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                <title>consumer - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>consumer RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग: 10 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें दिल्ली सहित आपके शहर में क्या है आज भाव ?</title>
                                    <description><![CDATA[तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए। दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 महंगा होकर ₹102.12 और डीजल ₹2.71 बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पिछले 11 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिससे जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/inflation-again-hits-the-common-mans-pocket-petrol-and-diesel/article-154895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/petrol3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ा दिये। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल आज से 2.61 रुपये महंगा होकर 102.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। डीजल की कीमत भी 2.71 रुपये बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गयी। गत 15 मई से अब तक 11 दिन में दोनों जीवाश्म ईंधनों की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी है।</p>
<p>चार बार में दिल्ली में पेट्रोल 7.35 रुपये और डीजल 7.53 रुपये महंगा हो चुका है। दूसरे शहरों में भी कीमतों में इसी अनुपात में बदलाव किया गया है, हालांकि वैट तथा लॉजिस्टिक्स लागत अलग-अलग होने से प्रभावी बदलाव में थोड़ा अंतर होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:17:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उपभोक्ता मामले विभाग : 3 दिनों में 332 फर्मों पर कार्रवाई, नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया </title>
                                    <description><![CDATA[कंज्यूमर केयर अभियान में छह से आठ अगस्त तक कुल 332 फर्मों पर निरीक्षण किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/consumer-affairs-department-issued-action-notice-on-332-firms-in/article-123104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उपभोक्ता मामले विभाग के कंज्यूमर केयर अभियान में अन्तिम दिन 113 फर्मों पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम के अन्तर्गत निरीक्षण किए गए। जिनमें से डिब्बा बंद वस्तुएं नियम के तहत 14 फर्मों पर तथा 59 फर्मों पर सत्यापन प्रमाण पत्र एवं सत्यापित बाट माप नहीं पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर टीमों ने फर्मों के विरूद्ध मौके पर ही नोटिस जारी करने की कार्रवाई कर 1.75 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। </p>
<p>कंज्यूमर केयर अभियान में कुल 332 फर्मों पर निरीक्षण किए गए, जिनमें से डिब्बा बंद वस्तुएं नियम के तहत 64 फर्मों पर तथा 170 फर्मों पर सत्यापन प्रमाण पत्र और सत्यापित बाट माप नही पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर मौके पर ही नोटिस जारी कर 5 लाख 77 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 13:01:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का टैरिफ वॉर, कम हुई खाद्य तेलों की धार</title>
                                    <description><![CDATA[व्यापारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में बदलाव के चलते अप्रैल-जून तिमाही में खाद्य तेल की कीमतों में और कमी आने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/trump-s-tariff-war--prices-of-edible-oils-reduced/article-109958"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर का असर यहां के खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ा है। पिछले कुछ माह से शहर के किराना बाजार में खाद्य तेलों के दामों में तेजी का रूख बना हुआ था। इस कारण आमजन की रसोई का बजट गड़बड़ा रहा था। अमेरिका की ओर से हाल ही में भारत पर उच्च टैरिफ लगाया गया है। इससे कृषि उत्पादों के व्यापार में रुकावट आ गई है और सोयाबीन सहित अन्य खाद्य पदार्थों का निर्यात ठप हो गया है। इस कारण घरेलू बाजार में रिफाइंड सहित अन्य तेलों के दामों में गिरावट आ गई है। किराना व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में ही खाद्य तेलों की कीमतों में 40 से 50 रुपए प्रति टीन की कमी आई है। इससे फिलहाल आमजन को राहत मिली है।  </p>
<p><strong>टैरिफ वॉर से ऐसे मिली राहत</strong><br />जानकारी के अनुसार अभी अमेरिका से भारत आने वाली वस्तुओं पर औसतन 7.7 प्रतिशत शुल्क लगता है, जबकि भारत से अमेरिका जाने वाली वस्तुओं पर केवल 2.8 प्रतिशत यानी दोनों के बीच 4.9 प्रतिशत का अंतर है। यही वजह है कि इन दिनों सोयाबीन सहित अन्य खाद्य पदार्थो का निर्यात प्रभावित हो गया है। इसके अलावा चीन द्वारा अमेरिकी सोयाबीन आयात पर टैरिफ बढ़ाए जाने के कारण भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट आ गई। इसका असर घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ा है और यहां पर भावों में कमी हुई है। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने तेल कंपनियों से पत्र लिखकर कहा था कि वो खाने के तेल के दाम इंटरनेशनल रेट के हिसाब से घटाएं। इसके बाद विभिन्न तेल ब्रांडो की कंपनियों ने भी कीमतों में कमी कर दी है। व्यापारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में बदलाव के चलते अप्रैल-जून तिमाही में खाद्य तेल की कीमतों में और कमी आने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>खाद्य तेल</strong><br />फॉर्च्यून                 2310<br />चंबल                    2280<br />सदाबहार               2180<br />एलेक्सा                 2070<br />दीपज्योति              2200 <br />सरसों स्वास्तिक      2380<br />तेल अलसी              2270 <br />मूंगफली ट्रक           2820<br />स्वास्तिक निवाई      2440<br />कोटा स्वास्तिक        2420<br />सोना सिक्का            2710  <br />(भाव 15 किलो प्रति टिन)</p>
<p><strong>एक साल से लगातार बढ़ रहे थे दाम</strong><br />किराना व्यापारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि पिछले एक साल से खाद्य तेलों के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। इस साल जिले में भले ही सरसों का बंपर उत्पादन हुआ हो, लेकिन सरसों के तेल के दाम फिर भी कम नहीं हो रहे थे। पिछले एक साल से तो सरसों तेल के दाम थमने का नाम नहीं ले रहे थें। एक साल पहले सरसों के तेल की कीमत 100 से 110 रुपए प्रति लीटर थी, जो इस साल 150 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गए थे। अब ट्रंप टैरिफ वॉर के चलते अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल मची हुई है।  अमेरिका में निर्यात प्रभावित होने से अब खाद्य तेलों की खपत घरेलू बाजार में होने लगी है। इस कारण खाद्य तेलों के भावों में गिरावट आई है। पिछले कुछ माह से खाद्य तेलों के दामों में तेजी होने के कारण रसोई का बजट बिगाड़ रखा था। सरसों की फसल बाजार में आने के बाद भी तेलों के दाम कम होने के बजाय बढ़ रहे थे। अब कीमत कम होने से राहत मिली है।<br /><strong>- सावित्री शर्मा, गृहिणी </strong></p>
<p>पिछले काफी समय से सरसों व रिफाइंड तेलों के दाम बढ़ने से सब्जियों में तड़का लगाना मुश्किल होता जा रहा था। तेलों के अन्य खाद्य पदार्थ के दाम भी तेज हो रहे थे। अब कीमत होने से सब्जियों का स्वाद बढ़ जाएगा। <br /><strong>- रोशनी सिंह, गृहिणी </strong></p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट आ गई। इसका असर घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ा है और यहां पर भावों में कमी हुई है। केंद्र सरकार ने भी तेल कंपनियों को दाम घटाने के लिए कहा था।<br /><strong>- दीपक दलाल, खाद्य तेलों के थोक विक्रेता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 16:28:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा सर्किट बेंच ने 34 उपभोक्ताओं को दी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य उपभोक्ता आयोग की ओर से कोटा में लगाई गई 5 दिवसीय सर्किट बेंच में  87 प्रकरणों की सुनवाई कर 34 उपभोक्ता मामलों का निस्तारण कर उपभोक्ताओं को राहत दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-circuit-bench-gave-relief-to-34-consumers/article-21445"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/kota-bench-upbhokta-rahat-kota-news-2.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य उपभोक्ता आयोग की ओर से कोटा में लगाई गई 5 दिवसीय सर्किट बेंच में 87 प्रकरणों की सुनवाई कर 34 उपभोक्ता मामलों का निस्तारण कर उपभोक्ताओं को राहत दी गई। सर्किट बेंच में विशेष मामलों में आयोग ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनकर बैंक व बीमा कम्पनियों से उपभोक्ताओं को उनका हक दिलवाया। सर्किट बेंच में न्यायिक सदस्य सुरेन्द्र कुमार जैन व रामफूल गुर्जर या अन्य सदस्य द्वारा सुनवाई की जाती है। सदस्य रामफूल गुर्जर ने बताया कि संभाग के सभी जिलों के उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय दिलाने के लिए प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में न्यायिक सदस्यों द्वारा सुनवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि कोटा सर्किट बेंच में हाड़ौती संभाग के सभी जिलों के उपभोक्ता आयोग के निर्णयों की अपील सुनी जाती है और नए मामले दर्ज किए जाते हैं।</p>
<p><strong>जुमार्ना स्वरूप बीमा कम्पनी देगी 44 हजार रुपए</strong><br />उन्होंने बताया कि निस्तारित प्रकरण के तहत कोटा निवासी अनिल कुमार जैन ने यूनाइटेड इण्डिया इंश्योरेन्स कम्पनी से मोटर साइकिल का बीमा कराया था। जिसकी बीमा अवधि में मोटरसाइकिल चोरी हो गई। परिवादी द्वारा उसी समय एफआईआर दर्ज करा दी गई। उन्होंने बताया कि बीमा कम्पनी ने बीमा दायर आठ दिन देरी से बताकर अस्वीकार कर दिया। जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादी का परिवाद पत्र खारिज कर दिया जिससे व्यथित होकर परिवादी ने सर्किट बेंच में अपील प्रस्तुत की जिसे स्वीकार कर बीमा कम्पनी द्वारा परिवादी को 24 हजार बीमा धन राशि आगामी 2 माह के अंदर अदा करेगी। साथ ही मानसिक संताप पेटे 10 हजार रुपए और परिवाद व्यय पेटे 10 हजार रुपए इन्हीं दो माह के अंदर देगी। उन्होंने बताया कि नहीं देने की स्थिति में वसूली 20 हजार रुपए पर 9 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-circuit-bench-gave-relief-to-34-consumers/article-21445</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Sep 2022 17:39:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 वर्ष के लम्बे संघर्ष के बाद उपभोक्ता को मिला न्याय</title>
                                    <description><![CDATA[जोधपुर यात्री द्वारा रिजर्वेशन  फार्म में सही एंट्री किये जाने के बावजूद रेल्वे कर्मचारियों ने ग़लती से टिकट में उसे ना केवल फिमेल अंकित कर दिया , बल्कि  रेलवे के जांच-दस्ते द्वारा उसे बेटिकट मानकर पेनल्टी भी वसूल कर ली गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/consumer-got-justice-after-13-years-of-long-struggle/article-15397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/whatsapp1.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। यात्री द्वारा रिजर्वेशन  फार्म में सही एंट्री किये जाने के बावजूद रेल्वे कर्मचारियों ने ग़लती से टिकट में उसे ना केवल फिमेल अंकित कर दिया , बल्कि  रेलवे के जांच-दस्ते द्वारा उसे बेटिकट मानकर पेनल्टी भी वसूल कर ली गई। इस अन्याय के खिलाफ यात्री द्वारा सन 2009 में प्रस्तुत किए गये परिवाद में अब तेरह वर्ष बाद उपभोक्ता संरक्षण आयोग द्वितीय ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला देते हुए रेलवे पर 50 हजार रुपए हर्जाना लगाया है।</p>
<p>मामले के अनुसार भोपालगढ़ निवासी महेश द्वारा 29 सितंबर, 2009 को अहमदाबाद से जोधपुर यात्रा के लिये स्वयं, माता व बहिन के आरक्षण टिकट के लिए फार्म भरकर दिया किन्तु बुकिंग कर्मचारी द्वारा टिकट में माता व बहिन के साथ उसे भी फिमेल अंकित कर दिया। इस त्रुटि के बाबत बताने के बावजूद भी सुधार नहीं किया गया। नियत दिवस को यात्रा की समाप्ति पर जब वह ट्रेन से उतरा तो जोधपुर रेलवे स्टेशन पर उड़नदस्ता ने उसकी टिकट को नहीं माना व उसे बेटिकट यात्री बतलाकर पुलिस कार्रवाई की धमकी देते हुए जबरन 330 रुपए  जुर्माना  वसूल कर लिया। डी आर एम. रेल्वे, जोधपुर की ओर से ज़बाब पेश कर अनेक कानूनी आपत्तियां  की गई व इसके लिए खुद परिवादी को जिम्मेदार ठहराया गया।</p>
<p>दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष डॉ श्याम सुन्दर लाटा, सदस्य डॉ अनुराधा व्यास, आनंद सिंह सोलंकी ने अपने निर्णय में कहा कि टिकट चैकिंग दल द्वारा परिवादी का पक्ष सुनने व टिकट बाबत जांच पड़ताल किए बिना ही उससे नाजायज रूप से जुर्माना वसूल किया गया है। परिवादी रेलवे का सम्मानित यात्री होने के बावजूद कर्मचारियों की बार-बार ग़लती से उसे रेल्वे स्टेशन पर परिवारजनों व अन्य यात्रियों के समक्ष अपमानजनक स्थिति से गुजरना पड़ा है । आयोग ने इसे रेलवे की सेवा में भारी कमी व अनुचित व्यापार-व्यवहार मानते हुए जुर्माना राशि 330 रुपए वापस लौटाने तथा परिवादी को शारीरिक व मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति के निमित्त पचास हजार रुपए हर्जाना की राशि रेलवे द्वारा भुगतान किए जाने का आदेश दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Jul 2022 15:17:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[jodhpur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बिजली चोरी के मामलों में वसूली करने में विभाग फेल, भार आम उपभोक्ता पर</title>
                                    <description><![CDATA[विद्युत विभाग पूरे जिले भर में चोरी के मामलों में आरोपियों से वसूली और कार्रवाई में लगातार पीछे रहता चल रहा है, यही वह सबसे बड़ा कारण है जिसके चलते झालावाड़ जिले में चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/department-fails-to-recover-in-cases-of-electricity-theft--the-burden-is-on-the-common-consumer/article-13221"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/bijli-chori-ke-maamlo.jpg" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। विद्युत विभाग पूरे जिले भर में चोरी के मामलों में आरोपियों से वसूली और कार्रवाई में लगातार पीछे रहता चल रहा है, यही वह सबसे बड़ा कारण है जिसके चलते झालावाड़ जिले में चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है। विद्युत विभाग के अधिकारी और विजिलेंस टीमें कहने को तो साल भर फील्ड में विद्युत चोरी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करती रहती है, किंतु अधिकांश मामलों में ना तो वसूली हो पाती है ना ही नियमानुसार एफआईआर की कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में लोगों के मन से विद्युत विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाहियों का डर निकल चुका है और लोग खुलेआम बिजली की चोरी कर रहे हैं, जिसके चलते विद्युत विभाग की छीजत लगातार बढ़ती जा रही है और आम उपभोक्ता बोझ के तले पिसता जा रहा है।<br /><br /><strong>छीजत में अव्वल है झालावाड़ जिला</strong><br />कहा जाता है कि जयपुर डिस्कॉम के अंतर्गत आने वाले कुल 17 जिलों में से झालावाड़ जिला छीजत में अव्वल है, यहां पर विभाग के आंकड़े खुद 20%  छीजत की बात स्वीकार करते हैं, लेकिन विद्युत विभाग के सूत्र बताते हैं कि झालावाड़ जिले के कुछ क्षेत्रों में छीजत 45 से 50% तक भी है जिसको रोकने में महकमा बिल्कुल नाकाम साबित हो रहा है। विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 झालावाड़ जिले में 20. 17% छीजत थी। 2020-21 मई छीजत का प्रतिशत 20.04 रहा जबकि वर्ष 2021-22 की बात करें तो छीजत घटकर 18.62% तक पहुंची है।<br /><br /><strong>चोरी के मामलों में वसूली और एफआईआर में विभाग फेल</strong><br />विद्युत चोरी के मामले में आरोपियों से पैनल्टी वसूली तथा वसूली नहीं होने पर एफआईआर को लेकर विभाग का प्रदर्शन जरा भी ठीक नहीं है। आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो विभाग पूरी तरह से फेल नजर आता है। पिछले 3 सालों में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही पर यदि नजर डालें तो लगभग 20% मामलों में ही विभाग वसूली कर पाया है, वही इतने ही मामलों में एफआईआर दर्ज करवाए जाने की कार्यवाही हुई है, जबकि विभागीय निदेर्शों के अनुसार ऐसे सभी मामले जिनमें वसूली नहीं हो पाती है इनमें एफआईआर करवाए जाने का प्रावधान है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड झालावाड़ से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 के दौरान विद्युत विभाग की विभिन्न टीमों ने जिले में कुल 2195 चोरी के मामले पकड़े, जिनमें से 180 मामलों में ही आरोपियों से वसूली हो पाई, जबकि 879 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसी प्रकार से वर्ष 2020-21 के दौरान विद्युत विभाग ने कुल 3541 चोरी के मामले पकड़े, जिनमें से 1357 मामलों में वसूली हो पाई तथा 1058 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसी तरह से वर्ष 2021-22 के दौरान विद्युत विभाग ने चोरी के कुल 1765 से मामले पकड़े, 488 मामलों में वसूली हुई जबकि 264 में एफ आई आर दर्ज करवाई गई। इसी प्रकार से यदि पिछले 3 वर्ष के कुल आंकड़ों की बात करें तो उनमें विद्युत विभाग में कुल 7501 मामले चोरी के पकड़े, जिनमें से 2025 में वसूली हो पाई, जबकि 2201 मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई, शेष 3275 चोरी में पकड़े जाने वाले उपभोक्ताओं के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। यानी अब तक कुल चोरी के मामलों में से आधे मामलों में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है, जो सीधे तौर पर विद्युत विभाग की उदासीनता को दशार्ता है तथा यही वह आंकड़े हैं जो चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के हौसलों को बुलंद करते हैं।<br /><br /><strong>एक्सपर्ट व्यू: चोरी रुकेतो मिले उच्च क्वालिटीकी बिजली</strong><br />जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड झालावाड़ के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल का कहना है कि छीजत कम होने और चोरी रुकने से आर्थिक फायदा उपभोक्ताओं को कितना हो सकता है यह ऊपर के स्तर से तय होगा। किंतु यह बात निश्चित तौर पर कही जा सकती है कि उपभोक्ता को अच्छी क्वालिटी की विद्युत आपूर्ति मिल पाएगी जिससे आम उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा। अग्रवाल ने बताया कि अभी जहां पर जितने लोड के कनेक्शन है वहां उतनी ही क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाता है, लेकिन वहां आंकड़े डालने वाले लोड को बढ़ा देते हैं और ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं, जिससे नियमित उपभोक्ताओं को पूरा वोल्टेज नहीं मिल पाता है ना ही उन्हें अच्छी क्वालिटी की बिजली मिल पाती है। अग्रवाल ने कहा कि यदि चोरी रुक जाएगी और सभी उपभोक्ता विद्युत कनेक्शन लेकर बिजली जलाएंगे तो विद्युत विभाग के पास विद्युत भार की भी पूरी गणना होगी, उसी के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाए जा सकेंगे ताकि उपभोक्ताओं को बिजली अच्छी तरह मिल सके और बार-बार होने वाली तकनीकी परेशानियों से छुटकारा मिल पाए।<br /><br /> विद्युत चोरी रोकने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिन मामलों में वसूली नहीं हो पाई है उन में एफआईआर करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। चोरी और छीजत कम होने से उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा, बेहतर क्वालिटी की बिजली मिल पाएगी जिससे आर्थिक रूप से भी कहीं ना कहीं फायदा जरूर मिलेगा।<br /><strong> एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड झालावाड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 15:44:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्टोर कीपर और कंज्यूमर क्लर्क निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक एन.एस. निर्वाण ने गुरुवार को सीकर सर्किल के क्लर्क को निलंबित कर दिया है। दोनों की कार्य में लापरवाही साबित होने पर निर्वाण ने यह फैसला लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/store-keeper-and-consumer-clerk-suspended/article-11121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ajmer-discom.jpg" alt=""></a><br /><p> अजमेर। डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक एन.एस. निर्वाण ने गुरुवार को सीकर सर्किल के क्लर्क को निलंबित कर दिया है। दोनों की कार्य में लापरवाही साबित होने पर निर्वाण ने यह फैसला लिया। </p>
<p>निर्वाण ने सीकर सर्किल में आयोजित बैठक में अधिकारियों से कहा कि डिस्कॉम ने पिछले कुछ समय में लगातार मेहनत कर बिजली छीजत कम की है। इस वर्ष छीजत 10 प्रतिशत से कम रखने का लक्ष्य लिया गया है। इसलिए सभी को अधिक मेहनत से नईं योजनाएं बनाकर छीजत को कम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से अवैध ट्रांसफार्मरों को जब्त करने, मीटर बॉक्स इंस्टॉलेशन तथा फीडर सैपरेशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को  बिजली चोरों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए है।निर्वाण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही एम्नेस्टी स्कीम तथा मुख्यमंत्री किसान मित्र योजना का भी अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करें। जिससे उपभोक्ता व आमजन अधिक से अधिक इस योजना का लाभ ले सकें।</p>
<p>निर्वाण ने कार्य में लापरवाही बरतने पर सहायक अभियंता खाचरियावास कार्यालय में कार्यरत स्टोर कीपर रामस्वरूप राठी को तथा सहायक अभियंता सीकर ग्रामीण कार्यालय में कार्यरत कंज्यूमर क्लर्क सुरेंद्र कुमावत को निलंबित कर दिया है। इस दौरान राठी का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता राजसमंद तथा कुमावत का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता झुंझुनूं रहेगा।</p>
<p><strong>इनकी भी ली जानकारी</strong></p>
<p>निर्वाण ने बिलिंग स्टेटस, एटी एण्ड सी लोसेज, पीएचईडी कनेक्शन, सरकारी विभागों पर बकाया, हाई रिस्क पॉइंट, मीटर टेस्टिंग, मिनी लैब के इंस्टॉलेशन का स्टेटस, बंद एवं खराब मीटर, पोल पर लगे केबल की किराया वसूली, सर्तकता जांच समीक्षा, कन्ज्यूमर टैगिंग, एनर्जी ऑडिट, फोटो रीडिंग, विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, उपभोक्ताओं के मोबाइल नम्बर अपडेशन सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में टीए टू एम. डी. राजीव वर्मा सहित स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 14:28:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 साल बाद भी नहीं खुली उपभोक्ता सर्किट बेंच, मंत्री बोले पूर्ववर्ती सरकार पांच साल क्या भजन कीर्तन कर रही थी? </title>
                                    <description><![CDATA[सवाल के जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार क्या 5 साल भजन कीर्तन कर रही थी?  सर्किट बेंच के लिए भूमि आवंटन क्यों नहीं किया? ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/consumer-circuit-bench-did-not-open-even-after-10-years--the-minister-said-what-bhajan-kirtan-was-the-previous-government-doing-for-five-years/article-6577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/anita-bhadel].jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने अजमेर एवं भरतपुर संभाग में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सर्किट बेंच के बजट घोषणा के 10 साल बाद भी नहीं खुलने पर सरकार से घेरने की कोशिश की। सवाल के जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार क्या 5 साल भजन कीर्तन कर रही थी?  सर्किट बेंच के लिए भूमि आवंटन क्यों नहीं किया? <br /><br />भाजपा विधायक अनिता भदेल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पिछले कार्यकाल वर्ष 2008 से 2013 के दौरान अजमेर एवं भरतपुर संभाग मुख्यालय पर राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की सर्किट बेंच स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इन बैंचों की स्थापना नहीं हो सकी है। इससे उपभोक्ता मामलों के निस्तारण को लेकर स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही भदेल ने सरकार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष के 50% पदों का वकील कोटे से बढ़ने की मंशा भी जानना चाही। जवाब में खाचरियावास ने कहा कि  मुख्‍यमंत्री की वर्ष 2012-13 की बजट घोषणा में सर्किट बेंच स्‍थापित करने की घोषणा की गई थी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता मामले विभाग की ओर से 18 मई 2012 से सर्किट बेंच जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर एवं भरतपुर की अधिसूचना जारी की गई है। वर्तमान में सर्किट बेंच जोधपुर, कोटा, बीकानेर एवं उदयपुर क्रियाशील है। भूमि एवं भवन की उपलब्‍धता के अभाव में अजमेर एवं भरतपुर में सर्किट बेंच क्रियाशील नही है। इसके लिए राज्‍य सरकार प्रयासरत है। जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, अजमेर में वर्ष 2015 तक के मामले अभी तक लम्बित रहने के लिए राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद  प्रतितोष आयोग से प्राप्‍त सूचना अनुसार अभिभाषकगण की ओर से बहस के लिए बार बार अवसर चाहना, विभिन्‍न अवधि में अध्‍यक्ष, जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, अजमेर का पद रिक्‍त  होने से अतिरिक्‍त कार्यभार अन्‍य आयोगों के अध्‍यक्षों  के पास होना, विगत 02 वर्षो में कोरोना महामारी से नियमित सुनवाई ना होना आदि कारण बताए गए है। उपभोक्‍ता  संरक्षण (राज्‍य आयोग और जिला आयोग के अध्‍यक्ष और सदस्‍यों  की नियुक्ति  के लिये अर्हता, भर्ती की पद्धति, नियुक्ति की प्रक्रिया, कार्यकाल, पद से त्‍यागपत्र और हटाना) नियम, 2020 के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।  खाटूवास ने कहा कि भैंस स्थापित करने के लिए जिला संबंधित जिला कलेक्टर को भूमि आवंटन को लेकर निर्देश प्रदान कर दिए गए हैं। अजमेर और भरतपुर में जल्दी ही उपभोक्ता सर्किट बेंच की स्थापना कर दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 13:26:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब सर्विस केबल के लिए उपभोक्ता नहीं लगाएगा सहायक अभियंता कार्यालयों के चक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर सिटी सर्किल ने जारी किए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-the-consumer-will-not-make-rounds-of-the-assistant-engineer-offices-for-the-service-cable--aen-or-jen-will-deliver-the-cable-to-the-consumer-s-house-as-soon-as-the-fault-is-reported-in-the-cable/article-4855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/cable.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। अगर किसी उपभोक्ता के घर की सर्विस केबल में फॉल्ट आने के कारण बिजली गुल हो जाए तो अब उपभोक्ता को नई सर्विस केबल की राशि जमा कराने और केबल लेने के लिए सहायक अभियंता कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। फॉल्ट सुधारने आई फास्ट रेस्पॉन्स टीम (एफआरटी) की सूचना पर खुद संबंधित सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियंता उपभोक्ता के घर सर्विस केबल भिजवाएंगे ना कि उपभोक्ता को सहायक अभियंता कार्यालय आकर सर्विस केबल ले जाने और राशि जमा कराने के लिए बाध्य करेंगे।</p>
<p><strong>जयपुर सिटी सर्किल ने जारी किए निर्देश</strong></p>
<p>इस संबंध में जयपुर डिस्कॉम के सिटी सर्किल अधीक्षण अभियंता एके त्यागी ने मंगलवार को आदेश जारी किए हैं। आदेशों में साफ निर्देशित है कि इस आदेश की अनुपालना में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।<br /><br /><br /><strong>अभी ऐसे चकरघिन्नी होते हैं उपभोक्ता</strong><br />अक्सर यह देखा गया है कि उपभोक्ता द्वारा बिजली नहीं आने की शिकायत पर यदि एफआरटी टीम की ओर से उपभोक्ता की सर्विस केबल में फॉल्ट पाया जाता है तो एफआरटी के सदस्य उपभोक्ता को यह सलाह देते हैं कि वह सहायक अभियंता कार्यालय में राशि जमा कराए। राशि जमा कराने के बाद ही एफआरटी पार्टी शिकायत का निस्तारण करती है। ऐसी प्रक्रिया से उपभोक्ता को अनावश्यक असुविधा होती है और निगम की नकारात्मक छवि बनती है। <br /><br /><strong>उपभोक्ताओं को ऐसे मिलेगी राहत</strong><br />अधीक्षण अभियंता की ओर से इंजीनियर्स को जारी आदेश में कहा गया है कि मीटर या सर्विस लाइन खराब होने की स्थिति में उपभोक्ता को कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि एफआरटी पार्टी से सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियन्ता का यह दायित्व होगा कि उपभोक्ता के यहां सर्विस लाइन भिजवाए और उसके यहां नई सर्विस लाइन या केबल लगवाकर उसकी विद्युत व्यवस्था सुचारु करे। इस कार्य में यदि उपभोक्ता का मीटर जला हुआ पाया जाता है तो उस स्थिति में उपभोक्ता के आगामी विद्युत बिल में सीसी एंड आर के द्वारा मीटर राशि डेबिट कर दी जाए। सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियंता यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी परिस्थति में उपभोक्ता को सहायक अभियन्ता कार्यालय आकर सर्विस लाइन ले जाने और राशि जमा कराने के लिए बाध्य नहीं किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Feb 2022 14:27:44 +0530</pubDate>
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