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                <title>nephrology - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>शैल्बी हॉस्पिटल जयपुर में 10 सफल किडनी ट्रांसप्लांट</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के शैल्बी हॉस्पिटल ने सफलतापूर्वक 10 किडनी ट्रांसप्लांट कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। डॉ. संजय बिनवाल और टीम ने अत्याधुनिक तकनीक से इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। अब राजस्थान के मरीजों को विश्वस्तरीय रीनल केयर और ट्रांसप्लांट सेवाओं के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/10-successful-kidney-transplants-in-shelby-hospital-jaipur/article-146281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/77f1560b-30b2-4fd1-8543-057e86ec24f0.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  शैल्बी हॉस्पिटल, जयपुर में एक और चिकित्सकीय उपलब्धि दर्ज करते हुए एक सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है। अब तक 10 सफल किडनी ट्रांस्प्लाट का कीर्तिमान शैल्बी हॉस्प्टिल जयपुर कर चुका है। इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. संजय बिनवाल नें बताया गया कि किडनी ट्रांसप्लांट एक अत्यंत जटिल सर्जरी होती लेकिन इसे शैल्बी जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न किया जा रहा है, हमारी अनुभवी मेडिकल टीम ने अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से अंजाम दिया। रोगी अब पूर्णतः स्वस्थ हैं और रिकवरी की ओर अग्रसर हैं।</p>
<p>यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सुभाष कटारिया ने बताया कि शैल्बी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की संपूर्ण प्रक्रिया दृ रोगी की जांच, डोनर का मूल्यांकन, सर्जरी, पोस्ट-ऑपरेटिव केयर दृ सभी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, जो इसे एक संपूर्ण रीनल केयर सेंटर बनाता है।</p>
<p>नेफ्रोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट फिज़ीशियन डॉ. कविश शर्मा ने जानकारी दी कि शैल्बी हॉस्पिटल, जयपुर की Comprensive Department of Renal Sciences में किडनी संबंधित सभी प्रकार की बीमारियों : जैसे क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़, डायलिसिस, एक्यूट किडनी फेल्योर, हाइपरटेंशन से जुड़ी जटिलताएं आदि का सम्पूर्ण और आधुनिक इलाज उपलब्ध है। </p>
<p>सीएओ अंकित पारीक ने बताया की शैल्बी का उद्देश्य न केवल जटिल बीमारियों का सफल उपचार करना है, बल्कि रोगियों को बेहतर जीवन प्रदान करना भी है। डिप्टी सीएओ विशाल शर्मा  ने कहा कि अब राजस्थान और इसके आस-पास के क्षेत्रों के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट या रीनल से जुड़ी जटिल चिकित्सा सेवाओं के लिए देश के बड़े शहरों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है। जयपुर में ही अब विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 18:05:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इमरजेंसी विभागों में महिला डॉक्टरों की रुचि कम, गायनी और ऐनिस्थीसिया को देती हैं तरजीह</title>
                                    <description><![CDATA[ऑर्थोपेडिक्स, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी में एक भी महिला डॉक्टर नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-doctors-are-less-interested-in-emergency-departments--give-preference-to-gynecology-and-anesthesia--maximum-in-gynecology-department-of-sms-medical-college--not-a-single-female-doctor-in-orthopedics--nephrology--urology--endocrinology/article-4813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/m.javed.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा के क्षेत्र में भले ही महिलाओं की रूचि पहले से ज्यादा बढ़ गई हो, लेकिन अब भी अधिकांश मेडिकल स्टूडेंट्स इमरजेंसी वाले विभागों में सर्विस देने से कतराती हैं। यही कारण है कि ऑर्थोपैडिक्स, नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी जैसे विभागों में महिला मेडिकल स्टूडेंट्स करियर नहीं बनाती और न ही पीजी में स्पेशलाइजेशन करती है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में मौजूद डॉक्टर्स और टीचिंग फैकल्टी की बात करें तो गायनोकोलॉजी विभाग में सबसे ज्यादा महिला डॉक्टर्स हैं, क्योंकि ये पूरा मामला महिलाओं के इलाज से जुड़ा है। इस सेक्शन में कुल फैकल्टी की 95 फीसदी महिला डॉक्टर्स हैं। वहीं दूसरे नंबर पर ऐनिस्थीसिया डिपार्टमेंट आता है जहां 40 के करीब टीचिंग और नॉन टीचिंग फैकल्टी है। इनके अलावा जनरल मेडिसन, जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक, पैथोलॉजी, एनाटॉमी, रेडियालॉजी में महिलाओं की ज्यादा दिलचस्पी देखी गई है।<br /><br /><strong>35 साल में केवल 2 ने की पीजी</strong><br />एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपैडिक्स डिपार्टमेंट की रिपोर्ट देखे तो पिछले 35 साल में यहां केवल 2 ही महिला स्टूडेंट्स ने अब तक पीजी की है। इससे पहले डॉ. पूर्णिमा पाटनी ऐसी महिला डॉक्टर थी, जिन्होंने ऑर्थो यानी अस्थि रोग विभाग में स्पेशलाइजेशन किया। ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर डॉ. डीएस मीणा की मानें तो करीब 4 साल पहले पंजाब से आई एक महिला स्टूडेंट ने यहां से पीजी की और वापस चली गई। वर्तमान में हरियाणा से आई एक एमबीबीएस स्टूडेंट ऑर्थो में पीजी कर रही है। <br /><br /><strong>इसलिए कम आती हैं इमरजेंसी डिपार्टमेंट में महिलाएं</strong><br />एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर की मानें तो इसके पीछे कारण इमरजेंसी सर्विस में 24 घंटे ड्यूटी के लिए अलर्ट रहना है। ऑर्थो में ज्यादातर मामले इमरजेंसी ट्रोमा के आते हैं, जिसमें कई बार डॉक्टर्स को देर रात या अलसुबह सर्जरी करनी पड़ती है। इसके साथ ही इस विभाग में प्लास्टर बांधने, हड्डी जोड़ने जैसे कामों में शारीरिक श्रम भी ज्यादा लगता है। वहीं पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण भी महिलाएं इमरजेंसी सेवाओं में आने से बचती है।<br /><br />इन डिपार्टमेंट में इतनी महिलाएं<br />एसएमएस मेडिकल कॉलेज से लगते हॉस्पिटल में सर्विस दे रही महिला डॉक्टर्स में सबसे ज्यादा गायनोकोलॉजिस्ट हैं जो जनाना, सांगानेरी गेट महिला, गणगौरी और एसएमएस हॉस्पिटल में सेवाएं दे रही हैं। इनकी संख्या 80 से ज्यादा है। जबकि दूसरा नंबर ऐनिस्थीसिया डिपार्टमेंट का आता है जहां 40 से ज्यादा महिला डॉक्टर्स है। वहीं तीसरा नंबर माइक्रोबायोलॉजी का है, जहां 25 से ज्यादा महिला डॉक्टर्स है।<br /><br />एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रमुख डिपार्टमेंट्स में महिला डॉक्टरों की स्थिति<br />डिपार्टमेंट    संख्या<br />मेडिकल ऑन्कोलॉजी    3<br />कार्डियोलॉजी    1<br />कार्डियक सर्जरी    2<br />डेंटिस्ट    1<br />गेस्ट्रॉलोजी    1<br />जनरल सर्जरी    8<br />न्यूरोलॉजी    1<br />न्यूरोसर्जरी    0<br />नेफ्रोलोजी    0<br />जनरल मेडिसिन    7<br />पीडियाट्रिक्स    9<br />स्किन    2<br />ऑप्थेमोलॉजी    7<br />यूरोलॉजी    0<br />एनाटोमी    14<br />एंडोक्राइनोलोजी    0<br />प्लास्टिक सर्जरी    1<br />रेडियोडाइगनोसिस    13 <br />ईएनटी    3<br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 13:00:12 +0530</pubDate>
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