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                <title>मुख्य मार्गों पर गंदगी,  बरसों बाद भी कचरा पाइंट मुक्त नहीं हो रहा शहर</title>
                                    <description><![CDATA[घर-घर कचरा संग्रहण, फिर भी सड़क पर डल रहा कचरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/main-roads-are-littered-with-garbage--the-city-remains-far-from-becoming-garbage-point-free-even-after-years/article-136614"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px28.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी से पर्यटन नगरी बनने जा रहे कोटा शहर में जहां नगर निगम द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। उसके बाद भी शहर के मुख्य मार्गों पर ही कचरे का ढेर लगा हुआ है। बरसों बाद भी शहर कचरा पॉइंट मुक्त नहीं बन पाया।एक तरफ तो कोटा शहर को सफाई के मामले में इंदौर की तर्ज पर बनाने का दावा व प्रयास किया जाता है। लेकिन वास्तव में उस दिशा में किए जाने वाले प्रयास पर्याप्त नहीं हो पा रहे हैं। नगर निगम की ओर से पूरे शहर में टिपरों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। वैसे तो सुबह-शाम दो पारियों में टिपरों के संचालन का प्रावधान है लेकिन फिलहाल शहर में सुबह के समय ही टिपर चल रहे हैं। सुबह 7 से 11 बजे के बीच हर वार्ड में दो से तीन टिपर डोर टू डोर जाकर कचरा एकत्र कर रहे हैं। उसके बाद भी शहर में मुख्य मार्गों पर तो कचरा डल ही रहा है। अधिकतर जगहों पर कचरा पॉइंट भी दिनभर कचरे से अटे रहते हैं।</p>
<p><strong>शहर को कचरा पॉइंट मुक्त बनाने की थी योजना</strong><br />नगर निगम अधिकारियों का दावा था कि जिस तरह से इंदौर में सड़क पर कचरा नजर नहीं आता है। उसी तरह से कोटा शहर की सड़कों को भी बनाया जाएगा। इंदौर में ट्रेचिंग ग्राउंड तक पर कचरा नहीं दिखता। वहां हरियाली व गार्डन होने से लोग घूमने के लिए जाते हैं। उसी तरह की योजना कोटा में भी लागू करनी थी। लेकिन अभी तक वह मूर्त रूप नहीं ले सकी है। पिछले कांग्रेस बोर्ड के समय में कोटा उत्तर व दक्षिण निगम में कई कचरा पॉइंट को समाप्त किया गया था। उत्तर निगम क्षेत्र में ही कुछ ही समय में करीब तीन दर्जन कचरा पॉइंट खत्म किए गए थे। उनकी जगह पर हरियाली विकसित की गई। लेकिन उसके बाद यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। जयपुर गोल्डन पर तालाब किनारे का क्षेत्र हो या नयापुरा में बृज टॉकीज, चम्बल की छोटी पुलिया का रास्ता हो या अन्य स्थान। ऐसी कई जगह पर कचरा पॉइंट खत्म कर वहां छतरी व हरियाली विकसित की गई।</p>
<p><strong>जरा-जरा सी दूरी पर कचरा पॉइंट</strong><br />शहर में कोई भी वार्ड या मुख्य मार्ग ऐसा नहीं हैं। जहां कचरा पॉइंट नहीं हो। हालत यह है कि जरा-जरा सी दूरी पर ही कचरा पॉइंट बने हुए हैं। फिर चाहे वह बारां रोड अंटाघर चौराहे से एसपी कार्यालय व पुलिस लाइन तक का क्षेत्र हो या नयापुरा का। बूंदी रोड परत बडगांव का क्षेत्र हो या अन्य कोई क्षेत्र। अभी भी वहां वार्डों से आने वाला कचरा निगम के कर्मचारी ही डाल रहे हैं। जानकारी के अनुसार कोटा उत्तर क्षेत्र में ही करीब 200 से अधिक कचरा पॉइंट हैं।वहीं लोग सड़क पर कचरा नहीं डालें इसके लिए निगम की ओर से जगह-जगह पर कचरा पात्र भी रखवाए गए हैं। फिर चाहे छावनी में एलआईसी बिल्डिंग के पास हो या गुमानपुरा में मल्टीपरपज स्कूल के पास। इसके अलावा कई अन्य जगह पर कचरा पात्र रखे गए हैं। उसके बाद भी उन जगह पर सड़कों पर ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं।</p>
<p><strong>रात में भी हो रही मुख्य मार्गों की सफाई</strong><br />शहर साफ व सुंदर दिखे। इसके लिए अभी नगर निगम की ओर से मुख्य मार्गों पर रात के समय भी सफाई करवाई जा रही है। डीसीएम रोड, सीएडी रोड से लेकर स्टेशन तक के क्षेत्र में रात के समय सफाई कर्मचारी झाडू लगाने से लेकर कचरे को हाथ ट्रॉली व ट्रेक्टर ट्रॉली से तुरंत हटा भी रहे हैं। लेकिन सुबह होते ही फिर से सड़क पर कचरा ही कचरा हो रहा है। विशेष रूप से नई धानमंडी के पास हालत अधिक खराब है।</p>
<p><strong>मजबूरी में बने हैं कचरा पॉइंट</strong><br /> टिपरों से कचरा एकत्र करने का मकसद ही यह है कि सड़क पर कचरा नहीं डले। लेकिन कई लोग टिपरों के समय में कचरा नहीं डालकर बाद में सड़क पर डाल रहे हैं। जिससे सफाई के बाद भी सड़क व शहर साफ नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं अभी भी डेरा प्रथा शहर में बनी हुई है। जिससे वार्डों का कचरा कचरा पॉइंट पर डल रहा है। वहीं जिन वार्डों में टिपर नहीं जाते वहां का कचरा भी सड़क किनारे ही डल रहा है। कई कचरा पॉइंट तो मजबूरी में ही चल रहे हैं। प्रयास है कि इन्हें कम से कम किया जाए।<br /><strong> - मोतीलाल चौधरी,स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 15:30:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नहीं थम रहा शहर की सुंदरता पर ग्रहण, निगम ने मुकदमा तक दर्ज कराया था</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व फ्लैक्स लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-eclipse-on-the-beauty-of-the-city-is-not-stopping/article-121693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(3)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक तरफ तो कोटा शहर को स्मार्ट व स्वच्छ के साथ ही पर्यटन नगरी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर की सुंदरता पर  ग्रहण लगना नहीं थम रहा है।  शहर में सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति किसी भी तरह का विज्ञापन पोस्टर व फ्लेक्स लगाना गैर कानूनी है। ऐसा करना सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत आता है। लेकिन उसके बाद भी शहर में अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व फ्लैक्स लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।  शहर में झालावाड़ रोड हाइवे स्थित गोबरिया बावड़ी अंडरपास पर विज्ञापन पोस्टर लगा हुआ है। जिससे एरोड्राम से अनंतपुरा की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगे इस पोस्टर को देखकर  बाहर से आने वालों पर इसकी गलत छवि बन रही है।  इसी तरह से छावनी स्थित फ्लाई ओवर के नीचे सभी पिलरों पर विज्ञापन पोस्टर व फ्लैक्स चस्पा कर रखे है।  इतना ही नहीं दादाबाड़ी से केडवपुरा फ्लाई ओवर,  गुमानपुरा फ्लाई ओवर और गुमानपुरा स्थित बुर्ज की दीवार समेत कई जगह पर विज्ञापन पोस्टरों को लगाकर शहर की सुंदरता को बिगाड़ा जा रहा है।  वहीं शहर के मुख्य मार्गों पर लगे गेंट्री बोर्ड पर भी जनप्रतिनिधियों के जन्म दिवस की बधाई के विज्ञापन फ्लैक्स लगे हुए हैं। डीसीएम रोड से लेकर जवाहर नगर तक समेत शहर के अधिकतर क्षेत्रों में इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं।</p>
<p><strong> निगम ने मुकदमा तक दर्ज कराया था</strong><br />शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगाने वालों के खिलाफ पूर्व में नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से कार्रवाई भी की गई थी। निजी अस्पताल समेत अन्य संस्थाओं द्वारा बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ दादाबाड़ी थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। साथ ही कई लोगों के  खिलाफ अदालत में परिवाद भी पेश किया था। वहीं छावनी से कोटड़ी चौराहे तक तो कई बार विज्ञापन हटाए जा चुके है। उसके बाद भी शहर में बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने वाले नहीं मान रहे हैं। </p>
<p><strong>शहर की सुंदरता सभी का दायित्व</strong><br />शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाना सभी का दायित्व है। यह कहना है कि शहर वासियों का। कोटड़ी निवासी तबरेज पठान ने बताया कि शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल सरकारी एजेंसियों की नहीं है। लोगों को भी अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी व दायित्व को समझना होगा। निगम द्वारा बार-बार कार्रवाई करने के बाद भी यदि लोग नहीं मान रहे हैं तो ऐसा करने वालों पर जुर्माना व कठोर कार्रवाई की जाए। छावनी निवासी महेन्द्र सिंह का कहना है कि नगर निगम व केडीए की ओर से विज्ञापनों के लिए स्थान  निर्धारित किए हुए हैं।  यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने का किराया देना पड़ता है। उससे बचने के लिए विज्ञापन एजेंसियां मनमर्जी से विज्ञापन चस्पा कर शहर की सुंदरता को खराब कर रही है। ऐसा करने वालों पर सख्ती जरूरी है।  इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अनुभाग अधिकारियों का कहना है कि निगम की ओर से समय-समय पर सम्पति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कई बार निगम के स्तर पर भी विज्ञापन हटवाए गए हैं। फिर भी शहर में ऐसा हो रहा है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 17:56:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिए उन्हें सिखाएं जरूर चीजें</title>
                                    <description><![CDATA[सभी पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा स्मार्ट बने। इसके लिए पेरेंट्स बहुत.सी कोशिशें करते हैं। कोई अपने बच्चों का ट्यूशन जल्दी लगवा देता है, तो किसी को कम उम्र में ही स्किल्स के लिए कोचिंग सेंटर भेजने की तैयारी शुरू हो जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/to-make-children-smart-teach-them-these-things/article-12751"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/t-4.jpg" alt=""></a><br /><p>सभी पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा स्मार्ट बने। इसके लिए पेरेंट्स बहुत.सी कोशिशें करते हैं। कोई अपने बच्चों का ट्यूशन जल्दी लगवा देता है, तो किसी को कम उम्र में ही स्किल्स के लिए कोचिंग सेंटर भेजने की तैयारी शुरू हो जाती है। पेरेंट चाहते हैं कि पढ़ाई के अलावा भी उनका बच्चा हर एक्टिविटी में तेज हो। आप भी अगर ऐसा ही चाहते हैंए तो आपको कुछ बातें जरूर फॉलो करनी चाहिए, जिससे कि बच्चे स्मार्ट बन सकें। </p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>एडिशनल लैंग्वेज सिखाएं-</strong></span>हिंदी और इंग्लिश के अलावा भी बच्चों को कोई और फॉरेन लैंग्वेज सिखाएं। इससे बच्चे के पास एडिशनल स्किल भी आ जाएगी और आगे बच्चे के कॅरियर में एक स्कोप भी जुड़ जाएगा।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट  सिखाएं-</strong></span>म्यूजिक सीखना समय की बर्बादी नहीं है। यह न सिर्फ एडिशनल स्किल है बल्कि इससे दिमाग शांत भी रहता है। साथ ही चीजों को देखने और महसूस करने की क्षमता भी बढ़ती है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>जल्दी उठने की आदत-</strong></span>जल्दी उठने की आदत बचपन से सिखानी बहुत जरूरी है। इससे बच्चों का दिमाग एक्टिव रहता है। सुबह जल्दी उठने वाले लोग ज्यादा हेल्दी रहते हैं। ऐसे में बच्चों को जल्दी उठने की आदत सिखाएं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>मेडिटेशन-</strong></span>मेडिटेशन करने से बच्चे का दिमाग शांत रहता है और उसकी मेंटल हेल्थ भी बेहतर बनती है। बच्चों को मेडिटेशन के फायदे भी बताएं। इससे बच्चा अच्छी तरह फोकस भी कर पाएगा।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>रीडिंग-</strong></span> बच्चों को कोर्स की किताबों के अलावा कुछ अच्छी किताबे भी पढ़ाएं। बच्चों के लिए पढ़ने की आदत बहुत जरूरी है इसलिए वे नई-नई चीजें सीख सकते हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>डिबेट एंड ग्रुृप डिस्कंशन-</strong></span>बच्चोंं को एक्टिव बनाने के लिए उनके साथ किसी टॉपिक पर बात करें और उन्हें फायदे और नुकसान के बारे में बताएं। इससे बच्चों की तर्कशक्ति का विकास होगा। स्कूल में भी बच्चोंं को एक्टिविटी में शामिल होने के लिए मोटिवेट करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jun 2022 12:19:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>   शॉपिंग सेंटर की चौपाटी बनेगी स्मार्ट</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के बीचो बीच स्थित शॉपिंग सेंटर की चौपाटी को स्मार्ट बनाया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस का काम शुरू हो गया है। इसके लिए सभी दुकानों के आगे के फर्श को पक्का किया जाएगा । उसके बाद सभी दुकानों के आगे एक जैसा फर्नीचर लगाया जाएगा जिस पर बैठकर लोग खाने पीने का आनंद ले सकेंगे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shopping-center-chowpatty-will-become-smart/article-6033"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/7.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के बीचो बीच स्थित शॉपिंग सेंटर की चौपाटी को स्मार्ट बनाया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस का काम शुरू हो गया है । नगर निगम कोटा दक्षिण की आयुक्त कीर्ति राठौड़ ने बताया कि चौपाटी में वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग घूमने और फास्ट फूड खाने के लिए आ रहे हैं। ऐसे में उसे स्मार्ट बनाने का प्रयास किया जा रहा है । इसके लिए सभी दुकानों के आगे के फर्श को पक्का किया जाएगा । उसके बाद सभी दुकानों के आगे एक जैसा फर्नीचर लगाया जाएगा जिस पर बैठकर लोग खाने पीने का आनंद ले सकेंगे। वहीं सभी दुकानों पर एक जैसे साइन बोर्ड लगाए जाएंगे जिन पर एकरूपता नजर आएगी । उसी तरह एक जैसे आकार का त्रिपाल लगाया जाएगा जिससे बरसात और धूप में सुविधा हो सके। उन्होंने बताया कि चौपाटी और सड़क के बीच वाहन चालकों को, लोगों को परेशानी ना हो इसके लिए बीच में रेलिंग लगाई जाएगी, साथ ही आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी । उन्होंने बताया कि अभी अधिकतर ठेले सड़क पर खड़े होते हैं जिससे सड़क पर ट्रैफिक बाधित होता है । लेकिन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सभी खेलों को दुकानों के अंदर किया जाएगा और सड़क पर जो पक्की सीसी रोड बनाई जा रही है वहां पर पेंटिंग भी की जाएगी और हरियाली के लिए बीच-बीच में पौधे वाले गमले रखे जाएंगे। संवेदक के माध्यम से कराए जा रहे हैं इस काम को शुरू कर दिया गया है  1 महीने में यह चौपाटी स्मार्ट बनकर तैयार हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shopping-center-chowpatty-will-become-smart/article-6033</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Mar 2022 17:33:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चौपाटी का बदलेगा स्वरूप, बनेगी स्मार्ट</title>
                                    <description><![CDATA[स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शॉपिंग सेंटर स्थित वर्तमान चौपाटीको स्मार्ट बनाने का काम शुरू हो गया है। वर्तमान में यहां करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें हैं। जिनमें हर दुकान का साइन बोर्ड अलग-अलग आकार का है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-shape-of-the-city-s-chowpatty-will-change--it-will-become-smart/article-5321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/ba1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के बीचों-बीच शॉपिंग सेंटर स्थित वर्तमान चौपाटी का स्वरूप शीघ्र ही बदल जाएगा और वह स्मार्ट बन जाएगी। दुकानों में एकरूपता के साथ व्यवस्थित नजर आएगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत वर्तमान चौपाटी को स्मार्ट बनाने का काम शुरू हो गया है। वर्तमान में यहां करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें हैं। जिनमें हर दुकान का साइन बोर्ड अलग-अलग आकार का है। दुकानों के आगे सभी ने अपने हिसाब से तिरपाल लगाए हुए है। किसी ने हरा तो किसी ने पीला। किसी ने छोटा तो किसी ने बड़ा। साथ ही दुकानों के आगे ग्राहकों के बैठने के लिए भी सभी दुकानदारों ने अपनी पसंद की मेज कुर्सी लगाई हुई है। साथ ही जिस दुकानदार की मेज कुर्सी है उसके ही ग्राहक उन पर बैठ सकते हैं। दुकानों के आगे गंदगी और रोशनी की भी पर्याप्त सुविधा नहीं है। अस्त-व्यस्त खड़े वाहन भी परेशानी का कारण बन रहे हैं। लेकिन आने वाले कुछ समय बाद चौपाटीे पर ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं देगा। सब कुछ बदल जाएगा। एक से डेढ़ माह बाद यहां आने वालों को लगेगा कि वे किसी दूसरी जगह पर आ गए हैं। </p>
<p><strong>यह होगा बदलाव</strong></p>
<p>स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चौपाटी पर की काम करवाए जाएंगे। जिनमें सबसे पहले सभी दुकानों के ऊपर साइन बोर्ड का आकार एक समान होगा। शुरुआत से आखिर तक एक ही आकार का बोर्ड लगेगा। जिस पर दुकानदारों को अपनी दुकानों के नाम लिखने होंगे। साथ ही सभी दुकानों के आगे एक समान शेड लगाया जाएग। जिसमें वाटर प्रूफ रंगीन तिरपाल होगा। जिससे धूप व बरसात में लोगों को परेशानी नहीं होगी। </p>
<p>दुकानों के आगे सड़क के फर्श को पक्का कर उस पर पेंटिंग की जाएगी। सभी दुकानों के आगे स्टील की मेजें लगाए जाएंगी। ये मेज एक समान होंगी। जिन पर किसी भी दुकान का कोई भी ग्राहक कहीं भी बैठ सकेगा। ग्राहकों को बैठने से कोई भी दुकानदार मना नहीं कर पाएगा। </p>
<p><strong>आकर्षक लाइटिंग व पिलर लगेंगे</strong></p>
<p>सभी दुकानों के आगे एक समान रोशनी के लिए आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी। जिससे रोशनी के साथ ही वह सुंदर भी दिखेगी। साथ ही सड़क को छोड़ते हुए पिलर लगाए जाएंगे। जिससे वाहनों को निकलने में और वहां आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी नहीं होगी। </p>
<p><strong>हरियाली के गमले व डस्टबीन</strong></p>
<p>चौपाटी पर घूमने आने वालों को यहां हरियाली नजर आए। इसके लिए वहां रंग बिरंगे आकार वाले गमलों में पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही सभी दुकानों के आगे कचरा डालने के लिए डस्टबीन रखे जाएंगे। </p>
<p><strong>यहां भी होगी लोगों के लिए सुविधा</strong></p>
<p>स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ही कोटड़ी-गुमानपुरा रोड पर महिला नागरिक सहकारी बैंक के पास खाली जगह पर काम करवाया जा रहा है। यहां पहले जहां कचरा पड़ा रहता था और वाहन खड़े रहते थे। वहां उसे साफ करवाकर कच्ची जगह को पक्का किया जा रहा है। उसके तीन तरफ चार दीवारी बनाई जा रही है। उसके ऊपर पत्थर की जाली लगाई जाएगी। यहां बैठने के लिए बैंचें होंगी और बाजार में आने वाले लोग अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। साथ ही हरियाली व छाया के लिए पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। </p>
<p>स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चौपाटी बाजार को स्मार्ट बनाया जाएगा। जिसके तहत सभी दुकानों के आगे एकरूपता रहेगी। घूमने आने वालों को सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही कोटड़ी गुमानपुरा रोड पर बाजार में आने वालों के बैठने व वाहन खड़े करने की जगह विकसित की जा रही है।  इसके अलावा राम तलाई मैदान में निगम के खाली भूखंडों के आसपास कचरा साफ कर उस जगह को भी विकसित किया जाएगा। 1.27 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। चौपाटी का स्वरूप एक माह में बदल जाएगी। </p>
<p><strong>-कीर्ति राठौड़, आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 13:12:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>आमजन का सहयोग, सरकारी स्कूल का कायाकल्प, चलती रेल के लुक वाले विद्यालय में बच्चे कर रहे पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[आमेर का  प्रतापपुरा कला गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों अपने लुक के कारण चर्चा में है। 1995 में स्थापित स्कूल कुछ दिन पहले तक बदरंग और बेहाल था, लेकिन आज यहां स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/public-support--rejuvenation-of-government-school--children-studying-in-a-school-with-the-look-of-a-moving-train--by-taking-donations-from-bhamashahs/article-5231"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rail.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। आमेर का  प्रतापपुरा कला गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों अपने लुक के कारण चर्चा में है। 1995 में स्थापित स्कूल कुछ दिन पहले तक बदरंग और बेहाल था, लेकिन आज यहां स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है।  प्रधानाध्यापक रामावतार जांगिड़ ने बताया, विद्यालय को एक ट्रेन और स्टेशन के रूप में विकसित करने का प्लान बनाया। कमरों को ट्रेन के डिब्बों का और बरामदे को प्लेटफॉर्म का लुक देते हुए रंग रोगन करवाने के लिए स्टाफ व ग्रामीणों से बातचीत कर कार्य प्रारंभ करवाया तो विद्यालय परिसर एक अलग ही रूप में निखर कर सामने आया। अध्यापिका अंजू बसल ने कहा कि विद्यालय भवन के रंग-रोगन का काम पूरा होने पर अब बच्चों को कक्षा कक्ष के दरवाजे में खड़ा किया गया, तो यूं लगा जैसे वे एक ट्रेन में सफर करने का आनंद ले रहे हो। <br /><br /><strong>रंग-रोगन में खर्च हुए 50 हजार रुपए</strong><br />भवन का रंग-रोगन करवाने में लगभग 50 हजार रुपए का खर्चा आया है, जो ग्रामवासियों और स्टाफ के सहयोग से पूरा हुआ है। पास के गांव देवगुड़ा के पेंटर ओमप्रकाश बुनकर ने भी विद्यालय भवन को 15 दिन में ट्रेन का रूप दे दिया। ग्रामवासी रुडमल जाट व माधव सिंह शेखावत ने कहा कि इस स्कूल को देखकर ऐसा लगता है, अब सरकार द्वारा राजकीय विद्यालयों में भी बच्चों के कॅरिअर को लेकर पढ़ाई को बहुत ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों को आगे बढ़ाया जाएगा। ग्रामवासी मालीराम वर्मा ने कहा कि विद्यालय अभी आठवीं तक है, लेकिन अब इसको आगे बढ़ाया जाएगा।<br /><br /><strong>अगले स्टेशन तक पढ़ाई</strong><br />जब घर से स्कूल आता हूं तो मुझे ऐसा लगता है कि मैं ट्रेन में बैठकर पढ़ रहा हूं और अध्यापक मुझे अगले स्टेशन तक पढ़ाएंगे, आज ट्रेन के द्वारा शिक्षा के लिए आगे बढ़ रहा हूं। कल इसी शिक्षा से मैं आगे बढूंगा। <br />- <strong>गणेश, कक्षा 6 का छात्र</strong></p>
<p><br /><strong>और कहीं पढ़ने का नहीं है मन</strong> <br />मैं पहली क्लास से यहां पढ़ रही हूं, इस वर्ष मेरा यह लास्ट है। स्कूल का रंग-रोगन करके कक्षाओं को ट्रेन में बदला है। बहुत अच्छा लग रहा है। मन नहीं करता की अगली कक्षा कहीं और जा कर पढूं। <br />-<strong>प्रिया बिलोनिया, कक्षा 8 की छात्रा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Mar 2022 14:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>थार मीडोज स्मार्ट होम्स: रॉयल सिटी जोधपुर के लिए प्रीमियम लिविंग का एक नया पता</title>
                                    <description><![CDATA[यह प्रोजेक्ट "पंचतत्व" तत्वों को अपनाने के आधार पर खूपसूरती से तैयार की गई टाउनशिप डिजाइन प्रदान करती है। आर्किटेक्चरल फिनिश, डिजाइन, मटीरियल और फिनिश बेमिसाल हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/thar-meadows-smart-homes--a-new-address-for-premium-living-for-the-royal-city-jodhpur/article-5021"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/53.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। थार मीडोज स्मार्ट होम्स (थार लाइफ स्पेसेस का एक प्रोजेक्ट) 5 सितारा आवासों का एक संग्रह है जिसे आपके घर में बारे में आपने देखे सपनों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बनाया गया है। इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए, थार मीडोज ने एक रियाल्टार पार्टनर्स मीट का आयोजन करके जोधपुर के रियाल्टार पार्टनर्स तक अपनी पहुंच बढ़ा दी।इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रियाल्टार पार्टनर्स के लिए टाउनशिप का एक विशेष रुप से क्यूरेटेड टूर थी, जिसमें पूरे प्रोजेक्ट का प्रत्यक्ष अनुभव देकर कंपनी का विजन और हर विवरण को पेश किया गया था।<br /><br />इस घटना ने रियाल्टार पार्टनर्स को उन सभी चीजों से अवगत कराया, जिन पर इस परियोजना की शुरुआत से बहुत ध्यान दिया गया था। थार मीडोज स्मार्ट होम्स जोधपुर में अपनी तरह का एक टाउनशिप है, जिसमें अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, हरे भरे परिदृश्य और विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ निर्मित गेटेड कम्युनिटी में बेहतरीन सुंदर डिजाइनवाले एक्सक्लुजिव विला शामिल हैं। घर और उसके आसपास में आपने जो कुछ भी चाहा है वो सब थार मीडोज स्मार्ट होम्स में उपलब्ध है। यह एक ऐसा स्थान है जहां पर परिवार एक सुरक्षित वातावरण में जीवन की विलासिता का आनंद लेते हुए एक साथ बढ़ सकते हैं और एक सुखी जीवन का निर्माण कर सकते हैं।<br /><br />यह प्रोजेक्ट "पंचतत्व" तत्वों को अपनाने के आधार पर खूपसूरती से तैयार की गई टाउनशिप डिजाइन प्रदान करती है। आर्किटेक्चरल फिनिश, डिजाइन, मटीरियल और फिनिश बेमिसाल हैं। 2 दिनों के लिए वाटर बैक अप, गेटेड एंड सिक्योर कम्युनिटी, इलेक्ट्रिक सप्लाई पावर बैकअप, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, डिफरेंटली-एबल्ड फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे हर विवरण पर ध्यान दिया गया है। प्रोजेक्ट न केवल बाहरी रूप से सुंदर है, बल्कि फायर रिटार्डन्ट वायरिंग, प्रीमियम सैनिटरी-वेयर फिटिंग/विंडो/इलेक्ट्रिकल स्विच और रिंगिंग, अच्छी तरह से डिज़ाइन की गई अंडरग्राउन्ड सर्विसेज इत्यादि जैसी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण चीजों पर बहुत विचार किया गया है। थार मीडोज स्मार्ट होम्स 15+ विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है - वाटर बोडी, योग-स्पैस, वाकिंग पाथ, वरिष्ठ नागरिक कायाकल्प केंद्र, मंदिर, इनडोर खेल, 24x7 सुरक्षा और सीसीटीवी, मिनी-प्लेक्स, लाइब्रेरी, जिमनैजियम, कैफे, इन-हाउस रेस्तरां, गेस्ट रूम, क्लिनिक, किड्स प्ले-इनडोर और आउटडोर गेम्स स्पेस - आप नाम बताएं, यहां पर सब कुछ है।<br /><br />इस कार्यक्रम में  रुचिर पारेख, मैनेजिंग पार्टनर (थार लाइफ स्पेसेस) ने भी शिरकत की, जिन्होंने कहा कि मुख्य दृष्टिकोण होम लाइफ के विचार को बदलना है। उनका मानना है कि, जब लोग अपने घर के बारे में सोचते हैं तो यह घर जीवन शैली के उन्नयन की कल्पना करने में सक्षम होना चाहिए। उनका लक्ष्य लैंडमार्क आवासीय स्थानों को लगातार वितरित करके आवासीय अवसंरचना की संपूर्ण अवधारणा को ऊपर उठाना है। <br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Feb 2022 18:48:34 +0530</pubDate>
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