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                <title>artists - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>artists RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय और भारतीय कलाकारों ने पिंकफेस्ट में दिखाया राजस्थान का सार, तीन दिवसीय पिंकफेस्ट का 5वां संस्करण आरआईसी में हुआ शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[पिंकफेस्ट का 5वां संस्करण राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुरू हुआ, जहां कला, संगीत, साहित्य और संवाद का संगम हुआ। उद्घाटन समारोह में पद्मश्री भरत गुप्त, श्याम सुंदर शर्मा और सत्यजीत तालुकदार सहित गणमान्य लोग मौजूद थे। फेस्टिवल में 100 इंटरनेशनल और नेशनल कलाकारों की 400 से ज्यादा पेंटिंग्स प्रदर्शित हो रही हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/international-and-indian-artists-showcased-the-essence-of-rajasthan-in/article-142205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)16.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि को समर्पित संस्कृति डिजाइन उत्सव पिंकफेस्ट का 5वां संस्करण राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में शुरू हुआ। पहले दिन कला, संगीत, साहित्य और संवाद का एक अनूठा संगम देखने को मिला। जिसमें देश और विदेश के जाने-माने कलाकारों, लेखकों और वक्ताओं ने भाग लिया। इससे पूर्व कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर पद्मश्री भरत गुप्त, उपाध्यक्ष, नेशनल स्कूल ऑफ  ड्रामा, पद्मश्री श्याम सुंदर शर्मा, पिंकफेस्ट के संस्थापक सत्यजीत तालुकदार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में शनिवार को भारत की बात भारत के साथ पर एक पैनल चर्चा होगी।</p>
<p><strong>100 कलाकारों की 400 से ज्यादा पेंटिंग्स :</strong></p>
<p>जाने-माने कलाकार धर्मेंद्र राठौड़ की क्यूरेशन में यह फेस्टिवल 100 इंटरनेशनल और नेशनल कलाकारों की 400 से ज्यादा पेंटिंग्स दिखा रहा है। ये पेंटिंग्स राजस्थान की कला, संस्कृति और विरासत के सार को खूबसूरती से दिखाती हैं। इस प्रदर्शनी में ब्राजील, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के जाने-माने कलाकारों के साथ-साथ भारतीय कलाकार जैसे पद्मश्री श्याम शर्मा, एडेला, रूसिया आदि शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 09:41:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एग्जिम ऑफ चॉइस नाटक में दिखेगा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कलाकारों का टैलेंट</title>
                                    <description><![CDATA[ हर साल की तरह इस बार भी 11 से 15 दिसंबर तक आयोजित जयरंगम फेस्टिवल में देशभर के करीब 500 कलाकार अपने टैलेंट का परिचय देते हुए नजर आएंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-talent-of-oxford-university-artists-will-be-showcased-in/article-97210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee32.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हर साल की तरह इस बार भी 11 से 15 दिसंबर तक आयोजित जयरंगम फेस्टिवल में देशभर के करीब 500 कलाकार अपने टैलेंट का परिचय देते हुए नजर आएंगे। इस बुधवार से जेकेके में शुरु होने वाले इस फेस्ट में 11 नाटकों का मंचन होगा, जिसमें 8 नाटक पहली बार मंचित होंगे। </p>
<p><strong>मंच पर चमकेंगे सिने सितारे</strong><br />फेस्ट में इस बार भी अभिनेत्री सारिका सिंह, त्रिशला पटेल, प्रितिका चावला, पूर्वा नरेश, प्रेरणा चावला, भूमिका दूबे, विनिता जोशी, न्योरिका बथेजा, चांदनी श्रीवास्तव और तेलुगु अभिनेता राजशेखर, अभिनेता मयूर मोरे, आशीष शर्मा सहित कई अन्य सिने सितारों अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए नजर आएंगे। इंटरनेशनल आर्टिस्ट मशहूर थिएटर डायरेक्टर मार्कस डू सौतोय और लू डेसकोर्टियर निर्देशित अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी नाटक द एग्जिम ऑफ चॉइस में अभिनेता क्लाइव मेंडस, जोसेफ प्रोवेन और अभिनेत्री शिप्रा जैन, टीजे सुलेमान मंच पर शोभा बढ़ाते हुए नजर आएंगे।</p>
<p>मध्यवर्ती में सजने वाली महफिल-ए-जयरंगम में प्रिया मलिक कविता और कहानियों को स्वर लहरियों में पिरोकर पेश कर सुकून का एहसास करवाएगी। इसी के साथ मध्यवर्ती में दूसरी प्रस्तुति में पद्मश्री साकर खान मांगणियार की तीन पीढ़ी के कलाकार गायन प्रस्तुति में राजस्थानी संस्कृति का सौंदर्य प्रकट करेंगे। जयरंगम में इस बार गजल सम्राट जगजीत सिंह पर आधारित कागज की कश्ती फिल्म की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। फिल्म में जगजीत सिंह की सुरीले और स्वर्णिम जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला गया है। वहीं जयरंगम में खुशबू ए राजस्थान और पिटारा दो एग्जीबिशन लगाई जाएंगी। साथ ही रंग संवाद में विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।</p>
<p><strong>इनका मंचन पहली बार</strong><br />वरिष्ठ रंगकर्मी रूचि नरुला ने बताया कि इस बार जयरंगम में कुल 11 नाटक होंगे। इनमें से 8 नाटक पहली बार होंगे। इनमें 15 दिसंबर को केन्द्र के रंगायन सभागार में मंचित होने वाले एग्जिम ऑफ चॉइस नाटक भी शामिल है, यह अंतर्राष्ट्रीय नाटक है, जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कलाकार प्रस्तुत करेंगे। स्पॉट लाइट सैगमेंट इस बार एकल अभिनय पर प्रकाश डालेगा। इसके अलावा सकल जानी है नाथ, बेशरम का पौधा, पटना के सुपर हीरो, कर्ण, आज का रंग है और चौथी सिंगरेट नाटक पहली बार फेस्ट में मंचित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 12:48:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15वां अंतरराष्ट्रीय रंग मल्हार कार्यक्रम: कलाकारों ने कल्पनाओं में रंग तूलिका के द्वारा कलाकारों ने एप्रिंन पर अपनी भावनाओं को उकेरा</title>
                                    <description><![CDATA[लालसोट प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी अच्छे मानसून की कामना के लिए 15 वें अंतर्राष्ट्रीय रंग मल्हार का आयोजन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य मदन लाल पारीक एवं विशिष्ट अतिथि प्रिसिपल एवं कला समीक्षक अंजना त्यागी के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां शारदे के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित करके प्रारंभ हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/15th-international-rang-malhar-program-artists-painted-their-feelings-on/article-84080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size8.png" alt=""></a><br /><p>दौसा। लालसोट प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी अच्छे मानसून की कामना के लिए 15 वें अंतर्राष्ट्रीय रंग मल्हार का आयोजन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य मदन लाल पारीक एवं विशिष्ट अतिथि प्रिसिपल एवं कला समीक्षक अंजना त्यागी के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां शारदे के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित करके प्रारंभ हुआ।</p>
<p>मानसून सत्र में होने वाला यह आयोजन ना सिर्फ भारत मे बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि रंग मल्हार एक दिवसीय कला कार्यशाला है जो वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय चित्रकार प्रो.डॉ विद्यासागर जी उपाध्याय की प्रेरणा से 2009 में जयपुर से शुरू हुआ। जो आज देश विदेश में बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है। विगत 14 वर्षों में अलग अलग माध्यम पर कलाकारों द्वारा कला कार्य किया गया है जिसमें मास्क, पंखी, बिज़नी, झंडे, टी शर्ट, बेग, छाता, साइकिल, लालटेन, चाय की केतली आदि प्रमुख थे। इस बार आर्टिस्ट एप्रन माध्यम के रूप में रखी गयी। जिस पर कलाकारों ने अपनी भावनाओं को उकेरा।</p>
<p>लालसोट में अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पर भी यह आयोजन राजस्थान कला अकादमी, दौसा कला ग्रुप एवं रंग मल्हार अंतरराष्ट्रीय कलाकार समूह लालसोट द्वारा किया गया।  </p>
<p>संयोजक ने बताया कि लालसोट में श्री अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लालसोट के सभागार में कलाकारों, छात्र-छात्राओं ने अपनी भावनाओं को विभिन्न अभिव्यक्तियों के द्वारा अभिव्यक्त किया गया। जून में मुख्य रूप से वर्षा जल संरक्षण, वन संरक्षण, महिला शिक्षा एवं सामुदायिक जागृति तथा शुद्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग के बारे में अपनी भावनाओं द्वारा रंगो एवं तुलिका के माध्यम से आम जन एवं समाज को एक संदेश देने का प्रयास किया। सभी कलाकारों को दौसा कला ग्रुप की तरफ से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक दिनेश कुमार पारीक, प्रधानाचार्य मदनलाल पारीक, अंजना त्यागी आदि ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से कलाकारों को अपनी भावनाओं को उद्धृत करने का एक माध्यम मिलता है एवं अपनी मानवीय अभिव्यक्ति को सादृश्य  रूप में परिणत करते हैं। साथ ही समाज में सकारात्मक भाव को प्रतिबिंबित करते हैं तथा अन्य प्रतिभाओं को भी नवीन विधाओं से जानकारी प्राप्त होती है। इस कार्यशाला जिले के वरिष्ठतम कलाकार अरविंद पालीवाल बनवारी लाल मीणा, विनोद जांगिड़,भगवती प्रसाद जाटव ने  अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की। कार्यक्रम के स्थानीय प्रभारी प्रभु लाल नौगिया द्वारा रजिस्ट्रेशन का कार्य किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर भाग लेने वालों में प्रमुख रूप से बबलू महावर, श्रीमती नविता गौतम, ममता शर्मा,कानाराम जांगिड़, रीना जंगम,रिया जैन, गुंजन गौतम, भानू बैरवा,अनीशा बैरवा मीनाक्षी बैरवा, सुहाना बैरवा, मेघा सोनी, मनीष गुर्जर, लक्ष्मी प्रजापत, सुमन प्रजापत आदि कलाकारों ने मुख्य रूप से भाग लिया एवं कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों द्वारा अपने द्वारा बनाए गए। एप्रिंन ऑब्जेक्ट को पहन कर प्रदर्शित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 16:28:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईसीए रेजीडेंसी में हुई लाइव पेंटिंग वर्कशॉप, 15 दिवसीय लाइव पेंटिंग एक्टिविटी में देश-विदेश के आर्टिस्ट ने लिया हिस्सा </title>
                                    <description><![CDATA[रंगों का खूसबूरत ताल मेल और लहरों जैसी रेखाओं से सजी कलाकृतियों से कला प्रेमियों के साथ ही बॉलीवुड जगत के सेलिब्रिटी भी खासा प्रसंशक रहे है, जिसमें एक्ट्रेस विद्या बालन के घर में भी आर्टिस्ट की पेंटिंग्स सजी देखी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/live-painting-workshop-held-at-ica-residency-artists-from-india/article-81701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(13)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अलग-अलग आर्ट फॉर्म्स के साथ कलाकारों ने भारत के पुराणिक और आधुनिक रूप कैनवास पर उकेरे। झारखण्ड, नेपाल, महाराष्ट्र से आए आर्टिस्ट्स ने गुलाबी नगरी में अपनी कला का लाइव स्वरुप प्रस्तुत किया। वैशाली नगर स्थित आईसीए रेजीडेंसी में चल रहे लाइव पेंटिंग एक्टिविटी के दौरान सभी आर्टिस्ट्स ने अपनी शैली का सजीव प्रदर्शन किया।</p>
<p>आईसीए रेजीडेंसी से अभिनव बंसल और क्यूरेटर हेम राणा ने बताया कि 15 दिवसीय वर्कशॉप में नेपाल के आर्टिस्ट एस.सी सुमन ने मधुबनी शैली का प्रदर्शन किया। उनकी तैयार की गई दो पेंटिंग्स में प्रकृति, प्रेम और सद्भावना को शोकेस किया। जिसमें उनकी पेंटिंग्स में कृष्णा राधा रास देखना खास था। </p>
<p>मधुबनी शैली में 40 साल के अनुभव और अपनी कला यात्रा के बारे में उन्होंने बताया कि मुझे पेंटिंग और आर्ट से जुड़ा कोई भी किताबी अनुभव लेने का मौका नहीं मिला। बचपन में दादी घर को सजाने के लिए दीवारों पर चित्रकारी करती थी, जिन्हें देखते हुए कला की ओर रुझान बढ़ा। वहीं महाराष्ट्र के आर्टिस्ट रमेश गुर्जर ने भारतीय रेखाओं से तैयार किया गया चित्रण में प्रेम के विभिन्न स्वरुप दिखाए। उनकी तैयार की गई दो पेंटिंग्स में उन्होंने कृष्ण और गौ प्रेम और दूसरी में पिता का अपने परिवार के प्रति प्रेम को कैनवास पर शोकेस किया। रंगों का खूसबूरत ताल मेल और लहरों जैसी रेखाओं से सजी कलाकृतियों से कला प्रेमियों के साथ ही बॉलीवुड जगत के सेलिब्रिटी भी खासा प्रसंशक रहे है, जिसमें एक्ट्रेस विद्या बालन के घर में भी आर्टिस्ट की पेंटिंग्स सजी देखी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jun 2024 10:33:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आठ नेशनल अवॉर्डी आर्टिस्ट्स ने शोकेस किए 40 स्कल्पचर्स</title>
                                    <description><![CDATA[ मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और कार्डियोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर डॉ. राजीव बगरहट्टा ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रदर्शनी का उदघाटन किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/eight-national-awardee-artists-showcased-40-sculptures/article-61191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/sizte--(3).jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। महाभारत का युद्ध, प्रकृति और ममता के विभिन्न स्वरूपों को स्कल्पचर्स के रूप में प्रदर्शित किया, कुछ ऐसा ही नजारा था भास्कर्य ग्रुप एग्जीबिशन का। रामगढ़ मोड़ स्थित आईसीए गैलरी में गुरुवार से शुरू हुई इस ड्राविंग और स्कल्पचर्स प्रदर्शनी में कलकत्ता के खूबसूरत रंग देखने को मिले। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और कार्डियोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर डॉ. राजीव बगरहट्टा ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रदर्शनी का उदघाटन किया। कलकत्ता स्कल्पचर्स संस्था के सहयोग से आयोजित प्रदर्शनी में कलकत्ता से जाने-माने अवॉर्ड विनर स्कल्पचर आर्टिस्ट्स ने अपनी कलाकृतियां शोकेस की, जिसमें साल 2020 के नेशनल अवॉर्डी, एएफए गवर्नर अवॉर्डी और रशियन गवर्नमेंट अवॉर्डी रतन कृष्ण साहा, एएफए के आॅल इंडिया बेस्ट स्कल्पचर अवॉर्डी सुब्रता पॉल और तापस सरकार, ललित कला अकादमी अवॉर्डी सुब्रता बिस्वास, चारुकला और ओरिएण्टल अवॉर्डी सोमनाथ चक्रबोर्ती, चन्दन रॉय, देबब्रता डे, प्रोवत माझी ने समूह में 40 स्कल्पचर्स और 26 ड्रॉइंग्स को डिस्प्ले किया।</p>
<p>सभी स्कल्पचर्स ब्रॉन्ज धातु में तैयार किए गए हैं, जिसमें बारीक कारीगिरी दिखाते हुए गंगा के घाटों से लेकर प्रकृति के स्वरूप, कृष्ण लीलाओं से लेकर संगीत वाद्ययंत्र को शोकेस किया है। 15 नवंबर तक चलने वाली इस कला प्रदर्शनी में लीला, पावर, कृष्ण, सिटी आॅफ  जॉय, दादा सिंगर्स, इमोशनल टच, रिलैक्सिंग, सर्च आॅफ वाटर, नेचर, अभिमन्यु, रिटर्निंग होम, रिदम को लाइफ, स्टॉर्म, राइटर, लैंग्वेज आॅफ स्पिरिट आदि से मॉडर्न, ट्राइबल और ट्रेडिशनल कल्चर को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Nov 2023 10:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नवरात्र पर 9 महिला कलाकारों ने कला के जरिए पेंटिंग्स में दिखाई दुर्गा-शक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों के समक्ष भगवान के सभी रूपों को रखने में कलाकारों का ही हाथ रहा है। चाहे वह माध्यम मूर्ति का हो, या पेंटिंग का। कलाकारों ने चित्रों के जरिए ही हर भगवान के रूप बनाए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-artists-showed-durga-in-paintings/article-59985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte-19.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नवरात्र के अवसर पर देवी 9.0 पेंटिंग दुर्गापुरा स्थित एक आर्ट गैलेरी में लगाई गई। इसमें शहर की 9 महिला कलाकारों ने अपनी पेंटिंग्स के जरिए मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को साकार किया है। यह एग्जीबिशन दशहरे तक चलेगी। आयोजक ज्योत्सना शुक्ला ने बताया कि देवी 9.0 नवरात्र विशेष प्रदर्शनी है। 9.0 का मतलब है कि देवी की शक्तियां नौ गुना अधिक रूप में होगी।</p>
<p>लोगों के समक्ष भगवान के सभी रूपों को रखने में कलाकारों का ही हाथ रहा है। चाहे वह माध्यम मूर्ति का हो, या पेंटिंग का। कलाकारों ने चित्रों के जरिए ही हर भगवान के रूप बनाए हैं। इससे कला प्रेमियों को भगवान के विविध स्वरूपों को जानने में मदद मिली। ज्योत्सना ने अपनी पेंटिंग के बारे में बताया कि मैंने अपनी पेंटिंग के जरिए आदिशक्ति मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाने का प्रयास किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Oct 2023 10:02:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>रामलीला में नजर आएंगे 3 से 67 वर्ष तक के कलाकार</title>
                                    <description><![CDATA[संस्था के साथ थिएटर एल्बम्स तथा फिल्मों में कार्य करने का अनुभ रखने वाले कलाकारों की एक सशक्त टीम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/artists-aged-between-3-to-67-years-will-be-seen-in-ramlila/article-59672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/ram-lila-me-nzr-ayenge-3-se-63-saal-tk-k-kalakaar...kota-news-16-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दशहरा मेले के दौरान रविवार से श्रीराम रंगमंच  पर होने वाली रामलीला में जहां 3 साल से लेकर 67 वर्ष तक के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए नजर आएंगे। वहीं शिक्षा नगरी कोटा में कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों में तनाव कम करने के लिए रामायण के प्रसंगों से प्रेरक संदेश भी दिए जाएंगे। दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच पर कोटा की राघवेन्द्र कला संस्थान मंडली द्वारा रात 8.30 से 12 बजे तक रामलीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला में पुरुष व महिलाएं और बाल कलाकार शामिल होंगे। कलाकारों में 3 वर्ष के अभ्यंत गौतम से लेकर 67 वर्ष के निदेशक बृजराज गौतम तक कलाकार शामिल हैं। कलाकार विभिन्न व्यवसाययों से जुड़े हुए हैं। रामलीला मंडली में चार प्रमुख परिवार जुड़े हुए हैं जिनके पुत्र पुत्री चाचा भतीजे इत्यादि रामलीला में रोल करते दिखाई देंगे। </p>
<p>राघवेन्द्र कला संस्थान के  निदेशक बृजराज गौतम ने बताया कि  इसके अतिरिक्त 6 संगीत कलाकारों का दल भी रहेगा। रामलीला मंचन के संवादों को वाल्मीकि रामायण, श्री रामचरितमानस, राधेश्याम रामायण व कदम्ब रामायण से प्रसंग प्रेरक व रुचिकर बनाए गए हैं। इस वर्ष नए दृश्यों का समावेश भी किया गया है। प्रत्येक दृश्य के माध्यम से दर्शकों को कुछ संदेश भी दिया जाएगा। कोटा में कोचिंग छात्रों द्वारा हताश होकर जो आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही है। रामायण के माध्यम से उन्हें भी प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। रामलीला के अंतर्गत 9 पर्दे जिसमें जारी के रंगीन महल के जंगल इत्यादि के पर्दे शामिल होंगे, पीछे राज दरबार का भव्य सेट भी बनाया जाएगा जो पूरी रामलीला के अंतर्गत तीन बार परिवर्तित किया जाएगा। रामलीला के बीच काम आने वाले रथ ,पुष्पक विमान, गरुड़ इत्यादि मंच पर प्राकृतिक रूप से चलते हुए प्रतीत होंगे। वहीं पहाड़, पुष्प वाटिका व अशोक वाटिका के दृश्य भी मनमोहक दिखाई देंगे। </p>
<p>इस वर्ष राम लक्ष्मण रावण सीता व हनुमान जी की नई पोशाकें भी  तैयार की गई है जिससे कि ईश्वरीय स्वरूप का आकर्षक देखते ही बनेगा। प्रवक्ता वैभव गौतम ने बताया कि संस्था द्वारा मुख्य श्री राम रंगमंच पर लगभग 17 बार रामलीला का मंचन किया है तथा अपने अभिनय क्षमता का लोहा बनाया है। संस्था के साथ थिएटर एल्बम्स तथा फिल्मों में कार्य करने का अनुभ रखने वाले कलाकारों की एक सशक्त टीम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Oct 2023 17:13:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पीओपी मूर्तियों पर प्रतिबंध ने छीना मूर्तिकारों का रोजगार </title>
                                    <description><![CDATA[पीओपी की मूर्तियों पर प्रतिबंध का बड़ा नुकसान मूर्तिकारों को हो रहा है। सरकार की ओर से पीओपी की मूर्तियों की बनाने और बिक्री पर रोक लगा दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ban-on-pop-idols-took-away-the-employment-of-sculptors/article-53425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/pop-mortiyon-par-pratibandh-ne-chena-mortikaron-ka-rojagar-...kota-news-02-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के मूर्तिकार सरकारी नियमों के चलते आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस पीओपी मूर्तियों में प्रतिबंधित होने और स्वयं सेवी संस्थाओं और प्रशासन द्वारा इनकी बार मूर्तियां नष्ट करने से कलाकर इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहे है। पीओपी की मूर्ति बनाने वाले कलाकारों का कहना है कि सरकार और प्रशासन के लाख प्रतिबंध के बावजूद लोगों की पहली पसंद पीओपी की मूर्तियां ही है। ये सस्ती होने के साथ हल्की और आकर्षक होती जिससे इसकी मांग है। इन दिनों शहर में करीब  60 से 70 परिवार गणेशोत्सव के लिए पीओपी  की मूर्तियां तैयार करने में जुटे हुए है। मूर्तिकारों का कहना है कि इस हुनर के अलावा और काम नहीं होने से  पहले ही संकट गुजर रहे मूर्तिकारों पर नये नियमों का बोझ भारी पड़ रहा है।  पीओपी की मूर्तियों पर प्रतिबंध का बड़ा नुकसान मूर्तिकारों को हो रहा है। सरकार की ओर से पीओपी की मूर्तियों की बनाने और बिक्री पर रोक लगा दी। ऐसे में कुंभकारों का रोजगार छीनता जा रहा है।  मूर्तिकारों कहना कि कोरोना संक्रमण काल में मार से अभी हम उभरे भी नहीं है। अब स्वयंसेवी संस्थाए हम पर मूर्तियां नहीं बनाने का दबाव बना रही है। आगामी त्यौहार जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, नवरात्रि, दीपावली पर पीओपी की मूर्तियों की ही डिमांड ये कभी बंद नहीं हो सकती है। इसके विसर्जन के लिए अलग से व्यवस्था कर गरीबों बेरोेजगारी से बचाया जा सकता है। कोरोना बाद कई लोगों ने अपना धंधा बदल लिया है कुछ अपनी पुस्तैनी विरासत को बचाने में लगे हुए है। </p>
<p><strong>मूर्तियों की बिक्री  के लिए तैयार हो हाट बाजार</strong><br />शहर में मूर्तिकारों के माल बेचने के लिए एक हाट बाजार तैयार हो जाए तो सभी कलाकारों का माल एक जगह बिकेगा । दूसरों बाहर से आने वाली पीओपी की मूर्तियों की बिक्री पर रोक लग सकेंगी। सड़को पर बिकने पीओपी मूर्तियों की बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थाई मूर्तिकारों को पूरे साल रोजगार मिलेगा। जिससे ग्राहकों को इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। साथ रोड किनारे माल बेचने की समस्या से निजात मिल जाएंगी। अभी मूर्तियों के लिए सीएडी चौराहा, दशहरा मैदान रोड, घोडेवाले बाबा चौक, कुन्हाड़ी, तालाब रोड पर कलाकारों को फूटपाथ पर दुकाने लगानी पड़ती है। हाट बाजार तैयार हो जाए तो माल बेचने में आसानी होगी। साथ ही प्लाटर ऑफ पेरिस की बाहर से आकर बिकने वाली मूर्तियों धर पकड़ में भी निगम को आसानी हो जाएगी।    <br /><strong>- गोपीचंद, मूर्तिकार</strong></p>
<p><strong>सरकार आर्थिक पैकेज दे तो बच सकेगा हुनर</strong><br />कालीबाई ने बताया पीओपी को प्रतिबंधित करके कलाकारों की रोजी रोटी छीन रही है। सरकारी नियमों से प्लास्टर ऑफ पेरिस का माल जब्त होने का खतरा बना रहता है। मिट्टी मूर्तियों बनाने में लागत ज्यादा आती है ऐसे में लोग महंगी मूर्तियों को खरीदती नहीं है। जहां प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां 51 रुपए से 250 रुपए में बिकती है। वही मिट्टी की छोटी प्रतिमाए भी 125 रुपए से शुरू होती है। एक व दो फीट की मूर्ति 300 से 1000  रुपए  बिकती है। सरकार हम कलाकारों को आर्थिक पैकेज दे और हमारे माल को बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार करें तभी मूर्तिकारों का हुनर बच पाएगा। प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के विसर्जन के लिए बने स्थाई  कुंड  सरकार ने प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों की बिक्री पर रोक लगाने के बाद आजकल मूर्तिकार  पानी में घुलने और कच्चे रंगों का इस्तेमाल  कर रहे हैं। जिससे विजर्सन के बाद मूर्ति पानी में गल जाए और उसके कलर से जलीय जीवों को नुकसान भी नहीं हो। पिछले दो साल से कलाकारों ऐसी मूर्तियां बनाना बंद कर दिया है। अब पानी में घुलनशील मिट्टी की मूर्तिया तैयार कर रहे है। हालांकि प्लास्टर ऑफ पेरिस स्थानीय कलाकार ना भी बनाए तो बाहर से त्यौहारों पर ये बिकने आती ही है। सस्ती होने से लोगों में अभी इसका क्रेज कम नहीं हुआ ना ही मांग घटी है। नगर निगम की ओर  गणेशोत्सव में प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के लिए भीतरिया कुंड, किशोर सागर तालाब में स्थाई पक्का गणेश कुंड तैयार करें जहां प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों का विसर्जन जा सके। जिससे मूर्तिकारों को रोजगार बना रहेगा। दूसरा शहर के नदी तालाब प्रदूषण होने से बच जाएंगे।  <br /><strong> - किशन मेवाडा, मूर्तिकार कोटा</strong></p>
<p><strong>25 साल पहले  50 से अधिक मूर्तिकार जोधपुर से कोटा आकर बसे तब से बना रहे मूर्तियां</strong><br />प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर बेन लगने के बाद कोटा के मूर्तिकारों ने पानी में घुलनशील वाली मिट्टी से मूर्तियां बनाना शुरू कर दिया। कोरोना के बाद से ही मूर्तिकार आर्थिक तंगी से गुजर रहे है।  कोरोना के दौरान दशहरा मेला नहीं लगा जिससे 50 से अधिक परिवारों का रोजगार छिन गया। दशहरा मेले में प्लास्टर ऑफ पेरिस की विभिन्न सजावटी मूर्तियां, गमले, सजावटी वॉल पेटिंग बिक्री होती जिससे सालभर का घर खर्च चल जाता है। 25 साल पहले जोधपुर से 50 से अधिक परिवार यहां आकर बस गए पहले पत्थर की मूर्तियां बनाया करते थे। लेकिन उनकी मांग कम हुई तो अपने हुनर को जिंदा रखने के लिए मिट्टी व प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तिया बनाना शुरू किया।  <br /><strong>- सूरजमल, मूर्तिकार </strong></p>
<p><strong> पीओपी की प्रतिमाओं के निर्माण व बिक्री पर प्रतिबंध की मांग</strong><br />हम लोग संस्था ने चम्बल शुद्धिकरण के प्रति जागरूकता अभियान के क्रम में कोटा शहर में पीओपी की प्रतिमाओं के निर्माण  व बिक्री पर रोक लगाने को लेकर अभियान चलाया हुआ है। नगर निगम और यूआईटी को पीओपी व अन्य मूर्तियों के विसर्जन के लिए एक स्थाई टेक तैयार करने की मांग की है। जिससे चंबल का पानी दूषित नहीं हो और मूर्तियों का निस्तारण भी हो जाए। <br /><strong>- डॉ. सुधीर गुप्ता, संयोजक हम लोग संस्था</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Aug 2023 17:06:21 +0530</pubDate>
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                <title>नेशनल सिम्पोजियम शुरू, देश के आठ कलाकारों का दिखेगा टैलेंट</title>
                                    <description><![CDATA[सिम्पोजियम के संयोजक व प्रसिद्ध आर्टिस्ट राजकुमार पंडित ने बताया कि इसमें देश के प्रसिद्ध आठ आर्टिस्ट जम्मू-कश्मीर से पद्मश्री राजेंद्र टिकु, वीर मनुश्री, गुजरात से हिम्मत शाह, कर्नाटक से जी.आर इराना व अरूण कुमार, ओडिशा से जगन्नाथ पंडा, मंगलुरू से मंजूनाथ कामथ, नई दिल्ली से पूजा इराना शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/national-symposium-begins-talent-of-eight-artists-of-the-country/article-42415"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/a-152.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। धातु की मूर्तियों पर सात दिवसीय नेशनल सिम्पोजियम कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार को वीकेआई स्थित वर्क्स फॉर आर्टिस्ट फाउंडरी में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने किया। सिम्पोजियम के संयोजक व प्रसिद्ध आर्टिस्ट राजकुमार पंडित ने बताया कि इसमें देश के प्रसिद्ध आठ आर्टिस्ट जम्मू-कश्मीर से पद्मश्री राजेंद्र टिकु, वीर मनुश्री, गुजरात से हिम्मत शाह, कर्नाटक से जी.आर इराना व अरूण कुमार, ओडिशा से जगन्नाथ पंडा, मंगलुरू से मंजूनाथ कामथ, नई दिल्ली से पूजा इराना शामिल हैं। ये सभी आर्टिस्ट 16 अप्रैल तक अपनी पसंद की मूर्तियों का डेमो तैयार करेंगे। मुख्य अतिथि राजेंद्र राठौड़ ने राजकुमार पंडित के कार्यों की सराहना की। राजकुमार पंडित ने बताया कि सिम्पोजियम में प्रतिभागी सभी आर्टिस्ट का राज्यपाल कलराज मिश्र मंगलवार को सम्मान करेंगे।</p>
<p><strong>खेल अकादमी का शुभारंभ </strong><br />नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने सोमवार को श्री भवानी निकेतन शिक्षा संकुल में खेल अकादमी का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह शाहपुरा ने की। श्री भवानी निकेतन शिक्षा समिति की ओर से कार्यक्रम में पद्मश्री राम सिंह शेखावत, राम सिंह चन्दलाई, अध्यक्ष, श्री राजपूत सभा, श्रीपाल सिंह शक्तावत, पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजौर, प्रोफेसर भूपेन्द्र सिंह राठौड़, समिति अध्यक्ष शिवपाल सिंह नांगल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।</p>
<p><strong>जयपुर में बन रही है शिवाजी की सबसे बड़ी मूर्ति</strong><br />राजकुमार पंडित और गणेश के नेतृत्व में घोड़े पर विराजमान छत्रपति शिवाजी की धातु से निर्मित देश की सबसे बड़ी प्रतिमा जयपुर में बनाई जा रही है। राजकुमार ने बताया कि 30 फीट ऊंची यह मूर्ति पिछले करीब एक साल से बनाई जा रही है, जिसका कार्य जून-2023 तक पूरा हो जाएगा। इस मूर्ति के निर्माण में 25 आर्टिस्ट दिन-रात लगे हुए हैं। यह मूर्ति मुंबई में स्थापित की जाएगी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Apr 2023 10:22:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>31 हजार दीप किए प्रज्ज्वलित, स्वयंसेवकों ने दी सेवाएं </title>
                                    <description><![CDATA[युवराज स्वामी राघवेन्द्र ने बताया कि इस अवसर पर 500 से अधिक स्वयंसेवकों ने अपनी सेवाएं दी। शास्त्रीय संगीत के साथ ध्रुवपद की प्रस्तुति कलाकारों ने दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/artists-give-presented-of-the-dhruvpad/article-40571"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/465465465-copy24.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर भारत की प्रमुख वैष्णव पीठ गलता में नवसंवत्सर 2080 का अभिनंदन शाम को पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य महाराज की मौजूदगी में 31 हजार दीपक प्रज्ज्वलित कर के किया गया। युवराज स्वामी राघवेन्द्र ने बताया कि इस अवसर पर 500 से अधिक स्वयंसेवकों ने अपनी सेवाएं दी। शास्त्रीय संगीत के साथ ध्रुवपद की प्रस्तुति कलाकारों ने दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Mar 2023 10:57:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सात राज्यों के 18 आर्टिस्ट ने साठ कलाकृतियों में उकेरा अंतर्मन का मनोरम दृश्य</title>
                                    <description><![CDATA[शो में देश के नामी 18 आर्टिस्ट्स की इस सामूहिक कला प्रदर्शनी में लगभग 60 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया, जिसमें तेलंगाना, बंगाल, आंध्रप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली राज्यों से आर्टिस्ट्स आए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/18-artists-from-seven-states-carved-a-panoramic-view-of/article-36509"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(7)1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश के जाने-माने आर्टिस्ट सुब्रता गंगोपाध्याय ने अपनी रचना में खूबसूरती से नाचती कृष्णप्रियायों को चटकीले रंगों के साथ कैनवास पर जीवित किया। कुछ ऐसा ही नजारा था शहर में स्थित ग्रीन सी आर्ट गैलरी में हुई पैन इंडिया एग्जीबिशन 2023 का, जहां देशभर के चर्चित कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों को प्रस्तुत किया। शनिवार से शुरू हुई इस कला प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान ललित कला अकादमी के अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास और शो क्यूरेटर मोनिका शारदा ने दीप प्रज्जवलित कर किया।</p>
<p>शो में देश के नामी 18 आर्टिस्ट्स की इस सामूहिक कला प्रदर्शनी में लगभग 60 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया, जिसमें तेलंगाना, बंगाल, आंध्रप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली राज्यों से आर्टिस्ट्स आए। 28 फरवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में स्त्रियों के कई रूप देखने को मिले, जहां कई पेंटिंग्स में स्त्रियां अपने जीवन की आपाधापी से लड़ रही हैं। वहीं कुछ कलाकृतियों में वे सभी बंदिशों को तोड़ते हुए कृष्ण लीला और होली के त्यौहार का अपनी सहेलियों के साथ उत्सव मना रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Feb 2023 10:44:54 +0530</pubDate>
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                <title>2 साल बाद शाही लवाजमे के साथ निकली तीज माता की सवारी</title>
                                    <description><![CDATA[तीज माता के दर्शन कर सभी ने पुष्पवर्षा कर सुख-सौभाग्य की कामना की। इस दौरान मांगणियार कलाकारों ने लोक गायन, मयूर डांस, राधा-कृष्ण की झांकी, कलाकारों ने मुंह से आग निकालकर हैरतंगेज कारनामे दिखाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-2-years-teej-ride-came-out/article-17140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/t-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। 2 साल बाद श्रावणी तीज पर घोड़ा, ऊंट, बैल, बैण्डबाजा और जयपुर रियासत के पचरंगी ध्वज के साथ चांदी के रथ में त्रिपोलिया गेट से तीज माता की सवारी निकली। शाही लवाजमे के साथ निकली तीज की सवारी को देखने के लिए शहर सहित दूर-दराज के गांवों से भी लोग आए। तीज माता के दर्शन कर सभी ने पुष्पवर्षा कर सुख-सौभाग्य की कामना की। इस दौरान मांगणियार कलाकारों ने लोक गायन, मयूर डांस, राधा-कृष्ण की झांकी, कलाकारों ने मुंह से आग निकालकर हैरतंगेज कारनामे दिखाए। कालबेलिया और घूमर सहित कई लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। काले लंगूर का रूप धरकर आए बहरुपियों ने लोगों को तरह-तरह के स्वांग भरकर रिझाया। राजस्थानी रंग-ढंग में 150 से ज्यादा कलाकारों ने लोकरंग जमाया।</p>
<p>इसके पहले जनानी ड्योडी में पूर्व राजपरिवार की महिलाओं ने तीज माता की पूजा-अर्चना की। पूर्व प्रिसेंज गौरवी कुमारी ने भी तीज माता की पारंपरिक रूप से पूजा अर्चना की। इसके बाद आम लोगों ने तीज माता की सवारी के दर्शन किए। मान्यता है कि उनके दर्शन करने से लोगों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस के साथ होमगार्ड और आरएसी के जवान भी मौजूद थे। त्रिपोलिया से होकर सवारी छोटी चौपड़, गणगौरी बाजार होते हुए ताल कटोरा पर सम्पन्न हुई।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Aug 2022 11:38:30 +0530</pubDate>
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