<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/dream/tag-13104" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>dream - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/13104/rss</link>
                <description>dream RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है</title>
                                    <description><![CDATA[खलिहानों में जाकर जगाई शिक्षा की अलख।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wings-alone-are-not-enough--it-is-courage-that-enables-flight/article-152626"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस उक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है कोटा जिले के लालाहेड़ा राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक रेवतीरमण नागर ने। अभावों में पले-बढ़े और विपरित परिस्थितियों से लड़कर निकले रेवतीरमण आज उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल हैं, जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। अपनी मेहनत के दम पर न केवल उन्होंने उच्च शिक्षा में हमेशा प्रथम श्रेणी प्राप्त की, बल्कि एक शिक्षक के रूप में अपनी कर्तव्यनिष्ठा से सरकारी स्कूलों के प्रति समाज का नजरिया भी बदल दिया। उनके इसी जज्बे को साल 2023 में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया। नागर ने बताया कि हम तीन भाई जिनमें बड़े भाई भी सरकारी शिक्षक है, दूसरा में स्वयं ,तीसरे भाई भी प्राइवेट स्कूल में कार्यरत हैं।</p>
<p><strong>अभावों के बीच रहा शिक्षा का सफर </strong><br />रेवतीरमण नागर ने बताया कि उनका बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। उनके पिता खेती का कार्य करते थे और घर की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं थी। घर की तंगहाली के चलते उन्होंने कोटा में मामा के पास रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की।</p>
<p><strong>2015 में शुरू हुआ सेवा का संकल्प</strong><br />साल 2015 में रेवतीरमण का चयन शिक्षक के पद पर हुआ। उनकी पहली पोस्टिंग सुल्तानपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय छोटी जाखड़ौन्द में हुई। स्कूल ज्वाइन करते ही उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती कम नामांकन की थी। उन्होंने हार मानने के बजाय विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ाने (नामांकन वृद्धि) पर जोर दिया और ग्रामीण परिवेश में शिक्षा की अलख जगाई।</p>
<p><strong>खेत-खलिहानों तक पहुंचे, ड्रॉप आउट बच्चों को जोड़ा </strong><br />जब उनका स्थानांतरण राजकीय प्राथमिक विद्यालय लालाहेड़ा में हुआ, तो वहां भी स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। स्कूल में बच्चों की संख्या काफी कम थी और कई बच्चे पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने जा रहे थे। नागर ने हार नहीं मानी और खुद घर-घर व खेतों में जाकर अभिभावकों से संपर्क किया। उन्होंने उन बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया जो मजदूरी में लगे थे। विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने माता-पिता को प्रेरित किया कि वे बच्चों को स्कूल भेजें। उनके इस 'डोर-टू-डोर' अभियान का नतीजा यह रहा कि स्कूल से बाहर (ड्रॉप आउट) हो चुके बच्चे फिर से मुख्यधारा से जुड़ गए। वहीं स्कूल के बुनियादी ढांचे को सुधारने का बीड़ा भी उठाया। उन्होंने समाज के दानदाताओं को प्रेरित किया और उनके सहयोग से स्कूल में रंग-रोगन का कार्य करवाया, पानी की टंकी बनवाई और बच्चों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं जुटाईं। उनके इन प्रयासों से स्कूल का वातावरण निजी स्कूलों जैसा आकर्षक नजर आने लगा है।</p>
<p><strong>सम्मान की चमक: जिला स्तर से राज्य स्तर तक</strong><br />रेवतीरमण नागर के समर्पण को पहचान मिलना तब शुरू हुई जब साल 2022 में उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। उनकी मेहनत और निष्ठा का सफर यहीं नहीं रुका। साल 2023 में जयपुर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अध्यक्ष डॉ. बुलाकी दास (बीडी)कल्ला शिक्ष मंत्री, विशिष्ट अतिथि जाहिदा खान राज्यमंत्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग स्वतंत्र प्रभार, शिक्षा सचिव नवीन जैन ने उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजा। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी सरकारी शिक्षकों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में बदलाव लाने का जज्बा रखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wings-alone-are-not-enough--it-is-courage-that-enables-flight/article-152626</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wings-alone-are-not-enough--it-is-courage-that-enables-flight/article-152626</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:14:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%286%294.png"                         length="1620441"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टूटा भारत का विश्व रिकॉर्ड का सपना</title>
                                    <description><![CDATA[रैसी वान डेर डुसेन (75) और डेविड मिलर (64) की विस्फोटक पारियों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने गुरुवार को हुए पहले टी-20 मुकाबले में भारत को पांच गेंद शेष रहते सात विकेट से मात देकर उसका विश्व रिकॉर्ड बनाने का सपना तोड़ दिया।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/indias-dream-of-world-record-broken/article-11809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/south--afrika.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> रैसी वान डेर डुसेन (75) और डेविड मिलर (64) की विस्फोटक पारियों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने गुरुवार को हुए पहले टी-20 मुकाबले में भारत को पांच गेंद शेष रहते सात विकेट से मात देकर उसका विश्व रिकॉर्ड बनाने का सपना तोड़ दिया।  अफगानिस्तान-रोमानिया जीत चुके हैं 12-12 मैच  दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका ने 19.1 ओवर में ही तीन विकेट पर 212 रन बनाकर भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। भारत इस समय लगातार टी-20 मैच जीतने के मामले में अफगानिस्तान और रोमानिया की बराबरी पर है। तीनों टीमों ने लगातार 12-12 मैच जीते हैं। यदि भारत यह मैच जीतता तो वह लगातार टी-20 मैच जीतने में नया विश्व रिकॉर्ड बनाता, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने उसकी उम्मीदों को पूरा नहीं होने दिया।  दक्षिण अफ्रीका को दिया 212 का लक्ष्य  भारत के 211 रन का जवाब देते हुए दक्षिण अफ्रीका ने कप्तान तेम्बा बावुमा को मैच के तीसरे ओवर में ही खो दिया। <br /><br />भुवनेश्वर कुमार ने बावुमा को महज 10 रन पर रिषभ पंत के हाथों लपकवाया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ड्वेन प्रिटोरियस ने 29(13) रन की विस्फोटक पारी खेली। प्रिटोरियस ने अपनी पारी में चार छक्के और एक चौका लगाया जिसकी बदौलत अफ्रीका ने 4.3 ओवर में ही 50 रन पूरे कर लिये। दक्षिण अफ्रीका ने पांच ओवर में 60 रन बनाए। इससे भारत पर दबाव बन रहा था, लेकिन हर्षल पटेल ने छठे  ओवर में सिर्फ एक रन देकर प्रिटोरियस का महत्वपूर्ण विकेट लिया और पावरप्ले में अफ्रीका को 61 रन पर रोक दिया।  आठवें ओवर में जब अफ्रीका 81/2 पर थी तब क्विंटन डि कॉक (22) भी आउट हो गये। इसके बाद अफ्रीका की पारी थम गई और उन्हें 100 रन तक पहुंचने में 11.5 ओवर लग गये।  अफ्रीका को नौ ओवर में जीत के लिये 120 रन चाहिये थे, तभी डेविड मिलर ने पारी का गियर बदला और उनकी टीम ने अगले चार ओवर में 56 रन जोड़े। यहां से मिलर-डुसेन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आखिरी ओवर की पहली गेंद पर मैच अपने नाम कर लिया। अय्यर ने छोड़ा डुसेन का कैच मैच के 16वें ओवर में श्रेयस अय्यर ने आवेश खान की गेंद पर रैसी वान डर डुसेन का कैच छोड़ा, जो भारत को अंतत: महंगा साबित हुआ। डुसेन ने 46 गेंदों पर नाबाद 75 रन की मैच विजयी पारी में सात चौके और पांच छक्के लगाये, जबकि मिलर ने चार चौके और पांच छक्कों की बदौलत 31 गेंदों में नाबाद 64 रन बनाये। </p>
<table style="width:509px;">
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:506px;height:41px;text-align:center;" colspan="5"><strong> स्कोर बोर्ड</strong></td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;">भारत पारी :</td>
<td style="width:139px;height:41px;">   रन</td>
<td style="width:72px;height:41px;">गेंद</td>
<td style="width:62px;height:41px;">4  </td>
<td style="width:40px;height:41px;">6</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;">इशान को. ट्रिस्टन बो. महाराज</td>
<td style="width:139px;height:41px;">76</td>
<td style="width:72px;height:41px;">  48</td>
<td style="width:62px;height:41px;">11   </td>
<td style="width:40px;height:41px;">3</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;">रुतुराज को. बवुमा बो. पार्नेल </td>
<td style="width:139px;height:41px;">23 </td>
<td style="width:72px;height:41px;">15   </td>
<td style="width:62px;height:41px;">  0</td>
<td style="width:40px;height:41px;">3</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;">श्रेयस बो. प्रिटोरियस</td>
<td style="width:139px;height:41px;">   36</td>
<td style="width:72px;height:41px;">   27  </td>
<td style="width:62px;height:41px;">1  </td>
<td style="width:40px;height:41px;">3</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;">पंत को. दुसेन बो. नॉर्त्जे   </td>
<td style="width:139px;height:41px;">29  </td>
<td style="width:72px;height:41px;">16   </td>
<td style="width:62px;height:41px;">2   </td>
<td style="width:40px;height:41px;">2</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;">हार्दिक अविजित   </td>
<td style="width:139px;height:41px;">31  </td>
<td style="width:72px;height:41px;">12</td>
<td style="width:62px;height:41px;">2</td>
<td style="width:40px;height:41px;">3</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;">कार्तिक अविजित    1    2    0    0</td>
<td style="width:139px;height:41px;">1</td>
<td style="width:72px;height:41px;">2</td>
<td style="width:62px;height:41px;">0</td>
<td style="width:40px;height:41px;">0</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="width:193px;height:41px;" colspan="5">अतिरिक्त :15   </td>
</tr>
<tr style="height:41.5px;">
<td style="width:193px;height:41.5px;" colspan="5">कुल : 20 ओवर में 4 विकेट पर 211 रन</td>
</tr>
<tr style="height:41.5px;">
<td style="width:193px;height:41.5px;" colspan="5">विकेट पतन : 1-57 (रुतुराज), 2-137 (इशान), 3-156 (श्रेयस), 4-202 (पंत).</td>
</tr>
<tr style="height:41.5px;">
<td style="width:193px;height:41.5px;" colspan="5">गेंदबाजी : महाराज 3-0-43-1, रबादा 4-0-35-0, नॉर्त्जे 4-0-36-1, पार्नेल 4-0-32-1, शम्सी 2-0-27-0, प्रिटोरियस 3-0-35-1.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<table>
<tbody>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">दक्षिण अफ्रीका पारी :    </td>
<td style="height:41px;">रन   </td>
<td style="height:41px;">गेंद  </td>
<td style="height:41px;">4  </td>
<td style="height:41px;">6</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">डी कॉक को. इशान बो. अक्षर   </td>
<td style="height:41px;">22</td>
<td style="height:41px;">18</td>
<td style="height:41px;">3</td>
<td style="height:41px;">0</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">बावुमा को. पंत बो. भुवनेश्वर   </td>
<td style="height:41px;">10</td>
<td style="height:41px;">8</td>
<td style="height:41px;">2</td>
<td style="height:41px;">0</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">प्रिटोरियस बो. हर्षल पटेल   </td>
<td style="height:41px;">29</td>
<td style="height:41px;">13</td>
<td style="height:41px;">1</td>
<td style="height:41px;">4</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">डुसेन अविजित   </td>
<td style="height:41px;">75</td>
<td style="height:41px;">46</td>
<td style="height:41px;">7</td>
<td style="height:41px;">5</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;">मिलर अविजित    64    31    4    5</td>
<td style="height:41px;">64</td>
<td style="height:41px;">31</td>
<td style="height:41px;">4</td>
<td style="height:41px;">5</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;" colspan="5">अतिरिक्त :    12   </td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;" colspan="5">कुल : 19.1 ओवर में 3 विकेट पर 212 रन।</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;" colspan="5">विकेट पतन : 1-22 (बवुमा), 2-61 (प्रिटोरियस), 3-81 (डी कॉक).</td>
</tr>
<tr style="height:41px;">
<td style="height:41px;" colspan="5">गेंदबाजी : भुवनेश् वर 4-0-43-1, आवेश 4-0-35-0, चहल 2.1-0-26-0, हार्दिक 1-0-18-0, हर्षल 4-0-43-1, अक्षर 4-0-40-1.</td>
</tr>
<tr style="height:32px;">
<td style="height:32px;" colspan="5">प्लेयर आॅफ द मैच :  डेविड मिलर (दक्षिण अफ्रीका)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>
<p><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/indias-dream-of-world-record-broken/article-11809</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/indias-dream-of-world-record-broken/article-11809</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 15:28:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/south--afrika.jpg"                         length="65512"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM के सपने के अनुरूप 2023 में कांग्रेस मुक्त राजस्थान: डॉ. किरोड़ीलाल</title>
                                    <description><![CDATA[डा. मीणा मंगलवार को टोंक शहर के मोलाईपुके मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे रा गांव में मन्दिर थे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सचिन पायलट का भविष्य टोंक वालों के हाथ में है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/tonk-draft--add-youpolitics--rajasthan--congress--will-be-free--2023---pm-s--dream--dr--kirodilalr-title/article-10499"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/kirodi-lal-meena1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टोंक।</strong> राज्यसभा सांसद डा. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कांग्रेस में योग्य एवं युवा वर्ग को कोई तवजों नहीं दी जाती है, यही कारण है कि सचिन पायलट को हजार-बारह सौ फिट गहरा गाड़ दिया गया। जिससे लगता है कि मोदी के सपने के अनुरूप 2023 में राजस्थान भी कांग्रेस मुक्त हो जाएगा।</p>
<p><strong>कांग्रेसी मंत्री रमेश मीणा के बयान पर डॉ. मीणा ने कहा</strong></p>
<p>डा. मीणा मंगलवार को टोंक शहर के मोलाईपुके मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे रा गांव में मन्दिर थे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सचिन पायलट का भविष्य टोंक वालों के हाथ में है, जिनका टोंक वाले तो भविष्य बनाने में लगे थे, लेकिन वो जल्दी आउट हो गए। कांग्रेसी मंत्री रमेश मीणा के बयान पर डा. मीणा ने कहा कि मन्दिरों में जाना एवं युवाओं के साथ रहना अगर अपराध है तो वह यह अपराध बार-बार करेंगे। ज्ञानव्यापी मस्जिद प्रकरण में डा. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि देश में राम मन्दिर, अयोध्या, काशी, मथूरा ऐसे धार्मिक स्थाल है जिनका पुरातत्व एवं इतिहास रहा है। ज्ञानव्यापी मस्जिद में फुव्वारा मिला है, अब यह भोले का फव्वारा है जो चलेगा तो सब कुछ साफ कर देगा। वहां भोले का शंख एवं फव्वारा चलेगा तो सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा सरकार में कानून व्यवस्था का पूरी तरह चौपट भी बताया।</p>
<p><br /><strong>राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा का किया स्वागत</strong></p>
<p>इससे पूर्व यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा का टोंक आगमन पर पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा कामधेनु सर्किल पर स्वागत किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता के नेतृत्व में पूर्व प्रधान जगदीश गुर्जर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल टोंक अध्यक्ष शेलेन्द्र जैन, कार्यक्रम में शहर महामंत्री रामावतार मेहरा,शहर उपाध्यक्ष पंकज सैनी, सीताराम चावला,पूर्व जिलाध्यक्ष एससी मोर्चा जयनारायण वर्मा, सुनील चौहान, तारिक अजीज, मंडल आईटी सेल संयोजक प्रियवीर सिंह राठौड़, महावीर सेन,गिरधारी नकवाल, हीरालाल महावर, नरेन्द्र अजमेरा, दिलीप सिंधी, प्रदीप मूलचंदानी, सीताराम अंकल, दिनेश महावर, गुड्डू खटीक, श्याम आदि कार्यकर्ता ने राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा का स्वागत किया। इसके बाद सांसद किरोड़ीलाल मीणा व पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता ने टोंक शहर के ग्राम मोलाईपूरा में मीन भगवान के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल  होकर उपस्थित जनसमूह को उद्बोधन प्रदान किया और मन्दिर में दर्शन किए।<br /><br /> <br /> <br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टोंक</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/tonk-draft--add-youpolitics--rajasthan--congress--will-be-free--2023---pm-s--dream--dr--kirodilalr-title/article-10499</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/tonk-draft--add-youpolitics--rajasthan--congress--will-be-free--2023---pm-s--dream--dr--kirodilalr-title/article-10499</guid>
                <pubDate>Thu, 26 May 2022 16:25:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/kirodi-lal-meena1.jpg"                         length="22600"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में फ्लॉप हो गया जिनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट बीआरआई</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले हफ्ते नेपाल और चीन के बीच बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को साइन हुए पांच साल पूरे हो गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/jinping-s-dream-project-bri-flopped-in-nepal/article-10176"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/china.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग/काठमांडू। पिछले हफ्ते नेपाल और चीन के बीच बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को साइन हुए पांच साल पूरे हो गए। फरवरी 2018 को केपी शर्मा ओली नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे। कुछ महीनों बाद जून में वह चीन के दौरे पर गए जहां चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग के साथ मीटिंग के दौरान उन्होंने 35 प्रोजेक्ट की जानकारी दी जिन्हें नेपाल बीआरआई के तहत बनाना चाहता है। बीआरआई, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसके तहत वह एशिया, यूरोप और अफ्रीका को सड़क व जल मार्ग से जोड़ना चाहते हैं। तब बीआरआई में शामिल होने को नेपाल में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद अब यह प्रोजेक्ट नेपाल में ठंडे बस्ते में पड़ा है। काठमांडू पोस्ट की एक खबर में कहा गया है कि मजबूत जनादेश के साथ ओली की सत्ता में वापसी और अपने पहले कार्यकाल में बीजिंग के साथ कई समझौतों पर साइन करने के चलते बीआरआई की परियोजनाओं के शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई थीं। लेकिन पांच साल बाद अब ये उम्मीदें धुंधली पड़ती नजर आ रही हैं। मामले से परिचित दो सरकारी अधिकारियों ने कहा कि बीआरआई के तहत परियोजनाओं की ज्यादातर फंडिंग लोन से होती है, जिसमें नेपाल ने ज्यादा रुचि नहीं ली। लिहाजा चीनी सलाह पर नेपाल ने परियोजनाओं की संख्या को घटाकर 9 कर दिया। उन्होंने कहा कि अब बीआरआई के प्रोजेक्ट्स प्राथमिक भी नहीं हैं।<br /><br /><strong>नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर में निवेश के लिए इच्छुक भारत</strong><br />नेपाल को अमेरिका की तरफ से मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन के तहत 500 मिलियन डॉलर का अनुदान मिल रहा है। दूसरी ओर भारत भी नेपाल में, विशेष रूप से हाइड्रोपावर सेक्टर में, निवेश करने में रुचि दिखा रहा है। वाशिंगटन और नई दिल्ली दोनों लंबे समय से बीआरआई को नकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने काठमांडू को संभावित कर्ज जाल की भी चेतावनी दी है।<br /><br /><strong>प्रभाविक हो सकता है बीआरआई</strong><br />अक्टूबर 2019 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नेपाल यात्रा के दौरान इस बात पर सहमति बनी थी कि नेपाल और चीन बीआरआई को लाभकारी सहयोग को गहरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखेंगे। अधिकारियों का कहना है कि वे निश्चित रूप से नहीं कर सकते कि सीमापार रेलवे जैसे बीआरआई के अन्य प्रोजेक्ट्स कब शुरू होंगे। आॅब्जर्वर्स का कहना है कि भू-राजनीतिक कारक भी अब नेपाल में बीआरआई को प्रभावित कर सकते हैं। हाल के दिनों में नेपाल के सहयोग क्षेत्र में तेजी से विकास देखने को मिला है।<br /><br /><strong>क्यों असफल हो गया चीन का बीआरआई प्रोजेक्ट?</strong><br />असफल होने के कई कारण हैं। ओली कैबिनेट में विदेश मंत्री रह चुके प्रदीप ग्यावाली ने कहा कि हमारी शुरूआत काफी धीमी थी। प्रोजेक्ट्स के चयन में काफी समय लगा और फिर हमने इसकी संख्या 35 से घटाकर 9 कर दी। हम प्रोजेक्ट्स को शुरू करने की योजना पर काम कर रहे थे कि तभी महामारी आ गई और हमारी प्राथमिकता बदल गई। ग्यावाली के अनुसार बीआरआई को लेकर शेर बहादुर देउबा सरकार का रुख कन्फ्यूज करने वाला है। ऑब्जर्वर्स कहते हैं कि नेपाल में बीआरआई की असफलता के पीछे राजनीतिक, वैचारिक और व्यावहारिक कारण थे।<br /><br /><strong>कमर्शियल लोन नहीं लेता नेपाल</strong><br />त्रिभुवन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर मृगेंद्र बहादुर कार्की ने कहा कि लोन को लेकर नेपाल की प्राथमिकता, जिसे देउबा सरकार ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा के दौरान स्पष्ट किया था, बीआरआई की परियोजनाओं की असफलता का कारण बनी। उन्होंने कहा कि नेपाल के पास विश्व बैंक और एशियन डेवलेपमेंट बैंक जैसी एजेंसियों से लोन लेने का लंबा अनुभव है जिनकी ब्याज दरें भी कम होती हैं और भुगतान का समय भी लंबा होता है। नेपाल उच्च ब्याज दरों वाले कमर्शियल लोन का बोझ नहीं उठा सकता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/jinping-s-dream-project-bri-flopped-in-nepal/article-10176</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/jinping-s-dream-project-bri-flopped-in-nepal/article-10176</guid>
                <pubDate>Sat, 21 May 2022 15:39:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/china.jpg"                         length="29951"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर कर्मचारी का सपना ऑफिस होतो गूगल जैसा: किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं है 'GOOGLE' का नया OFFICE</title>
                                    <description><![CDATA[आखिरकार एक लंबे इंतजार के बाद गूगल का बे व्यू कैंपस गूगल के कर्मचारियों के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/every-employee-s-dream-is-to-have-an-office-like-google--the-new-office-of-google-is-no-less-than-a-five-star-hotel/article-10000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/google_bay.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। आखिरकार एक लंबे इंतजार के बाद गूगल का बे व्यू कैंपस गूगल के कर्मचारियों के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया है। यह ऑफिस अमेरिका के कैलिफोर्निया में माउंटेन व्यू में बनाया गया है। गूगल का ये ऑफिस कितना आलीशान है, इसका शायद ही कोई व्यक्ति अंदाजा लगा सके। इसकी तस्वीरें आपको हैरान करने के लिए काफी हैं।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>खुल गया गूगल का नया ऑफिस</strong></span><br />आखिरकार एक लंबे इंतजार के बाद गूगल का बे व्यू कैंपस गूगल के कर्मचारियों के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया है। यह पहला ऐसा ऑफिस है, जिसे गूगल ने बनाया है। इसकी जानकारी गूगल ने खुद एक ब्लॉग के जरिए दी है। यह ऑफिस अमेरिका के कैलिफोर्निया में माउंटेन व्यू में बनाया गया है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>हरियाली भी और नेचुरल डेलाइट भी</strong></span><br />इस कैंपस को बायोफिलिक डिजाइन प्रिंसिपल के आधार पर बनाया गया है। इसके तहत ऑफिस में हरियाली, नेचुरल डेलाइट और हर डेस्क से बाहर का नजारा भी देखा जा सकता है।इस कैंपस को बायोफिलिक डिजाइन प्रिंसिपल के आधार पर बनाया गया है। इसके तहत ऑफिस में हरियाली, नेचुरल डेलाइट और हर डेस्क से बाहर का नजारा भी देखा जा सकता है।</p>
<p><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>वेंटिलेशन के लिए 100 फीसदी बाहरी हवा</strong></span><br />आम तौर पर वेंटिलेशन सिस्टम सिर्फ 20-30 फीसदी ही बाहर की हवा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन गूगल के इस ऑफिस में 100 फीसदी बाहर की हवा इस्तेमाल हो रही है। ऑफिस को शानदार बनाने के लिए तमाम तरह की पेंटिंग भी लगाई गई हैं।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>हर बारीकी पर दिया है ध्यान</strong></span><br />गूगल ने कहा है कि इस ऑफिस को ऐसे बनाया गया है ताकि तमाम टीमों को उनका स्पेस मिल सके और उन्हें दूसरी आवाजों से दिक्कत ना हो। इस तरह वह अपने काम में अच्छे से फोकस कर सकेंगे।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;"><strong>प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी</strong></span><br />इससे ऑफिस में काम करने वालों को एक अलग एक्सपीरियंस भी मिलेगा और उनकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, अंदर के डिजाइन को भी बेहद शानदार बनाया गया है, जिससे ऑफिस में काम करने में मजा आए। गूगल का ये ऑफिस किसी आलीशान होटल से कम नहीं है।<br /><br /><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff6600;">कर्मचारियों की राय लेने के बाद बनाया</span></strong><br />गूगल के अनुसार इस ऑफिस को बनाने से पहले कर्मचारियों से भी उनकी राय ली गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/every-employee-s-dream-is-to-have-an-office-like-google--the-new-office-of-google-is-no-less-than-a-five-star-hotel/article-10000</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/every-employee-s-dream-is-to-have-an-office-like-google--the-new-office-of-google-is-no-less-than-a-five-star-hotel/article-10000</guid>
                <pubDate>Wed, 18 May 2022 17:19:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/google_bay.jpg"                         length="76182"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रेडाई रियल एस्टेट एक्सपो-2022 का दूसरा दिन:  पूरी हो रही सपनों के घर की तलाश</title>
                                    <description><![CDATA[ शहरवासी एक्सपो का दौरा कर अपने सपनों के आशियाना की तलाश पूरी कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--day-2-of-credai-real-estate-expo-2022--the-search-for-a-dream-home-is-being-fulfilled-at-the-real-estate-expo--expo-will-run-till-april-11-at-rajmahal-palace/article-7699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/101.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजमहल पैलेस में आयोजित किए जा रहे चार दिवसीय क्रेडाई रियल एस्टेट एक्सपो 2022 के दूसरे दिन शनिवार को विजिटर्स बड़ी संख्या में एक्सपो का दौरा कर अपने सपनों के आशियाना की तलाश पूरी कर रहे हैं। यह एक्सपो क्रेडाई (कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया), राजस्थान की ओर से आयोजित किया जा रहा है। राजसमंद सांसद, दीया कुमारी दूसरे दिन की मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने और मालवीय नगर विधायक  कालीचरण सराफ ने द्वीप प्रज्जवलन किया। इनके अलावा जयपुर विकास आयुक्त (जेडीसी),  गौरव गोयल ने भी एक्सपो का दौरा कर बिल्डर्स व डेवलपर्स से मुलाकात की। क्रेडाई राजस्थान के प्रेसीडेंट, धीरेंद्र मदान, क्रेडाई राजस्थान के चेयरमेन, अनुराग शर्मा, क्रेडाई राजस्थान के महासचिव, राजेंद्र सिंह पचार और एक्सपो के कन्वीनियर  गिरराज अग्रवाल ने अतिथियों को एक्सपो की विजिट कराई।</p>
<p><br /> उन्होंने कहा कि महामारी के दो वर्ष बाद क्रेडाई द्वारा यह शानदार एक्सपो आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें लोगों का काफी अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है और यहां के हर स्टॉल पर कुछ न कुछ नया है। कोरोना महामारी के बाद आयोजित किए जा रहे इस एक्सपो के बाद प्रोपर्टी में इन्वेस्ट करने के प्रति निश्चित तौर पर रुझान बढ़ेगा। उन्होंने रियल एस्टेट को इंडस्ट्री का दर्जा दिए जाने का भी समर्थन किया। <br /><br />विधायक  कालीचरण सराफ ने कहा कि कहा कि आज के समय में जब बड़े शहरों में जमीन की कमी है और जयपुर की जनसंख्या 40 लाख से अधिक हो गई है, ऐसे में होरिजेंटल डवलपमेंट की जगह वर्टिकल डवलपमेंट का कॉन्सेप्ट चलन में है। कोरोना महामारी के बाद क्रेडाई द्वारा आयोजित इस एक्सपो के जरिए रियल स्टेट कारोबार का एक्सपोजर किया गया है, इससे निश्चित रूप से इस क्षेत्र की मंदी दूर होगी।<br /><br />जेडीसी गौरव गोयल ने कहा कि यह क्रेडाई की काफी अच्छी पहल है, जहां कस्टमर के समक्ष सारे विकल्प एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं और बैंक लोन की जानकारी भी ली जा सकती है। बिल्डर्स व डवलपर्स द्वारा अपने प्रोजेक्ट्स में जो नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, यहां उसका हैल्दी कॉम्पिटिशन देखने को मिल रहा है। इस तरह के आयोजन नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए। <br /><br />चार दिवसीय इस एक्सपो में 4 लाख से लेकर 6 करोड़ तक की प्रॉपर्टीज ऑफर पर उपलब्ध हैं। इनमें प्रीमियम रेजीडेंशियल, अफोर्डेबल हाउसिंग, खेत, विला, टाउनशिप, कॉमर्शियल शॉप व ऑफिस, स्टूडियो, फॉर्म हाउस और रिसॉर्ट हाउसिंग जैसी प्रोपर्टीज शामिल हैं। 36 प्रमुख डेवलपर्स द्वारा जयपुर, एनसीआर, जोधपुर तथा राजस्थान के अन्य शहरों के 300 से अधिक प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें एग्रो टाउनशिप का नया कॉन्सेप्ट विजिटर्स को काफी पसंद आ रहा है। इसमें कस्टमर्स को फेंसिंग, बोरवेल, सीसीटीवी सर्विलेंस, गार्ड रेजीडेंसी व फार्मर रेजीडेंस की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--day-2-of-credai-real-estate-expo-2022--the-search-for-a-dream-home-is-being-fulfilled-at-the-real-estate-expo--expo-will-run-till-april-11-at-rajmahal-palace/article-7699</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--day-2-of-credai-real-estate-expo-2022--the-search-for-a-dream-home-is-being-fulfilled-at-the-real-estate-expo--expo-will-run-till-april-11-at-rajmahal-palace/article-7699</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Apr 2022 18:10:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/101.jpg"                         length="74363"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला दिवस विशेष: बचपन से पायलट बनने का ख्वाब- वृषाली</title>
                                    <description><![CDATA[आज के युग में महिलाए हर सेक्टर में काम कर रही है, चाहे वह सेना हो या अन्य विभाग हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--indigo-airline-s-captain-vrushali-bhandarkar-said-that-since-childhood-he-had-a-dream-to-become-a-pilot--after-hard-work-today-she-is-flying-the-plane/article-5715"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/22.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इंडिगो एयरलाइन की कैप्टन वृषाली भंडारकर ने कहा कि बचपन से उसका पायलट बनने का सपना था। कड़ी मेहनत के बाद आज वह विमान उड़ा रही है।<br />सन 2006 से विमान का संचालन कारी जयपुर निवासी वृषाली भंडारकर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के युग में महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर रही है। शुरुआती दिनों में उन्हें विमान संचालन में काफी झिझक थी। लेकिन अब आसानी से विमान का संचालन करती है। इस कार्य में परिवार जनों का पूरा सहयोग रहा। पहले महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलती थी। लेकिन आज के युग में महिलाए हर सेक्टर में काम कर रही है, चाहे वह सेना हो या अन्य विभाग हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--indigo-airline-s-captain-vrushali-bhandarkar-said-that-since-childhood-he-had-a-dream-to-become-a-pilot--after-hard-work-today-she-is-flying-the-plane/article-5715</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--indigo-airline-s-captain-vrushali-bhandarkar-said-that-since-childhood-he-had-a-dream-to-become-a-pilot--after-hard-work-today-she-is-flying-the-plane/article-5715</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Mar 2022 16:26:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/22.jpg"                         length="101697"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> हम दो-हमारे दो : राजस्थान का सपना पूरा :  19 जिलों में ‘बच्चे दो ही अच्छे’ की सोच से पूरा टारगेट </title>
                                    <description><![CDATA[शहरों में युवाओं की सोच हम दो हमारे एक ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hum-do-our-two--rajasthan-s-dream-fulfilled--on-average-more-than-three-children-are-being-born-in-14-districts--complete-target-in-19-districts-with-the-idea-of-%E2%80%8B%E2%80%8B-children-are-good---the-thinking-of-the-youth-in-the-cities--we-two--our-one/article-5298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/hum-do-hamare-do.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  देश में अभी भी 14 जिलों में बच्चे दो ही अच्छे की सोच बनना बाकी है। इन जिलों में अभी भी नव दंपत्ति के परिवार में तीन या इससे अधिक बच्चे पैदा हो रहे हैं। अगर इन जिलों में हालात सुधरे तो प्रदेश में परिवार में बच्चों का औसत दो से भी कम हो जाए और जनसंख्या वृद्वि पर बड़ा ब्रेक लगे। राहत की बात यह भी है कि शहरी क्षेत्रों में नई पीढ़ी एक बच्चे से ही अपने परिवार को पूर्ण मानने लगी है। शहरी क्षेत्रों में एनएफएचएस सर्वे के सैंपल सर्वे में औसतन 1.7 ही बच्चे नव दंपत्तियों के परिवार में पैदा हो रहे हैं। ग्रामीण में यह दो से मामूली ज्यादा 2.1 है। <br /><br />देश में इंदिरा गांधी की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण को बालकवि बैरागी के लिखे हम दो-हमारे दो का नारा दिया था। राजस्थान में अब जाकर यह सपना पूरा हुआ है, लेकिन प्रदेश के इस सपने को पूरा करने के भागीदार केवल 19 जिले ही हैं।<br /><br /><strong><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;">इन बातों पर चिंता, सभी जिलों में छोटे परिवार को जरुरी</span></strong><br />1. <strong>महिलाओं पर ही छोटे परिवार का जिम्मा, पुरुष नसबंदी को क्यों नहीं आते</strong><br />चिकित्सा विभाग सालाना परिवार नियोजन पर 150 करोड़ रुपए खर्च करता है। नसबंदी कराने पर प्रोतसाहन के रूप में 1400-2000 रुपए तक दिए जा रहे हैं। चिंतनीय यह है कि पुरुष छोटे परिवार के लिए महिलाओं को ही आगे कर रहे हैं। उनकी भागीदारी शून्य ही है। प्रदेश में 42.4 फीसदी महिलाएं गर्भनिरोधक उपाय जैसे आॅपरेशन या अन्य साधन से गर्भधारण होने से रोक रही हैं। लेकिन पुरुष मात्र 0.3 फीसदी यानी कहें तो शून्य नसबंदी कराने ही आ रहे हैं। <br /><br />2. <strong>7.6 फीसदी दंपत्ति परिवार नियोजन की पहुंच से बाहर</strong><br />चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में दो बच्चों का परिवार नियोजित करने के लिए 72 फीसदी नई दंपत्ति के पास इसके साधन या गर्भनिरोधक उपाय की पहुंच होनी जरुरी है। लेकिन अभी 7.6 फीसदी कम यानी 64.4 फीसदी तक ही यह पहुंच पा रहे हैं। इससे प्रजनन दर कई जिलों में ज्यादा है। परिवार कल्याण के परियोजना निदेशक डॉ. गिरीश द्विवेद्वी की माने तो इन तक चिकित्सा विभाग की पहुंच नहीं बनी है या फिर ये नियोजन के साधन लेने नहीं आ रहे हैं। नियोजन को तय टारगेट पूरा हो जाए तो सभी जिलों में छोटे परिवार का सपना भी पूरा हो जाएगा।<br /><br />3.  <strong>शिक्षा बेहद जरुरी</strong><br />जिन 14 जिलों में प्रजनन दर ज्यादा है यानी बच्चे 3 या इससे अधिक हो रहे हैं। उनमें शिक्षा का प्रतिशत ज्यादातर में कम है। इसके चलते जागरुकता भी समानुपाती कम ही है। इसलिए छोटे परिवार की सोच विकसित करने के लिए शिक्षा का स्तर बढ़ाने की जरुरत है। वहीं इनमें बॉर्डर जिले, आदिवासी जिले, मरूस्थली जिलों की संख्या सर्वाधिक है। संभागीय मुख्यालयों में केवल मात्र उदयपुर ऐसा जिला है जहां प्रजनन दर 3 या इससे अधिक है। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#ff0000;"><strong>19 जिले जहां दो बच्चों की सोच बनी</strong></span><br />अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, कोटा, नागौर, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक। <br /><br /><span style="background-color:#ffff99;color:#000080;"><strong>14 जिले जहां परिवार अभी भी बड़ा</strong></span><br />बाड़मेर, बांसवाड़ा, जालौर, जैसलमेर, उदयपुर, पाली, राजसमंद, सिरोही, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, बारां, भरतपुर, डूंगरपुर, करौली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hum-do-our-two--rajasthan-s-dream-fulfilled--on-average-more-than-three-children-are-being-born-in-14-districts--complete-target-in-19-districts-with-the-idea-of-%E2%80%8B%E2%80%8B-children-are-good---the-thinking-of-the-youth-in-the-cities--we-two--our-one/article-5298</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hum-do-our-two--rajasthan-s-dream-fulfilled--on-average-more-than-three-children-are-being-born-in-14-districts--complete-target-in-19-districts-with-the-idea-of-%E2%80%8B%E2%80%8B-children-are-good---the-thinking-of-the-youth-in-the-cities--we-two--our-one/article-5298</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 10:17:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/hum-do-hamare-do.jpg"                         length="55948"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        