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                <title>impact - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट का असर लंबे समय तक रहने की आशंका : हर चुनौती के लिए रहना होगा तैयार, मोदी ने कहा- युद्ध से पूरी दुनिया में हुआ गंभीर ऊर्जा संकट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर देश को सतर्क रहने की अपील की। राज्यसभा में उन्होंने कहा कि युद्ध से ऊर्जा, व्यापार और जरूरी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। खाड़ी से 3.75 लाख भारतीय निकाले गए। हालात बदल रहे हैं, सरकार तैयार है और कूटनीति से शांति बहाली के प्रयास जारी हैं, लगातार भी हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-a-possibility-that-the-impact-of-the-west/article-147721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/modi-sansad.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट का असर लंबे समय तक जारी रहने की आशंका जाहिर करते हुए मंगलवार को कहा कि देश को हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिये और सरकार पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है। मोदी ने राज्यसभा में भोजनावकाश के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने पूरी दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों जैसे जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों के लेकर भी चिंता जाहिर की और बताया कि अब तक खाड़ी देशों से तीन लाख 75 हजार लोगों को निकाला गया है, जिसमें ईरान से निकाले गये एक हजार से अधिक भारतीय भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, इस युद्ध को लेकर पल-पल में हालात बदल रहे हैं। इसलिए मैं देशवासियों से कहूंगा कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना ही होगा। इस युद्ध के दुष्प्रभाव लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है। मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं कि सरकार सतर्क है, तत्पर है और पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है, हर निर्णय ले रही है। देश की संसद के ऊपरी सदन से शांति की एकजुट आवाज की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि भारत सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। सरकार का उद्देश्य बातचीत और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाली का है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 16:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायल, अमेरिका और ईरान का संघर्ष : शादियों व होटल-रेस्टोरेंट पर दिखने लगा युद्ध का असर, बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/conflict-between-israel--the-us--and-iran--the-impact-of-the-war-is-being-felt-on-weddings-and-hotels-and-restaurants/article-146099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका असर देश के कई हिस्सों की तरह कोटा में भी दिखाई देने लगा है, जहां एलपीजी गैस की किल्लत होने लगी है। शहर में गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोह आयोजित करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति समय पर नहीं हो रही है, जिससे रसोई संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p><strong>अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में मशक्कत</strong><br />शादी-विवाह का सीजन होने के कारण मांग पहले से ही अधिक है। ऐसे में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई जगहों पर आयोजकों को पहले से ज्यादा कीमत पर सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे खर्च भी बढ़ गया है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कुछ छोटे रेस्टोरेंट संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इलेक्ट्रिक उपकरणों या अन्य ईंधन का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन इससे लागत बढ़ रही है।</p>
<p><strong>आगे कारोबार पर और दिखेगा असर</strong><br />मार्च और अप्रैल का महीना शादियों चलते होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी के लिए काफी व्यस्त रहता है. लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से हलवाई और कैटर्स की भी मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। अगर होटल और रेस्टोरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बिना रुकावट के सप्लाई नहीं होती है तो इसका सीधा-सीधा असर खाने की कीमतों पर भी देखा जा सकता है, वहीं औद्योगिक इकाइयां जैसे कपड़ा कांच जैसे उद्योगों में गैस की खपत ज्यादा होती है उन पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं तो ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति और कीमतों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>बुकिंग को लेकर नियमों में बदलाव</strong><br />कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं पर बुकिंग को लेकर कई नियमों में बदलाव किया है। पहले उपभोक्ता को दो या तीन दिन में घरेलू गैस की सप्लाई होती थी लेकिन अब यह सप्लाई 7 से 10 दिनों तक की जाएगी यानी कुल मिलाकर घरेलू गैस की किल्लत का असर आम व्यक्ति की रसोई पर भी देखने को मिलेगा। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का लोग स्टॉक कर रह हैं। इस वजह से तेल कंपनियों ने गैस आपूर्ति की सप्लाई को पूरी तरीके से बाधित कर दिया है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगाने का ऐलान किया है।</p>
<p>कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दिए जाने से कोटा शहर में चल रहे होटल, रेस्टोरेंट- ढाबे,कचौरी नमकीन की दुकानों ,खोमचे वालों एवं शादियों के सीजन को देखते हुए हलवाई कैटरिंग व्यवसाइयों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। हमने जब सभी गैस एजेंसियों के संचालकों से कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई की बात कही तो सभी ने हाथ खड़े कर दिए। इससे इन व्यवसाइयों से जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि एक-दो दिन में सप्लाई नहीं आई तो कोटा में संचालित व सभी व्यवसाइयो को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को यथावत रखा जाए।<br /><strong>-अशोक माहेश्वरी, अध्यक्ष व संदीप पाडिया, महासचिव, होटल फेडरेशन आॅफ राजस्थान कोटा डिवीजन</strong></p>
<p>केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाए जाने से हाड़ौती क्षेत्र में चल रहे शादी-विवाह के सीजन के बीच कैटरिंग व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गैस की कमी के कारण हलवाइयों और कैटरर्स के सामने भोजन तैयार करने को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे विवाह समारोहों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। अचानक सप्लाई बंद होने से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने भोजन व्यवस्था को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।<br /><strong>- सचिन माहेश्वरी,अध्यक्ष, हाड़ौती हलवाई-कैटरर्स एसोसिएशन</strong></p>
<p>कोटा में घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित रूप से आपूर्ति हो रही है। केवल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाई गई है। वहीं अब ई-केवाईसी भी अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा एलपीजी गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही हो सकेगी।<br /><strong>-अरविंद गुप्ता, अध्यक्ष, हाड़ौती कोटा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 15:50:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दौसा जिले में तूफान का कहर : दर्जनों मकान धराशायी, बिजली के पोल गिरे, सैकड़ों पेड़ उखड़े, विद्युत आपूर्ति ठप</title>
                                    <description><![CDATA[जिले में रविवार रात आए चक्रवाती तूफान एवं भीषण बरसात ने जमकर कहर बरसाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/hundreds-of-houses-collapsed-in-dausa-district-hundreds-of-trees/article-119794"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>दौसा। जिले में रविवार रात आए चक्रवाती तूफान एवं भीषण बरसात ने जमकर कहर बरसाया। जिसके चलते दर्जनों मकान ढह गए, सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए, हजारों पक्षी काल का ग्रास बन गए। इधर मकान ढह जाने से जिले भर में एक दर्जन से अधिक घायल हो गए, वहीं एक जने की मौत हो गई। जिले में दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ती पूरी तरह से ठप हो गई, वहीं दूसरी ओर पेड़ों के धराशायी होने से मार्ग भी अवरुद्ध हो गये है। उल्लेखनीय है कि रविवार की मध्य रात्रि को तकरीबन 3 घंटे तक दौसा जिले में चक्रवाती तूफान एवं मानसून की बरसात पूरी तरह से सक्रिय रही, जिसके चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।</p>
<p>चक्रवाती तूफान एवं बरसात के चलते जिले भर में सैकडो की संख्या में पेड़, विद्युत पोल धराशाही हो गये, जिसके चलते मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने के साथ ही दर्जनो गांवों की विद्युत आपूर्ति भी पूरी तरह से ठप हो गई है। कई इलाको में 11 वें की लाइन  टूटकर गिर गई, जिसके चलते माना जा रहा है कि दो से तीन दिन में ग्रामीण क्षेत्रों के हालात सुधरने में लगेंगं। विद्युत आपूर्ति के साथ ही पेयजल आपूर्ती भी गड़बड़ा सकती है। उधर जिले में तकरीबन एक दर्जन से अधिक स्थानों पर मकान धराशायी होने से एक दर्जन से अधिक महिला-पुरुषों के घायल होने की जानकारी आ रही है, वहीं एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना है। अचानक से आये चक्रवाती तूफान से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो को दहशत फैल गई।</p>
<p>इधर घूमना क्षेत्र में रविवार देर रात बारिश के साथ आए भीषण अंधड़ ने जमकर तबाही मचाई। यहां रात करीब 1 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ। जिसके बाद तूफानी अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कई जगह पर लोगों के टीन टप्पर उड़ गए, साथ ही कई बिजली के पोल और बड़ी तादाद पेड़-पौधे भी धराशायी हो गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 13:19:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> असर खबर का : अगले ही दिन निगम ने हटाया कचरा </title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति की खबर का बडा असर हुआ है। कोटा दक्षिण वार्ड 70 में कचरा सड़कों पर फैला हुआ था। यह समाचार 7 जुलाई के अंक में प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद अगले ही दिन निगम ने इस कचरा पाइंट में पड़े कचरे को उठवा दिया और साफ-सफाई करवा दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-the-impact-of-the-news--the-corporation-removed-the-garbage-the-very-next-day/article-13949"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/asar-khaber-ka-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दैनिक नवज्योति की खबर का बडा असर हुआ है।  महावीर नगर तृतीय कोटा दक्षिण वार्ड 70 क्षेत्र के सेक्टर-01 सम्राट चौक में बने कचरा पाइंट से कचरे का उठाव नहीं होने से यहां के लोग परेशान थे। जिसके बाद दैनिक नवज्योति ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए इस समस्या की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। <br /><br />यह समाचार 7 जुलाई के अंक में प्रकाशित हुआ था, जिसके बाद अगले ही दिन निगम ने इस कचरा पाइंट में पड़े कचरे को उठवा दिया और साफ-सफाई करवा दी। दैनिक नवज्योति ने वार्ड एक्सप्रेस अभियान शुरू किया है। जिसके तहत नवज्योति की टीम कोटा शहर के सभी वार्डों में जाकर वार्डों की समस्यों को उठा रही है। उल्लेखनीय है की कोटा दक्षिण वार्ड 70 में कचरा सड़कों पर फैला हुआ था। जिसकी वजह से सड़क के बीचोबीच आवारा पशुओं का जमावडा भी लगा रहता था और सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को पशु चोटिल करते हैं। सड़क पर फैली इस गंदगी स आने वाली दुर्गंध से लोगों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने नवज्योति का आभार वयक्त किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 14:38:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेक्नोलॉजी और स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की नींद नहीं हो रही पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का सकारात्मक और नकारात्मक दोनों असर बच्चों पर पड़ रहा है। एक ओर जहां डिजिटल टेक्नोलॉजी मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से बच्चों का ज्ञान बढ़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-negative-impact-of-technology-on-childrens/article-9453"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/children-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का सकारात्मक और नकारात्मक दोनों असर बच्चों पर पड़ रहा है। एक ओर जहां डिजिटल टेक्नोलॉजी मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से बच्चों का ज्ञान बढ़ता है। इसके जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। कोरोना काल ने इसमें आग में घी का काम किया है। इस दौरान बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ा है। पहले जब मोबाइल, इंटरनेट नहीं थे, तब बच्चे लाइब्रेरी में जाकर पुस्तकें पढ़ना, आपस में नॉलेज शेयर करना, अध्यापकों और सहपाठियों से संवाद बनाए रखना आदि कुछ ऐसे काम थे, जो विश्लेषणात्मक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होते थे।</p>
<p>आउटडोर गेम्स शारिरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखते थे। अब बच्चों की जीवनशैली खासकर कोरोना काल के बाद से बिल्कुल बदल गई है। घंटों आॅनलाइन क्लासेज, देर रात तक मोबाइल, इंटरनेट का इस्तेमाल करने से बच्चे अब रात 12 बजे बाद ही सो रहे हैं। ऐसे में उन्हें बमुश्किल छह घंटे की ही नींद मिल पाती है, जो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए घातक है।</p>
<p><strong>माता-पिता को होना पड़ेगा जागरूक</strong><br />परिवार में भी गैजेट्स के अत्यधिक इस्तेमाल से आपसी संवाद काफी हद तक प्रभावित हुआ है। परिवार के सदस्यों के बीच इमोशंस कम हुए हैं। ऐसे में अभिभावकों को सख्त और जागरूक होकर बच्चों को जरूरत से ज्यादा मोबाइल और इंटरनेट के इस्तेमाल से दूर रखना होगा।</p>
<p><strong>देर से सोने और जल्दी उठने के नुकसान</strong><br /> - शरीर में सुस्ती, थकान, एकाग्रता में कमी। <br />- चिड़चिड़ापन, याददाश्त में दिक्कत, निर्णय लेने की क्षमता का प्रभावित होना।<br /> - लंबे समय तक समस्या रहने पर एंग्जायटी, डिप्रेशन जैसी बीमारियों की संभावना बनती है। <br />- कुछ सकारात्मक सुझाव<br /> - बच्चों की दिनचर्या निर्धारित करें। <br /> - बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।<br />-  बच्चों के साथ बातचीत करें और उनकी भावनाओं को समझे। 1<br />-  बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए प्रोत्साहित करें।<br />-  बच्चों को दोस्तों के साथ वक्त बिताने के लिए कहें।<br />- टेक्नोलॉजी के प्रभाव और दुष्प्रभाव के बारें में बताएं।</p>
<p>मोबाइल और इंटरनेट के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इनके सर्वांगिण विकास के लिए आठ घंटे की नींद के साथ दिनभर में एक से दो घंटे की फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी है। इससे स्वास्थ्य बेहतर होता है। <br /><strong>- डॉ. आरके गुप्ता, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ, जेकेलोन अस्पताल</strong></p>
<p>- डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट के बच्चे आदि हो गए हैं। देर रात तक गेजेट्स का उपयोग करना और सुबह स्कूल जाने के लिए जल्दी उठने से बच्चों की नींद पूरी नहीं होती है। ऐसे में बच्चे अवसाद के शिकार हो रहे हैं। <br /><strong>- डॉ. अखिलेश जैन, मनोरोग विभागाध्यक्ष, ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 May 2022 10:17:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>यूक्रेन-रूस युद्ध का असर: रूस में नहीं खेला जाएगा कोई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट, फीफा ने की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[ फुटबॉल के अंतर्राष्ट्रीय शासकीय निकाय फीफा ने रूस में कोई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट ने खेले जाने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%09impact-of-ukraine-russia-war--no-international-football-tournament-will-be-played-in-russia/article-5190"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/football.jpg" alt=""></a><br /><p>ज्यूरिख। यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध के बीच खेल से जुड़ी बड़ी खबर आई है कि यूक्रेन-रूस के युद्ध के बीच कई देश और कई खेल संस्थाओं ने रूस के खिलाफ कड़े फैसले लिए हैं। इस कड़ी में फुटबॉल के अंतर्राष्ट्रीय शासकीय निकाय फीफा ने रूस में कोई अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट ने खेले जाने की घोषणा की है। फीफा ने हालांकि कई राष्ट्रीय फुटबॉल महासंघों के दबाव के बावजूद रूस को फीफा विश्व कप 2022 के क्वालीफायर से नहीं हटाया है।<br /><br />फीफा परिषद ब्यूरो ने रविवार को एक बयान में कहा, '' रूस के क्षेत्र में कोई भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेला जाएगा। रूस के घरेलू मैच तटस्थ क्षेत्र पर और दर्शकों के बिना खेले जाएंगे। रूस का प्रतिनिधित्व करने वाला सदस्य संघ किसी भी प्रतियोगिता में रूसी फुटबॉल संघ (आरएफयू) के नाम से भाग लेगा। उन मैचों में रूस के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रगान का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जहां रूसी फुटबॉल संघ की टीमें भाग लेंगी।''<br /><br />फीफा परिषद ब्यूरो ने कहा, '' आगामी फीफा विश्व कप 2022 क्वालीफायर के संबंध में फीफा ने पोलिश फुटबॉल एसोसिएशन, चेक गणराज्य फुटबॉल एसोसिएशन और स्वीडिश फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त की गई स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दिया है और पहले से ही सभी के साथ बातचीत कर रहा है। फीफा इस समस्या का मिल कर एक उचित और स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए सभी के साथ निकट संपर्क में रहेगा।'' <br /><br />पोलिश फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सेजरी कुलेजा ने हालांकि फीफा के रूस को फीफा विश्व कप 2022 के क्वालीफायर से न हटाने के फैसले को अपमानजनक करार दिया है। उन्होंने कहा, '' फीफा के इस अपमानजनक फैसले के कारण पोलिश फुटबॉल एसोसिएशन ने आज यूरोप के सभी संघों को एक पत्र भेजा, जिसमें हमने अपनी स्थिति बताई और उन्हें अपने पक्ष में खड़े होने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि एकजुट होकर ही हम मजबूत होंगे। यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण के लिए कोई माफी नहीं है।''<br /><br />यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बीच पोलैंड (पीजेडपीएन), स्वीडन (एसवीएफएफ) और चेक गणराज्य (एफएसीआर) के फुटबॉल संघों ने ²ढ़ता के साथ कहा है कि कतर में 2022 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने के लिए प्लेऑफ मैच रूसी संघ के क्षेत्र में नहीं खेले जाने चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Feb 2022 17:45:34 +0530</pubDate>
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