length="600173"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काबुल नरसंहार: अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर लगाया 400 लोगों की हत्या का आरोप, पाकिस्तानी सरकार ने किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर काबुल के नशा मुक्ति केंद्र पर हवाई हमले का आरोप लगाया है, जिसमें 400 लोगों की मौत हो गई। तालिबान ने इसे "मानवता के विरुद्ध अपराध" बताया, जबकि पाकिस्तान ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। सीमा पर बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/afghanistan-accused-pakistan-of-killing-400-people-pakistani-government-rejected/article-146787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-attacked1.png" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की सेना पर राजधानी काबुल में नशा मुक्ति केंद्र पर हवाई हमला करने का आरोप लगाया, जिसमें कम से कम 400 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी मंगलवार को अल जजीरा ने दी। हालांकि, पाकिस्तान ने इस दावे को झूठा और जनमत को गुमराह करने वाला बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उसने सोमवार को केवल काबुल और नांगरहार प्रांत में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था। </p>
<p>अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के अनुसार, काबुल के उमर व्यसन उपचार अस्पताल पर हमला स्थानीय समयानुसार सोमवार रात लगभग नौ बजे (16:30 जीएमटी) हुआ। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अस्पताल में 2,000 बिस्तरों की क्षमता है और इस हमले में इमारत के बड़े हिस्से नष्ट हो गए। उन्होंने आगे कहा, दुर्भाग्यवश, मृतकों की संख्या अब तक 400 तक पहुंच चुकी है और लगभग 250 अन्य लोग घायल हुए हैं। बचाव दल वर्तमान में घटनास्थल पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने एवं पीड़ितों के शवों को निकालने का काम कर रहे हैं।</p>
<p>अफगान सरकार के एक अन्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने अस्पताल हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है और काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि अफगान सरकार ऐसे कृत्य को सभी स्वीकृत सिद्धांतों एवं मानवता के विरुद्ध अपराध मानती है।</p>
<p>वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि काबुल में किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया। एक्स पर एक पोस्ट में, पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि हमलों में काबुल और नंगरहार में अफगान तालिबान और अफगानिस्तान स्थित पाकिस्तानी लड़ाकों के सैन्य प्रतिष्ठानों एवं आतंकवादी समर्थन अवसंरचना को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं का उपयोग निर्दोष पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा था।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा की गई लक्षित कार्रवाई सटीक एवं सावधानीपूर्वक थी ताकि कोई भी अप्रत्यक्ष नुकसान न हो। मंत्रालय ने कहा कि अफगान प्रवक्ता मुजाहिद का दावा पाकिस्तान विरोधी भावना भड़काने और तालिबान द्वारा सीमा पार आतंकवाद के लिए अवैध समर्थन को छिपाने के उद्देश्य से किया गया है।</p>
<p>पाकिस्तान की ओर से ये टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से आतंकवाद से निपटने के प्रयासों को तुरंत तेज करने के आह्वान के कुछ घंटों बाद आईं। पाकिस्तान काबुल पर सशस्त्र समूहों, विशेष रूप से पाकिस्तानी तालिबान को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है  जिसके बारे में उसका कहना है कि वह पाकिस्तान में हमले करता है।</p>
<p>इससे पहले, अफग़ान अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को दक्षिण-पूर्वी अफग़ानिस्तान में हुई गोलीबारी में दो बच्चों सहित चार लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता मुस्तगफर गुरबाज ने कहा कि पाकिस्तान से दागे गए मोर्टार के गोले खोस्त प्रांत के गांवों में गिरे और कई घरों को नष्ट कर दिया। दोनों देशों के बीच पिछले महीने उस समय झड़प शुरू हुई जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले किए जिसमें इस्लामाबाद ने सशस्त्र समूहों को निशाना बनाने की बात की। अफगानिस्तान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और जवाबी हमला किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/afghanistan-accused-pakistan-of-killing-400-people-pakistani-government-rejected/article-146787</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/afghanistan-accused-pakistan-of-killing-400-people-pakistani-government-rejected/article-146787</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 17:21:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/iran-attacked1.png"                         length="668986"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने की काबुल में अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले की कड़ी निंदा, बताया-कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य, समर्थन का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के हवाई हमले को "कायरतापूर्ण और अमानवीय" बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों और मरीजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा करार देते हुए दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/india-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले को कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत सोमवार की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की जान चली गई। इस अस्पताल को किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता है।        </p>
<p>उन्होंने कहा, पाकिस्तान अब इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किया गया यह घृणित आक्रमण अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह व्यवहार और अपनी आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा के बढ़ते हिंसक कृत्यों के माध्यम से छिपाने के बार-बार किए जाने वाले प्रयासों को दर्शाता है। </p>
<p>बयान में कहा गया है कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने के दौरान किया गया, जो दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के लिए शांति, चिंतन और दया का समय होता है, जो इसे और भी निंदनीय बनाता है। ऐसा कोई धर्म, कोई कानून या कोई नैतिकता नहीं है जो किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को उचित ठहरा सके।    </p>
<p>उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने का यह अंधाधुंध हमला तत्काल बंद हो। जायसवाल ने कहा कि भारत शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है और इस दुखद घड़ी में अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को भी दोहराते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/india-strongly-condemned-pakistans-attack-on-the-hospital-in-kabul/article-146821</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 14:37:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/india-pakistan.png"                         length="932294"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी जहाज पर हमले के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने उठाए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल, कहा-भारत देश की शक्ति उसकी स्वतंत्र आवाज में है, न कि किसी की जी-हुजूरी में</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने हिंद महासागर में ईरानी जहाज पर अमेरिकी हमले के बाद मोदी सरकार की रणनीतिक चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता और 'अतिथि देवो भव' के संस्कारों के खिलाफ बताया। गहलोत ने नेहरू और इंदिरा गांधी की निडर कूटनीति का हवाला देते हुए सरकार से स्वायत्तता बनाए रखने का आग्रह किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-attack-on-the-iranian-ship-former-cm-ashok/article-145338"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ashok-gehlot.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: हिन्द महासागर में ईरानी जहाज पर अमेरिकी हमले के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि भारत देश की शक्ति उसकी स्वतंत्र आवाज में है, न कि किसी की जी-हुजूरी में। नेहरू के गुट निरपेक्ष आंदोलन से लेकर इंदिरा की निडर कूटनीति तक, भारत कभी किसी महाशक्ति के दबाव में नहीं झुका।</p>
<p>हम सभी को 2013 का देवयानी खोबरागड़े मामला भी याद करना चाहिए जब डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने अमेरिकी राजनयिकों की सुविधाएं छीनकर जैसे को तैसा जवाब दिया था। भारत ने कभी भी किसी दूसरे देश के दबाव में आकर अपनी संप्रभुता एवं नीतियों से समझौता नहीं किया। परन्तु हमारे ही समुद्री पड़ोस में मिलान 2026 के मेहमान ईरानी जहाज का शिकार होना और हमारी रणनीतिक चुप्पी, भारत की साख पर सवाल उठाती है।</p>
<p>अमेरिका की इस मनमानी पर चुप रहना अतिथि देवो भव के हमारे संस्कारों और सैन्य गौरव के खिलाफ है। हिंद महासागर का असली रक्षक कहलाने वाले भारत की चुप्पी क्या कूटनीतिक दबाव का संकेत है। एक उभरती महाशक्ति को अपने क्षेत्र में होने वाली ऐसी हिंसक घटनाओं पर मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए। अगर हम हिंद महासागर के असली रक्षक हैं, तो हमें अपनी स्वायत्तता और मेहमान की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-attack-on-the-iranian-ship-former-cm-ashok/article-145338</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-attack-on-the-iranian-ship-former-cm-ashok/article-145338</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 13:24:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/ashok-gehlot.png"                         length="706880"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खामेनेई की मौत पर चुप्पी को लेकर राहुल गांधी ने उठाए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल, बोलें- ईरान संकट और &quot;लक्षित हत्या&quot; पर चुप्पी तोड़ें</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईरानी नेता खामेनेई की हत्या को 'लक्षित हत्या' बताते हुए केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खाड़ी में फंसे एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा दांव पर है। राहुल ने हिंसा की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता की रक्षा हेतु भारत को बोलने का साहस दिखाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-raised-questions-on-the-foreign-policy-of-the/article-145205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि ईरान में लगातार गंभीर हो रहे हालात और उसके सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत लक्ष्य कर की गई हत्या है और हालात को देखते हुए केंद्र सरकार को इस पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करनी चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि युद्ध के कारण जो हालात ईरान तथा अन्य खाड़ी देशों में बन रहे हैं उसे देखते हुए भारत को स्पष्ट नीति का पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि ईरान और अमेरिका तथा इजरायल के बीच लगातार बढ़ रहे संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के सामने भी अनिश्चितता का संकट पैदा हो गया है।</p>
<p>राहुल गांधी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव एक नाजुक क्षेत्र को व्यापक संघर्ष की तरफ धकेल रहा है। इस वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों के साथ ही असंख्य लागों को अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को स्वाभाविक बताया लेकिन कहा कि संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले हमले संकट को और भी गंभीर बना देंगे। ईरान पर एकतरफा हमलों के साथ ही ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के कई देशों पर किए जा रहे हमले, दोनों की निंदा की जानी चाहिए। उनका कहना था कि हिंसा ही हिंसा को जन्म देती है इसलिए संवाद और संयम ही शांति का एकमात्र मार्ग है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा, "भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा में खुलकर बोलने का साहस होना चाहिए। हमारी विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है और इसे सुसंगत रहना चाहिए। केंद्र सरकार को बोलना चाहिए। क्या वे विश्व व्यवस्था को परिभाषित करने के तरीके के रूप में किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या का समर्थन करते हैं। अब चुप्पी भारत की विश्व में प्रतिष्ठा को कम करती है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-raised-questions-on-the-foreign-policy-of-the/article-145205</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-raised-questions-on-the-foreign-policy-of-the/article-145205</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 18:10:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/rahul-gandhi1.png"                         length="481318"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आयतुल्लाह खामेनेई की मौत पर भारत की चुप्पी पर सोनिया और राहुल गांधी की दो टूक, सरकार की चुप्पी को दिया &quot;कमजोर विदेश नीति&quot; करार</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ईरानी नेता खामेनेई की हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी को "कमजोर विदेश नीति" करार दिया है। सोनिया गांधी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और 'लक्षित हत्या' बताते हुए कहा कि तटस्थ रहना जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना है। उन्होंने भारत को नैतिक शक्ति और संप्रभुता के लिए खड़े होने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/on-indias-silence-on-the-death-of-ayatollah-khamenei-sonia/article-145172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rahul-and-sonia.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के ईरान की नेता आयतुल्लाह खामेनेई के मारे जाने पर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर लिखे एक लेख को शेयर करते हुए कहा है कि ईरानी नेता के अमेरिकी हमले में मारे जाने की घटना पर भारत की चुप्पी अविश्वसनीय और कमजोर विदेश नीति का परिणाम है।</p>
<p>राहुल गांधी ने श्रीमती गांधी का लेख सोशल मीडिया एक्स पर शेयर मंगलवार को शेयर करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का रुख विश्वसनीय और भारतीय परंपरा के अनुकूल नहीं है। मोदी सरकार का यह रुख उसकी विदेश नीति पर सवाल खड़े करता है। सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी दैनिक में छपे अपने लेख में ईरानी नेता की मौत को लक्षित हत्या करार दिया और कहा कि इस पर मोदी सरकार की चुप्पी उसकी विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करते है। उन्होंने लिखा 'ईरान के नेता की हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं ब्लकि जिम्मेदारियां से पल्ला झाड़ना है।</p>
<p>उन्होंने आगे लिखा कि जब किसी विदेशी नेता की लक्षित हत्या पर हमारा देश संप्रभुता या अंतरराष्ट्रीय कानून का कोई स्पष्ट बचाव नहीं करता और निष्पक्षता का छोड़कर कर चुप रहता है, तो इससे हमारी विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं। इस स्थिति में चुप रहना बिल्कुल तटस्थता नहीं है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख ने कहा "इस नाजुक वैश्विक परिदृश्य पर भारत को संप्रभुता और शांति के लिए खड़ा होना चाहिए और अपनी नैतिक शक्ति को पुनः प्राप्त करना चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/on-indias-silence-on-the-death-of-ayatollah-khamenei-sonia/article-145172</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/on-indias-silence-on-the-death-of-ayatollah-khamenei-sonia/article-145172</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 11:41:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rahul-and-sonia.png"                         length="1148610"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;ऑपरेशन गक़ाब लिल-हक़&quot; के तहत पाकिस्तान ने किया अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का ऐलान: काबुल, कंधार और पक्तिया में सैन्य ठिकानों पर बरसाए बम, 55 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किया हवाई हमला। जवाबी कार्रवाई में तालिबान ने पाकिस्तानी F-16 विमान गिराने और 55 सैनिकों को मारने का किया दावा। 130 से अधिक लड़ाकों की मौत। भारत ने की नागरिकों की मौत और संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/under-operation-gaqab-lil-haq-pakistan-declared-war-against-afghanistan-bombs/article-144803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pakistan1.png" alt=""></a><br /><p>पाकिस्तान। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ बढ़ते टकराव के बीच पाकिस्तान ने उसके खिलाफ युद्ध घोषित करते हुए 'ऑपरेशन गक़ाब लिल-हक़ शुरू किया। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार तड़के पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने काबुल, कंधार और पक्तिया में महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।</p>
<p>पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान सरकार के साथ पूर्ण टकराव की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, हमारा सब्र अब खत्म हो चुका है और चेतावनी दी कि अब दोनों पक्षों के बीच खुला युद्ध है। पीएम शहबाज शरीफ ने कहा, हमारे सशस्त्र बल अफगानिस्तान के किसी भी तरह के आक्रामक मंसूबे को कुचलने की पूरी क्षमता रखते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आज अफगानिस्तान पर जवाबी हमलों के बाद कहा कि पाकिस्तान शांति और अपनी क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने इन हमलों में 130 से अधिक तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। </p>
<p>पाकिस्तान के अनुसार, ऑपरेशन गक़ाब लिल-हक़ के तहत हमले आज तड़के किए गए। यह कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा के चितराल, खैबर, मोहम्मद, कुर्रम और बाजौर सेक्टरों में गुरुवार शाम अफगान तालिबान की ओर से की गई। मीडिया रिपोर्टों में काबुल और कंधार में धमाकों और गोलीबारी की खबर दी गई। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डूरंड रेखा के साथ कल की गई जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। करीब 2,500 किलोमीटर लंबी सीमा जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है को अफगानिस्तान ने कभी मान्यता नहीं दी है।</p>
<p>इस बीच,अफगानिस्तान डिफेंस नामक एक्स हैंडल ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलते हुए एफ-16 विमान का मलबा दिखाया गया है। अमेरिकी आपूर्ति वाले इस एक इंजन वाले लड़ाकू विमान पर छोटा पाकिस्तानी झंडा बना हुआ है। एग्जॉस्ट के पास 85510 नंबर दिखाई दे रहा है। इस दृश्य की हालांकि स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p>दोहा स्थित अल जजीरा समाचार चैनल ने बताया कि अफगानिस्तान ने सीमा के विस्तृत हिस्से में कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला शुरू किया, जिनमें तोर्खम सीमा चौकी भी शामिल है, जो अफगानिस्तान में प्रवेश का एक प्रमुख मार्ग है। चैनल ने पाकिस्तान के दावों के हवाले से कहा, हवाई हमले अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के साथ-साथ पक्तिया और कंधार प्रांत में किए गए और दावा किया गया कि सीमा पार कई तालिबान लड़ाके मारे गए।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट कर दिए गए, जबकि कंधार में एक कोर मुख्यालय और एक ब्रिगेड मुख्यालय को तबाह कर दिया गया। पाकिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में बढ़ती उग्रवाद की घटनाओं के लिए अफगान तालिबान पर पाकिस्तानी तालिबान विद्रोहियों को शरण देने का आरोप लगाता रहा है। </p>
<p>पिछले सप्ताह भारत ने अफगानिस्तान के क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की थी, जिनमें कई नागरिक हताहत हुए थे। भारत ने इन हमलों को पाकिस्तान की अपनी आंतरिक विफलताओं को बाहरी रूप देने की एक और कोशिश बताया और अफगानिस्तान की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत पवित्र रमजान माह के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों की मौत का कारण बने अफगानिस्तान क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/under-operation-gaqab-lil-haq-pakistan-declared-war-against-afghanistan-bombs/article-144803</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/under-operation-gaqab-lil-haq-pakistan-declared-war-against-afghanistan-bombs/article-144803</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 14:07:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/pakistan1.png"                         length="1212453"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, बोलें-अमेरिका डील पर चुप्पी तोड़े सरकार और सच्चाई बताए</title>
                                    <description><![CDATA[सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र को घेरते हुए इसे 'डील नहीं, ढील' करार दिया। उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए पूछा कि क्या शर्तें भारतीय किसानों और उद्योगों के हितों के खिलाफ हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadavs-big-attack-on-the-central-government-government/article-143887"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/akhilesh-yadav1.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई डील को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते को लेकर सरकार की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है और स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।</p>
<p>अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, क्या डील ने मुंह पर सील लगा दी है। या तो सरकार बताए कि इस डील में क्या शर्तें तय हुई हैं या फिर बाहरी हस्तक्षेप के दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश की संप्रभुता और आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता नहीं बरत रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, इस डील से किसानों, कारोबारियों, मजदूरों और छोटे-बड़े उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि खेती और उद्योग प्रभावित होंगे तो रोजगार के अवसर कम होंगे और युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।</p>
<p>सपा प्रमुख ने इसे देश के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल स्पष्टीकरण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस डील से भारत के आर्थिक हितों और आत्मनिर्भरता पर क्या असर पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadavs-big-attack-on-the-central-government-government/article-143887</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadavs-big-attack-on-the-central-government-government/article-143887</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 13:19:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/akhilesh-yadav1.png"                         length="657056"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेस्ट बैंक में जमीन पर कब्जे की तैयारी में इजरायल, कहा-आठ मुस्लिम देशों का निंदा बयान बेबुनियाद और गुमराह करने वाला</title>
                                    <description><![CDATA[इज़रायल ने पश्चिमी तट पर भूमि पंजीकरण के फैसले की आठ मुस्लिम देशों द्वारा की गई निंदा को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने इसे कानूनी प्रशासनिक कदम बताते हुए आरोपों को गुमराह करने वाला कहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/in-preparation-to-occupy-land-in-the-west-bank-israel/article-143613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/israil.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल सरकार ने पश्चिमी तट में जमीन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के हालिया फ़ैसले की आठ मुस्लिम देशों द्वारा निंदा करने वाले संयुक्त बयान को बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताया है।</p>
<p>मंगलवार को तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, क़तर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने पश्चिमी तट में जमीन को सरकारी सम्पति घोषित करने और उनके पंजीकरण और मालिकाना हक़ के सेटलमेंट के लिए प्रक्रिया को मंजूरी देने के इजरायली सरकार के फ़ैसले की निंदा की।</p>
<p>मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा, यह बयान असल में बेबुनियाद और जानबूझकर गुमराह करने वाला है। फिलस्तीनी अधिकारी ही क्षेत्र सी में गैर-कानूनी जमीन पंजीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे है, जो कानून और मौजूदा समझौतों का उल्लंघन है। मंत्रालय ने बताया कि इजरायली सरकार ने सिविल और सम्पति कानून के तहत प्रशासनिक कदम को मंजूरी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/in-preparation-to-occupy-land-in-the-west-bank-israel/article-143613</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/in-preparation-to-occupy-land-in-the-west-bank-israel/article-143613</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 12:42:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/israil.png"                         length="832034"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रीनलैंड के पास फ्रांस ने भेजा राफेल से लैस परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर, जबरन कब्जे की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय एकजुटता दिखाते हुए फ्रांस ने परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गाले को उत्तरी अटलांटिक की ओर तैनात किया, यूरोपीय संप्रभुता को समर्थन जताया और अमेरिका संदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/france-sends-rafale-equipped-nuclear-aircraft-carrier-to-greenland-in-preparation/article-141142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)11.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के देश एकजुट होते दिख रहे हैं। अमेरिका को खुली चेतावनी देने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने ग्रीनलैंड के पास उत्तरी अटलांटिक महासागर में अपने एकमात्र परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गाले को भेजा है। यह राफेल फाइटर जेट से लैस है। फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने इस तैनाती के बारे में ऐलान किया है। माना जा रहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सेना के हमले के खतरे को देखते हुए फ्रांसीसी नौसेना ऐक्शन में आई है। यही नहीं फ्रांसीसी राष्ट्रपति डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं से पेरिस में मिलने जा रहे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि मैक्रों यूरोपीय एकजुटता को एक बार फिर से अपना समर्थन जाहिर करेंगे। साथ ही डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकजुटता को भी अपना समर्थन देंगे।</p>
<p><strong>फ्रांसीसी स्ट्राइक कैरियर कहां जा रहा?</strong></p>
<p>फ्रांस, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेता आर्कटिक में सुरक्षा खतरे, ग्रीनलैंड के आर्थिक तथा सामाजिक विकास के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसको फ्रांस और यूरोपीय संघ दोनों ही सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि चार्ल्स डी गॉल को कहां तैनात किया जा रहा है, लेकिन समाचार एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया कि यह उत्तरी अटलांटिक की ओर बढ़ रहा है। हाल के दिनों में यह इलाका अमेरिका और यूरोप के बीच भूराजनीतिक तनाव का केंद्र बनकर उभरा है। फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि नेवल एयर ग्रुप ओरियन 26 सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए तोउलोन नौसैनिक अड्डे से रवाना हो गया है। </p>
<p><strong>स्ट्राइक कैरियर के साथ पूरा बेड़ा</strong></p>
<p>फ्रांस के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में चार्ल्स डी गॉल और उसके विमान, साथ ही कई एस्कॉर्ट और सपोर्ट जहाज शामिल हैं। इसमें एक डिफेंस फ्रिगेट, एक सप्लाई शिप और एक हमलावर पनडुब्बी है। यह अभ्यास ऐसे समय में होने जा रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्तशासी क्षेत्र ग्रीनलैंड को लगातार अमेरिका में मिलाने की धमकी दे रहे हैं।</p>
<p><strong>जंग के मूड में यूरोप, टूट सकता है नाटो </strong></p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए कमर कस चुके हैं। अमेरिका की सेना इसके लिए लगातार तैयारी भी कर रही है। ट्रंप के इस रुख से 32 देशों की सदस्यता वाले सैन्य संगठन उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानि नाटो के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है। ट्रंप की दादागिरी के खिलाफ यूरोपीय देश एकजुट हो रहे हैं। ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी जैसे ताकतवर यूरोपीय देशों ने अमेरिका को ग्रीनलैंड को लेकर चेतावनी भी दी है। </p>
<p>इस बीच नाटो चीफ ने चेतावनी दी है कि बिना अमेरिका के नाटो देश अपनी रक्षा नहीं कर सकते हैं। ग्रीनलैंड का प्रशासन डेनमार्क देखता है जो नाटो का सदस्य देश है। ट्रंप ने कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है। दरअसल, अमेरिका यहां पर अपना गोल्डन डोम डिफेंस सिस्टम लगाना चाहता है ताकि रूस और चीन की मिसाइलों से अमेरिका को बचाया जा सके। </p>
<p><strong>डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो को दी टैरिफ की धमकी</strong></p>
<p>यही नहीं डोनाल्ड ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं। नाटो का आर्टिकल 5 कहता है कि अगर एक सदस्य देश पर दुश्मन का हमला होता है तो यह सभी देशों पर अटैक माना जाएगा। यही नहीं इस जंग में नाटो के हर सदस्य देश को सैन्य सहायता देना होगा। </p>
<p>नाटो के महासचिव जनरल मार्क रट ने सोमवार को खुलासा किया कि अमेरिकी सैन्य सहायता के बिना यूरोप अपनी खुद की रक्षा नहीं कर सकता है। उन्होंने यूरोपीय सांसदों से कहा कि यूरोप और अमेरिका को एक-दूसरे की जरूरत है।</p>
<p><strong>जर्मनी-पोलैंड बनाना चाहेंगे परमाणु बम</strong></p>
<p>एक्सपर्ट के अनुसार अमेरिका ठीक इसी समय यूरोप को अपने ऊपर निर्भर बनाए रखेगा और उसे एक विरोधी ब्लॉक के रूप में उभरने से रोकेगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप के शासनकाल में नाटो के आंतरिक नियम बदलने जा रहे हैं। अगर अमेरिका नाटो से निकलता है तो यूरोपीय सुरक्षा ढांचा खंड-खंड हो जाएगा। </p>
<p>यूरोपीय देश सामूहिक सुरक्षा की जगह पर अपनी-अपनी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर देंगे। उन्होंने कहा कि जर्मनी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देश परमाणु बम हासिल करने पर बहस करने लगेंगे। वहीं ब्रिटेन और फ्रांस असलियत में अमेरिका की कमी को पूरा नहीं कर पाएंगे। ये दोनों देश पूरे यूरोप की उस तरह से सुरक्षा नहीं कर पाएंगे जैसे कि अमेरिका करता है।</p>
<p><strong>अमेरिकी सेना का ग्रीनलैंड में बेस</strong></p>
<p>जैसे-जैसे वैश्विक तनाव बढ़ रहा है, यह द्वीप भू-राजनीतिक दबाव का एक मापक बन गया है। इससे पता चलता है कि पुरानी अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था किस तरह कमजोर पड़ने लगी है। इन सभी के केंद्र में पिटुफिक अंतरिक्ष ठिकाना है, जिसे पहले थुले एयरबेस के नाम से जाना जाता था। शीतयुद्ध के दौरान एक चौकी के रूप में इस्तेमाल यह बेस अब अमेरिकी सेना के अंतरिक्ष बल केंद्र का एक अहम हिस्सा है, जो मिसाइल का पता लगाने से लेकर जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने तक हर चीज के लिए आवश्यक है। ग्रीनलैंड में अमेरिकी रुचि उस समय बढ़ रही है, जब युद्ध के बाद की नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था शांति और सुरक्षा बनाए रखने में तेजी से निष्प्रभावी साबित हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/france-sends-rafale-equipped-nuclear-aircraft-carrier-to-greenland-in-preparation/article-141142</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/france-sends-rafale-equipped-nuclear-aircraft-carrier-to-greenland-in-preparation/article-141142</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 11:26:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/500-px%2911.png"                         length="721000"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रीनलैंड खरीदने निकले ट्रंप पर पुतिन का तंज, बताई नई कीमत, यूरोप को दिखाया कूटनीतिक आईना</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रीनलैंड को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में घमासान जारी है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के जख्म कुरेद दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/putin-taunts-trump-who-set-out-to-buy-greenland-shows/article-140490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/greeland-dispute.png" alt=""></a><br /><p>ग्रीनलैंड। ग्रीनलैंड को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में घमासान जारी है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के जख्म कुरेद दिए हैं। दरअलस, राष्ट्रपति पुतिन ने डेनमार्क पर ग्रीनलैंड के साथ औपनिवेशिक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस द्वीप की कीमत आज के समय में महज 200 से 250 मिलियन डॉलर आंकी जा सकती है। राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड की ओनरशिप के विवाद से रूस का कोई लेना-देना नहीं है और यह मामला अमेरिका व डेनमार्क को आपस में सुलझाना चाहिए।</p>
<p>इसके अलावा रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में पुतिन ने 1867 में अमेरिका द्वारा रूस से अलास्का की खरीद का उदाहरण दिया और महंगाई के हिसाब से उसकी मौजूदा कीमत का हवाला देकर ग्रीनलैंड का तुलनात्मक मूल्य बताया। पुतिन के इस बयान को यूरोप के लिए तंज माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। विश्लेषकों के अनुसार, पुतिन यूरोप-अमेरिका के टकराव को यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में राजनीतिक संतुलन के तौर पर देख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/putin-taunts-trump-who-set-out-to-buy-greenland-shows/article-140490</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/putin-taunts-trump-who-set-out-to-buy-greenland-shows/article-140490</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 14:43:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/greeland-dispute.png"                         length="672935"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        