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                <title>sentence - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को बड़ी राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सजा पर लगाई रोक, सार्वजनिक शांति भंग से जुड़ा है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[बॉम्बे उच्च न्यायालय की कोल्हापुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे की एक महीने की जेल की सजा पर रोक लगा दी है। 2019 के हाईवे विरोध प्रदर्शन मामले में जिला अदालत ने उन्हें शांति भंग करने का दोषी माना था। राणे की अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अंतिम फैसले तक सजा स्थगित रखने का आदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-relief-to-maharashtra-minister-nitish-rane-bombay-high-court/article-152819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/नितेश-राणे.png" alt=""></a><br /><p>कोल्हापुर। बॉम्बे उच्च न्यायालय की कोल्हापुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग ज़िले के पालक मंत्री नितेश राणे की एक महीने की जेल की सज़ा पर रोक लगा दी है। वकील संग्राम देसाई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चार जुलाई 2019 को कंकावली में मुंबई-गोवा हाईवे पर हुए मिट्टी फेंकने के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में तत्कालीन विधायक नितेश राणे के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था।</p>
<p>अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है। हालाँकि, उन्हें सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में भादंस की धारा 504 के तहत दोषी ठहराया गया और एक महीने की जेल तथा एक लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई। ज़िला अदालत के इस फैसले को मंत्री राणे की ओर से कोल्हापुर न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उन्होंने अपील के नतीजे आने तक सज़ा के अमल पर रोक लगाने के लिए भी अर्ज़ी दी थी। सोमवार को दोनों पक्षों ने इस मामले पर बहस की। न्यायाधीश ने राणे द्वारा पेश की गई दलीलों और कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए उन पर लगाई गई जेल की सज़ा पर रोक लगाने का फैसला किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:07:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बच्ची की निर्मम हत्या के दोषी को फांसी की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के आजाद नगर क्षेत्र में आरोपी सद्दाम ने 5 माह पूर्व सात वर्ष की मासूम बच्ची को बुरी नीयत से उठाकर अपने घर ले गया और उसके साथ बुरा काम करने का प्रयास किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sentence-of-hanging-of-the-murder-accused/article-36739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/q-22-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर। मध्य प्रदेश की एक अदालत ने 7 वर्ष की बच्ची को दुष्कर्म के इरादे से लेकर उसकी निर्मम हत्या करने के मामले में दोषी पाए गए एक अभियुक्त को आजीवन कारावास और फांसी की सजा से दंडित किया है। न्यायाधीश सुरेखा मिश्रा ने कल इस मामले की सुनवायी के बाद दोषी पाए गए अभियुक्त को आजीवन कारावास और फांसी की दोहरी सजा से दंडित किया है। शहर के आजाद नगर क्षेत्र में आरोपी सद्दाम ने 5 माह पूर्व सात वर्ष की मासूम बच्ची को बुरी नीयत से उठाकर अपने घर ले गया और उसके साथ बुरा काम करने का प्रयास किया। इसी बीच बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसकी चाकू से 29 बार गोदकर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी।</p>
<p>अभियोजन के अनुसार 23 सितंबर 2022 को आरोपी सद्दाम के द्वारा बच्ची को 29 बार चाकू मारकर हत्या करना पाया जाने से आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। चश्मदीद साक्षियों के कथन लिये गये थे। घटना स्थल से भौतिक साक्ष्य एकत्र किया जाकर प्रकरण में पॉस्को एक्ट और आम्र्स एक्ट का इजाफा किया गया तथा सात अक्टूबर 2022 को प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर विशेष न्याय़ाधीश (पॉक्सो) सुरेखा मिश्रा के न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायाधीश द्वारा मामले की सुनवायी के बाद 31 जनवरी 2023 को आरोपी पर लगाये गये सभी आरोपो को सिद्ध पाया एवं कल दोषी को विभिन्न धाराओं में दोषी पाए जाने आजीवन कारावास एवं मृत्यु दण्ड की दोहरी सजा से दण्डित किया गया।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Feb 2023 12:27:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों से बाल श्रम कराने वाले अभियुक्तों को 14 साल की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 महानगर द्वितीय ने बच्चों से जबरन बाल श्रम कराने और चूडियां बनवाने वाले अभियुक्तों शेरजहां और असद को 14 साल की सजा सुनाई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/14-year-sentenced-at-accused-who-make-children-do-child-labor/article-6623"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/court-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 महानगर द्वितीय ने बच्चों से जबरन बाल श्रम कराने और चूडियां बनवाने वाले अभियुक्तों शेरजहां और असद को 14 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर 2 लाख 82 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर गलता गेट थाना पुलिस ने 2019 में अजंता विहार कॉलोनी के एक आवास में दबिश दी थी, जहां नौ से 14 साल के चार बच्चे चूड़ी बनाते मिले थे।</p>
<p>बच्चों ने बताया कि अभियुक्त उनसे सुबह छह बजे से लेकर रात 12 बजे तक श्रम कराते है। इसके अलावा उन्हें बंद कमरे में रखा जाता है और न भोजन देते है। इसके अलावा परिजनों से बात करने की मांग करने पर उनके साथ मारपीट भी की जाती है। यदि कोई बच्चा बीमार हो जाए, तो उसका इलाज भी नहीं कराया जाता। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से अभियुक्त शेरजहां को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कुछ दिनों बाद असद को गिरफ्तार कर दोनों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Mar 2022 12:29:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मासूम के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले अभियुक्त को फांसी की सजा,  जयपुर जिले में पोक्सो एक्ट के तहत फांसी का पहला केस</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने कहा कि अभियुक्त को सभ्य समाज में जीवित रहने का कोई हक नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%82%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%9C%E0%A4%BE---%E0%A4%9C%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%8B-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B8/article-4336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/justice.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने नरेना थाना इलाके में 11 अगस्त 2021 को चार साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने वाले अभियुक्त सुरेश को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि अभियुक्त को सभ्य समाज में जीवित रहने का कोई हक नहीं है। उसने अपनी काम वासना मिटाने के लिए ना सिर्फ मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसा घृणित कार्य किया, बल्कि बाद में उसकी हत्या भी कर दी। अभियुक्त के कृत्य से पीडित परिवार जीवन भर इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाएगा। गौरतलब है कि अदालत ने गत पांच फरवरी को अभियुक्त को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी करार दिया था।मामले के विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने बताया कि कोर्ट ने इस केस को गंभीर मानते हुए दैनिक सुनवाई की है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 41 गवाहों के बयान दर्ज कराए और केस से जुडे 139 दस्तावेज पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रकरण का दुर्लभतम बताते हुए कोर्ट से अभियुक्त को फांसी की सजा देने का आग्रह किया गया था।</p>
<p><br />मामले के अनुसार परिवादी ने गत 12 अगस्त की सुबह रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी चार साल की बेटी बीती रात पडोस में गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। वहीं थोडी देर बाद पुलिस को सूचना मिली की एक बच्ची की लाश तलाई में तैर रही है। इस पर पुलिस ने बच्ची के शव की शिनाख्त कराई तो वह लापता हुई बच्ची का ही निकला। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि हत्या पूर्व उसके साथ दुष्कर्म व अप्राकृतिक कृत्य भी किया गया था। इस पर पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर अनुसंधान किया और 13 अगस्त को अभियुक्त को गिरफ्तार कर 25 अगस्त को उसके खिलाफ अदालत ने आरोप पत्र पेश कर दिया।</p>
<p><br /><strong>अब आगे क्या</strong></p>
<p>ट्रायल कोर्ट की ओर से अभियुक्त को फांसी की सुनाने के बाद अभियुक्त को सीधे फांसी नहीं दी जाती, बल्कि इसके बाद एक लंबी प्रक्रिया पूरी करनी पडती है। वैसे तो अभियुक्त फांसी की सजा के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकता है, लेकिन यदि अभियुक्त अपील नहीं भी करे तो मामला फिर भी हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आता है। राज्य सरकार ट्रायल कोर्ट के फैसले की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट में डेथ रेफरेंस पेश करती है। हाईकोर्ट इस डेथ रेफरेंस पर सभी पक्षों को सुनकर फैसला देता है। वहीं यदि अभियुक्त भी मामले में अपील करता है तो डेथ रेफरेंस और अपील पर एक साथ सुनवाई होती है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील और राष्ट्रपति के पास दया याचिका भी पेश की जा सकती है। हम कह सकते हैं कि भले ही ट्रायल कोर्ट को फांसी देने का अधिकार हो, लेकिन उसके आदेश को हाईकोर्ट से कंफर्म होना जरूरी होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 10 Feb 2022 15:58:12 +0530</pubDate>
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