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                <title>sugarcane - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>sugarcane RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मोदी सरकार ने दी मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी: कपास क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फैसला, आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की अध्यक्षता में मिशन फॉर कॉटन को मंजूरी मिली है, जिसके लिए ₹5,659 करोड़ आवंटित किए गए हैं। साथ ही, गन्ना किसानों के लिए ₹365/क्विंटल FRP तय की गई है। संकटग्रस्त उद्योगों के लिए ECLGS 5.0 और सेमीकंडक्टर मिशन के तहत नए कारखानों को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-government-approves-mission-for-cotton-productivity-decision-to-make/article-152822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कपास क्षेत्र में उत्पादन, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 5,659.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पहल भारत सरकार के ‘5एफ विजन’, फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप तैयार की गई है।</p>
<p><strong>गन्ना किसानों के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल एफआरपी मंजूर </strong></p>
<p>इसके साथ ही सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए 2026-27 के लिए 10.25 प्रतिशत रिकवरी दर पर 365 रुपए प्रति क्विंटल का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) मंजूर किया है। इस निर्णय से देश के लगभग पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों एवं सहायक गतिविधियों में लगे करीब पांच लाख श्रमिकों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी </strong></p>
<p>सरकार ने पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित उद्योगों की मदद के लिए आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 शुरू करने का फैसला किया है। पश्चिम एशिया संकट के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और विमान सेवा कंपनियों पर पड़े दबाव से उन्हें राहत दिलाने के लिए यह योजना लाई गई है। इस योजना में बैंकों द्वारा एमएसएमई को दिये जाने वाले ऋण के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई तथा विमान सेवा कंपनियों को दिये जाने वाले ऋण के लिए 90 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी  प्रदान की जाएगी। क्रेडिट गारंटी राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी न्यास कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए दी जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश में परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिनमें एक मिनी और माइक्रो डिस्प्ले विनिर्माण इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग कारखाना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 13:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा रोज 70 क्विंटल गन्ना रस पी रहा, भीषण गर्मी में मीठी राहत का बना सहारा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में चार दर्जन से अधिक मशीनें लगातार संचालित हो रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-consumes-70-quintals-of-sugarcane-daily/article-150645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गर्मी के तेवर अब तीखे होने लगे हैं। अप्रैल के मध्य में ही तेज धूप और बढ़ती तपन ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। ऐसे में राहत की तलाश में लोग पारंपरिक और प्राकृतिक पेय पदार्थों की ओर रुख कर रहे हैं। इनमें गन्ने का रस सबसे आगे है। शहर में इन दिनों गन्ने के रस की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है और रोजाना करीब 70 क्विंटल गन्ना रस के रूप में खप रहा है। शहर के प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आसपास, कॉलोनियों और मुख्य चौराहों पर गन्ने के रस के ठेले और दुकानें बड़ी संख्या में नजर आ रही हैं।</p>
<p><strong>दोपहर बाद ग्राहकों की अधिक भीड़</strong><br />एक अनुमान के अनुसार शहर में चार दर्जन से अधिक मशीनें लगातार संचालित हो रही हैं। इन मशीनों पर दिनभर गन्ना पिरोया जा रहा है और ग्राहकों को ताजा व ठंडा रस परोसा जा रहा है। सुबह के समय जहां ग्राहकों की संख्या सीमित रहती है, वहीं दोपहर बाद जैसे-जैसे तापमान चरम पर पहुंचता है, गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगती है। कई स्थानों पर ग्राहकों को अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ रहा है। शाम के समय तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि ठेलों के आसपास खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती।</p>
<p><strong>मशीनों की बढ़ी संख्या, नए ठेले भी लगे</strong><br />गर्मी की बढ़ती मांग को देखते हुए कई नए विक्रेताओं ने भी गन्ने का रस बेचना शुरू कर दिया है। शहर में नई चरखियां लगाई गई हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है और ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिल रहे हैं। कुछ विक्रेता नींबू, अदरक और पुदीना मिलाकर स्वादिष्ट और हेल्दी रस भी परोस रहे हैं। शहर में बने आरओबी के नीचे काफी जगह होने व पर्याप्त छाया रहने से यहां कई छोटी मोटी दुकानों, थडिय़ों के साथ गन्ने की चरखियां भी आराम से चल रही हैं। इसके अलावा हाइवे पर जहां अंडरब्रिज व ओवरब्रिज हैं, उनके नीचे भी पर्याप्त छाया होने व वाहनों का स्टैण्ड होने या न होने पर गर्मी में बाइक, कारों व अन्य वाहनों से यात्रा करने वाले लोग कुछ पलों के लिए छांव में विश्राम के साथ गन्ने के रस से हलक तर कर लेते हैं।</p>
<p><strong>ग्राहकी से दुकानदारों के खिले चेहरे</strong><br />डीसीएम रोड स्थित गन्ने का ठेला लगाने वाली महिला दुकानदार सरोज व गोमती ने बताया कि यह सीजन उनके लिए सबसे ज्यादा कमाई का समय होता है। इस बार गर्मी जल्दी और तेज आई है, जिससे बिक्री भी उम्मीद से ज्यादा हो रही है। कई दुकानदार सुबह से लेकर देर रात तक लगातार काम कर रहे हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में गन्ने का रस न केवल प्यास बुझाने का साधन बना हुआ है, बल्कि शहरवासियों को ताजगी और ऊर्जा भी प्रदान कर रहा है। मीठी ठंडक के रूप में यह पारंपरिक पेय एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बन गया है।</p>
<p><strong>यहां से हो रही गन्ना की आवक</strong><br />कोटा में गन्ने का उत्पादन बहुत बड़े स्तर पर नहीं होता, इसलिए यहां इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर गन्ना बाहर से मंगवाया जाता है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य होने के कारण कोटा में बड़ी मात्रा में गन्ना यहां के जिलों (जैसे सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ) से ट्रकों के जरिए आता है। महाराष्ट्र से भी कुछ व्यापारियों द्वारा गन्ना सप्लाई किया जाता है, हरियाणा और पंजाब सीमित मात्रा में, लेकिन सीजन के हिसाब से यहां से भी गन्ना आता है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में कुछ हद तक गन्ना उत्पादन होता है, वहां से भी कोटा तक सप्लाई आती है। गन्ना आमतौर पर ट्रकों और पिकअप वाहनों के जरिए थोक मंडियों तक लाया जाता है। वहां से रस बेचने वाले दुकानदार और ठेले वाले इसे खरीदकर अपने-अपने क्षेत्रों में ले जाते हैं।</p>
<p>गन्ने का रस शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ ही डिहाइड्रेशन से बचाने में मददगार होता है। इसमें प्राकृतिक शर्करा, खनिज और पानी की अच्छी मात्रा होती है। यही वजह है कि लोग कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड पेय की बजाय गन्ने के रस को प्राथमिकता देते हैं।<br /><strong>-डॉ. संजय शायर, सीनियर फिजिशियन</strong></p>
<p>शहर में इन दिनों गन्ने के रस की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है और रोजाना करीब 70 क्विंटल गन्ना रस के रूप में खप रहा है। गन्ना ट्रकों और पिकअप वाहनों के जरिए थोक मंडियों तक लाया जाता है। वहां से दुकानदार और ठेले वाले खरीदकर ले जाते हैं।<br /><strong>- विकास कुमार, गन्ना के थोक व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:35:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गन्ना किसानों को मोदी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, 315 रुपये प्रति क्विंटल का रेट तय </title>
                                    <description><![CDATA[मोदी कैबिनेट ने वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिये नई योजना 'पीएम-प्रणाम' (कृषि प्रबंधन के लिये वैकल्पिक पोषक तत्वों को प्रोत्साहन) को मंजूरी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-government-gave-a-big-gift-to-the-sugarcane-farmers--fixed-the-rate-of-rs-315-per-quintal/article-50286"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-की-कॉपी-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो नवज्योति, नई दिल्ली। मोदी सरकार ने देश के किसानों को तोहफा देते हुए गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में बढ़ोतरी करने का एलान किया है। मोदी कैबिनेट ने गन्ने की एफआरपी 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। केन्द्र सरकार के इस फैसले से पांच करोड़ से ज्यादा गन्ना किसान और इस पर आश्रित लोगों को फायदा होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले 9 सालों में गन्ने के रेट में 105 रुपए की बढ़ोतरी हुई है,  2013-14 में गन्ने की एफआरपी 210 रुपए प्रति क्विंटल पर था, जो अब 2023-24 लिए बढ़ाकर 315 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।<br /><br />केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट ने चीनी सीजन 2023-24 के लिए गन्ना किसानों के लिए 315 रुपये प्रति क्विंटल के अब तक के उच्चतम उचित और लाभकारी मूल्य को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत पांच लाख श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा ‘अन्नदाता’ के साथ हैं, सरकार Can't कृषि और किसानों को प्राथमिकता देती रही है। एफआरपी वह न्यूनतम मूल्य है, जिस पर चीनी मिलों को किसानों से गन्ना खरीदना होता है। एफआरपी में बढ़ोतरी से सीधा फायदा किसानों को होता है, उन्हें गन्ना बेचकर ज्यादा दाम मिलते हैं।</p>
<p><strong>पीएम-प्रणाम' योजना को मंजूरी</strong><br />मोदी कैबिनेट ने वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिये नई योजना 'पीएम-प्रणाम' (कृषि प्रबंधन के लिये वैकल्पिक पोषक तत्वों को प्रोत्साहन) को मंजूरी दी। योजना के तहत केंद्र राज्यों को प्रोत्साहित करेगा कि वे वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा दें और रासायनिक उर्वरकों को कम करेंगे। इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2023-24 के बजट में की थी। इसके पीछे प्रेरक बिंदु रासायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी के बोझ को कम करना है, जो वर्ष 2022-23 में 2.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बहुत अधिक है। उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लीजिए कि कोई राज्य दस लाख टन पारंपरिक उर्वरक का उपयोग कर रहा है और यदि वह अपनी खपत तीन लाख टन कम कर देता है तो सब्सिडी की बचत 3,000 करोड़ रुपये होगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी बचत में से केंद्र वैकल्पिक उर्वरक के उपयोग और अन्य विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए राज्य को 50 फीसदी यानी 1,500 करोड़ रुपये देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jun 2023 18:00:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गन्ने की चरखी में आए बालक के दोनों हाथ</title>
                                    <description><![CDATA[बूंदी जिले के हिंडोली थाना क्षेत्र में गन्ने की चरखी पर काम करते समय एक 10 वर्ष के बालक के दोनों हाथ चरखी के अंदर आ गए जिससे बालक गंभीर रूप से घायल हो गया । हालत गंभीर होने पर कोटा रेफर कर दिया।  बालक को एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उसका उपचार जारी है। 

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-both-hands-of-the-boy-who-came-to-the-winch-of-sugarcane/article-6153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/46546546546527.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बूंदी जिले के हिंडोली थाना क्षेत्र में गन्ने की चरखी पर काम करते समय एक 10 वर्ष के बालक के दोनों हाथ चरखी के अंदर आ गए, जिससे बालक गंभीर रूप से घायल हो गया । गंभीर हालत में परिजनों ने बालक को एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस के अनुसार हिंडोली थाना क्षेत्र के निवासी घनश्याम सोमवार सुबह अपने पिता के साथ गन्ने की चरखी पर काम कर रहा था। </p>
<p>चरखी में गन्ना लगाते समय गन्ने के साथ बालक के दोनों हाथ भी आ गए इससे बालक के दोनों हाथ खून में लहूलुहान हो गए। बालक को बूंदी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर होने पर कोटा रेफर कर दिया। बालक को एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 17:00:01 +0530</pubDate>
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                <title> UP के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने मेहंदीपुर बालाजी के किये दर्शन, यूपी में भाजपा के पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का जताया विश्वास</title>
                                    <description><![CDATA[ मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मंत्री को बालाजी महाराज का चोले का तिलक लगाकर मोदक प्रसादी भेंट की।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/up-sugarcane-minister-suresh-rana-visited-mehandipur-balaji--expressed-confidence-of-forming-the-government-in-up-with-full-majority-of-the-bjp/article-4671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/24.jpg" alt=""></a><br /><p>मेहंदीपुर बालाजी। उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने शनिवार को मेहंदीपुर बालाजी पहुंचे। जहां उन्होंने बालाजी महाराज के दर्शन कर देश एवं प्रदेश में खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मंत्री को बालाजी महाराज का चोले का तिलक लगाकर मोदक प्रसादी भेंट की। <br /><br />यूपी के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने पत्रकार बातचीत में बताया कि 1992 से मैं मेहंदीपुर बालाजी महाराज के दर्शनों के लिए आ रहा हूं। वहीं यूपी चुनाव को लेकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें भारतीय जनता पार्टी की जो वैचारिक विचारधारा है उसे मजबूत किया है और गरीब, पिछड़ा वर्ग के लिए लोक कल्याण के लिए जो कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किए हैं, उससे पूरा तरफ उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी से जुड़ रहा है। बालाजी महाराज के दर्शनों के दौरान मानपुर पुलिस उपाधीक्षक संत राम मीणा, टोडाभीम पुलिस उपाधीक्षक फूलचंद मीणा, बालाजी थाना प्रभारी गिर्राज प्रसाद, बालाजी चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम चौधरी एवं बालाजी थाने के ईएसआई मुकेश गुर्जर मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Feb 2022 16:50:18 +0530</pubDate>
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