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                <title>taekwondo - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ताइक्वांडो विवादों के घेरे में, खिलाड़ियों का भविष्य अधर में !</title>
                                    <description><![CDATA[पैरेलल ताइक्वांडो बॉडियों की भरमार, वैध-अवैध फेर के पेच में फसा फेडरेशन विवाद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/taekwondo-embroiled-in-controversies--players--future-hangs-in-the-balance/article-136124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राष्ट्रीय स्तर पर ताइक्वांडो के भविष्य पर अब अनिश्चितता के बादल छा हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया ताइक्वांडो' (विश्व ताइक्वांडो से मान्यता प्राप्त) और 'ताइक्वांडो फेडरेशन आॅफ इंडिया (टीएफआइ) के बीच चल रही खींचतान ने अब राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन को अपनी चपेट में ले लिया है। इस आंतरिक कलह के कारण स्थानीय स्तर पर खेल का माहौल बुरी तरह प्रभावित हुआ है, तीन से चार समानांतर गुट आमने-सामने खड़े हैं। विवाद की जड़ वर्तमान में किसी के पास भी मान्यता नहीं होना है। चूंकि यह तय नहीं हो पा रहा है कि कौन सी राष्ट्रीय इकाई वैध या अवैध है। समानन्तर में खूब सारी बॉडिया खड़ी है। अभी तक किसी को भी  खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) या वर्ल्ड ताइक्वांडो (डब्ल्यूटी) की मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा नुकसान खिलाड़ियों, खासकर बच्चों के भविष्य को हो रहा है।</p>
<p>राष्ट्रीय महासंघ स्तर पर अदालती मुकदमों के तहत विवादों के संबंध में जल्द ही अदालत द्वारा दिए गए निर्देश के आधार पर राष्ट्रीय ताइक्वांडो महासंघ के एकीकरण का निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद, केवल वही राज्य स्तरीय ताइक्वांडो एसोसिएशन, जिन्हें 2019 और 2022 के पिछले चुनाव में मतदान का अधिकार प्राप्त था, 2026 के चुनाव में अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करने के हकदार होंगे। बता दें कि कोटा में ताइक्वांडो एसोसिएशन 2017 से खेल अधिनियम 2005 के तहत पंजीकृत है। केवल खेल परिषद और जिला ओलंपिक संघ द्वारा मान्यता प्राप्त ताइक्वांडो संघ है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार पहले आंतरिक विवादों के चलते अलग-अलग गुट बनते चले गए और पैरेलल बॉडियां खड़ी होती चली गईं। इसी कारण न तो यह स्पष्ट है कि देश में कुल कितने क्लब हैं और न ही यह तय हो पा रहा है कि कौन सी संस्था वैध है। राजस्थान की स्थिति और भी उलझी हुई है। यहां अब तक कोई भी ताइक्वांडो स्टेट बॉडी विधिवत रूप से रजिस्टर्ड नहीं है। इसी कारण हर कोई अपना झंडा उठाकर दावा कर रहा है। इंडिया ताइक्वांडो के तहत डब्ल्यूटीए को कुछ वर्ष पूर्व शर्तों के कारण मान्यता दी गई थी, जो 2026 तक वैध बताई जा रही है, लेकिन यह भी अंतिम नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब तक एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय फेडरेशन अस्तित्व में नहीं आती, तब तक किसी भी राज्य या जिला संघ को ओलंपिक या आधिकारिक प्रतियोगिताओं के लिए एफिलिएशन नहीं दिया जा सकता। </p>
<p>वर्तमान में जो भी टूनार्मेंट कराए जा रहे हैं और जो प्रमाणपत्र बांटे जा रहे हैं, वे एक तरह से कानूनी रूप से शून्य हैं। वहीं कोटा के खिलाड़ियों को भी यह बड़ी समस्या सामनो आ रही है कि वे किस एसोसिएशन के तहत प्रशिक्षण लें और किस टूनार्मेंट में भाग लें ताकि उनकी जीत राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर मान्य हो और खेल कोटे से नौकरी मिल सके। इस मान्यता संकट ने स्थानीय प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने के दरवाजे बंद कर दिए हैं।</p>
<p>सभी गुट एकजुट हों, चुनाव कराए जाएं और एक मजबूत, मान्यता प्राप्त नेशनल बॉडी बने। तभी राज्य संघों का पंजीकरण, क्लबों की वैधता और खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा। फिलहाल ताइक्वांडो प्रशासन में पसरा यह असमंजस बच्चों के सपनों पर भारी पड़ता दिख रहा है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता है तब तक वो स्कूल स्तर के टूनार्मेंट और स्कूल गेम्स फेडरेशन आॅफ इंडिया के टूनार्मेंटों में खिलाकर अपने स्तर सुधार सकते है।<br /><strong>- दशरथसिंह शेखावत, अध्यक्ष, ताइक्वांडो एसोसिएशन आॅफ कोटा</strong></p>
<p>फैडरेशन विवाद जब तक नहीं सुलझेगा तब तक सामानांतर चल रही कोटा ताइक्वांडो में प्रशिक्षण प्राप्त कर खिलाड़ियों का भविष्य में अधर में लटका हुआ है। दूसरी ओर इनसे मिलने वाले सर्टिफिकेट की कोई मान्यता नहीं है, ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वैध ताइक्वांडो एसोसिएशन में ही खिलाए ताकि बच्चों को आगे इनसे लाभ मिल सके।<br /><strong>- अशोक गौतम, कोच, कोटा</strong></p>
<p>फैडरेशन को लेकर अभी कोई विवाद नहीं है। कोर्ट से आए निर्णय के अनुसार टीएफआई मान्य है। 2026 में चुनाव करवाएं जाएंगे, तभी स्थिति साफ हो सकेगी। 2022 में चुनाव हुए थे।<br /><strong>- लक्ष्मण सिंह हाड़ा, जनरल सेक्रेटरी राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 15:16:06 +0530</pubDate>
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                <title>कशिश पर दो साल का प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[विराट कोहली फाउंडेशन से समर्थित कशिश देश की सबसे उभरती हुई ताईक्वांडो खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने 2019 के नेपाल में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में भी स्वर्ण जीता लेकिन उनका 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/kashish-banned-for-two-years/article-43416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(630-×-400-px)-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जकार्ता एशियाई खेलों में देश के लिए ताईक्वांडो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर रहने वाली दिल्ली की कशिश मलिक पर दो साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। कशिश पर यह प्रतिबंध नाडा ने लगाया है। वह मास्किंग एजेंट डाइयूरेटिक्स फ्यूरोसेमाइड के लिए डोप में फंसी हैं।</p>
<p>विराट कोहली फाउंडेशन से समर्थित कशिश देश की सबसे उभरती हुई ताईक्वांडो खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने 2019 के नेपाल में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में भी स्वर्ण जीता लेकिन उनका 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। वह वहां पदक से चूक गईं। वह एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए लखनऊ में लगाए गए राष्ट्राय शिविर में शामिल की गई थीं, जहां उनका नाडा ने सैंपल लिया। इस सैंपल में फ्यूरासेमाइड पाया गया है। नाडा सुनवाई पैनल के समक्ष कशिश की ओर से तर्क दिया गया है कि उन्होंने यह दवाई चिकित्सक के परामर्थ पर ली थी लेकिन उन्होंने इसके लिए थेराप्यूटिक यूज एक्जंप्शन नहीं लिया था।</p>
<p>पैनल ने वाडा नियमों का हवाला देकर उनकी यह लापरवाही मानीं और दो  साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया। उन पर यह प्रतिबंध इसी माह से लगाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Apr 2023 11:15:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबदबा कायम हैं ताइक्वांडो में कोटा की बेटियों का</title>
                                    <description><![CDATA[ताइक्वांडो से जुड़ी कोटा की बेटियां इस समय श्रीनाथपुरम स्टेडियम, नयापुरा स्टेडियम सहित एक-दो क्लबों में प्रतिदिन 1-2 घंटे प्रैक्टिस कर रही है। कोटा में ताइक्वांडो खेल पिछले 7 वर्षों से अधिक समय से चल रहा है कोटा में ताइक्वांडो खेलने वाली महिलाओं खिलाड़ियों की संख्या 400 से अधिक है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-daughters-continue-to-dominate-at-the-international-level-in-taekwondo/article-40948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/antarrashtriya-star-par-bhi-dabdaba-kaayam-hai-taekwondo-mei-kota-ki-betiyo-ka..kota-news..27.3.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिस खेल को लेकर कुछ लोगों की ये सोच है कि इसे केवल लड़कें ही खेल सकते हैं या बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उस ताइक्वांडो खेल में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर ही नहीं बल्कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी कोटा की बेटियों का दबदबा कायम हैं। बड़ी बात तो ये है कि यहां पर इस खेल की ओर लड़कियों और उनके परिजनों का रूझान महज कुछ सालों पूर्व ही हुआ है। इसके बावजूद भी यहां की बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से इस खेल में अच्छा मुकाम हांसिल किया है। लेकिन विचारणीय बात तो ये है कि ताइक्वांडों खेल को खेलने वाली लड़कियों को सरकार की ओर से कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई है। इस समय शहर के कुछ क्लब और स्टेडियम में करीब 350 लड़कियां ताइक्वांडो का अभ्यास कर रही हैं। अब तक कोटा की महिला ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने 3  अंतरराष्ट्रीय व 10 राष्ट्रीय और 150 से अधिक राज्य स्तर पर पदक जीते है। </p>
<p>ताइक्वांडो से जुड़ी कोटा की बेटियां इस समय श्रीनाथपुरम स्टेडियम, नयापुरा स्टेडियम सहित एक-दो क्लबों में प्रतिदिन 1-2 घंटे प्रैक्टिस कर रही है। कोटा में ताइक्वांडो खेल पिछले 7 वर्षों से अधिक समय से चल रहा है कोटा में ताइक्वांडो खेलने वाली महिलाओं खिलाड़ियों की संख्या 400 से अधिक है। ताइक्वांडो में कोटा की ज्योति हाडा 2016 से ताइक्वांडो खेल का अभ्यास कर रही है। जिसने 7 बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही 4 बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में व 1 बार राष्ट्रीय विश्वविद्यालय खेलों में भाग लिया है। इसके अलावा महज 6 या 7 साल की सानवी चौरसिया ने राज्य स्तर व जिला स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं। </p>
<p>इनके अलावा गीतिका लोहामी ने दूसरी भारतीय ओपन इंटरनेशनल एबीसी 2019 में भागीदारी की। कोटा की यह खिलाड़ी भारत की महिला वर्ग अंडर-57 किलोग्राम की टॉप 8 महिला एथलीट में आती है। लोहामी ने एनआईएस ताइक्वांडो कोच का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया है। यह खिलाड़ी पिछले 6 साल से ताइक्वांडो खेल का अभ्यास कर रही हैं। इनके अलावा भी कोटा की कई महिला खिलाड़ियों ने राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर अपना दबदबा साबित करते  रहे हैं, और  लड़कियों खिलाड़ियों  द्वारा कई पदक हासिल किये हैं। अच्छी बात तो ये है कि ताइक्वांडों का अभ्यास करने वाली इन बेटियों को इनके माता-पिता का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। कई बच्चियों को अभ्यास के लिए खुद परिजन लाते-ले जाते हैं। इन लड़कियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने सहित प्रतियोगिताओं में शामिल होने के लिए भेजने वाले कहते हैं कि कोटा की इन बेटियों ने इस बात को साबित कर दिया है कि आज हर खेल में लड़कियां लड़कों के बराबर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। ये लड़कियां बिना सरकारी सुविधाओं के भी हर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास कर रही हैं। अगर इनको सरकार की ओर से अभ्यास के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाए तो ये कोटा की ये बेटियां ताइक्वांडो में ना केवल कोटा का बल्कि देश का नाम भी सुनहरे अक्षरों में लिखवाने की क्षमता रखती हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना हैं</strong><br />ताइक्वांडो खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक माहौल और राज्य सरकार के सहयोग की जरूरत है। अगर ऐसा माहौल बनता है तो हमारे कोच भी कोटा के खिलाडिय़ों को संवारने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। स्थानीय ताइक्वांडो एसोसिएशन न केवल भारत से सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षकों को नियुक्तकरने का प्रयास करेगा बल्कि हमारे चयनित खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए उन्हें विदेशों से भी नियुक्त करेगा।<br /><strong>-मोहम्मद रईस, सचिव, ताइक्वांडो एसोसिएशन आॅफ कोटा।</strong></p>
<p>शुरूआत से ही मुझे ताइक्वांडो पसंद है। मुझे किकिंग में रूचि है। कक्षा 8 से ही ताइक्वांडो का अभ्यास कर रही हूं। लगभग तीन घंटे तक अभ्यास करती हूं। पूरे परिवार वालों का सपोर्ट है। उसका कारण ये है कि घर के कई सदस्य किसी ना किसी रूप में किसी खेल से जुड़े हैं। अभ्यास का पढ़ाई पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। <br /><strong>-गीतिका लोहोमी, ताइक्वांडो खिलाड़ी। </strong></p>
<p>मैं तीन साल से ताइक्वांडो का अभ्यास कर रही हंू। रोजाना अकादमी में 2 घंटे प्रैक्टिस करती हंू। मम्मी या पापा में से कोई एक मेरे साथ जाते है। मुझे बेस्ट प्लेयर बनना है और देश के लिए खेलकर पदक लाना है। <br /><strong>-सानवी चौरसिया, ताइक्वांडो खिलाड़ी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Mar 2023 15:07:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुविधा मिले तो देश-विदेश में छा सकते हैं कोटा के खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा के  कई खिलाड़ी अब तक अन्तरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर पर वुशू खेल में पदक हासिल कर कोटा का नाम रोशन कर चुके हैं। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि उस समय है जब इनके अभ्यास के लिए न तो निश्चित जगह है और न ही वूशु रिंग। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-facility-is-available--kota-players-may-dominated-in-the-country-and-abroad/article-18423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/suvidha-mile-to-desh-videsh-mei-chha-sakte-hai-kota-ke-players-wushu-kota-news-9.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मार्शल आर्ट की विधाओं जैसे जूडो-कराटे, ताइक्वांडो की तुलना में वुशू कम चर्चित है, लेकिन अब धीरे-धीरे खिलड़ियों में इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है। जो खिलाड़ी इस खेल से परिचित हैं वह इसमें करियर बनाना चाहते हैं। कोटा में भी वुशू खिलाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई खिलाड़ी अब तक अन्तरराष्ट्रीय राष्ट्रीय स्तर पर वुशू खेल में पदक हासिल कर कोटा का नाम रोशन कर चुके हैं। तब विदेश में बढ़ाया था मान वुशू खेल में राजस्थान को पहला अंतरराष्ट्रीय पदक देने वाले कोटा ने राष्ट्रीय स्तर के सैकडों खिलाड़ी दिए है जिन्होंने अपने दम पर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त कर कोटा के साथ राजस्थान का भी मान बढ़ाया है। 7वीं जूनियर एशियन चैंपियनशिप जो मनीला फिलीपिन्स में वर्ष 2013 में आयोजित हुई थी, उसमें कोटा के खिलाड़ी महिपाल सिंह गुर्जर ने राजस्थान के लिए पहला पदक प्राप्त किया था। वर्ष 2021 की सब जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कोटा के खिलाड़ियों की बदौलत राजस्थान टीम ने हरियाणा टीम को परास्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। फिर भी लहराया जीत का परचम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कोटा के खिलाड़ियों के नाम अनगिनत पदक है। कोटा के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि उस समय है जब इनके अभ्यास के लिए न तो निश्चित जगह है और न ही वूशु रिंग। यदि अभ्यास के लिए निश्चित जगह और रिंग मिल जाए तो खिलाड़ियों में इतनी प्रतिभा है कि वो देश विदेश के मानचित्र पर कोटा का नाम रोशन कर सकते हैं। हालांकि अब नगर विकास न्यास द्वारा नयापुरा में तीन इंडोर स्टेडियम बनाए गए है, यदि उसमें रिंग के साथ यहां अभ्यास की सुविधा मिले तो कोटा के खिलाड़ी भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकेंगे।</p>
<p><strong>इनका कहना है...... </strong></p>
<p>कोटा के खिलाड़ियों ने बिना रिंग और स्थाई जगह के अंतरराष्ट्रीय व राष्टÑीय स्तर पर कोटा का नाम रोशन किया है। रिंग और स्थाई जगह के साथ यदि इनको स्थाई एनआईएस कोच मिल जाए तो कोटा वुशू खेल में भी सिरमौर हो जाएगा। अन्य खेलों की तरह वुशू खेल में भी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पदकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। - अशोक गौतम, सचिव, कोटा जिला वुशू एसोसिएशन</p>
<p>राज्य सरकार की ओर से फिलहाल सुविधा पर कोटा लगा रखा है। वह खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए नियमित रूप से अभ्यास भी किया जा रहा है। कोटा के खिलाड़ियों में वो काबिलियत है जिससे वह देश व दुनिया में कोटा का परचम लहरा सकते है। -सूरज गौतम, प्रथम एनआईएस कोच वुशू</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Aug 2022 14:56:33 +0530</pubDate>
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                <title>ओपन अन्तरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में टोंक के खिलाड़ियों ने जीते मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[टोंक। द-टाइगर मार्शल आर्ट एंड फिटनेस एकेडमी टोंक के खिलाड़ियों ने गोवा में आयोजित जूनियर एवं सीनियर अन्तरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप 31 मई से 2 जून में पदक जीतकर कीर्तिमान स्थापित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/tonk-players-won-medals-in-open-international-taekwondo-championship/article-11498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ton.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टोंक।</strong> द-टाइगर मार्शल आर्ट एंड फिटनेस एकेडमी टोंक के खिलाड़ियों ने गोवा में आयोजित जूनियर एवं सीनियर अन्तरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप 31 मई से 2 जून में पदक जीतकर कीर्तिमान स्थापित किया है। एकेडमी निदेशक कृष्ण मुरारी प्रजापति, संरक्षक व मार्गदर्शक रमेश चंद्र प्रजापत व सोना प्रजापति ने बताया कि यह प्रथम बार ही है जब छात्रों ने मात्र 7 माह के अल्प समय के उत्कृष्ट कोटि के प्रशिक्षण में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है।</p>
<p><br />एकेडमी के कोच मानव राजपूत ने बताया कि 9 छात्रों की टीम गोवा खेलने गई, जिसमें अश्मि विजय, राधिका कुंद्रा, दीप्तांशु प्रजापत, लोकेन्द्र वर्मा, नैतिक रघुवंशी, साक्षी गुर्जर, कुशाल वर्मा, धारणा एवं रीत कुमावत शामिल थे। कुशाल पुत्र धन्ना लाल वर्मा ने पुरूष भार वर्ग में स्वर्ण पदक, राधिका कुन्द्रा पुत्री ईश्वर बैरवा व साक्षी गुर्जर पुत्री कैलाश चन्द गुर्जर ने महिला भार वर्ग में रजत पदक, नैतिक रघुवंशी पुत्री राजेंद्र नायक ने पुरुष भार वर्ग में रजत पदक तथा रीत कुमावत पुत्री डॉ. मनेश कुमावत, अश्मि विजय पुत्री रमेश चंद्र विजय ने महिला भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर  जिले का नाम रोशन किया है। एकेडमी निदेशक ने बताया कि ताइक्वांडो एक ऐसी कला है, जिसके जरिए स्वयं की रक्षा करने की न सिर्फ  शक्ति मिलती है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के अंदर हर तरह की कठिनाइयों से जूझने का हौसला भी प्रबल होता है।</p>
<p>एकेडमी निदेशक ने बताया कि एकेडमी के माध्यम से छात्र-छात्राएं ताइक्वांडो में महारत हासिल कर आगे भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत कर के अपने जिले व देश का नाम रोशन कर सकेंगे। समारोह में मुख्य अतिथि रोटरी क्लब बनास टोंक के अध्यक्ष रोहिताश कुमावत, सचिव बादल साहू पार्षद, रोटेरियन सुनील जैन, वसीम खान, अनिल माहेश्वर एवं डॉक्टर प्रदीप गहलोत ने विजेताओं को दुपट्टा व माला पहनाकर स्वागत किया। इसी प्रकार रेल लाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समाजिक न्याय संगठन राष्ट्रीय संयोजक अकबर खान ने कुशाल पुत्र धन्ना लाल वर्मा को स्वर्ण पदक जितने पर माला पहनाकर उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई देते हुए द-टाइगर मार्शल आर्ट एंड फिटनेस एकेडमी टोंक के निदेशक कृष्ण मुरारी एंव सोना प्रजापत को बधाई दी। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष जावेद खांन, खुर्शीद खान एवं आदि मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 13:13:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>  यूक्रेन पर हमला करने के चलते राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनकी मानद ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट छीनी</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व ताइक्वांडो ने एक बयान में कहा कि उसने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को नवंबर 2013 में दी गई 9वीं डैन ब्लैक बेल्ट मानद वापस लेने का फैसला किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/president-vladimir-putin-stripped-of-his-honorary-taekwondo-black-belt-after-russia-attacked-ukraine/article-5352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/black-belt.jpg02.jpg" alt=""></a><br /><p>सियोल। यूक्रेन पर रूस का हमला लगातार रूस और रूस के राष्ट्रपति के लिए नुकसान का सौदा साबित हो रहा है।  रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के चलते राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनकी मानद ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट छीन ली गई है। विश्व ताइक्वांडो ने एक बयान में कहा कि उसने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को नवंबर 2013 में दी गई 9वीं डैन ब्लैक बेल्ट मानद वापस लेने का फैसला किया है। विश्व ताइक्वांडो ने कहा,''विश्व ताइक्वांडो रूस द्वारा यूक्रेन पर किए हमले की कड़ी ङ्क्षनदा करता है। विश्व ताइक्वांडो की शांति ²ष्टिकोण रूसी हमले से अधिक कीमती है और यह विश्व ताइक्वांडो के सम्मान और सहिष्णुता मूल्यों के खिलाफ है।''<br /><br />रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो संघ ने कहा है कि वह रूस और बेलारूस में न तो कोई खेल आयोजित करेगा और न ही उसे मान्यता देगा।<br />इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ समिति के साथ एकजुटता दिखाते हुए विश्व ताइक्वांडो आयोजनों में बेलारूस और रूस के राष्ट्रीय ध्वज नहीं दिखाए जाएंगी और न ही दोनों देशों का राष्ट्रगान सुनाई देगा। इतना ही नहीं यूरोपीय ताइक्वांडो संघ भी रूस और  बेलारूस में कोई भी खेल आयोजित नहीं करेगा और न ही वहां किसी कार्यक्रम के आयोजन को मान्यता दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 16:21:31 +0530</pubDate>
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