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                <title>forcibly - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पाकिस्तान में जबरन अपने सुरक्षा गार्ड तैनात करना चाहता है चीन</title>
                                    <description><![CDATA[ पाकिस्तान और उसके सदाबहार दोस्त चीन के बीच चीनी सुरक्षाकर्मियों के मुद्दे पर तनाव बढ़ गया है। चीन पाकिस्तान में अपने नागरिकों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए चीनी सुरक्षा गार्ड तैनात करना चाहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/-china-wants-to-forcibly-deploy-its-security-guards-in-pakistan/article-13317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/v-3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद।</strong> पाकिस्तान और उसके सदाबहार दोस्त चीन के बीच चीनी सुरक्षाकर्मियों के मुद्दे पर तनाव बढ़ गया है। चीन पाकिस्तान में अपने नागरिकों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए चीनी सुरक्षा गार्ड तैनात करना चाहता है। पाकिस्तान इसका खुलकर विरोध कर रहा है। चीन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पर पिछले दिनों बीजिंग यात्रा के दौरान सुरक्षा गार्ड तैनात करने की अनुमति देने के लिए दबाव डाला था। पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव पर अब चीन ने चुप्पी साध ली है। चीन ने यह अनुमति ऐसे समय पर मांगी है जब उसके नागरिकों पर बलूचिस्तान और पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में कई जानलेवा हमला हुए हैं। मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने चीन के सुरक्षा मंत्रालय के अनुरोध का कड़ा विरोध किया है। चीनी मंत्रालय के सुरक्षा गार्ड तैनात करने की मांग पर पाकिस्तान ने कहा कि उसके सुरक्षा बल चीनी नागरिकों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने में सक्षम हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजिन ने इस संबंध में पूछे गए एक सवाल को टाल दिया।</p>
<p><br /><strong>बलूच विद्रोहियों ने सीपीईसी परियोजना पर कई हमले किए</strong></p>
<p>चीनी प्रवक्ता ने कहा कि बीजिंग और इस्लामाबाद आपस में संपर्क में हैं और पाकिस्तान के अंदर चीनी नागरिकों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए समन्वय कर रहे हैं। इससे पहले जापानी मीडिया ने खुलासा किया था कि चीन अपनी सुरक्षा कंपनी को पाकिस्तान में तैनात करना चाहता है ताकि अपने नागरिकों की बलूच विद्रोहियों के हमले से रक्षा की जा सके। चीन इसके लिए पाकिस्तान पर दबाव डाल रहा है जिसका इस्लामाबाद की ओर से कड़ा विरोध किया जा रहा है। पाकिस्तान में हाल के वर्षों में चीन के नागरिकों पर कई भीषण हमले हुए हैं। चीन ने पाकिस्तान में चल रही सीपीईसी परियोजना में 60 अरब डॉलर का निवेश किया है। हाल ही में एक महिला बलूच विद्रोही ने आत्मघाती बम हमला करके चीनी शिक्षकों से भरी वैन को उड़ा दिया था। इस हमले में 3 चीनी नागरिक मारे गए थे। इसके बाद चीन के सभी शिक्षक पाकिस्तान छोड़कर वापस चले गए थे। इससे पहले भी बलूच विद्रोहियों ने सीपीईसी परियोजना पर कई भीषण हमले किए हैं। इसके अलावा टीटीपी आतंकी भी चीन के नागरिकों पर कई हमले कर चुके हैं। चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने अलग से एक सैन्य बल बनाया है लेकिन लगातार अपने नागरिकों की हत्या से चीन हताश हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 16:33:30 +0530</pubDate>
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                <title>जबरन टीका नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला दिया है कि टीकाकरण के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/editorial--not-forcibly-vaccinated/article-9124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/covid.jpg" alt=""></a><br /><p>अब यही माना जाता रहा है कि भारत में सफल टीकाकरण अभियान की वजह से ही कोविड-19 पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकी है, वहीं यह भी आशंकाएं जुड़ी रही हैं कि टीकों का विपरीत प्रभाव पड़ता हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला दिया है कि टीकाकरण के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके अलावा अदालत ने केन्द्र से इस तरह के टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभाव के आंकड़ों को सार्वजनिक करने को कहा है। अदालत की राय टीकाकरण के मसले पर उठे सवालों और आशंकाओं के बीच संतुलन बैठाने की ही कोशिश है। इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शारीरिक स्वायत्तता और अखण्डता की रक्षा की जाती है। सुनवाई के दौरान अदालत को यह भी बताया गया कि कई राज्यों में जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, उन्हें ट्रेनों या सार्वजनिक वाहनों में बैठने से रोका जा रहा है और अन्य सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। इसके पीछे यह दलील दी जा रही है बिना टीका लगाकर लोग संक्रमण फैलाने की वजह बन सकते हैं। यह सही है कि कोरोना संक्रमण एक-दूसरे व्यक्ति के माध्यम से ही फैलता है और संकट के समय में सावधानी भरे कदम उठाना समय की मांग भी है। लेकिन इस मसले पर अदालत ने साफ तौर पर कहा कि टीका न लगवाने वाले लोगों पर किसी तरह की पाबंदी मान्य नहीं है, साथ ही अदालत ने कहा कि जहां तक सावधानी बरतने की बात है तो केन्द्र और राज्य सरकारों ने ऐसा कोई साक्ष्य अदालत के सामने नहीं रखा, जिससे यह पता चलता हो कि टीका न लगवाने वाले लोगों से खतरा ज्यादा है। साथ ही सरकारें टीकाकरण के दुष्प्रभावों को लेकर उठ रही आशंकाओं के निवारण के बारे में कुछ नहीं बता रही है। तथ्यों को छुपाने व सार्वजनिक न करने से आशंकाएं जोर पकड़ती जा रही हैं। तभी अदालत ने कोरोना रोधी टीका लगवाने के बाद सामने आने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ चिकित्सीय परीक्षण का आंकड़ा सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। अदालत की मंशा स्पष्ट है कि टीकाकरण को बाध्यकारी नहीं बनाया जा सकता है। किसी की सहमति के बिना जबरन टीकाकरण न्याय और अधिकारों के विपरीत है। लेकिन यहां अदालत को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि टीकाकरण तो स्वैच्छिक हैं, लेकिन टीका न लगाने वालों को मास्क लगाने व सार्वजनिक दूरी बनाकर रखने जैसी सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 16:46:43 +0530</pubDate>
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                <title> हवालात में आत्महत्या या हत्या?, जवाहर सर्किल थाने का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[रविवार तड़के 3:30 बजे पी थी अंतिम चाय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/youth-commits-suicide-in-lock-up--case-of-jawahar-circle-police-station--the-family-said-that-the-police-caught-forcibly--there-was-an-allegation-of-molesting-a-minor--last-tea-was-drunk-at-3-30-am-on-sunday/article-4741"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/02.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। जवाहर सर्किल थाना पुलिस की ओर से नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार युवक अंकित त्यागी ने रविवार तड़के करीब पौने चार बजे हवालात के कम्बल से फंदा बनाकर खिड़की से लटककर आत्महत्या कर ली। जब इसकी सूचना पुलिस के आलाधिकारियों और परिजनों को मिली तो हड़कंप मच गया। मौके पर तुंरत एडिशनल कमिश्नर (अपराध) अजय पाल लाम्बा पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। साक्ष्य इकट्ठे करने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया। तभी अंकित के परिजन रोते-बिलखते थाने पहुंचे और अंदर जाने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। परिजन बोले पुलिस ने जबरन पकड़ा था। एएसपी अवनीश शर्मा ने थाने में आत्महत्या के इस मामले को गम्भीर मानते हुए थानाप्रभारी राधारमण गुप्ता को जांच पूरी होने तक पुलिस उपायुक्त (पूर्व) कार्यालय में उपस्थिति देने के आदेश दिए हैं। बाकी अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुहाना मंडी के पास रहने वाले अंकित त्यागी को गिरफ्तार किया था। अंकित पर बीते शुक्रवार को करीब 12 साल की नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप था। पुलिस ने जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक युवक की बुलेट के नंबर सामने आए। पुलिस ने नंबरों के आधार पर अंकित को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ की थी। उसके बाद अंकित को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अंकित प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता था। <br /><br /><strong>कम्बल से फंदा बनाया</strong><br />मिली जानकारी के मुताबिक मृतक अंकित ने रविवार तड़के साढ़े तीन बजे चाय पी थी। सुबह करीब आठ बजे एक पुलिसकर्मी को वह फंदे से झूलता हुआ मिला। अंकित ने हवालात के कम्बल को फाड़कर उसका फंदा बनाया था। उसके बाद आत्महत्या कर ली। <br /><br />अंकित त्यागी ने हवालात में फंदा लगाकर खुदकुशी की है। इस संबंध में ज्यूडीशियल इंक्वायरी के अलावा एक प्रशासनिक जांच भी कराई जा रही है। यह जांच एसीपी सांगानेर सदर को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। <br />-<strong>अजय पाल लाम्बा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Feb 2022 11:16:02 +0530</pubDate>
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