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                <title>two children - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>चार से पांच बच्चों वाले प्रत्याशी भी हैं चुनाव मैदान में, कांग्रेस के 63,भाजपा के 70 प्रत्याशी दो से अधिक बच्चों वाले</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा चुनाव में 133 प्रत्याशियों के हैं दो से अधिक बच्चे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/candidates-with-four-to-five-children-are-also-in-the-electoral-fray--63-congress-and-70-bjp-candidates-have-more-than-two-children/article-164900"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निकाय चुनाव में दो से ज्यादा बच्चे वाले लोगों के चुनाव लडऩे पर लगी पाबंदी हटने के साथ ही नगर निगम कोटा के चुनाव में ऐसे कई प्रत्याशियों की जैसे बाढ़ आ गई है। कांग्रेस ने 100 में से 63 प्रत्याशी तो भाजपा ने 70 प्रत्याशी 2 से अधिक बच्चों वाले चुनाव मैदान में उतारे हैं। हैं। भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर ऐसे 133 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है। इस बार चुनाव मैदान में दो ही नहीं तीन, चार और पांच तक बच्चे वाले भी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।<br />नगर निगम कोटा के 100 वार्डों के लिए दूसरे चरण में 11 सितम्बर को मतदान होना है। मतदान से पहले की सभी चुनावी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई है। प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच व चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद प्रत्याशियों की फाइनल सूची तैयार हो गई है। अब चुनाव मैदान में कुल 373 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जिनमें से भाजपा-कांग्रेस के 200 और शेष अन्य दलों के व निर्दलीय प्रत्याशी हैं।</p>
<p><strong>कांग्रेस से अधिक भाजपा के प्रत्याशी</strong><br />जानकारी के अनुसार निगम चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के अधिकृत 200 प्रत्याशियों में से 133 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके 2 से अधिक और 5 तक बच्चे हैं। इनमें भी कांग्रेस की तुलना में भाजपा के प्रत्याशी अधिक है। जानकारी के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले जहां कांग्रेस के 63 प्रत्याशियों को टिकट मिले हैं वहीं भाजपा के 70 प्रत्याशी हैं।<br />हालांकि निर्दलीयों में भी ऐसे कई प्रत्याशी हो सकते हैं जिनके 2 से अधिक बच्चे होंगे लेकिन उनकी अधिकृत जानकारी नहीं है।</p>
<p><strong>3 बच्चों वाले 26 प्रत्याशी</strong><br />इस बार 26 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके 3 बच्चे हैं। इनमें भाजपा के सबसे अधिक 18 प्रत्याशी हैं और कांग्रेस के भी 8 प्रत्याशी हैं।</p>
<p><strong>चार बच्चों वाले 7 प्रत्याशी</strong><br />दो से अधिक बच्चों वालों के चुनाव लडऩे की पाबंदी हटी तो स्थिति कुछ ओर ही देखने को मिली। पहले जहां लोग अधिक बच्चे होने पर इस तथ्य को छिपाकर रखते थे वहीं अब इसे खुलेआम बता रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में 7 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके 4-4 बच्चे हैं। इनमें भी कांग्रेस के 5 और भाजपा के 2 प्रत्याशी हैं। कांग्रेस के वार्ड 10,19,26,61 व 63 से चुनाव मैदान में प्रत्याशियों के 4 बच्चे हैं। जबकि भाजपा में वार्ड 11 व 98 से चुनाव मैदान में प्रत्याशी के 4 बच्चे हैं। इनमें भी अधिकतर महिला प्रत्याशी हैं।</p>
<p><strong>वार्ड 30 से भाजपा प्रत्याशी के 5 बच्चे</strong><br />वर्तमान में जहां अधिकतर लोगों के एक या दो ही बच्चे होते हैं। वहीं ऐसे लोग भी हैं जिनके 5 बच्चे हैं। नगर निगम कोटा के चुनाव में भाजपा की एक महिला प्रत्याशी ऐसी हैं जिनके 5 बच्चे हैं। भाजपा की वार्ड 30 से प्रत्याशी हैं जिनके 5 बच्चे हैं। महिला प्रत्याशी बीवीरामजी योजना में मैट का काम करती हैं और उनके पति पेंटर हैं।</p>
<p><strong>19 प्रत्याशी अविवाहित भी</strong><br />निगम चुनाव में इस बार भाजपा व कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों की सूची में 19 अविवाहित प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। जिनमें कांग्रेस के 16 व भाजपा के 3 प्रत्याशी हैं। वहीं चुनाव मैदान में नवविाहित प्रत्याशी भी हैं। जिनमें से कांग्रेस में 4 और भाजपा में 2 प्रत्याशी है। जिनकी कुछ समय पहले ही शादी हुई है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल:</strong><br />नगर निगम के कुल वार्ड -100<br />चुनाव मैदान में कुल प्रत्याशी-373<br />भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी-200<br />निर्दलीय व अन्य दलों के प्रत्याशी-173<br />दो से अधिक बच्चों वाले प्रत्याशी-133<br />दो से अधिक वाले भाजपा प्रत्याशी-70<br />दो से अधिक बच्चों वाले कांग्रेस प्रत्याशी-63<br />तीन बच्चों वाले भाजपा प्रत्याशी-18<br />तीन बच्चों वाले कांग्रेस प्रत्यशी-8<br />चार बच्चों वाले भाजपा प्रत्याशी-2<br />चार बच्चों वाले कांग्रेस प्रत्याशी-5<br />पांच बच्चों वाले भाजपा प्रत्याशी-1<br />पांच बच्चों वाले कांग्रेस प्रत्याशी-0<br />अविवाहित भाजपा प्रत्याशी-3<br />अविवाहित कांग्रेस प्रत्याशी-16<br />नवविवाहित भाजपा प्रत्याशी-2<br />नवविवाहित कांग्रेस प्रत्याशी-4</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 15:02:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> तीन सगी बहनों सहित दो बच्चों की मौत का मामला: पुलिस जांच में तेजी, कुएं से जुटाए साक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[तीन सगी बहनों व दो बच्चों की सामूहिक मौत के मामले में गिरफ्तार दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/-death--two-children--including-real-sisters/article-10877"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/dudu1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दूदू।</strong> कस्बे में तीन सगी बहनों सहित दो बच्चों के शव कुएं से बरामद करने के बाद सोमवार को एसडीआरएफ  की रेस्क्यू टीम के 12 जवानों ने कुएं को खंगालकर साक्ष्य एकत्रित कर पुलिस को सौंपे। एसडीआरएफ अधिकारी पंकज चौधरी के अनुसार 12 जवानों की टीम ने पानी बाहर निकलवाया तथा कुएं के तल से मोबाइल फोन, कपडे निकालकर सपुर्द किए। वहीं दूसरी ओर मीणा समाज के प्रतिनिधियों ने मृतकाओं के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस दौरान जोबनेर पालिका के पूर्व चेयरमैन फूलचंद मीणा, मीणा समाज अध्यक्ष रामकिशोर मीणा, विजय मीणा, कुंदन मीणा, नंदलाल मीणा, सुरेश चंद मौजूद थे।</p>
<p><br /><strong>आरोपियों को रिमांड पर भेजा</strong> <br />तीन सगी बहनों व दो बच्चों की सामूहिक मौत के मामले में गिरफ्तार दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने पांचों को 31 मई तक पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया। दहेज हत्या के मामले में आरोपी नरसिंह मीणा, जगदीश उर्फ  गौरू मीणा, मुकेश मीणा, सास संतोष मीणा, जिठानी मीना देवी को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने पूछताछ के लिए पांचों को 31 मई तक पुलिस रिमांण्ड पर भेज दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 May 2022 14:30:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[रामगंजमंडी उपखंड के मोडक थाना अंतर्गत सहरावदा पंचायत के तेलिया खेड़ी गांव के पास नहाते समय दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/two-children-died-due-to-drowning-in-a-pit-dug-by-a-four-lane-construction-company/article-9991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modak-doobne-se-baccho-ki-maut.jpg" alt=""></a><br /><p>मोडक। रामगंजमंडी उपखंड के मोडक थाना अंतर्गत सहरावदा पंचायत के तेलिया खेड़ी गांव के पास नहाते समय दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार फोरलेन निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढों में पानी भरा हुआ था जहां पर राहुल और किरन नहाने के लिए गए हुए थे। किरन पानी में डूबने लगी तो राहुल बचाने गया, बचाने के प्रयास में  राहुल  भी पानी में डूब गया, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।  <br /><br />प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल करण सिंह जाति भील ठाकुर उम्र 10 साल खेतपालिया रामपुरा जिला नीमच मप्र. हाल मुकाम पदद्म जी की फैक्ट्री तेलिया खेडी और दूसरा बच्चा किरन पुत्री टीना पप्पू भील ठाकुर राता देवी की बावड़ी उम्र 8 असनावर जिला झालावाड़ हाल मुकाम तेलिया खेड़ी पुलिस थाना मोडक। फोरलेन निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढों में पानी भरा हुआ था जहां पर राहुल और किरन नहाने के लिए गए हुए थे।  इस दौरान किरन पानी में डूबने लगी तो बचाने गया राहुल भी पानी में डूब गया, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामवासी मौके पर एकत्रित हो गए तथा घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा दोनों ही शवों को ग्रामीणों के सहयोग से बाहर निकाला गया, जिन्हें मोडक चिकित्सालय लाया गया। जहां चिकित्सकों द्वारा जांच किए जाने के बाद मृत घोषित किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए।  जानकारी के अनुसार रोजगार की तलाश में कोटा स्टोन की फैक्ट्री पर दोनों के परिजन कार्य करते हैं ।  मोडक पुलिस ने मामला दर्ज करके अनुसंधान शुरू कर दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 16:09:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चंबल से मिली खुशखबरी: अप स्ट्रीम में नजर आए ऊदबिलाव के दो बच्चे</title>
                                    <description><![CDATA[लुप्त हो रहे ऊदबिलाव का एक बार फिर से कुनबा बढ़ा है। चंबल की डाउन स्ट्रीम क्षेत्र में दो नए बच्चों का आगमन हुआ है। ऐसे में इनके परिवार की संख्या 6 हो गई है। हालांकि, एक सदस्य अभी भी गायब है। गायब सदस्य को मिलाकर संख्या सात है, लेकिन ये नजर नहीं आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/good-news-from-chambal--two-children-of-the-beaver-were-seen-in-the-up-stream/article-6112"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/41.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती की जमीं को सरसब्ज करने वाली चंबल नदी से खुशखबरी मिली  है। लुप्त हो रहे ऊदबिलाव का एक बार फिर से कुनबा बढ़ा है। चंबल की डाउन स्ट्रीम क्षेत्र में दो नए बच्चों का आगमन हुआ है। ऐसे में इनके परिवार की संख्या 6 हो गई है। हालांकि, चिंता की बात यह है कि एक सदस्य अभी भी गायब है। गायब सदस्य को मिलाकर संख्या सात है, लेकिन ये नजर नहीं आ रहा है। फिर भी इनके परिवार में नए सदस्य का आना राहत की खबर है। क्योंकि, इनका कुनबा लगातार कम हो रहा था। वन्यजीव प्रेमियों ने इनको परिवार के साथ उछल कूद करते देखा। एक्सपर्ट का कहना है कि ऊदबिलाव की तीन प्रजातियां मिलती है। यहां अभी स्मूत कोटर प्रजाति है। जबकि, यूरेशिएन और स्कॉमन क्लो ओटर यहां नहीं मिलती है। ये भारत के अन्य क्षेत्रों में मिलती है। कोटा में पाई जाने वाली प्रजाति सभी जगह पर मिलती है। ये कॉमन प्रजाति है। हालांकि, इनकी संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में इनका संरक्षण करना जरूरी है।<br /><br /><strong>अभी 31 के करीब संख्या</strong><br />एक्सपर्ट का कहना है कि कोटा बैराज के अप स्ट्रीम क्षेत्र में ही ऊदबिलाव पाए जाते हैं। इनकी संख्या इस समय 31 हो गई है। ये राणा प्रताप सागर तक है। एक्सपर्ट का कहना है कि अवैध आखेट से इनको नुकसान पहुंच रहा है। मछलियों को पकड़ने के लिए लगाई गई जाल इसमें प्रमुख है। इनका कहना है कि इसके चलते पिछले दिनों एक ऊदबिलाव की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में मुकंदरा टाइगर रिजर्व विभाग को इस पर रोक लगानी चाहिए।<br /><br /><strong>ऐसा होता है उदबिलाव</strong> <br />यह जल और स्थल पर वास करने वाला स्तनधारी जानवर है, जो कि एक मांसाहारी प्राणी है।  इनकी लंबाई 0.6 से 1.8 मीटर और वजन 1 से 45 किलो के बीच होता। ऊदबिलाव बेहद ठंडे पानी में भी रह सकते हैं। इससे खाना पचकर ऊर्जा बनती रहती है। अपना अधिक समय पानी में ही बिताता है। शरीर लंबा, टांगें छोटी, सर चपटा और थूथन चौड़ा होता है। इसकी आंखें छोटी, मूंछे घनी और कान छोटे तथा गोलाकार होते हैं। पानी में घेरा डालकर मछलियों का शिकार करते हैं। इनका मुख्य भोजन तो मछली ही है, लेकिन पानी की चिडियां छोटे जानवर और कीड़े मकोड़ों से भी अपना पेट भरते हैं। मादा अपने बिल में मार्च-अप्रैल में दो तीन शावक को जन्म देती है। <br /><br /><strong>इसलिए जरूरी है उदबिलाव</strong><br />उदबिलाव जलीय जीवों में बहुत जरूरी है। मच्छलियों की बढ़ती तादाद पर नियंत्रण करता है। इससे पानी में इनका संतुलन बना रहता है, लेकिन इनकी संख्या दिनों दिन कम हो रही है। प्रदेश में केवल कोटा चंबल नदी में मिलता है। यह शैड्यल-1 प्रजाति में शामिल है। अंतर्राष्टÑीय प्रकृति संरक्षण संघ (आइयूसीएन) ने इसे लुप्त प्रजाति की श्रेणी में रखा है। इनकी घटती तादाद चिंता का विषय है।<br /><strong>विशेषताएं</strong><br />प्रजाति- शैड्यूल-1<br />लंबाई- 0.6 से 1.8 मीटर<br />वजन- 1 से 45 किलोग्राम<br />भोजन- मांसाहारी<br /><br />चंबल के अप स्ट्रीम में इनकी फैमिली में दो नए बच्चे देखे गए है। इस तरह इनकी संख्या वापस 6 हो गई है। हालांकि, पहले भी छह थी। लेकिन, एक की मौत हो गई है। जबकि, एक गायब है।<br />- <strong>बनवारी यदुवंशी, वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट</strong><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Mar 2022 14:58:43 +0530</pubDate>
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                <title> हम दो-हमारे दो : राजस्थान का सपना पूरा :  19 जिलों में ‘बच्चे दो ही अच्छे’ की सोच से पूरा टारगेट </title>
                                    <description><![CDATA[शहरों में युवाओं की सोच हम दो हमारे एक ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hum-do-our-two--rajasthan-s-dream-fulfilled--on-average-more-than-three-children-are-being-born-in-14-districts--complete-target-in-19-districts-with-the-idea-of-%E2%80%8B%E2%80%8B-children-are-good---the-thinking-of-the-youth-in-the-cities--we-two--our-one/article-5298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/hum-do-hamare-do.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  देश में अभी भी 14 जिलों में बच्चे दो ही अच्छे की सोच बनना बाकी है। इन जिलों में अभी भी नव दंपत्ति के परिवार में तीन या इससे अधिक बच्चे पैदा हो रहे हैं। अगर इन जिलों में हालात सुधरे तो प्रदेश में परिवार में बच्चों का औसत दो से भी कम हो जाए और जनसंख्या वृद्वि पर बड़ा ब्रेक लगे। राहत की बात यह भी है कि शहरी क्षेत्रों में नई पीढ़ी एक बच्चे से ही अपने परिवार को पूर्ण मानने लगी है। शहरी क्षेत्रों में एनएफएचएस सर्वे के सैंपल सर्वे में औसतन 1.7 ही बच्चे नव दंपत्तियों के परिवार में पैदा हो रहे हैं। ग्रामीण में यह दो से मामूली ज्यादा 2.1 है। <br /><br />देश में इंदिरा गांधी की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण को बालकवि बैरागी के लिखे हम दो-हमारे दो का नारा दिया था। राजस्थान में अब जाकर यह सपना पूरा हुआ है, लेकिन प्रदेश के इस सपने को पूरा करने के भागीदार केवल 19 जिले ही हैं।<br /><br /><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;">इन बातों पर चिंता, सभी जिलों में छोटे परिवार को जरुरी</span></strong><br />1. <strong>महिलाओं पर ही छोटे परिवार का जिम्मा, पुरुष नसबंदी को क्यों नहीं आते</strong><br />चिकित्सा विभाग सालाना परिवार नियोजन पर 150 करोड़ रुपए खर्च करता है। नसबंदी कराने पर प्रोतसाहन के रूप में 1400-2000 रुपए तक दिए जा रहे हैं। चिंतनीय यह है कि पुरुष छोटे परिवार के लिए महिलाओं को ही आगे कर रहे हैं। उनकी भागीदारी शून्य ही है। प्रदेश में 42.4 फीसदी महिलाएं गर्भनिरोधक उपाय जैसे आॅपरेशन या अन्य साधन से गर्भधारण होने से रोक रही हैं। लेकिन पुरुष मात्र 0.3 फीसदी यानी कहें तो शून्य नसबंदी कराने ही आ रहे हैं। <br /><br />2. <strong>7.6 फीसदी दंपत्ति परिवार नियोजन की पहुंच से बाहर</strong><br />चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में दो बच्चों का परिवार नियोजित करने के लिए 72 फीसदी नई दंपत्ति के पास इसके साधन या गर्भनिरोधक उपाय की पहुंच होनी जरुरी है। लेकिन अभी 7.6 फीसदी कम यानी 64.4 फीसदी तक ही यह पहुंच पा रहे हैं। इससे प्रजनन दर कई जिलों में ज्यादा है। परिवार कल्याण के परियोजना निदेशक डॉ. गिरीश द्विवेद्वी की माने तो इन तक चिकित्सा विभाग की पहुंच नहीं बनी है या फिर ये नियोजन के साधन लेने नहीं आ रहे हैं। नियोजन को तय टारगेट पूरा हो जाए तो सभी जिलों में छोटे परिवार का सपना भी पूरा हो जाएगा।<br /><br />3.  <strong>शिक्षा बेहद जरुरी</strong><br />जिन 14 जिलों में प्रजनन दर ज्यादा है यानी बच्चे 3 या इससे अधिक हो रहे हैं। उनमें शिक्षा का प्रतिशत ज्यादातर में कम है। इसके चलते जागरुकता भी समानुपाती कम ही है। इसलिए छोटे परिवार की सोच विकसित करने के लिए शिक्षा का स्तर बढ़ाने की जरुरत है। वहीं इनमें बॉर्डर जिले, आदिवासी जिले, मरूस्थली जिलों की संख्या सर्वाधिक है। संभागीय मुख्यालयों में केवल मात्र उदयपुर ऐसा जिला है जहां प्रजनन दर 3 या इससे अधिक है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>19 जिले जहां दो बच्चों की सोच बनी</strong></span><br />अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, कोटा, नागौर, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#000080;"><strong>14 जिले जहां परिवार अभी भी बड़ा</strong></span><br />बाड़मेर, बांसवाड़ा, जालौर, जैसलमेर, उदयपुर, पाली, राजसमंद, सिरोही, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, बारां, भरतपुर, डूंगरपुर, करौली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 10:17:10 +0530</pubDate>
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