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                <title>ट्रम्प ने बदला पेंटागन का नाम : युद्ध विभाग करने के आदेश पर किए हस्ताक्षर, कहा-  दुनिया की स्थिति देखते हुए यह उपयुक्त नाम</title>
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                        <![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रक्षा विभाग पेंटागन का नाम बदलकर युद्ध विभाग करने के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-changed-the-signature-on-the-order-to-name-the/article-126062"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/donald-trump-3.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रक्षा विभाग पेंटागन का नाम बदलकर युद्ध विभाग करने के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए है। उन्होंने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि दुनिया की स्थिति को देखते हुए यह एक अधिक उपयुक्त नाम है। ट्रम्प ने आदेश पर हस्ताक्षर करने से पहले एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मुझे लगता है कि यह एक अधिक उपयुक्त नाम है, खासकर दुनिया की वर्तमान स्थिति को देखते हुए। हमारे पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है।</p>
<p>एक तथ्य पत्रकार के अनुसार यह आदेश रक्षा मंत्री, रक्षा विभाग और अधीनस्थ अधिकारियों को कार्यकारी शाखा के भीतर आधिकारिक पत्राचार, सार्वजनिक संचार, औपचारिक संदर्भों और गैर-वैधानिक दस्तावेजों में युद्ध मंत्री, युद्ध विभाग और युद्ध उप मंत्री जैसे द्वितीयक पदों का उपयोग करने का अधिकार देता है। पेंटागन के अधिकारियों ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यालय के बाहर लगे साइनेज बदल दिए और विभाग की वेबसाइट का भी नवीनीकरण किया गया। पुरानी वेबसाइट, डिफेंस.जीओवी अब वॉर.जीओवी पर स्थानांतरित हो गई है, जहाँ सबसे ऊपर अमेरिकी युद्ध विभाग लिखा है। रक्षा विभाग का संक्षिप्त नाम डीओडी भी विभिन्न शीर्षकों में युद्ध विभाग के लिए डीओडब्ल्यू से बदल दिया गया है।</p>
<p>हेगसेथ ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति के साथ कहा कि नाम परिवर्तन Þसिफऱ् नाम बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि पुनस्र्थापना के बारे में है। उन्होंने कहा कि सेना केवल रक्षा के लिए नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाएगी और नाम परिवर्तन से यह भी जाहिर होता है कि देश केवल रक्षकों के लिए नहीं, बल्कि योद्धाओं को तैयार करेगा। तथ्य पत्रक के अनुसार इस बदलाव को स्थायी बनाने के लिए ट्रंप को कांग्रेस की मदद की जरूरत होगी। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 15:10:27 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान चैंबर और GeM ई-मार्केट प्लेस के बीच एमओयू साइन</title>
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                        <![CDATA[ राजस्थान चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जयपुर और जेम ई-मार्केट प्लेस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया गया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mou-signed-between-rajasthan-chamber-and-gem-e-market-place/article-85873"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(3)22.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जयपुर और जेम ई-मार्केट प्लेस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया गया। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य चेंबर के सदस्यों को ई-मार्केट की सुविधाओं का लाभ देना है।</p>
<p>इस अवसर पर चेंबर के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि आज के डिजिटल युग में ई-मार्केट एक ऐसा माध्यम है जो सरकारी विभागों के क्रय को पूर्ण पारदर्शिता से संचालित करता है। साथ ही, यह उत्पादकों और सेवा प्रदाताओं को आसानी से खरीदार उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह एमओयू एक मील का पत्थर साबित होगा।</p>
<p>डॉ. जैन ने सुझाव दिया कि जेम ई-मार्केट में व्यापारियों की समस्या निवारण हेतु एक सेल का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई सेक्टर को बहुत लाभ मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार का मुख्य ध्यान ई-मार्केट पर है और इसके लिए शीघ्र नीति भी लाई जानी चाहिए।</p>
<p>चेंबर अपने सदस्यों को जागरूक करने के लिए वर्कशॉप और कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन करता रहेगा और जेम ई-मार्केट के सहयोग से अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी करेगा।</p>
<p>इस अवसर पर चैंबर की कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर. एस. जैमिनी, उपाध्यक्ष  ज्ञान प्रकाश,  गोपाल प्रसाद गुप्ता, मानद महासचिव आनंद महरवाल, मानद सयुक्त सचिव  दुली चन्द कडेल, सदस्य भावना खंडेलवाल, संजय भंसाली, चैम्बर के कार्यकारी निदेशक योगेश नारायण माथुर, सचिव  दिनेश कानूनगो उपस्थित थे। वहीं, जेम ई-मार्केट की ओर से ACEO  ए. सी. मुरलीधरन,  पीयूष कुमार और इशा महाजन आदि उपस्थित थे। अंत में, चेंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी. एस. भंडारी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 19:07:37 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर हुआ त्रिपक्षीय एमओयू</title>
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                        <![CDATA[आमजन को मिलेगी अत्याधुनिक हवाई सुविधा, पर्यटन को लगेंगे पंख : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tripartite-mou-signed-on-kota-greenfield-airport/article-85240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(2)14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आमजन को अत्याधुनिक हवाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट मील का पत्थर साबित होगा। इसके निर्माण से प्रदेश में ना केवल पर्यटन को गति मिलेगी अपितु शिक्षा एवं व्यापारिक गतिविधियों में भी इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के लक्ष्य की प्राप्ति में विमानन क्षेत्र का विकास अहम है। </p>
<p>सीएम शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास को लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, नगरीय विकास विभाग एवं नागरिक उड्डयन विभाग के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस गति से सड़क एवं रेल मार्ग का विस्तार हो रहा है, उसी स्केल पर हवाई क्षेत्र पर फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा एवं उद्योगों की नगरी कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण से हाडौती अंचल के लाखों निवासियों को हवाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। हमारी सरकार के संकल्प की सिद्वि में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जयपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल की क्षमता का भी विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में इसकी क्षमता 50 लाख यात्री प्रतिवर्ष है जो विस्तार के बाद बढ़कर 70 लाख प्रतिवर्ष हो जाएगी। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष से आग्रह किया कि जयपुर एयरपोर्ट पर नए स्टेट टर्मिनल के लिए शीघ्र कार्य शुरू करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उदयपुर हवाई अड्डे के विकास और विस्तार तथा उत्तरलाई (बाड़मेर) हवाई अड्डे पर स्थायी सिविल एन्क्लेव एवं अप्रोच रोड के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराएगी।</p>
<p><strong>राज्य सरकार देगी निःशुल्क भूमि, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करेगा निर्माण और संचालन</strong><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए भूमि निःशुल्क उपलब्ध करवाएगी। वहीं ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण, विकास एवं संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की होगी। उन्होंने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को एयरपोर्ट के सर्वे की अनुमति दे दी है। साथ ही, एयरपोर्ट की प्रस्तावित भूमि में से पीजीसीआईएल (पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) की 400 केवी की हाइटेंशन लाइन शिफ्ट करने की आवश्यक कार्यवाही हो चुकी है और इसके लिए राशि भी उपलब्ध करा दी जाएगी।</p>
<p><strong>एयरपोर्ट के निकट क्षेत्र का हो सुनियोजित विकास</strong><br />मुख्यमंत्री ने कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रस्तावित एयरपोर्ट के आस-पास सुनियोजित विकास का रोडमैप तैयार करें। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के आस-पास की जमीन को अधिग्रहण या लैंड पूलिंग एक्ट के माध्यम से नियोजित कर क्षेत्र के विकास की कार्यवाही सम्पादित की जाए। </p>
<p><strong>प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विमानन क्षेत्र का हो रहा निरंतर विस्तार</strong><br />शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के विमानन क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हो रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए विशेष प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार का कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए नकारात्मक रवैया रहा जिसके कारण इस प्रोजेक्ट में देरी हुई। लेकिन अब हमारी सरकार इस एयरपोर्ट का कार्य समय पर पूरा करते हुए इसे जनता को समर्पित करेगी। </p>
<p><strong>ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की डीपीआर हो रही तैयार</strong><br />भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष  संजीव कुमार ने बताया कि कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। इसके बाद टेण्डर आमंत्रित किए जाएंगे। नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव  टी. रविकान्त ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण 440.086 हैक्टेयर भूमि पर किया जाएगा। कोटा विकास प्राधिकरण की परिधि सीमा मेें यह भूमि राजस्व ग्राम तुलसी, कैथुदा, बालापुरा एवं देवरिया, जिला बूंदी में स्थित है। इसमें से 406.678 हैक्टेयर वन भूमि एवं 33.408 हैक्टेयर गैर वन भूमि कोटा विकास प्राधिकरण के स्वामित्व की है। </p>
<p>इस अवसर पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन शिखर अग्रवाल एवं नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। </p>
<p>बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री  मदन दिलावर, नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  हीरालाल नागर, नगरीय विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, विधायक संदीप शर्मा,  कल्पना देवी, मुख्य सचिव  सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण अपर्णा अरोरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 19:20:28 +0530</pubDate>
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                <title>विकास साझेदारी के कई समझौतों पर भारत-नेपाल के हस्ताक्षर</title>
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                        <![CDATA[ दोनों प्रधानमंत्रियों ने जयनगर से कुर्था (नेपाल) के बीच रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-nepal-signed-several-agreements-on-development-partnership-today--india-nepal-to-increase-partnership-in-energy-sector/article-7232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत एवं नेपाल ने पनबिजली क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के संकल्प के साथ विकास साझेदारी के कई समझौतों पर आज हस्ताक्षर किये।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बीच शनिवार को यहां प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक में ये फैसले लिये गये। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जयनगर से कुर्था (नेपाल) के बीच रेलवे लाइन का उद्घाटन किया और यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। दोनों नेताओं ने नेपाल में रूपे कार्ड के प्रचलन की शुरुआत की और 132 किलोवाट क्षमता की सोलू कॉरीडोर विद्युत पारेषण लाइन एवं सबस्टेशन का उद्घाटन किया। नेपाल ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठजोड़ (आईएसए) में औपचारिक रूप से प्रवेश के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये।<br /><br />इस मौके पर मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल की दोस्ती, हमारे लोगों के आपसी सम्बन्ध, ऐसी मिसाल विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलती। हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे आदान-प्रदान के धागे, प्राचीन काल से जुड़े हुए हैं। अनादिकाल से हम एक-दूसरे के सुख-दु:ख के साथी रहे हैं।<br /><br /> मोदी ने कहा कि भारत एवं नेपाल ने ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया है। ऊर्जा सहयोग पर हमारा संयुक्त ²ष्टिपत्र भविष्य में सहयोग का ब्लूप्रिंट साबित होगा। हमने पंचेश्वर परियोजना में तेज गति से आगे बढऩे के महत्व पर जोर दिया। यह परियोजना इस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमने भारतीय कंपनियों द्वारा नेपाल के पनबिजली विकास योजनाओं में और अधिक भागीदारी के विषय पर भी सहमति व्यक्त की। यह प्रसन्नता का विषय है कि नेपाल अपनी सरप्लस बिजली भारत को निर्यात कर रहा है। इसका नेपाल की आर्थिक प्रगति में अच्छा योगदान रहेगा। भारत बिजली के आयात को बढ़ाने के बारे में बात कर रहा है।<br /><br />प्रधानमंत्री ने नेपाल द्वारा आईएसए का सदस्य बनने पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इससे हमारे क्षेत्र में सतत, किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेग। उन्होंने कहा कि देउबा जी और मैंने व्यापार और सभी प्रकार से सीमा पार कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देने पर भी सहमति जताई है। जयनगर-कुर्था रेल लाइन की शुरुआत इसी का एक भाग है। दोनों देशों के लोगों के बीच सुगम, बाधारहित आदान-प्रदान के लिए ऐसी योजनायें बेहतरीन योगदान देंगी।<br /><br /> मोदी ने कहा कि नेपाल में रूपे कार्ड की शुरुआत हमारी वित्तीय कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय जोड़ेगी। इसके अलावा अन्य परियोजनाएं जैसे नेपाल पुलिस अकादमी, नेपालगंज में एकीकृत जांच चौकी, रामायण सर्किट आदि भी दोनों देशों को और करीब लाएंगे। <br /><br /> देउबा ने अपने संबोधन में कोविड काल में नेपाल को महामारी से निपटने के लिए दवाएं, वैक्सीन एवं लॉजिस्टिक सहायता देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से भैरवा में आईसीपी का निर्माण जल्द कराने, नेपालगंज से जनकपुर तक रेलङ्क्षलक बनाने और पश्चिमी नेपाल में खाद की आपूर्ति में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर के लिए मोदी की सराहना की और बातचीत के माध्यम से सीमा संबंधी विवाद का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने का भी अनुरोध किया।<br /><br /> देउबा के साथ प्रतिनिधिमंडल नेपाल के विदेश मंत्री नारायण खडका, ऊर्जा, जलसंसाधन एवं सिंचाई मंत्री  पुष्पा भुसाल, स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री बिरोध खातीवाडा और कृषि एवं मवेशी विकास मंत्री महेन्द्र राय यादव भी थे।<br /><br /> देउबा उनकी पत्नी  आरजू राणा देउबा एवं प्रतिनिधिमंडल सदस्यों के साथ शुक्रवार को तीन दिन की भारत यात्रा पर यहां पहुंचे। वह रविवार को वाराणसी जाएंगे और काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर और पशुपतिनाथ मंदिरों के दर्शन एवं पूजन करेंगे। वह ललिता घाट पर एक वृद्धाश्रम का शिलान्यास भी करेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 18:39:21 +0530</pubDate>
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                <title>रूस-यूक्रेन विवाद : लुहांस्क-डोनेस्टक को अलग देश के रूप में मान्यता </title>
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                        <![CDATA[उन्होंने कहा कि अमेरिका हमें ब्लैकमेल कर रहा है। वह यूक्रेन के जरिए हम पर हमला कर सकता है। अमेरिका ने जार्जिया और यूक्रेन को इस्तेमाल किया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-ukraine-dispute--recognition-of-luhansk-donetsk-as-a-separate-country--putin-signed--also-addressed-the-country/article-4804"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/putin.jpg" alt=""></a><br /><p>मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन बनाने के लिए लुहांस्क और डोनेस्टक को अलग देश के रूप में मान्यता दे दी। पुतिन ने सोमवार देर रात देश को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमें ब्लैकमेल कर रहा है। वह यूक्रेन के जरिए हम पर हमला कर सकता है। अमेरिका ने जार्जिया और यूक्रेन को इस्तेमाल किया। यूक्रेन के पास परमाणु हथियार हैं। यह हमारे लिए खतरा है। वह कभी भी हम पर हमला कर सकता है। </p>
<p><br />पुतिन ने कहा कि यूक्रेन को नाटो हैडक्वाटर से संचालित किया जा रहा है। डोनबास से हमारे पुराने सांस्कृतिक रिश्ते जुड़े हैं। यहां हालात गंभीर है। इससे पहले पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने पर विचार-विमर्श करने के लिए सोमवार को शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाई।</p>
<p><br />माना जा रहा है कि रूस की तरफ से विद्रोहियों के कब्जे वाले लुहांस्क और डोनेस्टक को अलग देश की मान्यता देने से पूर्वी यूक्रेन में लंबे समय से चल रहा विवाद और भड़केगा। साथ ही इस इलाके में शांति बनाने की कोशिशों को भी धक्का लगेगा। पश्चिमी देश पहले ही रूस को विद्रोही इलाकों को अलग गणराज्य की मान्यता नहीं देने की चेतावनी दे चुके हैं। अमेरिका कह चुका है कि यह इंटरनेशनल कानूनों का बहुत बड़ा उल्लंघन होगा।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 11:06:12 +0530</pubDate>
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