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                <title>tripura - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>त्रिपुरा में 3 साल में 1245 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास समझौते के तहत इन शर्तों का पालन करना अनिवार्य </title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा में मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने विधानसभा में बताया कि अप्रैल 2023 से अब तक NLFT और ATTF के 1,245 उग्रवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। समर्पण के साथ 147 घातक हथियार भी सौंपे गए। भारत सरकार के पुनर्वास समझौते के तहत ये सभी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे राज्य में हिंसा का अंत हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/1245-militants-surrendered-in-tripura-in-3-years-it-is/article-146841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tripura.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा में अप्रैल 2023 से अब तक विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के कुल 1,245 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने मंगलवार को विधानसभा में जानकारी दी कि उग्रवादियों ने 147 हथियार भी सौंपे और हिंसा का रास्ता त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौट आये। </p>
<p>विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ी संख्या नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के विभिन्न गुटों से है। इसमें एनएलएफटी (बिस्वा मोहन गुट) के नेता बिस्वा मोहन देबबर्मा सहित 417 सदस्य, एनएलएफटी (परिमल देबबर्मा गुट) के 394 सदस्य और एनएलएफटी (ओआरआई गुट) के 223 सदस्य शामिल हैं। इन गुटों के अलावा ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के 220 उग्रवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया। इन आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने कुल 147 हथियार सौंपे, जिनमें से अधिकतर हथियार स्थानीय स्तर पर बने आग्नेयास्त्र थे।</p>
<p>हथियारों के इस जखीरे में 93 देसी बंदूकें, 13 एके-सीरीज राइफलें, दो कार्बाइन, 6.303 राइफलें, चार चीनी राइफलें, एक चीनी पिस्तौल, एक स्टेन गन, आठ पिस्तौल और चार रिवॉल्वर, आठ सिंगल-बैरल बंदूकें, एक बोटामैक्स डिवाइस, चार चीनी ग्रेनेड और एयरगन शामिल थीं। डॉ. साहा ने इस बात पर जोर दिया कि तय समय सीमा के बाद से उग्रवादी आंदोलन की कोई नयी घटना सामने नहीं आयी है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का संकेत है।</p>
<p>उन्होंने उल्लेख किया कि भारत सरकार और उग्रवादी संगठनों के बीच पुनर्वास समझौते के तहत कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसमें एनएलएफटी और एटीटीएफ के सभी सदस्यों का हथियारों और उपकरणों का समर्पण करना, हिंसा और गुप्त गतिविधियों का त्याग, समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर सशस्त्र अभियानों को बंद करना और भारत के संविधान को बनाये रखना तथा सामाजिक सछ्वाव को बढ़ावा देना शामिल है।</p>
<p>समझौते में पूर्व उग्रवादियों को भविष्य में किसी भी अन्य विद्रोही समूहों को सहायता, प्रशिक्षण या हथियारों की आपूर्ति करने से भी सख्त रूप से प्रतिबंधित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 17:21:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>20 फरवरी को अमित शाह करेंगे त्रिपुरा का दौरा: शिवराज सिंह चौहान कल पहुंचेंगे अगरतला, एडीसी चुनाव में गठबंधन पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 फरवरी को त्रिपुरा आ सकते हैं। टीटीएएडीसी चुनाव से पहले भाजपा-टिपरा मोथा गठबंधन पर अहम चर्चा संभावित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amit-shah-will-visit-tripura-on-february-20-shivraj-singh/article-142668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(13)7.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी 20 फरवरी को त्रिपुरा के दौरे पर आ सकते हैं। उनका यह दौरा त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के अप्रैल में प्रस्तावित चुनावों से पहले बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और टिपरा मोथा के बीच एडीसी क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर तनातनी जारी है। दोनों दलों के नेताओं ने अलग-अलग चुनाव लडऩे के संकेत दिए हैं, जो जनजातीय क्षेत्रों में भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।</p>
<p>पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह अपने दौरे के दौरान भाजपा नेताओं के साथ बैठक कर एडीसी चुनाव में टिपरा मोथा के साथ संभावित गठबंधन पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वह कुछ आधिकारिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। बताया जा रहा है कि टिपरा मोथा के नेता भी अमित शाह से मुलाकात कर लोकसभा चुनाव से पहले हुए टिपरासा समझौते की प्रगति पर चर्चा करना चाहते हैं।</p>
<p>शाह के दौरे का हालांकि विस्तृत कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है। संभावना है कि वह केंद्र सरकार की ओर से राज्य में किए जा रहे विकास कार्यों से जुड़े एक सरकारी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस बीच, केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को अगरतला पहुंचेंगे। शिवराज सिंह चौहान स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन और विभिन्न ग्रामीण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में लाभार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन वीबी-जीरामजी अधिनियम 2025 के क्रियान्वयन के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 17:57:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने केंद्र सरकार को घेरा, रोजगार और विकास के क्षेत्र में विफल रहने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[अगरतला में त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता माणिक सरकार ने केंद्र सरकार पर युवाओं के लिए रोजगार और विकास के अवसर उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे और सरकारी समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cpim-leader-manik-sarkar-accused-the-central-government-of-failing/article-136804"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/tripura-former-cm-manik-sarkar.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता माणिक सरकार ने केंद्र सरकार पर युवाओं को रोजगार और विकास के क्षेत्र में विफल रहने का आरोप लगाया है। माणिक सरकार ने त्रिपुरा लेदर आर्टिसन्स एसोसिएशन के 11वें राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जरूरी मुद्दों को हल करने में नाकाम रही है, जिसके कारण जरूरी चीजों की कीमतों में खतरनाक बढ़ोतरी शामिल है। इससे कई लोग गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अवसरों तथा संसाधनों की कमी के कारण लोग खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। </p>
<p>माणि​क सरकार ने चमड़े के कारीगरों को पुराने जूते ठीक करने से लेकर नए जूते बनाने तक, अपनी गतिविधियों में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने चमड़ा उद्योग को बनाए रखने और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे और सरकारी समर्थन के महत्व पर जोर दिया। </p>
<p>इसके आगे माणिक सरकार ने चमड़ा उद्योग के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों, विकास की संभावनाओं और भविष्य के विकास को सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कदमों का उल्लेख किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 18:24:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मणिपुर-त्रिपुरा में हिंसा की घटनाएं प्रायोजित : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने कहा है कि पूर्वोत्तर के मणिपुर और त्रिपुरा अशांति बनी हुई है और वहां हिंसा की घटनाएं प्रायोजित रूप से हो रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-sponsored-incidents-of-violence-in-manipur-tripura/article-84913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/congress-logo-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि पूर्वोत्तर के मणिपुर और त्रिपुरा अशांति बनी हुई है और वहां हिंसा की घटनाएं प्रायोजित रूप से हो रही हैं।</p>
<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अजय कुमार ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि वहां की हिंसा प्रायोजित है और वहां जानबूझकर हिंसा और आतंकवाद का माहौल पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा ''वहां हो रही हिंसा प्रायोजित है। भाजपा इस देश को ऐसे कगार पर ले जा रही है, जहां से लौटना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। मणिपुर की हिंसा से इनका मन नहीं भरा इसलिए अब ये त्रिपुरा में भी वही हालात पैदा कर रहे हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि वहां पंचायत चुनाव से पहले हिंसा हो रही है, इसलिए इसे वहां शांति का माहौल स्थापित हो यह जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की है। उनका कहना था कि पूर्वाेत्तर में जंगलराज चल रहा है और मणिपुर तथा त्रिपुरा में स्थिति बहुत ही खराब है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जिम्मेदारी है। त्रिपुरा में आम लोग चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि इस लोकतंत्र में वे बिना हिंसा के ईमानदारी से निष्पक्ष चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन यहां ऐसा संभव नहीं है क्योंकि भाजपा ने ठान लिया है कि उनके खिलाफ जो भी नामांकन करेगा उसे मारेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 19:13:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>त्रिपुरा: CBSE परीक्षा कोकबोरोक भाषा में लिखने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा ने विधानसभा में विपक्षी सदस्यों को आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार कोकबोरोक  के स्क्रिप्ट विवाद में हस्तक्षेप करेगी और इस समस्या को हल करने के लिए  सीबीएसई को पत्र लिखेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/demand-to-write-cbse-exam-in-kokborok-language-in-tripura/article-66661"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/kokborok.jpg" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा स्टूडेंट फेडरेशन (टीएसएफ) ने आगामी केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (सीबीएसई) परीक्षा में कोकबोरोक भाषा (राज्य के आदिवासियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बोली) में लिखने और सीखने के लिए रोमन लिपि की मांग को लेकर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। </p>
<p>टीएसएफ ने आदिवासी विधार्थियों की मांगों को कथित तौर पर नजरअंदाज करने के लिए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि कोकबोरोक रोमन लिपि में उत्तर पुस्तिकाएं लिखने में छात्र अधिक सहज हैं। टीएसएफ नेताओं ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं अगले 15 फरवरी को होने वाली हैं और स्क्रिप्ट में कोई स्पष्टता नहीं है, क्योंकि सीबीएसई ने त्रिपुरा में प्रचलित बंगाली और रोमन दोनों भाषाओं में उत्तर पुस्तिकाओं को दोहरी लिपियों में लिखने पर रोक लगा दी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा ने विधानसभा में विपक्षी सदस्यों को आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार कोकबोरोक  के स्क्रिप्ट विवाद में हस्तक्षेप करेगी और इस समस्या को हल करने के लिए  सीबीएसई को पत्र लिखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/demand-to-write-cbse-exam-in-kokborok-language-in-tripura/article-66661</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jan 2024 18:53:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने त्रिपुरा में सुरक्षा बलों पर हमले की रिपोर्ट मांगी</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने पश्चिम त्रिपुरा के भारत-बंगलादेश सीमा पर सिमना में भांग की खेती में शामिल ग्रामीणों के एक समूह द्वारा सुरक्षा बलों पर कथित हमले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tripura-chief-minister-dr-manik-saha-seeks-report-on-attacks/article-64200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/saha.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने पश्चिम त्रिपुरा के भारत-बंगलादेश सीमा पर सिमना में भांग की खेती में शामिल ग्रामीणों के एक समूह द्वारा सुरक्षा बलों पर कथित हमले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। </p>
<p>पुलिस ने कहा कि पंचबती गांव के एक बगीचे में लगभग 60,000 भांग के पौधों को नष्ट करने के बाद लौटते समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) उत्तम बनिक और एक सहायक कमांडेंट सहित कम से कम सात पुलिसकर्मी और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर्मी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। </p>
<p>श्री बनिक ने कहा कि वे शुक्रवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर भांग के पौधों के एक बड़े बगीचे को नष्ट करने के लिए गांव गए थे। त्रिपुरा में भांग की खेती, भंडारण, परिवहन और खपत पर प्रतिबंध है।  उन्होंने कहा,''बगीचे को नष्ट करने के बाद लौटते समय, स्थानीय लोगों के समूह ने सुरक्षा बलों पर अकारण हमला किया और पुलिस वाहनों पर पत्थर और ईंटें फेंकना शुरू कर दिया, जिसमें सात जवान घायल हो गए।'Óउन्होंने बताया कि जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो ग्रामीण भाग गए। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीणों ने पहले तो अपने नुकसान के मुआवजे की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी और कुछ देर के लिए उन्हें बंधक बना लिया. लेकिन जब पुलिस और सीआरपीएफ जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों पर हल्का लाठीचार्ज किया तो उन्होंने ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन बसों और एक बोलेरो कार में तोडफ़ोड़ की।</p>
<p> पुलिस ने बताया कि घायल सुरक्षाकर्मियों को कटलामारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और फिर अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया। सभी सुरक्षाकर्मियों को खतरे से बाहर बताया गया।</p>
<p>राजस्थान के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए मुख्यमंत्री डॉ. साहा ने गृह विभाग से उन ग्रामीणों की पहचान करने के लिए जांच करने को कहा जो नशीली दवाओं के विरुद्ध मिशन में सरकार को चुनौती दे रहे </p>
<p>हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 15 Dec 2023 12:39:56 +0530</pubDate>
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                <title>त्रिपुरा में सांसदों के दल पर हमला करने वाले 3 लोग गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[पिछले तीन हफ्तों में चुनाव के बाद की  की हर घटना की भी जांच कर रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने हालांकि,दावा किया कि मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का विरोध करने वाला पार्टी का एक धड़ा चुनाव के बाद की अहिंसा में शामिल था। विशेष रूप से केंद्र सरकार के सामने मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए सांसदों पर हमला किया गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/three-people-arrested-for-attacking-a-party-of-mps-in/article-39569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/arrested2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अगरतला|</strong> त्रिपुरा पुलिस ने सिपाहीजाला जिले में विशालगढ़ के नेहलचंद्र नगर में चुनाव परिणाम के बाद हुई अहिंसा के पीड़तिों से मिलने गये वाम-कांग्रेस सांसद दल पर हमला करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि जाहिर तौर पर यह घटना राज्य को बदनाम करने के लिए राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि हमले में संलिप्त करीब 10 अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस पिछले तीन हफ्तों में चुनाव के बाद की  की हर घटना की भी जांच कर रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने हालांकि,दावा किया कि मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा का विरोध करने वाला पार्टी का एक धड़ा चुनाव के बाद की अहिंसा में शामिल था। विशेष रूप से केंद्र सरकार के सामने मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए सांसदों पर हमला किया गया है।</p>
<p>साहा ने कहा, ''मैंने पुलिस महानिदेशक से बात की और इसे स्पष्ट किया कि सभी आरोपी व्यक्तियों पर बिना किसी अन्य विचार के तुरंत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। मैं इन घटनाओं की निंदा करता हूं और अपराधियों को चेतावनी देता हूं कि भविष्य में इस तरह के प्रयास की हिम्मत न करें। मैं दोहराता हूं कि त्रिपुरा में किसी भी तरह से असामाजिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिपाहिजाला जिले के पुलिस अधीक्षक बोगाती जगदीश्वर रेड्डी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद बीती रात सांसदों पर हमला करने में गिरफ्तार तीन लोगों की पहचान नकुन सूत्रधार, स्वप्न दास और निताई दास के रूप में की गयी है। तीनों व्यक्तियों को जांच के लिए उनकी हिरासत की मांग करते हुए अदालत में भेज दिया गया।उन्होंने कहा कि जांच के दौरान, हमें कुछ और नामों का पता चला है उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि चुनाव के बाद की अहिंसा में कथित रूप से शामिल कम से कम आठ लोगों को सिपाहीजाला जिले में अब तक गिरफ्तार किया गया है और सभी न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रत्येक घटना की जांच की जा रही है और शांति एवं सछ्वाव बनाए रखने के उपाय किए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार त्रिपुरा में सैकड़ों अहिंसा और हमलों के आरोपों के बावजूद अब तक केवल 11 मामले दर्ज किये गये और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच विपक्षी माकपा और कांग्रेस ने पुलिस पर सत्तारूढ़ भाजपा समर्थित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>राज्यसभा सांसद इलाराम करीम और लोकसभा सांसद अब्दुल खलिक ने बताया कि चुनाव के बाद हुई अहिंसा और प्रभावित लोगों की स्थिति का जायजा लेने के लिए सांसदों की आठ सदस्यीय टीम दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंची है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा सांसदों को सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहने के कारण शनिवार को कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा, ''हमने राज्यपाल से मुलाकात की और राज्य की स्थिति से अवगत कराया। टीम पर नेहलचंद्र नगर और बाद में विशालगढ़ में भाजपा समर्थित बदमाशों ने जय श्री राम का नारा लगाते हुए हमला किया। अन्य टीमों को भी बरजाला, बामुटिया और मोहनपुर के प्रभावित क्षेत्रों में भाजपा कैडरों से असुविधा का सामना करना पड़ा, हमें अपने कार्यक्रम को संक्षिप्त करने के लिए मजबूर किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 11 Mar 2023 15:30:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माणिक साहा ने दूसरी बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की शपथ ली</title>
                                    <description><![CDATA[आज शपथ लेने वालों में सर्वश्री रतन लाल नाथ, प्राणजीत सिंघा रॉय, सनातन चकमा, सुशांत चौधरी, टिंकू रॉय, बिकास देबबर्मा, सुधांशु दास और शुक्ला चरण नोतिया शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/manik-saha-takes-oath-as-chief-minister-of-tripura-for/article-39241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-24.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा के विवेकानंद मैदान में बुधवार को माणिक साहा ने दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे। शपथ ग्रहण समारोह अगरतला के विवेकानंद मैदान में आयोजित किया गया। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधायकों द्वारा डॉ साहा के नाम सहमति बनने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया। आज शपथ लेने वालों में सर्वश्री रतन लाल नाथ, प्राणजीत सिंघा रॉय, सनातन चकमा, सुशांत चौधरी, टिंकू रॉय, बिकास देबबर्मा, सुधांशु दास और शुक्ला चरण नोतिया शामिल हैं।</p>
<p>डॉ साहा ने कांग्रेस छोड़ने के बाद वर्ष 2016 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। मार्च 2022 में राज्य सभा के सदस्य के तौर पर चुने गए थे। साहा पेशे से डेंटल सर्जन है। उनकी साफ छवि के कारण उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री विप्लव देव की जगह चुनाव से ठीक पहले राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया था। डॉ साहा ने पटना के गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज से बैचलर ऑफ डेंटल स्टडीज प्रोग्राम पूरा किया और बाद में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी की। डॉ. साहा त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में डेंटल सर्जरी विभाग और अगरतला के हापनिया में डॉ बीआर अंबेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल के हेड थे। उन्हें इंडियन डेंटल एसोसिएशन और त्रिपुरा सरकार द्वारा डेंटल सर्जरी में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।</p>
<p>त्रिपुरा पिछले कुछ दशकों में वामपंथियों का गढ़ रहा है। कांग्रेस-टीयूजेएस गठबंधन ने 1988 में त्रिपुरा में वामपंथियों को बहुत पहले ही हराया था, हालांकि यह गठबंधन 1993 में फिर से कम्युनिस्टों से हार गया। डॉ. साहा के फिर से चुने जाने से पहली बार किसी वामपंथी विरोधी सरकार ने पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता बरकरार रखी है। भाजपा की त्रिपुरा इकाई के मुख्य प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने कहा, च्च्हमें उम्मीद है कि भाजपा 2.0 सरकार लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। राज्य में 16 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 60 दस्यीय विधानसभा में 32 सीटों पर जीत मिली थी। उसकी सहयोगी आईपीएफटी एक सीट हासिल करने में सफल रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Mar 2023 12:58:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>त्रिपुरा में आठ मार्च को भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[असम के मुख्यमंत्री और एनईडीए के अध्यक्ष हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले ही यहां पार्टी नेताओं और कुछ विधायकों के साथ मुख्यमंत्री और कैबिनेट सदस्यों के चयन के लिए बैठक की थी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ सूची को अंतिम रूप दिया और पार्टी अध्यक्ष ने इसे मंजूरी दे दी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/preparations-for-swearing-in-ceremony-of-bjp-ipft-alliance-in-tripura-on/article-39151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(3)2.jpg" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुख्यमंत्री चयन को लेकर विधायक दल की आज शाम होने वाली बैठक के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने आठ मार्च को भारतीय जनता पार्टी-इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा गठबंधन के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरु कर दी है।</p>
<p>सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और देश के भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा 60 हजार लोग शामिल होंगे। जिसमें राज्य के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से कम से कम एक हजार लोग होंगे।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि राज्य प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में बसों और अन्य वाहनों को किराए पर लेने के साथ-साथ त्रिपुरा के उत्तर और दक्षिणी हिस्सों से लोगों को लाने-ले जाने के लिए दो जोड़ी ट्रेनों की व्यवस्था की है।</p>
<p>प्रधानमंत्री तय कार्यक्रम के अनुसार नई दिल्ली से अन्य लोगों के साथ पूर्वाह्न 11 बजे यहां पहुंचेंगे। राज्यपाल सत्यदेव नारनियन आर्य मुख्यमंत्री और उनकी आगामी मंत्रिमंडल के 11 अन्य सदस्य से शपथ दिलायेंगे। भाजपा ने हालांकि त्रिपुरा सरकार के नेता का चयन करने के लिए सोमवार को शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है, जहां निवर्तमान कैबिनेट के मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा और केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक पार्टी के उम्मीदवार हैं। चुनाव से पहले डॉ साहा को मुख्यमंत्री बनाने का एलान किया था।</p>
<p>असम के मुख्यमंत्री और एनईडीए के अध्यक्ष हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले ही यहां पार्टी नेताओं और कुछ विधायकों के साथ मुख्यमंत्री और कैबिनेट सदस्यों के चयन के लिए बैठक की थी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ सूची को अंतिम रूप दिया और पार्टी अध्यक्ष ने इसे मंजूरी दे दी थी। इस बीच कैबिनेट में हर जिले से कम से कम एक मंत्री, सभी प्रमुख जनजातियों के प्रतिनिधि, अनुसूचित जाति और अनुभवी विधायकों को शामिल करने की मांग की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 06 Mar 2023 14:49:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्वोत्तर के मतदाता कौन सी इबारत लिखेंगे?</title>
                                    <description><![CDATA[ 2022 में चौंकाने वाला निर्णय को मशहूर भाजपा ने  बिप्लब देब की जगह राज्यसभा सदस्य डॉ. माणिक साहा को नया मुख्यमंत्री बना, नया दांव खेला। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/what-text-will-the-voters-of-the-northeast-write/article-37449"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/q-72.png" alt=""></a><br /><p>साल 2023 भारत के लिए चुनाव के लिहाज से बेहद अलग होगा। 9 राज्यों के चुनाव होने हैं। तीन राज्यों में घोषणा के साथ शंखनाद हो चुका है। राजनीतिक गलियारों में राज्यों के नतीजों से आम चुनाव के लिए नब्ज टटोली जाती है। कभी सत्ता का सेमीफाइनल तो कभी जनता के मिजाज बताकर देखा जाता है। 2024 में आम चुनाव  होने हैं। वैसे भी दुनिया में लोकतंत्र के लिहाज से भारत की खास पहचान है। हर साल और हर मौसम में कहीं न कहीं और कोई न कोई चुनाव होता रहता है। यही हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की खूबसूरती है और मजबूत जनादेश की व्यवस्था भी। पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में चुनावी ऐलान के साथ राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। जिन तीनों विधानसभाओं में चुनाव हैं और सभी में 60-60 सीटें हैं। विधानसभाओं के लिहाज से नगालैंड का 12 मार्च, मेघालय का 15 मार्च और त्रिपुरा का 22 मार्च को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं त्रिपुरा में 16 फरवरी को जबकि नगालैंड-मेघालय में 27 फरवरी को एक-एक चरण में मतदान होगा। नतीजे 2 मार्च को आएंगे।</p>
<p><br />त्रिपुरा में 2018 विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती और 25 साल से शासन कर रहा लेफ्ट बेदखल हुआ। बिप्लब कुमार देब मुख्यमंत्री बने। 2022 में चौंकाने वाला निर्णय को मशहूर भाजपा ने  बिप्लब देब की जगह राज्यसभा सदस्य डॉ. माणिक साहा को नया मुख्यमंत्री बना, नया दांव खेला। इससे यह चुनाव बेहद रोचक होंगे। यहां 1967 से विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिसमें 6 दशकों तक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस एक दूसरे के धुर विरोधी रहे। 2018 तक दोनों में राजनीतिक भिड़न्त होती थी। लेकिन भाजपा के पैर जमाते ही हालात बदले। अब 50 साल से ज्यादा पुराने धुर विरोधी यानी सीपीएम जो 35 साल और कांग्रेस जो 18 साल सत्ता में रहने के बाद अब गठबन्धन को मजबूर हैं। वजह भाजपा को सत्ता से रोकने के लिए दूसरा चारा नहीं है। वहीं 2018 में शून्य से शिखर तक पहुंची भाजपा की राहें भी उतनी आसान नहीं दीखती, क्योंकि जिस इंडीजेनस पीपुल्स फ्रंट आॅफ त्रिपुरा यानी आईपीएफटी के साथ गठबंधन कर सत्ता में पहुंची थी उसकी मंशा पर भरोसा नहीं है। एक ओर जहां बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन जारी रहने की बात हो रही है। लेकिन एक अन्य क्षेत्रीय पार्टी टिपरा मोथा ने 2021 में त्रिपुरा ट्राइबल आॅटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल यानी टीटीओडीसी चुनावों में ग्रेटर टिपरालैंड की मांग के साथ सफलतापूर्वक जीत हासिल कर अपनी अहमियत दिखा दी, जिससे सियासी जमीन काफी मजबूत हुई। अब, आईपीएफटी टिपरालैंड नाम से अलग राज्य की मांग कर सियासी ताकत बढ़ा रहा है। दोनों की मांगे कमोवेश एक सी हैं। इसीलिए कवायद दोनों को एकजुट रखने की है। लेकिन टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत देब बर्मा की त्रिपुरा की राजनीति में नया विकल्प बनने की चाहत संबंधी कुछ इशारों से भाजपा की चिन्ता बढ़ गई है। त्रिपुरा का सियासी दंगल बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है।<br /><br />मेघालय में 2018 में नेशनल पीपुल्स पार्टी यानी एनपीपी 20 और भाजपा ने 2 सीट जीत गठबंधन सरकार बनी। कांग्रेस 21 सीट जीत सबसे बड़ी पार्टी बनकर भी सत्ता तक नहीं पहुंच सकी। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी यानी यूडीपी को 8, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी पीडीएफ को 2 सीटें मिली। एनपीपी के कोनराड संगमा मुख्यमंत्री बने। लेकिन जैसा कि अमूमन होता है, चुनाव पूर्व जोरदार राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। अब एनपीपी-भाजपा के बीच दरार की बातें सुनाई दे रही हैं। थोड़ा पहले एनपीपी के दो, तृणमूल कांग्रेस के एक और एक निर्दलीय यानी 4 विधायक भाजपा में चले गए, जबकि कांग्रेस के 12 विधायकों ने तृणमूल का दामन थामा तो कुछ एनपीपी में चले गए, जिससे 2 कांग्रेसी विधायक ही बचे हैं उनके भी दलबदल की चर्चा है। इससे सियासी समीकरण गड़बड़ा गया। संभावना है कि एनपीपी और भाजपा दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ें। यहां भाजपा, कांग्रेस, टीएमसी जैसी राष्टÑीय पार्टियों के अलावा तमाम क्षेत्रीय दल भी ताल ठोंक रहे हैं। फिलाहाल नेशनल पीपुल्स पार्टी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, गारो नेशनल काउंसिलए खुन हैन्नीवट्रेप राष्ट्रीय जागृति आंदोलन, नार्थ ईस्ट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी, मेघालय डेमोक्रेटिक पार्टी भी चुनाव में सक्रिय है। यहां 36 सीटों में महिलाओं की जनसंख्या पुरुषों से अधिक है। लेकिन राजनीति में महिलाओं की मौजूदगी ना के बराबर है। हो सकता है इस बार यह भी मुद्दा बने।     <br />नगालैंड में तो अनोखी सरकार है। विपक्ष है ही नहीं। सभी ने मिलकर सरकार बना डाली और चलाई। लेकिन वहां की मूल समस्या पर प्रभावी कुछ न होना अब चुनावी रण में चिन्ता का विषय है। वैसे भी अपनी अलग तरह की राजनीति को लेकर नगालैण्ड सुर्खियों में रहता है। इसके बावजूद पक्ष-विपक्ष दोनों मतदाताओं के लिए खास हैं क्योंकि विपक्ष है ही नहीं! इस बार मतदाताओं के विवेक की अग्नि परीक्षा है।           </p>
<p>-ऋतुपर्ण दवे<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Feb 2023 09:59:52 +0530</pubDate>
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                <title>त्रिपुरा विधानसभा के लिए भाजपा के 48 उम्मीदवार घोषित</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा विधानसभा की कुल 60 सीटों के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा जबकि मतगणना दो मार्च होगी। उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 30 जनवरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-declares-48-candidates-for-tripura-assembly/article-35917"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/bjp.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली ((एजेंसी))। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने त्रिपुरा विधानसभा चुनावों के लिए आज अपने 48 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जिसमें मुख्यमंत्री माणिक साहा को टाउन बोर्डोवाली सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी व भाजपा के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में कल यहां हुई पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों को मंजूरी दी गयी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के संगठन महासचिव बी एल संतोष, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, पार्टी में त्रिपुरा प्रदेश के प्रभारी डॉ. महेश शर्मा, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव देव तथा चुनाव समिति के अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।</p>
<p>पहली सूची के 48 उम्मीदवारों में करीब एक चौथाई यानी 11 महिलाएं हैं। </p>
<p>त्रिपुरा विधानसभा की कुल 60 सीटों के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा जबकि मतगणना दो मार्च होगी। उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 30 जनवरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jan 2023 15:05:51 +0530</pubDate>
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                <title>त्रिपुरा के विपक्षी दलों ने पीएम मोदी पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[भाकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि राज्य के लोग जो पिछले पांच साल के भाजपा सरकार के कुशासन से त्रस्त हैं, वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि शायद प्रधानमंत्री इस रैली में उन कारणों को बतायेंगे जिसके कारण भाजपा राज्य में 2018 के चुनाव से पहले किये गये वादों को पूरा करने में नाकामयाब रहीं और उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री राज्य के लिए कुछ सौगातों की घोषणा करेंगे लेकिन वह तो विकास फंड की कीमत पर भाजपा के लिए वोट मांगकर निकल गये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tripuras-opposition-parties-target-modi/article-32736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/download3.jpg" alt=""></a><br /><p>अगरतला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में आयोजित विशाल रैली के एक दिन बाद ही सोमवार को राज्य के प्रमुख विपक्षी दल प्रधानमंत्री पर हमलावर नजर आये और उन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए वोट बटोरने में इस्तेमाल करने का आरोप उन पर लगाया। </p>
<p>प्रधानमंत्री की इस यात्रा और रैली को लेकर प्रमुख विपक्षी दलों कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने सवाल उठाये। भाजपा सरकार में ही स्वास्थ्य मंत्री रह चुके व वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के विधायक सुदीप रॉयबर्मन ने त्रिपुरा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने मोदी की रैली में राज्यभर से लोगों को लाने में पांच करोड़ रुपये खर्च किये जो कि विशुद्ध रूप से भाजपा का एक राजनीतिक कार्यक्रम था। </p>
<p>उन्होंने सवाल किया '' आखिर कैसे एक मुख्य सचिव केंद्र और राज्य के कर्मचारियों को प्रधानमंत्री की रैली में पहुंचने को लेकर दिशा निर्देश जारी कर सकता है।"</p>
<p>रॉयबर्मन ने कहा ''सब जानते हैं कि मोदी यहां भाजपा नेताओं की अंदरूनी कलह का समाधान करने आये थे और उन्होंने एक रैली की, जिसमें यह संदेश देना था कि पार्टी में एकता बनी हुई है लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाये। न तो मोदी ने रैली में किसी जनजातीय नेता का नाम लिया और न ही कोई जनजातीय नेता प्रधानमंत्री की इस रैली में शामिल हुआ, जो यहां भाजपा में टूट को साफ बताता है।"</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि केवल प्रधानमंत्री के सामने अपनी इज्जत बचाने को मुख्य सचिव ने निजी रूप से चलाये जा रहे होटल प्रबंधन संस्थान का उद्घाटन कर दिया जिसके निर्माण की अनुमति 2010 में तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने दी थी। राज्य डेंटल कॉलेज का उद्घाटन कर दिया गया जिसमें न तो कोई फैकल्टी ही है और न ही इसमें नेशनल मेडिकल काउंसिल के मानकों का ध्यान रखा गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री की रैली पूरी तरह से राजनीतिक थी और आने वाले विधानसभा चुनाव में वोटरों को लुभाने के मकसद से आयोजित की गयी थी।</p>
<p>यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था कि त्रिपुरा सरकार ने उन रास्तों पर स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को योग और नृत्य प्रस्तुतियां देने का निर्देश दिया जहां से प्रधानमंत्री का काफिला गुजरना था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालय और जैविक खेती को लेकर प्रधानमंत्री के सामने एक झूठा प्रचार किया।</p>
<p>भाकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि राज्य के लोग जो पिछले पांच साल के भाजपा सरकार के कुशासन से त्रस्त हैं, वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि शायद प्रधानमंत्री इस रैली में उन कारणों को बतायेंगे जिसके कारण भाजपा राज्य में 2018 के चुनाव से पहले किये गये वादों को पूरा करने में नाकामयाब रहीं और उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री राज्य के लिए कुछ सौगातों की घोषणा करेंगे लेकिन वह तो विकास फंड की कीमत पर भाजपा के लिए वोट मांगकर निकल गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Dec 2022 15:06:26 +0530</pubDate>
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