<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/temples/tag-13040" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>temples - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/13040/rss</link>
                <description>temples RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाशिवरात्रि का पर्व आज: श्रद्धा, उत्साह, आस्था के साथ मनाया जाएगा, काशीनाथ की भक्ति में लीन रहेगी छोटीकाशी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। शिवालयों में विशेष योग के बीच भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-festival-of-mahashivratri-will-be-celebrated-today-with-devotion/article-143219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा,उत्साह और आस्था के साथ मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर बन रहे सर्वार्थ सिद्धि योग, बुधादित्य योग तथा चतुर्ग्रही योग का विशेष संयोग में श्रद्धालु शिवालयों में आदि देव महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे। सुबह से देर रात तक शिवालयों में हर-हर महादेव का जयघोष सुनाई देगा। चौड़ा रास्ता के ताडकेश्वर, बनीपार्क के जंगलेश्वर महादेव, वैशालीनगर के झारखंड महादेव, छोटी चौपड़ के रोजगारेश्व, आमेर के भूतेश्वर महादेव सहित छोटीकाशी के सभी शिव मंदिरों में बाबा भोलेनाथ के भक्त जलाभिषेक किया जाएगा। दोपहर तक जहां जलाभिषेक का सिलसिला चलेगा,जबकि शाम को देसी-विदेशी फू लों से बाबा का श्रृंगार किया जाएगा। </p>
<p><strong>रूद्राभिषेक से संवरती हैं किस्मत</strong></p>
<p>भगवान शिव की उपासना में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। शिव पुराण में वर्णित विधि के अनुसार विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक करने पर अलग-अलग फ ल प्राप्त होते हैं। श्रद्धालु यदि अपनी मनोकामना के अनुरूप द्रव्य से रुद्राभिषेक कराएं तो उन्हें पूर्ण आध्यात्मिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य डॉ.महेन्द्र मिश्रा के अनुसार जल से रुद्राभिषेक करने पर वर्षा एवं शांति की प्राप्ति होती हैं। </p>
<p><strong>राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की महाशिवरात्रि पर शुभकामनाएं</strong></p>
<p>जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल बागडे ने कहा कि महाशिवरात्रि भारतीय संस्कृति का अनूठा उत्सव है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से सभी के कल्याण और मंगल की कामना की है। सीएम ने कहा कि महाशिवरात्रि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सदैव सत्य के रास्ते पर चलते हुए लोककल्याण और प्राणीसेवा के प्रति समर्पित रहें। वहीं विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का महान पर्व है, जो हमें आत्मसंयम, तप, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-festival-of-mahashivratri-will-be-celebrated-today-with-devotion/article-143219</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-festival-of-mahashivratri-will-be-celebrated-today-with-devotion/article-143219</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:51:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%281%2918.png"                         length="1002759"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चैत्र नवरात्र : आज से 9 दिन शक्ति की आराधना का पर्व, घरों-मंदिरों में होगी घटस्थापना</title>
                                    <description><![CDATA[श्रद्धालु नवरात्र में शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की आराधना में लीन रहेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chaitra-navratri-will-be-held-in-homes-and-temples-for/article-109096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(1)48.png" alt=""></a><br /><div>जयपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा रविवार को घट स्थापना के साथ चैत्र नवरात्र शुरू होंगे। श्रद्धालु नवरात्र में शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की आराधना में लीन रहेंगे। देवी मंदिरों में जहां दुर्गा सप्तशती के पाठ होंगे जबकि भगवान राम के मंदिरों में रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण की चौपाइयां गूंजायमान होंगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 9.20 से दोपहर 12.25 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.01 से 12.50 बजे तक रहेगा। जबकि 6 अप्रैल को रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि के साथ रामनवमी का स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त रहेगा। आमेर के शिला माता, मनसा माता, दुर्गापुरा के दुर्गा मंदिर, राजापार्क के वैष्णोदेवी मंदिर, घाटगेट श्मशान स्थित काली माता मंदिर, झालाना डूंगरी स्थित कालक्या मंदिर सहित अन्य दुर्गा मंदिरों में शनिवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। शहर के सभी राम मंदिरों में भी नवरात्र पर वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास कृत रामचरितमानस के अखंड नवाह्न पारायण होंगे।</div>
<div> </div>
<div><strong>आठ दिन के होंगे नवरात्र</strong></div>
<div>इस साल 9 दिन के नहीं बल्कि 8 दिन के ही नवरात्र हैं क्योंकि नवरात्र में तृतीय तिथि का क्षय हो रहा हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग में मां दुर्गा का आगमन गजराज पर होगा। गजराज पर मातारानी का आगमन को धन-धान्य में वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>गोविंददेवजी मंदिर</strong></div>
<div>चैत्र नवरात्र में आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में 30 मार्च से सात अप्रेल तक श्रीराम चरितमानस का संगीतमय नवाह्न पारायण का आयोजन होगा। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में प्रतिदिन सुबह सात से ग्यारह बजे तक 51 आसन पर 51 साधक श्रीराम चरितमानस की चौपाइयों का सस्वर संगीतमय पाठ करेंगे। श्री चिंता हरण हनुमान मंदिर के बंशीजी महाराज व्यासपीठ से पाठ करेंगे। भगवान राम का दरबार सजाया जाएगा। पांच घंटे रामचरितमानस के पाठ  के बाद शाम को भजन होंगे। सात अप्रेल को पाठ की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ होंगे।</div>
<div> </div>
<div>गायत्री शक्तिपीठों पर होंगे लघु अनुष्ठान: चैत्र नवरात्र पर अखिल विश्व गायत्री परिवार विश्व शांति, मानव कल्याण एवं विश्व में हो रही विध्वंसक घटनाओं को रोकने के लिए, देश की प्रगति, सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के विकास के लिए विशेष अनुष्ठा करेगा। नवरात्र में गायत्री महामंत्र की साधना की जाएगी। गायत्री परिवार के जोन प्रभारी ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर 30 मार्च को गायत्री परिजन कलश स्थापना के साथ अनुष्ठान प्रारंभ करेंगे। राजस्थान की सभी गायत्री शक्तिपीठों, गायत्री चेतना केन्द्रों एवं मानसरोवर स्थित वेदना निवारण केन्द्र पर कलश स्थापना होगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>श्री खोले के हनुमान मंदिर में 9 दिवसीय धार्मिक उत्सव </strong></div>
<div>श्री खोले के हनुमान मंदिर में 30 मार्च को चैत्र नवरात्रा घट स्थापना के साथ 9 दिवसीय धार्मिक उत्सव प्रारंभ होंगे। श्री नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि नव संवत्सर 30 मार्च को प्रात: कलश यात्रा के बाद दोपहर 12 बजे घट स्थापना की जाएगी। घट स्थापना के बाद वाल्मीकि रामायण के पाठ प्रारंभ होंगे और 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक 201 आसान से 9 दिवसीय राम चरित्र मानस के पाठ प्रारंभ होंगे। खोले के हनुमान मंदिर पहाड़ी पर स्थित वैष्णो माता की घटस्थापना और दुर्गा सप्तमी के पाठ नियमित नौ दिन तक किए जाएंगे। मां वैष्णो को पंचामृत स्रान कराकर नई पोशाक धारण कराई जाएगी। साथ ही गायत्री माता मंदिर में गायत्री कवच व अन्नपूर्णा माता मंदिर में दुर्गा पाठ व अन्नपूर्णा स्त्रोत किए जाएंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chaitra-navratri-will-be-held-in-homes-and-temples-for/article-109096</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chaitra-navratri-will-be-held-in-homes-and-temples-for/article-109096</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 10:39:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/news-%281%2948.png"                         length="583908"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए स्टाफ कमी का मामला सदन में उठा : मंदिरों के विकास पर गोपीचंद ने लगाया सवाल, मंत्री ने दिया जवाब </title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री जोराराम कुमावत ने सदन में जवाब दिया कि इस बजट में मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 161 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-case-of-staff-reduction-for-the-renovation-of-temples/article-106335"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy43.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंदिरों के जीर्णोद्धार में देवस्थान विभाग की स्टाफ की कमी का मामला सदन में उठा। प्रश्नकाल में जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के मंदिरों के विकास पर विधायक गोपीचंद मीणा ने सवाल लगाया। मीणा ने कहा कि जिस तरह बोर्ड में अधिकारी, कर्मचारी देवस्थान विभाग ने लगा रखे है। इस तरह देवस्थान विभाग में भी हर जिले में कर्मचारियों अधिकारियों की नियुक्ति करें, ताकि मंदिरों का जीर्णोद्धार हो सके। </p>
<p>मंत्री जोराराम कुमावत ने सदन में जवाब दिया कि इस बजट में मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 161 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। हर जिला स्तर पर देवस्थान विभाग का कर्मचारी लगाने की जो मांग है, उसमें भी आस-पास करते हैं कि देवस्थान विभाग के पूरे राजस्थान में 12 एडिशनल कमिश्नर है। उनके अधीन सभी व्यवसाय चल रहे हैं। अभी नया कोई प्रपोजल नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-case-of-staff-reduction-for-the-renovation-of-temples/article-106335</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-case-of-staff-reduction-for-the-renovation-of-temples/article-106335</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:28:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/6622-copy43.jpg"                         length="184129"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - मंदिरों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराएं</title>
                                    <description><![CDATA[ देवस्थान विभाग अपनी ही जमीनों की देखरेख नहीं कर पा रहा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---make-the-land-of-temples-encroachment-free/article-86576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विधानसभा सत्र के दौरान लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में देवस्थान विभाग की जमीनों पर अतिक्रमियों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के मुद्दे को सदन में रखा। विधायक ने सदन में अवगत कराया कि  देवस्थान विभाग की भूमियों पर अतिक्रमियों द्वारा अतिक्रमण कर नित नई-नई कॉलोनियां काटी जा रही है। उनके द्वारा बेशकीमती जमीन को कोडियों में बेच दिया जाता है। सस्ता प्लाट या जमीन मिलने के चक्कर में आम जनता भ्रमित हो जाती है।  विभाग  अपनी भूमियों को चिन्हित कर उन पर स्वयं का बोर्ड लगाकर या फिर चारदीवारी करवाकर और सी.सी. टीवी कैमरें लगवाकर इनकी निगरानी का दायित्व संबंधित थानाधिकारी या पटवारी को दिया जाए। ताकि वे समय-समय पर इसका जायजा कर भूमि की रिपोर्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत करते रहें। इससे भविष्य में अतिक्रमण जैसी समस्या से निदान पाया जा सकेगा।  </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था अतिक्रमण का मामला</strong><br />देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले मंदिरों के नाम की बेशकीमती जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण के सम्बंध में दैनिक नवज्योति के 21 जुलाई के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था।  देवस्थान विभाग अपनी ही जमीनों की देखरेख नहीं कर पा रहा है। सरकारी मंदिरों की जमीनों पर लोगों ने कब्जे कर रखे हैं, लेकिन विभाग इन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त नहीं करवा पा रहा है। यह स्थिति प्रदेश में देवस्थान विभाग के सभी मंदिरों की जमीनों की है।</p>
<p><strong>संपत्तियों को चिन्हित कर लगाएंगे कैमरे</strong><br />विधायक ने कहा कि पुराने रियासत कालीन समय से राजा-महाराजाओं द्वारा मंदिरों के लिए यह जमीन अधीन इसलिए रखी गई थी कि मंदिरों के रख-रखाव में कोई कमी न आए और मंदिर में जो पुजारी सेवाएं दे रहे है अपने परिवार का पालन-पोषण भी कर सके। परन्तु नियम तो बहुत बने है उस नियम की पालना कोई नहीं कर रहा है। जिस पर मंत्री कुमावत ने विधायक को आश्वस्त किया कि देवस्थान विभाग के मंदिरों पर जहां पर बोर्ड नहीं है वहां पर बोर्ड लगवाएंगे, देवस्थान की परिसंपत्तियों पर जो अतिक्रमण से मुक्त है उन्हें चिन्हित कर उन संपत्तियों कलर पेन्ट एवं लेखन भी करवाएंगे। विभाग की वित्तिय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए उनकी उपलब्धता होने पर प्रमुख मंदिरों को चिन्हित कर सी.सी. टीवी कैमरे भी लगाएंंगे। मंदिरों एवं मंदिरों की परिसत्तियों के समग्र विकास एवं सुरक्षा के लिए विचार मंथन कर ठोस कदम उठाएंगे।</p>
<p><strong>सरकार ने स्वीकारा, 1773 अतिक्रमियों का कब्जा</strong><br />देवस्थान विभाग मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित एवं नियंत्रित राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार मंदिर आत्म निर्भर मंदिरों की कुल 7294.43 हैक्टयर भूमि है, जिसमें 2768.6064 हैक्टयर भूमि पर 1773 अतिक्रमियों का कब्जा है। जिनके खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में 263 वाद विचाराधीन है। मंदिर भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति पुजारी या पटवारी द्वारा ध्यान में लाए जाने पर तहसीलदार अतिक्रमी के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करेंगे तथा मंदिर मूर्ति के हितों के संरक्षण के लिए दायित्वाधीन होंगे। जिला कलक्टर मूर्ति मंदिर के भूमि संबंधी अतिक्रमण रिपोर्ट सिवायचक/चरागाह भूमि की तरह राजस्व कर्मियों से नियमित रूप से प्राप्त कर धारा- 91 राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 के अन्तर्गत उनके प्रकरण दर्ज कर तदनुसार प्रभावी नियंत्रण करेंगे। हमारा विभाग लगातार अतिक्रमियों से देवस्थान विभाग की भूमि को अपने कब्जे में लेने के लिए प्रयासरत रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---make-the-land-of-temples-encroachment-free/article-86576</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---make-the-land-of-temples-encroachment-free/article-86576</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Aug 2024 14:00:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/photo-size-%285%291.png"                         length="509927"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Spiritual Walk : मंदिरों की संस्कृति की तरफ लौटने का आह्वान </title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. मुकेश गुप्ता ने कहा-प्रकृति और संस्कृति का गहरा संबंध है। पुराने पेड़ों की सार संभाल के साथ ही नए पौधे लगाने चाहिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/spiritual-walk-calls-to-return-to-the-culture-of-temples%C2%A0/article-83990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयुपर। देश के एकमात्र जयपुर के बड़ी चौपड़ पर स्थित श्री ब्रज निधि मंदिर में स्प्रिचुअल वॉक का आयोजन हुआ। इस दौरान मंदिरों की संस्कृति और सनातन धर्म की ओर वापस लौटने पर जोर दिया गया। योग गुरु ढाका राम सापकोटा ने कहा- मंदिरों में चलने वाली गुरुकुल व्यवस्था बंद हो गई है। उनकी जगह पश्चिमी स्कूली पद्धति ने ले ली। नई पीढ़ी को मंदिरों की संस्कृति की तरफ लौटना होगा।</p>
<p>डॉ. सुनील दंढ ने कहा-लोग अपने पुराने संस्कारों को भूलते जा रहे, जिन्हें फिर से अपनाना होगा। वहीं डॉ. मुकेश गुप्ता ने कहा-प्रकृति और संस्कृति का गहरा संबंध है। पुराने पेड़ों की सार संभाल के साथ ही नए पौधे लगाने चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/spiritual-walk-calls-to-return-to-the-culture-of-temples%C2%A0/article-83990</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/spiritual-walk-calls-to-return-to-the-culture-of-temples%C2%A0/article-83990</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 17:02:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/1.jpg"                         length="130857"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चयनित मंदिरों को मॉडल मंदिर के रूप में किया जाएगा विकसित : कुमावत</title>
                                    <description><![CDATA[पर्यटकों की आवाजाही, साथ में आय भी बढ़ेगी। उन्होंने प्रदेश के 50-100 मंदिरों का चयन करने का निर्देश दिया जो पुरातत्व की दृष्टि से उत्कृष्ट हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/selected-temples-will-be-developed-as-model-temples--says-kumawat/article-72729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के देवस्थान विभाग के मंदिरों को लोकप्रिय बनाने और आमजन को वहां की जानकारी से अवगत कराने के लिए देवस्थान और पर्यटन विभाग के बीच एक समझौता करने पर विचार किया जा रहा है। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इस बारे में प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। कुमावत ने कहा कि हमारे मंदिर पुरातात्विक दृष्टि से श्रेष्ठ मंदिर हैं। इन मंदिरों में लोगों का आना जाना कम है। आर्थिक दृष्टि से भी ये सरकार पर निर्भर हैं। इन्हें पर्यटन विभाग से जोड़ दिया जाए तो पर्यटकों की आवाजाही, साथ में आय भी बढ़ेगी। उन्होंने प्रदेश के 50-100 मंदिरों का चयन करने का निर्देश दिया जो पुरातत्व की दृष्टि से उत्कृष्ट हैं।</p>
<p>देवस्थान मंत्री ने कहा कि मंदिरों के विकास के लिए एक वर्ष की कार्य योजना बनाकर दस मंदिरों का चयन करें। उन्हें मॉडल मदिर के रूप में विकसित करें। विभाग में लंबे समय से लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भविष्य में सभी प्रकरण जल्द निपटाने के प्रयास करें। मंत्री कुमावत ने अधिकारियों को नंदन कानन योजना पर अधिक ध्यान देने, निर्माण का एक अलग से प्रकोष्ठ बनाने, विभाग में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने और राजस्थानवासियों के अयोध्या में देवदर्शन के लिए ट्रेन चलाने के प्रस्ताव बनाने के भी निर्देश दिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/selected-temples-will-be-developed-as-model-temples--says-kumawat/article-72729</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/selected-temples-will-be-developed-as-model-temples--says-kumawat/article-72729</guid>
                <pubDate>Fri, 15 Mar 2024 11:03:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/ph-%283%299.png"                         length="514085"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देवस्थान के मंदिर पर ही खिलेंगे और यहीं चढ़ेंगे फूल</title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग और नगरीय निकायों  पेड़ पौधे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/will-bloom-only-on-the-temple-of-devasthan-and-flowers-will-climb-here/article-52610"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/devsthan-k-mandir-pr-hi-khilenge-or-yhi-chdhenge-phool...kota-news-24-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सनातन धर्म में पेड़-पौधों का विशेष महत्व माना गया है। ये धार्मिक आस्था के भी प्रतीक है, जिन्हें अब आस्था के केंद्र देवस्थान विभाग के मंदिरों में उपवन विकसित करने की तैयारी की जा रही है। नंदनकानन योजना के तहत देवस्थान के जितने भी मंदिर हैं, वहां पुष्प वाले पौधे सदाबहार, हारशृंगार, मोगरे, रात की रानी, चंपा, चमेली लगाए जा रहे है। इसके अलावा बेलपत्र, पीपल, आंवला, बड़ जैसे पूजनीय पेड़ भी लगाए जाएंगे, ताकि सावन में भगवान शिव की पूजा के लिए बीलपत्र, वटसावित्री पर बड़, आंवला नवमी पर आंवले के पेड़ की पूजा भी हो और ये पेड़-पौधे पर्यावरण को भी शुद्ध करेंगे, ऑक्सीजन भी देंगे।  देवस्थान विभाग के मंदिरों में भगवान को मंदिर परिसर में ही उगाए गए फूल-पत्ती अर्पित करने की योजना शुरू की है। प्रदेश 593 मंदिरों को नंदनकानन योजना के तहत आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कोटा में इस का कार्य दो माह पूर्व ही शुरू हो गया। कोटा के देवस्थान विभाग के करीब 12 मंदिरों में उपवन वाटिकाए  तैयार की जा चुकी है। यहां पौधारोपण का कार्य हो गया है। तुलसी और मोगरा के फूल तो भगवान को अर्पण होने लगें है। प्रदेश में विभाग के करीब 593 मंदिरों में पेड़-पौधे लगाने की जिम्मेदारी देवस्थान विभाग के इंस्पेक्टर और मंदिर प्रशासन को सौंपी  गई है। वन विभाग और नगरीय निकायों  पेड़ पौधे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p><strong>पर्याप्त जगह वाले मंदिर में लगेंगे पौधे</strong><br />देवस्थान विभाग की सहायक आयुक्त ऋचा बलदवा ने बताया कि जिन मंदिर परिसरों में पानी और पर्याप्त जमीन उपलब्ध होगी, वहां पेड़ लगाए जाएंगे। गमलों में सदाबहार, हजारे और तुलसी के छोटे पौधे लगाए जाएंगे। मंदिरों में पुजारी, सेवागीर और गार्ड इन पेड पौधों को संवारेंगे। विभाग का इंस्पेक्टर भी अपनी ड्यूटी निभाएगा। कई मंदिर परिसरों में खुले क्षेत्र की वजह से बंदर या पशुओं से पेड़ पौधों को नुकसान का खतरा हो सकता है, ऐसे में वहां स्थानीय निकायों का सहयोग लेकर ट्री गार्ड लगाए जाएंगे। नंदन कानन योजना से मंदिरों को हरियाली युक्त वाटिका विकसित करना है और भक्तों को भी पूजनीय पेड़ पौधे उपलब्ध हो जाएंगे।</p>
<p><strong>जहां खुली जमीन नहीं वहां गमलों होगा पौधारोपण</strong><br />देवस्थान विभाग के मंदिरों में अब खुद की जमीन में उगे फूल व फल भगवान को चढ़ाए जाने की तैयारियां पूरी कर ली है। इसके लिए नंदन कानन योजना के तहत मंदिरों की खुली जमीन में पौध रोपण किया जा रहा। जहां खुली जमीन नहीं है वहां पर गमलों में पौधरोपे जा रहे है।अभी तक अधिकतर सभी मंदिरों भगवान को फूल, मालाएं एवं फल बाजार से मंगाने पड़ते हैंं, क्योंकि मंदिर परिसर में इतने फल-फूल नहीं हैं। ऐसे में अब नंदन कानन योजना के तहत देवस्थान विभाग के अधीन जिले के सभी मंदिरों में पौधरोपण किया जा रहा है। इससे मंदिरों में चढऩे वाले फूल परिसर में ही उपलब्ध हो सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p><strong>आने वाली पीढ़ी को प्राकृतिक आॅक्सीजन मिले </strong><br />देवस्थान विभाग के प्रबंधक रामसिंह ने बताया कि प्रकृति पूजनीय है।  वृक्ष को पूजने की परंपरा रही है, उस परंपरा को जीवित रखने के लिए ये पहल की जा रही है।  देवस्थान विभाग के सभी मंदिरों में पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैऔर इनकी जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन के साथ-साथ देवस्थान विभाग के इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। नंदनकानन योजना को सफल बनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी को कभी आॅक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता न पड़े और उन्हें प्राकृतिक आॅक्सीजन मिल सके। </p>
<p><strong>इंस्पेक्टर्स की लगाई जाएगी ड्यूटी </strong><br />कोटा व बूंदी  में करीब एक दर्जन से अधिक देवस्थान के मंदिर कोटा में 9 देवस्थान विभाग के मंदिर है। जहां पानी की व्यवस्था और पर्याप्त कच्ची जमीन है, वहां ये पेड़-पौधे लगाए जा रहे है। जहां कच्ची जमीन नहीं है वहां गमलों में सदाबहार, हजारे और तुलसी के छोटे पौधे लगाए जा रहे है। सहायक आयुक्त ऋचा बलदवा ने बताया कि  मंदिरों में पुजारी, सेवागीर और गार्ड तैनात हैं। सभी मिलकर इस उपवन को संवारेंगे।  इसके अलावा विभाग के इंस्पेक्टर्स की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। </p>
<p><strong>ट्री गार्ड लगाकर पौधों की रखवाली </strong><br />कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां बंदर या दूसरे पशुओं की बहुतायत की वजह से इन पेड़ पौधों को नुकसान भी पहुंच सकता है। इनके बचाव के लिए उपाय करेंगे।  बंदर जैसे पशुओं को पकड़ना तो नामुमकिन है। जिन मंदिरों में आवश्यकता हो वहां जाल वाले ट्री गार्ड लगाकर पौधों की रखवाली की जाएगी, ताकि ये पौधे पनप सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/will-bloom-only-on-the-temple-of-devasthan-and-flowers-will-climb-here/article-52610</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/will-bloom-only-on-the-temple-of-devasthan-and-flowers-will-climb-here/article-52610</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Jul 2023 19:15:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/devsthan-k-mandir-pr-hi-khilenge-or-yhi-chdhenge-phool...kota-news-24-07-2023.jpg"                         length="520284"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाली अमावस पर प्राचीन मंदिरों में महिलाओं की लगी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[ यह जोधपुर परिक्रमा के रूप में की जाती है जिसमें जगह जगह पर प्राचीन मंदिर वेद जलाशय मैं पूजा अर्चना व स्नान करके अपना तीरथ  पूरा करती है। जोधपुर के आसपास गांव की महिला भी हरियाली अमावस पर जोधपुर पहुंची है और शहर की परिक्रमा करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/jodhpur-crowd-of-women-in-ancient-temples-on-hariyali-amavas/article-16531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/new-111.jpg" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। हरियाली अमावस को तीरथ अमावस्या मानी जाती है। इसीलिए शहर की महिलाएं सावन की हरियाली अमावस को शहर की भृमण व परिक्रमा के लिए निकलती है। सर्व प्रथम महिलाएं रातानाडा स्थित गणेश मंदिर मैं पूजा अर्चना के बाद विनायक मंदिर चौपासनी मंदिर अरना झरना मंदिर कदम खंडी बड़ली भेरू जी वेदनाथ मंदिर मंडलनाथ मंदिर बेरी गंगा होते हुए मंडोर उद्यान से वापस रातानाडा गणेश मंदिर से समापन करते हैं। यह जोधपुर परिक्रमा के रूप में की जाती है जिसमें जगह जगह पर प्राचीन मंदिर वेद जलाशय मैं पूजा अर्चना व स्नान करके अपना तीरथ  पूरा करती है। जोधपुर के आसपास गांव की महिला भी हरियाली अमावस पर जोधपुर पहुंची है और शहर की परिक्रमा करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/jodhpur-crowd-of-women-in-ancient-temples-on-hariyali-amavas/article-16531</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/jodhpur-crowd-of-women-in-ancient-temples-on-hariyali-amavas/article-16531</guid>
                <pubDate>Thu, 28 Jul 2022 14:09:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/new-111.jpg"                         length="65617"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[jodhpur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विहिप ने मंदिरों पर किया हनुमान चालीसा पाठ</title>
                                    <description><![CDATA[बजरंग दल के तत्वावधान में सम्पूर्ण बाडी शहर और गांवों के सभी मंदिरों पर हर मंगलवार को संयुक्त हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन हो, ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/-vhp-recited-hanuman-chalisa-on-temples/article-15547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/dol.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाड़ी।</strong> विहिप और बजरंग दल के तत्वावधान में शहर के कई प्रमुख मंदिरो जिनमें तहसीलदार की तिवरिया वाले हनुमान जी मन्दिर, खाथी वाले हनुमान जी, विठ्ठल नाथ मंदिर पुराना बाजार पर संयुक्त हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया गया तथा गजपुरा गांव में भी बजरंग दल के कार्यकतार्ओं ने हनुमान चालीसा पाठ किया। इस मौके पर सनातन धर्म प्रेमियों ने हनुमान चालीसा पाठ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।</p>
<p>पाठ के पूर्ण होने के बाद  विहिप उपाध्यक्ष वैद्य गिरीश शर्मा ने अपने उद्बबोधन में कहा कि सम्पूर्ण हिंदू समाज को जात पात की बेढियों को तोडकर एकजुट होने की जरुरत है जब ही भारत पुन: विश्व गुरु और अखंड बन सकता है बजरंग दल संयोजक भूरा पहलवान ने बताया कि इस हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन का उद्देश्य समस्त हिंदू समाज को एकजुट करना है। इसके बाद बजरंग दल सहसंयोजक समीर गोस्वामी ने बताया कि यह हमारा 5वां संयुक्त हनुमान चालीसा का पाठ है और बताया कि बजरंग दल के तत्वावधान में सम्पूर्ण बाडी शहर और गांवों के सभी मंदिरों पर हर मंगलवार को संयुक्त हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन हो, ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं।</p>
<p>इस मौके पर विहिप जिला सेवा प्रमुख सुरेश गोयल, दारा सिंह पचौरी, राजेश समाधिया, डॉ. राजेश कुमार, गजेन्द्र यादव, रजत बघेल, धीरज पाठक, लक्ष्मीकांत शर्मा, अवधेश चन्सौरिया, बनबारी शिवहरे, बाबा रामदेव, अर्जुन सिंह, रंजीत कपूर, राजकपूर,अजय सिंह, लवकुश, रिंकू, विजय कुमार,रामभरत और दर्जनो हनुमान भक्त सनातन धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/-vhp-recited-hanuman-chalisa-on-temples/article-15547</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/-vhp-recited-hanuman-chalisa-on-temples/article-15547</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Jul 2022 14:27:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/dol.jpg"                         length="45574"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंदिरों को स्थापित करने की मांग को लेकर संगठनों ने निकाली जन आक्रोश रैली </title>
                                    <description><![CDATA[राजगढ़ नगर पालिका के चेयरमेन सतीश दुहारिया को निलंबित करने के विरोध में सैकड़ों साधु संत सहित अन्य संगठनों और लोगों ने राज्य सरकार से तोड़े गए मंदिरों का उसी स्थान पर पुनरुद्धार कर स्थापित करने की मांग की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-rally-demanding-to-establish-temples/article-8745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ak-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। राजगढ़ नगर पालिका के चेयरमेन सतीश दुहारिया को निलंबित करने के विरोध में सैकड़ों साधु संत सहित अन्य संगठनों और लोगों ने राज्य सरकार से तोड़े गए मंदिरों का उसी स्थान पर पुनरुद्धार कर स्थापित करने की मांग की। इस संबंध में शहर के शहीद स्मारक पर साधु संतों के नेतृत्व में जन आक्रोश रैली निकाली गई। इस रैली में अलवर के सांसद महंत बालक नाथ अलवर शहर विधायक संजय शर्मा भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष संजय सिंह नरूका, जैन संत विवेक मुनि सहित सैकड़ों साधु संत मौजूद थे। कंपनी बाग में पहले सभा आयोजित की गई इस सभा में एक स्वर से राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए 300 साल पुराने तोड़े गए तीन मंदिरों का पुनरुद्धार एवं स्थापित करने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि अगर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार हिंदूवादी और सनातन के खिलाफ इसी तरह का व्यवहार करेगी तो सरकार की ईट से ईंट बजाई जाएगी।</p>
<p>यह रैली शहीद स्मारक से शुरू होकर मन्नी का वड़ चर्च रोड नगर परिषद होप सर्कस त्रिपोलिया बाजार होती हुई जिला कलेक्टर पहुंची और वहां पर साधु-संतों के नेतृत्व में अलवर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा गया। सांसद महंत बालक नाथ ने बातचीत में राजस्थान सरकार का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि राजस्थान में तुष्टीकरण की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए राजस्थान में कांग्रेस की सरकार हिंदुओं के खिलाफ षड्यंत्र रच रही है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-rally-demanding-to-establish-temples/article-8745</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-rally-demanding-to-establish-temples/article-8745</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Apr 2022 16:51:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/ak-copy.jpg"                         length="149666"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> भाजपा राज में भी टूटे मंदिर, तब चुप क्यों रहे-बेनीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ उदयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख व सांसद हनुमान बेनीवाल ने अलवर में गत दिनों हुई मंदिर तोड़ने के मुद्दे पर कहा कि मंदिर टूटने ही नहीं चाहिए, लेकिन वर्ष 2013 से 2018 तक भाजपा के शासन काल में भी कई मंदिर टूटे, तब ये नेता सवाल क्यों नहीं कर रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/temples-were-broken-even-under-bjp-rule--then-why-remain-silent---beniwal/article-8684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/hanuman-beniwal.jpg" alt=""></a><br /><p> उदयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख व सांसद हनुमान बेनीवाल ने अलवर में गत दिनों हुई मंदिर तोड़ने के मुद्दे पर कहा कि मंदिर टूटने ही नहीं चाहिए, लेकिन वर्ष 2013 से 2018 तक भाजपा के शासन काल में भी कई मंदिर टूटे, तब ये नेता सवाल क्यों नहीं कर रहे थे। मैंने और घनश्याम तिवाड़ी ने ही विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। भाजपा नेताओं को तब भी मंदिर तोड़ने के खिलाफ खड़े होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री यूनुस खान ने भी 18 सिविल लाइंस स्थित मकान में शिव मंदिर को तोड़कर दूसरा सिस्टम किया था।</p>
<p><br />आरएलपी प्रमुख बेनीवाल उदयपुर में उनके प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था चौपट है। दु:खी आदमी पुलिस के बजाय कुछ राशि देकर अपराधियों से सहायता लेने को विवश हो रहे है। महिला अपराध में राजस्थान एक नंबर पर आ गया है। सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं राजस्थान में सबसे ज्यादा हो रही हैं। पिछले 22 साल से  गहलोत-वसुंधरा का गठजोड़ है जिससे पुलिस का मनोबल घटा है। हम चाहते हैं कि पुलिस एक्ट में बदलाव हो और लोगों को टोल टैक्स नहीं देना पड़े। इसके लिए हम जल्द ही जोधपुर और फिर मेवाड़ में बड़ी रैली करेंगे।<br /><br />दम है तो कश्मीर को छुड़ाकर लाएं<br />बेनीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा आज धर्म के नाम पर दिल्ली की सत्ता में बैठी है। कांग्रेस का पाला खाली है, इसलिए गोल पर गोल कर रहे हैं। सरकार बेरोजगारी, कोरोना आदि में मामलों में विफल रही है। चीन ने दो बार आंखें दिखाई। उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री से पूछा कि हिंदुस्तान कश्मीर को छुड़ाने के लिए कब दम दिखाएगा। दम है तो पाक अधिकृत कश्मीर को छुड़ाकर लाएं।<br /><br />सभी 200 सीटों पर लड़ेंगी आरएलपी  <br />बेनीवाल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सभी 200 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी, चाहे परिणाम कुछ भी रहे। बेरोजगारी की समस्या पूरे राजस्थान में है। बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर राजसमंद के दरीबा में पार्टी धरना देगी।  <br /><br />प्रो. सिंह को बर्खास्तगी की करेंगे मांग <br />बेनीवाल ने सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह को भी बर्खास्त करने की मांग को लेकर राज्यपाल से बात करने का भरोसा दिया। वार्ता में आरपीएल के प्रदेश महामंत्री उदयलाल डांगी सहित अन्य जिलों के अध्यक्ष भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/temples-were-broken-even-under-bjp-rule--then-why-remain-silent---beniwal/article-8684</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/temples-were-broken-even-under-bjp-rule--then-why-remain-silent---beniwal/article-8684</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Apr 2022 12:23:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/hanuman-beniwal.jpg"                         length="64938"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[udaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घट स्थापना के साथ नवरात्र शुरू, माता के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के राजपरिवार से आई जरी की पोशाक माता को धारण कराकर आरती उतारी गई। यह परम्परा पिछले 500 सालों से चली आ रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--navratri-begins-with-the-establishment-of-ghat--the-influx-of-devotees-in-the-temples-of-mata/article-7218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/matarani.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, शनिवार को वासंतिक नवरात्र घट स्थापना के साथ शुरू हुए। माँ दुर्गा घोड़े पर सवार होकर हमारे घर आएंगी और नौ दिन बाद भैंसे पर सवार होकर जाएंगी। हमारे दुख संकट और रोगों को अपने साथ ले जाएंगी। मां दुर्गा और मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की नौ दिनों तक आराधना की जाएगी। छोटीकाशी के दुर्गा और श्रीराम मंदिरों में नौ दिन तक धार्मिक अनुष्ठान होंगे।</p>
<p>आमेर स्थित शिलामाता मंदिर के महंत बनवारी लाल शास्त्री के सानिध्य में सुबह 8.05 मंत्रोच्चारण पूजा-अर्चना के साथ घट स्थापना की गई। माता को नवीन पोशाक धारण कराकर ऋतु पुष्पों से शृंगार किया गया। जयपुर के राजपरिवार से आई जरी की पोशाक माता को धारण कराकर आरती उतारी गई। यह परम्परा पिछले 500 सालों से चली आ रही है। सुबह 9 बजे से भक्तों ने माता के दर्शन किए।<br /><br />मुख्य रूप से आमेर के शिला माता, मनसा माता, दुर्गापुरा के दुर्गा मंदिर, पुरानी बस्ती के रूद्रघंटेश्वरी, घाटगेट के काली माता मंदिर, राजापार्क के वैष्णो देवी मंदिर और झालाना के देवी मंदिर में भक्तों ने मां के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। सुबह 6 बजे से ही मंदिरों की कतारों में जाकर लग गए थे और जय माता की जयकारे से देवी की आराधना के इस नौ दिनों के विशेष पर्व का आरंभ किया।<br />अब सभी देवी मंंदिरों में प्रतिदिन दुर्गा शप्तशती, चंडी पाठ और हवन होगा। वहीं, श्रीराम मंदिरों में रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण के पाठ होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--navratri-begins-with-the-establishment-of-ghat--the-influx-of-devotees-in-the-temples-of-mata/article-7218</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--navratri-begins-with-the-establishment-of-ghat--the-influx-of-devotees-in-the-temples-of-mata/article-7218</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Apr 2022 15:48:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/matarani.jpg"                         length="41420"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        