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                <title>aen - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>जलदाय में तबादला पॉलिसी तैयार, 3 साल तक चीफ इंजीनियर से लेकर एईएन तक नहीं हो सकेगा ट्रांसफर</title>
                                    <description><![CDATA[ जलदाय विभाग में अब चीफ इंजीनियर से लेकर एईएन का तबादला तीन साल पहले नहीं हो सकेगा। साथ ही फील्ड के इंजीनियर पांच साल पहले नहीं हटाए जा सकेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। जलदाय विभाग में अब चीफ इंजीनियर से लेकर एईएन का तबादला तीन साल पहले नहीं हो सकेगा। साथ ही फील्ड के इंजीनियर पांच साल पहले नहीं हटाए जा सकेंगे। </p>
<p>जलदाय विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी का प्रारूप जारी किया है। पॉलिसी में प्रावधान किया गया है कि कार्मिक का एक विभाग से दूसरे विभाग में अन्तर्विभागीय समायोजन होने की स्थिति में अथवा किसी विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आने पर उक्त कार्मिक को विभाग में उपलब्ध रिक्त पद पर पदस्थापित किया जा सकेगा। नव नियुक्त कार्मिकों को यथा सम्भव विभाग में उपलब्ध रिक्त पदों पर पदस्थापित किया जा सकेगा। APO प्रकरणों में स्थानान्तरण/पदस्थापन प्रशासनिक सुधार विभाग की पूर्व सहमति से ही किया जाएगा। कार्मिक को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा (APO) में रखे जाने के बाद उसका पदस्थापन पूर्व पदस्थापित स्थान पर नहीं किया जाकर उसे यथा सम्भव किसी अन्य रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाएगा। कार्मिकों के स्थानान्तरण प्रतिवर्ष 1 फरवरी से 30 अप्रैल की अवधि में उपरोक्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जा सकेंगे।किसी कार्मिक की सेवानिवृत्ति में वर्ष या इससे कम अवधि रह गई हो तो उसका स्थानान्तरण किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जाएगा, परन्तु यदि कार्मिक स्वयं स्थानान्तरण का इच्छुक हो तो स्थानान्तरण किया जा सकेगा।कार्मिक का किसी स्थान से स्थानान्तरण होने के बाद उसी स्थान पर 2 वर्ष पूर्व पुनःस्थानान्तरित/पदस्थापित नहीं किया जा सकेगा। यह सुनिश्चित किया जावे कि कोई कार्मिक एक ही कार्यालय/अनुभाग में लगातार पांच वर्ष से अधिक पदस्थापित नहीं रहे। पांच वर्ष पश्चात् स्थान बदलने की अनिवार्यता का प्रावधान नहीं है, परन्तु कार्यालय अथवा अनुभाग से पांच वर्ष के निरन्तर ठहराव के पश्चात् आवश्यक रूप से कार्मिक का स्थानान्तरण कर दिया जाएगा।कार्मिक के स्वयं के आवेदन पर स्थान परिवर्तन किया जा सकता है। कार्मिक का स्थानान्तरण समान पद पर ही किया जाएगा। किसी अन्य पद के विरूद्ध स्थानान्तरण नहीं किया जा सकेगा। अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थापित कार्मिकों के स्थानान्तरण के मामलों में प्रचलित नियम/आदेश/निर्देश यथावत् लागू रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/transfer-policy-ready-in-water-supply-transfer-from-chief-engineer/article-84093</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 20:05:40 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली विभाग का एईएन 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर एसीबी के अनुसार ठेकेदार नारुराम ने उदयपुर एसीबी को शिकायत में बताया था कि साबला एईएन राजेन्द्र कुमार बिजली के पोल लगाने के लिए 85 हजार कमीशन की डिमांड कर रहा है, जिसमें से परिवादी ने 23 हजार रुपए दे दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dungarpur/aen-of-electricity-department-arrested-taking-bribe-of-rs-50-thousand/article-68564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>न्यूज सर्विस/नवज्योति, साबला। डूंगरपुर जिले के साबला बिजली विभाग के एईएन राजेन्द्र कुमार को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उसने बिजली ठेकेदार से कमीशन की राशि के रूप में रिश्वत की मांग की थी। उदयपुर एसीबी के अनुसार ठेकेदार नारुराम ने उदयपुर एसीबी को शिकायत में बताया था कि साबला एईएन राजेन्द्र कुमार बिजली के पोल लगाने के लिए 85 हजार कमीशन की डिमांड कर रहा है, जिसमें से परिवादी ने 23 हजार रुपए दे दिए हैं। सत्यापन के दौरान आरोपी ने 7 हजार की राशि ली। सोमवार को एसीबी उदयपुर की टीम ने ट्रेप का जाल बिछाया तथा वहीं आरोपी एईएन राजेन्द्र कुमार को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>डूंगरपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jan 2024 09:40:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा एसीबी की बड़ी कार्रवाई : साढ़े 11 हजार की रिश्वत लेने वाले एईएन व जेईएन  को जेल  </title>
                                    <description><![CDATA[एसीबी कोर्ट  ने रिश्वत के आरोपी एईएन राजेंद्र सैनी व जेईएन पवन राठौर को बुधवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। एसीबी  कोटा सिटी ने आरोपी एईएन व जेईएन को साढ़े 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते मंगलवार रात को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/big-action-of-kota-acb--aen-and-jen-jailed-for-taking-bribe-of-11-and-a-half-thousand/article-9558"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/aen---jen.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। एसीबी कोर्ट  ने रिश्वत के आरोपी एईएन राजेंद्र सैनी व जेईएन पवन राठौर को बुधवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। एसीबी  कोटा सिटी ने आरोपी  एईएन राजेंद्र सैनी व जेईएन पवन राठौर को साढ़े 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते मंगलवार रात को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।  दोनों आरोपियों ने फरियादी से उसके बिल पास कराने की एवज में तीस हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी।  एएसपी ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोविड-19 की जांच के बाद कोर्ट में पेश किया था। जहां से दोनों को 15 दिन के लिए जेसी भेज दिया।<br /> <br />एएसपी ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि मामले  में फरियादी मोहम्मद शाहिद हुसैन ने 6 मई को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा  कार्यालय पर आरोपियों के खिलाफ एक परिवाद पेश किया था । इसमें बताया था कि जलदाय विभाग में उसकी  स्वयं की फर्म  मोहम्मद शाहिद हुसैन कॉन्ट्रेक्टर के नाम से है। इस फर्म के नाम से ठेकेदारी का काम कर रहा है। फर्म के जरिए उसने बूंदी शहर में परकोटे के अंदर एचडीपीई 110 एमएम और 90 एमएम पाइप लाइन जोड़ने एवं बिछाने तक रोड रिपेयरिंग कार्य सामग्री सहित 4.80 लाख  रुपए का 18 .18 प्रतिशत बिलों में लिया था। जिसको पूर्ण करने पर बिल बनाने के लिए जलदाय विभाग में जेईएन पवन कुमार राठौर पुत्र सुरेन्द्र कुमार निवासी ग्राम खेड़ारसूलपुर से बात की तो उसने एमबी भरने तथा बिल बनाने और पास करने की एवज में 30 हजार रुपए  की मांग की थी । जेईएन एवं अतिरिक्त चार्ज एईएन पीएचइडी जिला बूंदी राजेंद्र कुमार सैनी पुत्र राधेश्याम सैनी निवासी लाखेरी ने  बिल पास करवाने एवं हस्ताक्षर करने के नाम पर बिल की राशि के 2% के हिसाब से रुपए की मांग की थी। इसके बाद पवन कुमार ने 2.89लाख 840 का चेक दिया तथा कमीशन का पेमेंट  मांग रहा था। 6 मई को एसीबी  ने गोपनीय सत्यापन करवाया तो पवन कुमार जेईएन  द्वारा 4% के हिसाब से साढ़े 11 हजार एवं राजेंद्र जेईएन  अतिरिक्त चार्ज एईएन द्वारा दो प्रतिशत के साहब से 5000 रुपए की रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई थी। रिश्वत मांगने  की पुष्टि होने पर आरोपी पवन राठौर कनिष्ठ अभियंता को मेवाड़ केसरी रेस्टोरेंट पुराना बायपास रोड बूंदी पर परिवादी से रिश्वत राशि साढ़े11 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था।  तलाशी में पवन राठौर की पेंट की जेब से रिश्वत राशि बरामद कर ली  गई थी अन्य आरोपी राजकुमार सैनी कनिष्ठ अभियंता( एईएन)  को भी गिरफ्तार किया गया था। <br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 16:45:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब सर्विस केबल के लिए उपभोक्ता नहीं लगाएगा सहायक अभियंता कार्यालयों के चक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर सिटी सर्किल ने जारी किए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-the-consumer-will-not-make-rounds-of-the-assistant-engineer-offices-for-the-service-cable--aen-or-jen-will-deliver-the-cable-to-the-consumer-s-house-as-soon-as-the-fault-is-reported-in-the-cable/article-4855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/cable.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। अगर किसी उपभोक्ता के घर की सर्विस केबल में फॉल्ट आने के कारण बिजली गुल हो जाए तो अब उपभोक्ता को नई सर्विस केबल की राशि जमा कराने और केबल लेने के लिए सहायक अभियंता कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। फॉल्ट सुधारने आई फास्ट रेस्पॉन्स टीम (एफआरटी) की सूचना पर खुद संबंधित सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियंता उपभोक्ता के घर सर्विस केबल भिजवाएंगे ना कि उपभोक्ता को सहायक अभियंता कार्यालय आकर सर्विस केबल ले जाने और राशि जमा कराने के लिए बाध्य करेंगे।</p>
<p><strong>जयपुर सिटी सर्किल ने जारी किए निर्देश</strong></p>
<p>इस संबंध में जयपुर डिस्कॉम के सिटी सर्किल अधीक्षण अभियंता एके त्यागी ने मंगलवार को आदेश जारी किए हैं। आदेशों में साफ निर्देशित है कि इस आदेश की अनुपालना में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।<br /><br /><br /><strong>अभी ऐसे चकरघिन्नी होते हैं उपभोक्ता</strong><br />अक्सर यह देखा गया है कि उपभोक्ता द्वारा बिजली नहीं आने की शिकायत पर यदि एफआरटी टीम की ओर से उपभोक्ता की सर्विस केबल में फॉल्ट पाया जाता है तो एफआरटी के सदस्य उपभोक्ता को यह सलाह देते हैं कि वह सहायक अभियंता कार्यालय में राशि जमा कराए। राशि जमा कराने के बाद ही एफआरटी पार्टी शिकायत का निस्तारण करती है। ऐसी प्रक्रिया से उपभोक्ता को अनावश्यक असुविधा होती है और निगम की नकारात्मक छवि बनती है। <br /><br /><strong>उपभोक्ताओं को ऐसे मिलेगी राहत</strong><br />अधीक्षण अभियंता की ओर से इंजीनियर्स को जारी आदेश में कहा गया है कि मीटर या सर्विस लाइन खराब होने की स्थिति में उपभोक्ता को कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि एफआरटी पार्टी से सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियन्ता का यह दायित्व होगा कि उपभोक्ता के यहां सर्विस लाइन भिजवाए और उसके यहां नई सर्विस लाइन या केबल लगवाकर उसकी विद्युत व्यवस्था सुचारु करे। इस कार्य में यदि उपभोक्ता का मीटर जला हुआ पाया जाता है तो उस स्थिति में उपभोक्ता के आगामी विद्युत बिल में सीसी एंड आर के द्वारा मीटर राशि डेबिट कर दी जाए। सहायक अभियंता या कनिष्ठ अभियंता यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी परिस्थति में उपभोक्ता को सहायक अभियन्ता कार्यालय आकर सर्विस लाइन ले जाने और राशि जमा कराने के लिए बाध्य नहीं किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Feb 2022 14:27:44 +0530</pubDate>
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