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                <title>Health Ministry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बेरूत के होटल पर इजरायली हमले में 4 लोगों की मौत, अन्य 10 घायल, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
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                        <![CDATA[मध्य बेरूत में एक होटल पर हुए इजरायली हवाई हमले में चार लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में जारी भीषण बमबारी से नागरिक बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुँच रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/4-killed-10-injured-in-israeli-attack-on-beirut-hotel/article-145707"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bairut.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। लेबनान की राजधानी बेरूत स्थित एक होटल पर इजरायल की ओर से किये गये हमले में चार मारे गये, जबकि 10 अन्य लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के अधिकारियों ने बताया कि बेरूत के होटल पर इजरायली हमले में चार लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हो गए।</p>
<p>लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार यह हमला मध्य बेरूत में स्थित एक होटल पर हुए, जिसके कारण चार लोगों की जान चली गयी। मंत्रालय के अनुसार हमले में 10 अन्य लोग घायल हुए हैं। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 15:14:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पेन किलर निमेसुलाइड से लेकर 100 mg से ज्यादा की टैबलेट पर लगाया बैन, जानें क्यों ?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। 29 दिसंबर 2025 को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, 100 मिलीग्राम (mg) से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड की ओरल टैबलेट्स के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-the-central-government-ban-on-pain-killer/article-137918"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/nimesulide-oral-doses-ban-update;-pain-killer.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। 29 दिसंबर 2025 को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, 100 मिलीग्राम (mg) से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड की ओरल टैबलेट्स के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड और ICMR की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।</p>
<p><strong>लीवर और किडनी के लिए गंभीर खतरा</strong></p>
<p>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निमेसुलाइड का अधिक मात्रा सेवन करने से लीवर टॉक्सिसिटी (Hepatotoxicity) और किडनी को गंभीर नुकसान होने का खतरा बना रहता है। चूंकि बाजार में पैरासिटामॉल और इबुप्रोफेन जैसे अधिक सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं, इसलिए इस जोखिम भरी दवा के हाई-डोज संस्करण को प्रतिबंधित करना जनहित में आवश्यक समझा गया। गौरतलब है कि, 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह दवा भारत में 2011 से ही पूरी तरह प्रतिबंधित है।</p>
<p><strong>वैश्विक स्तर पर स्थिति</strong></p>
<p>बता दें कि निमेसुलाइड दुनिया की सबसे विवादित दवाओं में से एक रही है और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में इसे कभी मंजूरी ही नहीं दी गई। इसके साथ ही बता दें कि आयरलैंड, स्पेन और फिनलैंड जैसे यूरोपीय देशों ने लीवर डैमेज के मामलों के बाद इसे बहुत पहले ही प्रतिबंधित कर दिया था। भारत में अब केवल 100 mg या उससे कम की खुराक ही वयस्कों के लिए उपलब्ध रहेगी, वह भी कड़ी चिकित्सकीय निगरानी में। विशेषज्ञों का कहना है कि दर्द और बुखार के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना खतरनाक हो सकता है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:21:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इजराइली हमलों में फिलिस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 1,569 हुई: स्वास्थ्य मंत्रालय</title>
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                        <![CDATA[ हमास की ओर से इजरायल पर किए गए हमले में अब तक मरने वालों की संख्या ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/6529346330125/article-59478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/israel-hamas1.png" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>गाजा। गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक पर इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या कुल 1,569 हो गई है, जबकि 7,212 अन्य घायल हुए हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।</p>
<p>   मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गाजा में मरने वालों की संख्या 1,537 तक पहुंच गई है, जिनमें 500 बच्चे और 276 महिलाएं भी शामिल हैं।</p>
<p>   फ़िलिस्तीनी इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन (हमास) द्वारा शनिवार को बड़े पैमाने पर किए गए अचानक हमले के जवाब में इजराइली हमास गाजा पट्टी पर हमले की और गुरुवार को भी गाजा के विभिन्न क्षेत्रों पर इजरायली हवाई हमले जारी रखे।</p>
<p>   इजराइल के सार्वजनिक प्रसारक कान ने बताया कि हमास की ओर से इजरायल पर किए गए हमले में अब तक मरने वालों की संख्या 1,300 से अधिक हो गई है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Oct 2023 18:03:31 +0530</pubDate>
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                <title>चेतावनी :त्योहारी सीजन के तीन महीने बेहद अहम</title>
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                        <![CDATA[सजग रहें, बेफिक्र ना हों : स्वास्थ्य मंत्रालय]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/615fea80dbf92/article-1515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/corona-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर के खतरों के मद्देनजर मोदी सरकार ने लोगों से एहतियात के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हो सके तो त्योहार घर के अंदर मनाएं, भीड़ न करें और अगर परिवार या रिश्तेदारों के साथ त्योहार मनाना चाहते हैं तो आॅनलाइन मनाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि कोविड का खतरा अभी भी बरकरार है और मामले कम होने के कारण लोगों को पूरी तरह से बेफिक्र होने की जरूरत नहीं है।</p>
<p><br /> <strong>दूसरे देशों का दिया उदाहरण</strong><br /> मंत्रालय ने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लापरवाही बरती गई, वहां पर कोरोना के केस में बढ़ोतरी हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इंग्लैंड और नीदरलैंड में फेस्टिवेटल में देखा गया कि कोताही बरती गई और मामले बढ़ गए। सरकार का कहना है कि इसी से सबक लेते हुए अगले तीन महीने खास सावधानी बरतने की जरूरत है।</p>
<p><br /> <strong>कुल के 56 फीसदी मामले केरल से आए</strong><br /> केंद्रीय संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले सप्ताह रिपोर्ट हुए कोरोना के कुल मामलों का 56 फीसदी मामले केरल से आए, एक्टिव केस अभी भी 2 लाख 44 हजार हैं, अकेले केरल में एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं। उन्होंने बताया कि चार राज्यों में 10 हजार से 50 हजार एक्टिव केस है जबकि 31 राज्यों में 10 हजार से कम एक्टिव केस हैं, कोरोना की दूसरी लहर पर अब तक कंट्रोल नहीं हुआ है।</p>
<p><br /> आईसीएमआर ने चेतावनी दी है कि लोगों की घूमने की आदत के कारण देश में जल्द ही कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि देश में कुल पॉजिटिविटी रेट पिछले हफ्ते लगभग 1.68 फीसदी रही, जबकि पहले यह 5.86 फीसदी थी। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और असम में कुछ जिलों सहित 28 जिले ऐसे हैं, जिनमें पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी और 10 फीसदी के बीच है, यानी उच्च संक्रमण दर, जबकि 34 जिले ऐसे हैं जहां पर 10 फीसदी से अधिक की वीकली पॉजिटिविटी रेट सामने आ रहे हैं। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 12:48:04 +0530</pubDate>
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                <title>बच्चों पर प्रभावहीन होगी तीसरी लहर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- बिना अस्पताल जाए ही हो जाते हैं ठीक</title>
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                        <![CDATA[कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर के दौरान बच्चों के संक्रमित होने के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफाई दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि सामान्य तौर पर बच्चों में कोरोना लक्षणविहीन होता है और बेहद कम अवसर पर अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0--%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%8F-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%A0%E0%A5%80%E0%A4%95/article-951"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/coronavirus-test1.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर के दौरान बच्चों के संक्रमित होने के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफाई दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि सामान्य तौर पर बच्चों में कोरोना लक्षणविहीन होता है और बेहद कम अवसर पर अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि की कोरोना की लहर बच्चों को ज्यादा प्रभावित नहीं करती है, जिन बच्चों को कोरोना होता है वो ज्यादातर असिमटोमैटिक होते हैं यानी उनमें इस संक्रमण के लक्षण बेहद ही कम होते हैं। <br /> <br /> मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक संक्रमित होने वाले बहुत ही कम बच्चों को कभी-कभी अस्पताल में एडमिट करने की जरुरत पड़ती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अगर पूर्ण रूप से स्वस्थ बच्चों को यह संक्रमण होता भी है तो उनकी हल्की तबीयत खराब होती है और वो बिना अस्पताल गए जल्दी ठीक हो जाते हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिन बच्चों को अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत पड़ी थी उन्हें इम्यूनिटी की कमी थी जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था।<br /> <br /> <strong>बच्चों के इलाज को लेकर पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था </strong><br /> नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बच्चों में कोरोना से जुड़े भ्रम पर कहा कि बच्चों के इलाज को लेकर पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की गई है। चाइल्ड केयर को देखते हुए हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस संक्रमण से संक्रमित होने वाले बच्चों के केयर और ट्रीटमेंट के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास जारी है। साथ ही 2 से 18 साल के उम्र वाले बच्चों पर कोवैक्सीन का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है।<br /> <strong><br /> बच्चों को लेकर कोई डाटा नहीं</strong><br /> एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने बताया कि देश-दुनिया में ऐसा कोई डेटा नहीं मौजूद है जो कहता हो कि आगामी लहरों में बच्चों पर गंभीर प्रभाव होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान बच्चे कोरोना संक्रमण के बाद सामान्य बीमारी के बाद ठीक हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, उन्हें या तो पहले कोई बीमारी रही होगी या फिर इम्युनिटी लेवल कम होगा। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jul 2021 11:48:04 +0530</pubDate>
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                <title>गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है कोरोना की वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइंस</title>
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                        <![CDATA[स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए गाईडलाइन जारी की है। मंत्रालय ने कहा कि अधिकतर गर्भवती महिलाएं ऐसिम्प्टमैटिक होगी या उन्हें हल्की बीमारी होगी।]]>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jun 2021 16:12:31 +0530</pubDate>
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                <title>भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' में बछड़े का सीरम का इस्तेमाल होने का दावा, सरकार ने बताई पूरी सच्चाई</title>
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                        <![CDATA[कोरोना के भारतीय टीके कोवैक्सिन को लेकर अफवाह चल रही है। इस पर केंद्र सरकार ने कहा कि इस वैक्सीन में गाय के बछड़े के खून को मिलाने की अफवाह फैल रही है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%80--%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8--%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%9B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE--%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%88/article-757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/covaccine.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक द्वारा विकसित टीके कोवैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम तरह की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखा है। इस वैक्सीन में गाय के नवजात बछड़े के खून को मिलाए जाने की बात कही जा रही थी। कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग में राष्ट्रीय संयोजक गौरव पंधी ने आरटीआई के जवाब का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि कोवैक्सीन बनाने के लिए 20 दिन के बछड़े की हत्या की जाती है। अब केंद्र सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में तथ्यों को तोड़मरोड़कर और गलत ढंग से रखा गया है। <br /> <br /> स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नवजात बछड़े के सीरम का उपयोग केवल वेरो कोशिकाओं के विकास के लिए किया जाता है। विभिन्न प्रकार के गोजातीय और अन्य पशु सीरम वेरो सेल (कोशिका) विकास के लिए विश्व स्तर पर उपयोग किए जाने वाले मानक संवर्धन घटक हैं। इसका इस्तेमाल शुरुआती चरण में ही होता है। वैक्सीन के उत्पादन के आखिरी चरण में इसका कोई यूज नहीं होता है। इस तरह से इसे वैक्सीन का हिस्सा नहीं कह सकते हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल दशकों से पोलियो, रेबीज और इन्फ्लूएंजा के टीकों में किया जाता रहा है। इन वेरो कोशिकाओं को विकास के बाद कई बार पानी और केमिकल्स से धोया जाता है। इस प्रॉसेस को बफर भी कहते हैं। इसके बाद इन वेरो सेल्स को वायरल ग्रोथ के लिए कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड कराया जाता है।<br /> <br /> मंत्रालय ने कहा कि वायरल ग्रोथ की प्रक्रिया में वेरो कोशिकाएं पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। इसके बाद इस नए वायरस को भी निष्क्रिय कर दिया जाता है। मारे गए इस वायरस का प्रयोग अंतिम टीका बनाने के लिए किया जाता है। इस तरह से कई तरह की प्रक्रिया होती हैं और अंतिम टीका बनाने में कोई बछड़ा सीरम का उपयोग नहीं किया जाता है। ऐसे में साफ है कि वैक्सीन में नवजात बछड़े का सीरम बिलकुल नहीं होता हैं। <br /> <br /> इससे पहले भारत बायोटेक ने भी अफवाहों पर सफाई देते हुए कहा कि वायरल टीकों के निर्माण में नवजात बछड़े के सीरम का उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग कोशिकाओं के विकास के लिए किया जाता है। इसका उपयोग न तो SARS CoV2 वायरस के विकास में किया जाता है और न ही टीके के अंतिम निर्माण में। कोवैक्सीन पूरी तरह से शुद्ध वैक्सीन है, जिसे सभी अशुद्धियों को हटाकर तैयार किया गया है। कंपनी ने कहा कि कई दशकों से विश्व स्तर पर टीकों के निर्माण में गोजातीय सीरम का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। पिछले 9 महीनों में कई प्रकाशनों में इसके उपयोग को पारदर्शी रूप से प्रलेखित किया गया था।</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 16 Jun 2021 16:48:09 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्र सरकार की बायोलॉजिकल-ई से कोरोना वैक्सीन के 30 करोड़ डोज की डील फाइनल, 1500 करोड़ का एडवांस पेमेंट</title>
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                        <![CDATA[देश में कोरोना वैक्सीन की किल्लत के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ी डील फाइनल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि बायोलॉजिकल-ई लिमिटेड के साथ कोविड-19 की वैक्सीन की 30 करोड़ खुराकों के लिए अग्रिम व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है।]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jun 2021 17:29:56 +0530</pubDate>
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                <title>कोरोना महामारी के बीच केंद्र से आई थोड़ी राहत वाली खबर, तीसरी लहर का बच्चों पर गंभीर असर नहीं</title>
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                        <![CDATA[देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के दौरान बच्चों के संक्रमण होने की आंशका को केन्द्र सरकार ने खारिज कर दिया है। एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा ने बताया कि मानव कोशिकाओं के जिन एस रिसेप्टर से संक्रमण फैलाने वाला वायरस खुद को जोड़ता है, वे बड़ों के मुकाबले बच्चों में अपेक्षाकृत कम होते हैं। यही कारण है कि तीसरी लहर में उनके गंभीर रूप से संक्रमित होने की आशंका कम है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%A5%E0%A5%8B%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0--%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%97%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A5%80%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82/article-462"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-05/corona-1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के दौरान बच्चों के संक्रमण होने की आंशका को केन्द्र सरकार ने खारिज कर दिया है। एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा ने बताया कि मानव कोशिकाओं के जिन एस रिसेप्टर से संक्रमण फैलाने वाला वायरस खुद को जोड़ता है, वे बड़ों के मुकाबले बच्चों में अपेक्षाकृत कम होते हैं। यही कारण है कि तीसरी लहर में उनके गंभीर रूप से संक्रमित होने की आशंका कम है। रणदीप गुलेरिया ने बताया कि हमने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में देखा कि बच्चों में संक्रमण बहुत कम देखा गया है, इसलिए अब तक ऐसा नहीं लगता है कि आगे जाकर कोविड की तीसरी लहर में बच्चों में कोविड संक्रमण ज्यादा देखा जाएगा, हालांकि तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की आशंका जताने के पीछे जानकारों ने कुछ चीजों को आधार बनाया है। जैसे, पहली और दूसरी लहर में बच्चे प्रभावित नहीं हुए हैं, उन्हें वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में तीसरी लहर आई तो वे सबसे ज्यादा चपेट में आ सकते हैं। लेकिन, इसका कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्वस्थ बच्चों में कोरोना के हल्के लक्षण दिखे हैं। <br /> <br /> <strong>पहली और दूसरी लहर में बच्चों ने किया कई चुनौतियों का सामना</strong><br /> गुलेरिया ने कहा कि कोविड की पहली और दूसरी लहर में बच्चों को मानसिक तनाव, स्मार्टफोन की लत, शिक्षा की चुनौतियों के कारण एक साथ कई नुकसान का सामना करना पड़ा है। दूसरी ओर पिछले एक महीने में एम्स में कोविड से हुई मौतों का विश्लेषण किया गया, जिसमें पाया गया कि दोनों लहर में एक जैसी मौतें हुई है। यानी 45 साल से अधिक और अन्य गंभीर बीमारियों के शिकार लोगों की ज्यादा मौत हुई हैं।<br /> <br /> <strong>तीसरी लहर के लिए अनुसंधान जारी</strong><br /> स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने भी कहा कि  तीसरी लहर को लेकर लोग आशंकाएं ना पालें, इस बाबत लगातार शोध और अनुसंधान किए जा रहे हैं। दुनिया के कई देशों के डाटा और अनुभव साझा किए जा रहे हैं, लिहाजा सतर्क जरूर रहेए लेकिन चिंता न पालें।</p>]]>
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                <pubDate>Tue, 25 May 2021 16:08:23 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्र सरकार ने ब्लैक फंगस को लेकर राज्यों को दिए निर्देश, महामारी घोषित करें, हर मामले को करें रिपोर्ट</title>
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                        <![CDATA[देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच म्यूकोरमायकोसिस या ब्लैक फंगस लोगों के लिए आफत बन गया है। ब्लैक फंगस के मामले कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों पर ज्यादा देखा रहा है। ऐसे में मोदी सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने का आग्रह किया है। साथ ही राज्यों से कहा गया है कि हर पुष्ट और संभावित केसों की जानकारी भी केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई जाए।]]>
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                <pubDate>Fri, 21 May 2021 16:41:56 +0530</pubDate>
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                <title>कोरोना पर केंद्र सरकार: देश में 2 प्रतिशत आबादी हुई संक्रमित, 98 फीसदी लोगों पर अभी भी खतरा</title>
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                        <![CDATA[देश में कोरोना की दूसरी लहर में 2 प्रतिशत आबादी प्रभावित हुई है। भारत की 98 फीसदी आबादी को अभी भी संक्रमण का खतरा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-2-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%A4-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4--98-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE/article-420"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-04/corona-11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में दो फीसदी आबादी प्रभावित हुई है। यानी 98 फीसदी आबादी को अभी भी संक्रमण में आने का खतरा है, इसलिए लोगों को सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अभी तक सामने आए संक्रमण की इतनी अधिक संख्या के बावजूद हम दो फीसदी से कम आबादी तक इसे सीमित रखने में सफल हुए हैं। अग्रवाल ने कहा कि पिछले 15 दिनों में उपचाराधीन मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। 3 मई को सक्रिय रोगी 17.13 फीसदी थे, जो अब घटकर 12.66 फीसदी रह गए हैं। इसी प्रकार रिकवरी दर भी बढ़कर  86.23 हो गई है। 8 राज्यों में कोविड-19 के एक लाख से अधिक मामले हैं और 22 राज्यों में संक्रमण की दर 15 फीसदी से अधिक है। यह आंकड़ा लगातार घट रहा है। <br /> <br /> जहां सरकार की ओर से 2 प्रतिशत का दिया आंकड़ा देशभर में अभी तक दर्ज हुए कोरोना संक्रमितों के कुल मामलों पर आधारित है तो वहीं आईसीएमआर द्वारा कराया गया सीरो सर्वे कुछ और ही कहता है। इस सर्वे के मुताबिक, बीते साल दिसंबर मध्य तक देश की आबादी का 5वां हिस्सा यानी 21.4 प्रतिशत लोग कोरोना वायरस के संपर्क में आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि भारत में 1.8 प्रतिशत आबादी कोरोना से प्रभावित हुई है जबकि अमेरिका की 10.1 फीसदी, ब्राजील की 7.3 फीसदी, फ्रांस की 9 फीसदी और इटली की 7.4 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमित हुई है। बच्चों में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के सिंगापुर वेरिएंट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बार में जानकारी एकत्र की जाएगी।</p>]]>
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                <title>मोदी सरकार ने किया शर्तों में बदलाव, एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी नहीं</title>
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                        <![CDATA[देश में कोरोना वायरस की बेकाबू होती दूसरी लहर पर थोड़ी बहुत लगाम लगाने के बाद मोदी सरकार ने टेस्टिंग से जुड़ी शर्तों में कुछ बदलाव किए। नई गाइडलाइंस के मुताबिक अब एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाना जरूरी नहीं होगा। साथ ही कोविड मरीजों को बिना आरटी-पीसीआर टेस्ट कराए भी अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।]]>
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