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                <title>marriages - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बच्चे पैदा करने पर पैसे, शादियों को बढ़ावा, आबादी बढ़ाने की कोशिशों में चीन</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार के नए प्रोजेक्ट के देश के 20 से ज्यादा शहरों में लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं को शादी करने और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/money-on-giving-birth-to-children-promoting-marriages-china-in/article-45781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/v-12.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के फैमिली प्लानिंग कमीशन ने एक ऐसे प्रोजेक्ट को लॉन्च करने की तैयारी कर ली है जिसके तहत देश में शादियों को बढ़ावा दिया जाएगा और माना जा रहा है कि यहां पर शादियों के नए दौर की शुरूआत होगी। साथ ही बच्चे पैदा करने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। अथॉरिटीज का नया कदम देश में गिरते जन्म दर को नियंत्रित करना है। फैमिली प्लानिंग कमीशन एक राष्ट्रीय संस्था है जो सरकार की तरफ से घोषित आबादी और प्रजनन के नए उपायों को लागू करती है। ग्लोबल टाइम्स की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है।</p>
<p><strong>20 से ज्यादा शहरों में योजना :</strong> चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने बताया है कि सरकार के नए प्रोजेक्ट के देश के 20 से ज्यादा शहरों में लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं को शादी करने और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा माता-पिता को बच्चे की जिम्मेदारियों को आपस में बांटने और दुल्हनों की बढ़ती कीमतों को कम करने और साथ ही पुराने नियमों को हटाना इस प्रोजेक्ट का अहम मकसद है।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट में हेबई प्रांत के गुआनझोहू और हैनदान शहरों को भी शामिल किया गया है। ये दोनों शहर देश की मेन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर जाने जाते हैं। डेमोग्राफर ही याफू ने इस पर कहा कि समाज को शादी और बच्चे पैदा करने के कॉन्सेप्ट पर युवाओं का मार्गदर्शन करने की जरूरत है।</p>
<p><strong>खत्म की एक बच्चा नीति</strong><br />यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में आया है जब चीन देश के नागरिकों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। चीन की सरकार की तरफ से कई कदम, जैसे टैक्स में छूट, हाउसिंग सब्सिडी और तीसरे बच्चे की मुफ्त शिक्षा, उठाए गए हैं ताकि लोग एक से ज्यादा बच्चे पैदा करें। सन 1980 में चीन ने सख्त एक बच्चा नीति लागू कर दी थी। इस नीति को साल 2015 में खत्म किया गया है। माना जा रहा है कि इस नीति की वजह से ही देश की आबादी में तेजी से गिरावट आई है। चीन की तरफ से अब लोगों को तीसरा बच्चा पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।</p>
<p><strong>बच्चे पैदा करने से हिचकती महिलाएं</strong><br />छह दशकों में पहली बार चीन की आबादी में गिरावट आई है। साथ ही आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है। सरकार के राजनीतिक सलाहकारों की तरफ से मार्च में यह प्रस्ताव दिया गया था कि सिंगल और अविवाहित महिलाओं को एग फ्रीजिंग और आईवीएफ ट्रीटमेंट की सुविधा दी जानी चाहिए। इससे देश की प्रजनन दर में इजाफा होगा। चीन में कई महिलाएं बच्चे की देखभाल में होने वाले खर्च और अपने करियर के संभावित नुकसान के चलते बच्चे पैदा करने से हिचकती हैं। साथ ही देश में लैंगिक भेदभाव भी काफी ज्यादा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 May 2023 10:53:56 +0530</pubDate>
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                <title>दो साल बाद सावों की धूम के चलते बाजारों में लौटी रौनक </title>
                                    <description><![CDATA[ ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो वर्ष से अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर लॉकडाउन के चलते विवाह नहीं हो सके थे। दो सालों की तुलना में इस बार शादी ब्याह में छूट के चलते बाजार गुलजार हुए। टेंट, रेडीमेड कपड़ों का व्यापार, ज्वेलर्स, बर्तन जैसे बिजनेस में इस साल में अब तक 2 करोड़ का कारोबार हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/after-two-years--due-to-the-pomp-of-savo--the-market-returned-to-the/article-9425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/19.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। नगर के बाजारों में कोरोना महामारी के चलते लगे लॉक डाउन के बाद से ही बाजारों में खामोशी छाई हुई थी जिसके चलते व्यापारियों में निराशा छाई हुई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो वर्ष से अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर लॉकडाउन के चलते विवाह नहीं हो सके थे। साथ ही बाजार बंद होने से भी व्यापारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा था। दो सालों की तुलना में इस बार शादी ब्याह में छूट के चलते बाजार गुलजार हुए। टेंट, रेडीमेड कपड़ों का व्यापार, ज्वेलर्स, बर्तन जैसे बिजनेस में इस साल में अब तक 2 करोड़ का कारोबार हुआ है। बाजार गुलजार होने से व्यापारियों में उत्साह का माहौल है।<br /><br /> ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष  शादी विवाह के सावे है। साथ ही किसानों की फसलें भी बढ़िया हुई है जहां सरसों की फसल की पैदावार बढ़िया होने के साथ ही भाव भी अच्छे मिल रहे हैं जिससे किसानों का मनोबल भी बढ़ा है लेकिन लहसुन के भाव और पैदावार कम होने के कारण मिलाजुला असर देखने को मिला। अब तक किसान खेतों में अपनी फसलों को तैयार करने के लिए लगे हुए थे इसके चलते बाजारों में खामोशी छाई हुई थी लेकिन सावो के अवसर को देखते हुए कस्बे सहित क्षेत्र में सैकड़ों शादियां हो चुके हैं और कई शादियां होनी बाकी है जिसके चलते बाजार में पिछले कुछ दिनों से अच्छी खासी रौनक छाई हुई है जिससे व्यापारियों की बांछें खिल गई है। दीपावली पर्व के बाद से ही व्यापारी बाजार में खरीदारी नहीं होने से खामोश बैठे हुए थे लेकिन अबूझ सावे की रौनक को देखते हुए खरीदारी बढ़ने लगी है। <br /><br /> पंडित विमल आचार्य  एवं  संदीप आचार्य ने बताया कि  ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय तृतीया के अबूझ सावे  में शादियों की धूम धाम देखने को मिली क्योंकि अक्षय तृतीया को ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ा पर्वत माना जाता है साथ ही अक्षय तृतीया के 1 दिन पूर्व 2 मई को भी इस वर्ष शादी विवाह के लिए बहुत अच्छा योग होने के कारण 2 मई के भी अत्यधिक शादियों के सावे थे। शादी विवाह की धूम देखी गई जिससे ग्रामीण लोग शादियों की खरीदारी करने में लग गए हैं लेकिन अब सावों के खुलने एवं अक्षय तृतीया का अबूझ सावा खत्म होने के बाद भी बाजारों में खरीदारी बढ़ गई है। इसी के तहत बाजारों में रौनक छाई रही।  कस्बे के मुख्य बाजार में किराना की दुकानें, रेडीमेड कपड़ों के व्यापार, बर्तन की दुकान, आभूषणों,टेंट और डकोरेशन की दुकानों पर भी रौनक दिखाई दी। <br /><br /><strong>रेडीमेड कपड़ों की बढ़ी डिमांड</strong><br />रेडीमेड व्यापारी अमन खंडेलवाल, उमेश शर्मा,बंटी ऋषि अश्वनी नामा का कहना है कि युवाओं में रेडीमेड कपड़ों के प्रति अधिक रुझान देखने को मिल रहा है पिछले 2 वर्षों से व्यापार कोरोना का हाल के चलते ठप पड़ा हुआ था इस वर्ष रेडीमेड व्यापारियों की अच्छी चांदी हुई है। कस्बे में करीब 40 लाख रुपए तक का कारोबार हुआ है। आगामी समय में शादी विवाह के मुर्हूत होने से बाजार में अच्छा व्यापार होने की उम्मीद है। <br /><br /><strong>मैरिज गार्डन, बैंड बाजे एवं बस मालिकों की मौज</strong><br />इस वर्ष कोरोना महामारी का प्रभाव नहीं होने के कारण शादियों की धूम के चलते कस्बे में मैरिज गार्डन बैंड बाजे एवं बस मालिकों की मौज रही। सावा होने के चलते मैरिज गार्डन कहीं माह पूर्व ही बुक हो चुके है। ऐसे में कई विवाह समारोह करने वाले अभिभावकों को शादी के लिए जगह मिलना भी मुश्किल हो रहा है। यही हाल है बैंड बाजा की भी है क्योंकि दो और तीन के अधिक सावे होने से बैंड बाजे की बुकिंग पूर्व में ही हो चुकी है। बस संचालक जय प्रकाश शर्मा,अब्दुल कयूम, हमीद अंसारी का कहना है कि सावा होने के कारण मार्च माह में ही बसों की बुकिंग पूर्ण हो चुकी है जिन लोगों ने आनन-फानन में शादी की तारीख तय की है ऐसे लोगों को बसे तक नहीं मिल पा रही है। मैरिज गार्डन संचालक रामदयाल नामा रामस्वरूप नामा का कहना है कि इस बार सावे खुलने के कारण अच्छी बुकिंग आ रही है पिछले 2 वर्षों से कोरोना के चलते हैं मैरिज गार्डन व्यवसाय का धंधा चौपट हो गया था। इस वर्ष सावो की धूमधाम होने के कारण अच्छा व्यवसाय हुआ। शादी-विवाह के सीजन में इस वर्ष करीब 3 लाख का कारोबार हुआ है।<br /><br /><strong>बाजारों में देखने को मिल रही है ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खरीददारों की भीड़</strong><br />कस्बे के बाजार में अब शादी विवाह के सावो के चलते ग्रामीणों की भीड़ देखने को मिल रही है कस्बे के मुख्य बाजार में बर्तन की दुकानों, कपड़ों की दुकानों, रेडीमेड की दुकानों, किराने की दुकानों  एवं सरार्फा बाजार में ग्राहकों की चहल-पहल दिखाई दिए हैं। शादियों के लिए सामान खरीदने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से लोग सुबह से ही आने लगे हैं जिससे बाजारों में चहल-पहल देखने को मिल रही है। बर्तन व्यवसायी राजेंद्र शर्मा, रामस्वरूप नामा, पंकज नागर का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष बर्तनों की रेट में करीब 30 से 40% का इजाफा होने इसका असर खरीदारी पर देखने को मिल रहा है क्योंकि पूर्व में शादी के सामान खरीदने के लिए ग्रामीणों का जो बजट हुआ करता था उसमें महंगाई के चलते इजाफा हो गया है 2020 एवं 2021 में कोरोना काल के चलते लॉक डाउन लग गया था जिससे व्यापार प्रभावित हुआ था इस वर्ष कस्बे के बर्तन व्यापारियों ने सावो के दौरान करीब 20 लाख रुपए का कारोबार किया है। कपड़ा व्यापारी इमामुद्दीन खान, सुरेश बडेरा का कहना है कि व्यापारियों के द्वारा शादियों के सीजन को देखते हुए खरीदारी पूर्ण कर ली गई है नई नई वैरायटी के कपड़े बाजार में आए। कपड़ा व्यापारियों ने 50 लाख का कारोबार शादी विवाह के सीजन में किया है। <br /><br /><strong>सामूहिक विवाह सम्मेलन की रहेगी धूम</strong><br />नगर सहित क्षेत्र में सामूहिक विवाह की धूम रहेगी। क्षेत्र में नागर समाज, मीणा समाज, मेघवाल समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन प्रस्तावित है। सम्मेलनों की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। भगवान गणपति को निमंत्रण दिया जा चुका है। आगामी दिनों में सामूहिक विवाह के आयोजनों से बाजार भी गुलजार रहेंगे।<br /><br /><strong>पिछले साल की अपेक्षा इस साल तीन माह में 350</strong> <br />शादियां हुईसुल्तानपुर पंडित संदीप आचार्य एवं पंडित मयंक गौतम ने बताया कि गत तीन साल में अप्रैल, मई जून में शादियों के आंकड़ों पर नजर डाले तो पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष में कोरोना महामारी नहीं चलने के कारण 150 शादियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जहां 2020 में अप्रैल, मई, जून में शादियों का सीजन आने से पहले ही कोरोना वायरस का प्रभाव चालू हो जाने से शादियां नहीं हो पाई थी। 2021 में शादियां तो शुरू हो गई थी करीब 200 शादियां हो पाई थी कि कोरोना का प्रभाव तेज होने के कारण सरकार ने शादियां नहीं करने की गाइडलाइन निकाल दी थी जिस पर शादियों पर रोक लग गया था। इस वर्ष सुल्तानपुर कस्बे सहित क्षेत्र में करीब 350 शादियां अब तक हुई है करीब ढाई सौ शादियां आगे भी होनी बाकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 16:56:35 +0530</pubDate>
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                <title>शादी की खुशियां बदली मातम में : दूल्हे सहित 9 बरातियों की मौत : हादसे के बाद ढाई घंटे पानी में डूबे रहे शव</title>
                                    <description><![CDATA[ मृतकों में 3 चौथ का बरवाड़ा और 6 जयपुर के, चौथ का बरवाड़ा से उज्जैन जा रही थी बारात ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-happiness-of-marriage-turned-into-mourning--the-bodies-were-submerged-in-water-for-two-and-a-half-hours-after-the-accident--barati-s-car-fell-in-chambal-river--9-marriages-including-the-groom-died--among-the-dead--3-chauth-ka-barwada-and-6-in-jaipur/article-4740"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/du1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नयापुरा थाना क्षेत्र में रविवार तड़के बरातियों की एक कार चम्बल नदी में जा गिरी। जिससे कार में सवार दूल्हा, उसके बहनोई और उसके भाई समेत 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस व प्रशासन को घटना की जानकारी दो से ढाई घंटे बाद मिली। इतने समय शव पानी में डूबे रहे। पुलिस ने सभी शवों को नदी से निकालकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए। बारात चौथ का बरवाड़ा से उज्जैन जा रही थी। शहर पुलिस अधीक्षक केसरसिंह शेखावत ने बताया कि सुबह 8 बजे करीब सूचना मिली थी कि नयापुरा में चम्बल नदी में एक कार गिरी हुई है। इस सूचना पर पुलिस व निगम के गोताखोरों की टीम को मौके पर रवाना किया। वहां जाकर क्रेन की सहायता से कार को बाहर निकाला जिसमें 7 लोग मिले। उसके बाद निगम के गोताखोरों ने नदी में तलाश किया तो दो शव बाद में मिले। इस तरह से कार नदी में गिरने से 9 लोगों की मौत हुई है। अचानक हुए इस हादसे से कोटा में तो हड़कम्प मच गया। साथ ही चौथ का बरवाड़ा में दूल्हे के परिवार और उज्जैन में दुल्हन के परिवार में खुशी की जगह मातम का माहौल छा गया। दोपहर 12.15 बजे पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को एक साथ 9 एम्बुलेंस से चौथ का बरवाड़ा व जयपुर के लिए रवाना किया गया। <br /><br /><strong>पूरा परिवार हुआ खत्म </strong><br />सवाईमाधोपुर। किशन गोपाल के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा केशव है जिसकी शादी नहीं हुई है। जबकि छोटे बेटे अविनाश की शादी के तीन दिन कार्यक्रम करने के बाद रविवार को बारात उज्जैन जा रही थी। दोनों भाइयों की बारात में जाते समय हादसे में मौत हो गई है। हादसे में किशन गोपाल का पूरा परिवार ही खत्म हो गया है। दूल्हे के बहनोई शुभम और बहन नेहा की शादी 15 नवम्बर 2021 को हुई थी। नेहा की ससुराल जयपुर में है। जयपुर से यहां दोनों शादी में शरीक होने आए थे। नेहा की जान बच गई, लेकिन उसका पूरा जीवन बर्बाद हो गया है।<br /><br /><strong>इनकी हुई मौत </strong><br />एसपी ने बताया कि अर्टिगा कार में सवार 9 में से 3 लोग चौथ का बरवाड़ा के और 6 लोग जयपुर के रहने वाले थे। मृतकों में चौथ का बरवाड़ा निवासी दूल्हा अविनाश वाल्मीकि (23), उसका बड़ा भाई केशव (30) व कार चालक इस्लाम खान (35) के अलावा दूल्हे का बहनोई गौतम नगर जयपुर निवासी शुभम् (23), रोहित (22) व कुशाल (22), आमागढ़ ट्रांसपोर्ट नगर जयपुर निवासी राहुल (25), घाटगेट जयपुर निवासी विकास (24) और मालवीय नगर निवासी मुकेश कुमार (35) शामिल हैं। जबकि बस में दूल्हे के पिता किशनलाल समेत अन्य लोग सवार थे। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों की बस भी मौके पर पहुंची। मोर्चरी के बाहर दूल्हे के पिता समेत अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। <br /><br /><strong>प्रभारी मंत्री और विधायक पहुंचे सांत्वना देने</strong><br />प्रभारी व पीडब्लूडी मंत्री भजनलाल जाटव भरतपुर से गमगीन परिवार को सांत्वना देने चौथ का बरवाड़ा पहुंचे। हादसे की खबर से चौथ का बरवाड़ा गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। दोपहर करीब सवा तीन बजे कोटा में पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव चौथ का बरवाड़ा पहुंचे। शवों के यहां पहुंचते ही कोहराम मच गया। जहां दुल्हन आनी थी। वहां अपने परिजनों के शव आता देखकर गांववासी भी अपने आंसू नहीं रोक सके। क्षेत्रीय विधायक अशोक बैरवा और जिला कलक्टर सुरेश कुमार ओला सहित कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। <br /><strong><br />राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, पूर्व सीएम और लोकसभा अध्यक्ष ने जताया दु:ख<br />मृतकों के आश्रितों को दो और पांच लाख रुपए की सहायता</strong><br />कोटा में दूल्हे सहित बारातियों की मौत पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल कलराज मिश्र, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक संवेदना व्यक्त की है। राष्ट्रपति और राज्यपाल ने शोकाकुल परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि दूल्हे सहित नौ लोगों की मौत बेहद दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कलेक्टर से बात कर पूरी घटना की जानकारी ली है। गहलोत ने पीडब्ल्यूडी मंत्री भजनलाल जाटव को घटना स्थल पर जाने के निर्देश दिए। हादसे में मृतक आश्रित को दो लाख रुपए की और एक परिवार से दो या अधिक मृतकों पर अधिकतम पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे ने कहा कि इस हृदय विदारक दुर्घटना ने हम सब को आहत कर दिया है। मैं ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शान्ति तथा शोक संतृप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करती हूं। </p>
<p><strong>दो भाई और एक दोस्त की अर्थी को एक साथ देख लोगों की आंखें नम</strong><br />जयपुर से दोस्त के साले की शादी में चौथ का बरवाड़ा गए पांच परिवारों की खुशियां रविवार को मातम में बदल गईं। यहां टोंक फाटक स्थित गौतम नगर की वाल्मीकि बस्ती में दो भाइयों और एक दोस्त की अर्थी एक साथ उठी तो पूरी बस्ती के लोगों की आंखे नम हो गईं। लोगों का कहना है कि मृतक पांच दोस्त हमेशा एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ रहते थे। मृतक शुभम अपने भाई खुशाल और चार दोस्तों के साथ अपने साले अविनाश की शादी में चौथ का बरवाड़ा गया था। सभी शादी से एक दिन पहले ट्रेन से शुभम की ससुराल गए थे। शुभम की 11 नवंबर को ही शादी हुई थी। इसलिए ससुराल में कार्यक्रम उसके दोस्त भी साथ गए थे।<br /><br /><strong>कई जगह एक साथ किया काम</strong><br />शुभम के बड़े भाई मनोज कुमार ने बताया कि सभी दोस्त एक साथ में रहते थे। कई जगहों पर साथ में काम किया। सभी की अच्छी दोस्ती थी। किसी भी परिवार में कोई भी कार्यक्रम होता तो सभी दोस्त मिल कर काम करते थे। इसलिए शुभम के साले अविनाश की शादी में जाने के लिए पहले से ही कार्यक्रम बनाया था। शुभम के पांच भाई हैं। मृतक तीसरे नंबर का था। खुशाल की दो बहनें और दो भाई हैं। मृतक खुशाल सबसे बड़ा था। दूल्हे अविनाश को लेकर कार में शुभम और उसके दोस्त बैठे हुए थे। हादसा कैसे हुआ इसके बारे में पता नहीं चला, क्योंकि गाड़ी में सवार नौ लोगों के शव नदी से बाहर निकाले हैं।<br /><br /><strong>चार माह पहले हुई थी शादी</strong><br />शुभम की चार महीने पहले ही शादी हुई थी। इसलिए पत्नी 15 दिन पहले ही अपने घर चली गई थी। इधर परिवार खुशाल की शादी की तैयारी कर रहा था।<br /><strong><br />शादी की चल रही थी तैयारी</strong><br />गौतम नगर कच्ची बस्ती निवासी मृतक रोहित के भाई अजय ने बताया कि हम रोहित की शादी की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले दो बहनों और मेरी शादी हो चुकी है। एक परिवार से शादी की चर्चा चल रही थी। अगर सब कुछ ठीक रहता तो शादी करने का विचार था। परिवार में दो भाई और तीन बहने हैं। इसमें से एक भाई और दो बहनों की शादी हो चुकी है। इस बार रोहित की शादी की तैयारी चल रही थी। इससे पहले ही हादसे में रोहित की मौत हो गई।<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Feb 2022 11:03:57 +0530</pubDate>
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                <title>वैलेंटाइन-डे स्पेशल : प्रदेश के पावर कपल्स के यादगार प्रेम विवाह</title>
                                    <description><![CDATA[दुनियाभर में आज वेलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। वेलेंटाइन डे यानि प्यार का दिन पूरी तरह विश्वास और कमिटमेन्ट पर टिका हुआ है। राजस्थान के आईएएस, आईपीएस एवं आईआरएस सेवा में कुछ ऐसे पावर कपल्स भी हैं, जिन्होंने प्रेम विवाह किया और वे समाज के लिए मिसाल बने। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%A1%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2---%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%AA%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9/article-4440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/11.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दुनियाभर में आज वेलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। वेलेंटाइन डे यानि प्यार का दिन पूरी तरह विश्वास और कमिटमेन्ट पर टिका हुआ है। राजस्थान के आईएएस, आईपीएस एवं आईआरएस सेवा में कुछ ऐसे पावर कपल्स भी हैं, जिन्होंने प्रेम विवाह किया और वे समाज के लिए मिसाल बने। <br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><br /><strong>मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान हुई मुलाकात पति-पत्नी दोनों डीआईजी</strong></span></span><br />आईपीएस डॉ. विकास पाठक और उनकी पत्नी प्रीति चंद्रा दोनों डीआईजी हैं। डॉ. विकास कहते हैं कि हम दोनों बैचमेट थे, मेरी और प्रीति की पहली मुलाकात मसूरी में हुई थी। विकास का जन्म उत्तर प्रदेश के बस्ती 1981 में और प्रीति चन्द्रा का सीकर के कुंदन गांव में 1979 में हुआ। वे बताते हैं कि टेÑनिंग के दौरान मित्रता कब प्यार में बदली ये पता ही नहीं चला। हैदराबाद में ट्रेनिंग के दौरान ही हमारी सगाई हो गई। 2009 में हमारी शादी हो गई। डॉ. विकास कहते हैं कि जिन्दगी बेहद खूबसूरत है। हम दोनों बेहद व्यस्त रहते हैं, लेकिन एक-दूसरे के लिए पूरा समय रखते हैं। <br /><strong><br /></strong><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong>नागपुर में ट्रेनिंग में ही हो गया था प्यार</strong></span></span><br />दिल्ली इनकम टेक्स विभाग में एडीजी संजीव सिंह एवं उनकी पत्नी रिचा खोड़ा कमिश्नर अपील में कार्यरत हैं। संजीव कहते हैं कि नागपुर में ट्रेनिंग के दौरान ही जब हम मिले थे तो मुझे लग गया था कि रिचा मेरे लिए ही बनी है। एक दिन मैंने रिचा को इजहारे मोहब्बत किया। हालांकि मैं राजपूत हूं और रिचा मीणा जाति से हैं, लेकिन मैंने कभी जाति-पाति में विश्वास नहीं किया। हमारे घरवालों ने भी मामूली ऐतराज जताया और हमारे रिश्ते के लिए हामी भर दी। पिछले साल ही हमने शादी की 25वीं वर्षगांठ उत्तराखंड के पहाड़ों में मनाई है। मुझे लगता है कि रिचा जैसा पार्टनर मिलना मेरे लिए एक सौगात है। <br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br />अद्भुत है श्रुति भारद्वाज और एलसी असवाल की प्रेम कहानी</strong></span></span><br />पूर्व आईएएस एलसी असवाल और वरिष्ठ आरएएस श्रुति भारद्वाज की प्रेम कहानी में कई टविस्ट एवं टर्न आए, लेकिन अन्तत: दोनों का एक-दूसरे के प्रति कमिटमेन्ट और समर्पण सभी बाधाओं को पार करने में सफल रहा। श्रुति कहती हैं कि मेरी पहली पोस्टिंग कलक्ट्रेट में अस्सिटेंट कलक्टर के पद पर बतौर ट्रेनर हुई थी। तब असवाल कलक्ट्रेट में एडीएम थे। मुझे इन्होंने प्रपोज किया था और मैंने हां, कहने में सालभर का समय लगा दिया। हालांकि हम दोनों के घरवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे, और मैं उनसे 12 साल छोटी थी, लेकिन एक-दूसरे के प्रति प्रेम को देखकर आखिरकार घरवालों को भी मानना पड़ा। श्रुति कहती हैं कि हमारी शादी 14 फरवरी, 1997 में हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Feb 2022 12:07:08 +0530</pubDate>
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