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                <title>music - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अल्बर्ट हॉल पर भव्य सांस्कृतिक संध्या: मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में मनाया गया राजस्थान दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर राजस्थान दिवस का भव्य आयोजन हुआ। पद्मश्री अनवर खां और तगाराम भील की सुरीली प्रस्तुतियों के साथ 100 से अधिक लोक कलाकारों ने समां बांध दिया। दो घंटे तक चली इस सांस्कृतिक संध्या का समापन शानदार आतिशबाजी और जोश के साथ हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-day-celebrated-in-grand-cultural-evening-at-albert-hall/article-147113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/albert-hall.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में गुरुवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय सांस्कृतिक संध्या का अल्बर्ट हॉल पर भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री की पहल पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाए गए राजस्थान दिवस में पद्मश्री अनवर खां मांगणियार एवं दल और पद्मश्री तगाराम भील एवं दल की ओर से सुरीली प्रस्तुतियां दी गई। वहीं 100 से अधिक लोक कलाकारों एवं कथक नृत्यांगनाओं ने विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियों दी।  </p>
<p><strong>भव्य आतिशबाजी ने भरा जोश</strong></p>
<p>अल्बर्ट हॉल पर 2 घंटे से अधिक समय तक आयोजित हुई राज्य स्तरीय भव्य सांस्कृतिक संध्या का समापन रंग-बिरंगी आतिशबाजी से हुआ। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, गणमान्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 08:51:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकीय कन्या महाविद्यालय में शास्त्रीय गायन व सितार वादन की दी जाती है शिक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[महाविद्यालय में छह पद स्वीकृत जिनमें गायन व वादन में एक-एक पद खाली हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/where-music-sparks-employment-opportunities/article-132513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/500-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय कन्या कला महाविद्यालय में संचालित संगीत विभाग के नजदीक से आप गुजर रहे है तो वहां गुरूजनों के पैर छूती और सरस्वती वंदना करती हुई छात्राओं को देखकर आप चौकियें मत ये सभी संगीत  विभाग की छात्राएं हैं। एचओडी प्रेरणा शर्मा ने बताया कि अभी महाविद्यालय में करीब शास्त्रीय गायन व सितार वादन में करीब 100 छात्राएं अध्ययनरत हैं। जो कि हाड़ौती सहित अन्य स्थानों से यहां पर छात्राएं प्रवेश लेती है। वहीं कॉलेज में बरर्सों से छात्राओं को संगीत की  शिक्षा दे रही हूं। अभी तक महाविद्यालय की छात्राओं ने देश सहित विदेश में शहर व कॉलेज का नाम रोशन किया। एचओडी ने बताया कि संगीत में  प्रवेश लेने के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं होती है। यदि कोई छात्रा बीए करने बाद भी संगीत की शिक्षा लेना चाहते है तो उनका सरकारी प्रक्रिया के तहत एडमिशन होता है। पहले वर्ष में एक बार एग्जाम होता था। अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत एग्जाम  का आयोजन होता हैं। वहीं अभी महाविद्यालय में शास्त्रीय गायन व सितार वादन की शिक्षा दी जाती है। शास्त्रीय गायन में तीन अध्यापक जिसमें डॉ. राजेंद्र माहेश्वरी, पुनीता श्रीवास्तव, संतोष कुमार मीणा व सितार वादन में एक अध्यापिका है जिनमें एचओडी प्रेरणा शर्मा, ताबला वादन में देवेंद्र कुमार सक्सेना व महूराज राव द्वारा ताबले की कमान संभाली जाती हैं। महाविद्यालय में छह पद स्वीकृत जिनमें गायन व वादन में एक-एक पद खाली हैं। </p>
<p><strong>इतने है रोजगार के अवसर </strong><br />ऐसी छात्राएं जो कि पढ़ाई-लिखाई से हटकर अन्य किसी फील्ड़ में कामयाब होना चाहते हैं, तो वह संगीत  के क्षेत्र में कामयाब हो सकते है। संगीत के क्षेत्र में  शिक्षा लेने के बाद विद्यार्थी के सामने अपार रोजगार की संभावना है। जिसमें डिग्री पूरी करने के बाद छात्राएं सभी सरकारी नौकरी की तैयारी कर सकती हैं। साथ ही कुछ छात्राएं तो अभी रेल्वे,आकाशवाणी, लेखक, साहित्यकार, विभिन्न शादी- पार्टियों में प्रस्तुति, संगीत स्टूडियों सहित अन्य जगह पर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं </p>
<p><strong>अभी तक इतने प्रसिद्ध सितारे दिए है </strong><br /> एचओडी ने बताया कि कॉलेज द्वारा अभी तक प्रतिभावन छात्राओं को शिक्षा दी। जिनमें से नेहा पांचाल, बरखा राव, आस्था सक्सेना, दर्पण राव, शिवांगी भट्ट, भव्या छाबड़ा, संगीता सक्सेना, ज्योति ठाकुर सहित दर्जनों छात्राओं ने यहां से शिक्षा प्राप्त की जो कि आज भारत के प्रत्येक कोने में संगीत की शिक्षा दे रहे है। और कुछ ने तो टीवी पर संचालित रियलटी शो में प्रस्तुति देकर कॉलेज सहित शहर का नाम रोशन किया। </p>
<p>मैं छाबड़ा की रहने वाली हूं। यहां पर संगीत की शिक्षा ग्रहण करने आई हूं। मेरे को संगीत बचपन से ही पसंद था। जिसके चलते मेने संगीत विषय को चुना। इसमें रोजगार की अपार संभावना है। <br /><strong>- प्रियांशी शर्मा</strong></p>
<p>मेरे पापा बचपन से ही गाना गाते थे। जिसके चलते पापा ने ही मुझे संगीत विषय दिलाया है। संगीत सुने के बाद दिमाग क्रिएटिव रहता है और शांति मिलती हैं।<br /><strong>- हंसिका दुबे</strong></p>
<p>मैेंने जब संगीत विषय लिया तब जाकर थोड़ा पापा ने नाराजगी जाहिर की। पर मैंने उनको राजी किया। इसी के साथ ही संगीत को सुनकर मन को शांति मिलती हैं। वहीं संगीत में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। <br /><strong>- पार्थिवी गौड़</strong></p>
<p>मेरे को बचपन से ही संगीत पसंद था। इस वजह से मेने संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रही हूं। इसी के साथ में अभी विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। <br /><strong>- किस्मत सैनी</strong></p>
<p>मैं छाबड़ा की रहने वाली हूं मेरे पापा दुकानदार है। वे डेली मेडिटेशन करते हैं जिससे उनको समझाया कि संगीत कितना जरूरी हैं। इसी के साथ इसमें बीए,एमए, पीएचडी, नेट सहित विभिन्न डिग्रियों की पढ़ाई की जा सकती हैं। <br /><strong>- पूनम साहू </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />संगीत विषय में शहर सहित दूरदराज की छात्राएं अब संगीत की शिक्षा प्राप्त करने के लिए कॉलेज आती हैं। साथ ही इसमें अब कोई उम्र की बाधा नहीं होने की वजह से  अब अच्छी -खासी संख्या में प्रवेश हो रहे हैं। इसकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियो के सामने अपार रोजगार की अपार संभावनाएं है। <br /><strong>- प्रेरणा शर्मा, एचओडी संगीत विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 14:57:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुनिधि चौहान संग छाया कावा ब्रास बैंड के कलाकारों की आवाज का जादू</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थानी वेशभूषा में सजे-धजे कलाकार तुरही, ट्रॉम्बोन और यूफोनियम और ड्रम जैसे साजों के वीडियो में दिखाई देते हैं तो इस बैंड की लय और ताल के संग आम और खास भी कदमताल करने लग जाते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-magic-of-the-voices-of-the-artists-of-chhaya/article-83280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(2).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हाल ही मुंबई के कोक स्टूडियो ने बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर सुनिधि चौहान और शहर के जयपुर कावा ब्रास बैंड के कलाकारों के संग राजस्थानी संस्कृति से लबरेज रिकॉर्ड किया वीडियो सॉन्ग रिलीज हो गया है। </p>
<p>सॉन्ग का फ्यूजन संगीत काफी लुभावना है। यह बैंड हिंदुस्तानी शास्त्रीय और पश्चिमी पारंपरिक के साथ जैज संगीत का अद्भुत संगत प्रस्तुत करता है। इस बैंड के डायरेक्टर और मशहूर तबला नवाज हमीद खान कावा ने बताया कि यह पहला मौका होगा जब जयपुर के किसी बैंड के सुरीले साजों के साथ कलाकारों की आंसदार आवाज को सराहा गया।</p>
<p>ले ता जइजो रे दिलड़ा दे ता जइजो रे.... सरीखे इस राजस्थानी गीत को म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव ने अपने कर्ण प्रिय संगीत में पिरोया है। वहीं इसे मशहूर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर सुनिधि चौहान और जयपुर कावा ब्रास बैंड के लंगा मांगणियार कलाकारों ने अपने स्वरों से सजाया है। इस वीडियो सॉन्ग में राजस्थानी वेशभूषा में कलरफुल पगड़ी, अपनी खास शैली की जैकेट और धुमावदार जूतियां आकर्षित करती हैं। राजस्थानी वेशभूषा में सजे-धजे कलाकार तुरही, ट्रॉम्बोन और यूफोनियम और ड्रम जैसे साजों के वीडियो में दिखाई देते हैं तो इस बैंड की लय और ताल के संग आम और खास भी कदमताल करने लग जाते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 13:27:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>R. D. Burman ने अपने जादुई संगीत से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध</title>
                                    <description><![CDATA[चार दशक तक मधुर संगीत लहरियों से श्रोताओं को भावविभोर करने वाले पंचम दा 04 जनवरी 1994 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/r-d-burman-mesmerized-the-audience-with-his-magical-music/article-82905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/rd.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड में आर.डी.बर्मन को एक ऐसे संगीतकार के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपने जादुई संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।</p>
<p>आर.डी बर्मन का जन्म 27 जून 1939 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ था। उनके पिता एस.डी.बर्मन जाने माने फिल्मी संगीतकार थे। घर में फिल्मी माहौल के कारण उनका भी रूझान संगीत की ओर हो गया और वह अपने पिता से संगीत की शिक्षा लेने लगे। उन्होंने उस्ताद अली अकबर खान से सरोद वादन की भी शिक्षा ली। फिल्म जगत में पंचम दा के नाम से मशहूर आर.डी.बर्मन को यह नाम तब मिला जब उन्होंने अभिनेता अशोक कुमार को संगीत के पांच सुर सा.रे.गा.मा.पा गाकर सुनाया। नौ वर्ष की छोटी सी उम्र में पंचम दा ने अपनी पहली धुन 'ए मेरी टोपी पलट के आ' बनायी और बाद में उनके पिता सचिन देव बर्मन ने उसका इस्तेमाल वर्ष 1956 में प्रदर्शित फिल्म 'फंटूश' में किया। इसके अलावा उनकी बनायी धुन 'सर जो तेरा चकराये' भी गुरूदत्त की फिल्म 'प्यासा' के लिये इस्तेमाल की गयी।</p>
<p>अपने सिने करियर की शुरूआत आर.डी.बर्मन ने अपने पिता के साथ बतौर संगीतकार सहायक के रूप में की। इन फिल्मों में 'चलती का नाम गाड़ी' 1958 और 'कागज के फूल' 1959 जैसी सुपरहिट फिल्में भी शामिल है। बतौर संगीतकार उन्होंने अपने सिने करियर की शुरूआत वर्ष 1961 में महमूद की निर्मित फिल्म 'छोटे नवाब' से की लेकिन इस फिल्म के जरिये वह कुछ खास पहचान नही बना पाये। इस बीच पिता के साथ आर.डी.बर्मन ने बतौर संगीतकार सहायक उन्होंने बंदिनी (1963), 'तीन देवियां' (1965) और 'गाइड' जैसी फिल्मों के लिये भी संगीत दिया। वर्ष 1965 में प्रदर्शित फिल्म 'भूत बंगला' से बतौर संगीतकार पंचम दा कुछ हद तक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में सफल हो गये। इस फिल्म का गाना 'आओ ट्विस्ट करे' श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।</p>
<p> अपने वजूद को तलाशते आर.डी.बर्मन को लगभग दस वर्षो तक फिल्म इंडस्ट्री मे संघर्ष करना पड़। वर्ष 1966 में प्रदर्शित निर्माता निर्देशक नासिर हुसैन की फिल्म 'तीसरी मंजिल' के सुपरहिट गाने 'आजा आजा मैं हूँ प्यार तेरा' और 'ओ हसीना जुलफों वाली' जैसे सदाबहार गानों के जरिये वह बतौर संगीतकार शोहरत की बुंलदियो पर जा पहुंचे। वर्ष 1972 पंचम दा के सिने करियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। इस वर्ष उनकी 'सीता और गीता', 'मेरे जीवन साथी', 'बाम्बे टू गोवा', 'परिचय' और 'जवानी दीवानी' जैसी कई फिल्मों में उनका संगीत छाया रहा। वर्ष 1975 में रमेश सिप्पी की सुपरहिट फिल्म 'शोले' के गाने 'महबूबा महबूबा' गाकर पंचम दा ने अपना एक अलग समां बांधा जबकि 'आंधी', 'दीवार', 'खूशबू' जैसी कई फिल्मों में उनके संगीत का जादू श्रोताओं के सर चढ़कर बोला।</p>
<p>संगीत के साथ प्रयोग करने में माहिर आर.डी.बर्मन पूरब और पश्चिम के संगीत का मिश्रण करके एक नयी धुन तैयार करते थे। हांलाकि इसके लिये उनकी काफी आलोचना भी हुआ करती थी। उनकी ऐसी धुनों को गाने के लिये उन्हें एक ऐसी आवाज की तलाश रहती थी जो उनके संगीत में रच बस जाये। यह आवाज उन्हें पार्श्वगायिका आशा भोंसले में मिली। लंबी अवधि तक एक दूसरे का गीत संगीत में साथ निभाते-निभाते अन्तत दोनों जीवन भर के लिये एक दूसरे के हो लिये और अपने सुपरहिट गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते रहे। वर्ष 1985 में प्रदर्शित फिल्म 'सागर' की असफलता के बाद निर्माता निर्देशकों ने उनसे मुंह मोड लिया। इसके साथ ही उनको दूसरा झटका तब लगा जब निर्माता निर्देशक सुभाष घई ने फिल्म 'रामलखन' में उनके स्थान पर संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल को साइन कर लिया। इसके बाद हालांकि 'इजाजत', 'लिबास', 'परिंदा', '1942 ए लव स्टोरी' में उनका संगीत काफी पसंद किया गया।</p>
<p>संगीत निर्देशन के अलावा पंचम दा ने कई फिल्मों के लिये अपनी आवाज भी दी। बहुमुखी प्रतिभा के धनी आर.डी.बर्मन ने संगीत निर्देशन और गायन के अलावा 'भूत बंगला' (1965) और 'प्यार का मौसम' (1969) जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से भी दर्शकों को अपना दीवाना बनाया। आर डी बर्मन ने अपने चार दशकों से भी ज्यादा लंबे सिने करियर में लगगभ 300 हिन्दी फिल्मों के लिये संगीत दिया। हिन्दी फिल्मों के अलावा बंगला, तेलगु, तमिल, उडिया और मराठी फिल्मों में भी अपने संगीत के जादू से उन्होंने श्रोताओं को मदहोश किया। पंचम दा को अपने सिने करियर में तीन बार सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें 'सनम तेरी कसम', 'मासूम' और '1942 ए लवस्टोरी' शमिल है।</p>
<p>फिल्म संगीत के साथ-साथ पंचम दा गैर फिल्मी संगीत से भी श्रोताओं का दिल जीतने में कामयाब रहे। अमेरीका के मशहूर संगीतकार जोस फ्लोरेस के साथ उनकी निर्मित एलबम 'पंटेरा' काफी लोकप्रिय रही। चार दशक तक मधुर संगीत लहरियों से श्रोताओं को भावविभोर करने वाले पंचम दा 04 जनवरी 1994 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 13:19:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सेहत के लिए फायदेमंद है म्यूजिक, तेज होती है याददाश्त</title>
                                    <description><![CDATA[एक्सरसाइज करने के दौरान म्यूजिक सुनने से शारीरिक प्रदर्शन बेहतर हो जाता है। साल 2020 की एक शोध समीक्षा इस बात की पुष्टि करती है कि संगीत के साथ व्यायाम करने से आपका मूड बेहतर होता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/music-is-beneficial-for-health--memory-becomes-sharp/article-49641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(1)22.png" alt=""></a><br /><p>म्यूजिक सुनना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है,म्यूजिक में हमारी परेशानियों को दूर करने की क्षमता होती है। यह कठिन समय से निपटने का सबसे आसान तरीका हो सकता है। संगीत हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है,यह कई समस्याओं से छुटकारा दिलाता है और सेहत को कई फायदे पहुंचाता है। उत्साहवर्धक संगीत या गाने सुनने से ब्रेन में सेरोटोनिन नाम हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिससे हमारा मूड अच्छा हो सकता है। दिल और दिमाग के लिए म्यूजिक को लाभकारी माना जाता है। <br /><br /><strong>तनाव और एंजाइटी</strong><br />म्यूजिक सुनने से तनाव और एंजाइटी से  राहत मिल सकती है। हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक म्यूजिक तनाव, एंजाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से आपको छुटकारा दिला सकता है। इस बात के बहुत से प्रमाण हैं कि संगीत सुनने से आपको उन स्थितियों में शांत होने में मदद मिल सकती है जहां आप चिंतित महसूस करते हैं,एक स्टडी में यह बात सामने आई कि जब लोग संगीत सुनते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। संगीत सुनने से आपके तंत्रिका तंत्र को तेजी से ठीक होने में मदद मिल सकती है। <br /><br /><strong>याददाश्त में तेजी </strong><br />म्यूजिक सुनने से याददाश्त में सुधार हो सकता है, संगीत का आपकी याद करने की क्षमता पर पॉजिटिव असर पड़ता है,संगीत सुनने से संज्ञानात्मक गिरावट को धीमा करने में मदद करता है,यह लोगों को उनकी भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है,संगीत में मूड अच्छा करनी की क्षमता होती है । <br /><br /><strong>मानसिक बीमारी </strong><br />म्यूजिक मानसिक बीमारी के इलाज में मदद कर सकता है,शोधकर्ताओं के मुताबिक संगीत सुनने से कई न्यूरोकेमिकल्स रिलीज होते हैं, जो मस्तिष्क के कार्य और मानसिक स्वास्थ्य में भूमिका निभाते हैं,डोपामाइन,हालांकि  और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है कि संगीत को मानसिक बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सीय रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।  <br /><br /><strong>हार्ट हेल्थ में सुधार </strong><br />यह आपके दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है,वैज्ञानिक यह भी कहते हैं कि संगीत की तीव्रता और गति के आधार पर आपकी सांस की दर, आपका हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर में परिवर्तन हो सकता है,विश्लेषण में पता चला कि संगीत लोगों को तेज और पुराने दर्द दोनों का मैनेज करने में मदद करता है। <br /><br /><strong>एक्सरसाइज परफॉर्मेंस </strong><br />एक्सरसाइज करने के दौरान म्यूजिक सुनने से शारीरिक प्रदर्शन बेहतर हो जाता है। साल 2020 की एक शोध समीक्षा इस बात की पुष्टि करती है कि संगीत के साथ व्यायाम करने से आपका मूड बेहतर होता है। आपके शरीर को अधिक कुशलता से व्यायाम करने में मदद मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jun 2023 12:13:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ए.आर.रहमान की संगीत सभा रोकी</title>
                                    <description><![CDATA[मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान की संगीत सभा रविवार को रोक दी गई। पुलिस ने आयोजकों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी सभाओं के लिए रात दस बजे की सीमा रेखा तय कर रखी है। ताकि ध्वनि प्रदूषण नहीं फैले।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ar-rahmans-concert-stopped/article-44431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/ar-rahman.jpg" alt=""></a><br /><p>पुणे। यहां मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान की संगीत सभा रविवार को रोक दी गई। पुलिस ने आयोजकों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी सभाओं के लिए रात दस बजे की सीमा रेखा तय कर रखी है। ताकि ध्वनि प्रदूषण नहीं फैले। </p>
<p>रहमान यहां राजा बहादुर मिल रोड पर संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत करने आए थे। उन्हें फीलिंग स्माइल नामक संस्था ने कार्यक्रम प्रस्तुत करने बुलाया था। सभा रोकी जाने के बाद मीडिया ने आयोजकों से सम्पर्क कर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही, लेकिन उनके फोन बंद थे। जिस समय रहमान का कार्यक्रम पूरे जोरों से चल रहा था, उसी समय एक पुलिस अधिकारी मंच पर आए और कलाकारों को प्रदर्शन रोकने को कहा। अधिकारी ने अपनी घड़ी दिखा कर कहा कि रात के दस बज चुके हैं। आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत ध्वनि प्रदूषण नहीं फैलाएं और कार्यक्रम समाप्त करें। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रात दस बजे बाद संगीत सभा नहीं हो सकती। अत: दस बजे के बाद उसे रोक दिया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/ar-rahmans-concert-stopped/article-44431</link>
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                <pubDate>Tue, 02 May 2023 10:46:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>62 साल के हुए अनु मलिक, पिता भी थे जाने-माने संगीतकार</title>
                                    <description><![CDATA[ बतौर संगीतकार अनु ने अपने करियर की शुरूआत साल 1977 में प्रदर्शित फिल्म हंटरवाली से की लेकिन फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह से नकार दी गई। सरदार मलिक के बेटे होने के बावजूद अनु मलिक फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने के लिए संघर्ष करते रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/anu-malik-turns-62-father-was-also-a-well-known-musician/article-28442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/anu.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अपनी धुनों से श्रोताओं को मदहोश करने वाले संगीतकार अनु मलिक आज 62 साल के हो गए। अनु मलिक का मूल नाम अनवर मलिक है। उनका जन्म 02 नवंबर 1960 को हुआ था। उनके पिता सरदार मलिक फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने संगीतकार थे। बचपन के दिनों से अनु मलिक का रूझान संगीत की ओर थी और वह संगीतकार बनने का सपना देखने लगे। उनके पिता ने संगीत के प्रति बढ़ते रूझान को पहचान लिया और उन्हें इस राह में चलने के लिए प्रेरित किया। अनु मलिक ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा पंडित राम प्रसाद शर्मा से हासिल की। <br /><br />बतौर संगीतकार अनु ने अपने करियर की शुरूआत साल 1977 में प्रदर्शित फिल्म हंटरवाली से की लेकिन फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह से नकार दी गई। सरदार मलिक के बेटे होने के बावजूद अनु मलिक फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने के लिए संघर्ष करते रहे। आश्वासन तो सभी देते थे लेकिन उन्हें काम करने का अवसर नही  मिला।<br /><br />साल 1981 में अनु मलिक को निर्देशक हरमेश मल्होत्रा की फिल्म पूनम में संगीत देने का मौका मिला। पूनम ढिल्लो और राज बब्बर की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म भी टिकट खिड़की पर बुरी तरह पिट गयी। अनु मलिक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करते रहे।इस दौरान उन्होंने आपस की बात, एक जान है हम, मंगल पांडे, आसमान, राम तेरे देश में जैसी फिल्मों में भी संगीत दिया लेकिन सारी फिल्में टिकट खिड़की पर बुरी तरह से विफल साबित हुई।</p>
<p>साल 1985 में प्रदर्शित फिल्म मर्द में अनु मलिक को संगीत देने का अवसर मिला। मनमोहन देसाई के बैनर तले बनी इस फिल्म में सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में अनु मलिक के संगीतबद्ध गीत मर्द तांगे वाला मैं हूँ मर्द तांगेवाला, सुन रूबिया तुमसे प्यार हो गया, ओ मां शेरो वाली श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुए। फिल्म और गीत की सफलता के बाद अनु मलिक बतौर संगीतकार फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कुछ हद तक कामयाब हो गए।<br /><br />साल 1988 अनु मलिक के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ । इस साल उनकी गंगा जमुना सरस्वती और जीते है शान से जैसी फिल्में प्रदर्शित हुई जिनका संगीत श्रोताओं के बीच पसंद किया गया। अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म गंगा जमुना सरस्वती यूं तो टिकट खिड़की पर कामयाब नही हो सकी लेकिन फिल्म के गीत साजन मेरा उस पार है श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। मिथुन चक्रवर्ती और संजय दत्त की मुख्य भूमिका वाली फिल्म जीते है शान से में अनु मलिक ने संगीत निर्देशन के साथ ही कुछ गाने भी गाये थे। उनकी आवाज में रचा बसा यह गीत जूली जूली जॉनी का दिल तुझपे आया जूली और सलाम सेठ सलाम सेठ श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। </p>
<p>अनु मलिक की किस्मत का सितारा साल 1993 में प्रदर्शित फिल्म बाजीगर से चमका। अब्बास मस्तान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शाहरूख खान और काजोल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में अनु मलिक के संगीतबद्ध गीत ये काली काली आंखे, बाजीगर ओ बाजीगर, ऐ मेरे हमसफर श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुए। इसी साल अनु मलिक की फिर तेरी कहानी याद आई, सर जैसी फिल्में भी प्रदर्शित हुई जिनका संगीत श्रोताओं के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ।</p>
<p>इस बीच अनु मलिक पर आरोप लगने लगे कि उनकी बनायी गई धुनें विदेशी फिल्मों के गीतो से प्रेरित है। साल 1997 में जे.पी दत्ता के निर्देशन में बनी फिल्म बार्डर में अपने संगीतबद्ध गीत संदेशे आते है हमे तड़पाते है के जरिये अनु मलिक ने आलोचको को करारा जवाब दिया। देश भक्ति की भावना से परिपूर्ण यह गीत आज भी श्रोताओ की आंखो को नम कर देता है।<br /><br />साल 2000 में अनु मलिक को एक बार फिर से जे.पी.दत्ता के निर्देशित फिल्म रिफ्यूजी में संगीत देने का मौका मिला। फिल्म में अभिषेक बच्चन और करीना कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी जिन्होंने इसी फिल्म से अपने करियर की शुरूआत की थी। फिल्म में अनु मलिक के संगीतबद्ध गीत श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुए। साथ ही वह सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए। अनु मलिक को उनके करियर में दो बार सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अनु मलिक आज भी उसी जोशो खरोश के साथ फिल्मों में सक्रिय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Nov 2022 16:21:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकप्रिय पॉप गायक जस्टिन बीबर रामसे हंट सिंड्रोम से पीड़ित</title>
                                    <description><![CDATA[लोकप्रिय पॉप गायक जस्टिन बीबर ने इंस्टाग्राम पर अपने फैंस के साथ शेयर किया की वह रामसे हंट सिंड्रोम से पीड़ित जो चेहरे के पक्षाघात का कारण बनता है । अपने वीडियो में जस्टिन बीबर ने बताया की उन्हें आँख झपकने और मुस्कुराने में तकलीफ हो रही है , इसी कारण से उन्हें अपना जस्टिस वर्ल्ड टूर कैंसिल करना पड़ा । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/entertainment-news--music--justin-bieber--diagnosed--ramsay-hunt-syndrome--pop-singer/article-11918"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/justin-new.jpg" alt=""></a><br /><p>लोकप्रिय पॉप गायक जस्टिन बीबर ने इंस्टाग्राम पर अपने फैंस के साथ शेयर किया की वह रामसे हंट सिंड्रोम से पीड़ित है जो चेहरे के पक्षाघात का कारण बनता है । अपने वीडियो में जस्टिन बीबर ने बताया की उन्हें आँख झपकने और मुस्कुराने में तकलीफ हो रही है <span class="VIiyi" lang="hi" xml:lang="hi"><span class="JLqJ4b ChMk0b"><span class="Q4iAWc"><span class="VIiyi" lang="hi" xml:lang="hi"><span class="JLqJ4b ChMk0b"><span class="Q4iAWc">साथ ही</span></span></span></span></span></span> <span class="VIiyi" lang="hi" xml:lang="hi"><span class="JLqJ4b ChMk0b"><span class="Q4iAWc">उनके चेहरे का दाहिना हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया है , </span></span></span>इसी कारण से उन्हें अपना जस्टिस वर्ल्ड टूर कैंसिल करना पड़ा । बीबर ने बताया की वह ठीक होने के लिए चेहरा का व्यायाम कर रहे है ।</p>
<p><strong>रामसे हंट सिंड्रोम क्या है </strong><br />रामसे हंट सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है जिसमें कान के आसपास, चेहरे पर या मुंह पर दर्दनाक चकत्ते निकल आते हैं। यह दुर्लभ विकार तब होता है जब वेरिसेला-जोस्टर वायरस सिर की नस को संक्रमित करता है। रामसे हंट सिंड्रोम होने पर मुह पर लकवा भी लग जाता है और चेहरे और कान के आसपास दर्दनाक चकत्तें होते हैं, जिसकी वजह से बहरेपन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है ।</p>
<p> </p>
<p><span class="VIiyi" lang="hi" xml:lang="hi"><span class="JLqJ4b ChMk0b"><span class="Q4iAWc"> </span></span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 15:40:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आप भी हैं सुबह से रात तक टेंशन के शिकार, तो ट्राय करें ये उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह उठते ही चाय से लेकर नाश्ते की टेंशन। आॅफिस जाना है तो समय पर पहुंचने की टेंशन, दिनभर आॅफिस में काम की टेंशन। बिजनस है तो मंदी की टेंशन। हाउस वाइफ  हैं तो गर्मियों की छुट्टी में बच्चों की धमाचौकड़ी की टेंशन,ऐसे में एक बार सुबह की शुरुआत संगीत के साथ कर के देखें ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/health/you-are-also-a-victim-of-tension-from-morning-till/article-11300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/music.jpg" alt=""></a><br /><p>आप भी हैं सुबह से रात तक टेंशन के शिकार, तो  ट्राय करें ये उपाय सुबह उठते ही चाय से लेकर नाश्ते की टेंशन। आॅफिस जाना है तो समय पर पहुंचने की टेंशन, दिनभर आॅफिस में काम की टेंशन। बिजनस है तो मंदी की टेंशन। हाउस वाइफ  हैं तो गर्मियों की छुट्टी में बच्चों की धमाचौकड़ी की टेंशन,ऐसे में एक बार सुबह की शुरुआत संगीत के साथ कर के देखें ।</p>
<p><span style="color:#339966;"><strong>संगीत और सुकून  </strong></span></p>
<p>इतिहास की दृष्टि से देखें तो संगीत सिंधु घाटी सभ्यता काल से है, ऐसे प्रमाण मिलते हैं। वेदों में भी संगीत का उल्लेख है।यहां मुद्दा संगीत कब से है, न हो कर ये है कि जहां है, वहां सुकून है।  किसी को क्लासिकल बहुत पसंद है, तो कोई बिलुकल नहीं सुन पाता। किसी को वेस्टर्न म्यूजिक अपनी ओर खींचता है तो कोई सूफी का दीवाना है। फंडा ये कि आपको जिस भी तरह का म्यूजिक पसंद है उसे सुनिए। कोशिश कीजिए की सुबह उठते ही मध्यम आवाज के साथ अपने म्यूजिक सिस्टम या फोन पर संगीत बजा दें और उसके साथ अपने रोजमर्रा के कामों की शुरुआत करें।</p>
<p><span style="color:#339966;"><strong>हार्मोन्स और म्यूजिक</strong> </span></p>
<p>समय-समय पर इसे लेकर क्लीनिकल एक्सपेरिमेंट होते रहे हैं, जिसके रिजल्ट बताते हैं कि संगीत तनाव को दूर करने में मददगार साबित होता है।  सुबह उठकर अगर संगीत सुना जाए तो हमारे ब्रेन में एंडोर्फिन, डोपामिन और सिरोटीलिन नाम के हार्मोन सीक्रेट होते हैं। इन हार्मोन्स के स्त्रावित होने से हम चुस्त रहते हैं। इने हैप्पीनेस के हार्मोन से भी जाना जाता है। ये हार्मोन्स हमें खुश भी बनाए रखते हैं और काम दिल से करने की प्रेरणा देते हैं।</p>
<p><span style="color:#339966;"><strong>सुबह की शुरुआत</strong> </span></p>
<p>संगीत से जुड़े कलाकार संतोष पांडे का कहना है कि सुबह संगीत सुनने से सारा दिन सुरमई हो जाता है। वैसे कहा जाता है कि अंत भला तो सब भला लेकिन संगीत इससे उलट है। विशेषकर हिंदुस्तानी संगीत में दिन की शुरुआत भैरव थाट के रागों से होती है। अध्यात्म से परिपूर्ण प्रार्थना और मंगलकामना के भावों से भरा संगीत आपको नए दिन की शुरुआत के लिए अपार ऊर्जा और विश्वास देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/health/you-are-also-a-victim-of-tension-from-morning-till/article-11300</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jun 2022 14:36:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title> 'एक ही सांस' में हनुमान चालीसा</title>
                                    <description><![CDATA[शंकर महादेवन 'एक ही सांस' में सुनाएंगे हनुमान चालीसा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/music--news--shankar-mahadevan-will-recite-hanuman-chalisa-in-one-breath/article-7475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/shankar1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। गायक-संगातकारों को आपने हनुमान चालिसा अलग-अलग अंदाज में गाते सुना होगा। लेकिन बॉलीवुड के जानेमाने गायक-संगीतकार शंकर महादेवन 'एक ही सांस' में हनुमान चालीसा सुनाने जा रहे हैं। शंकर महादेवन ने एहसान और लॉय के साथ मिलकर बॉलीवुड की कई फिल्मों के लिए यादगार संगीत दिया है। कई साल पहले शंकर ने गायकी में एक अभिनव प्रयोग करते हुए ब्रीदलेस का कॉन्सेप्ट दिया था और एल्बम रिलीज की थी। अब उसी तर्ज पर शंकर हनुमान चालीसा का गायन करते नजर आएंगे। शंकर ने इसकी घोषणा कू ऐप के जरिए की है। उनके वीडियो को शेमारू भक्ति के एकाउंट से शेयर किया गया है। <br /><br /> इस वीडियो में शंकर कह रहे हैं कि उन्हें एक अछ्वुत हनुमान चालीसा गाने का अवसर मिला है। इसका स्टाइल बिल्कुल ब्रीदलेस स्टाइल में है, जो काफी तेज रफ्तार और कठिन है। शंकर इसके बाद हनुमान चालीसा को लेकर अपने विचार भी रखते हैं। यह अनोखी हनुमान चालीसा शेमारू भक्ति के यू-ट्यूब चैनल पर स्ट्रीम की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 13:18:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>'डांस मेरी रानी' के बाद नया ट्रैक 'तेरा साथ हो' रिलीज, संगीत जोड़ी गुरु रंधावा और जाहरा खान की फिर धमाकेदार वापसी</title>
                                    <description><![CDATA[इस गाने में गुरु के पॉप पंजाबी तड़के के साथ जाहरा खान और करण वाही की जबरदस्त केमेस्ट्री देखने को मिली। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/after-dance-meri-rani-new-track-tera-saath-ho-released--music-duo-guru-randhawa-and-zahra-khan-return-with-a-bang/article-6667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/tera-saath.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई।  गुरु रंधावा और जाहरा खान का नया ट्रैक 'तेरा साथ हो' रिलीज हो गया है। टी-सीरीज की 'डांस मेरी रानी' की रिकॉर्ड तोड़ सफलता के बाद, एक बार फिर हिट संगीत जोड़ी गुरु रंधावा और जाहरा एस खान, भूषण कुमार द्वारा निर्मित और तनिष्क बागची द्वारा रचित 'तेरे साथ हो' के साथ वापसी कर रहे हैं। गुरु रंधावा, जाहरा, करण वाही अभिनीत इस म्यूजीक वीडियो को कॉलिन डी' कुन्हा ने निर्देशित किया है। इस गाने में गुरु के पॉप पंजाबी तड़के के साथ जाहरा खान और करण वाही की जबरदस्त केमेस्ट्री देखने को मिली। </p>
<p>भूषण कुमार ने कहा कि दर्शक 'डांस मेरी रानी' के बाद गुरु रंधावा और जाहरा खान के अगले ट्रैक को सुनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 'तेरे साथ हो' से बेहतर कोई गाना नहीं हो सकता है, जो एक असाधारण डांस ट्रैक है जिसमें फ्रेश साउंड्स और बीट्स हैं। गुरु रंधावा ने कहा  कि जब आप तेरा साथ हो इस गाने को सुनेंगे तब आप को पता चलेगा कि यह बहुत ही यूनिक ट्रैक है। डांस मेरी रानी की असीम सफलता के बाद में एक बार फिर जाहरा के साथ मिलकर काम करने के लिए बेहद खुश था।<br /><br />जाहरा एस खान ने कहा कि दर्शकों ने वास्तव में 'डांस मेरी रानी' पर खूब प्यार बरसाया है, गुरु और मैं एक बार फिर दर्शकों के समक्ष तेरा साथ हो के साथ एक और हिट की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं करण वाही ने कहा कि 'तेरे साथ हो' इस ट्रैक को सुनते ही मुझे  पसंद आ गया था। सेट पर गुरु, जाहरा और कॉलिन के साथ इस ट्रैक को फिल्माना मानों हर पल  पार्टी के समान हो। तनिष्क ने कहा कि मैं 'तेरे साथ हो' के साथ प्रयोग करना और लिफाफे को आगे बढ़ाना चाहता था और गुरु रंधावा और जाहरा एस खान वास्तव में इसे अगले स्तर पर ले गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Mar 2022 18:04:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>नहीं रहें संगीतकार- गायक बप्पी लहरी, मुंबई में हुआ निधन, याद रहेंगे उनके डिस्को संगीत</title>
                                    <description><![CDATA[संगीतकार- गायक बप्पी लहरी का मुम्बई में निधन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/musician-no-more---singer-bappi-lahiri--died-in-mumbai--will-remember-his-disco-music--many-celebrities-including-modi--kovind-expressed-grief-over-the-death-of-disco-music-king/article-4521"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/bappi-lahri-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  बॉलीवुड में बप्पी लाहिरी एक ऐसे संगीतकार के रूप में याद किया जायेंगे, जिन्होंने ताल वाद्ययंत्रों के प्रयोग के साथ फिल्मी संगीत में पश्चिमी संगीत का समिश्रण करके बाकायदा डिस्को थेक की एक नयी शैली ही विकसित कर दी। दरअसल बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लहरी का बुधवार को मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल में निधन हो गया। उनका 69 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लहरी का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि  लहरी एक महीने से अस्पताल में भती थे और उन्हें सोमवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन मंगलवार को तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  बप्पी लहरी कई स्वास्थ्य समस्याओ से पीड़ति थे। आधी रात से कुछ समय पहले ओएसए (ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया) के कारण उनका निधन हो गया। <br /><br />बप्पी लहरी ने को बॉलीवुड में डिस्को संगीत को लोकप्रिय बनाने के लिए जाना जाता था। उन्होंने 1970-80 के दशक के अंत में 'चलते चलते', 'डिस्को डांसर', नमक हलाल, डांस डांस और 'शराबी' जैसी कई फिल्मों में लोकप्रिय गाने दिए। उनका आखिरी बॉलीवुड गाना भंकस था 2020 में रिलीज हुई फिल्म 'बागी 3' के लिए गाया था।</p>
<p><strong>मोदी ने बप्पी लाहिरी के निधन पर जताया शोक</strong><br />बप्पी लहरी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई हस्तियों ने शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मशहूर संगीतकार एवं गायक बप्पी लाहिरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जिंदादिल स्वभाव सभी को याद रहेगा। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बप्पी लाहिरी जी का संगीत सबकुछ समेटे हुए है और विविध भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त करता है। कई पीढिय़ों के लोग उनके संगीत से जुड़ाव महसूस कर सकते हैं। हर कोई उनकी जिंदादिली को याद करेगा। मैं उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। ओम शांति।<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Feb 2022 11:23:30 +0530</pubDate>
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