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                <title>strength - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दिव्यांगों का सामर्थ्य किसी से कम नहीं, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना हम सबका दायित्व : दिलावर </title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दिव्यांग जनों का सामर्थ्य किसी से कम नहीं बताते हुए कहा है कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना हम सबका दायित्व हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-strength-of-the-disabled-is-not-less-than-anyone/article-123868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/madan-dilawar-2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दिव्यांग जनों का सामर्थ्य किसी से कम नहीं बताते हुए कहा है कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना हम सबका दायित्व हैं। दिलावर रविवार को यहां समावेशी शिक्षा के तहत नेताजी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय छात्रावास, डाईट परिसर में विशेष आवश्यकता वाले 34 विद्यार्थियों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह उपकरण एएलआईएमसीओ कानपुर से प्राप्त हुए हैं, जिन्हें दिलावर ने बच्चों को सौंपा।</p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चे सामर्थ्य में किसी से कम नहीं हैं। उनमें कई विशिष्ट खूबियां होती हैं और इतिहास साक्षी है कि विशेष योग्यता वाले जनों ने सृष्टि के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह छात्र देश का भविष्य हैं और राष्ट्र के विकास में उनका योगदान अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आत्मनिर्भर भारत के लिए कृतसंकल्पित हैं। दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩा और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि प्रत्येक व्यक्ति की सामथ्र्य के अनुसार सेवा करें और मानवता का परिचय दें। यह सभी लोगों की परीक्षा है कि किस प्रकार से जरूरतमंद की मदद कर हम ईश्वर द्वारा दिए गए मानव जीवन को सार्थक बनाते हैं। </p>
<p>दिलावर ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए पॉलिथिन का प्रयोग न करें तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से प्रत्येक छात्र के साथ खड़ी है उन्होंने कहा राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास के उद्देश्य के साथ पूर्ण संवेदनशीलता से कार्य कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Aug 2025 18:53:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने दिखाई कूटनीतिक मजबूती</title>
                                    <description><![CDATA[चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन हाल ही संपन्न हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/india-showed-diplomatic-strength/article-119184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rtroer-(7).png" alt=""></a><br /><p>चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन हाल ही संपन्न हुआ। भारत के दृष्टिकोण से यह सम्मेलन न केवल कूटनीतिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी अहम रहा। क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का एक प्रमुख अवसर भी सिद्ध हुआ। आतंकवाद पर जारी संयुक्त घोषणापत्र पर भारत के हस्ताक्षर नहीं करने से उसे रद्द करना पड़ा। जो भारत की आतंकवाद के प्रति कूटनीतिक दृढ़ता की परिचायक है। सिंह की सम्मेलन में शिरकत ऐसे समय पर हुई जब वैश्विक और क्षेत्रीय राजनीति में तेजी के साथ कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध जारी है। हाल ही ईरान और इजराइल के बीच युद्ध विराम हुआ है, लेकिन तनाव तो फिर भी जारी है।</p>
<p>चीन की बढ़ती आक्रामकता और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जैसे मुद्दे चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में इस क्षेत्रीय संगठन के मंच पर भारत को अपने दृष्टिकोण और रणनीतिक हितों को स्पष्ट करने का अवसर मिला। सम्मेलन में भारतीय रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि कुछ देश आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यह विशेष रूप से पाकिस्तान को दिया गया तीखा राजनीतिक संदेश था। चीन का नाम लिए बगैर दुनिया को आगाह किया कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंड अपनाने से बचना चाहिए।</p>
<p>चीन के प्रभाव वाले इस क्षेत्रीय संगठन में और उसकी ही अध्यक्षता में आयोजित हुए सम्मेलन में संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर सिंह ने पाकिस्तान के आतंकवादी मंसूबों को छिपाने के चीनी प्रयासों पर भी पानी फेर दिया। जबकि संगठन का मुख्य उद्देश्य आतंक और अलगाव के खिलाफ रणनीति बनाने और उनका समाधान निकालने का है। ऐसे में इन मुद्दों को लेकर संगठन में साफ दरारें दिखाई दीं। बता दें कि पाकिस्तान की शह पर पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर दौरान चीन ने पाकिस्तान को हथियार और खुफिया सूचनाएं देकर उसकी बड़ी मदद की थी। आश्चर्य इस बात का भी रहा कि दस सदस्यीय देशों वाले इस संगठन के संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर नहीं करने वाला भारत अकेला देश रहा।</p>
<p>संगठन में हर सदस्य के पास वीटो पावर है। वह इस पर हस्ताक्षर करे या ना करे। किसी एक के भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न होने पर वह पारित नहीं होता। भारत को उम्मीद थी कि इस प्रस्ताव में पहलगाम आतंकी हमले का हवाला शामिल होगा। लेकिन आश्चर्य बलूचिस्तान का हवाला जरूर था, लेकिन पहलगाम का कोई हवाला ही नहीं था। एक खास बात भारत ने जिस तरीके से आतंकवाद के मुद्दे को उठाया उसे उम्मीद थी रूस की ओर से मिलने वाले समर्थन से उसके पक्ष में संतुलन बहाल होगा। लेकिन रूसी मौन जरूर खला। यह भी सत्य है कि पाकिस्तान पूरी तरह चीनी सुरक्षा के कवच में आ चुका है।</p>
<p>दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अपने दूसरे कार्यकाल में नजरिया बदल गया है। उनका अब पाकिस्तान के प्रति झुकाव दिख रहा है। ऐसे में भारत को अब विभिन्न वैश्विक मंचों पर अपने दम पर अपनी आवाज को प्रभावी तरीके से सतत उठाते रहना होगा। सम्मेलन के इतर भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अन्य सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं हुईं। सिंह की चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से हुई बातचीत में सीमा के स्थाई सीमांकन सहित चार प्रमुख कदमों पर जोर दिया गया। जो चार सुझाव मिले उनमें सीमा पर स्थापित तंत्र सक्रिय कर स्थाई हल निकाला जाने, स्थिरता के लिए अच्छे पड़ोसी जैसे हालात बनाने की जरूरत, एलएसी से वर्तमान व्यवस्थाओं के माध्यम से सैनिकों की वापसी, तनाव कम करने पर जोर दिया गया।</p>
<p>सीमांकन मुद्दों पर प्रगति हासिल करने के लिए विभिन्न स्तरों पर परामर्श जारी रखने पर सहमति बनी। लेकिन चीन की अब तक की गतिविधियों को देखते हुए भारत को सदैव सतर्क बने रहना होगा। सिंह की रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोसौव से हुई बातचीत में सुखोई-30 एमकेआई विमानों को अपग्रेड करने और एस-400 मिसाइल सिस्टम की शेष दो यूनिटों की जल्दी आपूर्ति पर बातचीत हुई। दरअसल भारत के पास करीब ढाई सौ सुखोई विमान हैं। इनको अपग्रेड करने के लिए बातचीत चल रही है। रूस इन विमानों के लिए अत्याधुनिक एएल41 इंजन देने को तैयार है, जो सुखोई57 में इस्तेमाल हो रहा है। इससे इन विमानों को नया जीवन मिल जाएगा।</p>
<p>कुल मिलाकर भारत, एससीओ मंच को कनेक्टिविटी हब की तरह देखता है जो चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के मुकाबले एक वैकल्पिक संरचना खड़ी कर सकता है। इस बार सम्मेलन में भारत की ओर से चीन और पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से संतुलित संदेश दिया गया। संवाद के लिए तत्परता और आक्रामकता के विरुद्ध अपना स्पष्ट रुख जाहिर किया।</p>
<p><strong>-महेश चंद्र शर्मा</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 11:49:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नौसेना में शामिल होगा स्टील्थ फ्रिगेट तमाल, रूस में बने युद्धपोत से पश्चिमी बेड़े को मिलेगी नई ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय नौसेना में जल्द ही एक और शक्तिशाली युद्धपोत शामिल होने वाला है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/stealth-frigate-tamal-will-join-the-navy-western-fleet-will/article-115720"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(1)27.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय नौसेना में जल्द ही एक और शक्तिशाली युद्धपोत शामिल होने वाला है। रूस में बना तमाल नाम का यह आधुनिक फ्रिगेट (युद्धपोत) जून के अंत तक भारतीय नौसेना में शामिल हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, तमाल फ्रिगेट को रूस के कलिनिनग्राद स्थित यांतर शिपयार्ड में कमीशन किया जाएगा। यह युद्धपोत सितंबर तक भारत के पश्चिमी तट पर पहुंचेगा। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री शक्ति और मजबूत होगी। एक अधिकारी ने बताया कि यह मुंबई स्थित पश्चिमी बेड़े का हिस्सा होगा। तमाल, रूस के साथ हुए 2.5 बिलियन डॉलर के सौदे का हिस्सा है। इस सौदे में भारत के लिए चार और क्रिवक/तलवार श्रेणी के फ्रिगेट शामिल हैं। इनमें से दो यांतर शिपयार्ड में और बाकी दो रूस से तकनीक लेकर गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में बनाए जाएंगे।</p>
<p><strong>समंदर में और ताकतवर हो रहा है भारत :</strong></p>
<p>इस सौदे के तहत पहला फ्रिगेट, आईएनएस तुशील, पिछले साल दिसंबर में यांतर शिपयार्ड में कमीशन किया गया था। यह फरवरी में भारत पहुंचा था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में इसे नौसेना में शामिल किया गया था। राजनाथ सिंह ने इस युद्धपोत को भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति का गर्वपूर्ण प्रमाण और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया था। तुशील और तमाल उन्नत क्रिवाक श्रेणी के फ्रिगेट हैं। ऐसे छह युद्धपोत पहले से ही सेवा में हैं। इनमें तीन तलवार श्रेणी के जहाज हैं, जो सेंट पीटर्सबर्ग के बाल्टिक शिपयार्ड में बने हैं। बाकी तीन तेग श्रेणी के जहाज हैं, जो यांतर शिपयार्ड में बने हैं।</p>
<p><strong>यह पिछली तेग श्रेणी के फ्रिगेट से दोगुना है :</strong></p>
<p>इन नए फ्रिगेट में लगभग 26% स्वदेशी सामान हैं। यह पिछली तेग श्रेणी के फ्रिगेट से दोगुना है। इसमें 33 कंपनियों का योगदान है, जिनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, ब्रह्मोस एयरोस्पेस (भारत-रूस का संयुक्त उद्यम) और नोवा इंटीग्रेटेड सिस्टम्स (टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी) शामिल हैं। इन नए फ्रिगेट में कई आधुनिक हथियार लगे हैं। इनमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, उन्नत मध्यम दूरी की एंटी-एयर और सरफेस गन, आॅप्टिकली नियंत्रित क्लोज-रेंज रैपिड फायर गन सिस्टम, टारपीडो और रॉकेट शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 13:32:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमारी पार्टी की ताकत को कम आंकना एक भूल होगी : कार्यकर्ताओं का जोश ऊंचा, नवीन पटनायक ने कहा- कार्यकर्ता ही संगठन की असली संपत्ति </title>
                                    <description><![CDATA[पटनायक ने पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजद की संगठनात्मक ताकत को किसी को भी कम नहीं आंकना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/a-mistake-will-be-a-mistake-to-underestimate-the-strength/article-111402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy88.jpg" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक में कहा कि उनके कार्यकर्ताओं का जोश ऊंचा है और उनकी पार्टी की ताकत को काम आंकना भूल होगी। बीजद के लगातार 9वें कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुने जाने के बाद पटनायक ने पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजद की संगठनात्मक ताकत को किसी को भी कम नहीं आंकना चाहिए। बीजद कार्यकर्ताओं का जोश बहुत ऊंचा है। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संगठन की असली संपत्ति बताया। </p>
<p>पटनायक ने 2000-24 के दौर को ओडिशा के विकास का स्वर्णिम युग बताया। ओडिशा में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 147 सदस्य विधानसभा में 78 सीटों पर जीत के साथ पटनायक के लंबे शासन काल को समाप्त करते हुए ओडिशा में पहली बार शासन संभाला। बीजद को 51 सीटों पर सफलता मिली और पार्टी विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Apr 2025 10:57:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लिवाली के बल पर शेयर बाजार लगातार चौथे दिन हरे निशान पर </title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर तेल एवं गैस और एनर्जी जैसे समूहों में हुयी लिवाली के बल पर शेयर बाजार मंगलवार को लगातार चौथे दिन हरे निशान में रहने में सफल रहा। हालांकि इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त दर्ज की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/the-stock-market-on-the-green-mark-for-the-fourth-consecutive-day-on-the-strength-of-buying/article-13173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sensex6.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर तेल एवं गैस और एनर्जी जैसे समूहों में हुयी लिवाली के बल पर शेयर बाजार मंगलवार को लगातार चौथे दिन हरे निशान में रहने में सफल रहा। हालांकि इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 16.17 अंकों की मामूली बढ़त लेकर 53177.45 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 18.15 अंकों की तेजी के साथ 15850.20 अंक पर रहा। छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली का जोर देखा गया जिससे बीएसई का मिडकैप 0.18 प्रतिशत चढ़कर 22030.45 अंक पर और स्मॉलकैप 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 24965.24 अंक पर रहा। <br /><br />बीएसई में शामिल समूहों में से तेल एवं गैस में सबसे अधिक 2.54 प्रतिशत और एनर्जी में 2.45 प्रतिशत की तेजी रही। इसी तरह से सीडी में सबसे अधिक 1.49 प्रतिशत और टेलीकॉम में 1.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। बीएसई में कुल 3416 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 1793 हरे निशान में और 1486 कंपनियां लाल निशान में रही जबकि 137 में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी बड़े सूचकांक हरे निशान में दिखे। ब्रिटेन का एफटीएसई 1.27 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.98 प्रतिशत, जापान का निक्केई 0.66 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 0.85 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.89 प्रतिशत की बढ़त में रहा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 18:50:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बड़ों को प्रणाम करने से बढ़ता है आयु और बल</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। संस्कृत अकादमी में विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय संस्कार-संस्कृति शिविर के तीसरे और अन्तिम दिन स्वतन्त्रता आन्दोलन और युवा तथा मीडिया, सोशल मीडिया और युवा विषय पर जाने माने पत्रकार और लेखक यशवन्त व्यास, जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक ने अपने विचार रखे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/saluting-elders-increases-life-and-strength/article-13070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/103.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। संस्कृत अकादमी में विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय संस्कार-संस्कृति शिविर के तीसरे और अन्तिम दिन स्वतन्त्रता आन्दोलन और युवा तथा मीडिया, सोशल मीडिया और युवा विषय पर जाने माने पत्रकार और लेखक यशवन्त व्यास, जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक ने अपने विचार रखे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला थे। ये आयोजन झालाना स्थित अकादमी संकुल में  आज़ादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान ललित कला अकादमी, राजस्थान सिंधी अकादमी एवं करुणा संस्थान के संयुक्त तत्त्वावधान में किया जा रहा है। तीन दिवसीय समारोह में चित्रकला प्रतियोगिता, रामायण आधारित प्रश्नमाला और महाभारत आधारित प्रश्नमाला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। समापन पर तीनों प्रतियोगिताओं के विजेताओं को डॉ. बी.डी. कल्ला ने प्रमाण पत्र वितरित किए।<br /> <br /><strong>बड़ों को प्रणाम करने से बढ़ता है आयु और बल- डॉ. बी.डी. कल्ला</strong><br />डॉ. बी.डी. कल्ला ने अपने उद्बोधन में बड़ों को प्रणाम किए जाने की महत्ता पर रोशनी डालते हुए कहा कि जो अपने से बड़ों को प्रणाम करता है उससे उसकी आयु और बल स्वतः ही बढ़ जाते हैं। अगर हम अपने जीवन में आचार्य देव भव, पित्र देवो भव और मात्र देवो भव का भाव जगा लें तो हमारे जीवन की अनेक कठिनाईयां स्वतः ही समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा इनसान के जीवन में सत्य ही सबसे बड़ा धर्म है। मोबाइल के अनावश्यक बढ़ते दुरूप्योग के के प्रति उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि मोबाइल के अनावश्यक इस्तेमाल से बच्चे कई तरह की विकारों और बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को 12वीं कक्षा तक मोबाइल नहीं देने की सलाह दी। कल्ला ने कहा कि इसके बाद बच्चा स्वतः ही परिपक्व हो जाएगा और मोबाइल का सही इस्तेमाल करने का अभ्यस्त हो जाएगा।</p>
<p><br /><strong>इंटरनेट के जरिए ज़िंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है - यशवन्त व्यास</strong><br />इस मौके पर अपने उद्बोधन में यशवन्त व्यास ने कहा कि इंटरनेट का सही इस्तेमाल सीखें क्योंकि इंटरनेट ऐसी चीज है जिसके जरिए ज़िंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा लिखना चाहिए जो असरकारक और सत्य हो। ऐसा लिखें जिसमें संशोधन की गुंजाइश नहीं हो। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी की तारीफ करते हुए कहा कि आज के युवाओं के हौसले ही से दुनिया आगे बढ़ रही है। इससे पूर्व सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक ने स्वतंत्रता आन्दोलन में देश के युवाओं के योगदान पर सारगर्भित और जानकारी से परिपूर्ण उद्बोधन दिया। उन्होंने देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद भगत सिंह, चंदेशेखर आजाद सहित अनेक युवाओं के योगदान को रेखांकित किया।<br /> <br /><strong>चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता</strong><br />सारिका राणा, विनायक घोचक, सीमा मण्डल, रोसी जयकुमार और राज पारीक।<br />रामायण आधारित प्रश्नमाला प्रतियोगिता -आयुष ढोकवाल, पिंकी कुमारी बैरवा, कार्तिकेय शर्मा, ईशान झाला , रोशनी बलाई।<br />महाभारत आधारित प्रश्नमाला प्रतियोगिता -संयुक्ता पापड़ीवाल, नेहा महावर, अनूप जाटव, सम्यक जैन और भार्गवी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jun 2022 18:25:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैप्पी मदर्स डे: बेटियों की जुबानी- मां विश्वास है, मां लड़ने की ताकत है और मां जीत की प्रेरणा है</title>
                                    <description><![CDATA[ यह कहना है जयपुर में खेली जा रही राष्ट्रीय अमेच्योर शतरंज प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई बेटियों का। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--happy-mother-s-day--daughter-s-words---mother-is-faith--mother-is-the-strength-to-fight-and-mother-is-the-inspiration-to-win/article-9335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/16.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। मां सिर्फ ममता, वात्सल्य और त्याग की मूरत ही नहीं बल्कि एक विश्वास है, लड़ने की ताकत है और जीत की प्रेरणा है। यह कहना है जयपुर में खेली जा रही राष्ट्रीय अमेच्योर शतरंज प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई बेटियों का। प्रतियोगिता में आठ दौर की समाप्ति के बाद ये बेटियां इस मुकाम पर हैं कि रविवार को मदर्स डे के दिन अपनी मां को जीत का तोहफा दे सकती हैं। दिल्ली से अपनी मां रीना गुप्ता के साथ आई प्रीशिता गुप्ता अंडर-11 की नेशनल चैंपियन और दिल्ली की स्टेट चैंपियन हैं और यहां अंडर-1700 रेटिंग वर्ग में खिताब की प्रबल दावेदार बनी हैं। अंडर-12 की नेशनल चैंपियन गाजियाबाद (उप्र) की सुरभि गुप्ता भी अंडर-2000 रेटिंग वर्ग में जीत की मजबूत दावेदार हैं और मां उर्मिला गुप्ता को जीत का तोहफा देंगी। गुड़वांग (हरियाणा) से मां विभूति अग्रवाल को साथ आई इश्वी अग्रवाल अंडर-2300 रेटिंग वर्ग में पहली बार राष्ट्रीय खिताब के करीब पहुंच गई हैं। बड़ौदा की प्रियंका शाह प्रतियोगिता में अपनी बेटी श्रेया शाह को लेकर आई हैं। देशभर में कहीं भी प्रतियोगिता हो, प्रियंका बेटी के साथ ही रहती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 13:22:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> एशियाई खेल टलने से निराशा, अब कॉमनवेल्थ में अपनी ताकत दिखाएगी राजस्थान की सुपर मॉम</title>
                                    <description><![CDATA[मां बनने के बाद नेशनल में की शानदार वापसी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sports-news--disappointment-due-to-postponement-of-asian-games--now-super-mom-of-rajasthan-will-show-her-strength-in-commonwealth/article-9332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/15.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय हैमरथ्रोअर मंजू बाला एशियन गेम्स के स्थगित होने से निराश जरूर हैं लेकिन इसी साल बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्हें अपनी ताकत दिखाने का मौका मिलेगा। मंजू इस चुनौती के लिए पूरी तैयारी में हैं। साढ़े पांच साल की बेटी की मां मंजू का कहना है कि उनकी तैयारी पूरी है और वे राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के बेहद करीब हैं। बेटी के जन्म और बैक पेन की परेशानी की वजह से मंजू बाला गत जकार्ता एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाई लेकिन मां बनने के बाद भी खेल के प्रति अपनी दीवानगी और कड़ी मेहनत के बल पर मंजू ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्णिम वापसी की और एशियाई खेल और कामनवेल्थ का टिकट भी हासिल कर लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स बर्मिंघम में 28 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित किए जाएंगे। <br /><br />मां बनने के बाद नेशनल में की शानदार वापसी<br />चूरू के राजगढ़ की बेटी और झुंझुनूं में पिलानी के लाडूंदा गांव की बहू मंजू 2017 में बेटी की मां बनीं और बेटी की देखभाल में समय देने के कारण जकार्ता एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सकीं। मंजू ने 2018 में लखनऊ सीनियर नेशनल में स्वर्णिम जीत के साथ वापसी की और 2021 में पटियाला और 2022 में कालीकट नेशनल में भी स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कालीकट में 64.1 मीटर की दूरी नापते हुए एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ के लिए क्वालीफाई कर लिया।</p>
<p><br /><strong>डिप्रेशन में कृष्णा पूनिया के बारे में जानकर मिली प्रेरणा</strong><br />मंजू ने कहा कि छोटी बच्ची को संभालना और खेल को जारी रखना काफी मुश्किल था लेकिन संयुक्त परिवार में चाचा और मौसी से काफी मदद मिली। बेटी को मौसी के पास छोड़कर प्रेक्टिस के लिए जाती। बैक पेन के कारण भी डिप्रेशन में रही लेकिन कभी हार नहीं मानी। खिलाड़ियों की हिस्ट्री पढ़ी। कृष्णा पूनिया के बारे में जानकर हिम्मत आई। कृष्णा भी खेल के दौरान बैक और नी पेन के कारण काफी तकलीफ में रहीं लेकिन उन्होंने कभी खेल नहीं छोड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 May 2022 13:09:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रूस एस-500 मिसाइलों का बड़े पैमानों पर कर रहा उत्पादन</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन पर लगातार हमलों के बीच रूस अपने हथियारों के जखीरे को और तेजी से बढ़ा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/russia-is-producing-s-500-missiles-on-a-large-scale--defense-system-of-aerospace-will-get-strength/article-8644"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/missile.jpg" alt=""></a><br /><p>मास्को, एएनआइ/स्पुतनिक।  यूक्रेन पर लगातार हमलों के बीच रूस अपने हथियारों के जखीरे को और तेजी से बढ़ा रहा है। रूस ने एस-500 मिसाइल के उत्पादन को तेज कर दिया है। इस मामले की जानकारी देते हुए रूसी रक्षा प्रोद्योगिकी कंपनी अल्माज-एंटे के प्रमुख यान नोविकोव ने कहा कि ये नवीनतम विमान भेदी मिसाइलें रक्षा प्रणाली एस -500 को बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है। ये मिसाइलें रूसी एयरोस्पेस के रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत करेंगी। नोविकोव ने रूसी पत्रिका नेशनल डिफेंस को बताया कि वर्तमान में घरेलू विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवीनतम उपलब्धियों के आधार पर एस-500 प्रणाली का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया गया है। सिस्टम की लड़ाकू क्षमताएं पहले से निर्मित एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और काम्प्लेक्स की क्षमताओं से काफी आगे निकल गई हैं। रूसी एयरोस्पेस रक्षा प्रणाली का आधार बनने के लिए एस-500 बेहद सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा कि रूसी सैनिकों को इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त करा दिया जाएगा। बता दें कि एस-500 प्रोमेथियस जमीन की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है।</p>
<p><br />जिसकी मारक क्षमता 600 किलोमीटर (370 मील) है। यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों, हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और विमानों को रोकने और नष्ट करने के लिए डिजाइन की गई मिसाइल-विरोधी रक्षा क्षमता के साथ एक सार्वभौमिक उच्च ऊंचाई वाला अवरोधन परिसर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Apr 2022 12:38:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिताली राज: अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़कर दिखाया</title>
                                    <description><![CDATA[ पुरस्कार : 2003 की क्रिकेट उपलब्धियों के लिए मिताली राज को 21 सितम्बर 2004 को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/mithali-raj--showed-ahead-on-the-strength-of-her-hard-work/article-5639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/k2new.jpg" alt=""></a><br /><p>मिताली राज का जन्म 3 दिसम्बर 1982 को जोधपुर, राजस्थान में हुआ था। उन्होंने भरतनाट्यम नृत्य में भी ट्रेंनिग प्राप्त की है। <br />क्रिकेट के कारण वह अपनी भरतनाट्यम् नृत्य कक्षाओं से बहुत समय तक दूर रहती थी। तब नृत्य अध्यापक ने उन्हे क्रिकेट और नृत्य में से एक चुनने की सलाह दी थी। उनकी मां लीला राज एक अधिकारी थी। उनके पिता धीरज राज डोराई राज बैंक में नौकरी करने के पूर्व एयर फोर्स में थे। वे स्वयं भी क्रिकेटर रहे हैं, उन्होंने मिताली को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयत्न किया। उसके यात्रा खर्च उठाने के लिए अपने खर्चों में कटौती की। उनकी मां  ने बेटी की के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी ताकि जब खेलों के अभ्यास के पश्चात थकी-हारी लौटे तो वह अपनी बेटी का ख्याल रख सके।   मिताली के माता-पिता ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके कारण वह अपने इस मुकाम तक पहुँच सकी है। मिताली राज ने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में 1999 में पहली बार भाग लिया। यह मैच मिल्टन कीनेस, आयरलैंड में हुआ था जिसमें मिताली ने नाबाद 114 रन बनाए। उन्होंने 2001-2002 में लखनऊ में इंग्लैंड के विरुद्ध प्रथम टैस्ट मैच खेला। मिताली जब प्रथम बार अंतराराष्ट्रीय टेस्ट मैच में शामिल हुईं तो बिना कोई रन बनाए   आउट हो गई। लेकिन अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़कर दिखाया और अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में आज तक का सर्वाधिक स्कोर  बना कर कीर्तिमान स्थापित किया।   <br /> पुरस्कार : 2003 की क्रिकेट उपलब्धियों के लिए मिताली राज को 21 सितम्बर 2004 को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Mar 2022 16:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस के खिलाफ कितनी देर टिकेगा यूक्रेन? जानिए दोनों सेनाओं की ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[पावर इंडेक्स की सूची में रूस दुनिया के 140 देशों की सूची में दूसरे स्थान पर आता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/how-long-will-wkraine-last-against-russia--know-the-strength-of-both-armies/article-4971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/map.jpg" alt=""></a><br /><p>इस बात में कोई संदेह नहीं है कि युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं बल्कि दिमाग से जीता जाता है। अगर यूक्रेन किसी मामले में कमजोर भी है तो वह रूस से काफी दिनों तक संघर्ष कर सकता है।<br /> <br /> ग्लोबलफायर पावर डॉट कॉम के अनुसार पावर इंडेक्स की सूची में रूस दुनिया के 140 देशों की सूची में दूसरे स्थान पर आता है। जबकि, यूक्रेन 22 नबंर पर है। रूस आबादी के मामले में 9वें और यूक्रेन 34वें स्थान पर है। यानी रूस के पास 14.23 करोड़ की आबादी है तो यूक्रेन के पास 4.37 करोड़ की। करीब 9.85 करोड़ का अंतर है।  रूस मौजूदा मैनपावर की ताकत के मामले में 9वें स्थान पर और यूक्रेन 29वें स्थान पर है। यानी रूस की मौजूदा मैनपावर 6.97 करोड़ से ज्यादा है। इनमें से 4.66 करोड़ से थोड़े ज्यादा लोग फिट फॉर सर्विस है। यूक्रेन की मैनपावर 2.23 करोड़ से ज्यादा है। इनमें से 1.56 करोड़ से ज्यादा लोग फिट फॉर सर्विस हैं।</p>
<table style="height:444px;" width="584">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">रूस</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">यूक्रेन</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">सक्रिय सैनिक</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">8.50 लाख</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">2 लाख</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">रिजर्व सैन्य बल</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">2.50 लाख</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">2.50 लाख</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">पैरामिलिट्री फोर्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">2.50 लाख</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">50 हजार</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">एयरक्राफ्ट</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">4173</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">318</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> फाइटर जेट       </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;"> 772   </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;"> 69</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> ट्रांसपोर्ट व्हीकल</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;"> 445    </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">32 </td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> टैंक्स  </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">12,420  </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">2596</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> बख्तरबंद वाहन</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">30,122</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">12,303</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">स्वचालित आर्टिलरी </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">6574 </td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">1067</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">मोबाइल रॉकेट लॉन्चर्स </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">3391</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">  490</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">नौसैनिक फ्लीट             </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">605</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">38</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">एयरक्राफ्ट करियर  </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">1</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">00</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;"> सबमरीन </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">70</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">00</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">विधंव्सक    </td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">15</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">00</td>
</tr>
<tr style="height:41.5833px;">
<td style="width:240.083px;height:41.5833px;"> फ्रिगेट्स  </td>
<td style="width:168.883px;height:41.5833px;">11 </td>
<td style="width:168.867px;height:41.5833px;">01</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">कॉर्वेट्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">86</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">01</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">एयरपोर्ट्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">1218</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">187</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:240.083px;height:41px;">हेलिकॉप्टर्स</td>
<td style="width:168.883px;height:41px;">1543</td>
<td style="width:168.867px;height:41px;">112</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>            <br /><strong>सदस्य बनने के लिए यूरोपीय देश होना जरूरी</strong><br /> नाटो का सदस्य बनने के लिए यूरोपीय देश होना जरूरी शर्त है। हालांकि, अपनी पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से नाटो ने कई अन्य देशों से भी अपने संपर्क स्थापित किए हैं। अल्जीरिया, मिस्र, जॉर्डन, मोरक्को और ट्यूनिशिया भी नाटो के सहयोगी हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भी नाटो की भूमिका रही है।<br /> <br /> <strong>नाटो: 1949 में स्थापना, 30 सदस्य देश <br /> </strong></p>
<p><strong>उत्तर अटालांटिक संधि संगठन </strong><br /> उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय देशों का एक सैन्य संगठन है। इसकी स्थापना 1949 में हुई थी। नाटो का उद्देश्य राजनीतिक और सैन्य माध्यमों से अपने सदस्यों की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी देना है। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद बने इस संगठन का उस समय मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ के बढ़ते दायरे को सीमित करना था। नाटो जब बना तो अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, आइसलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और पुर्तगाल इसके 12 संस्थापक सदस्य थे। वर्तमान में इसके सदस्यों की संख्या 30 है। नॉर्थ मैसेडोनिया साल 2020 में इसमें शामिल होने वाले सबसे नया मेंबर है।<br /> <br /> <strong>नाटो देता है सदस्यों को सुरक्षा का आश्वासन</strong><br /> नाटो के गठन के समय जो समझौता हुआ था उसके तहत इसमें शामिल होने वाले सभी यूरोपीय देशों के लिए खुले दरवाजे की नीति अपनाई गई थी। इसके तहत इसमें कोई भी यूरोपीय देश शामिल हो सकता था। इसके साथ ही इसमें सदस्य देशों के लिए एक सुरक्षा का प्रावधान भी था। इसमें साझा सुरक्षा को लेकर एक घोषणा पत्र में अुनच्छेद भी है। इसके तहत इसके तहत कहा गया है कि यदि कोई बाहरी देश इसके सदस्य देशों पर हमला करता है तो फिर सभी सदस्य देश मिलकर उसकी रक्षा करेंगे। चूंकि, यूक्रेन नाटो का सदस्य नहीं है ऐसे में नाटो के देश सीधे तौर पर उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ सकते हैं। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सीधे तौर पर यूक्रेन की मदद कर रहे हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/how-long-will-wkraine-last-against-russia--know-the-strength-of-both-armies/article-4971</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Feb 2022 12:47:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संडे स्टोरी: दमखम के खेल में ‘नन्हे कदम’ : पोलो और घुड़सवारी में पल रहे अब बेटियों के अरमान</title>
                                    <description><![CDATA[ साहस, दमखम और रोमांच के खेल पोलो और घुड़सवारी में पुरुष खिलाड़ियों का वर्चस्व रहा है लेकिन जिस तरह नौजवान लड़कियों का रुझान इस खेल की ओर बढ़ रहा है, कहा जा सकता है आने वाले समय में महिलाएं भी पीछे नहीं रहेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%80--%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A4%96%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E2%80%98%E0%A4%A8%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E2%80%99---%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%8B-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A5%9C%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-4302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/4.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। साहस, दमखम और रोमांच के खेल पोलो और घुड़सवारी में पुरुष खिलाड़ियों का वर्चस्व रहा है लेकिन जिस तरह नौजवान लड़कियों का रुझान इस खेल की ओर बढ़ रहा है, कहा जा सकता है आने वाले समय में महिलाएं भी पीछे नहीं रहेंगी। जयसिंहपुरा स्थित जयपुर राइडिंग एण्ड पोलो क्लब में 8-9 साल से 14 साल की कई नन्ही लड़कियां घोड़ों पर अपने कर्तब दिखाती देखी जा सकती हैं। ऐसी ही कुछ और एकेडमियां जयपुर में चल रही हैं। राजस्थान पोलो क्लब पिछले तीन-चार साल से खेल में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए दिया कुमारी फाउंडेशन के जरिए जयपुर पोलो सत्र में महिलाओं के लिए अलग से मैच रहा है लेकिन खेल के लिए देशभर से पूरी आठ महिला खिलाड़ी भी नहीं मिल पातीं। पिछले वर्ष जयपुर सत्र में मोनिका सक्सेना, राजवी सेन, सान्या सुहाग, विजयश्री शेखावत, निकिता पंडित, एश्ले पारीख, संजुला मान और शिवांगी सिंह खेलीं। इनमें जयपुर से सिर्फ दो खिलाड़ी संजुला मान और शिवांगी सिंह हैं।<br /><br />  <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>रुद्राक्षी शेखावत</strong></span></span></span><br />ओलंपियन बास्केटबाल खिलाड़ी जोरावर सिंह के परिवार की रुद्राक्षी शेखावत के पिता डीपी सिंह भी बास्केटबाल के राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं लेकिन बेटी का रुझान घुड़सवारी में है। एमजीडी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा रुद्राक्षी छह साल से हॉर्स राइडिंग कर रही हैं और शो जंपिंग और पोलो के खेल में नाम कमाना चाहती हैं। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>रिया       सिया अग्रवाल </strong></span></span></span><br />एमजीडी स्कूल की ही रिया और सिया अग्रवाल भी हॉर्स जम्पिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं।  तेरह साल की रिया और सिया जुड़वां बहनें हैं और चार साल से जेआरपीसी में खेल के गुर सीख रही हैं। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>आध्या बिश्नोई</strong></span></span></span><br />मात्र नौ साल की आध्या जेआरपीसी में ट्रेनिंग ले रही सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। आध्या नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ रही है और टेलीविजन पर हॉर्स राइडिंग का रोमांच देख इस खेल की ओर आकर्षित हुईं। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>परीक्षिता राठौड़</strong></span></span></span><br />चौदह साल की परीक्षिता बड़ी बहन को हॉर्स राइडिंग करते देख इस खेल की ओर आकर्षित हुई। एमजीडी की परीक्षिता ने करीब डेढ़ साल पहले कोरोना लॉकडाउन के दौरान ही घुड़सवारी की ट्रेनिंग शुरू की।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>तेजस्वी राणावत</strong></span></span></span><br />भीलवाड़ा की तेजस्वी का परिवार अब वैशाली नगर में रह रहा है। तेजस्वी को बचपन से ही घोड़ों से लगाव रहा और एक साल से वह घुड़सवारी से जुड़ी हैं। चौदह साल की तेजस्वी का सपना इस खेल में शीर्ष मुकाम हासिल करना है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>अभिश्री सिंह </strong></span></span></span><br />अभिश्री का सपना है घुड़सवारी में देश की नुमाइंदगी करना और इसी सपने को पूरा करने के लिए तीन साल से ट्रेनिंग कर रही हैं। अजमेर मेयो गर्ल्स स्कूल की 13 वर्षीय अभिश्री के भाई अभिराज सिंह भी हॉर्स राइडिंग से जुड़े हैं।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#339966;"><span style="font-size:larger;"><strong>नायशा शेखावत</strong></span></span></span><br />ग्यारह साल की नायशा भांकरोटा में डीपीएस में 5 वीं की छात्रा है। परिवार के साथ रणथम्भोर घूमने गई नायशा ने पहली बार हॉर्स सफारी की और वहीं से हॉर्स राइडिंग का शौक जगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Feb 2022 15:04:15 +0530</pubDate>
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