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                <title>सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर: वक्त के साथ अपनी धरोहर को संजोए हुए या लुप्त हो रहा अस्तित्व</title>
                                    <description><![CDATA[सिनेमाघर जहां सपने उड़ान भरते हैं और सितारे जमीं पर उतरते हैं, जहां 3 घंटे में आप हर वो एहसास कर लेते हैं। ख्वाबों के महल, बचपन की यादें, पहला प्यार, दोस्ती-दुश्मनी, दर्द और लड़ने का जज्बा, वो शहर वो गली, वो जगह, हर अनुभव महसूस करते हैं। अपनी हर परेशानी भूल कर पूरी जिंदगी जी लेते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/with-time--the-existence-of-its-heritage-is-being-preserved-or-vanishing/article-13142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/cinema.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> सिनेमाघर जहां सपने उड़ान भरते हैं और सितारे जमीं पर उतरते हैं, जहां 3 घंटे में आप हर वो एहसास कर लेते हैं। ख्वाबों के महल, बचपन की यादें, पहला प्यार, दोस्ती-दुश्मनी, दर्द और लड़ने का जज्बा, वो शहर वो गली, वो जगह, हर अनुभव महसूस करते हैं। अपनी हर परेशानी भूल कर पूरी जिंदगी जी लेते हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>सिनेमाघर और राजस्थान राज घराना</strong></span><br />दोनों ही एक दूजे से जुड़े है। महाराजा स्वामी राम सिंह द्वितीय का फिल्मों से रिश्ता बरसों पुराना रहा है, जिसे उन्होंने 1879 में एक थिएटर के रूप में बनवाया और जयपुर को पहला सिनेमाघर मिला, जिसका नाम राम प्रकाश टॉकीज था।  इसने नाटकों व फिल्मों को हमसे जोड़ा और वो सब दिया, जो हर दिल चाहता है ‘एंटरटेनमेंट’, लेकिन अब ये बंद हो चुका है। जयपुर और शानो शौकत का अटूट संबध है, एशिया का सबसे बड़ा सिनेमाघर यानी राज मंदिर, इसकी शान का  जीता जागता नमूना है।</p>
<p>इसकी सजावट, बनावट, नक्काशी और रॉयल टच के साथ यह पूरी दुनिया में मशहूर है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए राज मंदिर उनकी यादों का हिस्सा बन जाता है। बड़े स्क्रीन पर मखमली पर्दे, जो प्राकृतिक फूलों की खुशबू से भरे हैं, झूमरों से सजी ऊंची छत और नौ सितारे यहां आने वालों को खुद सितारा होने का एहसास कराते हैं। इसे मेहताब चंद्र जी गोलेछा ने बनवाया था। इसकी नींव 1966 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया ने रखी थी और 1976 में पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने इसका उद्घाटन किया था। राजमंदिर में पहली फिल्म चरस लगी थी, जिसका नशा, आज भी सिर चढ़ कर बोल रहा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>गोलेछा सिनेमा :</strong> </span>गोलेछा सिनेमा का पूर्व नाम प्रेम प्रकाश था, जो राजस्थान में 70 मिमी स्क्रीन का एकमात्र हॉल, जो आज चंद्रमहल के नाम से जाना जाता है। अब ये सिनेमा हॉल तीन स्क्रीन वाला मल्टीप्लेक्स है। प्रसिद्ध प्रेम प्रकाश समोसा, इसकी बड़ी स्क्रीन की तरह बहुत मशहूर है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>पोलो विक्ट्री सिनेमा :</strong> </span>भारत ने 1933 में पोलो में विश्व कप जीता था। ये हॉल उसी उपलक्ष्य में एक गर्व के रूप में बनाया गया, जिसका उद्घाटन स्वतंत्र भारत के राज्यपाल जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने किया। यह भी अब मल्टीप्लेक्स बन चुका है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>जेम सिनेमा :</strong></span> फिल्म प्रेमियों का रत्न हुआ करता था, लेकिन प्रतिस्पर्धा के कारण ये बंद हो गया। कई वर्षों बाद नए लुक में यह फिर शुरू हुआ और दर्शकों से अपना रिश्ता बनाने लगा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>कोहिनूर सिनेमा :</strong> </span>नवीनीकृत करने के बाद ये दर्शकों की भीड़ को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।<br /><span style="color:#ff0000;"><strong>पारस सिनेमा :</strong> </span>गुलाबी रंग की दीवारों से सजा ये दर्शकों को खूब लुभाता है।<br /><span style="color:#ff0000;"><strong>लक्ष्मी मंदिर :</strong></span> बेहतरीन सिनेमा हॉल में से एक, लेकिन अब धीरे-धीरे अपना वजूद खो रहा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>अंकुर सिनेमा :</strong> </span>अपना अस्तित्व बनाए रखने में नाकाम हो रहा है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>बंद हो चुके सिनेमा हॉल: </strong></span>सम्राट, संगम, मिनर्वा, मयूर, मान प्रकाश, मोती महल सिनेमाघर शहर की अमिट विरासत का हिस्सा रहे, लेकिन आर्थिक तंगी, आधुनिक तकनीक और रखरखाव के बिना बंद हो चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jun 2022 13:20:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>लड़कियों की शिक्षा पर अपने वायदे से मुकरा तालिबान </title>
                                    <description><![CDATA[अफगान के लोग ढेरों मानवीय संकट से जूझ रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/taliban-reneged-on-its-promise-on-girls--education/article-8963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/10.jpg" alt=""></a><br /><p>काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से हालात दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे हैं। देश जहां एक तरफ आर्थिक मार झेल रहा है। वहीं दूसरी ओर अफगान के लोग ढेरों मानवीय संकट से जूझ रहे हैं। देश में चारों ओर अशांति फैली हुई है। तालिबान के सत्ता में आने के करीब आठ महीने बीत चुके हैं और तब से आज तक लड़कियों की शिक्षा को लेकर तालिबान का रवैया सही नहीं रहा है। तमाम देशों द्वारा लड़कियों के स्कूलों को फिर से खोलने के सवालों पर तालिबान सरकार के अलग.अलग जवाब सामने आते रहते हैं।<br /><br /><strong>अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा</strong><br />अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इस तथ्य पर निराशा व्यक्त की है कि तालिबान अफगानिस्तान में लड़कियों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने तालिबान सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा। वाशिंगटन में एक सीनेट समिति के समक्ष गवाही देते हुए ब्लिंकन ने कहा कि तालिबान छठी कक्षा से ऊपर अफगान लड़कियों को शिक्षा तक पहुंच देने के अपने वादे को पूरा करने में असमर्थ रहा है। ब्लिंकन ने कहा, हमने देखा है कि हाल ही में तालिबान अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हट गया है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि लड़कियां छह कक्षा से ऊपर स्कूल जा सकें। ब्लिंकन ने बताया, आइएसआइएस के जैसा कि आप जानते हैं तालिबान का दुश्मन है और यह मुद्दा तालिबान की इच्छा नहीं है, यह उनकी क्षमता है।   इसके अलावाए एक अफगान महिला अधिकार कार्यकर्ता शाहला अरीफी ने महिला शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस जरूरी तथ्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, अफगान महिलाएं देश का भविष्य हैं और फिर भी उन्हें शैक्षिक सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। इससे पहले अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष दूत थामस वेस्ट ने फोेन पर बातचीत में लड़कियों के स्कूलों पर प्रतिबंध पर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से अपनी चिंता व्यक्त की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 May 2022 16:04:00 +0530</pubDate>
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                <title>'धर्म संसद' पर सुप्रीम कोर्ट का हिमाचल को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[ सुनवाई के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-notice-to-himachal-on-dharma-sansad--directing-uttarakhand-to-present-its-report/article-7868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/supreme-court1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को पिछले साल दिसंबर में हरिद्वार की एक कथित 'धर्म संसद' में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक भड़काऊ भाषण के आरोप पर दर्ज मुकदमों की स्थिति का विवरण 22 अप्रैल से पहले पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने हरिद्वार की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में 17 अप्रैल को आयोजित एक कार्यक्रम पर रोक लगाने की अर्जी पर बुधवार को सुनवाई के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता पत्रकार कुर्बान अली एवं अन्य की अर्जी पर दोनों सरकारों को ये निर्देश दिए।<br /><br />पीठ ने यह कहते हुए 17 अप्रैल को होने वाली हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित 'धर्म संसद' पर रोक लगाने से किया इंकार कर दिया कि सरकार का पक्ष जानना जरूरी है।याचिकाकर्ता कुर्बान अली की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने हिमाचल प्रदेश में रविवार को प्रस्तावित धर्म संसद पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की थी।शीर्ष अदालत ने हालांकि याचिकाकर्ता कुर्बान अली को हिमाचल के कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने के लिए संबंधित जिला अधिकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखने की अनुमति दी।<br /><br />न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को हरिद्वार में दिसंबर 2021 के धर्म संसद के संबंध में दर्ज प्राथमिकियों पर कार्रवाई की स्थिति का विवरण सुनवाई की अगली तारीख 22 अप्रैल से पहले पेश करने का निर्देश दिया। हरिद्वार धर्म संसद में कथित आपत्तिजनक भाषणों के खिलाफ पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, पटना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश एवं अधिवक्ता अंजना प्रकाश एवं अन्य ने जनहित याचिकाएं दाखिल की थीं। शीर्ष अदालत के समक्ष दायर याचिकाओं में कहा गया है, Þधर्म संसद के नाम पर दिए गए भाषण केवल आपत्तिजनक ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की हत्या के खुलेआम आह्वान के समान हैं।Þ</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 18:17:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>राज्य सरकार कर रही है भेदभाव पूर्ण तरीके से काम- रामलाल शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[कहा विधायक जो चाहे करें सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी: रामपाल शर्मा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--state-government-is-working-in-a-discriminatory-manner--ramlal-sharma--bjp-state-chief-spokesperson-accused-the-congress-party-of-giving-a-free-hand-to-its-mlas--saying-whatever-the-mlas-want--the-government-will-not-take-any-action/article-7219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ram.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की सरकार भेदभाव पूर्ण कार्य कर रही है और यह बात अब जगजाहिर होने लगी है। राजस्थान के अंदर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अगर किसी आंदोलन के अंदर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करवाते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल की सलाखों के पीछे भेजने का काम करते हैं। लेकिन राजस्थान में यही कार्य कांग्रेस के विधायक करें तो वह बेखोफ होकर आमजन की तरह सरेआम घूम सकते हैं। सरकार कानून के दायरे के अंदर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने की मंशा नहीं रखती है और यह उदाहरण एक नहीं अनेकों मिलते हैं। चित्तौड़गढ़ के एक विधायक ने एसएचओ के विरुद्ध इतनी गालियां बकी है और एसएचओ ने परिवाद दर्ज करवाने के बावजूद भी सरकार उस विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और इसी तरीके से धौलपुर के एक विधायक ने किस तरीके से बिजली विभाग के एईएन व जेईएन के साथ मारपीट की, लेकिन उसके विरुद्ध भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।</p>
<p> </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी के समय कई विधायकों ने ऐसे कृत्य करने का साहस किया था लेकिन तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी ने कार्रवाई करते हुए एक नजीर पेश की थी। प्रदेश के अंदर प्रशासनिक तंत्र को बेखोफ होकर अपने कार्य को अंजाम देने का पूरा अधिकार है और अगर कोई व्यक्ति उसमे कोई बाधा उत्पन्न करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और उदाहरण के लिए कोटा के अंदर भी तत्कालीन विधायक पहलाद गुंजन जी ने जब एक सीएमएचओ के साथ कहासुनी सुनी हुई थी तो उसमें पार्टी ने उन्हें निष्कासित करने का काम किया था और देवी सिंह भाटी ने भी अपने ही सचिव के विरुद्ध हाथापाई की थी तो पार्टी ने उनको मंत्रिमंडल से हटाने का काम किया था। एक नहीं अनेकों उदाहरण इस प्रकार के है कि भारतीय जनता पार्टी ऐसे कृत्यों को कभी भी सहन नहीं करती। लेकिन राजस्थान की सरकार भेदभाव पूर्ण तरीके से विधायकों को इतनी खुली छूट दे रखी है कि उनके मन के अंदर जो आए वो करें, सरकार रोकने वाली कतई नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 16:12:24 +0530</pubDate>
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                <title>ऐतिहासिक फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है: HC]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/sectarian--historic-verdict--karnataka-high-court--while-dismissing-five-petitions-seeking-permission-to-wear-the-hijab-in-the-classroom--has-ruled-that-the-hijab-is-neither-a-mandatory-part-of-islam-nor-does-its-non-wearing-violate-any-religious-right/article-6303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/hijab.jpg" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक हाई कोर्ट ने कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति देने की अपील करने वाली पांच याचिकाओं को खारिज करते हुए फैसला दिया है कि हिजाब न तो इस्लाम धर्म का अनिवार्य अंग है और न ही इसके न पहनने से किसी प्रकार के धार्मिक अधिकार का हनन होता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हिजाब न पहनने से निजता व शिक्षा के मूल अधिकार का हनन नहीं होता है। तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि स्कूल वर्दी का नियम एक उचित पाबंदी है और संवैधानिक रूप से मान्य है। वर्दी के मामले में छात्राओं की आपत्ति उचित नहीं है। वास्तव में यह ऐसा रूढिवादीता फैसला है, जिसका मुस्लिम समाज के प्रगतिशील तबके को स्वागत करना चाहिए। यह एक ऐसा फैसला भी है, जिसके बाद हिजाब विवाद यहीं समाप्त हो जाना चाहिए, लेकिन लगता है ऐसा नहीं होगा क्योंकि याचिका दायर करने वाली छात्राओं के वकील ने कहा है कि मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे। दरअसल, कर्नाटक स्थित उड्डी के दो सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों की कुछ छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन द्वारा कक्षाओं में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। इससे पहले फरवरी के मध्य में हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक में फिर पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया। जब इस मामले का विरोध हुआ तो कुछ छात्र भगवा शॉल डालकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीति गर्म रही। तब इस विवाद के मूल में राजनीतिक निहितार्थ की बात कही गई। इसे लेकर मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने भी कहा कि अकादमिक सत्र के बीच में अचानक यह मुद्दा क्यों उठा? लगता है कि इसके पीछे किसी का हाथ है। निस्संदेह, अशांति पैदा करने व सद्भाव को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया गया। इस विवाद को लेकर आंदोलन में जगह-जगह पथराव, तोड़फोड़ की घटनाएं शुरू हो गईं। स्कूल-कॉलेज बंद तक करने की नौबत आ गई। धार्मिक स्वतंत्रता व निजता के अधिकार को लेकर बहस शुरू हो गई। लेकिन अंतत: अदालत ने इस सबसे इनकार कर दिया। लेकिन हिजाब की रस्म को जिस तरह मजहबी-चोला पहनाकर इस्लाम के मुल्ला व फतवा जारी करने वालों ने मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय नहीं किया। जबकि आज महिलाओं को सशक्त बनाने की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 13:03:58 +0530</pubDate>
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                <title>  प्रदेश में तीसरी लहर अब समाप्ति की ओर  : 1102 नए रोगी,  6 की मौत,  20 हजार से कम हुए एक्टिव केस</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति का सटीक निकला आंकलन ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%93%E0%A4%B0----1102-%E0%A4%A8%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80---6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4---20-%E0%A4%B9%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%8F-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%B8/article-4478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/12.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर अब समाप्ति की ओर है। सोमवार को 1102 ही नए केस मिले और 6 मौतें भी हुई। बड़ी राहत यह है कि प्रदेश के 29 जिलों में 50 या इससे कम ही नए केस मिले हैं। जयपुर में भी नए पॉजिटिव केसों की संख्या 336 ही है। प्रदेश में मरीज घटने के साथ ही रिकवरी तीन गुना है। एक्टिव केस भी अब घटकर 18982 ही रह गए हैं। यूं ही रिकवरी रेट बनी रही तो आगामी दस दिनों में एक्टिव केस एक हजार से भी कम रह जाएंगे। सोमवार को कुल 12876 जांचों के हिसाब से प्रदेश की 8.55 और जयपुर में 4141 जांचों के हिसाब से 8.11 संक्रमण दर रही है। <br /><br /><strong>नवज्योति का सटीक निकला आंकलन </strong><br />राजस्थान में कोरोना की तीसरी लहर पर दैनिक नवज्योति का पहली और दूसरी लहर में मरीज, समयावधि और ट्रेंड के आधार पर किया गया आंकलन सटीक निकला। दैनिक नवज्योति ने 11 जनवरी को मुख्य पृष्ठ पर तीसरी लहर के बारे में ‘इसी माह पीक संभव, 15 फरवरी तक राहत की उम्मीद’ शीर्षक से लीड समाचार प्रकाशित किया था, जिसमें बताया था कि जनवरी माह में ही तीसरी लहर का पीक आएगा और 15 फरवरी तक संक्रमण से बड़ी राहत मिल जाएगी। उसी के अनुरूप प्रदेश में 21 जनवरी को कोरोना का पीक आया, जिसमें 16,878 मरीज एक दिन में आए थे। वहीं अब 14 फरवरी यानी सोमवार को प्रदेश में 1102 ही नए संक्रमित आए हैं। <br /><br /><strong>जिलों में कितने नए रोगी</strong><br />जयपुर-336, राजसमंद-106, जोधपुर-85, बांसवाड़ा-70, नागौर-50, अलवर-49, भीलवाड़ा-गंगानगर में 37-37, बारां-36, अजमेर-35, पाली-31, सिरोही-30, कोटा-24, झालावाड़-22, झुंझुनूं-20, उदयपुर-19, प्रतापगढ़-14, सीकर-13, डूंगरपुर-12, करौली-11, चित्तौड़गढ़-10, दौसा-जैसलमेर-टोंक में 8-8, धौलपुर-6,भीलवाड़ा-बाड़मेर-बूंदी-सवाईमाधोपुर में 5-5, भरतपुर-3, जालौर-चूरू में 1-1, हनुमानगढ़ में कोई नया रोगी नहीं है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Feb 2022 11:49:59 +0530</pubDate>
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