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                <title>neet pg counselling - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>नीट-पीजी फीस छूट का संकट! सांसद सुप्रिया सुले ने किया निजी मेडिकल कॉलेजों के 'शोषण' पर रोक लगाने का आग्रह, केंद्र को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों को अनिवार्य फीस छूट देने से इनकार करने का मुद्दा उठाया है। उन्होंने गरीब छात्रों का आर्थिक शोषण रोकने और केंद्र से तत्काल स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/crisis-of-neet-pg-fee-waiver-mp-supriya-sule-wrote-a/article-162743"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(4)14.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। देश में जारी नीट-पीजी काउंसलिंग के बीच निजी मेडिकल कॉलेजों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मेधावी छात्रों को अनिवार्य फीस छूट देने से कथित इनकार करने के मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर निजी कॉलेजों के इस "आर्थिक शोषण" को रोकने और पात्र उम्मीदवारों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।</p>
<p>सांसद सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में उच्च अंक और अच्छी रैंक हासिल करने वाले ईडब्ल्यूएस वर्ग के मेधावी छात्रों को प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी और वैधानिक नियमों के तहत इन मेधावी छात्रों को ट्यूशन फीस में छूट मिलना अनिवार्य है, लेकिन कई निजी शिक्षण संस्थान इन छात्रों को 100 प्रतिशत सामान्य फीस देने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे ईडब्ल्यूएस आरक्षण और फीस राहत का मूल उद्देश्य ही खत्म हो रहा है।</p>
<p>सुप्रिया सुले ने केंद्रीय मंत्रियों से आग्रह किया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों को पारदर्शी और बिना किसी देरी के फीस रियायतें लागू करने के कड़े निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने मांग की कि काउंसलिंग दौर आधिकारिक रूप से शुरू होने से पहले ही केंद्र सरकार ईडब्ल्यूएस सीट आवंटन और फीस संरचना का एक मानकीकृत स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी करे, ताकि निजी कॉलेज नियमों के गड़बड़ियों का फायदा न उठा सकें।</p>
<p>उन्होंने 16 अक्टूबर 2025 के उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि राज्यों में इसका एकसमान क्रियान्वयन न होने के कारण गरीब और जरूरतमंद छात्रों को प्रशासनिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निजी प्रबंधन की मनमानी और वित्तीय रुकावटों के कारण किसी भी योग्य छात्र का डॉक्टर बनने का सपना नहीं टूटना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:02:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नीट पीजी काउंसलिंग में गड़बड़ी, एक सीट दो स्टूडेंट्स को अलॉट की</title>
                                    <description><![CDATA[हॉस्पिटल प्रशासन असमंजस में है कि आखिर किस स्टूडेंट को एडमिशन दें और किसे नहीं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/disturbance-in-neet-pg-counselling--one-seat-allotted-to-two-students--both-the-students-deposited-the-fees--jaipuria-hospital-administration-and-counseling-board-are-blaming-each-other/article-5508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/neet.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। नीट पीजी काउंसलिंग में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। काउंसलिंग में एक ही सीट दो स्टूडेंट्स को अलॉट कर दी गई। मामले में जयपुरिया अस्पताल प्रशासन और राजस्थान नीट पीजी एडमिशन काउंसलिंग बोर्ड के सदस्य अब एक दूसरे पर गलती का ठीकरा फोड़ रहे हैं। हॉस्पिटल प्रशासन असमंजस में है कि आखिर किस स्टूडेंट को एडमिशन दें और किसे नहीं। <br /><br /><strong>ये है मामला</strong><br />दरअसल ऑनलाइन काउंसलिंग के पहले राउंड में जयपुरिया हॉस्पिटल की जनरल मेडिसिन की सीट डॉ. ललित धाकड़ को अलॉट की गई और उन्होंने अपनी फीस के साथ फिजिकल रिपोर्ट भी दे दी, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं की। डॉ. धाकड़ सेकंड राउंड का इंतजार करने लगे। जब दो मार्च को सेकंड राउंड की ऑफलाइन काउंसलिंग हुई तो इसी सीट को वैकेंट दिखाते हुए डॉ. साबीर मोहम्मद को अलॉट कर दी गई। उन्होंने भी तीन मार्च को फीस जमा करा दी, लेकिन डॉ. साबीर जयपुरिया हॉस्पिटल में जब रिपोर्टिंग देने पहुंचे तो उन्हें ज्वाइनिंग देने से मना कर दिया गया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि ये सीट पहले ही डॉ. धाकड़ को अलॉट है। इस मामले में जब डॉ. साबीर ने नीट पीजी एडमिशन काउंसलिंग के मेम्बर्स से संपर्क कर उन्हें लिखित में दिया तो बोर्ड ने कहा अब कुछ नहीं हो सकता। ये तकनीकी गलती थी। अब तुम्हारी सीट कैंसिल हो जाएगी। वहीं डॉ. साबीर का कहना है कि वे ओबीसी मेरिट में 175वें नंबर पर हैं, जबकि ओवरऑल रैंकिंग में 420 नंबर पर हैं। <br /><br /><strong>अधीक्षक ने पत्र लिखकर मांगा स्पष्टीकरण</strong><br />एक सीट पर जब दो मेडिकल स्टूडेंट ज्वाइनिंग करने पहुंचे तो जयपुरिया हॉस्पिटल प्रशासन भी दुविधा में पड़ गया। हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अशोक गुप्ता ने चेयरमैन नीट पीजी एडमिशन काउंसलिंग को पत्र लिखकर इस मामले में दिशा निर्देश मांगे है कि किस स्टूडेंट को ज्वाइनिंग दे और किसे नहीं, क्योंकि दोनों ही स्टूडेंट को स्टेट कोटे से सीट अलॉट हुई है। वहीं राजस्थान नीट पीजी काउंसलिंग बोर्ड के चेयरमैन डॉ. संदीप टंडन का कहना है कि इस पूरे मामले में बोर्ड की कोई गलती नहीं है। जयपुरिया अस्पताल प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार है, फिर भी मैनें राज्य सरकार को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत करा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 10:46:24 +0530</pubDate>
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