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                <title>फारस की खाड़ी में फिर बढ़ा युद्ध का खतरा: अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता टूटने की आशंका प्रबल, ईरान बोला- जल्दबाजी मंजूर नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मेहरान कामरावा के अनुसार, अमेरिका-ईरान शांति समझौता टूटने की कगार पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए संशोधनों के दबाव और प्रतिबंध हटाने की शर्तों पर दोनों पक्षों में गहरा मतभेद है। ईरान जहां धीमी प्रक्रिया चाहता है, वहीं अमेरिका त्वरित समझौते के पक्ष में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/danger-of-war-increases-again-in-the-persian-gulf-fear/article-155814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/america-and-iran.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे शांति समझौते की टूटने की आशंका जतायी जा रही है। कतर में जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मेहरान कामरावा ने बताया कि फारस की खाड़ी में तनाव और सैन्य टकराव किसी भी पल फिर से शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की परिसंपत्तियों पर लगी रोक और ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों को हटाने का प्रश्न अब भी बातचीत में प्रमुख गतिरोध बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हालांकि समझौते पर मोटेतौर पर रूपरेखा पर सहमति बन गई है लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार नए संशोधन करने की प्रयास कर रहे हैं, जिसे ईरान भरोसे के लायक नहीं मानता है।</p>
<p>उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटा ले, जबकि ट्रंप का कहना है कि प्रतिबंधों में राहत "ईरान के बर्ताव' के आधार पर दी जानी चाहिये। राष्ट्रपति ट्रंप इस बात पर भी अड़े हैं कि समझौते के तहत ईरान की जब्त की गयी राशि जारी नहीं की जायेगी, भले ही मसौदा समझौते में इन संपत्तियों का आधा हिस्सा जारी करने का प्रावधान है। समझौते के स्वरूप को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद बरकरार हैं।</p>
<p>प्रो. कमरावा बताते हैं, "ईरानियों और अमेरिकियों की इस बात को लेकर बिल्कुल अलग-अलग धारणाएं हैं कि किसी समझौते का स्वरूप कैसा होना चाहिए। ईरान एक अपेक्षाकृत धीमी गति से आगे बढ़ने वाले समझौते का पक्षधर है। वह इस प्रक्रिया में पर्याप्त समय लेना चाहता है और जरूरी नहीं कि किसी त्वरित समझौते पर पहुंचे। दूसरी ओर, अमेरिका एक शीघ्र और तेजी से संपन्न होने वाला समझौता चाहता है।"<br />गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियों का लगातार विरोध कर रहा इजरायल अब भी ऐसा अनिश्चित तत्व बना हुआ है, जो किसी भी समय शांति समझौते को विफल कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:33:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title> प्रश्नकाल स्थगित कर सदन में हुई दो घण्टे चर्चा के बाद भी नहीं हुआ गतिरोध खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष ने तीसरे दिन भी नहीं लिया हिस्सा, भाजपा के चारों निलंबित सदस्य बहाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%98%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%86-%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE/article-4476"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/vidhansabha_150222.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल स्थगित कर रीट परीक्षा धांधली पर हुई दो घंटे चर्चा के बाद भी पक्ष-विपक्ष के बीच पिछले दिनों से चल रहा गतिरोध समाप्त नहीं हुआ। चर्चा के बाद प्रतिपक्ष के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए। इसके चलते राज्यपाल के अभिभाषण में तीसरे दिन की चर्चा विपक्ष की गैर मौजूदगी में हुई। हालांकि प्रतिपक्ष अपने निलंबित चार साथियों को बहाल कराने में कामयाब रहा। सदन में चौथे दिन भी प्रतिपक्ष के सदस्य रीट परीक्षा प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने पर अड़े रहे, जबकि सरकार ने इसके लिए साफ इनकार करते हुए उलटे विपक्षियों पर कई तरह के आरोप जड़ दिए। </p>
<p><br />सदन की कार्रवाई सुबह 11 बजे शुरू होते ही प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया और उप नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि हम चाहते हैं कि सदन सुचारू रूप से चले और राजस्थान की जनता के हितों को लेकर सार्थक चर्चा हो, लेकिन इससे पहले भाजपा के चारों निलंबित सदस्यों रामलाल शर्मा, मदन दिलावर, चन्द्रभान आक्या और अविनाश गहलोत को बहाल किया जाए। इसके बाद रीट जैसे महत्वपूर्ण मामले पर प्रश्नकाल स्थगित कर चर्चा की जाए। चारों सदस्यों की बहाली के बाद ही हम चर्चा में भाग लेंगे। बहाली के लिए संसदीय मामलात मंत्री सदन में प्रस्ताव रखें। इस पर अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि सदन को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी पक्ष और विपक्ष दोनों की है। इस पर संसदीय मामलात मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि एक ही सदस्य बार-बार सदन की मर्यादा को तार-तार करते हैं। इससे प्रतिपक्ष की गरिमा पर भी विपरित प्रभाव पड़ता है। ऐसे सदस्य को नियंत्रण में रखने की जिम्मेदारी विपक्ष की है। इसके बाद धारीवाल ने चारों सदस्य को बहाल करने के लिए प्रस्ताव रखा। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई आधा घण्टे के लिए स्थगित कर दी। अध्यक्ष के कक्ष में दोनों पक्षों के बीच तय हुआ कि दो घंटे तक रीट परीक्षा को लेकर चर्चा की जाएगी और इसमें दोनों पक्षों के सदस्य बोलेंगे। सदन की कार्रवाई दुबारा शुरू होने पर रीट परीक्षा पर साढ़े 11 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक चर्चा हुई। चर्चा में भाजपा के राजेन्द्र राठौड़, सतीश पूनिया, रालोपा के नारायण बेनीवाल, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने भाग लिया। चर्चा के बाद संसदीय मंत्री शांति धारिवाल ने सरकार की तरफ से जवाब दिया, लेकिन उससे प्रतिपक्ष के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए। इससे पहले धारीवाल ने सीबीआई जांच की मांग ठुकराते हुए जब निंबाराम के बहाने आरएसएस पर आरोप लगाए। <br /><br /><strong>राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का सीएम आज देंगे जवाब</strong><br />राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल कलराज मिश्र के अभिभाषण पर हुई चर्चा का मंगलवार को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जवाब देंगे। राज्यपाल ने नौ फरवरी को सदन में अपना अभिभाषण दिया था। गहलोत अपने जवाब में रीट को लेकर भाजपा के उठाए मुद्दे का भी जवाब देंगे। सरकार रीट धांधलियों की सीबीआई जांच करवाने से साफ  इनकार कर चुकी है। अब तक अभिभाषण पर बहस में भाजपा के किसी विधायक ने हिस्सा नहीं लिया है। भाजपा को भी बहस के लिए लगभग पांच घंटे का समय दिया है।<br /><strong><br />संसदीय इतिहास में अब तक केवल पांच बार हुआ स्थगित<br />पहली बार 31 साल पहले स्थगित हुआ था प्रश्नकाल</strong><br /> राजस्थान विधानसभा में सबसे पहले जून 1990 में प्रश्नकाल स्थगित हुआ था। विधानसभा के इतिहास में अब तक केवल पांच बार ही प्रश्नकाल स्थगित हुआ है। पांचवीं बार सोमवार को प्रश्नकाल स्थगित किया गया। विशेष परिस्थिति में ही प्रश्नकाल स्थगित कर किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा की जाती है।<br />1.    26 जून, 1990 : नवीं विधानसभा का दूसरा सत्र। चित्तौड़गढ़ के मंडावरी गांव में कंजरों की हत्या के मामले पर चर्चा के लिए पहली बार प्रश्नकाल स्थगित किया गया। <br />2.    4 अप्रैल, 1994 : दसवीं विधानसभा का दूसरा सत्र। अजमेर जिले के ब्यावर में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना और प्रदेश में पेयजल संकट पर चर्चा के लिए प्रश्नकाल स्थगित किया गया था।<br />3.    17 अप्रैल, 2021 : 11वीं विधानसभा का छठां सत्र। बजट लीक प्रकरण को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ था। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे। भाजपा के कद्दावर नेता भैंरोसिंह शेखावत नेता प्रतिपक्ष थे। प्रतिपक्ष ने विधानसभा में अनिश्चितकालीन धरना दिया था। प्रश्नकाल स्थगित कर बजट 2001-2002 के प्रेस नोट आउट होने के संबंध में वित्त मंत्री ने सदन में अपना व्यक्तव्य दिया था। उस चर्चा में 16 सदस्यों ने भाग लिया था।<br />4.    16 मार्च, 2015 : 14वीं विधानसभा का चौथा सत्र। प्रदेश में हुई ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर चर्चा और राहत कार्यों के संबंध में राज्य सरकार को व्यक्तव्य देने के कारण प्रश्नकाल स्थगित किया गया था। <br />5.    14 फरवरी, 2022 : अभी 15वीं विधानसभा का सातवां सत्र चल रहा है। रीट परीक्षा के मामले में सदन में चर्चा को लेकर प्रश्नकाल स्थगित किया गया। इस चर्चा में पक्ष-विपक्ष के पांच सदस्यों ने हिस्सा लिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Feb 2022 11:31:09 +0530</pubDate>
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