<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/little/tag-11967" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>little - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/11967/rss</link>
                <description>little RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> 11 साल की उम्र में 40 पदक जीत चुकी है नन्ही गोल्फर</title>
                                    <description><![CDATA[ सिर्फ 11 साल की उम्र और मात्र ढाई साल का खेल करियर। गुलाबी नगर की नन्ही गोल्फर शिक्षा जैन 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है, जबकि इतने ही टूर्नामेंटों में सिल्वर या ब्रांज मेडल शिक्षा के नाम रहे हैं। रामबाग गोल्फ क्लब की शिक्षा जैन ने दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित एनसीआर कप गोल्फ टूर्नामेंट का गोल्ड जीत अपनी कामयाबी में एक ताज जोड़ दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/little-golfer-has-won-40-medals-at-the-age-of/article-12703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rr2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर।</strong> सिर्फ 11 साल की उम्र और मात्र ढाई साल का खेल करियर। गुलाबी नगर की नन्ही गोल्फर शिक्षा जैन 20 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है, जबकि इतने ही टूर्नामेंटों में सिल्वर या ब्रांज मेडल शिक्षा के नाम रहे हैं। रामबाग गोल्फ क्लब की शिक्षा जैन ने दिल्ली गोल्फ क्लब में आयोजित एनसीआर कप गोल्फ टूर्नामेंट का गोल्ड जीत अपनी कामयाबी में एक ताज जोड़ दिया। शिक्षा ने दो बर्डी के साथ कुल 135 का स्कोर बनाया और दूसरे स्थान पर रही अपनी प्रतिद्वंद्वी को 19 स्ट्रोक पीछे छोड़ खिताब पर कब्जा किया। शिक्षा ने दो दिन के टूर्नामेंट में 11 ओवर का स्कोर खेला और 25 पार और तीन बर्डी बना लोगों का दिल जीत लिया। शिक्षा अब तक 5 एनसीआर जूनियर खिताब जीत चुकी है। शिक्षा अमेरिका के पाइन हर्स्ट में अगले साल होने वाले यूएस किड्स वर्ल्ड चैंपियनशिप समेत कई टूर्नामेंटों के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। <br /><br />मात्र ढाई साल पहले रामबाग गोल्फ कोर्स से शुरुआत करने वाली शिक्षा का लक्ष्य देश के लिए 2028 में ओलंपिक खिताब जीतना है और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह प्रतिदिन 8 से 9 घंटे अभ्यास करती है। शिक्षा ने कहा कि वे ओलंपिक में गोल्ड जीतकर भारत में गोल्फ के खेल को श्रेष्ठतम स्तर पर ले जाना चाहती हैं, जैसे 1983 का वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्रिकेट को प्रोत्साहन मिला। इसके लिए उनका जोर उचित प्रशिक्षण और फिटनेस पर है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों का मुकाबला कर सकें। उन्होंने कहा कि विदेश में सफलता के लिए आंतरिक स्ट्रेंथ और स्ट्रोंग फिजिक जरूरी है।  <br /><br /><strong>दंगल की बबिता से मिली प्रेरणा</strong><br />शिक्षा जब मात्र 4 साल की थी तब पिता सन्नी जैन ने दंगल फिल्म में बबिता फोगाट के किरदार से प्रभावित होकर शिक्षा की खेलों में कामयाबी का सपना देखा। शिक्षा ने बैडमिंटन से शुरुआत की। उसने ट्रेनिंग की और टूर्नामेंट भी खेले लेकिन ज्यादा रुझान ने देख पिता ने उसका खेल बदला। सात साल की उम्र में शिक्षा ने रामबाग गोल्फ कोर्स से गोल्फ की शुरुआत की और शानदार सफलता हासिल की। शिक्षा अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच को देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/little-golfer-has-won-40-medals-at-the-age-of/article-12703</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/little-golfer-has-won-40-medals-at-the-age-of/article-12703</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 14:49:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/rr2.jpg"                         length="40220"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बिसात पर दिग्गजों को चुनौती दे रहे हैं नन्हे शातिर</title>
                                    <description><![CDATA[कोविड काल में सीखी शतरंज,अब नेशनल में उतरे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sports--jaipur--little-vicious-ones-are-challenging-the-giants-on-the-chessboard/article-9157"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/sports.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पहली बार जयपुर में खेली जा रही नेशनल अमेच्योर शतरंज चैंपियनशिप में जहां विक्रम माखीजा, मुकेश मण्डलोई, आयुष जैन और अर्पित सक्सेना सरीखे राजस्थान के सीनियर खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, वहीं कई नन्हे शातिर भी शतरंज की बिसात पर दिग्गजों को चुनौती देते देखे जा सकते हैं। वैशाली नगर स्थित एक निजी रिसोर्ट में चल रही इस प्रतियोगिता में 26 राज्यों के पांच सौ से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 182 खिलाड़ी राजस्थान से हैं। राजस्थान शतरंज एसोसिएशन के सचिव अशोक भार्गव के अनुसार पहली बार यहां हो रही इस प्रतियोगिता के जरिए प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी रेटिंग बढ़ाने का मौका मिलेगा।<br /><br /><strong>कोविड काल में सीखी शतरंज,अब नेशनल में उतरे</strong><br />उदयपुर के मात्र सात साल के विहान सिंह अंडर-1700 रेटिंग वर्ग में अपने से कहीं सीनियर खिलाड़ियों को चुनौती दे रहे हैं। विहान टूर्नामेंट में अभी नॉन रेटेड खिलाड़ी हैं। तीसरी कक्षा के छात्र विहान ने बताया कि दो साल पहले लॉकडाउन के दौरान फिजिकल एक्टिविटी बन्द थी। मेंटल एक्टिविटी के तौर पर ऑनलाइन शतरंज शुरू की। रुचि बढ़ी तो उदयपुर के ही एक शतरंज खिलाड़ी से ऑनलाइन ट्रेनिंग ली। विहान इसी साल बांसवाड़ा में हुई अंडर-8 स्टेट चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहे। अपने आयु वर्ग में विहान जिला स्तर की प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहे थे।<br /><br /><strong>आरोही को विरासत में मिला शतरंज का खेल</strong><br />टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही आठ साल की आरोही शर्मा को तो शतरंज का खेल विरासत में मिला है। पिता तरुण शर्मा राजस्थान के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। आरोही ने शतरंज की ट्रेनिंग पिता से ही ली और तीन साल से राजस्थान की स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही है। एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल की छात्र आरोही इसी साल राजस्थान स्टेट चैंपियनशिप में अंडर-10 आयु वर्ग का खिताब जीत चुकी है, वहीं अंडर-14 चैंपियनशिप में वह तीसरे स्थान पर रही। आरोही का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना है। <br /><br /><strong>दिल्ली कॉमनवेल्थ शतरंज में 7वें स्थान पर रही आशी</strong><br />अंडर-1700 रेटिंग वर्ग में हिस्सा ले रही जयपुर की आशी उपाध्याय मात्र 13 साल की है लेकिन अंडर-11 और अंडर-13 वर्ग में स्टेट चैंपियन बन चुकी है। आशी मौजूदा टूर्नामेंट में तीन दौर के बाद 2.5 अंकों के साथ सातवें स्थान पर चल रही है। आशी ने बताया कि शतरंज के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनन्द की पुस्तक से प्रेहित होकर खेल की शुरुआत की और अब तक वह दस नेशनल टूर्नामेंटों में हिस्सा ले चुकी है। दिल्ली में 2018 में हुई कॉमनवेल्थ शतरंज में आशी अंडर-10 वर्ग में सातवें स्थान पर रही। आशी के पिता ललित शर्मा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं और जयपुर में ही तैनात हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/sports--jaipur--little-vicious-ones-are-challenging-the-giants-on-the-chessboard/article-9157</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/sports--jaipur--little-vicious-ones-are-challenging-the-giants-on-the-chessboard/article-9157</guid>
                <pubDate>Thu, 05 May 2022 13:59:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/sports.jpg"                         length="55902"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रियंका-निक की नन्हीं राजकुमारी का नामकरण: बच्ची का पूरा नाम मालती मैरी चोपड़ा जोनास </title>
                                    <description><![CDATA[ 'मालती' एक भारतीय नाम है, जिसका अर्थ एक छोटा सुगंधित फूल होता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/priyanka-nick-s-little-princess-christening--baby-girl-s-full-name-is-malti-marie-chopra-jonas/article-8321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/priyanka-chopra-.jpg" alt=""></a><br /><p>लॉस एंजिलिस। पूर्व मिस वर्ल्ड और अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और उनके पति निक जोनास की बेटी का नाम यदि आप जानना चाहते है, तो हम आपको बता दे कि इनकी बेटी को मैरी चोपड़ा जोनास के नाम से जाना जाएगा। पूर्व मिस वर्ल्ड एवं अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और उनके पति निक जोनास ने अपनी बच्ची के जन्म के तीन माह बाद आखिरकार उसका नामकरण कर दिया है।<br /><br />अमेरिकी टैबलॉयड टीएमजेड ने प्रियंका-निक की बेटी का जन्म प्रमाण पत्र हासिल करने का दावा करते हुए बताया कि बच्ची का पूरा नाम मालती मैरी चोपड़ा जोनास रखा गया है। 'मालती' एक भारतीय नाम है, जिसका अर्थ एक छोटा सुगंधित फूल होता है। हिन्दी और संस्कृत साहित्य में मालती का अर्थ चांद, चांदनी और रात भी होता है।<br /><br />अखबार ने कहा कि उसे उम्मीद थी कि होली तक, या नवरात्रि की 'कन्यापूजा' या बैसाखी पर बच्ची के नाम का खुलासा किया जायेगा, लेकिन बच्ची की माता-पिता ने इसे अब तक रहस्य बनाये रखा है। प्रमाण पत्र के मुताबिक बच्ची का जन्म 15 जनवरी को रात आठ बजे के बाद सैन डिएगो के एक अस्पताल में हुआ था। प्रियंका और निक ने जनवरी में सरोगेसी के जरिये अपनी संतान के जन्म की रोमांचक खबर साझा की थी, हालांकि तब उन्होंने यह नहीं बताया था कि बेटे का जन्म हुआ है या बेटी का। प्रियंका ने तब सोशल मीडिया पर लिखा था कि हमें यह पुष्टि करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमने सरोगेट के जरिये अपनी नवजात बच्ची का स्वागत किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/priyanka-nick-s-little-princess-christening--baby-girl-s-full-name-is-malti-marie-chopra-jonas/article-8321</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/priyanka-nick-s-little-princess-christening--baby-girl-s-full-name-is-malti-marie-chopra-jonas/article-8321</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Apr 2022 17:58:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/priyanka-chopra-.jpg"                         length="46730"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यूजीलैंड ने आखिरी लीग मैच जीतने के बाद भी प्लेऑफ में क्वालिफाई करने की उम्मीद बहुत कम</title>
                                    <description><![CDATA[न्यूजीलैंड ने अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान को 71 रन से एकतरफा अंदाज में हरा दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/new-zealand-have-little-hope-of-qualifying-for-the-playoffs-even-after-winning-the-last-league-match/article-6787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/new-zealand-women.png" alt=""></a><br /><p>क्राइस्टचर्च। अनुभवी सलामी बल्लेबाज सूजी बेट्स 126 के शानदार शतक और हना रोवे 55 रन पर पांच विकेट की घातक गेंदबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने यहां शनिवार को 2022 आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान को 71 रन से एकतरफा अंदाज में हरा दिया। उसके हालांकि प्लेऑफ में क्वालिफाई करने की संभावना बहुत कम है। <br /><br />न्यूजीलैंड ने आखिरी मैच में बड़ी जीत के साथ न केवल दो अंक हासिल किए, बल्कि अपने नेट रन रेट को भी बेहतर किया। इसके बावजूद उसका टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत मुश्किल है। न्यूजीलैंड केवल एक ही स्थिति में सेमीफाइनल में पहुंच सकता है, अगर इंग्लैंड और भारत अपने-अपने आखिरी लीग मैचों में बड़े अंतर से हारते हैं। <br /><br />उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड सात लीग मैचों में से तीन मैच जीत कर छह अंकों और +0.027 के नेट रन रेट के साथ अंक तालिका में छठे स्थान पर है। वहीं इंग्लैंड और भारत छह मैचों में तीन हार और तीन जीत के साथ छह अंक लेकर  क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। इंग्लैंड का नेट रन रेट +0.778 है जो भारत से थोड़ा सा बेहतर है। भारत का नेट रन रेट +0.768 है। दोनों टीमों को रविवार को अपना-अपना आखिरी लीग मैच खेलना है। इंग्लैंड जहां बंगलादेश, वहीं भारत दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा। ऐसे में न्यूजीलैंड इंग्लैंड और भारत के बड़े अंतर से हारने पर ही क्वालिफाई कर सकता है। <br /><br />न्यूजीलैंड ने शनिवार के मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए बेट्स की 14 चौकों के सहारे 135 गेंदों पर 126 की शानदार शतकीय पारी की बदौलत 50 ओवर में आठ विकेट पर 265 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। फिर जवाब में तेज गेंदबाज हना की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान को 50 ओवर में नौ विकेट पर 194 रन पर रोक कर मैच जीत लिया। हना ने 10 ओवर में 55 रन पर सर्वाधिक पांच विकेट लिए। बेट्स को हालांकि मैच विजयी पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। पाकिस्तान की तरफ से अनुभवी ऑलराउंडर निदा दार ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने गेंदबाजी में 10 ओवर में 39 पर सर्वाधित तीन विकेट लेने के बाद बल्लेबाजी में पांच चौकों और एक छक्के के सहारे 53 गेंदों पर 50 रन की अर्धशतकीय पारी खेली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/new-zealand-have-little-hope-of-qualifying-for-the-playoffs-even-after-winning-the-last-league-match/article-6787</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/new-zealand-have-little-hope-of-qualifying-for-the-playoffs-even-after-winning-the-last-league-match/article-6787</guid>
                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 18:25:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/new-zealand-women.png"                         length="385779"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संडे स्टोरी: दमखम के खेल में ‘नन्हे कदम’ : पोलो और घुड़सवारी में पल रहे अब बेटियों के अरमान</title>
                                    <description><![CDATA[ साहस, दमखम और रोमांच के खेल पोलो और घुड़सवारी में पुरुष खिलाड़ियों का वर्चस्व रहा है लेकिन जिस तरह नौजवान लड़कियों का रुझान इस खेल की ओर बढ़ रहा है, कहा जा सकता है आने वाले समय में महिलाएं भी पीछे नहीं रहेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A4%96%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E2%80%98%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E2%80%99---%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%8B-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A5%9C%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-4302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/4.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। साहस, दमखम और रोमांच के खेल पोलो और घुड़सवारी में पुरुष खिलाड़ियों का वर्चस्व रहा है लेकिन जिस तरह नौजवान लड़कियों का रुझान इस खेल की ओर बढ़ रहा है, कहा जा सकता है आने वाले समय में महिलाएं भी पीछे नहीं रहेंगी। जयसिंहपुरा स्थित जयपुर राइडिंग एण्ड पोलो क्लब में 8-9 साल से 14 साल की कई नन्ही लड़कियां घोड़ों पर अपने कर्तब दिखाती देखी जा सकती हैं। ऐसी ही कुछ और एकेडमियां जयपुर में चल रही हैं। राजस्थान पोलो क्लब पिछले तीन-चार साल से खेल में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए दिया कुमारी फाउंडेशन के जरिए जयपुर पोलो सत्र में महिलाओं के लिए अलग से मैच रहा है लेकिन खेल के लिए देशभर से पूरी आठ महिला खिलाड़ी भी नहीं मिल पातीं। पिछले वर्ष जयपुर सत्र में मोनिका सक्सेना, राजवी सेन, सान्या सुहाग, विजयश्री शेखावत, निकिता पंडित, एश्ले पारीख, संजुला मान और शिवांगी सिंह खेलीं। इनमें जयपुर से सिर्फ दो खिलाड़ी संजुला मान और शिवांगी सिंह हैं।<br /><br />  <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>रुद्राक्षी शेखावत</strong></span></span></span><br />ओलंपियन बास्केटबाल खिलाड़ी जोरावर सिंह के परिवार की रुद्राक्षी शेखावत के पिता डीपी सिंह भी बास्केटबाल के राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं लेकिन बेटी का रुझान घुड़सवारी में है। एमजीडी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा रुद्राक्षी छह साल से हॉर्स राइडिंग कर रही हैं और शो जंपिंग और पोलो के खेल में नाम कमाना चाहती हैं। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>रिया       सिया अग्रवाल </strong></span></span></span><br />एमजीडी स्कूल की ही रिया और सिया अग्रवाल भी हॉर्स जम्पिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं।  तेरह साल की रिया और सिया जुड़वां बहनें हैं और चार साल से जेआरपीसी में खेल के गुर सीख रही हैं। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>आध्या बिश्नोई</strong></span></span></span><br />मात्र नौ साल की आध्या जेआरपीसी में ट्रेनिंग ले रही सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। आध्या नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ रही है और टेलीविजन पर हॉर्स राइडिंग का रोमांच देख इस खेल की ओर आकर्षित हुईं। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>परीक्षिता राठौड़</strong></span></span></span><br />चौदह साल की परीक्षिता बड़ी बहन को हॉर्स राइडिंग करते देख इस खेल की ओर आकर्षित हुई। एमजीडी की परीक्षिता ने करीब डेढ़ साल पहले कोरोना लॉकडाउन के दौरान ही घुड़सवारी की ट्रेनिंग शुरू की।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>तेजस्वी राणावत</strong></span></span></span><br />भीलवाड़ा की तेजस्वी का परिवार अब वैशाली नगर में रह रहा है। तेजस्वी को बचपन से ही घोड़ों से लगाव रहा और एक साल से वह घुड़सवारी से जुड़ी हैं। चौदह साल की तेजस्वी का सपना इस खेल में शीर्ष मुकाम हासिल करना है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>अभिश्री सिंह </strong></span></span></span><br />अभिश्री का सपना है घुड़सवारी में देश की नुमाइंदगी करना और इसी सपने को पूरा करने के लिए तीन साल से ट्रेनिंग कर रही हैं। अजमेर मेयो गर्ल्स स्कूल की 13 वर्षीय अभिश्री के भाई अभिराज सिंह भी हॉर्स राइडिंग से जुड़े हैं।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>नायशा शेखावत</strong></span></span></span><br />ग्यारह साल की नायशा भांकरोटा में डीपीएस में 5 वीं की छात्रा है। परिवार के साथ रणथम्भोर घूमने गई नायशा ने पहली बार हॉर्स सफारी की और वहीं से हॉर्स राइडिंग का शौक जगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A4%96%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E2%80%98%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E2%80%99---%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%8B-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A5%9C%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-4302</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A4%96%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E2%80%98%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E2%80%99---%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%8B-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A5%9C%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-4302</guid>
                <pubDate>Sun, 06 Feb 2022 15:04:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-02/4.jpg"                         length="185709"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        