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                <title>impact - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जम्मू में भीषण सड़क हादसा: कार और बस की भिडंत में 3 लोगों की मौत, 2 अन्य घायल</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू के नगरोटा में शनिवार देर रात कार और बस की जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में हरियाणा के रहने वाले तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। फरार बस चालक की तलाश में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-road-accident-in-jammu-3-people-killed-2-others/article-156954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/accident-(3).png" alt=""></a><br /><p>जम्मू। जम्मू के बाहरी इलाके में नगरोटा के पास सड़क दुर्घटना में हरियाणा के रहने वाले तीन लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जम्मू की ओर जा रही एक कार और उधमपुर की ओर जा रही एक बस की नगरोटा इलाके में जगती के पास शनिवार देर रात आमने-सामने टक्कर हो गयी। कार में पांच लोग सवार थे। हादसे में कार सवार सभी लोग घायल हो गये। उन्हें तुरंत इलाज के लिए जम्मू के सरकारी चिकित्सा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि दो लोगों को अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गयी।</p>
<p>पुलिस ने अनुसार मृतकों की पहचान हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले सिकंदर सैफी, शक्ति और मोहित वर्मा के रूप में हुई है। घायल दीपक वर्मा और कुलदीप शर्मा का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि बस चालक मौके से भागने में सफल रहा। इस सिलसिले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरु कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 14:18:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग: 10 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें दिल्ली सहित आपके शहर में क्या है आज भाव ?</title>
                                    <description><![CDATA[तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए। दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 महंगा होकर ₹102.12 और डीजल ₹2.71 बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पिछले 11 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिससे जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/inflation-again-hits-the-common-mans-pocket-petrol-and-diesel/article-154895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/petrol3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ा दिये। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल आज से 2.61 रुपये महंगा होकर 102.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। डीजल की कीमत भी 2.71 रुपये बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गयी। गत 15 मई से अब तक 11 दिन में दोनों जीवाश्म ईंधनों की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी है।</p>
<p>चार बार में दिल्ली में पेट्रोल 7.35 रुपये और डीजल 7.53 रुपये महंगा हो चुका है। दूसरे शहरों में भी कीमतों में इसी अनुपात में बदलाव किया गया है, हालांकि वैट तथा लॉजिस्टिक्स लागत अलग-अलग होने से प्रभावी बदलाव में थोड़ा अंतर होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:17:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट का तनाव हमारी थाली तक पहुंचा, ग्राहकों की खरीदारी क्षमता हुई प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[उफ ये महंगाई: खाद्य तेलों की कीमतों में उबाल, सूखे मेवे के भी गरमाए दाम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/middle-east-tensions-reach-our-dinner-plates/article-154438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)44.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण बढ़ती महंगाई का असर अब सूखे मेवे और खाद्य तेल के कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दो माह में सूखे मेवों की कीमत में 100 से 200 रुपए प्रति किलो और खाद्य तेलों की कीमतों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि महंगे सिलिंडर, परिवहन खर्च और आयात पर निर्भरता के कारण कीमतों में तेजी बनी हुई है। इससे कारोबार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। ईरान और अन्य देशों से आने वाले माल की ढुलाई महंगी हो गई है। कंटेनर भाड़ा और आयात शुल्क में हुए बदलाव का भी बाजार पर असर दिखाई दे रहा है। वैसे तो कई व्यापार पर इसका असर पड़ा, लेकिन खासतौर पर पिस्ता और बादाम के दामों में तेजी की बड़ी वजह विदेशी बाजारों में बढ़ी कीमतें मानी जा रही हैं।</p>
<p><strong>बादाम व पिस्ता की राह में बाधा ईरान व अमेरिका</strong><br />किराना व्यापारी पवन के मुताबिक इस समय बादाम 1000 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि करीब 15 दिन पहले इसका भाव लगभग 920 रुपए प्रति किलो था। जनवरी से मई के बीच बादाम के दाम 920 से 1020 रुपए प्रति किलो के बीच रहे। पिस्ता 1200 से 1300 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि यही रेट दो माह पूर्व सौ रुपए कम था। कारोबारियों का कहना है कि बाजार में आने वाला अधिकांश पिस्ता और बादाम ईरान और अमेरिका से आयात होता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का असर सीधे कीमतों पर हो रहा है। काजू साबुत की कीमत 800 से 1200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं, अखरोट के दाम कुछ कम हुए हैं। इस समय जहां 600 से 800 रुपए प्रति किलो विक रहा है। फरवरी में अखरोट का भाव 700 से 900 रुपए प्रति किलो तक चला गया था। हालांकि आगे दाम और बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।</p>
<p><strong>ऐसे बढ़े खाद्य तेलों के दाम</strong><br />किराना व्यापारियों के अनुसार खाद्य तेलों की बात करें तो दो-तीन माह पूर्व की अपेक्षा वर्तमान में करीब पांच प्रतिशत तक दाम में उछाल दर्ज किया गया है। कारोबारी अशोक के अनुसार सरसों का तेल के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में सरसों तेल 170 से 175 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जबकि जनवरी में इसका भाव करीब 160 रुपए प्रति किलो था। रिफाइंड तेल की कीमत भी जनवरी के 140 रुपए प्रति किलो से बढ़कर करीब 160 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। व्यापारियों का कहना है कि रिफाइंड तेल का बाजार काफी हद तक दूसरे देशों पर निर्भर है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल का असर यहां भी दिखाई देता है।</p>
<p><strong>बाजार की रौनक रह गई आधी</strong><br />व्यापारियों के अनुसार अब बाजार की रौनक आधी रह गई है। इसके पीछे महंगाई बढ़ने के कारण ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हुई है। घरेलू गैस सिलिंडर बढ़ने से आम लोगों का घरेलू बजट बिगड़ रहा है। लोग जरूरत भर ही खरीदारी कर रहे हैं। सूखे मेवे एवं खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों ने आमजन की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ दिनों में बादाम, काजू, किशमिश सहित अन्य सूखे मेवों के दामों में तेजी आई है, वहीं सरसों, सोयाबीन व रिफाइंड तेल भी महंगे हो गए हैं। किराना दुकानदारों का कहना है कि खाद्य सामग्री के दामों में लगातार उछाल आने से ग्राहकी कम होने लगी है। अब खरीदारी लगातार घटती जा रही है। इससे आमजन के साथ व्यापारी वर्ग को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>अब तो महंगाई की आंच रसोई घर तक पहुंचने लगी है। खाद्य तेलों के दाम पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं। अब एक लीटर तेल का पाउच ही 160 रुपए में मिल रहा है। इससे घरेलू बजट गड़बड़ाने लगा है।<br /><strong>-जानकी देवी, गृहिणी</strong></p>
<p>ईरान और अन्य देशों से आने वाले माल की ढुलाई महंगी हो गई है। कंटेनर भाड़ा और आयात शुल्क में हुए बदलाव का भी बाजार पर असर दिखाई दे रहा है। आयात लागत बढ़ने और बाजार में आवक कम होने से कीमतों में उछाल आया है।<br /><strong>-पवन दुआ, किराना व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:19:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, बोले- देश में आने वाला है बड़ा आर्थिक संकट ! </title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रायबरेली दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चेतावनी दी कि देश का आर्थिक ढांचा बदलने से एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है। राहुल गांधी ने कहा कि इस गंभीर संकट का खामियाजा अडानी-अंबानी को नहीं, बल्कि देश की आम जनता को भुगतना पड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-big-attack-on-the-central-government-said/article-154341"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rahul-gandhi2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और इसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा। उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश का आर्थिक ढांचा पूरी तरह बदल दिया गया है, जिसके कारण एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है। उन्होंने कहा, "मैं पिछले कुछ दिनों से लगातार कह रहा हूं कि देश का आर्थिक ढांचा बदल गया है। एक बड़ा आर्थिक संकट आने वाला है। दुर्भाग्य से इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ेगा। इस आर्थिक झटके का असर सिर्फ अडानी, अंबानी पर नहीं पड़ेगा, बल्कि देश के आम लोगों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।"</p>
<p>राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक चुनौतियों का समाधान निकालने के बजाय लोगों को विदेश यात्रा न करने की सलाह दे रही है, उन्होंने कहा कि आने वाला समय देश के लिए कठिन हो सकता है और सरकार को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए। गौरतलब है कि राहुल गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर हैं, जहां वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। उनके कार्यक्रमों में बछरावां विधानसभा क्षेत्र में बारात घर का उद्घाटन और ग्राम विकास संवाद, हरचंदपुर विधानसभा में कार्यकर्ताओं को संबोधन, लालगंज के सरेनी क्षेत्र में महिला संवाद कार्यक्रम और वैभव नगर वार्ड नंबर-14 में सड़क उद्घाटन कार्यक्रम शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:42:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दालों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए म्यांमार, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया बनेंगे सहारा </title>
                                    <description><![CDATA[बढ़ती कीमतों को कम करने की कवायद, अफ्रीका सहित अन्य देशों से होगी आपूर्ति।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/myanmar--canada--and-australia-to-aid-in-boosting-pulse-supplies/article-154222"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दालों की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार अब बड़े स्तर पर विदेशों से आयात का सहारा लेने जा रही है। महंगाई से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने दालों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए म्यांमार, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीकी देशों से आयात की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया है। इसका असर जल्द ही कोटा सहित देशभर के बाजारों में दिखाई देने की उम्मीद है। कोटा की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में पिछले कुछ सप्ताह से दालों के भाव में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। अरहर यानी तूर दाल के दामों में सबसे ज्यादा तेजी देखी जा रही है, जबकि मूंग और उड़द दाल भी महंगी बनी हुई हैं। थोक बाजार में सीमित आवक और स्टॉकिस्टों की सक्रियता के चलते खुदरा बाजार में दाम और ऊपर चले गए हैं। इसके कारण मध्यम वर्ग और दिहाड़ी मजदूरों की रसोई का बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में बाजार में दालों के भाव क्वलिटी के हिसाब से 110 से 150 रुपए प्रति किलो के बीच बने हुए हैं।</p>
<p><strong>10 लाख टन दाल खरीदने का निर्णय</strong><br />पिछले कुछ माह से दालों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। देश में लगातार दालों का उत्पादन कम होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे में आमजन की थाली से दालें गायब होती जा रही थी। अब केंद्र सरकार ने दालों की स्टॉक लिमिट तय कर दी है। साथ ही केंद्र सरकार ने 10 लाख टन दाल इम्पोर्ट करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकार ने आयात शुल्क भी हटा दिया है. वहीं, दालों के स्टॉक की निगरानी करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। जानकारी के अनुसार देश में अरहर का उत्पादन घटकर 34.30 लाख टन पर पहुंच गया है, जबिक इसका लक्ष्य 45.50 लाख टन रखा गया था। सरकार ने फसल सीजन में अरहर दाल के उत्पादन में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ।</p>
<p><strong>आयात से ऐसे मिलेगी राहत</strong><br />सरकारी अधिकारियों के अनुसार दालों के आयात पर पहले से लागू कुछ प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है, ताकि अधिक मात्रा में दाल देश में आ सके। आयातित दाल सीधे सरकारी एजेंसियों नैफेड व सहकारी समितियों के माध्यम से बाजार में उतारी जाएगी। इससे न सिर्फ सप्लाई बढ़ेगी, बल्कि कीमतों पर भी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आयात समय पर और पर्याप्त मात्रा में होता है तो अगले 1 से 2 महीनों में दालों के खुदरा दामों में 15 से 25 प्रतिशत तक गिरावट संभव है। व्यापारियों के अनुसारए स्थानीय स्तर पर आवक सामान्य से कम हैए जबकि मांग लगातार बनी हुई है। यही कारण है कि कीमतों में नरमी नहीं आ पा रही।</p>
<p><strong>प्रतिकूल मौसम ने घरेलू उत्पादन पर फेरा पानी</strong><br />कृषि विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी रमेश कुमार के अनुसार भारत के महाराष्टÑ और मध्यप्रदेश में तुअर दाल की खेती खरीफ मौसम में होती है। इसकी फसल के तैयार होने में नौ महीने लगते हैं। बीते खरीफ सीजन में तुअर की बुवाई अच्छी हुई थी, लेकिन बाद के महीनों में मौसम प्रतिकूल होने से अच्छे उत्पादन की संभावनाओं पर पानी फिर गया था। बेमौसमी बारिश से तुअर का उत्पादन 23 फीसदी घटकर 29.5 लाख टन रह गई थी। जबकि बीते सीजन के दौरान देश में कुल अरहर उत्पादन 36.5 लाख टन रहा था। इसके अलावा देश में तुअर का कैरीओवर स्टॉक घटकर पांच साल के न्यूनतम स्तर 3.1 लाख टन पर आ गया था।</p>
<p><strong>आयात का यह होगा असर</strong><br />-बाजार में दालों की उपलब्धता बढ़ेगी<br />-कीमतों में धीरे-धीरे गिरावट आएगी<br />-जमाखोरी पर लगेगी लगाम<br />-आम लोगों को मिलेगी राहत</p>
<p>कीमतों में तेजी होने के कारण अब थाली से दालें गायब होती जा रही है। महंगाई के कारण दालों की सब्जी कम बनने लगी है। पहले हफ्ते में दो बार तुअर दाल की सब्जी बनती थी, लेकिन दाम बढ़ने के कारण हफ्ते में एक ही बार दाल खाते हैं।<br /><strong>-सुगन कंवर, गृहिणी</strong></p>
<p>तुअर सहित अन्य दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा प्रभाव दालों का उत्पादन कम होने से पड़ा है। अरहर दाल से विदेशों से आती है। इसकी चावल के साथ ज्यादा खपत होने से भाव तेज बने हुए है।<br /><strong>-नरेश कुमार, थोक किराना व्यापारी</strong></p>
<p>पिछले साल के मुकाबले दालों के घरेलू उत्पादन में 7.90 लाख टन की कमी दर्ज की गई है। अब दालों की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार विदेशों से दालों के आयात की मात्रा बढ़ाएगी। इस साल करीब दस लाख टन दाल विदेशों से खरीदी जाएगी।<br /><strong>-बी. रावत, प्रबंधक, नेफेड</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 14:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर के सर्राफा बाजार में पहले दिन खरीदारी सुस्त, ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील के बाद जयपुर के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार तो मजबूत होगा, लेकिन कारीगरों के रोजगार पर संकट आ सकता है। आयात पहले से ही लगभग बंद होने से ज्वैलरी कारोबार में गिरावट की चिंता बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/buying-slow-in-jaipurs-bullion-market-on-the-first-day/article-153460"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/11-(630-x-400-px).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील का असर सर्राफा बाजार में दिखाई देने लगा है। हालांकि पहले दिन कारोबार में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन बाजार में खरीदारी का माहौल कमजोर रहा और ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर के किशनपोल बाजार, एमआई रोड और वैशाली नगर स्थित प्रमुख ज्वैलरी शोरूमों पर फिलहाल ग्राहकों की आवाजाही सामान्य से कम रही। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हुए कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए अन्य प्रभावी उपाय भी आवश्यक हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस निर्णय का सबसे अधिक असर कारीगरों और बड़े मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर पड़ेगा, जिससे रोजगार प्रभावित हो सकता है। फिलहाल बाजार पहले से ही ठंडा चल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार पिछले एक माह से सोने का आयात अघोषित रूप से लगभग बंद जैसी स्थिति में है। भारत में सामान्य तौर पर हर महीने करीब 60 टन सोने का आयात होता है, ऐसे में मांग घटने का असर पूरे व्यापारिक तंत्र पर पड़ सकता है। ज्वैलरी एक्सपोर्टर नीरज लुणावत ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस अपील का आने वाले समय में ज्वैलर्स पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि ज्वैलरी कारोबार पहले से ही कमजोर ग्राहक मांग और धीमी बिक्री की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में इस अपील से बाजार पर और दबाव बढ़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:15:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट का असर लंबे समय तक रहने की आशंका : हर चुनौती के लिए रहना होगा तैयार, मोदी ने कहा- युद्ध से पूरी दुनिया में हुआ गंभीर ऊर्जा संकट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर देश को सतर्क रहने की अपील की। राज्यसभा में उन्होंने कहा कि युद्ध से ऊर्जा, व्यापार और जरूरी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। खाड़ी से 3.75 लाख भारतीय निकाले गए। हालात बदल रहे हैं, सरकार तैयार है और कूटनीति से शांति बहाली के प्रयास जारी हैं, लगातार भी हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-a-possibility-that-the-impact-of-the-west/article-147721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/modi-sansad.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट का असर लंबे समय तक जारी रहने की आशंका जाहिर करते हुए मंगलवार को कहा कि देश को हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिये और सरकार पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है। मोदी ने राज्यसभा में भोजनावकाश के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने पूरी दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों जैसे जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों के लेकर भी चिंता जाहिर की और बताया कि अब तक खाड़ी देशों से तीन लाख 75 हजार लोगों को निकाला गया है, जिसमें ईरान से निकाले गये एक हजार से अधिक भारतीय भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, इस युद्ध को लेकर पल-पल में हालात बदल रहे हैं। इसलिए मैं देशवासियों से कहूंगा कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना ही होगा। इस युद्ध के दुष्प्रभाव लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है। मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं कि सरकार सतर्क है, तत्पर है और पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है, हर निर्णय ले रही है। देश की संसद के ऊपरी सदन से शांति की एकजुट आवाज की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि भारत सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। सरकार का उद्देश्य बातचीत और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाली का है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 16:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल, अमेरिका और ईरान का संघर्ष : शादियों व होटल-रेस्टोरेंट पर दिखने लगा युद्ध का असर, बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/conflict-between-israel--the-us--and-iran--the-impact-of-the-war-is-being-felt-on-weddings-and-hotels-and-restaurants/article-146099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका असर देश के कई हिस्सों की तरह कोटा में भी दिखाई देने लगा है, जहां एलपीजी गैस की किल्लत होने लगी है। शहर में गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोह आयोजित करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति समय पर नहीं हो रही है, जिससे रसोई संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p><strong>अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में मशक्कत</strong><br />शादी-विवाह का सीजन होने के कारण मांग पहले से ही अधिक है। ऐसे में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कुछ छोटे रेस्टोरेंट संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इलेक्ट्रिक उपकरणों या अन्य ईंधन का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन इससे लागत बढ़ रही है।</p>
<p><strong>आगे कारोबार पर और दिखेगा असर</strong><br />मार्च और अप्रैल का महीना शादियों चलते होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी के लिए काफी व्यस्त रहता है. लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से हलवाई और कैटर्स की भी मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। अगर होटल और रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बिना रुकावट के सप्लाई नहीं होती है तो इसका सीधा-सीधा असर खाने की कीमतों पर भी देखा जा सकता है, वहीं औद्योगिक इकाइयां जैसे कपड़ा कांच जैसे उद्योगों में गैस की खपत ज्यादा होती है उन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं तो ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति और कीमतों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</strong><br />कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बुकिंग को लेकर कई नियमों में बदलाव किया है। पहले उपभोक्ता को दो या तीन दिन में घरेलू गैस की सप्लाई होती थी लेकिन अब यह सप्लाई 7 से 10 दिनों तक की जाएगी यानी कुल मिलाकर घरेलू गैस की किल्लत का असर आम व्यक्ति की रसोई पर भी देखने को मिलेगा। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का लोग स्टॉक कर रह हैं। इस वजह से तेल कंपनियों ने गैस आपूर्ति की सप्लाई को पूरी तरीके से बाधित कर दिया है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगाने का ऐलान किया है।</p>
<p>कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दिए जाने से कोटा शहर में चल रहे होटल, रेस्टोरेंट- ढाबे,कचौरी नमकीन की दुकानों ,खोमचे वालों एवं शादियों के सीजन को देखते हुए हलवाई कैटरिंग व्यवसाइयों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। हमने जब सभी गैस एजेंसियों के संचालकों से कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई की बात कही तो सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इससे इन व्यवसाइयों से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि एक-दो दिन में सप्लाई नहीं आई तो कोटा में संचालित व सभी व्यवसाइयो को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को यथावत रखा जाए।<br /><strong>-अशोक माहेश्वरी, अध्यक्ष व संदीप पाडिया, महासचिव, होटल फेडरेशन आॅफ राजस्थान कोटा डिवीजन</strong></p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाए जाने से हाड़ौती क्षेत्र में चल रहे शादी-विवाह के सीजन के बीच कैटरिंग व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गैस की कमी के कारण हलवाइयों और कैटरर्स के सामने भोजन तैयार करने को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे विवाह समारोहों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। अचानक सप्लाई बंद होने से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने भोजन व्यवस्था को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।<br /><strong>- सचिन माहेश्वरी,अध्यक्ष, हाड़ौती हलवाई-कैटरर्स एसोसिएशन</strong></p>
<p>कोटा में घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित रूप से आपूर्ति हो रही है। केवल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाई गई है। वहीं अब ई-केवाईसी भी अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा एलपीजी गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही हो सकेगी।<br /><strong>-अरविंद गुप्ता, अध्यक्ष, हाड़ौती कोटा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 15:50:59 +0530</pubDate>
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                <title>दौसा जिले में तूफान का कहर : दर्जनों मकान धराशायी, बिजली के पोल गिरे, सैकड़ों पेड़ उखड़े, विद्युत आपूर्ति ठप</title>
                                    <description><![CDATA[जिले में रविवार रात आए चक्रवाती तूफान एवं भीषण बरसात ने जमकर कहर बरसाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/hundreds-of-houses-collapsed-in-dausa-district-hundreds-of-trees/article-119794"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>दौसा। जिले में रविवार रात आए चक्रवाती तूफान एवं भीषण बरसात ने जमकर कहर बरसाया। जिसके चलते दर्जनों मकान ढह गए, सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए, हजारों पक्षी काल का ग्रास बन गए। इधर मकान ढह जाने से जिले भर में एक दर्जन से अधिक घायल हो गए, वहीं एक जने की मौत हो गई। जिले में दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ती पूरी तरह से ठप हो गई, वहीं दूसरी ओर पेड़ों के धराशायी होने से मार्ग भी अवरुद्ध हो गये है। उल्लेखनीय है कि रविवार की मध्य रात्रि को तकरीबन 3 घंटे तक दौसा जिले में चक्रवाती तूफान एवं मानसून की बरसात पूरी तरह से सक्रिय रही, जिसके चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।</p>
<p>चक्रवाती तूफान एवं बरसात के चलते जिले भर में सैकडो की संख्या में पेड़, विद्युत पोल धराशाही हो गये, जिसके चलते मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने के साथ ही दर्जनो गांवों की विद्युत आपूर्ति भी पूरी तरह से ठप हो गई है। कई इलाको में 11 वें की लाइन  टूटकर गिर गई, जिसके चलते माना जा रहा है कि दो से तीन दिन में ग्रामीण क्षेत्रों के हालात सुधरने में लगेंगं। विद्युत आपूर्ति के साथ ही पेयजल आपूर्ती भी गड़बड़ा सकती है। उधर जिले में तकरीबन एक दर्जन से अधिक स्थानों पर मकान धराशायी होने से एक दर्जन से अधिक महिला-पुरुषों के घायल होने की जानकारी आ रही है, वहीं एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना है। अचानक से आये चक्रवाती तूफान से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो को दहशत फैल गई।</p>
<p>इधर घूमना क्षेत्र में रविवार देर रात बारिश के साथ आए भीषण अंधड़ ने जमकर तबाही मचाई। यहां रात करीब 1 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। जिसके बाद तूफानी अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कई जगह पर लोगों के टीन टप्पर उड़ गए, साथ ही कई बिजली के पोल और बड़ी तादाद पेड़-पौधे भी धराशायी हो गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 13:19:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> असर खबर का : अगले ही दिन निगम ने हटाया कचरा </title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति की खबर का बडा असर हुआ है। कोटा दक्षिण वार्ड 70 में कचरा सड़कों पर फैला हुआ था। यह समाचार 7 जुलाई के अंक में प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद अगले ही दिन निगम ने इस कचरा पाइंट में पड़े कचरे को उठवा दिया और साफ-सफाई करवा दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-impact-of-the-news--the-corporation-removed-the-garbage-the-very-next-day/article-13949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/asar-khaber-ka-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दैनिक नवज्योति की खबर का बडा असर हुआ है।  महावीर नगर तृतीय कोटा दक्षिण वार्ड 70 क्षेत्र के सेक्टर-01 सम्राट चौक में बने कचरा पाइंट से कचरे का उठाव नहीं होने से यहां के लोग परेशान थे। जिसके बाद दैनिक नवज्योति ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए इस समस्या की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। <br /><br />यह समाचार 7 जुलाई के अंक में प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद अगले ही दिन निगम ने इस कचरा पाइंट में पड़े कचरे को उठवा दिया और साफ-सफाई करवा दी। दैनिक नवज्योति ने वार्ड एक्सप्रेस अभियान शुरू किया है। जिसके तहत नवज्योति की टीम कोटा शहर के सभी वार्डों में जाकर वार्डों की समस्यों को उठा रही है। उल्लेखनीय है की कोटा दक्षिण वार्ड 70 में कचरा सड़कों पर फैला हुआ था। जिसकी वजह से सड़क के बीचोबीच आवारा पशुओं का जमावडा भी लगा रहता था और सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को पशु चोटिल करते हैं। सड़क पर फैली इस गंदगी स आने वाली दुर्गंध से लोगों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने नवज्योति का आभार वयक्त किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 14:38:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>टेक्नोलॉजी और स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की नींद नहीं हो रही पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का सकारात्मक और नकारात्मक दोनों असर बच्चों पर पड़ रहा है। एक ओर जहां डिजिटल टेक्नोलॉजी मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से बच्चों का ज्ञान बढ़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-negative-impact-of-technology-on-childrens/article-9453"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/children-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का सकारात्मक और नकारात्मक दोनों असर बच्चों पर पड़ रहा है। एक ओर जहां डिजिटल टेक्नोलॉजी मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से बच्चों का ज्ञान बढ़ता है। इसके जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। कोरोना काल ने इसमें आग में घी का काम किया है। इस दौरान बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ा है। पहले जब मोबाइल, इंटरनेट नहीं थे, तब बच्चे लाइब्रेरी में जाकर पुस्तकें पढ़ना, आपस में नॉलेज शेयर करना, अध्यापकों और सहपाठियों से संवाद बनाए रखना आदि कुछ ऐसे काम थे, जो विश्लेषणात्मक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होते थे।</p>
<p>आउटडोर गेम्स शारिरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखते थे। अब बच्चों की जीवनशैली खासकर कोरोना काल के बाद से बिल्कुल बदल गई है। घंटों आॅनलाइन क्लासेज, देर रात तक मोबाइल, इंटरनेट का इस्तेमाल करने से बच्चे अब रात 12 बजे बाद ही सो रहे हैं। ऐसे में उन्हें बमुश्किल छह घंटे की ही नींद मिल पाती है, जो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए घातक है।</p>
<p><strong>माता-पिता को होना पड़ेगा जागरूक</strong><br />परिवार में भी गैजेट्स के अत्यधिक इस्तेमाल से आपसी संवाद काफी हद तक प्रभावित हुआ है। परिवार के सदस्यों के बीच इमोशंस कम हुए हैं। ऐसे में अभिभावकों को सख्त और जागरूक होकर बच्चों को जरूरत से ज्यादा मोबाइल और इंटरनेट के इस्तेमाल से दूर रखना होगा।</p>
<p><strong>देर से सोने और जल्दी उठने के नुकसान</strong><br /> - शरीर में सुस्ती, थकान, एकाग्रता में कमी। <br />- चिड़चिड़ापन, याददाश्त में दिक्कत, निर्णय लेने की क्षमता का प्रभावित होना।<br /> - लंबे समय तक समस्या रहने पर एंग्जायटी, डिप्रेशन जैसी बीमारियों की संभावना बनती है। <br />- कुछ सकारात्मक सुझाव<br /> - बच्चों की दिनचर्या निर्धारित करें। <br /> - बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।<br />-  बच्चों के साथ बातचीत करें और उनकी भावनाओं को समझे। 1<br />-  बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए प्रोत्साहित करें।<br />-  बच्चों को दोस्तों के साथ वक्त बिताने के लिए कहें।<br />- टेक्नोलॉजी के प्रभाव और दुष्प्रभाव के बारें में बताएं।</p>
<p>मोबाइल और इंटरनेट के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इनके सर्वांगिण विकास के लिए आठ घंटे की नींद के साथ दिनभर में एक से दो घंटे की फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी है। इससे स्वास्थ्य बेहतर होता है। <br /><strong>- डॉ. आरके गुप्ता, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ, जेकेलोन अस्पताल</strong></p>
<p>- डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट के बच्चे आदि हो गए हैं। देर रात तक गेजेट्स का उपयोग करना और सुबह स्कूल जाने के लिए जल्दी उठने से बच्चों की नींद पूरी नहीं होती है। ऐसे में बच्चे अवसाद के शिकार हो रहे हैं। <br /><strong>- डॉ. अखिलेश जैन, मनोरोग विभागाध्यक्ष, ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 10:17:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन-रूस युद्ध का असर: रूस में नहीं खेला जाएगा कोई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट, फीफा ने की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[ फुटबॉल के अंतर्राष्ट्रीय शासकीय निकाय फीफा ने रूस में कोई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट ने खेले जाने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%09impact-of-ukraine-russia-war--no-international-football-tournament-will-be-played-in-russia/article-5190"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/football.jpg" alt=""></a><br /><p>ज्यूरिख। यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध के बीच खेल से जुड़ी बड़ी खबर आई है कि यूक्रेन-रूस के युद्ध के बीच कई देश और कई खेल संस्थाओं ने रूस के खिलाफ कड़े फैसले लिए हैं। इस कड़ी में फुटबॉल के अंतर्राष्ट्रीय शासकीय निकाय फीफा ने रूस में कोई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट ने खेले जाने की घोषणा की है। फीफा ने हालांकि कई राष्ट्रीय फुटबॉल महासंघों के दबाव के बावजूद रूस को फीफा विश्व कप 2022 के क्वालीफायर से नहीं हटाया है।<br /><br />फीफा परिषद ब्यूरो ने रविवार को एक बयान में कहा, '' रूस के क्षेत्र में कोई भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेला जाएगा। रूस के घरेलू मैच तटस्थ क्षेत्र पर और दर्शकों के बिना खेले जाएंगे। रूस का प्रतिनिधित्व करने वाला सदस्य संघ किसी भी प्रतियोगिता में रूसी फुटबॉल संघ (आरएफयू) के नाम से भाग लेगा। उन मैचों में रूस के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रगान का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जहां रूसी फुटबॉल संघ की टीमें भाग लेंगी।''<br /><br />फीफा परिषद ब्यूरो ने कहा, '' आगामी फीफा विश्व कप 2022 क्वालीफायर के संबंध में फीफा ने पोलिश फुटबॉल एसोसिएशन, चेक गणराज्य फुटबॉल एसोसिएशन और स्वीडिश फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त की गई स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दिया है और पहले से ही सभी के साथ बातचीत कर रहा है। फीफा इस समस्या का मिल कर एक उचित और स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए सभी के साथ निकट संपर्क में रहेगा।'' <br /><br />पोलिश फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सेजरी कुलेजा ने हालांकि फीफा के रूस को फीफा विश्व कप 2022 के क्वालीफायर से न हटाने के फैसले को अपमानजनक करार दिया है। उन्होंने कहा, '' फीफा के इस अपमानजनक फैसले के कारण पोलिश फुटबॉल एसोसिएशन ने आज यूरोप के सभी संघों को एक पत्र भेजा, जिसमें हमने अपनी स्थिति बताई और उन्हें अपने पक्ष में खड़े होने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि एकजुट होकर ही हम मजबूत होंगे। यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण के लिए कोई माफी नहीं है।''<br /><br />यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बीच पोलैंड (पीजेडपीएन), स्वीडन (एसवीएफएफ) और चेक गणराज्य (एफएसीआर) के फुटबॉल संघों ने ²ढ़ता के साथ कहा है कि कतर में 2022 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने के लिए प्लेऑफ मैच रूसी संघ के क्षेत्र में नहीं खेले जाने चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Feb 2022 17:45:34 +0530</pubDate>
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