<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/kashi-vishwanath-temple/tag-13063" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>kashi vishwanath temple - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/13063/rss</link>
                <description>kashi vishwanath temple RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए उठाया कदम, काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में 10 अगस्त से प्लास्टिक पूरी तरह बैन</title>
                                    <description><![CDATA[काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/plastic-was-completely-banned-from-august-10-in-kashi-vishwanath/article-122144"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/1ne1ws-(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है। अब 10 अगस्त 2025 से कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की प्लास्टिक सामग्री जैसे दूध के पात्र, माला की टोकरी या प्लास्टिक लोटा लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। सावन के दौरान पहले ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया जा चुका था। अब मंदिर प्रशासन ने यह कदम पर्यावरण को स्वच्छ रखने और धाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में उठाया है। यह निर्णय 6 जुलाई को वाराणसी मंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित समन्वय बैठक में लिया गया था। इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स की समस्याएं सुनी गईं और समाधान तय किया गया।</p>
<p>मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि फूल और दूध जैसे पूजन सामग्री अब प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण के अनुकूल साधनों में लाई जाएं। मंदिर न्यास ने पहले ही परिसर को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित किया था। अब 10 अगस्त से कठोर रूप से इस निर्णय को लागू किया जाएगा। नगर निगम वाराणसी भी कांवड़ यात्रा मार्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने में जुटा है। सावन के पूरे माह जागरूकता अभियान जारी रहेगा। मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भक्तों को सूचित किया जा रहा है कि वे प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/plastic-was-completely-banned-from-august-10-in-kashi-vishwanath/article-122144</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/plastic-was-completely-banned-from-august-10-in-kashi-vishwanath/article-122144</guid>
                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 10:31:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/1ne1ws-%284%29.png"                         length="632892"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का काशी विश्वनाथ मंदिर- ज्ञानवापी मस्जिद पर तत्काल कोई आदेश देने से इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा ,''संबंधित दस्तावेज देखने के बाद हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।'']]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refuses-to-give-any-immediate-order-on-kashi-vishwanath-temple--gyanvapi-masjid/article-9706"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/supreme-court1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी  मस्जिद परिसर में सर्वेक्षण कार्य रोकने की मांग संबंधी याचिका पर शुक्रवार को तत्काल कोई आदेश देने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ''हमे मामले की जानकारी नहीं है। ऐसे में हम आदेश कैसे पारित कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा ,''संबंधित दस्तावेज देखने के बाद हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।''<br /><br />निचली अदालत के आदेश से पूर्व की यथास्थिति बनाए रखने की मांग कर रहे वरिष्ठ वकील एच अहमदी ने शीर्ष अदालत को बताया कि आज (13 मई) सर्वेक्षण हो रहा है। इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने की जरूरत है। इस पर अदालत ने कहा कि वह अभी कोई आदेश पारित नहीं कर सकती। वह मामले को सूचीबद्ध करेगी। अहमदी ने विशेष उल्लेख के दौरान इस मामले को अति आवश्यक बताया था और तत्काल सुनवाई करते हुए सर्वेक्षण पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी।<br /><br />अंजुमन- ए- इंतेजामिया मस्जिद वाराणसी के प्रबंधन समिति ने सर्वेक्षण पर तत्काल रोक लगाने का आदेश देने की मांग संबंधी एक याचिका शीर्ष अदालत के समक्ष दायर की थी। प्रबंधन समिति ने अपनी याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 21 अप्रैल के आदेश की वैधता को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी। दीवानी अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश दिया था।<br /><br />अनेक हिंदुओं का मानना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर- ज्ञानवापी  मस्जिद परिसर के अंदर मां श्रृंगार गौरी मंदिर है। इसी आस्था के चलते पांच ङ्क्षहदू महिलाओं ने  दैनिक पूजा की अनुमति देने की मांग करते हुए निचली अदालत में याचिका दायर की थी। संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पिछले महीने सर्वेक्षण का आदेश दिया था। अदालत ने गुरुवार को कहा था कि बेसमेंट और बंद कमरों समेत पूरी ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे जारी रहेगा। मुस्लिम पक्षकारों ने सर्वेक्षण करने के आदेश का विरोध किया था।</p>
<p><strong>ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी सर्वेक्षण शनिवार को सुबह आठ बजे से</strong><br /> उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शनिवार को सुबह आठ बजे से वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का काम शुरू होगा।  वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि न्यायालय के निर्देश के अनुसार सर्वेक्षण का काम सुबह आठ बजे शुरू होकर दिन में 12 बजे तक चलेगा। जिलाधिकारी ने शनिवार को इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की एक बैठक भी बुलायी है। प्रशासन ने सर्वेक्षण के काम में सभी से सहयोग करने तथा नगर में शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की है।<br /><br /> इस बीच ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो गयी। पूरे परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे। गौरतलब है कि ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण मामले में शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का काम फिर शुरू करने का आदेश दिया था।  न्यायालय द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर दल को सर्वेक्षण रिपोर्ट 17 मई से पहले न्यायालय में पेश करनी है। न्यायालय में इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 17 मई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refuses-to-give-any-immediate-order-on-kashi-vishwanath-temple--gyanvapi-masjid/article-9706</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-refuses-to-give-any-immediate-order-on-kashi-vishwanath-temple--gyanvapi-masjid/article-9706</guid>
                <pubDate>Fri, 13 May 2022 18:14:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/supreme-court1.jpg"                         length="315844"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिव के प्रसिद्ध मंदिर</title>
                                    <description><![CDATA[भुवनेश्वर के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है लिंगराज मंदिर। ये भगवान शिव को समर्पित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/famous--temples--shiva--kashi-vishwanath-temple--omkareshwar-temple--madhya-pradesh--lingaraj-temple--odisha--lingaraj-temple--odisha--trimkeshwar--maharashtra--mahakaleshwar-of-ujjain/article-5229"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/shiv023.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>काशी विश्वनाथ मंदिर</strong></span><br />दुनिया के सबसे पुरने मंदिरों में से एक है गंगा नदी के किनारे बसा काशी विश्वनाथ मंदिर। इस मंदिर का इतिहास 3500 साल पुराना है। महाशिवरात्रि पर इस मंदिर को खूबसूरत तरीके से सजाया जाता है।   <br /><br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>सोमनाथ मंदिर, गुजरात  </strong></span><br />सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहले स्थान पर आता है। सोमनाथ मंदिर एक प्राचीन शिव मंदिर है, जिसके बारे में भारत के ऐतिहासिक किताबों में बताया गया है। मान्यता है कि खुद चंद्रदेव ने इस मंदिर की स्थापना की थी। यहां जाने के लिए केशोद सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है, जो सोमनाथ से 50 किलोमीटर दूर है।   <br /><br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>ओंकारेश्वर मंदिर, मध्यप्रदेश</strong></span><br />12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है शिवपुरी नाम के एक छोटे से आईलैंड पर बना ओंकारेश्वर मंदिर के दरबार में महाशिवरात्रि पर देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां जाने के लिए इंदौर एयरपोर्ट सबसे नजदीक है।<br /><br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>लिंगराज मंदिर, ओडिशा</strong></span><br />भुवनेश्वर के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है लिंगराज मंदिर। ये भगवान शिव को समर्पित है। श्रद्धालु महानदी से पानी लेकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। यहां जाने के लिए भुवनेश्वर के बीजू पटनायक एयरपोर्ट है जो बड़े शहरों से सीधा जुड़ा है।<br /><br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong> त्रिम्केश्वर, महाराष्ट्र</strong></span><br />इसके शिवलिंग के तीन चेहरे हैं भगवान शिव, विष्णू और ब्रह्मा। वैसे तो पूरे साल यहां श्रद्धालुओं की भीड़ होती है लेकिन खास मौकों पर कई लोग यहां पहुंचते हैं। यहां जाने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन नासिक रोड है,जो मंदिर से 40 किलो मीटर दूर है।<br /><br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong> उज्जैन का महाकालेश्वर  </strong></span><br /> इस मंदिर में लोगों को दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन होते हैं। महाकालेश्वर मंदिर मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बटा हुआ है। जिसके ऊपरी हिस्से में नाग चंद्रेश्वर,नीचे ओंकारेश्वर और सबसे नीचे महाकाल मुख्य ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजित नजर आते हैं। भगवान महाकाल की भस्म आरती के दुर्लभ पलों को देखने का अवसर आपको यहां ही मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/famous--temples--shiva--kashi-vishwanath-temple--omkareshwar-temple--madhya-pradesh--lingaraj-temple--odisha--lingaraj-temple--odisha--trimkeshwar--maharashtra--mahakaleshwar-of-ujjain/article-5229</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/famous--temples--shiva--kashi-vishwanath-temple--omkareshwar-temple--madhya-pradesh--lingaraj-temple--odisha--lingaraj-temple--odisha--trimkeshwar--maharashtra--mahakaleshwar-of-ujjain/article-5229</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Mar 2022 13:24:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/shiv023.jpg"                         length="206592"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        