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                <title>manufacturing - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच राजनाथ ​सिंह का बड़ा बयान: बोले-ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता जरूरी, विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन' में भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने रणनीतिक स्वायत्तता के लिए MSMEs और स्टार्टअप्स को AI व रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीक अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर 'अदिति' और 'iDEX' चुनौतियों के नए संस्करण भी लॉन्च किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-west-asia-crisis-rajnath-singhs-big-statement-said/article-147099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत को मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने के मिशन मोड में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक है। </p>
<p>राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित दो दिन के राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को 'उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियां' विषय पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार विजेताओं, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निजी रक्षा कंपनियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्रोन उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ईरान और इजराइल के बीच तनाव तक चल रहे संघर्ष इस बात के प्रमाण हैं कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और प्रतिरोधी ड्रोन प्रौद्योगिकियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता केवल उत्पाद स्तर पर ही नहीं बल्कि कलपुर्जे के स्तर पर भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, ड्रोन के ढांचों से लेकर उसके सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरियों तक, सब कुछ भारत में ही निर्मित होना चाहिए। यह कोई आसान कार्य नहीं है। अधिकांश देशों में जहां ड्रोन बनाए जाते हैं, वहां अनेक महत्वपूर्ण कलपुर्जे वर्तमान में चीन से आयात किए जाते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण बड़े उद्योगों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों और नवोन्मेषकों के योगदान पर निर्भर करता है, साथ ही सरकार की स्पष्ट नीतिगत दिशा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, जो देश की विशिष्ट रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने निजी क्षेत्र से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया ताकि भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के 14वें संस्करण और आईडेक्स ढांचे के अंतर्गत 'अदिति चुनौतियों' के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। रक्षा बलों, भारतीय तटरक्षक बल और रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी से प्राप्त कुल 107 समस्या विवरण जारी किए गए, जिनमें 82 रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के अंतर्गत और 25 अदिति चुनौतियों के अंतर्गत शामिल हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों से संबंधित 101 नवाचार चुनौतियों की एक नई पहल भी शुरू की गई, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों द्वारा डिजाइन-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करना है। इन चुनौतियों को रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा और विजेता नव-उद्यमों को मार्गदर्शन, परीक्षण सुविधाएँ तथा उनकी आपूर्ति श्रृंखला में संभावित एकीकरण के अवसर प्रदान किए जाएँगे।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने आईडेक्स और अदिति को परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नव-उद्यमों, नवोन्मेषकों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को रक्षा बलों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक लगभग 676 नव-उद्यम, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा व्यक्तिगत नवोन्मेषक रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ चुके हैं। अब तक 548 अनुबंध किए जा चुके हैं और 566 चुनौतियाँ शुरू की गई हैं। इनमें से 58 प्रतिरूपों को लगभग 3853 करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीद के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त लगभग 2326 करोड़ रुपये के 45 खरीद अनुबंध पहले ही किए जा चुके हैं। ये आँकड़े दर्शाते हैं कि नवाचार धीरे-धीरे ठोस उत्पादों और प्रौद्योगिकियों में परिवर्तित हो रहा है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, स्वचालन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जो एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन है। उन्होंने इन उद्यमों और नव-उद्यमों से इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने और समेकित करने का आह्वान किया ताकि संसाधनों और क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी और संयोगात्मक विनिर्माण जैसी प्रौद्योगिकियां वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र को नया रूप दे रही हैं, जबकि डिजिटल ट्विजन और उन्नत अनुकरण उपकरण नई संभावनाओं को खोल रहे हैं। डिजिटल ट्विजन का अर्थ वास्तविक प्रणाली का आभासी मॉडल तैयार करना है, जिससे जटिल प्रणालियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है और अधिक सटीक निर्णय लिए जा सकते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करने के लिए कई पहलें की हैं। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में इन्हें इक्विटी, तरलता और व्यावसायिक समर्थन प्रदान करने के लिए तीन स्तरीय दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिससे ये अग्रणी उद्यम बन सकें। इसका उद्देश्य इनके विकास को तेज करना और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से सरकार इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। पंजीकरण और पहचान को सरल बनाने के लिए उद्यम पोर्टल और उद्यम सहायक पोर्टल जैसे डिजिटल मंच शुरू किए गए हैं, ताकि छोटे उद्योगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की संख्या 2012-13 में लगभग 4.67 करोड़ थी, जो अब बढ़कर लगभग 8 करोड़ हो गई है। यह वृद्धि उद्यमिता की बढ़ती भावना को दर्शाती है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि नव-उद्यम अपने अनूठे विचारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक बन रहे हैं और कई अल्प समय में ही यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त कर रहे हैं। निकट भविष्य में और भी ऐसे उद्यम सामने आएँगे। इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों से नवाचार करने, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।</p>
<p>रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना तथा डिजाइन, विकास और निर्माण से लेकर संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के एकीकरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि 200 समस्या विवरण इन उद्यमों, उद्योगों, नव-उद्यमों और युवा नवोन्मेषकों को आधुनिक उत्पाद विकसित करने और अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर देंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को सुधार वर्ष के रूप में मनाते हुए मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाना, गुणवत्ता प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना तथा परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाना शामिल है। रक्षा क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों का एक डिजिटल डाटाबेस 'सृजन दीप' भी बनाया गया है, जिसमें 40,000 से अधिक उद्योग सूचीबद्ध हैं, ताकि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिल सके।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन विभाग के पाँच प्रकाशनों का विमोचन भी किया, जिनका उद्देश्य नीतिगत पहलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रक्षा निर्यात को प्रोत्साहित करना और उद्योग हितधारकों के लिए व्यापार सुगमता सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री ने एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया, जिसमें 20 बड़ी रक्षा कंपनियों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भागीदार, आपूर्तिकर्ता और नवोन्मेषक के रूप में शामिल करने के लिए अपने कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही 24 भारतीय और विदेशी कंपनियां उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, संयोगात्मक विनिर्माण और स्मार्ट सामग्री का प्रदर्शन कर रही हैं।</p>
<p>इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा अध्यक्ष डॉक्टर समीर वी कामत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:37:54 +0530</pubDate>
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                <title>ओमान ने दिया भारतीय निवेशकों को नये एल्युमिनियम जोन में निवेश का न्योता, द्विपक्षीय व्यापार में आएगी तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[ओमान ने नए एल्युमिनियम प्रोसेसिंग जोन में भारतीय निवेशकों को आमंत्रित किया। यह पहल सीईपीए के तहत मूल्य-वर्धित विनिर्माण और बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/oman-invites-indian-investors-to-invest-in-new-aluminum-zone/article-142766"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)9.png" alt=""></a><br /><p>ओमान। ओमान अपने प्लास्टिक क्लस्टर की सफलता को दोहराने की कोशिश के तहत भारतीय निवेशकों को नयी योजना वाले एल्युमीनियम प्रोसेसिंग जोन में हिस्सा लेने के लिये आमंत्रित कर रहा है। इससे यह पहल तेजी से बढ़ रही भारत-ओमान आर्थिक साझेदारी के तहत आयेगी।</p>
<p>लादायन कार्यक्रम के प्रमुख मुंधर अल-रवाहि ने यूनी(एजेंसी) से बातचीत में कहा कि ओमान एल्युमिनियम क्षेत्र के इर्द-गिर्द एक संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है। उनका कहना है कि यह नया औद्योगिक क्लस्टर कच्चे माल के निर्यात के बजाय मूल्य वर्धित प्रसंस्करण और विनिर्माण पर केंद्रित होगा।</p>
<p>तीन वर्ष पहले ओमान ने प्लास्टिक विकास जोन की शुरुआत की थी, जिसमें अब तक 28 परियोजनाओं पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इनमें से करीब 10 परियोजनाओं में उत्पादन शुरू कर चुका है या शुरू होने के करीब हैं, जबकि शेष विभिन्न चरणों में हैं। अल-रवाहि ने कहा, इसी मॉडल को अब एल्युमिनियम क्षेत्र में लागू करने की योजना है, जिसमें देश के स्मेल्टर्स को निचली श्रेणी के उद्योगों के लिए मुख्य आपूर्तिकर्ता बनाया जाएगा। </p>
<p>भारत-ओमान के बीच 2020 से अब तक निवेश प्रवाह तीन गुना बढ़कर पांच अरब डॉलर तक पहुंच गया है। धातु विनिर्माण, हरित इस्पात और अमोनिया जैसे क्षेत्र सहयोग के प्रमुख स्तंभ बनकर उभरे हैं। रक्षा सहयोग के अलावा, दोनों देश अंतरिक्ष, रेयर अर्थ मिनरल्स और साइबर सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं।</p>
<p>लादायन कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित एल्युमिनियम जोन इसी व्यापक औद्योगिक सहयोग का हिस्सा है। ओमान का मानना है कि भारतीय कंपनियां उसकी स्थापित एल्युमिनियम अवसंरचना और हरित उत्पादन की संभावनाओं का लाभ उठा सकती हैं। अल-रवाहि के अनुसार, ओमान की राजनीतिक स्थिरता, प्रतिस्पर्धी दरों पर औद्योगिक भूमि, कम बिजली लागत और यूरोप-एशिया के बीच रणनीतिक भौगोलिक स्थिति निवेशकों के लिए बड़े आकर्षण हैं। अरब सागर-खाड़ी क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स हब के रूप में ओमान भारतीय निर्माताओं को खाड़ी, यूरोप और अफ्रीका के बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है।</p>
<p>वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार 10.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें एल्युमिनियम वैल्यू चेन की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। हाल ही में हस्ताक्षरित भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के तहत ओमान ने लगभग सभी उत्पादों पर शून्य-शुल्क पहुंच प्रदान की है, जिससे पहले लागू 0-5 प्रतिशत के एमएफएन शुल्क समाप्त हो गए हैं। यह समझौता संयुक्त उपक्रमों और औद्योगिक सहयोग को और मजबूती देगा।</p>
<p>अल-रवाहि ने बताया कि नए एल्युमिनियम जोन में एक भारतीय साझेदार पहले ही जुड़ चुका है-मल्टी-बॉन्ड मेटल  समझौते पर आज हस्ताक्षर होंगे। जिंदल, इफको और कृभको जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियां पहले से ही ओमान में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। ओमान की यह रणनीति संसाधन-आधारित उद्योगों-प्लास्टिक, एल्युमिनियम, इस्पात और अन्य क्षेत्रों में मूल्य वर्धन को बढ़ावा देने की व्यापक नीति का हिस्सा है, जिससे वह केवल कच्चे माल या हाइड्रोकार्बन निर्यात तक सीमित न रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:36:12 +0530</pubDate>
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                <title>बजट 2026-27 : व्यक्तिगत आयकर की दरों में राहत नहीं, सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य; पढ़ें बजट पर क्या-क्या बोली वित्त मंत्री ?</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। पूंजीगत व्यय बढ़ा, राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखा, विनिर्माण व अवसंरचना से विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जिसमें अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले के लिए मजबूत करने के साथ-साथ विकसित भारत की ओर अग्रसर करने के लिए विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई राहत नहीं दी गयी है, लेकिन उद्योगों पर न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रक्रिया और अनुपालन आसान बनाने के विस्तृत उपायों की घोषणा की गयी है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है। </p>
<p>वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गयी और एक समय बीएसई का सेंसेक्स 2300 अंक तक लुढ़क गया था लेकिन बाद में इसने काफी हद तक वापसी की। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष से ऋण को जीडीपी की तुलना में सीमित करने की योजना के तहत ऋण-जीडीपी अनुपात को 2030-31 तक 50 प्रतिशत के आसपास रखने का लक्ष्य रखा है जिसके 2026-27 में 55.6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्ज कम होने से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण का उपलब्धता बढ़ेगी, सरकार पर ब्याज भुगतान कम होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की और कहा कि केंद्र की विभाज्य प्राप्तियों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की वृद्धि दर सात प्रतिशत के दायरे में बनी हुई है जिससे सरकार विकास और कल्याण के लिए संसाधनों को जुटाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व बाजार से जुड़े रहना है ताकि देश निर्यात बाजार और विदेशी पूंजी तथा प्रौद्योगिकी का लाभ हासिल करता रहे। </p>
<p>उन्होंने सरकार में विश्वास बनाये रखने के लिए जनता का आभार व्यक्त करते हुए कि हमारा लक्ष्य लोगों की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देना है और आर्थिक वृद्धि को युवाओं, किसानों, गरीबों, महिलाओं और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाना है। </p>
<p>केंद्र सरकार के नये कार्यालय क्षेत्र कर्तव्य भवन में तैयार इस पहले बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे युवाओं से प्रेरित बताया और कहा कि इस बजट को तैयार करने में जनता से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने इस बजट को सरकार के तीन कर्तव्यों पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को बढ़ाना, दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को समर्थ बनाना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के अनुरूप सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि गत अगस्त में प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद से वस्तु एवं सेवा कर सहित 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिए बायो फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, दुर्लभ खनिजों और कपड़ा जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए नयी पहलों की घोषणा की। </p>
<p>उन्होंने 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक संकुलों को पुनर्जीवित करने और चार नये आर्थिक क्षेत्रों के विकास का भी प्रस्ताव किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण में क्षमता निर्माण के लिए सार्वजनिक उपक्रमों की सहायता से दो स्थानों पर हाईटेक टूल रूम का निर्माण किया जायेगा जो कम लागत पर हाई प्रीसीजन कंपोनेंट का डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए उपकरण निर्माण के लिए भी एक योजना की घोषणा की गयी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने टीयर-2 और 3 शहरों में अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नया माल परिवहन गलियारा और बनारस और पटना में घरेलू जलमार्गों के लिए पोत निर्माण की सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने बिजली, इस्पात, एल्युमीनियम, कपड़ा जैसे क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया। </p>
<p>बजट में नयी राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के लिए समस्त योजना का विस्तार तथा खादी ग्रामोद्योग के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गयी है। उन्होंने सूक्ष्म लघु और मझौले क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को सरल और सुलभ बनाने के कई पहलों की घोषणा की है। बैंकिंग क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गयी है। इसमें पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ग्रामीण विद्युत निगम के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव है। </p>
<p>नगर निगमों को विकास के लिए धन जुटाने में मदद के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक के म्युनिसिपल बॉन्ड निर्गम पर 100 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा की गयी है। दो सौ करोड़ रुपये तक के ऐसे निर्गमों के लिए प्रोत्साहन की वर्तमान योजना जारी रहेगी। </p>
<p>उन्होंने दूसरे कर्तव्य के तहत सेवा क्षेत्र को नया आयाम देने की पहलों की घोषणा की जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा सेवा, पशु चिकित्सा, बड़े महानगरों के समीप पांच नये यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गणित और विज्ञान पढऩे वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास, खगोल विज्ञान के लिए नयी वेधशालाओं की स्थापना, गाइडों के प्रशिक्षण के लिए 20 जगह केंद्र बनाने, डिजिटल नॉलेज गृह और 50 पुरातात्विक स्थलों के विकास और संवर्धन जैसी पहलों की घोषणा की।</p>
<p>तीसरे कर्तव्य के तहत महिलाओं, किसानों, दिव्यांग जनों और अन्य वंचित वर्गों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए विभिन्न पहलों की घोषणा की। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उत्तर भारत में एक नया निमहांस संस्थान स्थापित करने तथा रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया।</p>
<p>बजट में 50 प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा तथा ट्रॉमा केंद्रों की सुविधाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। दिव्यांग सहारा योजना के तहत बजट में भारतीय कृत्रिम मानवअंग विनिर्माण निगम को अपनी विनिर्माण सुविधाओं के विस्तार और अनुसंधान तथा विकास के लिए सहायता दी जायेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना की घोषणा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 17:30:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम बजट में सशक्तिकरण और समावेशन की गूंज : तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप, गरीब-किसान-युवा तक पहुंचेगा विकास; तस्वीरों में देखें बजट</title>
                                    <description><![CDATA[आम बजट में सरकार ने रोजगार, एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सशक्तिकरण पर फोकस रखते हुए तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप पेश किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/echo-of-empowerment-and-inclusion-in-the-general-budget-roadmap/article-141595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">नई दिल्ली। आम बजट के जरिए मोदी सरकार का केंद्रीय मंत्र “रिफॉर्म एक्सप्रेस” रहा, जिसके तहत रोजगार सृजन, एमएसएमई, सशक्तिकरण, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट प्रस्तुत करते हुए भारत को “तेज़, सतत और समावेशी विकास” की राह पर आगे ले जाने का स्पष्ट रोडमैप रखा। सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस केवल विकास दर पर नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, क्षमता निर्माण और सभी वर्गों तक विकास के लाभ पहुंचाने पर है। यह बजट ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की निरंतरता को दर्शाता है, जिसमें 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। </p>
<p dir="ltr"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="MsoNormal">वित्त मंत्री ने बताया कि बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है पहला, आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाए रखना,  दूसरा, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उनकी क्षमताओं का निर्माण करना और तीसरा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के तहत सभी क्षेत्रों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना।  सीतारमण ने कहा कि ‘रिफार्म एक्सप्रेस’ अपनी राह पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी, सरकार का कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं एवं अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे, जीएसटी, श्रम संहिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित कई सुधार 15 अगस्त से लागू किए जा चुके हैं। सरकार का कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को गति देना और उसे बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है, गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों पर ध्यान देना सरकार का संकल्प है।</p>
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<p class="MsoNormal">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong>एमएसएमई को ‘चैंपियंस’ बनाने की पहल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों ( एमएसएमई ) को अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन बताते हुए उनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने ‘चैंपियंस एमएसएमई’ पहल के तहत ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई विकास फंड शुरू करने की घोषणा की है, जिससे संभावनाशील उद्यमों को इक्विटी सहायता मिलेगी। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत निधि में ₹2,000 करोड़ का टॉप-अप देकर सूक्ष्म उद्यमों के लिए जोखिम पूंजी की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। बजट में ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को और मजबूत करने, सरकारी खरीद में एमएसएमई की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा भुगतान प्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के उपायों का भी ऐलान किया है। इससे एमएसएमई सेक्टर की नकदी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। </p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश </strong></p>
<p dir="ltr">इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए बजट में सरकारी पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा ₹2 लाख करोड़ था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है। सरकार टियर-2 और टियर-3 शहरों को नए विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण और बायो-फार्मा सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय से बायो-फार्मा शक्ति कार्यक्रम शुरू करने का भी ऐलान किया। </p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> हर जिले में बनेगा एक गर्ल्स हॉस्टल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में गर्ल्स एजुकेशन को सपोर्ट करने के लिए हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाने की बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में, स्टीम संस्थानों में पढ़ाई के लंबे घंटे और लैब का काम लड़कियों स्टूडेंट्स के लिए कुछ चुनौतियां खड़ी करते हैं, ऐसे में हमारी योजना के जरिए, हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाया जाएगा ताकि इमर्सिव अनुभवों के जरिए एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> लखपति दीदी कार्यक्रम का होगा विस्तार </strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने कहा कि बजट में लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत सरकार महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से एंटरप्राइज मालिक बनने में मदद करने की योजना बना रही है। साथ ही क्लस्टर-लेवल फेडरेशन के भीतर कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट के तौर पर सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट स्थापित किए जाएंगे, इन मार्ट को बेहतर और इनोवेटिव फाइनेंसिंग के ज़रिए सपोर्ट किया जाएगा, इससे महिलाएं एंटरप्रेन्योरशिप में अगला कदम उठा सकेंगी।</p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव </strong></p>
<p dir="ltr">केंद्रीय बजट में प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने के प्रस्ताव दिया गया।  बजट में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु,</p>
<p dir="ltr"><strong>हैदराबाद-चेन्नई, वाराणसी-सिलीगुड़ी चेन्नई-बेंगलुरु और </strong></p>
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<p dir="ltr"><strong>

</strong></p>
<p dir="ltr">दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने ऐलान किया गया। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ये कॉरिडोर ग्रोथ कनेक्टर के रूप में काम करेंगे, यात्रा का समय कम करेंगे, प्रदूषण कम करेंगे और क्षेत्रीय विकास में मदद करेंगे।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> कैंसर और डायबिटीज की दवाएं होंगी सस्ती</strong></p>
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<p class="MsoNormal"><strong>

</strong><strong><br /></strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने बजट भाषण में देश में बायो फार्मा सेक्टर के विकास से देश में कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती करने का ऐलान किया। सीतारमण ने घोषणा की कि 17 जरूरी दवाओं के आयात पर छूट (इंपोर्ट ड्यूटी में राहत) दी जाएगी, इस कदम से इन दवाओं की कीमतें कम होंगी और मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा कैंसर और डायबिटीज के मरीजों को मिलेगा, इसके अलावा कुछ दुर्लभ और गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली एडवांस दवाएं भी इस लिस्ट में शामिल हैं, ये वे दवाएं हैं जिनका देश में सीमित उत्पादन होता है या जो पूरी तरह आयात पर निर्भर हैं। सीतारमण ने 10,000 करोड़ रुपये का एक एसएमई ग्रोथ फंड की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में नौकरियां पैदा करने और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए एक डेडिकेटेड 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। </p>
<p class="MsoNormal"><strong> डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाएगी सरकार </strong></p>
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<p class="MsoNormal"><strong>

</strong>सीतारमण ने भारत के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी, अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं। इसका मकसद भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करना और ज़रूरी मिनरल्स के इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करना है, अब दुर्लभ खनिज के क्षेत्र में भारत भी दुनिया से कदम से कदम मिलाकर चलेगा। केंद्र सरकार उन राज्यों को समर्थन देगी जहां रेयर अर्थ मेटल मौजूद हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, इस स्कीम के तहत रेयर अर्थ मिनरल्स की माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा रेयर अर्थ भंडार है, ऐसे में इस कदम से चीन की दादागिरी खत्म होगी।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल होंगे मजबूत </strong></p>
<p dir="ltr">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम की घोषणा की, वही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना बनाई है, इसके तहत महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी, जो विशेष रूप से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों के पुनरुद्धार पर केंद्रित है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने, ब्रांडिंग करने और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए काम करेगी। वहीं 'टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम' के तहत पारंपरिक क्लस्टर्स को आधुनिक मशीनों, तकनीक और साझा परीक्षण केंद्रों से सुसज्जित किया जा रहा है। जबकि समर्थ 2.0 वस्त्र क्षेत्र में कौशल विकास के लिए 'समर्थ' योजना का उन्नत संस्करण पेश किया गया है, जो कारीगरों को आधुनिक तकनीक के अनुसार अपस्किलिंग और रीस्किलिंग प्रदान करेगा।</p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनेंगे </strong></p>
<p dir="ltr">शहरों को विकास के इंजन के रूप में विकसित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और घरेलू विनिर्माण को गति देने के लिए बजट में शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनाने की घोषणा की गई। वहीं देश के विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहर स्थापित किए जाएंगे, जो ग्रेटर नोएडा (यूपी) और धोलेरा (गुजरात) की तर्ज पर विकसित होंगे। इनमें से कुछ आंध्र प्रदेश और बिहार में आ रहे हैं।  वहीं क्षेत्रीय विकास योजना में एक मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों को 20-वर्षीय 'सिटी स्पेटियल एंड इकनॉमिक प्लान' तैयार करना होगा, जो हर पांच साल में अपडेट किया जाएगा।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> किसानों को एआई की मिलेगी नई ताकत  </strong></p>
<p dir="ltr">कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है। बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा। सीतारमण ने घोषणा करते हुए साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी अखरोट बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं.</p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p dir="ltr">बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाज़ार में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा, भारतीय काजू को ‘प्रीमियम ब्रांड' के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा, पहाड़ी इलाकों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, इन फसलों के लिए खास प्रोत्साहन योजनाएं लागू होंगी, ताकि कठिन भूगोल में भी किसान अधिक कमाई कर सकें, चंदन की खेती के लिए राज्यों और किसानों को विशेष सहायता, ताकि यह महंगी और मांग वाली फसल फिर से भारत की पहचान बन सके, वहीं उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है, इससे जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों की कमाई सीधे बढ़ेगी, क्योंकि निर्यात बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। </p>
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<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> पांच नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स का निर्माण </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में राज्यों की मदद करने का ऐलान किया है ताकि चुनौती आधारित योजना के तहत पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स बनाई जा सकें। ये टाउनशिप्स बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास होंगी, इन जोन में कई यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट, स्किल सेंटर और रहने के लिए कॉम्प्लेक्स तैयार किए जाएंगे, इससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा और रोजगार की बेहतर संभावनाएं मिलेंगी। बजट में ऐलान किया गया है कि एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र में छात्रों को इमर्सिव यानी अनुभव आधारित सीखने के मौके मिलें, इसके लिए चार टेलीस्कोप और प्लेनेटेरियम सुविधाओं को नया बनाया जाएगा या अपग्रेड किया जाएगा। इनमें शामिल हैं नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप और कॉसमॉस- 2 प्लेनेटेरियम इन पहलों से न सिर्फ शोधकर्ताओं और छात्रों को मदद मिलेगी, बल्कि भारत वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति के रास्ते पर भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।</p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बजट 2026:  युवा शक्ति से प्रेरित बजट, विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी  योजनाओं की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री ने बजट 2026-27 को युवा शक्ति केंद्रित बताते हुए विनिर्माण, बायोफार्मा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश, उत्पादकता बढ़ाने और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए नई योजनाओं की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/budget-2026-emphasizes-on-self-reliant-india-finance-minister-made-many/article-141531"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/chatgpt-image-feb-1,-2026,-12_23_05-pm.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए इसे युवा शक्ति से प्रेरित बताया और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से विनिर्माण क्षेत्र के लिए कई योजनाओं को घोषणा की।</p>
<p><img alt="Z"></img></p>
<p>वित्त मंत्री सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में बताया कि कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और अनवरत बनाये रखना होगा ताकि वैश्विक उथल-पुथल का मजबूती से समाना किया जा सके। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके क्षमता निर्माण की है ताकि देश को समृद्धि के मार्ग पर ले जाया जा सके। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप तीसरा कर्तव्य संसाधन, सुविधा और अवसर तक हर परिवार, समाज, इलाके और सेक्टर की पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए समर्थन का वातावरण तैयार करेगी। </p>
<p>उन्होंने सात रणनीतिक सेक्टरों में विनिर्माण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव किया। देश के बायो फार्मा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अगले पांच साल 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायो फार्मा शक्ति का प्रस्ताव किया। इसके तहत देश में बायोलॉजिक्स और बायो सिमिलर बनाने के लिए पारितंत्र तैयार किये जायेंगे। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए तीन राष्ट्रीय संस्थान बनाये जायेंगे और मौजूदा सात संस्थानों को अपग्रेड किया जायेगा। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संस्थान को मजबूत कर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जायेगा। </p>
<p>इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गयी है जिसके तहत उपकरण आदि तैयार किये जायेंगे, फुल स्टैक स्वदेशी आईपी तैयार किया जायेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जायेगा। उद्योग के नतृत्व में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जायेगा और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। अप्रैल 2025 में शुरू की गयी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना के लिए आवंटन 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:32:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दोस्ती की नई मिशाल कायम! पीएम मोदी ने कहा, भारत-ईयू के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता </title>
                                    <description><![CDATA[भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर सहमति बनी। इससे निर्यात बढ़ेगा, व्यापार सरप्लस मजबूत होगा और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को नई गति मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/agreement-on-free-trade-fta-between-india-and-european-union/article-140921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(5)3.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">और</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूरोपीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूनियन</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बीच</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुक्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">व्यापार </span>(FTA) <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को लेकर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समझौता</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो गया है। 2007 से चली आ रही कोशिश सफल हो गई है। इसे</span> '<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मदर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑफ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऑल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डील्</span>‍<span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">स</span>' <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संज्ञा</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गई है। रिपोर्ट्स</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुताबिक</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईयू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरप्लस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 31 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> 51 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अरब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डॉलर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पहुंच सकता है। इस</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">समझौते</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 2031 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तक</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">यूरोपीय</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संघ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">साथ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">का</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ट्रेड</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरप्लस</span> 50 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अरब</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">डॉलर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">से</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिक की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़ोतरी हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">कुल</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्यात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईयू</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">संघ</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हिस्सेदारी</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वित्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वर्ष</span> 2025 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">के</span> 17.3 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतिशत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तुलना</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">में</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़कर</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">लगभग</span> 22-23 <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">प्रतिशत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हो</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सकती</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">है</span>, <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जिससे</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">की</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">निर्यात</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वृद्धि</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जबरदस्त</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">बढ़ावा देखने को</span> <span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मिलेगा। </span>भारत और यूरोप के 27 देशों के साझा बार-बार यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सहमति हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया के लोग इसकी चर्चा मदर ऑफ ऑल डील्स (अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौते) के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा, यह समझौता ब्रिटेन के साथ और यूरोप के चार देशों के मुक्त व्यापार संघ एफ्टा के साथ हुए समझौते के पूरक के रूप में कार्य करेगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी। </p>
<p>उन्होंने इसके लिये देश के सभी नौजवानों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि भारत के कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा और चमड़े के सामान जैसे अनेक क्षेत्रों के लिए यह समझौता बहुत सहायक सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए से न सिर्फ देश के विनिर्माण क्षेत्र को बल मिलेगा बल्कि सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि ईयू भारत का एक प्रमुख व्यापारिक और आर्थिक भागीदार है। साल 2024-2025 में दोनों के बीच 136 अरब डॉलर के सामान का व्यापार हुआ था।</p>
<p>भारत वहां से मुख्य रूप से मशीनें, परिवहन उपकरण और रसायनों का आयात करता है, जबकि भारत की ओर से वहां मशीनें, रसायन, लोहा, एल्मुनियम और तांबा जैसी प्राथमिक धातुएं, खनिज उत्पाद तथा कपड़ा और चमड़े के सामान आदि का निर्यात होता है। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा इस समय भारत में हैं। दोनों सोमवार को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे। </p>
<p>वॉन डेर लेयेन ने पिछले दिनों दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौते पर सहमति का संकेत देते हुए कहा था कि यह समझौता मदर ऑफ ऑल डील्स (अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता) होगा। उन्होंने कहा था कि इस समझौते से भारत और ईयू की दो अरब की सम्मिलित आबादी का एक बड़ा और उदार बार-बार तैयार होगा। इस समझौते के ब्यौरे की घोषणा आज शाम पीयूष गोयल करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 13:01:33 +0530</pubDate>
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                <title>मन की बात: स्टार्टअप्स में गुणवत्ता को बनाएं अपना 'बेंचमार्क', विकसित भारत के लिए 'जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट' जरूरी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में युवाओं और उद्योग से गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की अपील की। कहा, भारतीय उत्पादों की पहचान विश्वस्तरीय गुणवत्ता से होनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-make-quality-your-benchmark-in-startups-zero/article-140779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देश के युवाओं और उद्योग जगत से गुणवत्ता को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि होता है, चलता है का युग अब समाप्त हो चुका है और भारतीय उत्पादों की पहचान दुनिया में टॉप क्वालिटी के रूप में होनी चाहिए। वर्ष 2026 के अपने पहले मन की बात की 130वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम, जल संरक्षण और उभरते हुए भजन क्लबिंग जैसे सांस्कृतिक रुझानों पर विस्तार से चर्चा की।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और दुनिया की नजरें हम पर हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम उत्कृष्टता को अपना बेंचमार्क बनाएं। हमारा संकल्प होना चाहिए कि गुणवत्ता में न कोई कमी होगी और न कोई समझौता। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने वर्ष 2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया की यात्रा को याद करते हुए इसे देश के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आज हमारे स्टार्टअप एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी और सेमीकंडक्टर्स जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनकी कल्पना 10 साल पहले तक मुश्किल थी।</p>
<p>गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने आज 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मतदाता के रूप में पंजीकरण को एक उत्सव की तरह मनाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बने, तो समाज को उसका अभिनंदन करना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़े।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनरुद्धार और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट की सराहना की। उन्होंने बताया कि कैसे स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर प्रदूषित नदियों को साफ किया और सूखे प्रभावित क्षेत्रों में जलाशयों को नया जीवन दिया।</p>
<p>सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने जीजी के बीच लोकप्रिय हो रहे भजन क्लबिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा, युवा भक्ति को अपनी जीवन शैली में ढाल रहे हैं। मंच आधुनिक हो सकता है, लेकिन भजन की गरिमा और शुचिता अक्षुण्ण है। उन्होंने मलेशिया में भारतीय प्रवासियों द्वारा तमिल भाषा के संरक्षण और वहां आयोजित लाल पाड़ साड़ी वॉक की भी सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं के 11 लाख किलो कचरा साफ करने और मध्य प्रदेश के पन्ना में बीट-गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा औषधीय पौधों का डेटाबेस तैयार करने जैसे प्रयासों को सराहा। उन्होंने बताया कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अब तक 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं।</p>
<p>संबोधन के अंत में उन्होंने श्री अन्न के प्रति बढ़ते वैश्विक आकर्षण पर खुशी जताई। उन्होंने तमिलनाडु की महिला किसानों और राजस्थान के किसान उत्पादक संगठनों का उदाहरण दिया जो मोटे अनाज से रेडी टू ईट उत्पाद बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगामी फरवरी माह में होने वाले इंडिया एआई इंपैक्ट समित का उल्लेख करते हुए अपनी बात समाप्त की और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग और युवा स्टार्टअप से गुणवत्ता को प्राथमिकता देने और उत्कृष्टता को मानक बनाने की अपील करते हुए रविवार को कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए यह बेहद जरूरी है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 130वें संस्करण में पीएम मोदी ने 10 साल पहले जनवरी 2016 में शुरू हुए स्टार्टअप इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से कई युवाओं ने बंधे-बंधाये सहज दायरे से बाहर निकलकर ऐसे नवाचार कर रहे हैं जो इतिहास में दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस समय भी सरकार को एहसास था कि भले ही यह छोटी पहल क्यों ने हो लेकिन युवा-पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, मैं देशवासियों, विशेषकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से एक आग्रह जरूर करना चाहता हूँ। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत पर दुनिया की नजरें हैं। ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है-गुणवत्ता पर जोर देने की। आइये इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।</p>
<p>गुणवत्ता में निरंतर बेहतरी की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि चाहे हमारे वस्त्र हों या प्रौद्योगिकी, भारतीय उत्पादों की पहचान की उनकी गुणवत्ता से होनी चाहिये। उन्होंने युवा स्टार्टअप से उत्कृष्टता को हम अपना मानक बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, हम संकल्प लें कि गुणवत्ता में न कोई कमी होगी, न गुणवत्ता से कोई समझौता होगा। ऐसा करके ही हम विकसित भारत की यात्रा को तेजी से आगे ले जा पाएंगे।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया मिशन का परिणाम यह हुआ कि आज भारत स्टार्टअप के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। ये स्टार्टअप लीक से हट कर हैं। वे ऐसे सेक्टरों में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। एआई से लेकर अंतरिक्ष तक, परमाणु ऊर्जा से लेकर सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में कोई न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करते हुए दिख जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 12:44:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धौलावीरा की कुम्हार परंपरा से लेकर सौराष्ट्र का आधुनिक सिरेमिक उद्योग विश्व में भारत की बना रहा है पहचान: पीयूष गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि धौलावीरा की प्राचीन परंपरा से मोरबी के सिरेमिक उद्योग तक गुजरात वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत पहचान बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/piyush-goyal.png" alt=""></a><br /><p>राजकोट। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सौराष्ट्र क्षेत्र की 5,000 वर्ष पुरानी धौलावीरा कुम्हार परंपरा से लेकर मोरबी के आधुनिक सिरेमिक उद्योग तक, गुजरात की मिट्टी आज वैश्विक बा•ाार में भारत की पहचान बना रही है। उन्होंने वायब्रैंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा,'नवाचार, तकनीक और निवेश के संगम से सिरेमिक सेक्टर ईवी, हेल्थकेयर और ग्रीन टेक में नई उड़ान भर रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में यह क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभा रहा है। यह सत्र सिरेमिक उद्योग पर केंद्रित थी। </p>
<p>केंद्र वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के 225 से अधिक संकुल, 12 हजार से अधिक स्टार्टअप, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बेजोड़ उद्यमशीलता के साथ सौराष्ट्र, वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बनकर विकसित भारत 2047 की दिशा तय कर रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के 22 वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जीवंत गाथा हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने 2003 में यह शुरुआत की थी। वह छोटा सा बीज आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के सक्षम नेतृत्व में एक वटवृक्ष बनकर उद्योग, लघु और मझोली इकाइयों, स्टार्टअप इकाइयों और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में केवल गुजरात को ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को विश्व से जोड़ रहा है।</p>
<p>पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा पर आयोजित एक सत्र को भी संबोधित किया जिसमें कुसुम तथा पीएम सूर्यघर : मुफ्त बिजी योजना  कार्यक्रम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पटेल के सशक्त नेतृत्व में गुजरात देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बनकर निरंतर सशक्त हो रहा है। मोदी जी द्वारा 2003 में परिकल्पित वाइब्रेंट गुजरात आज नए भारत की आत्मा, आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता का प्रतीक बना है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों, नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी भूमिका, गुजरात जन विश्वास अधिनियम और सौराष्ट्र-कच्छ की कर्मठ भावना के साथ गुजरात विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बन रहा है। पीयूष गोयल ने मुखमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वह विकसित गुजरात के लिए अपनी सरकार के प्रयासों से विकसित भारत की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और संकल्प को गति दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:14:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को झटका, विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर 38 महीने के निचले स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[एचएसबीसी पीएमआई रिपोर्ट के अनुसार, नए ऑर्डरों में सुस्ती के कारण दिसंबर में भारत का विनिर्माण सूचकांक गिरकर 55 रह गया। यह पिछले 38 महीनों में उत्पादन की सबसे धीमी वृद्धि है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/manufacturing-sector-output-growth-rate-at-38-month-low/article-138164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/india&#039;s-manufacturing-pmi.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। नये ऑर्डरों में सुस्ती से विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर माह-दर-माह आधार पर दिसंबर में घटकर 38 महीने के निचले स्तर पर आ गयी। एसएंडपी ग्लोबल द्वारा शुक्रवार को जारी एचएसबीसी भारतीय विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। भारतीय विनिर्माण क्षेत्र का पीएमआई दिसंबर में घटकर 55 रह गया। यह दो साल से ज्यादा समय में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में सबसे सुस्त वृद्धि को दर्शाता है। नवंबर में पीएमआई 56.6 रहा था। पीएमआई का 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में वृद्धि को और इससे कम रहना गिरावट को दर्शाता है। इसका 50 का स्तर स्थिरता का द्योतक है।</p>
<p>एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, वृद्धि की रफ्तार कम पडऩे के बावजूद भारतीय विनिर्माण उद्योग का प्रदर्शन 2025 में अच्छा रहा। हम वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में प्रवेश कर रहे हैं और ऐसे में नये कारोबार में तेज वृद्धि के कारण कंपनियों के व्यस्त रहने की उम्मीद है। मुद्रास्फीति का दबाव कम रहने से मांग ऊंची बनी रहेगी।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर में उत्पादन में 38 महीने की सबसे सुस्त बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रोजगार लगातार 22वें महीने बढ़ा है, लेकिन रोजगार सृजन की दर 22 महीने के निचले स्तर पर रही। नये ऑर्डरों की वृद्धि दर दिसंबर 2023 के बाद सबसे कम दर्ज की गयी। ऑर्डरों में सुस्त वृद्धि का असर कंपनियों के कच्चे माल की पर भी दिखा और इसमें वृद्धि दो साल के निचले स्तर पर रही। खरीद प्रबंधकों ने साल 2026 में 2025 की तुलना में उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद जतायी है। हालांकि कुल मिलाकर उनकी उम्मीद का स्तर साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर दर्ज किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 17:33:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोटपूतली-बहरोड़ के घिलोठ में स्थापित होगा ई-बस मेन्यूफैक्चरिंग प्लांट : सरकार ने भूमि का किया आवंटन, प्रदेश के युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[प्लांट में शुरूआत में लगभग 1200 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा और ई-बसों के अतिरिक्त यहां बस बॉडी, मोटर, बैटरी, वायर हार्नेस तथा अन्य स्पेयर पार्ट्स का भी निर्माण होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/e-bus-manufacturing-plant-will-be-established-in-ghiloth-of-kotputli-behror/article-130222"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy113.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में जल्द ही प्रदेश का पहला ई-बस मेन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित होगा। राज्य सरकार ने नीमराणा तहसील के घिलोठ औद्योगिक क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बस मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट हेतु 2 लाख 65 हजार 329 वर्गमीटर (65.56 एकड)भूमि का आवंटन किया है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए एक एमओयू के तहत निजी क्षेत्र की कंपनी पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स प्रा. लिमिटेड को रीको के माध्यम से यह भूमि आवंटित की गई है। इस प्लांट में शुरूआत में लगभग 1200 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा और ई-बसों के अतिरिक्त यहां बस बॉडी, मोटर, बैटरी, वायर हार्नेस तथा अन्य स्पेयर पार्ट्स का भी निर्माण होगा। </p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर बेहद कम समय में त्वरित गति से भूमि आवंटन के लिए उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सेवाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार निरन्तर फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि यह प्लांट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इण्डिया’ संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण क्षेत्र में राजस्थान देश का महत्वपूर्ण केन्द्र बनकर उभरेगा। </p>
<p>शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को इलेक्ट्रो मॉबिलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उनके लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के भरपूर अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि ई-बसों के संचालन से राज्य में ग्रीन एनर्जी और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ ही, शहरी परिवहन सेवा भी सुगम होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्चाधिकारियों सहित पीएमआई इलेक्ट्रो मॉबिलिटी सॉल्यूशन्स के प्रबंध निदेशक श्री सतीश कुमार जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आंचल जैन, कार्यकारी निदेशक  गजेन्द्र यादव, निदेशक  दीपांशु द्विवेदी, प्लांट हैड  हरीश यादव उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Oct 2025 16:50:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>मोदी ने भारत में विनिर्माण उद्योग को प्रोत्साहित करने पर दिया बल </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में विनिर्माण उद्योग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। मोदी ने कहा कि यह देश केवल दूसरे देशों के सामान का बाजार बन कर रह जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-force-at-encouraged-manufacturing-industry-in-india/article-5425"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/modi04-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में विनिर्माण उद्योग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। मोदी ने कहा कि यह देश केवल दूसरे देशों के सामान का बाजार बन कर रह जाए। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में विनिर्माण कारोबार का योगदान कम है, लेकिन संभावनाएं विशाल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा और प्रतिभाशाली आबादी के जनसांख्यिकीय लाभांश, लोकतांत्रिक व्यवस्था, प्राकृतिक संसाधनों के सकारात्मक कारकों के बल पर दृढ़ संकल्प के साथ मेक इन इंडिया की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित  होना चाहिए।मोदी उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा बजट के प्रावधानों पर केंद्रित आन लाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। यह प्रधानमंत्री द्वारा संबोधित बजट-उपरांत वेबिनार है। मोदी ने कहा कि इस बार के बजट में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान हैं। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि भारत जैसा देश केवल एक बाजार बनकर रह जाए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र का भाग सकल घरेलू उत्पाद का 15 प्रतिशत है, लेकिन मेक इन इंडिया से पहले अनंत संभावनाएं हैं और भारत में एक मजबूत विनिर्माण आधार बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बाजार में उत्पाद की उपलब्धता और उसकी तुलना में भारत में बने उत्पाद की उपलब्धता के बीच अंतर के बारे में चर्चा की। उन्होंने अपनी निराशा को दोहराते हुए कहा कि भारत के विभिन्न त्योहारों के दौरान विदेशी प्रदाताओं द्वारा सामग्रियों की आपूर्ति की जाती है, जबकि वे स्थानीय निर्माताओं द्वारा आसानी से प्रदान की जा सकती है। <br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 16:28:32 +0530</pubDate>
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