<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/happiness/tag-11908" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>happiness - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/11908/rss</link>
                <description>happiness RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे-राहुल ने दी देशवासियों को लोहड़ी की बधाई</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोहड़ी पर देशवासियों को बधाई देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-president-mallikarjun-kharge-rahul-congratulated-the-countrymen-on-lohri/article-139401"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/lohri.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोहड़ी के अवसर पर देशवासियों को मंगलवार को बधाई दी और सबके जीवन में खुशहाली की कामना की।</p>
<p>खरगे ने अपने बधाई संदेश में कहा, लोहड़ी के शुभ अवसर पर सभी को बहुत- बहुत बधाई। आशा है हर्ष और उल्लास का यह त्योहार आपके जीवन में अपार खुशियाँ व समृद्धि लेकर आए।</p>
<p>राहुल गांधी ने कहा, आप सभी को लोहड़ी की लख-लख बधाईयां। यह पावन त्यौहार सभी के जीवन में ढेर सारी खुशियां, सुख और शांति लेकर आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-president-mallikarjun-kharge-rahul-congratulated-the-countrymen-on-lohri/article-139401</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-president-mallikarjun-kharge-rahul-congratulated-the-countrymen-on-lohri/article-139401</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 11:44:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/lohri.png"                         length="1029893"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोहड़ी से पूर्व संध्या पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दी राज्यवासियों को शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोहड़ी पर प्रदेशवासियों को बधाई दी, इसे सूर्य के आलोक से जीवन को उर्वर करने वाला पर्व बताया और सबके मंगल की कामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-eve-of-lohri-governor-haribhau-bagde-greeted-the/article-139343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/haribhau.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोहड़ी पर्व (13 जनवरी) पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोहड़ी सूर्य के आलोक में जीवन को उर्वर करने का पर्व है। उन्होंने इस पर्व पर सबके मंगल की कामना की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-eve-of-lohri-governor-haribhau-bagde-greeted-the/article-139343</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-eve-of-lohri-governor-haribhau-bagde-greeted-the/article-139343</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:38:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/haribhau.png"                         length="767884"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुशी या विकास, यही है सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में, भारी वर्षा के बाद स्कूल भवनों और गेटों के गिरने की कुछ घटनाओं में कई नन्हीं जिंदगियां खो गईं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/this-is-the-question-of-happiness-or-development/article-126314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news4.png" alt=""></a><br /><p>हाल ही में, भारी वर्षा के बाद स्कूल भवनों और गेटों के गिरने की कुछ घटनाओं में कई नन्हीं जिंदगियां खो गईं। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई में राज्य सरकार को उन 5,667 जर्जर भवनों के उपयोग से रोका, जिनकी रिपोर्ट खुद सरकार ने दी थी और निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों में विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। राजधानी जयपुर ने भी पानी भराव और टूटी सड़कों के सामान्य दृश्य देखे, जिससे नाराज शहरवासियों ने गड्ढों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम के बोर्ड लगा दिए। इस वार्षिक मानसून राग की सामान्य गूंज यही थी कि हम अपने गांवों और शहरों के सार्वजनिक ढांचे की स्थिति से असंतुष्ट हैं।</p>
<p><strong>विकास या बुनियादी :</strong></p>
<p>ऐसी घटनाओं की बढ़ती संख्या और आवृत्ति हमारे नीति-निर्माताओं को ठहरकर सोचने पर मजबूर करनी चाहिए। काफी लंबे समय से हम सब पारंपरिक समझ के इस सिद्धांत को मानते आए हैं कि वांछनीय चीज है विकास या बुनियादी वस्तुओं और सार्वजनिक सेवाओं में अतिरिक्तता। इच्छाएं असीमित हैं, लेकिन बजट, अफसोस, सीमित हैं। फलस्वरूप, अधिक सड़कें, अधिक स्कूल और अस्पताल, अधिक बिजली आदि की यह लालसा, सार्वजनिक नीतियों में मौजूदा ढांचों और सेवाओं के रखरखाव व संचालन खर्च में कटौती का रूप ले लेती है। यहां की गई बचत को अतिरिक्त ढांचे और सेवाएं प्रदान करने में झोंक दिया जाता है और वह भी तत्काल सबसे कम लागत पर। सभी सरकारें, चाहे उनका राजनीतिक रंग कुछ भी हो,ऐसे विकास की पूजा करती हैं और एक-दूसरे से अधिक देने की होड़ में रहती हैं।</p>
<p><strong>भौतिक संपत्ति :</strong></p>
<p>आइए ध्यान से देखें कि इसका मतलब क्या निकलता है। जब आप कोई भौतिक संपत्ति या अतिरिक्त सार्वजनिक सेवा सबसे कम तत्काल लागत और समय में बनाते हैं, तो उसका परिणाम क्या होता है,साधारण शब्दों में, भौतिक ढांचों के मामले में यह प्राय: ऐसे सामग्री और प्रक्रियाओं का उपयोग होता है,जो तत्काल कम लागत देती हैं, भले ही दीर्घकालिक या आजीवन लागत कैसी भी हो। इस प्रकार, इस दृष्टिकोण में स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है कि मान्य तकनीकी मानकों को कम किया जाए, चाहे वह सड़कों और पुलों का निर्माण हो, या सतहों को दबाने और सीमेंट-कंक्रीट संरचनाओं को क्योरिंग करने जैसी प्रक्रियाएं। स्वाभाविक ही है कि ऐसी प्राथमिकताएं और तौर-तरीके अक्सर घटिया गुणवत्ता और अल्पायु संपत्तियों का कारण बनते हैं। ये निकट भविष्य में बार-बार टूट-फूट और खराबी का कारण भी बनते हैं। सुधारात्मक उपाय, यदि संभव हों, तो भी सामान्यत: अधिक लागत पर ही आते हैं।</p>
<p><strong>निर्माण और रखरखाव :</strong></p>
<p>यदि हम ऐसे ढांचों की आजीवन लागत देखें, यानी निर्माण और रखरखाव की पूरी अवधि की लागत, तो अक्सर अधिक प्रारंभिक लागत वाला विकल्प, जैसे पूरी नाली व्यवस्था वाली सीमेंट सड़क, तुलना में सस्ती साबित होती है, जब हम प्रति वर्ष की कुल लागत देखते हैं, जैसे सीमित या बिना नाली वाली ब्लैक-टॉप सड़क की तुलना में। फिर भी, जनता की तत्काल संतुष्टि की मांग और निर्वाचित सरकारों के सीमित कार्यकाल मिलकर राजनीतिक दबाव बनाते हैं कि प्रारंभिक लागत कम रखी जाए! इस तरह, उसी बजट से अधिक सड़कों की जनता की मांग पूरी होती दिखाई जाती है, और हमारे राजनीतिक आकाओं को उम्मीद रहती है कि यह अगले चुनावों में अधिक वोटों में बदलेगा।</p>
<p><strong>आवश्यक मानक :</strong></p>
<p>जब तक अधिक रखरखाव लागत सामने आती है, तब तक पुनर्निर्वाचन का प्रारंभिक लक्ष्य पूरा हो चुका होता है या अप्रासंगिक हो जाता है। किसी भी हालत में, समय बीतने के साथ नुकसानों और दुर्घटनाओं की जवाबदेही और धुंधली होती जाती है, और ऐसी घटनाएं उस समय की सरकार पर आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन जाती हैं। ध्यान रहे, इसमें ऐसा नहीं है कि आवश्यक मानक ज्ञात नहीं हैं या अस्पष्ट हैं। उदाहरण के लिए सड़कों के मामले में, इंडियन रोड्स कांग्रेस लगातार दिशानिर्देश जारी करता रहा है, हाल में 1999 और फिर 2013 में सतही, उपसतही और वर्षा जल निकासी की व्यवस्थाओं तथा भवनों के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए। ढ़लानों और निर्माण विनिर्देशों का विवरण सार्वजनिक क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध है। जो उपलब्ध नहीं है, वह है इसे लागू करने की इच्छाशक्ति।</p>
<p><strong>वर्तमान दृष्टिकोण :</strong></p>
<p>जहां तक सेवाओं का सवाल है, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र हमारे वर्तमान दृष्टिकोण के परिणामों के अच्छे उदाहरण देते हैं। समय के साथ कम वेतन स्वाभाविक रूप से दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को कमजोर करते हैं। यह इमारतों और उपकरणों के रखरखाव पर कम खर्च और अस्पतालों की लॉन्ड्री या स्कूलों की लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से और भी बिगड़ता है। उपलब्ध अल्प संसाधन अक्सर आकर्षक, उच्च-स्तरीय ढांचों में लग जाते हैं। उदाहरण के लिए, आपको किसी अस्पताल में उच्च स्तर की स्कैन मशीन मिल सकती है, लेकिन वहीं पर्याप्त पावर बैक-अप और स्वच्छ कपड़े धोने की व्यवस्था नहीं होगी।</p>
<p><strong>जनता का संतोष :</strong></p>
<p>यह बात ध्यान से निकलती जा रही है कि जनता का सामान्य संतोष और खुशी किसी एक सुविधा में अतिरिक्त वृद्धि से उतना नहीं जुड़ा है, जैसे सौ किलोमीटर नई सड़कें, जितना कि उस श्रेणी में उपलब्ध कुल सुविधा से, यानी उपयोग योग्य अच्छी या कम से कम सेवा योग्य सड़कों के नेटवर्क से। इस कुल लाभ की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए, किसी भी सार्थक लागत-लाभ विश्लेषण में यह स्पष्ट है कि मौजूदा सुविधाओं का रखरखाव नई या अतिरिक्त सुविधाएं बनाने से प्राथमिकता पर होना चाहिए। साफ शब्दों में कहें तो, सौ किलोमीटर नई सड़कें बनाने पर खर्च किए गए संसाधन, हजारों किलोमीटर मौजूदा सड़कों को पुलों, नालों और जलनिकासी कार्यों सहित सेवा योग्य स्थिति में रखने पर खर्च करना अधिक लाभकारी है। इस बेंथमवादी सिद्धांत का पालन करते हुए कि अधिकतम संख्या के लिए अधिकतम भलाई, हमें अतिरिक्तताओं की ओर तभी बढ़ना चाहिए जब मूल रखरखाव की आवश्यकताएं पूरी तरह पूरी हो जाएं।</p>
<p><strong>कई क्षेत्रों पर लागू :</strong></p>
<p>सड़कों के साथ दिया गया यह उदाहरण अन्य कई क्षेत्रों पर भी लागू होता है जैसे स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण संस्थाएं। जनहित, भले ही राजनीतिक बाध्यता न हो, स्पष्ट है। यदि विकास केवल खुशी पाने का साधन है, तो हमें अधिकतम लोगों की अधिकतम खुशी का लक्ष्य रखना चाहिए और विकास को उसके कई औजारों में से एक के रूप में देखना चाहिए। प्राथमिक औजार बना रहता है, रखरखाव। हमें और पाने से पहले जो है उसे बचाना होगा। यही नया मंत्र बनना चाहिए।</p>
<p><strong>-ए मुखोपाध्याय,</strong><br /><strong>पूर्व आईएएस</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/this-is-the-question-of-happiness-or-development/article-126314</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/this-is-the-question-of-happiness-or-development/article-126314</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Sep 2025 12:09:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/copy-of-news4.png"                         length="112467"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - विज्ञान संकाय खुला, छात्र-छात्राओं को नहीं जाना पड़ेगा बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति ने खबर प्रकाशित कर उठाया था मामला ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---science-faculty-opened--students-will-not-have-to-go-outside/article-119356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news8.png" alt=""></a><br /><p>पेच की बावड़ी। कस्बे के राउमावि में विज्ञान एवं कृषि संकाय की मांग को लेकर विगत एक वर्ष से जारी प्रयास को बुधवार को विराम लग गया। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा राजस्थान में कुल 93 विद्यालयों में इसी सत्र में 11 कक्षा के लिए विज्ञान, कला, कृषि, वाणिज्य संकाय शुरू करने की स्वीकृति प्रदान की गई। जिसमें बूंदी जिले के दो तलवास और पेच की बावड़ी विद्यालय में संकाय खोले जाने की स्वीकृति प्राप्त हुई। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने स्थानीय छात्र-छात्राओं की परेशानी देखते हुए प्रमुखता के साथ स्टोरी प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था।  राउमावि पेच की बावड़ी में विज्ञान, कृषि संकाय नहीं होने की वजह से क्षेत्र के छात्र-छात्राएं मजबूरन देवली, कोटा व बूंदी जाकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर थे। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति ने सबसे प्रथम जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर छात्र छात्राओं की आवाज को बुलंद करने का काम किया। एक वर्ष के निरंतर प्रयास की वजह से स्थानीय विद्यालय को विज्ञान संकाय का तोहफा मिला। जिसमें 11 कक्षा में इसी सत्र में छात्र छात्राएं जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान में प्रवेश लेकर अध्ययन कर सकेंगे।</p>
<p><strong>डॉक्टर बनने का सपना अब हो सकेगा साकार </strong><br />स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय की स्वीकृति मिलने पर अब कस्बे सहित आसपास के गांवों के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं को अब विज्ञान विषय पढ़कर डॉक्टर बनने का सपना संजोए बैठे युवाओं का अब सपना साकार हो सकेगा। बुधवार को ज्योंहि विज्ञान संकाय स्वीकृति आदेश प्राप्त होते ही स्कूल प्राचार्य शंकर लाल मीना सहित विद्यालय स्टाफ एवं ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय विद्यालय में जनप्रतिनिधियों, विद्यालय स्टाफ सहित छात्र छात्राओं ने मुंह मीठा करवा कर खुशियां मनाई। स्थानीय विद्यालय में बुधवार को प्राचार्य शंकर लाल मीना द्वारा भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष शौकीन राठौर, भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मीना, समाजसेवी सीपी योगी का तिलक एवं माला पहनाकर मुंह मीठा कराकर आभार जताया।</p>
<p><strong>एक वर्ष से नहीं बनाई दाढ़ी </strong><br />स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय की मांग को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मीना ने एक वर्ष से अपनी दाढ़ी नहीं बनाई। उन्होंने दृढ़ संकल्पित होकर पिछले वर्ष जुलाई में कहा था कि जब तक विज्ञान संकाय नहीं खुलता में दाढ़ी नहीं बनाऊंगा। अब स्वीकृति प्राप्त हुई हे जल्द ही अपना संकल्प पूरा करेंगे।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति का जताया आभार</strong><br />भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मीना ने स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय खुलने की स्वीकृति प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभुलाल सैनी, मोतीलाल मीना, सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीना व दैनिक नवज्योति का आभार प्रकट किया। रमेशचंद वर्मा, सतीश तोषनीवाल, मधुबाला मीना, ओमप्रकाश प्रजापत, सीताराम कुमावत, शिवांगी दाधीच, रामराज मीना, धर्मसिंह मीना, अशोक लाठी, चंद्रशेखर स्वर्णकार सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कस्बे के राउमावि में विज्ञान संकाय खुलवाने की मांग को लेकर विगत एक वर्ष से प्रयासरत थे। हम सब लोगों का प्रयास एवं मेहनत रंग लाई। अब क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को देवली, कोटा या बूंदी नहीं जाना पड़ेगा।<br /><strong>-सीमा मीणा, प्रशासक, ग्राम पंचायत पेच की बावड़ी </strong></p>
<p>स्थानीय विद्यालय में विज्ञान संकाय में जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान विषय में अब छात्र-छात्राएं इसी सत्र में 11 वीं कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।<br /><strong>-शंकरलाल मीना, प्राचार्य, राउमावि, पेच की बावड़ी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---science-faculty-opened--students-will-not-have-to-go-outside/article-119356</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---science-faculty-opened--students-will-not-have-to-go-outside/article-119356</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 17:48:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/news8.png"                         length="453304"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में 8 पायदान का सुधार, फिर भी पाकिस्तान से नीचे, टॉप पर फिनलैंड </title>
                                    <description><![CDATA[लिस्ट के टॉप-5 देशों की बात करें तो फिनलैंड पहले, डेनमार्क दूसरे, आईसलैंड तीसरे, स्वीडन चौथे और नीदरलैंड पांचवें नंबर पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-world-happiness-report-indias-rankings-improved-8-places/article-108150"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(4)26.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया के खुशहाल देशों की लिस्ट (वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2025) जारी की है। मौजूदा साल 2025 की इस लिस्ट में कुल 147 देशों को शामिल किया गया है। भारत को इसमें 118वां स्थान मिला है। ये स्थिति काफी कमजोर दिखती है लेकिन बीते साल के लिहाज से भारत की रैंकिंग में सुधार आया है। 2024 में भारत को 126वां स्थान मिला था। इस साल आठ पायदान के सुधार के साथ भारत का नंबर 118वां है। इस लिस्ट की मानें तो फिलिस्तीन, यूक्रेन समेत कई युद्धग्रस्त देशों के लोग भारतीयों से ज्यादा खुश हैं। फिनलैंड एक बार फिर से दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना है। यह लगातार आठवां साल है, जब फिनलैंड ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। इस लिस्ट में युद्ध, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दे से घिरे यूक्रेन, मोजाम्बिक, ईरान, इराक, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, कांगो, युगांडा, गाम्बिया और वेनेजुएला जैसे देशों की रैंकिंग भारत से बेहतर है। भारत हालिया वर्षों में 2022 ही में टॉप-100 में जगह बनाने में कामयाब हुआ था।</p>
<p><strong>सबसे खुशहाल और कम खुश देश</strong><br />इस लिस्ट के टॉप-5 देशों की बात करें तो फिनलैंड पहले, डेनमार्क दूसरे, आईसलैंड तीसरे, स्वीडन चौथे और नीदरलैंड पांचवें नंबर पर है। वहीं खबसे कम खुशहाल देश यानी नीचे से रैंकिग देखी जाए तो अफगानिस्तान सबसे नीचे (147वां नंबर) है। सिएरा लियोन को 146वां, लेबनान 145, मालावी 144 और जिम्बाब्वे को 143वां नंबर मिला है। ब्रिटेन को 23वां और अमेरिका को 24वां नंबर मिला है। इस लिस्ट में पाकिस्तान की रैंकिंग 109 है। वह भारत से 9 पायदान ऊपर है। खुशहाल देशों की इस रिपोर्ट को 147 देशों के लोगों की जीवन की गुणवत्ता के मूल्यांकन के आधार पर बनाया जाता है। यह रिपोर्ट लोगों से ऐसे सवाल पूछकर बनाई जाती है कि वे अपने जीवन से कितने खुश है। इसके अलावा दूसरी चीजें भी देखी जाती हैं, जैसे कि लोगों के पास कितना पैसा है।</p>
<p><strong>ऐसे बनती है रिपोर्ट</strong><br />रिपोर्ट कहती है कि दूसरों के साथ भोजन करना, सामाजिक समर्थन के लिए किसी का साथ होना, परिवार का आकार और दूसरों की दयालुता पर विश्वास करना जैसे कारक खुशहाली में अहम भूमिका निभाते हैं। उदाहरण के लिए, जो लोग मानते हैं कि दूसरे उनका खोया हुआ बटुआ लौटा देंगे, वहां की जनसंख्या में खुशी देखी जाती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-world-happiness-report-indias-rankings-improved-8-places/article-108150</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-world-happiness-report-indias-rankings-improved-8-places/article-108150</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 11:38:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer-%284%2926.png"                         length="406631"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - वर्षों से लंबित रोटेदा-मंडावरा सड़क निर्माण का रास्ता साफ</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने लगातार समाचार प्रकाशित कर प्रमुखता के साथ उठाया था मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---the-way-has-been-cleared-for-the-construction-of-the-roteda-mandawara-road-which-was-pending-for-years/article-107791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(1)58.png" alt=""></a><br /><p>बूढ़ादीत। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से रोटेदा-मंडावरा लिंक सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से वन विभाग की स्वीकृति नहीं मिलने से सड़क निर्माण कार्य अटका हुआ था। बीते दिनों नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी मिल गई है। सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों आतिशबाजी कर खुशी जताई और लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने लगातार समाचार प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग दूदू-नैनवां स्टेट हाइवे 37-ए को भी जोड़ता है। इस सड़क के निर्माण की मांग कई दशकों से की जा रही थी। लेकिन आम सहमति न बनने और इसका कुछ हिस्सा घड़ियाल अभयारण्य एवं वन विभाग की भूमि में होने के कारण कार्य रुका हुआ था। अब वन विभाग की आपत्तियां दूर हो जाने के बाद इस मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ी करण संभव हो सकेगा।इस सड़क के शुरू होने से कोटा और बूंदी की दूरी घट जाएगी। साथ ही बारां से बूंदी की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। वर्तमान में बारां से कापरेन, लाखेरी और नैनवां जाने के लिए कोटा होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन इस नए मार्ग के खुलने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ कोटा, बूंदी और बारां के यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। क्षेत्रवासियों ने इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त किया। जिला परिषद सदस्य प्रेरणा गौतम, भाजपा नेता देवेश भारद्वाज, केके नागर मेहराना, लोकेश बावंता, बनवारी लाल नागर, रामसिंह गुर्जर आदि ने बिरला का आभार जताया है। </p>
<p><strong>पूर्व विधायक ने करवाया था हाइवे मार्ग का निर्माण कार्य  </strong><br />जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में बजट घोषणा में उक्त सड़क मार्ग के लिए पूर्व विधायक रामनारायण मीणा के प्रयास से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 12 करोड रुपए की स्वीकृति की गई थी। जिसमें से करीब 4 किलोमीटर सड़क मार्ग में उक्त हाइवे मार्ग का निर्माण कार्य होना था। परंतु गणेश मंदिर से सीताराम गौशाला तक करीब 3 करोड़ की लागत से उक्त सड़क मार्ग का निर्माण कार्य ही हो पाया। परंतु अब बाकी बची शेष राशि का निर्माण कार्य वन विभाग से स्वीकृति मिलने पर जल्द शुरू हो जाएगा।</p>
<p><strong>एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर मनाई खुशी</strong><br />सोमवार को जैसे ही मंडावरा रोटेदा हाईवे मार्ग कि नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने स्वीकृति जारी की, वैसे ही क्षेत्र में खुशी की लहर छा गई। मंडावरा में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया। आतिशबाजी कर व एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर खुशी मनाई। भाजपा कोटा देहात जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर, पूर्व उप प्रधान महेंद्र सनाढ्य, भाजपा मंडल अध्यक्ष चेतराम मीना, कन्हैया लाल गुर्जर, सरपंच मोहन लाल वर्मा, सरपंच भैरूलाल सुमन, सरपंच प्रतिनिधि कुंजबिहारी मालव, हरीश शर्मा सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति की खबर पर हुई थी राशि स्वीकृत</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने मंडावरा-रोटेदा हाइवे मार्ग की समस्या को लेकर प्रमुखता से कई बार खबरें प्रकाशित की थीं। जिसके बाद वर्ष 2023 के बजट सत्र में 12 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई थी। साथ ही अब नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। अब राहगीरों एंव क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा होगी।</p>
<p><strong>मौजूदा विधायक ने विधानसभा में उठाया था मामला </strong><br />इस बजट सत्र में पीपल्दा विधायक चेतन पटेल कोलाना द्वारा मंडावरा-रोटेदा हाइवे मार्ग में नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड द्वारा आ रही परेशानी के संबंध में सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने पुरजोर तरीके से विधानसभा में मामले को उठाया था। पीपल्दा विधानसभा के कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आम जनता ने विधायक कोलाना का आभार जताया है। स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी की लहर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---the-way-has-been-cleared-for-the-construction-of-the-roteda-mandawara-road-which-was-pending-for-years/article-107791</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---the-way-has-been-cleared-for-the-construction-of-the-roteda-mandawara-road-which-was-pending-for-years/article-107791</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:36:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer-%281%2958.png"                         length="583961"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का-महीनों बाद मिला मालिकाना हक तो खिले लोगों के चेहरे</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद जनप्रतिनिधि और निगम प्रशासन हरकत में आया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---people-s-faces-lit-up-when-they-got-ownership-rights-after-months/article-102472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(6)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पिछली सरकार के समय प्रशासन शहरों के संग अभियान में बने मकानों के 170 पट्टे बुधवार को नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से दिए गए। महीनों बाद मालिकाना हक मिलने पर लोगों के चेहरे प्रसन्न से खिल उठे। नगर निगम कोटा दक्षिण में  आयोजित समारोह में इन पट्टों का वितरण किया गया। महापौर राजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के दौरान फोर्टवाल प्रभावित  स्कीम प्रभावित निवासियों के बारे में फैसला आया था। जिसके बाद इनके पटटे बनाने का कार्य किया गया था। पट्टे तैयार होने के बावजूद  अक्टूबर 2023 में विधानसभा चुनाव की आंचार संहिता लगने से कारण उस समय काफी  पट्टों का वितरण नहीं हो सका था। जिन लोगों के पट्टे लम्बित चल रहे थे। उनके द्वारा अपनी समस्या को लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला व विधायक संदीप शर्मा को बताया था। उनके द्वारा उच्चाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गऐ। राज्य सरकार से मार्गदर्शन मिलने के बाद  करीब 170 पट्टों का वितरण किया गया।  महापौर ने बताया कि  फोर्टवाल  स्कीम प्रभावित क्षेत्र केशवपुरा सेक्टर 4, रामतलाई, रेतवाली, मोखापाड़ा, न्यू साबरमती कॉलोनी, कैथूनीपोल, श्रीपुरा, गुमानपुरा व छावनी क्षेत्र के निवासियों को अपना मालिकाना हक के रूप में पट्टे दिए गए।  मालिकाना हक से वंचित लोगों को जब पट्टे सौंपे तो सभी के चेहरों पर खुशी झलक रही थी।  इस मौके पर महापौर राजीव अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष विवेक राजंवशी, उपमहापौर पवन मीणा, आयुक्त दक्षिण अनुराग भार्गव, आयुक्त उत्तर अशोक कुमार त्यागी, अतिरिक्त आयुक्त उत्तर जवाहर लाल जैन, उपायुक्त प्रथम महेश गोयल, उपायुक्त द्वितीय दयावती सैनी, उप नगर नियोजक सत्यनारायण राठौर, पार्षद सुरेन्द्र राठौर, योगेन्द्र सिंह राजावत, पी.डी. गुप्ता, आरती शाक्यवाल, लक्ष्मी मेहरा, नंद  कंवर हाड़ा, रतन बाई और  पार्षद प्रतिनिधि ओमप्रकाश मेहरा व वेद प्रकाश कश्यप उपस्थित रहें।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />सरकार बदलने के बाद तैयार पट्टे नहीं मिलने से परेशान हो रहे लोगों की पीड़ा को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 11 जनवरी के अंक में पेज 4 पर‘ मालिकाना हक का बढ़ता जा रहा इंतजार’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान तैयार पट्टे भी नगर निगम नहीं बांट पा रहा है। सरकार की ओर से पट्टों के वितरण संबंधी आदेश भी जारी कर दिए थे। लेकिन उसके बाद भी पट्टे नहीं मिलने से लोग निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इस संबंध में लोगों की पीड़ा जाहिर की गई थी। उस समय दोनों निगमों के महापौर ने बताया था कि शीघ्र ही पट्टे बांटने की कार्यवाही की जाएगी।  नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद जनप्रतिनिधि और निगम प्रशासन हरकत में आया। उच्चाधिकारियों से मार्ग दर्शन मिलने के बाद कोटा दक्षिण में 170 पट्टों का वितरण किया गया है। सूत्रों के अनुसार अभी भी बड़ी संख्या में तैयार पट्टे हैं। कोटा उत्तर निगम में भी पट्टे तैयार है। जिनका लोगों को इंतजार है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---people-s-faces-lit-up-when-they-got-ownership-rights-after-months/article-102472</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---people-s-faces-lit-up-when-they-got-ownership-rights-after-months/article-102472</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 13:21:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/78-%286%299.png"                         length="455747"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कान्स फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट चले राजस्थानी गायक मामे खान, मुख्यमंत्री ने जताई खुशी</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान की लोक संगीत की समृद्ध परंपरा के लिए उल्लेखनीय है। मामे खान को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं: गहलोत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news---rajasthani-singer-mame-khan-walked-the-red-carpet-at-cannes-film-festival--chief-minister-expressed-happiness/article-9981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/mame-khan.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि खुशी की बात है कि राजस्थानी गायक मामे खान कान्स फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर चलने वाले भारत के पहले लोक कलाकार बन गए हैं। यह राजस्थान की लोक संगीत की समृद्ध परंपरा के लिए उल्लेखनीय है। मामे खान को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।<br /><br />गहलोत ने कहा कि इस दिन 1974 में भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण स्माइलिंग बुद्धा तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में और हमारे वैज्ञानिकों और सैन्य अधिकारियों के प्रयासों और योगदान के साथ किया था। उन्हें मेरी श्रद्धांजलि, जिन्होंने भारत की परमाणु यात्रा में एक नया अध्याय लिखा।<br /><br />मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर कहा कि  संग्रहालयों के महत्व पर प्रकाश डालें, जो मानव सभ्यताओं की विरासत का प्रवेश द्वार हैं और हमें बीते युग के बारे में गहरी जानकारी प्रदान करते हैं। सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक भवन के लिए भी संग्रहालय महत्वपूर्ण हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news---rajasthani-singer-mame-khan-walked-the-red-carpet-at-cannes-film-festival--chief-minister-expressed-happiness/article-9981</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news---rajasthani-singer-mame-khan-walked-the-red-carpet-at-cannes-film-festival--chief-minister-expressed-happiness/article-9981</guid>
                <pubDate>Wed, 18 May 2022 14:25:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/mame-khan.jpg"                         length="51119"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> भले बधाल ‘पाक साफ’ हों,  भ्रष्टाचारियों में खुशी की लहर!, सबसे ज्यादा ट्रैप करने वाले एएसपी वर्मा का आरएएस संघ के दबाव में तबादला</title>
                                    <description><![CDATA[2019 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिस्टल देकर किया था सम्मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--even-if-the-changes-are-pak-clean--there-is-a-wave-of-happiness-among-the-corrupt/article-9153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/narotam.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। घूसखोरों के लिए सिरदर्द बने एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम वर्मा का तबादला गृह विभाग ने बुधवार रात पुलिस मुख्यालय में एडिशनल एसपी सीआईडी सीबी इन्वेस्टीगेशन के पद पर कर दिया। जयपुर में कुछ दिन पूर्व आरएएस बधाल को बिना नियमों के पूछताछ के लिए बुलाने के बाद आरएएस एसोसिएशन ने इस मामले को बड़ी गम्भीरता के साथ लिया और कार्रवाई करने का दबाव बनाया था। बेहतर कार्य के लिए सीएम अशोक गहलोत ने वर्मा को वर्ष 2019 में पिस्टल देकर सम्मानित किया था।</p>
<p><br /><strong>राज्य की सेवा के लिए छोड़ी केन्द्र की नौकरी</strong><br />एएसपी वर्मा झुंझुनूं के मुकुन्दगढ़ के रहने वाले हैं। इन्होंने स्नातक बीए ऑनर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज से की और दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही एलएलबी और एलएलएम किया। इस दौरान यूपीएससी का एग्जाम दिया, जिसमें अलाइड सर्विस में सलेक्शन हुआ लेकिन राजस्थान में आकर सेवा करने के लिए वह नौकरी छोड़ दी और आरपीएससी की परीक्षा दी। वर्ष 2001 में डिप्टी बने वर्मा ने कई पदों पर कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2009 में एसीबी ज्वॉइन की। दो साल बीकानेर रहने के बाद एसीबी मुख्यालय लगाया गया। <br /><br /><strong>वर्मा ट्रैप की प्लानिंग के मास्टर माइंड</strong> <br />राजस्थान एसीबी के कार्यशैली को लेकर अन्य राज्यों की एसीबी भी जयपुर आकर काम करने के तरीकों को जानती थी। नरोत्तम वर्मा ने कई बार अन्य राज्यों से आने वाले सीनियर ऑफिसरों को ट्रैप के तरीके, रिकॉर्डिंग, फैक्ट फाइल वर्क एविडेंस की जानकारी देते थे।<br /><br /><strong>वर्मा के अहम ट्रैप</strong><br />    बायोफ्यल अर्थोरिटी सीआईओ सुरेन्द्रसिंह राठौड़ और क्लर्क ट्रैप राठौड़ से मिले चार करोड़ रुपए <br />    दौसा एसपी आईपीएस मनीष अग्रवाल ट्रैप<br />    दौसा आरएएस पिंकी मीणा- आरएएस संजय मित्तल ट्रैप<br />    एनएचएम में एक साथ पांच लोगों को रंगे हाथों ट्रैप किया<br />    कोटा में सीनियर डिविजनल इंजीनियर को ट्रैप किया, 55 लाख कैश मिला <br />    नसीराबाद में आर्मी कैंट एरिया में जाकर ऑडिटर और एकाउंटेड को ट्रैप किया <br />    भरतपुर में पॉल्यूशन कंट्रोल के रीजनल ऑफिसर को ट्रैप किया<br />    सीजीएसटी के सुप्रीटेंडेंट और इंस्पेक्टर को ट्रैप किया<br />    सीबीआई का इंस्पेक्टर को जमीनों को पट्टा लेते हुए 40 लाख की रिश्वत <br />    लेते गिरफ्तार <br />    जेडीए में आरएएस डीजी को किया ट्रैप</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--even-if-the-changes-are-pak-clean--there-is-a-wave-of-happiness-among-the-corrupt/article-9153</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--even-if-the-changes-are-pak-clean--there-is-a-wave-of-happiness-among-the-corrupt/article-9153</guid>
                <pubDate>Thu, 05 May 2022 12:57:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/narotam.jpg"                         length="58556"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहला सुख निरोगी काया, शरीर स्वस्थ तो कोई काम असंभव नहीं: राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[डिग्रियां पाकर स्टूडेंट्स के चेहरे खिले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--first-happiness-healthy-body--healthy-body-then-no-work-is-impossible--governor-rajasthan-university-of-health-sciences--seventh-convocation-held--students--faces-blossomed-after-receiving-degrees/article-7684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/7n.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के इस सातवें दीक्षान्त समारोह के शुभ अवसर पर छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आप सबको बधाई देते हुए इस अवसर पर उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। उन्होंने कहा-भारतीय संस्कृति में पहला सुख निरोगी काया माना गया।,हमारे यहां कहा गया है कि स्वस्थ शरीर यदि है तो फिर जीवन में अन्य सभी कार्य संभव किए जा सकते हैं ।</p>
<p> </p>
<p>राज्यपाल ने कहा कीअश्विनीकुमारों से चिकित्सा का विषद् ज्ञान इन्द्र को मिला और इन्द्र द्वारा बाद में भारद्वाज ऋषि को और इसके बार फिर आगे भी इसी तरह यह ज्ञान की परम्परा हमारे यहां चलती आयी है। पिछले दो वर्ष कोविड-19 महामारी के फैलाव और दुष्परिणामों के रहे,मुझे ज्ञात है, इस विकट दौर में आर. यू.एच.एस. अस्पताल एवं एस. एम. एस. अस्पताल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैं युवा चिकित्सकों से कहना चाहता हूं कि वे गांव और सुदूर क्षेत्रों में जाकर वहां प्रचलित रोगों का अध्ययन करें और वहाँ चिकिसकीय सेवाओं को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इससे पहले राज्यपाल ने मेडिकल स्टूडेंट्स को डिग्रियां वितरित की।</p>
<p><br />दीक्षांत समारोह में चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, प्रमुख सचिव वैभव गालरिया,  वाईस चांसलर डॉ सुधीर भंडारी सहित कई चिकिसक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली के निदेशक पद्मश्री डॉ रणदीप गुलेरिया को डॉक्टर ऑफ़ साइंस की उपाधि से नवाजा गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--first-happiness-healthy-body--healthy-body-then-no-work-is-impossible--governor-rajasthan-university-of-health-sciences--seventh-convocation-held--students--faces-blossomed-after-receiving-degrees/article-7684</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--first-happiness-healthy-body--healthy-body-then-no-work-is-impossible--governor-rajasthan-university-of-health-sciences--seventh-convocation-held--students--faces-blossomed-after-receiving-degrees/article-7684</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 16:15:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/7n.jpg"                         length="48733"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्माइली इमोजी से बयां की खुशी : प्रदेश के पहले बेबी फीडिंग रूम सुविधा पर 800 माताओं ने कहा-शुक्रिया... हवामहल!</title>
                                    <description><![CDATA[पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधीन आने वाले किले, महलों और संग्रहालयों में पर्यटकों की सुविधार्थ कुछ ना कुछ नई गतिविधियां करता रहता है। कुछ ऐसी ही गतिविधी जुलाई, 2017 में हवामहल स्मारक में शुरू की थी, जिसे बच्चों की माताओं ने सहारा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/smiley-emoji-expressed-happiness--800-mothers-on-the-state-s-first-baby-feeding-room-facility-said-%E2%80%93-thank-you%E2%80%A6-hawa-mahal/article-5044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/54.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के अधीन आने वाले किले, महलों और संग्रहालयों में पर्यटकों की सुविधार्थ कुछ ना कुछ नई गतिविधियां करता रहता है। कुछ ऐसी ही गतिविधी जुलाई, 2017 में हवामहल स्मारक में शुरू की थी, जिसे बच्चों की माताओं ने सहारा। दरअसल स्मारक में भ्रमण के लिए पर्यटकों के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी साथ आते हैं। इन बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखकर यहां बेबी फिडिंग रूम बनाया गया। जहां माताएं भूख लगने पर बच्चों को दुग्धपान कराती हैं। तब से लेकर अब तक करीब 3 हजार से अधिक माताओं ने इस व्यवस्था का लाभ उठाया। इसमें से 800 से अधिक माताओं ने व्यवस्था को देखकर अपनी स्वेच्छा विजिटर बुक में सुविधा के बारे में अपने विचार लिखकर हवामहल प्रशासन को शुक्रिया कहा। <br /><strong><br />केवल हवामहल में बेबी फिडिंग रूम</strong><br />पुरातत्व विभाग के प्रदेश में संग्रहालयों और किलो-महलों को मिलाकर तकरीबन 29 से अधिक मॉन्यमेंट्स हैं। बेबी फिडिंग रूम की सुविधा केवल हवामहल स्मारक में ही देखने को मिल रही है। इसके अतिरिक्त विभाग के किसी अन्य जिलों में स्थित मॉन्यूमेंट्स में इस तरह की सुविधा नहीं है। स्मारक आने वाले अन्य पर्यटकों का कहना है कि यहां की तरह अन्य पर्यटन स्थलों पर भी बेबी फिडिंग रूम की सुविधा होनी चाहिए। <br /><br /><br /><strong>डोरेमॉन, स्पाइडर मैन देख चेहरे पर आती है मुस्कान</strong><br />स्मारक परिसर के अंदर बनाए गए बेबी फिडिंग रूम में जाते ही रोते हुए नन्हें-मुन्नों के चेहरों पर मुस्कान आ जाती है। यहां माताएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को दुग्धपान कराती हैं। साथ ही यहां उनके लिए डोरेमॉन, स्पाइडर मैन जैसे कॉर्टून कैरेक्टर्स के खिलौने भी हैं, जो रोते हुए चेहरों पर नन्हीं मुस्कान ला देते हैं।<br /><br /><strong>ये कहा माताओं ने</strong><br />हमें यहां बच्चों को दूध पिलाने की सुविधा बहुत अच्छी लगी। - <strong>ईशा, दिल्ली</strong><br /><br />यहां छोटे बच्चों के लिए अच्छी व्यवस्था है। किसी अन्य पर्यटन स्थलों पर इस तरह की सुविधा नहीं है। -<strong> प्रियंका सैनी, जोधपुर</strong><br /><br />अपने शिशुओं को लेकर स्मारक में भ्रमण के लिए आने वाली माताओं की सुविधार्थ शिशुपान कक्ष बनाया था। यहां वे बच्चों को दुग्धपान करवा सकती हैं। साथ ही बच्चों को यहां आकर खूब आनन्द आता है। - <strong>सरोजनी चंचलानी, अधीक्षक, हवामहल स्मारकु</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/smiley-emoji-expressed-happiness--800-mothers-on-the-state-s-first-baby-feeding-room-facility-said-%E2%80%93-thank-you%E2%80%A6-hawa-mahal/article-5044</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/smiley-emoji-expressed-happiness--800-mothers-on-the-state-s-first-baby-feeding-room-facility-said-%E2%80%93-thank-you%E2%80%A6-hawa-mahal/article-5044</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Feb 2022 12:53:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/54.jpg"                         length="154100"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> चौथे बजट में मुख्यमंत्री ने जड़ा शानदार चौका: आम अवाम, पर्यटन क्षेत्र और किसानों में खुशी की लहर </title>
                                    <description><![CDATA[बजट पर व्यापारियों की अलग-अलग राय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-fourth-budget--the-chief-minister-made-a-great-surprise--a-wave-of-happiness-among-the-common-people--tourism-sector-and-farmers/article-4876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/15.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश का बजट जारी होने के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। कोई बजट की तारीफ कर रहा है तो कोई बजट से निराशा जाहिर कर रहा है। बात करें व्यापारी वर्ग की, तो फोर्टी के उपाध्यक्ष गिरिराज खंडेलवाल ने प्रदेश के आम बजट को विकास के नए सौपान रचने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी के साथ ही व्यापार एवं उघोग जगत के लिए यह शानदार बजट है। जिसमें जनता पर कोई अतिरिक्त भार नहीं है, लेकिन राहत का पिटारा है। इससे बेहतर और जनकल्याणकारी बजट नहीं हो सकता। <br /><br /></p>
<p><strong>पर्यटन को उघोग का दर्जा देने से प्रदेश में प्रगति, निवेश और रोजगार की नई उड़ान </strong><br />उन्होंने कहा कि पर्यटन को उघोग का दर्जा देने से प्रदेश में प्रगति, निवेश और रोजगार की नई उड़ान देखने को मिलेगी क्योंकि राजस्थान में पर्यटन अर्थव्यवस्था की बहुत महत्वपूर्ण धुरी है। सभी संवर्ग के सरकारी कर्मचारियों को वर्ष 2004 से पेंशन का पुनः लाभ देकर एक बड़ा जनहित का फैसला लिया गया है। आम जनता को चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में दस लाख तक का कवर दिया गया है जो कि बहुत बड़ा जनकल्याणकारी फैसला है। गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि राजधानी जयपुर को भी नयी सौगातें मिली हैं। जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर एज्युकेशन हब, जयपुर मेट्रो का अजमेर हाइवे और दिल्ली हाइवे तक विस्तार ऐसे ही बड़े कदम हैं। बजट में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना निगम की स्थापना और दुग्ध उत्पादन पर पांच रूपये प्रति लीटर का अनुदान अत्यंत क्रांतिकारी कदम है। खंडेलवाल ने कहा कि ईआरसीपी के लिए 9600 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना से प्रदेश में विकास का एक नया माहौल बनेगा। <br /><br /></p>
<p><strong>कृषि बजट 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक</strong><br />गिरिराज खंडेलवाल ने कहा किवार्षिक कुल कृषि बजट 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। यह प्रदेश के विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम है। सभी कृषक योजनाओं को मिशन के रूप में लिया गया है। प्रदेश में बकाया कृषि कनेक्शन दो साल में आवंटित करने तथा कृषक साथी योजना के लिए पांच हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान शानदार कदम हैं। <br /><strong><br /></strong></p>
<p><strong>बजट में प्रस्तावित 1500 करोड़ रुपये की राशि से राजस्थानी स्मार्ट सिटी योजना</strong><br />गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि बजट में प्रस्तावित 1500 करोड़ रुपये की राशि से राजस्थानी स्मार्ट सिटी योजना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की सड़क देने के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान , पर्यटन विकास कोष के लिए एक हजार करोड़ की का प्रावधान इत्यादि कदम प्रदेश में विकास के नये प्रतिमान रचेंगे। गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि अपने चौथे बजट में मुख्यमंत्री ने जनता का दिल जीतने वाला एक शानदार चौका जड़ा है। जिससे आम अवाम में खुशी की लहर है। प्रदेश के पहले कृषि बजट से किसानों में अपार उत्साह है।<br /><strong><br />बजट में की योजनाओं व राहतों की बौछार</strong><br />अखिल राज्य ट्रेड एण्ड इण्डस्ट्री एसासियेशन ने बताया कि  मुख्यमंत्री  द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत किया और इसे वृहद विकासोन्मुखी बजट बताया, जिसमें योजनाओं व राहतों की बौछार माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई है। सभी क्षेत्रों यथा स्वास्थ्य, षिक्षा, उद्योग, कृषि, युवा, महिला, पर्यटन, आमजन सभी के लिये कुछ ना कुछ बजट में दिया गया है। कोरोना की मार झेलने के बाद भी इस प्रकार का बजट प्रस्तुत किया गया है जो सही मायने में बेहद सराहनिय है।</p>
<p><strong>व्यापार व उद्योग में बढोतरी </strong><br />32 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, बाडमेर के पचपदरा में 383 वर्ग किलोमीटर में पैट्रोकैमिकल इनवेस्टमेंट रीजन के विकास, तकनीक आधारित इण्डस्ट्रीज के लिए मल्टी स्टोरीज इण्डस्ट्रीयल कॉम्पलेक्स की घोषणा, राजस्थान औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन किये जाने, सर्विस सेक्टर, एमएसएमई व स्टार्टअप्स् को सस्ता दरों पर प्लग एण्ड प्ले सुविधा कराने के लिये राजीव गांधी नॉलेज सर्विस एवं इनोवेषन हब बनाने से राज्य के व्यापार व उद्योग में बढोतरी होगी और निवेष का वातावरण बनेगा।<br /><br /></p>
<p><strong>आम मध्यमवर्गीय लोगों को राहत </strong><br />100 यूनिट बिजली पर 50 यूनिट फ्री तथा 150 यूनिट पर 3/- रुपए प्रति यूनिट के अनुदान से आम मध्यमवर्गीय लोगों को राहत मिलेगी। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु स्कूटीयों का वितरण, सैकण्डरी स्कूलों को सीनियर सैकण्डरी में क्रमोन्नत करना, मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रावासों का निर्माण। प्रदेष में पुरानी पेंषन योजना फिर से लागू किया जाना, 1.33 करोड चिरंजीवी परिवार की महिलाओं को स्मार्टफोन के जरिये संचारक्षेत्र से जोडने से आमजन में सरकार के प्रति विश्वास ओर प्रबल होगा।</p>
<p><strong>टेंट कारोबारी निराश </strong><br /> रवि जिंदल, चेयरमेन, राजस्थान टेंट डीलर्स किराया व्यवसाय समिति ने बजट में टैंट नगर के लिए भूमि , टैंट व्यवसाय को उद्योग का दर्जा ,एवं किसान क्रेडिट कार्ड की तरह सेवा क्रेडिट कार्ड की घोषणा नहीं करना टैंट वैडिंग इंडस्ट्रीज़ के 5 लाख व्यापारी इस बजट से निराश है।  मुख्यमंत्री इस पर पुनः विचार कर हमें राहत प्रदान करें ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-fourth-budget--the-chief-minister-made-a-great-surprise--a-wave-of-happiness-among-the-common-people--tourism-sector-and-farmers/article-4876</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-fourth-budget--the-chief-minister-made-a-great-surprise--a-wave-of-happiness-among-the-common-people--tourism-sector-and-farmers/article-4876</guid>
                <pubDate>Wed, 23 Feb 2022 17:57:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/15.jpg"                         length="195438"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        