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                <title>challans - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>उर्स मेले में जाने वाली बसों में सिलेंडर, आरटीओ ने की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर उर्स मेले के लिए जा रही बसों में गंभीर सुरक्षा लापरवाही सामने आई है। कई बसों की छतों पर लगेज के साथ गैस सिलेंडर मिले। परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए चार बसों के चालान काटे और सात सिलेंडर जब्त किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rto-took-action-against-cylinders-in-buses-going-to-urs/article-136684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/urse.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर बड़े हादसे की आशंका सामने आई है। अजमेर में उर्स मेले के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार से आ रही बसों में गंभीर सुरक्षा लापरवाहियां उजागर हुई हैं। कई बसों की छतों पर 2 से 3 फीट तक अनाधिकृत लगेज भरा हुआ था। इस लगेज के साथ-साथ जायरीन गैस सिलेंडर भी बसों की छत पर लेकर सफर कर रहे थे, जो किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकता था।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। शाहपुरा डीटीओ यशपाल यादव के नेतृत्व में परिवहन उड़नदस्तों ने उर्स मेले में जा रही बसों की जांच की। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाली 4 बसों के चालान किए गए। साथ ही बसों की छतों पर रखे गए कुल 7 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। परिवहन विभाग का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 13:34:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लाखेरी रेलवे स्टेशन पर ऑटो स्टैंड नहीं होने से आमजन परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[रेलवे पुलिस ऑटो चालको का चालान कर कोर्ट भेज देते है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/general-public-troubled-due-to-absence-of-auto-stand-at-lakheri-railway-station/article-114436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer102.png" alt=""></a><br /><p>लाखेरी। लाखेरी रेलवे स्टेशन परिसर में ऑटो स्टैंड की अनुपलब्धता एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। स्टेशन पर निर्धारित स्थान के अभाव में ऑटो चालक अपने वाहन इधर-उधर खड़ा करने से यात्रियों, के साथ व्यापारी और स्वयं चालक तीनों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि यहां से प्रतिदिन सैंकड़ों यात्री गाड़ियों में सफर करते है। जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने आए यात्रियों को ऑटो की अनुपलब्धता के कारण कई बार उनकी गाड़ी छूट जाने जैसी स्थिति हो जाती है। वहीं ऑटो चालक ब्रिज के पास या दुकानों के सामने अपना वाहन खड़ा कर देते है। रेलवे पुलिस उनका चालान कर कोर्ट भेजा जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है।</p>
<p><strong>व्यापारी बोले आमजन को हो रही है परेशानी</strong><br />रेलवे स्टेशन के समीप व्यापारी तनवीर खान, अब्दुल गनी, शंभू दुबे, मुकेश कुमार और तेजू गुर्जर ने बताया कि ऑटो स्टैंड नहीं होने की वजह से यह दुकानों के सामने खड़ा कर देते है। जिससे आवागमन बाधित होता है, व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने स्टेशन प्रशासन से मांग की कि यात्रियों व व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द एक स्थायी ऑटो स्टैंड का निर्माण कराया जाए।</p>
<p><strong>नियम तोड़ने पर कार्रवाई</strong><br />रेलवे स्टेशन पुलिस के अनुसार, रेलवे ब्रिज के पास ऑटो खड़ा करना नियमों का उल्लंघन है। इसलिए वहां खड़े वाहनों पर चालान की कार्रवाई की जाती है। पुलिस अधिकारियों ने सुझाव दिया कि ऑटो चालक इस समस्या को लेकर रेलवे के उच्च अधिकारियों से मिलें और एक निर्धारित स्थान की स्वीकृति प्राप्त करें।</p>
<p><strong>जरूरत है सुनियोजित ऑटो स्टैंड की व्यवस्था</strong><br />लाखेरी रेलवे स्टेशन पर एक सुव्यवस्थित ऑटो स्टैंड न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुचारु बनाएगा। स्थानीय प्रशासन, रेलवे विभाग और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास से इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।</p>
<p><strong>स्थानीय नेता सक्रिय</strong><br />शहर के जनप्रतिनिधि भी इस गंभीर समस्या को लेकर सजग हुए हैं। भाजपा नेता रामबाबू शर्मा ने बताया कि स्टेशन पर ऑटो स्टैंड की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से शीघ्र मुलाकात कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 May 2025 16:36:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर माह 20 हजार चालान, यातायात व्यवस्था ज्यों की त्यों</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में हर चौथा व्यक्ति बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाता नजर आ जाता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/20-thousand-challans-every-month--traffic-system-as-it-is/article-75296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(9)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक नियम आमजन की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे। जिसका पालन करने पर हादसों से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है, लेकिन कोटा में लोग इन नियमों की पालना अपनी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि चालान से बचने के लिए करते हैं। कुछ ऐसा ही कहते हैं कोटा यातायात पुलिस द्वारा पिछले महीने में बनाए गए चालानों के आंकडे। कोटा शहर की यातायात पुलिस द्वारा इस साल 14 अप्रैल तक विभिन्न उल्लघंनों में 23 हजार 896 चालान काटे जा चुके हैं। जिनमें सबसे ज्यादा तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले लोग शामिल हैं। उसके बाद क्षमता से अधिक सवारी बिठाकर वाहन चलाने वालों के चालान बनाए गए हैं। वहीं यातायात पुलिस की ओर से लगातार की जा रही कारवाई के बाद भी लोग यातायात नियमों की खुलकर अवहेलना कर रहे हैं।</p>
<p><strong>सबसे ज्यादा तेज रफ्तार के चालान</strong><br />कोटा शहर में पछले साल सबसे ज्यादा चालान तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर काटे गए। इस साल की बात करें तो शहर में अब 12 हजार से ज्यादा चालान तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर काटे जा चुके हैं। शहर में दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा, चौपहिया वाहनों के लिए 40 किलोमीटर प्रतिघंटा और भारी वाहनों के लिए 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की सीमा है। यातायात पुलिस द्वारा शहर में वाहनों पर 70 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक चलाने पर चालान बनाया गया है। इसी तरह पिछले साल भी तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर 20 हजार से ज्यादा चालान बनाए गए थे। इसके अलावा शहर में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर इस साल 2 हजार 500 से ज्यादा चालान बनाए जा चुके हैं। जिसमें पिछले माह में ही 848 चालान बनाए गए हैं।</p>
<p><strong>क्षमता से अधिक सवारी बिठाने पर 28 सौ से ज्यादा चालान</strong><br />शहर में हेलमेट और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के अलावा क्षमता से अधिक सवारी बिठाकर वाहन चलाने के भी 2 हजार 838 चालान बनाए जा चुके हैं। जिनमें दोपहिया वाहनों की संख्या 2 हजार 791 और चौपहिया वाहनों की संख्या 47 है। इसके अलावा शहर में नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर भी 3 हजार 134 वाहनों पर चालान बनाए जा चुके हैं। यातायात प्रभारी पूरण सिंह मीणा ने बताया कि शहर में दोपहिया और चौपहिया वाहन चालक बिना यातायात स्थिति देखे कहीं भी अपना वाहन खड़ा कर देते हैं ऐसे में मजबूरन हमें उनका वहन जब्त कर चालान बनाना पड़ता है। लोग यातायात पार्किंग को समझे तो चालान बनाने की आवश्यकता ही ना पड़े। </p>
<p><strong>हर साल 3 से 3.5 करोड़ का जुर्माना</strong><br />यातायात नियमों का उल्लघंन करने पर कोटा शहर यातायात पुलिस द्वारा हर साल 3 से 3.5 करोड़ का जुर्माना वसुला जाता है। इसमें इस साल 14 अप्रैल तक बनाए गए 23 हजार 896 चालानों से 28 लाख 64 हजार 100 रुपए का जुर्माना वसुला जा चुका है। वहीं पिछले साल भी यातायात पुलिस की ओर से करीब 3 करोड़ रुपए का जुर्माना वसुला गया था। </p>
<p><strong>चालान के बावजूद भी हो रहा उल्लघंन</strong><br />यातायात पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में चालान बनाने के बावजूद भी कोटा शहर में ट्रैफिक नियमों की खुलकर अवहेलना हो रही है। शहर में हर चौथा व्यक्ति बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाता नजर आ जाता है। इसके अलावा तेज रफ्तार से और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है।</p>
<p><strong>शराब पीकर वाहन चलाने पर 224 और गलत दिशा में वाहन चलाने पर 464</strong><br />कोटा शहर की यातायात पुलिस द्वारा 14 अप्रैल तक शहर में शराब पीकर वाहन चलाने पर 224 और गलत दिशा में वाहन चलाने पर 464 चालान बनाए जा चुके हैं। जिसमें शराब पीकर वाहन चलाने पर बनाए गए 90 फीसदी चालन रात के समय के हैं। वहीं गलत दिशा में वाहन चलाने के सबसे ज्यादा चालान नयापुरा, कुन्हाड़ी और एयरोड्रम सर्कल के हैं। इसके अलावा 14 अप्रैल तक वाहनों में सीट बेल्ट नहीं लगाने के 206 और रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नियमानुसार नहीं लगाने पर भी 664 चालान बनाए जा चुके हैं।</p>
<p><strong>चालान बनाने से ज्यादा समाझाइश की कोशिश</strong><br />कोटा शहर में लोगों में नियमों के प्रति पालना की भावना कम है। यातायात पुलिस की पहली कोशिश उन्हें समझाने की होती है, ताकि वो नियमों की पालना चालान से बचने के स्थान पर अपनी सुरक्षा के लिए करे। चालान नियमों की अधिक अवहेलना करने पर ही चालान बनाया जाता है। शहर के लोगों का साथ मिले तो लोगों में यातायात नियमों की पालना की भावना जगाई जा सकती है। इसके लिए विद्यालय स्तर से शुरुआत करनी होगी क्योंकि ये नियम जब हमारी दिनचर्या का भाग होंगे तभी इनकी पालना संभव है।<br /><strong>- पूरण सिंह मीणा, यातायात प्रभारी, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Apr 2024 16:02:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लॉकडाउन में फुर्तीली तो अनलॉक में सुस्त पड़ रही ट्रैफिक पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी चालानी कार्रवाई में कमी का कारण वाहन चालकों की जागरूकता बता रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-police-is-active-in-lockdown-but-becoming-sluggish-in-unlocking/article-64646"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/si-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। यातायात नियमों की पालना करवाने में ट्रैफिक पुलिस ने जिस स्पीड से लॉकडाउन में फुर्ती दिखाई, उतनी ही रफ्तार से अनलॉक में सुस्त हो गई। वर्ष 2021 में 1.38 लाख से ज्यादा वाहन चालकों के चालान बनाकर सबक सिखाया। वहीं, अगले दो वर्षों में पुलिस ने कार्रवाई से हाथ खींच लिए। नतीजन, सड़कों पर बेलगाम दौड़ते वाहन चालकों के हौंसले बढ़े और नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई। दरअसल, पिछले तीन साल के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 के मुकाबले वर्ष 2022 व 23 में चालानों की संख्या अपेक्षाकृत कम हो गई। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस चालान दर कम होने का कारण वाहन चालकों के प्रति सहानुभूति बता रही है, जबकि महकमे से जुड़े कर्मचारियों ने वास्तविकत कारण राजनेताओं का दबाव बताया। बरहाल, वर्ष 2021 की अपेक्षा 2022-23 में कुल चालान संख्या में  11 हजार से ज्यादा की कटौती देखने को मिली। </p>
<p><strong>तीन साल में 2.89 लाख बने चालान</strong><br />ट्रैफिक पुलिस ने नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वर्ष 2021 से 17 दिसम्बर 2023 तक कुल 1 लाख 89 हजार 675 चालान बनाए। जिनसे करीब 6 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया। यदि, तीनों सालों के तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2021 में कुल 1 लाख 38 हजार 976 चालान काटे गए। जिनसे 3 करोड़ 18 लाख 46 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया। जबकि, वर्ष 2022 में कुल 70 हजार 217 चालान किए गए। जिनसे 1 करोड़ 40 लाख 88 हजार 750 रुपए जुर्माना वसूला। इसी तरह 17 दिसम्बर 2023 तक 80 हजार 482 ही चालान हुए और 1 करोड़ 58 लाख 17 हजार जुर्माना किया गया। हालांकि, अभी साल खत्म होने में 11 दिन शेष हैं। ऐसे में आखिरी दिनों में चालान व जुर्माने की संख्या में इजाफा हो सकता है। </p>
<p>पुलिस की चुप्पी का कारण-राजनीतिक हस्तक्षेप<br />ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी चालानी कार्रवाई में कमी का कारण वाहन चालकों की जागरूकता बता रहे हैं। जबकि, महकमे के ही कर्मचारियों द्वारा राजनेताओं का हस्तक्षेप को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि कुछ माह पहले नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से राजनेतिक दल के कार्यकर्ता नाराज हो गए थे। ऐसे में राजनेतिक दबाव बढ़ने पर चालानी कार्रवाई में ढील बरती गई। चौराहों पर अधिकतर लोग बिना हेलमेट व सीट बेल्ट बांधे गुजर रहे हैं। जिन्हें देखकर भी नजर अंदाज करना मजबूरी हो गई है। </p>
<p><strong>तीन साल में सबसे ज्यादा टूटे ट्रैफिक सिग्नल</strong><br />शहर में बेलगाम दौड़ते वाहन चालकों ने पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन किया है। इस पर पुलिस ने कुल 93 हजार 711 चालान बनाए। इनमें सर्वाधिक चालान वर्ष 2021 में 52 हजार 720 बने हैं। हालांकि, अगले दो वर्षों में इनकी संख्या घट गई। वर्ष 2022 में 27 हजार 24 तथा वर्ष 2023 में 13 हजार 967 चालान ही बन सके। निष्कर्ष : वर्ष 2022 और 23 को मिलाकर कुल 40 हजार 991 सिग्नल तोड़ने के चालान बनाए गए।  जबकि, वर्ष 2021 में 52720 बने। इस तरह अकेले 2021 में 11 हजार 729 चालान अधिक बनाए गए थे। </p>
<p><strong>सीट बेल्ट के भी तेजी से घटे चालान</strong><br />ट्रैफिक पुलिस 45 तरह के यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालान काट जुर्माने की कार्रवाई करती है। ताकि, लोगों में जागरूकता बढ़े लेकिन जिम्मेदार ही आंखें मूंद ले तो नियमों का टूटना स्वभाविक है। वर्ष 2021 में सीट बेल्ट न बांधने पर 2 हजार 278 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चालान बनाए। जबकि, वर्ष 2022 और 23 में  चालान की संख्या आधे से भी कम रह गई। निष्कर्ष : वर्ष 2022 और 23 दोनों को मिलाकर मात्र 872 चालान ही बनाए गए। जबकि, यह संख्या 2021 में बनाए गए चालानों से 1406 कम है। शहर में हर दिन चार पहिया वाहन चालक बिना सीट बेल्ट बांधे परिवहन करते हैं। </p>
<p>पिछले डेढ़ साल से चालानी कार्रवाई में कमी होने का कारण तो तत्कालीन पदस्थापित अधिकारी ही बता सकते हैं। मुझे आए अभी तीन ही माह हुए हैं, ऐसे में 30 हजार से अधिक चालान बनाए जा चुके हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, वाहन चालक में भी जागरूकता बढ़ी है। अधिकतर बाइक सवार हेलमेट   व कार सवार सीट बेल्ट का उपयोग स्वत: ही करते हैं। ट्रैफिक पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर शहरवासियों को अवेयर करती है। <br /><strong>- राजेश ढाका, पुलिस उपाधीक्षक, यातायात</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Dec 2023 18:56:17 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - सड़कों पर उतरा परिवहन विभाग, 25 वाहनों के काटे चालान</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान के तहत गुरुवार को परिवहन विभाग शहर की प्रमुख सड़कों व चौराहों पर नजर आया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---transport-department-landed-on-the-roads--challans-of-25-vehicles/article-52982"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(5).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बाल वाहिनियों में बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस मासूमों की जान से खिलवाड़ करने का मामला दैनिक नवज्योति में प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग हरकत में आ गया। शहरभर में गुरुवार को विभाग का अमला सड़कों पर नजर आया। बच्चों को स्कूल से घर और घर से स्कूल ले जाते एक-एक वाहनों की जांच कर फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस, जीपीएस सहित सुरक्षा के इंतजाम परखे। नियमों के विपरित पाए जाने पर 25 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान काटे। वहीं, स्कूल प्रबंधन को अपनी बाल वाहिनियों में जीपीएस लगवाने व वाहनों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को पाबंद किया।</p>
<p>दरअसल, जैसलमेर के पोखरण में स्कूली बच्चों से भरी बस पलटने से 35 बच्चे घायल और एक शिक्षक की मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिवहन विभाग मुख्यालय ने 26 जुलाई से 4 अगस्त तक बाल वाहिनियों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। दैनिक नवज्योति ने बुधवार को अभियान की पड़ताल की थी। जिसमें बाल वाहिनी के नाम पर निजी वाहनों को व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा था और ऑटो, मैजिक, वैन और वाल मिनी बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बिठाकर अभियान की धज्जियां उड़ाते वाहनों की तस्वीरे और खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद विभाग हरकत में आया। </p>
<p><strong>सड़कों पर नजर आया अमला </strong><br />अभियान के तहत गुरुवार को परिवहन विभाग शहर की प्रमुख सड़कों व चौराहों पर नजर आया। बच्चों से भरे वाहनों की जांच कर फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस के कागजात कीजांच की। वहीं, वाहनों में सुरक्षा  के इंतजाम परखे। इस दौरान कई वाहनों के चालान काटे तो कई को सीज किया।  साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी बाल वाहिनी नियमों को सुनिश्चित करवाने के लिए पाबंद किया। </p>
<p><strong>दो वाहन किए सीज</strong><br />सिंह ने बताया कि चैकिंग के दौरान नियमों के विपरित संचालित होने वाले दो वाहनों को सीज किया गया है। इनमें एक वाहन बिना फिटनेस तथा दूसरा निजी वाहन था, जिसे किराए पर व्यवसायिक रूप से संचालित किया जा रहा था। नियमों का उल्लंघन करने पर दोनों वाहनों को सीज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं, वाहन चालकोें को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। </p>
<p><strong>25 वाहनों के बनाए चालान</strong><br />जिला परिवहन अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि अभियान के तहत शहरभर में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जिसमें खामियां पाए जाने पर 25 वाहनों के चालान बनाए गए। इसमें फिटनेस के 2, निजी वाहनों को किराए पर व्यवसायिक रूप से संचालित किए जाने के 14, इंश्योरेंस के 1, बाल वाहिनी नियमों का उल्लंघन करने के 8, क्षमता से अधिक बच्चों को बिढ़ाने के मामले में 3 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान बनाए गए। </p>
<p><strong>जीपीएस लगवाने को किया पाबंद </strong><br />परिवहन विभाग के अधिकारी बाल वाहिनी बस संचालित करने वाले निजी स्कूलों में पहुंचे और प्रबंधन को बसों में जीपीएस ल\गवाने के लिए  पाबंद किया है। अधिकारियों ने चेताया कि यदि, वाहिनियों में जीपीएस चालू स्थिति में नहीं मिला तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />प्रदेशभर में बाल वाहिनियों की जांच के लिए विशेष अभियान चल रहा है। जिसके तहत जिलेभर में स्कूली वाहनों की परमिट, फिटनेस, इंश्योरेंज, वाहनों के पीछे स्कूल का नाम, ड्राइवर का अनुभव, जीपीएस, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित सुरक्षा इंतजाम परखे जा रहे हैं। गुरुवार को कार्रवाई करते हुए 25 वाहनों के चालान काटे गए हैं। वहीं, वाहनों में बच्चों की सुरक्षा इंतजामों को लेकर स्कूल प्रबंधन को भी पाबंद किया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को बख्शा नहीं जाएगा। लापरवाही बरतने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। <br /><strong>- अरविंद सिंह, जिला परिवहन अधिकारी, आरटीओ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jul 2023 17:15:45 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - निगम ने वसूल किया 19,500 रुपए जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में गंदगी फेैलाते पाह जाने और सड़क पर निर्माण सामग्री डालकर रास्ता अवरूद्ध करने वालों के खिलाफ जुर्माना व चालान किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---corporation-recovered-fine-of-rs-19500/article-52180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/b-story-(7).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण में स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 के अंतर्गत शहर में गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। मंगलवार को भी कार्रवाई करते हुए 19 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूल किया गया।  इस संबंध में हाल ही नवज्योति ने इस संबंध में समाचार प्रकाशित कर समस्या को उजागर किया था। कार्यवाहक आयुक्त राजेश डागा ने बताया कि   सभी स्वास्थ्य निरीक्षकों को निर्देशित किया हुआ है। जिसमें शहर में गंदगी फेैलाते पाह जाने और सड़क पर निर्माण सामग्री डालकर रास्ता अवरूद्ध करने वालों के खिलाफ जुर्माना व चालान किया जा रहा है। उसी के तहत मंगलवार को सेक्टर 6 के स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेंद्र पंवार ने महावीर नगर क्षेत्र के वार्ड  70 में निर्माण सामग्री सड़क पर डालने पर मौके पर ही दो जनोंं पर कार्रवाई करते हुए 14 हजार  रुपए का जुर्माना किया। वहीं सेक्टर 8 के स्वास्थ्य निरीक्षक नासिर ने भी  कार्रवाई करते हुए चालान काटे गए और जुर्माना राशि 55 सौ रुपए वसूल की गई। डागा ने बताया कि नगर निगम कोटा दक्षिण के स्वास्थ्य निरीक्षकों ने 19 हजार 500 रुपए निगम कोष में जमा करवाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 19 Jul 2023 13:25:00 +0530</pubDate>
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                <title>ये बुल शहर के अलग-अलग स्थानों पर खड़ी होकर काटती थी चालान, पीक आवर्स में चालान काटने की बजाय यातायात व्यवस्था संभालेगी ‘बुल’</title>
                                    <description><![CDATA[ पीक आवर्स में अब ये बुल शहर के अंदर रहेंगी और जाम लगने वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां ड्यूटी कर लोगों को जाम से निजात दिलाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/this-bull-used-to-cut-challans-standing-at-different-places-in-the-city--instead-of-cutting-challans-in-peak-hours--bull-would-handle-the-traffic-system/article-5387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/bull.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर शहर में आए दिन जाम के हालात बन जाते हैं और बाहरी इलाके में बुल (इंटरसेप्टर) तेज रफ्तार वाहनों के चालान काटने में व्यस्त रहती है। अब आमजन को जाम से निजात दिलाने के लिए एडिशनल पुलिस कमिश्नर द्वितीय ने नया प्रयास शुरू किया है। पीक आवर्स में अब ये बुल शहर के अंदर रहेंगी और जाम लगने वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां ड्यूटी कर लोगों को जाम से निजात दिलाएंगी। ये 13 बुल एक-एक के हिसाब से 13 ट्रेफिक इंस्पेक्टर (टीआई) को सौंपी जाएंगी। उसके बाद इनका ड्यूटी प्वॉइंट तय होगा और यातायात को सुचारू रूप से चलाने का प्रयास करेंगी। शहर में पीक आवर्स सुबह नौ बजे से लेकर साढ़े 11 बजे तक और शाम को पांच बजे से सात बजे तक होते हैं। <br /><br /><strong>इस्तगासा होगा दर्ज</strong><br />यदि किसी दुकान, शोरूम, होटल, ढाबे और अन्य स्थान के बाहर जाम लगता है तो उस जगह के मालिक के संबंध में यातायात पुलिस कार्रवाई करेगी। पहले उस दुकान समेत अन्य जगह के मालिक की समझाइश करेगी और उसके बाद यदि फिर भी वापस जाम के हालात बनते हैं तो उसके खिलाफ इस्तगासा दर्ज कर कार्रवाई होगी।<br /><br />पीक आवर्स में जाम से निजात दिलाने के लिए बुल (इंटरसेप्टर) अब यातायात व्यवस्था के सुधार के लिए शहर में रहेंगी और जाम से निजात दिलाने में प्रयास करेंगी। यातायात पुलिस में तैनात बुल की जिम्मेदारी 13 टीआई को सौंपी है। <br />- <strong>हैदर अली जैदी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वितीय जयपुर कमिश्नरेट</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 12:08:00 +0530</pubDate>
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