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                <title>फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम का किया समर्थन, इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम का समर्थन करते हुए नागरिक सुरक्षा की अपील की है। उन्होंने हिजबुल्लाह से हथियार छोड़ने और इजरायल से संप्रभुता का सम्मान करने को कहा। बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे शांति का अवसर बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिकी मध्यस्थता की सराहना की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/french-president-emmanuel-macron-supports-israel-lebanon-ceasefire-israel-must-stop/article-150840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/macro1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और लेबनान के बीच दस दिनों के युद्धविराम का 'पूर्ण समर्थन' किया है। मैक्रों ने हालांकि इस समझौते को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं इस बात को लेकर चिंतित हूँ कि सैन्य अभियानों के जारी रहने से यह युद्धविराम कमजोर पड़ सकता है। मैं सीमा के दोनों ओर नागरिक आबादी की सुरक्षा की अपील करता हूँ। हिजबुल्लाह को अपने हथियारों का त्याग करना चाहिए और इजरायल को लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए युद्ध रोकना चाहिए।"</p>
<p>इजरायल और लेबनान दोनों ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर' बताया है। यह समझौता फिलहाल दस दिनों के लिए है, जिसे बातचीत में प्रगति होने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी मुख्य प्रावधानों के अनुसार, इजरायल के पास किसी भी संभावित हमले के खिलाफ 'आत्मरक्षा में सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार' सुरक्षित रहेगा। वहीं, लेबनान को हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों द्वारा हमलों को रोकना होगा। साथ ही देश की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी केवल लेबनानी सुरक्षा बलों की होगी।</p>
<p>दोनों पक्षों ने बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। इजरायल ने इस युद्धविराम को स्थायी शांति की दिशा में एक 'सद्भावना संकेत' बताया है। हिजबुल्लाह ने भी इसमें शामिल होने के संकेत दिए हैं, लेकिन उसने हमलों को पूरी तरह रोकने और इजरायली सैनिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस संघर्षविराम का स्वागत करते हुए अमेरिका की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विवाद का दीर्घकालिक समाधान निकलेगा और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने का आग्रह किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:29:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>&quot;इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026&quot; में शामिल होंगे ब्रिटेन के पूर्व पीएम ऋषि सुनक, कर्टेन रेजर कार्यक्रम को करेंगे संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के कर्टेन रेजर में ऋषि सुनक संबोधित करेंगे। मैक्रों, गुटेरेस सहित वैश्विक नेता एआई सहयोग, नवाचार और शासन पर चर्चा करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/former-uk-pm-rishi-sunak-will-attend-india-ai-impact/article-142876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के पूर्वावलोकन कार्यक्रम (कर्टेन रेजर)'एआई फॉर ऑल: रीइमेजिनिंग ग्लोबल कोऑपरेशन में वक्तव्य देंगे। सार्वजनिक नीति शोध संस्था कार्नेगी इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में  कहा, हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, इस आयोजन के लिए 100 से अधिक देशों के 35,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 500 से अधिक स्टार्टअप सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की यात्रा पर रहेंगे और इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उनकी यह यात्रा उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, विशेष रूप से एआई के क्षेत्र में सहयोग को लेकर दोनों राष्ट्रों की प्राथमिकता को रेखांकित करती है।</p>
<p>अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मैक्रों पीएम मोदी के साथ होराइजन 2047 रोडमैप के अंतर्गत द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक चर्चा करेंगे। वे मुंबई में संयुक्त रूप से भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का भी उद्घाटन करेंगे। नयी दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट पांच दिवसीय कार्यक्रम है, जो नीति, अनुसंधान, उद्योग और सार्वजनिक सहभागिता पर केंद्रित है।</p>
<p>'जनमानस, पृथ्वी और प्रगति के तीन आधारभूत स्तंभों पर आधारित यह शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, नवाचारियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा, ताकि शासन, नवाचार और सतत विकास में एआई की भूमिका पर विचार किया जा सके। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने एआई की चुनौतियों के समाधान में भारत की अग्रणी भूमिका की सराहना की है। उन्होंने एआई को अंतरराष्ट्रीय संबंधों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा और अब तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल में शामिल होने के लिए भी भारत को आमंत्रित किया है। यह 40 सदस्यीय विशेषज्ञ निकाय एआई के विकास का आकलन करने, वैश्विक संवाद को बढ़ावा देने और आधिकारिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए गठित किया गया है। इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के बी. रविंद्रन और भारतीय-अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक विपिन कुमार को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पैनल दुनिया को तथ्यों और कल्पनाओं के बीच अंतर करने में सहायता करेगा, जो निष्पक्ष समझ के लिए आज अनिवार्य है।</p>
<p>यह शिखर सम्मेलन एआई के प्रति भारत के विकास-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है और इंडिया एआई मिशन तथा डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है। इसका मुख्य बल वैश्विक एआई चर्चाओं को व्यावहारिक और लोगों के हित में परिवर्तित करने पर है। इस सम्मेलन में यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएएसआईएसपीएफ) की भागीदारी होगी। यह मंच अमेरिकी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों के सबसे बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेगा।</p>
<p>शिखर सम्मेलन से पूर्व, यूएएसआईएसपीएफ ने बोर्ड एआई टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस कार्यबल का नेतृत्व जॉन चैंबर्स करेंगे और इसका मुख्य केंद्र एआई तंत्र को सशक्त बनाना, इसके उत्तरदायी उपयोग में तीव्रता लाना और व्यापक स्तर पर इसके सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करना होगा। कार्यबल के शुभारंभ पर जॉन चैंबर्स ने कहा, जैसा कि पीएम मोदी ने कहा है, एआई का अर्थ अमेरिका और इंडिया है। सिलिकॉन वैली के अपने अनुभव से मैं देख सकता हूं कि एआई हमारे समय की निर्णायक तकनीक बनेगी, ठीक वैसे ही जैसे भारत-अमेरिका संबंध इस युग की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी है। इस कार्यबल के माध्यम से, हम दोनों देशों के लगभग दो अरब लोगों के लिए एआई के उत्तरदायी विकास और क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अपने गहन अनुभव का उपयोग करेंगे। भारत की प्रगति को लेकर मेरा विश्वास अटूट है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 13:16:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आर्थिक सर्वेक्षण: जीडीपी वृद्धि दर 7% से अधिक रहने का अनुमान, सीतारमण ने कहा-रुपया वैश्विक भू-राजनैतिक परिस्थितियों और रणनीतिक स्थिति में अंतर का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[आर्थिक सर्वे में 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान जताया गया। वैश्विक संस्थाओं ने भी भारत को सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/economic-survey-estimates-gdp-growth-rate-to-be-more-than/article-141181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(9).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में गुरुवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक वृद्धि दर के सात प्रतिशत से ऊपर और अगले वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि इस समय वैश्विक हालात ऐसे हैं जिसमें मजबूत वृहद आर्थिक आधार के बावजूद भारत को बाहरी निवेश के रूप में वांछित प्रतिफल नहीं मिल रहा है। इसमें कहा गया है कि रुपया वैश्विक भू-राजनैतिक परिस्थितियों और रणनीतिक स्थिति में अंतर का शिकार है और रुपये की वर्तमान विनिमय दर देश की आर्थिक स्थिति का सही चित्रांकन नहीं करती है।</p>
<p>आर्थिक सर्वे में वृद्धि दर का अनुमान इसी माह जारी पहले अग्रिम अनुमान के दायरे में ही है जिसमें 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। </p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और एडीबी जैसे वैश्विक संगठनों ने भी चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.2 से 7.4 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया है और इस तरह भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:08:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का किया ऐलान, इस देश के साथ मिलकर करेंगे काम</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध और अन्य वैश्विक विवादों के समाधान के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक नए अंतरराष्ट्रीय मंच की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-announced-board-of-peace-will-work-together-with-this/article-140518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump-shanti.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध और अन्य वैश्विक विवादों के समाधान के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक नए अंतरराष्ट्रीय मंच की घोषणा की है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप ने बताया कि इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा के पुनर्निर्माण और प्रशासन की निगरानी के साथ-साथ वैश्विक संघर्षों का समाधान करना है। </p>
<p>बोर्ड में पाकिस्तान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हैं। इसकी स्थायी सदस्यता की कीमत एक अरब डॉलर रखी गई है। ट्रंप ने कहा कि कई देश इसमें शामिल होने के इच्छुक हैं और भविष्य में यह संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेगा। गाजा पर ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हमास को हथियार डालने होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 18:04:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत ने सुरक्षा परिषद के कामकाज में अधिक पारदर्शिता की मांग की, जानें क्यों ?  </title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने यूएन सुरक्षा परिषद के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने की जोरदार मांग की। स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने आतंकियों के सूचीकरण प्रक्रिया में अस्पष्टता पर सवाल उठाए और यूएनएससी में व्यापक सुधार, सदस्यता विस्तार व शांति मिशनों पर योगदान देने वाले देशों की राय को अहम बताने की आवश्यकता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/india-demands-more-transparency-in-the-functioning-of-the-security/article-132568"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/india.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कामकाज में अधिक पारदर्शिता की जोरदार मांग की है। न्यूयॉर्क में शुक्रवार देर शाम कार्य पद्धतियों पर आयोजित यूएनएससी की खुली बहस में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है, इसलिए इसके कामकाज का ईमानदार, स्पष्ट और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है। हरीश ने कहा कि यूएनएससी की कई सहायक संस्थाओं का कामकाज अभी भी अस्पष्ट है। खासकर आतंकियों व प्रतिबंधित संस्थाओं को सूचीबद्ध करने के प्रस्तावों को खारिज किए जाने की प्रक्रिया बहुत धुंधली है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि जिस तरह डीलिस्टिंग (सूची से हटाने) का निर्णय स्पष्ट रूप से दर्ज होता है, उसी तरह सूचीकरण प्रस्तावों को खारिज किए जाने की जानकारी सार्वजनिक नहीं होती। उन्होंने कहा, जो देश सुरक्षा परिषद में नहीं हैं, उन्हें तो इस प्रक्रिया की कोई जानकारी ही नहीं मिलती। भारत ने यह भी कहा कि यूएनएससी की समितियों और सहायक संस्थाओं के चेयर और पेन-होल्डर पद जिम्मेदारी वाले पद हैं, जिन्हें किसी भी तरह के स्वार्थ या टकराव से दूर रखा जाना चाहिए। हरीश ने कहा, जिन देशों के हित टकरा रहे हों, उन्हें इन पदों की जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।</p>
<p>भारत ने सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की अपनी पुरानी मांग को दोहराया। हरीश ने कहा कि आठ दशक पुराना यूएनएससी ढांचा बदलते समय और नई चुनौतियों के लिए अब फिट नहीं माना जा सकता। उन्होंने सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों तरह की सदस्यता का विस्तार करने और अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका जैसे कम-प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों को पर्याप्त जगह देने की बात कही।</p>
<p><strong>शांति मिशनों में योगदान देने वाले देशों की राय को अहम बताया</strong></p>
<p>दुनिया में सबसे ज्यादा सैनिक देने वाले देश के रूप में भारत ने शांति मिशनों में योगदान देने वाले देशों की राय को अहम बताया। हरीश ने कहा कि ऐसे मिशन जिनका उद्देश्य पूरा हो चुका है या जो अब उपयोगी नहीं हैं, उन्हें सिर्फ कुछ देशों के राजनीतिक हित बचाने के लिए जारी नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे मिशनों को समाप्त करने के लिए सनसेट क्लॉज लागू करने की वकालत की।  अपने संबोधन में भारत ने साफ कहा कि सुरक्षा परिषद का कामकाज पारदर्शी, निष्पक्ष और समय के हिसाब से जिम्मेदार होना चाहिए, तभी दुनिया की बदलती चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सकेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 10:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत सीमा पार आतंकवाद और हथियार तस्करी का शिकार, भारत ने यूएन में पाक को सुनाई खरी-खोटी </title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई है। भारत के स्थायी राजदूत परवतनेनी हरीश ने पाकिस्तान की ओर परोक्ष तौर से इशारा करते हुए कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद और अवैध हथियार तस्करी का शिकार रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-a-victim-of-cross-border-terrorism-and-arms-smuggling/article-132118"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(12).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई है। भारत के स्थायी राजदूत परवतनेनी हरीश ने पाकिस्तान की ओर परोक्ष तौर से इशारा करते हुए कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद और अवैध हथियार तस्करी का शिकार रहा है।</p>
<p><strong>भारत का यूएनएससी में कड़ा रुख</strong></p>
<p>हरीश ने कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद की मार झेल रहा है। सीमा पार से आने वाले अवैध हथियार और अब ड्रोन का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने जोर दिया कि आतंकी गुटों को हथियार पहुंचाने वालों के खिलाफ सुरक्षा परिषद को जीरो टॉलरेंस दिखाना होगा। भारत ने बताया कि छोटे हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी आतंकी संगठनों को जिंदा रखती है। इन गुटों को हथियार मिलते रहते हैं, जो साफ दिखाता है कि कोई उन्हें मदद, पैसा या समर्थन दे रहा है। हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद को आतंकवाद के हर रूप और उसके समर्थकों के खिलाफ सख्ती बरतनी होगी।</p>
<p><strong>हथियार एम्बार्गो का हो सही इस्तेमाल</strong></p>
<p>भारत ने कहा कि यूएनएससी की ओर से लगाए गए हथियार एम्बार्गो संघर्ष क्षेत्रों में हथियारों की सप्लाई रोकने का अहम तरीका हैं। इन्हें निष्पक्ष और लगातार लागू करना जरूरी है। छोटे हथियारों की तस्करी और गायब होना अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है। भारत ने कहा कि हथियारों की तस्करी रोकने, नेटवर्क तोड़ने, सीमा और कस्टम्स में तालमेल और खुफिया जानकारी साझा करने के लिए देशों का साथ जरूरी है। यूएन के प्रोग्राम ऑफ एक्शन और इंटरनेशनल ट्रेसिंग इंस्ट्रूमेंट  को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय कानून, निर्यात नियंत्रण और क्षमता निर्माण पर जोर देना होगा। हरीश ने कहा कि भारत आतंकी गुटों तक छोटे हथियार पहुंचने से रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वह वैश्विक आतंकवाद विरोधी लड़ाई में अपना योगदान देता रहेगा। हरीश ने यूएन महासचिव की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कमजोर गोदाम, सीमा पर ढील और तस्करी नेटवर्क आतंकियों को हथियार पहुंचाते हैं। घर में बने हथियार ट्रेसिंग को और मुश्किल बनाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 11:03:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंटोनियो गुटेरेस ने दी गाजा में युद्ध फैलने की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[हम पूर्वी येरुशलम सहित कब्जे वाले बैंक में गतिविधियां देख रहे हैं, जहां हताहतों की संख्या में नाटकीय वृद्धि के साथ तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/antonio-guterres-warned-of-war-spreading-in-gaja/article-68010"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo-(7)4.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गाजा में युद्ध के फैलने के खतरों के प्रति आगाह किया। उन्होंने फिलिस्तीनी प्रश्न सहित मध्य पूर्व पर सुरक्षा परिषद की एक उच्च-स्तरीय खुली बहस में कहा कि गाजा में युद्ध और दुख दूर-दूर तक अशांति फैला रहा हैं। हम पूर्वी येरुशलम सहित कब्जे वाले बैंक में गतिविधियां देख रहे हैं, जहां हताहतों की संख्या में नाटकीय वृद्धि के साथ तनाव चरम पर है।</p>
<p>दर्जनों फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। सात अक्टूबर से छह हजार से अधिक फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया गया। जिनमें से कई को बाद में रिहा कर दिया गया। बसने वालों की हिंसा भी एक अन्य प्रमुख चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी स्वामित्व वाले घरों और अन्य संरचनाओं को ध्वस्त करना और जब्त करना जारी है। फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था संकट में है। उन्होंने कहा कि इजरायल द्वारा फिलिस्तीनी कर राजस्व के एक महत्वपूर्ण हिस्से को रोकना, सात अक्टूबर से इजरायल में प्रवेश करने वाले लगभग सभी फिलिस्तीनी श्रमिकों पर निरंतर प्रतिबंध, और बैंक में गंभीर आंदोलन और पहुंच प्रतिबंध सभी बढ़ती बेरोजगारी में योगदान दे रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jan 2024 14:14:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गाजा के अस्पतालों में मानवीय सहायता रोकने का मामला, संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल की निंदा की</title>
                                    <description><![CDATA[ उत्तर में सहायता मिशन की योजना बनाने के बाद, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा कि उनके काफिलों को इजरायल की ओर से आगे बढऩे से रोक दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/un-condemns-israel-for-stopping-humanitarian-aid-in-gaza-hospitals/article-66847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/united.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। इजरायल लगातार उत्तरी गाजा में मानवीय काफिलों को रोकने से यहां के अस्पतालों में जरूरी ईंधन और अन्य सहायता पहुंचाना मुश्किल हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने शनिवार को यह जानकारी दी। उत्तर में सहायता मिशन की योजना बनाने के बाद, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा कि उनके काफिलों को इजरायल की ओर से आगे बढऩे से रोक दिया गया है। फिलस्तीनी क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र सहायता एजेंसी ओसीएचए के कार्यालय के प्रमुख एंड्रिया डी डोमेनिको ने कहा कि उत्तर में सहायता पहुंचाना लगभग मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा, हाल के दिनों में एजेंसी को 21 अनुरोधों में से तीन मिशनों को आंशिक रूप से मंजूरी मिल गई है। </p>
<p>फिलिस्तीनी क्षेत्रों में यूनिसेफ की विशेष प्रतिनिधि लूसिया एल्मी ने भी अफसोस जताया कि हमें पर्याप्त सहायता नहीं मिल सकती। निरीक्षण प्रक्रिया धीमी और अप्रत्याशित बनी हुई है और कुछ सामग्रियां जिनकी हमें सख्त जरूरत है, वे बिना किसी स्पष्ट औचित्य के प्रतिबंधित हैं।</p>
<p>डोमेनिको ने कहा कि इजरायली सेना गाजा के अस्पतालों में ईंधन मुहैया नहीं कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमें अस्पतालों का समर्थन करने की इजाजत नहीं देने के लिए वे बहुत व्यवस्थित रहे हैं। कुछ ऐसा है जो अमानवीयता के स्तर तक पहुंच रहा है और मेरे लिए समझ से परे है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि उन्होंने सात असफल प्रयासों के बाद आखिरकार गुरुवार को दो सप्ताह से अधिक समय में पहली बार अल शिफा अस्पताल पहुंचने में कामयाब रहा। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेबियस ने एक्स पर लिखा कि मिशन ने 9,300 लीटर ईंधन सहित बेहद जरूरी सहायता पहुंचाने की अनुमति दी है।</p>
<p>टेड्रोस ने कहा कि अस्पताल में अब 60 चिकित्सा कर्मचारी हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संरक्षित अस्पताल, सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से गाजा में इजरायली हमलों से बार-बार प्रभावित हुए हैं।</p>
<p>गाजा के 36 अस्पतालों में से केवल 15 आंशिक रूप से काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने लंबे समय से उत्तर में बमुश्किल काम कर रहे कुछ अस्पतालों में भोजन, साफ पानी, दवा और ईंधन की कमी का सामना करने वाले निराशाजनक ²श्यों का वर्णन किया है जबकि अल शिफ़ा में सेवाओं की आंशिक बहाली अच्छी खबर है। टेड्रोस ने कहा कि ईंधन की खपत बहुत अधिक है और चिकित्सा आपूर्ति की आवश्यकता बढ़ रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jan 2024 15:50:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूडान में  लड़ाई से गंभीर मानवीय संकट  तेजी से तबाही में बदल रही है: संयुक्त राष्ट्र</title>
                                    <description><![CDATA[ संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव जॉयस मसूया ने कहा , मंगलवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि 15 अप्रैल से सूडान में जो हो रहा है ( जब सूडानी सशस्त्र बलों और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच झड़पें हुईं)  वह आम नागरिकों और सहायता कर्मियों के लिए एक दु:स्वप्न है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/fighting-in-sudan-is-rapidly-turning-into-a-grave-humanitarian/article-43885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/442.png" alt=""></a><br /><p>संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि सूडान में  गंभीर मानवीय संकट तेजी से तबाही में बदल रही है। मानवीय मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव जॉयस मसूया ने कहा , मंगलवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि 15 अप्रैल से सूडान में जो हो रहा है ( जब सूडानी सशस्त्र बलों और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच झड़पें हुईं)  वह आम नागरिकों और सहायता कर्मियों के लिए एक दु:स्वप्न है। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल से पहले भी सूडान में मानवीय जरुरतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं। देश की आबादी का एक तिहाई भाग यानी 1.58  कोरोड़ लोगों तक मानवीय सहायता की आवश्यकता है। चालीस लाख बच्चे और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं कुपोषित हैं। उन्होंने कहा कि करीब 37 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह संघर्ष न केवल उन जरूरतों को गहरा करेगा। यह मानवीय चुनौतियों की एक नई लहर शुरू करने की धमकी भी देता है। लड़ाई बड़े पैमाने पर सहायता कार्यों को बाधित कर रही है। एक मानवीय संकट जल्दी से एक आपदा में बदल रहा है। उन्होंने बताया कि 450 से अधिक लोग मारे गए हैं और 4,000 से अधिक अन्य घायल हुए हैं। क्षति, सैन्य उपयोग या संसाधनों की कमी के कारण कम से कम 20 अस्पतालों को बंद करने के लिए मजबूर किया गया है। सुश्री मसूया ने कहा कि बिजली कटौती और ईंधन की कमी से टीके के स्टॉक और पानी की आपूर्ति बाधित होने का खतरा है। यौन और लिंग आधारित हिंसा की कई रिपोर्टें आई हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक कल्याण, विशेष रूप से बच्चों के बीच, अकल्पनीय है।       </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Apr 2023 12:15:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>हम बेकार की बातों का जवाब नहीं देते : कंबोज</title>
                                    <description><![CDATA[कंबोज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बनाए रखने, संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों को कायम रखते हुए प्रभावी बहुपक्षवाद विषय पर चर्चा कर रही थीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ruchira-kamboj-listened-fiercely-to-pakistan-in-the-security-council-meeting/article-43880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/v-13.png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी राजदूत रुचिरा कंबोज ने सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान को जमकर सुनाया। पाकिस्तान की तरफ से जब बहस के बीच जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया गया तो उन्होंने कहा वह ऐसी बेकार टिप्पणियों का जवाब नहीं देती। उनका कहना था कि ऐसी बातों का जवाब देना मतलब सुरक्षा परिषद का समय बर्बाद करना और वह ऐसा नहीं करेंगी। कंबोज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बनाए रखने, संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों को कायम रखते हुए प्रभावी बहुपक्षवाद विषय पर चर्चा कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने पाकिस्तान की टिप्पणियों पर कड़ा जवाब दिया।</p>
<p><strong>बहस के बीच में कश्मीर का जिक्र</strong><br />इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता रूस कर रहा है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव सोमवार को बहस की अध्यक्षता कर रहे थे, तभी संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया। इस पर कंबोज ने कहा कि अंत में, इस सम्मानित मंच ने आज एक स्थायी प्रतिनिधि द्वारा कुछ बेकार की टिप्पणियां सुनीं जो विशुद्ध रूप से अज्ञानता और विऔपनिवेशीकरण के तथ्यों पर समझ की कमी के कारण की गईं। उन्होंने कहा कि मैं उन टिप्पणियों का जवाब देकर इस परिषद का समय बर्बाद नहीं करूंगी पाकिस्तान लगातार संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर कश्मीर के मुद्दे को उठाता है, भले ही बैठकों में एजेंडा और चर्चा का विषय कुछ भी हो। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Apr 2023 10:57:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>भारत बना दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश, चीन से जनसंख्या 29 लाख अधिक</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में आखिरी जनगणना 2011 में आयोजित की गई थी। कोविड के कारण अगली जनगणना होने में देरी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-became-the-most-populous-country-in-the-world-population/article-43244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/popull.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आबादी के मामले में भारत ने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। भारत दुनिया में अब सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन गया है। यूएन की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। यूएन रिपोर्ट के अनुसार भारत की आबादी 142.86 करोड़ हो गई है, वहीं चीन की आबादी 142.57 करोड़ है। भारत की जनसंख्या चीन से 29 लाख अधिक हो चुकी है। </p>
<p>यूएनएफपीए की 'द स्टेट ऑफ वर्ल्ड पापुलेशन रिपोर्ट 2023' के अनुसार भारती की आबादी चीन से 2.9 मीलियन ज्यादा हो गई है। यूएन के अनुसार भारत और चीन दुनिया की एक तिहाई से अधिक जनसंख्या रखते है।</p>
<p>भारत में आखिरी जनगणना 2011 में आयोजित की गई थी। कोविड के कारण अगली जनगणना होने में देरी हुई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Apr 2023 14:18:46 +0530</pubDate>
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                <title>चीन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में उइगर कांग्रेस अध्यक्ष को बोलने से रोकने का किया प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[मीडिया से बात करते हुए उइगर कांग्रेस अध्यक्ष डोल्कन ईसा ने कहा कि चीन सच्चाई और न्याय से बहुत डरता है। मैंने एक बयान दिया और चीन ने मुझे रोकने की कोशिश की और मुझे अलगाववादी और चीन विरोधी कहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-tried-to-stop-uygar-congress-president-to-speaking-at-un-council/article-40744"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/v-23.png" alt=""></a><br /><p>जिनेवा। चीन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में उइगर कांग्रेस के अध्यक्ष डोल्कन ईसा को बोलने से रोकने का प्रयास किया, क्योंकि उन्होंने बीजिंग में उइगरों की मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में बोलना शुरू किया था। हालांकि बाद में अमेरिका और इरिट्रिया के समर्थन के बाद उन्हें अध्यक्ष ने बोलने की अनुमति दी।</p>
<p><strong>सच्चाई से बहुत डरता है चीन</strong></p>
<p>मीडिया से बात करते हुए उइगर कांग्रेस अध्यक्ष डोल्कन ईसा ने कहा कि चीन सच्चाई और न्याय से बहुत डरता है। मैंने एक बयान दिया और चीन ने यूएन में मुझे रोकने की कोशिश की और मुझे अलगाववादी और चीन विरोधी कहा। ईसा ने कहा कि मैं चीन से अलग होने की मांग नहीं कर रहा हूं। मैं शंघाई या बीजिंग की मांग नहीं कर रहा हूं। यह मेरा देश (शिनजियांग) है। यह एक अधिकृत क्षेत्र है और चीन को इसे स्वीकार करना चाहिए।</p>
<p><strong>उइगरों के खिलाफ नरसंहार कर रही है चीनी सरकार </strong></p>
<p>डोल्कन ईसा ने कहा कि चीनी सरकार उइगरों के खिलाफ नरसंहार कर रही है। चीनी सरकार नाखुश है और वे नहीं चाहते कि उइगर मुद्दा एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बने। चीनी सरकार मुझ पर हमला करने की कोशिश कर रही है। मुझे रोकने की कोशिश कर रही है और यह पहली बार नहीं है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 11:21:54 +0530</pubDate>
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