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                <title>drones - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>drones RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 : राजनाथ सिंह ने कहा-बदला है वार फेयर का चेहरा, तकनीक के चलते हुये क्रांतिकारी बदलाव, साइबर स्पेस में भी लड़े जा रहे युद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे रक्षा त्रिवेणी का संगम बताया। उन्होंने आधुनिक युद्ध में AI और ड्रोन की भूमिका को गेम चेंजर करार दिया। सिंह ने भारतीय सेना से चौकन्ना रहने और वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/north-tech-symposium-2026-rajnath-singh-said-the-face/article-152620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को संगम नगरी प्रयागराज में शुरु हुये नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 को ज्ञान व शक्ति का महाकुंभ बताते हुये कहा कि यह वास्तव में रक्षा त्रिवेणी का संगम है। राजनाथ सिंह ने तीन दिवसीय कार्यक्रम का उदघाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि हर काल खंड में वार फेयर का चेहरा बदला है,विश्व युद्ध के बाद नई तकनीक का समावेश होते हुए दुनिया ने देखा है। 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी के नए युग का आगाज हुआ है। उन्होने कहा कि यह इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है। आज साइबर स्पेस में भी युद्ध लड़े जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होने कहा कि बीते 10-15 वर्षों में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर उन्होने कहा कि दोनों के बीच पारंपरिक युद्ध शुरू हुआ, लेकिन अब यह युद्ध ड्रोन और सेंसर युद्ध के रूप में गेम चेंजर बनकर उभरा है। आज सब कुछ वैपनाइज किया जा सकता है। आपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे भारतीय सेना का शौर्य याद आता है। ऑपरेशन सिंदूर में आकाश मिसाइल हुए नवीन तकनीक का प्रयोग किया गया था। रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना से सक्रिय ही नहीं बल्कि चौकन्ना भी रहने का आह्वान करते हुये कहा कि तभी हम आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा में नई टेक्नोलॉजी एक साल बाद भी लागू कर सकते हैं,लेकिन सेना में अगर हमने देरी की तो काफी पीछे हो जाएंगे,रक्षा मंत्री ने सेना से सरप्राइज एलिमेंट विकसित करने का आह्वान किया,सरप्राइज एलिमेंट ऐसा हो जिसे दुश्मन देश ने सोचा भी ना हो। उन्होने कहा कि आगे बढ़ने का एक ही मंत्र अनुकूलनशीलता है। सेना में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है, यूपी में डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस का निर्माण किया जा रहा है, यूपी में हाल में ही लोकार्पित गंगा एक्सप्रेसवे को भी डिफेंस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण बताया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई सहूलियन दी गई हैं। रक्षा मंत्री ने इंडस्ट्री और एकेडमिया से अपील की, कि वे डिफेंस कॉरिडोर की तरह नॉलेज कॉरिडोर का भी निर्माण करें। अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि सबके सामूहिक प्रयास से ही भारत विश्व पटल पर सैन्य ताकत के रूप में स्थापित होगा, सबके प्रयासों से ही भारत वैश्विक महाशक्ति बनेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनौतियों को अवसर में बदलने का भी आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:51:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वॉशिंगटन डीसी के सैन्य बेस पर अज्ञात ड्रोन दिखने से हड़कंप: मार्को रूबियो और पीट हेगसेथ की बढ़ाई सुरक्षा, व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन डीसी स्थित फोर्ट मैकनेयर सैन्य बेस के ऊपर रहस्यमयी ड्रोन दिखने से अमेरिकी सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। इसी बेस पर विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के आवास भी हैं। ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच, पेंटागन ने सुरक्षा उपायों को हाई अलर्ट पर कर दिया है और व्हाइट हाउस में आपात बैठक बुलाई गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-sighting-of-an-unidentified-drone-at-the-military-base/article-147065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/drone.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंटगन। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी स्थित एक प्रमुख सैन्य बेस 'फोर्ट मैकनेयर के ऊपर कई अज्ञात ड्रोन देखे जाने के बाद अमेरिकी सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद व्हाइट हाउस में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई और सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, इसी सैन्य बेस पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का निवास स्थान भी है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पिछले 10 दिनों के भीतर एक ही रात में कई ड्रोन देखे गए। ये ड्रोन कहां से आए, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। ड्रोन दिखने के बाद प्रशासन ने रूबियो और हेगसेथ को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर भेजने पर विचार किया था, हालांकि फिलहाल दोनों अपने वर्तमान आवास पर ही बने हुए हैं।</p>
<p>प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 28 फरवरी से ईरान पर शुरू हुए अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद से अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर है। इस घटना के बाद अलर्ट स्तर को और अधिक बढ़ा दिया गया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने रक्षा मंत्री हेगसेथ की सुरक्षा और उनकी आवाजाही पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए इसे अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:15:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिका का कड़ा रूख, ईरान-वेनेजुएला हथियार व्यापार को लेकर लगाए नए प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[ अमेरिका ने ईरान और वेनेजुएला के बीच कथित तौर पर हो रहे हथियारों के व्यापार को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों देशों की 10 संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/americas-tough-stance-new-sanctions-imposed-on-iran-venezuela-arms-trade/article-137938"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगटन। अमेरिका ने ईरान और वेनेजुएला के बीच कथित तौर पर हो रहे हथियारों के व्यापार को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों देशों की 10 संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिका का आरोप है कि तेहरान, वेनेजुएला को पारंपरिक हथियारों की आपूर्ति कर रहा है, जिससे अमेरिकी सुरक्षा हितों को खतरा पैदा हो गया है।</p>
<p>अमेरिकी विदेश विभाग और वित्त विभाग के मंगलवार को जारी अलग-अलग बयानों में कहा गया कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान और वेनेजुएला के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, प्रतिबंधों के दायरे में आई एक वेनेजुएला की कंपनी कथित तौर पर ईरानी डिजाइन वाले 'कॉम्बैट अनमैन्ड एरियल व्हीकल' या हमलावर ड्रोन की खरीद-बिक्री में शामिल रही है। अमेरिकी दावों के मुताबिक, यह व्यापार लाखों डॉलर का है और इसमें शामिल ड्रोन युद्धक अभियानों में सक्षम हैं।</p>
<p>इसके आगे बयान में कहा गया है कि ईरान के वेनेजुएला को हथियारों की आपूर्ति करना न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि यह अमेरिकी मातृभूमि की सुरक्षा के लिए भी चुनौती है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह ऐसे किसी भी सैन्य गठबंधन को बर्दाश्त नहीं करेगा जो उसके हितों को प्रभावित करता हो।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, ईरान और वेनेजुएला दोनों ही लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सैन्य संबंध और भी प्रगाढ़ हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 17:23:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पंजाब में बीएसएफ ने बरामद किए 2 ड्रोन, खेत में ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[बीएसएफ के ने बताया कि एक चीन निर्मित डीजेआई माविक 3 क्लासिक ड्रोन सुबह लगभग 9:50 बजे अमृतसर जिले के धनोये खुर्द गांव से सटे एक खेत से बरामद किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bsf-recovered-2-drones-in-the-punjab--destroyed-in-farm/article-94609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/drone-12.png" alt=""></a><br /><p>जालंधर। पंजाब में अमृतसर सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने 2 अलग-अलग घटनाओं में 2 पाकिस्तानी ड्रोन बरामद किये हैं। बीएसएफ के ने बताया कि एक चीन निर्मित डीजेआई माविक 3 क्लासिक ड्रोन सुबह लगभग 9:50 बजे अमृतसर जिले के धनोये खुर्द गांव से सटे एक खेत से बरामद किया गया। </p>
<p>इसी तरह का दूसरा ड्रोन भी सुबह लगभग 9:50 बजे अमृतसर जिले के रत्ताखुर्द गांव से सटे एक खेत से बरामद किया गया। माना जा रहा है कि सीमा पर तैनात तकनीकी जवाबी उपायों की सक्रियता के कारण दोनों ड्रोन ध्वस्त हो गये। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Nov 2024 14:58:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पंजाब में बीएसएफ ने 2 ड्रोन के साथ बरामद की हेरोइन </title>
                                    <description><![CDATA[बीएसएफ ने खुफिया विंग द्वारा अमृतसर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन की मौजूदगी के बारे में सूचना के आधार पर बीएसएफ के जवानों ने संदिग्ध क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bsf-recovered-heroin-with-2-drones-in-punjab%C2%A0/article-94263"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/drone.jpg-12.png" alt=""></a><br /><p>जालंधर। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पंजाब के अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों से 2 ड्रोन और आधा किलो से अधिक हेरोइन बरामद की। बीएसएफ के प्रवक्ता ने कहा कि 31 अक्टूबर को बीएसएफ खुफिया विंग की सूचना के आधार पर उनके जवानों ने अमृतसर के सीमावर्ती गांव- धनोई खुर्द से सटे एक खेत से एक ड्रोन और धनोई गांव से सटे एक खेत से एक 540 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद किया।</p>
<p>बीएसएफ ने खुफिया विंग द्वारा अमृतसर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन की मौजूदगी के बारे में सूचना के आधार पर बीएसएफ के जवानों ने संदिग्ध क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। तलाशी अभियान के दौरान शाम करीब 7 बजे जवानों ने अमृतसर जिले के भरोपाल गांव से सटे एक खेत से एक ड्रोन को सफलतापूर्वक बरामद किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Nov 2024 12:12:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नौकरी छोड़ सम्भाली खेती की कमान, ड्रोन दीदी के नाम से बनी पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रैक्टर चलाने वाले हाथ अब उड़ा रहे ड्रोन।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/left-the-job-to-take-charge-of-farming--became-known-as-drone-didi/article-92499"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। परिंदों को नहीं दी जाती तालीम उड़ानों की, वो खुद तय करते हैं मंजिल आसमां की...किसी शायर की यह पंक्तियां कोटा के प्रेमपुरा गांव निवासी महिला किसान रिम्पी सिंह पर सटीक बैठती है। एसएससी आईटी पास आउट रिम्पी सिंह ने पिता की मौत के बाद परिस्थितियों के चलते सरकारी नौकरी छोड़ खेती की तरफ कदम बढ़ाए और अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उसने खेती-किसानी में सफलता की नई इबारत लिख दी। खेती में नवाचार करते हुए रिम्पी अब ड्रोन दीदी बनकर कामयाबी की ऊंची उड़ान भर रही है। अब तक रिम्पी राज्य स्तरीय समारोह में प्रगतिशील महिला किसान सम्मान के साथ कई पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं।</p>
<p><strong>परिस्थितियां बदली तो छोड़नी पड़ी नौकरी</strong><br />साल 2007 में पिता दर्शन सिंह के असामयिक निधन के बाद घर की जिम्मेदारी रिम्पी के कंधों पर आ गई। उसने सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद कुछ समय एक निजी कंपनी में काम किया, लेकिन खेती नहीं संभल रही थी। इस वजह से उसने यह नौकरी भी छोड़ने का फैसला लिया। पिता के रहते कभी खेती का काम देखा तक नहीं, लेकिन परिस्थितियों के चलते रिंपी सिंह ने खेती की कमान संभाली। उसने आधुनिक कृषि की जानकारी लेने के लिए दुर्गापुरा जयपुर स्थित आईएचआईटी केन्द्र पपर ग्रीन हाउस प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद खेती में नवाचार करते हुए वह सफलता की राह पर बढ़ती चली गई। </p>
<p><strong>पिता की डायरी बनी कामयाबी की सीढ़ी</strong><br />रिम्पी ने बताया कि पिता दर्शन सिंह की डायरी उसके लिए कामयाबी की सीढ़ी बन गई, जिसमें वो खेती-किसानी के हर रोज के कामकाज को लिखा करते थे। बेटी ने पिता की डायरी को ऐसे आत्मसात किया कि खेती किसानी में उसने क्षेत्र के पुरुष किसानों को भी पीछे छोड़ दिया। कभी हाथों में कंप्यूटर माउस होता था, लेकिन बाद ट्रैक्टर का स्टीयरिंग संभालना पड़ा। अब वह खेती बाड़ी की नई-नई तकनीक को हासिल कर हर साल मुनाफे को बढ़ाने और क्षेत्र की महिलाओं को खेती किसानी में पारंगत करने का काम कर रही हैं। उसकी छोटी बहन भी खेती-किसानी में हाथ बंटाती हैं।</p>
<p><strong>खेतों में लगाए आधुनिक संसाधन</strong><br />खेती किसानी में दिनों दिन मिली शोहरत और मेहनत ने रिंपी सिंह को जिले की ड्रोन दीदी भी बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल प्रदेश घर में महिला किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने की श्रृंखला में कोटा की ड्रोन दीदी बनने का सौभाग्य भी रिम्पी को हासिल हुआ। कंप्यूटर में पहले से जानकार रिम्पी ने ट्रेनिंग की और फिर आधुनिक खेती में ड्रोन की मदद और उन्नत किसान बन गई। रिम्पी ने बताया कि वह परम्परागत फसलों के साथ बागवानी की भी खेती करती है। इसके लिए खेत में ड्रिप सिस्टम सहित अन्य संसाधन लगा रखे हैं। इससे खेतों में उत्पादन क्षमता दो गुनी हो चुकी है।  </p>
<p><strong>अपनी ताकत समझें और आगे बढ़ें</strong><br />रिम्पी के अनुसार ऐसा नहीं है कि महिला है तो उनके लिए कार्य का दायरा सीमित है। महिलाओं को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। महिलाएं अपनी ताकत समझें और आगे बढ़कर चुनौतियों सामना करें। फिर उन्हें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। रिम्पी ने बताया कि जब पहली बार ट्रैक्टर चलाया तो लोगों ने कहा कि ये पुरुषों का काम है, रसोई संभालो। बस यही बात मुझे चुभ गई और उसने खेती में सफल होने की ठान ली। ट्रैक्टर चलाने वाले हाथ  आज ड्रोन उड़ा रहे हैं। ऐसा कोई काम नहीं है जो महिलाएं नहीं कर सकती। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 17:21:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी सेना ने लाल सागर के पास पांच ड्रोनों को मार गिराया</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सेना ने अमेरिका और उसके सहयोगी जहाजों के लिए खतरा करार देते हुए लाल सागर के पास पांच ड्रोन नष्ट कर दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-army-shoots-down-five-drones-near-red-sea/article-76234"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/drone.jpg-12.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी सेना ने अमेरिका और उसके सहयोगी जहाजों के लिए खतरा करार देते हुए लाल सागर के पास पांच ड्रोन नष्ट कर दिए। </p>
<p>यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोमवार को यह जानकारी दी। </p>
<p>सेंटकॉम ने एक्स पर कहा कि यूएस सेंट्रल कमांड (यूएससेंटकॉम) ने रविवार को सना के स्थानीय समयानुसार 1:48 और 2:27 बजे के बीच लाल सागर के पास पांच मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) को सफलतापूर्वक मार गिराया।''</p>
<p>यमन का विद्रोही अंसार अल्लाह आंदोलन (हूती) गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य अभियान के जवाब में महीनों से क्षेत्र में वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों पर हमले कर रहा है। हमलों के कारण अमेरिका को क्षेत्र में नौवहन की सुरक्षा के लिये एक बहुराष्ट्रीय गठबंधन बनाना पड़ा। साथ ही जमीन पर हूती ठिकानों पर हमला भी करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Apr 2024 16:34:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुकुंदरा और डेम की सुरक्षा में भारी चूक, दिनदहाड़े उड़े ड्रोन </title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होने के बावजूद यहां ड्रॉन का इस्तेमाल होना अफसरों की लापरवाही दर्शाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-huge-lapse-in-security-of-mukundra-and-dame--drones-flew-in-broad-daylight/article-52443"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/mukundara-or-dam-ki-suraksha-me-bhari-chook,-dindahade-ude-drone...kota-news-22-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व पर खतरों के बादल मंडरा रहे हैं। टाइगर के साथ अति संवेदनशील जवाहर सागर डेम की सुरक्षा भी दांव पर लग गई। जंगल और बिजलीघर के अंदरूनी हिस्से सार्वजनिक हुए तो बाघ और कोटा डेम की सुरक्षा सवालों के कठघरे में आ गई। टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में दिन दहाड़े ड्रोन  उड़ाए गए, सेंसटिव क्षेत्रों की तस्वीरे वायरल होने के बावजूद जंगल के रखवालों को होश तक नहीं रहा। दरअसल, 28 जून को दिल्ली से कोटा पहुंचे यू-टयूबर ने मुकुंदरा हिल्स टाइगर के गरड़िया महादेव और जवाहर सागर डेम के ड्रोन से लिए गए शोर्ट्स के वीडियो वायरल किए। वन्यजीव प्रेमियों ने बताया कि यू-ट्यूबर ने गरडिया व जवाहर सागर डेम के उपर अवैध रूप से ड्रॉन उड़ाए। बाद में 18 मिनट की वीडियो तैयार कर यू-टयूब पर अपलोड कर दिए। जिसमें 8-8 सैकंड के दो ड्रॉन शॉटस नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होने के बावजूद यहां ड्रॉन का इस्तेमाल होना अफसरों की लापरवाही दर्शाती है। </p>
<p><strong>टाइगर रिजर्व और डेम की गोपनीयता भंग</strong><br />वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट बताते हैं, गरड़िया महादेव और जवाहर सागर सेंचुरी मुकुंदरा टाइगर रिजर्व का कोर एरिया है। वहीं, जवाहर सागर डेम अति संवेदनशील एरिया है, जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसने दोनों जगहों के ड्रोन से लिए गए विहंग्म दृश्य नजर आ रहे हैं। इन संरक्षित क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। इससे डेम व वन्यजीवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।  </p>
<p><strong>44 सैकंड गरड़िया और 47 सैकंड डेम पर रहा ड्रोन</strong><br />यू-ट्यूब पर वायरल हो रहे 18 मिनट के इस वीडियो में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में कोर एरिया के दो जगहों पर ड्रोन फुटेज नजर आ रहे हैं। इसमें पहला फुटेज गरड़िया महादेव का है। जिसमें 5 मिनट 53 सैकंड से लेकर 6 मिनट 36 सैकंड तक गराड़िया का ड्रोन शोट्स हैं। यानी पहला ड्रोन फुटेज 44 सैकंड का है। जिसमें सम्पूर्ण गरड़िया का विहंग्म दृश्य कैप्चर किया गया है। वहीं, दूसरा ड्रोन शॉट्स 12 मिनट 12 सैकंड से 12 मिनट 59 सैकंड तक है, जिसमें जवाहर सागर डेम का बड़े हिस्से की वीडियोग्राफी की गई है। जबकि, डेम हाई सिक्योरिटी इलाका है। ऐसे में यहां फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी निषेद है। </p>
<p><strong>दिल्ली से मुकुंदरा की सैर करने आए थे यू-टयूबर </strong><br />यू-टयूब पर वायरल हो रहे वीडियो में नजर आ रहा है कि दो युवक व एक महिला कार से गत माह 27 जून को दिल्ली से कोटा पहुंचे थे। यहां बूंदी रोड स्थित एससीएन मैरिज गार्डन के पास होटल न्यारा में रूके। अगली दिन सुबह तीनों कार से मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया गरड़िया महादेव वन क्षेत्र पहुंचे। जहां उन्होंने टिकट लेकर सेंचुरी का भ्रमण किया। इस दौरान युवकों ने बिना अनुमति के गराड़िया महादेव से जवाहर सागर डेम तक दो जगहों पर ड्रोन उड़ाकर वीडिग्राफी की। इसके 9 दिन बाद यूटयूब पर वीडियो अपलोड कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद मुकुंदरा टाइगर रिजर्व, राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर डेम सर्किल और जनरेशन डिपार्टमेंट में हड़कम्प मच गया। अधिकारियों ने जांच के दिशा निर्देश जारी कर दिए। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी</strong><br /><strong>एफआईआर दर्ज कर करेंगे कार्रवाई </strong><br />मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व कार्यालय द्वारा संरक्षित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने की किसी को भी परमिशन नहीं दी गई है। सक्षम स्वीकृति के बिना संरक्षित क्षेत्र में ड्रोन नहीं उड़ाया जा सकता। रिजर्व का सम्पूर्ण क्षेत्र संरक्षित है। ऐेसे में यहां ड्रोन उड़ाना गैर कानूनी है। मामला संज्ञान में आया है, इसके बारे में पता कर एफआईआर करवाएंगे और वाइल्ड लाइफ एक्ट में उचित कार्रवाई की जाएगी।  यह कार्रवाई किस तरह की होगी वह अनुसंधान के बाद ही तय कर पाएंगे। हमारे पास 60 प्रतिशत स्टाफ की कमी है। ऐसे में जो साधन-संसाधन उपलब्ध हैं, उसमें बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। <br /><strong> - बीजो जॉय, डीएफओ, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व कोटा</strong></p>
<p><strong>जांच के निर्देश दिए हैं</strong><br />आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है। जवाहर सागर डेम हाई सिक्योरिटी क्षेत्र है। यहां बिना सक्षम स्वीकृति के ड्रोन का इस्तेमाल गैर कानूनी है। किसी ने ड्रोन उड़ाया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएंगे। हालांकि, एक्सईएन को जांच करने निर्देश दे दिए गए हैं। <br /><strong>- एजाजुद्दीन अंसारी, अधीक्षण अभियंता, राणा प्रताप सागर व जवाहर सागर डेम सर्किल कोटा</strong></p>
<p><strong>अनुसंधान कर कार्रवाई करेंगे</strong><br />मामला जानकारी में आया है, इसकी जांच करेंगे। यदि, मामला सही पाया गया तो पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएंगे। वहीं, बूंदी जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से इस संबंध में क्या कार्रवाई कर सकते हैं, इसका मार्गदर्शन लेकर कार्रवाई करेंगे। यह क्षेत्र वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल गलत है। <br /><strong>- नरेन्द्र सिंह खांगारोत ंअधीक्षण अभियंता जनरेशन (उत्पादन वृत)</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं एक्सपर्ट</strong><br />नियमानुसार रिजर्व के कौर क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल करने के की अनुमति सिर्फ विभाग के पास है, वो भी सिर्फ मॉनिटरिंग के लिए। किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा रिजर्व के क्षेत्र में विभाग की जानकारी के बिना ड्रोन का इस्तेमाल करना रिजर्व  व टाइगर की सुरक्षा में गम्भीर चूक है। जबकि, गराडिया पर सदैव रिर्जव के कर्मचारी मौजूद रहते है, रिर्जव की सुरक्षा का दायित्व जिन जिम्मेदारों पर है, यह उनकी लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि टाइगर रिजर्व और जवाहर सागर डेम पर ड्रोन उड़ाया गया है। इससे वन्यजीवों के साथ डेम की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी है।<br /><strong>- तपेश्वर सिंह, अध्यक्ष मुकुंदरा वन्यजीव एवं पर्यावरण समिति </strong></p>
<p><strong>वन्य प्राणियों के शिकार का अंदेशा</strong><br />ड्रोन की आवाज वन्यजीवों को परेशान करती है। साथ ही बाघ के साथ अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। वहीं, वन्यजीवों की छुपने की जगह, गुफाएं और उनकी लोकेशन आउट हो सकती है। अवैध रूप से ड्रोन के इस्तेमाल से वन्यजीवों के शिकार का रास्ता भी खुलता है। जवाहर सागर डेम की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। <br /><strong>- सोहिल ताबिश, बायोलॉजिस्ट कोटा</strong></p>
<p><strong>डेम की सुरक्षा से खिलवाड़</strong><br />मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बिना सक्षम स्वीकृति के ड्रोन उड़ाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ड्रोन से लिए गए फोटोग्राफ व वीडियोग्राफी जंगल के प्राणियों के साथ डेम की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। जबकि, जवाहर सागर डेम संवेदनशील एरिया है। इसकी सिक्योरिटी का जिम्मा जनरेशन डिपार्टमेंट के पास है। फिर भी ड्रोन उड़ना सिक्योरिटी सिस्टम पर सवालिया निशान खड़े करता है।  <br /><strong>- बाबूलाल जाजू पर्यावरणविद पीपुल्स फॉर एनीमल प्रदेश प्रभारी</strong></p>
<p><strong>वाइल्ड  लाइफ की धारा-27 व 38 (जे) का  उल्लंघन </strong><br />मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बिना अनुमति ड्रोन उड़ना वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27 और धारा 38(जे) का उल्लंघन है। अवांछित गतिविधियों से वन्यप्राणी के परेशान करने का भी मामला बनता है। रिजर्व प्रबंधन जांच के बाद  आरोपी के विरुद्ध उचित धारा जोड़ सकता है। डैम पर स्थित बिजली बनाने की संवेदनशील यूनिट को भी खतरा उत्पन्न हुआ। <br /><strong>- अजय दुबे, वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट, भोपाल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2023 15:52:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ड्रोन का इस्तेमाल कर अवैध हथियारों की आपूर्ति कर रहा है पाकिस्तान : भारत</title>
                                    <description><![CDATA[ संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत का इशारा जाहिर तौर पर पाकिस्तान की तरफ था। सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा, हथियारों और सैन्य उपकरणों के निर्यात को विनियमित करने वाले समझौतों के उल्लंघन पर चर्चा हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistan-is-supplying-illegal-weapons-using-drones/article-42532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/a-116.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की एक बैठक में कहा है कि वह सीमा पार से ड्रोन का इस्तेमाल कर अवैध हथियारों की आपूर्ति की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। भारत ने साफ कर दिया है कि ये सब पड़ोसी देश के अधिकारियों की मदद के बिना मुमकिन नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजदूत का इशारा जाहिर तौर पर पाकिस्तान की तरफ था। सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा, हथियारों और सैन्य उपकरणों के निर्यात को विनियमित करने वाले समझौतों के उल्लंघन पर चर्चा हुई। इस दौरान इनके जोखिम पर भी बात की गई।</p>
<p><strong>साजिश से बढ़ता है तनाव</strong></p>
<p>भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि परमाणु हथियारों के प्रसार के मामले में संदिग्ध रुख और छवि वाले कुछ देश आतंकवादियो के साथ सांठगांठ करते हैं। ऐसे में इन देशों को उनके कुकृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। परिषद की अध्यक्षता अप्रैल महीने में रूस के पास है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर हथियारों और सैन्य उपकरणों का निर्यात, भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ाता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राजदूत ने कहा कि ये खतरा तब और बढ़ जाता है जब संवेदनशील वस्तुओं और तकनीकों को कपटपूर्ण तरीके से हासिल करने और परमाणु हथियारों के प्रसार में छद्म भूमिका रखने वाले राष्ट्रों की आतंकवादियों और अन्य राज्येत्तर तत्वों के साथ सांठगांठ है।</p>
<p><strong>बीएसएफ ने ढेर किए ड्रोन</strong><br />भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) हथियार और मादक पदार्थ ला रहे पाकिस्तानी ड्रोन को अक्सर मार गिराते हैं। इस बाबत सबसे हाल की घटना एक अप्रैल की है जब बीएसएफ ने कहा कि उसके जवानों ने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन पर गोलीबारी की। यह मध्य मार्च के बाद दूसरी ऐसी घटना है। कंबोज ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तरह के व्यवहार की निंदा करने और ऐसे राष्ट्रों को उनके कुकर्मों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की। रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने परिषद को बताया कि मास्को ने यूक्रेन की सरकार को हथियार देने के खतरनाक परिणामों से निपटने के लिए बार-बार सुरक्षा परिषद की बैठकें बुलाईं हैं।</p>
<p><strong>हर क्षेत्र पर खतरा</strong><br />उन्होंने कहा कि यूक्रेन में हो रहे घटनाक्रम को लेकर कुछ देशों का रुख चाहे जो हो लेकिन ये खतरे वास्तविक हैं। ये खतरे किसी भी अन्य क्षेत्र पर लागू हो सकते हैं, लिहाजा सुरक्षा परिषद का फर्ज है कि वह इन पर प्रतिक्रिया दे और ऐसे खतरों को रोकने के लिए कदम उठाए। अमेरिका के विशेष राजनीतिक मामलों के प्रतिनिधि राजदूत रॉबर्ट वूड ने चर्चा में कहा कि अवैध तस्करी का सबसे बड़ा खतरा युद्ध के मैदान में रूस और रूस समर्थक बलों द्वारा हथियारों पर कब्जा करने से पैदा होता है। उन्होंने कहा कि रूस ने प्रस्ताव दिया है कि वह पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों को हथियारों की आपूर्ति करेगा। ये बयान और कदम खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Apr 2023 10:31:09 +0530</pubDate>
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                <title>यूक्रेन-रूस युद्ध: यूक्रेन के 470 से अधिक ड्रोन नष्ट करने का रूस ने किया दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मास्को। रूस ने यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से यूक्रेन के 470 से अधिक ड्रोन नष्ट करने का दावा किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने रविवार को कहा कि Þ सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद से कुल मिलाकर 136 विमान, 471 मानव रहित हवाई वाहन, 249 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम, 2,308 टैंक और अन्य बख्तरबंद लड़ाकू वाहन, 254 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, 998 फील्ड आर्टिलरी बंदूकें और मोर्टार तथा 2,171 विशेष सैन्य वाहनों को नष्ट किया गया है।<br /><br />उन्होंने कहा कि रूसी रॉकेट बलों और तोपों ने चार यूक्रेनी कमांड पोस्ट, चार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/ukraine-russia-war--russia-claims-to-have-destroyed-more-than-470-ukrainian-drones--us-lawmakers-will-go-to-different-countries-to-get-support-for-ukraine/article-8091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ukraine-and-usa-flag-.jpg" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूस ने यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से यूक्रेन के 470 से अधिक ड्रोन नष्ट करने का दावा किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने रविवार को कहा कि Þ सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद से कुल मिलाकर 136 विमान, 471 मानव रहित हवाई वाहन, 249 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम, 2,308 टैंक और अन्य बख्तरबंद लड़ाकू वाहन, 254 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, 998 फील्ड आर्टिलरी बंदूकें और मोर्टार तथा 2,171 विशेष सैन्य वाहनों को नष्ट किया गया है।<br /><br />उन्होंने कहा कि रूसी रॉकेट बलों और तोपों ने चार यूक्रेनी कमांड पोस्ट, चार तोपखाने बैटरी, दो ईंधन डिपो और 100 से अधिक अन्य यूक्रेनी लक्ष्यों को भेदा है। उल्लेखनीय है कि रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन में अपना सैन्य अभियान शुरू किया है।</p>
<p><strong>यूक्रेन के लिए समर्थन हासिल करने हेतु विभिन्न देशों में जाएंगे अमेरिकी सांसद</strong><br />वाशिंगटन। अमेरिकी सांसदों का एक समूह यूक्रेन के लिए मजबूत समर्थन हासिल करने हेतु जर्मनी, पोलैंड, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा करेगा। अमेरिकी अखबाद 'द हिल' ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। अखबार ने रविवार को अमेरिकी सांसदों के संयुक्त बयान के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा कि प्रतिनिधिमंडल पोलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, भारत, नेपाल और जर्मनी में कई प्रमुख नेताओं के साथ मुलाकात करेगा, ताकि बढ़ते वैश्विक तनाव की इस अवधि में आपसी संबंधों को मजबूत किया जा सके।<br /><br />अमेरिकी सांसद मार्क केली ने रविवार शाम अखबार को एक ई-मेल भेजकर प्रतिनिधिमंडल की आगामी नौ दिवसीय यात्रा की घोषणा की। अमेरिकी सांसदों ने संयुक्त बयान में कहा कि इस मजबूत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पोलैंड में अमेरिकी सैन्य नेतृत्व और सैनिकों के साथ मिलने का अवसर मिलेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि अमेरिका यूक्रेन और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के हमारे सहयोगियों का समर्थन कैसे जारी रख सकता है।<br /><br />अखबार के अनुसार जर्मनी, पोलैंड, भारत और संयुक्त अरब अमीरात रूस को अलग-थलग करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रयासों में सहयोग करने में पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि रूस 24 फरवरी से यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान चला रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 18:20:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>कृषि में ड्रोन का प्रयोग होगा क्रांतिकारी कदम</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार अब मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट की तरह ही ड्रोन के प्रयोग को भी आधुनिक जीवन का एक अंग बनाने की कोशिश कर रही है। ड्रोन को मिशन की तरह बढ़ावा दिया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE/article-4362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/45465465465.jpg" alt=""></a><br /><p>सरकार अब मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट की तरह ही ड्रोन के प्रयोग को भी आधुनिक जीवन का एक अंग बनाने की कोशिश कर रही है। ड्रोन को मिशन की तरह बढ़ावा दिया जाएगा। जैसे जल शक्ति मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। वैसे ही ड्रोन शक्ति मिशन बनाया जाएगा। ड्रोन का इस्तेमाल अब सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में हर जगह इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसका इस्तेमाल जवान से लेकर किसान तक करेंगे। यानी ड्रोन सीमाओं की सुरक्षा करने के साथ-साथ, खेतों में फसलों की भी सुरक्षा करेगा। यह लोगों की जरूरत की चीज बन जाएगा। इंडस्ट्री से लेकर आपदा प्रबंधन में इसका प्रयोग किया जा सकेगा। ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए अलग आॅफिस बनाया जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसकी तैयारी कर ली है। अभी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान बनाई गई है, अब फिजिकल प्रक्रिया को भी आसान बनाया जाएगा।</p>
<p><br />आगामी वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर केंद्र सरकार काफी फोकस कर रही है। ड्रोन के जरिए खेती की कई महत्वपूर्ण समस्याओं, जैसे-फसलों में कहां रोग लगा है, कहां कीट लगे हैं, फसल में किस पोषक तत्व की कमी है आदि का पता लगाया जा सकता है। समय पर बीमारियों का पता चलने से किसानों की इनपुट लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ सकेगा। ड्रोन में सेंसर और कैमरा जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी विशेषताएं होती हैं। ड्रोन का प्रयोग फसल मूल्यांकन, भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, पौधों की वृद्धि की निगरानी, कीटनाशकों और पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए भी किया जाएगा, जिससे किसानों को काफी मदद मिलेगी। इससे एक बड़े क्षेत्रफल में महज कुछ घंटों में ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा सकता है। जिससे किसानों की लागत में कमी आएगी, समय की बचत होगी और सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सही समय पर खेती में कीट प्रबंधन किया जा सकेगा। देश के विभिन्न राज्यों में पिछले साल टिड्डियों के हमले को रोकने के लिए पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। केंद्र की मोदी सरकार ने ड्रोन तकनीक को नवीनतम स्तर तक ले जाने के लिए कई प्रयास शुरू किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में ड्रोन तकनीक से दक्ष कामगार तैयार करना एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। इसके लिए केंद्र सरकार इस साल ड्रोन सेक्टर में स्टार्टअप को बढ़ावा देगी। देश के युवा अगर ड्रोन उद्योग में शुरुआत करना चाहते हैं, तो केंद्र उनकी मदद करेगा। ऐसा अनुमान है कि देश में करीब 600 से 700 एग्रीटेक स्टार्टअप हैं, जो एग्री वैल्यू चेन के अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे हैं। ड्रोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई मोर्चों को कवर किया गया है। जैसे कृषि में ड्रोन के इस्तेमाल को प्रोत्साहन, स्टार्टअप को नाबार्ड के फण्ड के जरिए सहायता प्रदान करना आदि। इससे ड्रोन इंडस्ट्री नई ऊंचाइयों को छू सकेगी। बजट में ड्रोन टेक्नोलॉजी की क्षमता को पहचाना गया है। ड्रोन नियम 2021, ड्रोन इंडस्ट्री के लिए पीएलआई योजना और कृषि क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले ड्रोन के लिए अनुदान जैसे उपायों से क्षेत्र को तेजी मिली है।</p>
<p><br />हाल ही में अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि सरकार पहले चरण में गंगा नदी के किनारे 5 किलोमीटर चौड़े गलियारों में किसानों की भूमि पर ध्यान केंद्रित करते हुए पूरे देश में प्राकृतिक जैविक खेती को बढ़ावा देगी। किसानों को डिजिटल और हाईटेक सेवाएं देने के लिए सरकार निजी कृषि प्रौद्योगिकी कंपनियों और कृषि मूल्य श्रंखला के अंशधारको के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसंधान और विस्तार संस्थानों की भागीदारी में पीपीपी आधार पर एक योजना शुरू करेगी। प्राकृतिक शून्य बजट और जैविक खेती, आधुनिक कृषि मूल्य संवर्धन और प्रबंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्यों को कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम को संशोधित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अग्रणी कृषि अनुसंधान और कृषि प्रशिक्षण संस्थानों को 8 से 10 लाख रुपए मूल्य के कृषि ड्रोन मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बदले में ये संस्थान देशभर में ड्रोन के छिड़काव का प्रशिक्षण करेंगे। किसान जल्द से जल्द कृषि ड्रोन के इस्तेमाल के प्रति जागरूक हों, इसके लिए एफपीओ और कृषि इंटरप्रेन्योर्स सब्सिडाइज्ड दरों पर कृषि ड्रोन दिए जाएंगे, ताकि इसका इस्तेमाल बढ़ सके। साथ ही देश का हर एक किसान इसका इस्तेमाल कर सकें।</p>
<p><br />देश की ड्रोन इंडस्ट्री को आईआईटी कानपुर बढ़ावा देगा। ड्रोन से जुड़े सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों में भी आईआईटी कानपुर का सुझाव शामिल रहेगा। इसको लेकर वार्ता भी चल रही है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने सेना से लेकर कृषि तक में प्रयुक्त होने वाले अनेक ड्रोन तैयार भी कर लिए हैं। अब इन ड्रोन को पूरी तरह देशी तकनीक पर तैयार करना है। अभी तक ड्रोन से जुड़े कई उपकरण विदेशों से खरीदने पड़ते हैं। सरकार ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी में भी बदलाव कर रही है। अब ड्रोन से संबंधी नियमों को आसान किया गया है। इसमें अधिक पेपर वर्क भी नहीं है। अगले 5 वर्षों में ड्रोन इंडस्ट्री आत्मनिर्भर हो जाएगी। जब ड्रोन की मांग बढ़ेगी तो उसमें लगने वाले उपकरणों का निर्माण भी शुरू हो जाएगा। वर्तमान में 60 फीसदी उपकरण देश में तैयार होने लगे हैं। डिजाइन का काम पूरी तरह देश के वैज्ञानिक कर रहे हैं। <br /> <strong>    </strong><br />देश में ड्रोन के क्षेत्र में सबसे अधिक काम आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक कर रहे हैं। वैसे आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास में भी वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। ड्रोन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही आईआईटी व अन्य तकनीकी संस्थानों में ड्रोन से संबंधित कोर्स भी शुरू किए जा सकते हैं। इसको लेकर कई प्रस्ताव तैयार हुए हैं। कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की बहुत बड़ी समस्या रहती है। अगर कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा तो खाद और कीटनाशक के छिड़काव में किसानों को मदद मिलेगी। उन्हें इस काम के लिए श्रमिकों को नहीं ढूंढ़ना पड़ेगा। हालांकि शुरुआत में इसका लाभ सिर्फ  बड़े किसान ही ले पाएंगे। हाथ से खाद का छिड़काव करने पर ज्यादा मात्रा की जरूरत होती है, जिससे लागत में भी इजाफा होता है। ड्रोन से छिड़काव करने पर इससे राहत मिलेगी। वहीं कीटनाशक का छिड़काव करने वाले के स्वास्थ्य पर भी खराब असर पड़ता है। जब यह काम ड्रोन के द्वारा होगा, तो इस समस्या से भी निजात मिलेगी। <br /><strong>     -रंजना मिश्रा<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><span style="color:#ff0000;">आगामी वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए ड्रोन </span>के इस्तेमाल पर केंद्र सरकार काफी फोकस कर रही है। ड्रोन के जरिए खेती की कई महत्वपूर्ण समस्याओं, जैसे-फसलों में कहां रोग लगा है, कहां कीट लगे हैं, फसल में किस पोषक तत्व की कमी है आदि का पता लगाया जा सकता है। समय पर बीमारियों का पता चलने से किसानों की इनपुट लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ सकेगा। ड्रोन में सेंसर और कैमरा जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी विशेषताएं होती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Feb 2022 14:57:52 +0530</pubDate>
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