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                <title>2008 - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>2008 RSS Feed</description>
                
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                <title>स्पिन के जादूगर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न नहीं रहे, जन्म : 13 सितंबर, 1969 : मृत्यु : 4 मार्च, 2022</title>
                                    <description><![CDATA[2008 में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच और कप्तान की भूमिका निभाई ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-former-australian-cricketer-shane-warne--the-magician-of-spin--is-no-more--played-the-role-of-coach-and-captain-of-ipl-team-rajasthan-royals-in-2008/article-5504"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/shanewarne01.jpg" alt=""></a><br /><p>थाइलैंड। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉर्न ने हैम्पशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला। इसके बाद साल 2008 में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच और कप्तान की भूमिका निभाई और टीम को आईपीएल में चैंपियन बनाया। दुनिया के महान स्पिनरों में शुमार आॅस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न का निधन हो गया है। वह 52 साल के थे। फॉक्स स्पोर्ट्स न्यूज के मुताबिक, वॉर्न थाईलैंड के कोह सामुई में थे। माना जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। वॉर्न की मैनेजमेंट टीम की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, कोह सामुई के एक विला में शेन बेहोश पाए गए थे। बाद में उन्हें बचाया नहीं जा सका। वॉर्न के नाम श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1992 से 2007 तक 145 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 25.41 की गेंदबाजी औसत से 708 विकेट लिए। <br /><br /><strong>194 वनडे में 293 विकेट</strong> <br />1993 से 2005 तक वॉर्न ने 194 वनडे में 293 विकेट लिये। 1999 क्रिकेट विश्व कप की विजेता आॅस्ट्रेलियाई टीम में उनका अहम योगदान था। वॉर्न मुरलीधरन के बाद दुनिया के दूसरे गेंदबाज बने थे, जिन्होंने टेस्ट और वनडे मैचों में मिलाकर 1000 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए।<br /><br /><strong>विवादों से भरा रहा था वॉर्न का कॅरिअर</strong><br />वॉर्न दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट में 3000+ रन बनाए, लेकिन कभी शतक नहीं जड़ा। उनका करियर मैदान के बाहर कई बार विवादों से रहा। वह प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन करने के भी दोषी पाए गए थे। उन पर प्रतिबंध भी लगा था। इसके अलावा सट्टेबाजी के भी कई आरोप लगे थे।<br /><br />स्त  ब्ध, तुम्हारी कमी खलेगी वॉर्नी,  मैदान से भीतर या बाहर तुम्हारे साथ कोई पल उबाऊ नहीं होता था। मैदान के भीतर हमारी प्रतिद्वंद्विता और बाहर हंसी मजाक को हमेशा याद करूंगा। भारत के लिये तुम्हारे मन में खास जगह थी और भारतीयों के मन में तुम्हारे लिए। बहुत जल्दी चले गए।-<strong>सचिन तेंदुलकर, भारत रत्न</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 10:19:15 +0530</pubDate>
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                <title>2008 अहमदाबाद ब्लास्ट केस में सजा का ऐलान,  38 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई</title>
                                    <description><![CDATA[ UAPS के तहत दोषियों को फांसी की सजा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sentencing-announced-in-2008-ahmedabad-blast-case--38-convicts-sentenced-to-death/article-4589"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/judgment_new.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद शहर में 26 जुलाई, 2008 को हुए शृंखलाबद्ध आतंकी धमाकों के मामले में एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को इसके 49 आरोपियों में से 38 को फांसी और शेष 11 को उम्रकैद (मरने तक जेल में रहने) की सजा सुनाई। विशेष जज एआर पटेल की अदालत ने गत आठ फरवरी को इस मामले के कुल 79 में 49 आरोपियों को दोषी करार दिया था और अन्य 28 को बरी कर दिया था। एक अन्य की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। <br /><strong><br />प्रत्येक पर दो लाख 85 हजार रुपए का जुर्माना</strong><br />अदालत ने आज इस मामले में सजा सुनने के दौरान  49 दोषसिद्ध आरोपियों में से 48 पर दो लाख 85 हजार रुपए (प्रत्येक) का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने इस घटना के सभी 56 मृतकों  के लिए एक-एक  लाख रुपए, 240 घायलों में से गम्भीर के लिए 50-50 हजार और हल्के के  लिए 25-25 हजार के मुआवजे का भी प्रावधान किया। <br /><br /><br /><strong>70 मिनट, 20 स्थान, 21 धमाके</strong><br />26 जुलाई, 2008 को सिविल अस्पताल और एलजी अस्पताल समेत 20 भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर शाम साढ़े छह बजे से मात्र 70 मिनट में ही 20 स्थानों पर 21 धमाके हुए थे जिनमे 56 लोगों की मौत हुई थी और 240 लोग घायल हुए थे। धमाकों में मारे गए लोगों का लगातार 72 घंटे तक पोस्टमार्टम किया गया था। इसके बाद उसी साल 28 से 31 जुलाई के बीच सूरत शहर से 29 वैसे ही बम बरामद हुए थे जैसे अहमदाबाद के धमाकों में इस्तेमाल किए गए थे। <br /><br /><strong>आईएसआई, अंडरवर्ल्ड और आईएम ने रची थी साजिश</strong><br />गुजरात पुलिस ने मामले में 15 अगस्त, 2008 को पहले 11 लोगों को पकड़ा गया। बाद में अन्य अभियुक्तों की भी गिरफ्तारी हुई थी। जांच के दौरान पता लगा कि इन धमाकों के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, अंडरवर्ल्ड और प्रतिबंधित संगठन सिमी से परिवर्तित हुए इंडियन मुजाहिदीन और अन्य आतंकी संगठनों का हाथ था। इन लोगों ने कथित तौर पर 2002 के गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया था।<br /><br /><strong>अभी भी आठ की तलाश जारी</strong><br />इस मामले में सूरत में 15 और अहमदाबाद में 20 शिकायतें दर्ज की गई थीं। देश के अलग-अलग शहरों से कुल 78 लोगों को अरेस्ट किया गया था। ब्लास्ट में शामिल आठ अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड यासीन भटकल दिल्ली की जेल में, जबकि अब्दुल सुभान उर्फ तौकीर कोचीन की जेल में बंद है।<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Feb 2022 11:51:27 +0530</pubDate>
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