<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/nigam/tag-13543" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>nigam - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/13543/rss</link>
                <description>nigam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खरीदे करोड़ों के वाहन, खर्चा निगम का, कमाई संवेदकों की</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा निभाने वाले नगर निगम ने करोड़ों रुपए के सफाई संसाधन  खरीदकर रख तो लिए। लेकिन उन्हें चलाने के लिए न तो चालक हैं और न ही मरम्मत करने की सुविधा। ऐसे में अधिकतर वाहनों को ठेके पर दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/buy-crores-of-vehicles--expenses-of-corporation--earning-of-applicants/article-19976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/kharide-karoro-ke-vahan,-kharcha-nigam-ka...kota-news-22.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा निभाने वाले नगर निगम ने करोड़ों रुपए के सफाई संसाधन खरीदकर रख तो लिए। लेकिन उन्हें चलाने के लिए न तो चालक हैं और न ही मरम्मत करने की सुविधा। ऐसे में अधिकतर वाहनों को ठेके पर दिया गया है। जिससे खर्चा तो नगर निगम का हुआ है और कमाई संवेदकों की हो रही है। कोटा में पहले एक ही नगर निगम था। जिसे कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण में बांट दिया गया है। इसका कारण शहर को छोटे-छोटे वार्डों में बांटकर बेहतर सफाई का दावा किया जा रहा था। वार्डों और गली मौहल्लों में सफाई के नाम पर नगर निगम ने स्मार्ट सिटी, निगम बजट व राज्य सरकार के बजट से करोड़ों रुपए के सफाई के वाहन व संसाधन खरीदे हैं। अधिकतर वाहन ऐसे हैं जिन्हें खरीदने के बाद से अभी तक उनका उपयोग तक नहीं किया गया है। निगम ने जो वाहन व मशीनरी खरीदी है उनकी मरम्मत व चलाने तक की व्यवस्था निगम के पास नहीं है। ऐसे में नगर निगम ने जितने भी वाहन क्रय किए हैं। उनमें से अधिकतर संवेदकों को मरम्मत व संचालन(ओ एण्ड एम) के नाम पर ठेके पर दे दिया है। जिस पर भी लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। रोड स्वीेपर का ही ठेका करोड़ों में,नहीं हो सका उपयोग नगर निगम में शहर की सफाई के नाम पर चार रोड स्वीेपर मशीनें राज्य सरकार द्वारा क्रय कर भेजी गई हैं। जिनमें से दो-दो मशीनें दोनों निगमों को दी गई है। जानकारी के अनुसार करीब 50 लाख रुपए की एक मशीन है। करीब दो करोड़ रुपए की इन मशीनों का आने के बाद से अभी तक ट्रायल के अलावा अधिक उपयोग तक नहीं हो सका है। जिससे ये मशीनें निगम के गैराज व दशहरा मैदान में धूल खा रही हैं। सूत्रों के अनुसार ये मशीनें दिल्ली की फर्म से क्रय की गई हैं। इन मशीनों के संचालन व मरम्मत का ठेका भी निगम ने संबंधित फर्म को ही दे दिया है। यह ठेका तीन साल के लिए दिया गया है। जिसमें प्रत्येक मशीन का तीन साल का ठेका 53 लाख रुपए का है। यानि 18 लाख रुपए सालाना और करीब डेढ़ लाख रुपए महीना। इस तरह से एक रोड स्वीपर मशीन को एक मशीने चलाने पर उसका खर्चा करीब डेढ़ लाख रुपए आएगा। जिसमें डीजल नगर निगम का होगा। जबकि मशीन के खराब होने पर उसकी मरम्मत व चालक संवेदक फर्म का होगा। सूत्रों के अनुसार दिल्ली की फर्म होने से इन मशीनों को चलाने के लिए चालक व मरम्मत की जरूरत होने पर मैकेनिकों की व्यवस्था कैसे होगी। यह बड़ा सवाल है।इसी तरह से नगर निगम कोटा उत्तर में सलपर सकर मशीन को भी ओ एण्ड एम पर लाखों रुपए महीने का ठेका किया गया है। लेकिन अभी तक भी उन मशीनों का उपयोग नहीं हुआ। जबकि निगम इन वाहनों पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुका है। कई अन्य वाहन भी उसी तरह से ठेके पर चलवाए जा रहे हैं। इसके बावजूद ये वाहन निगम की जमीन पर ही खड़े हो रहे हैं। उनकी न तो मरम्मत हो रही है और न ही उनका संचालन हो पा रहा है। सीवरेज मशीनें भी ठेके पर देने की योजना नगर निगम में अभी तक सीवरेज सफाई का काम मेनुअल हो रहा है। लेकिन अब डीएलवी व स्मार्ट सिटी के बजट से निगम में सीवरेज की मशीनें आ चुकी हैं। कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण में करीब 20 से अधिक मशीनें हैं जिनकी क्षमता भी अलग-अलग है। सूत्रों के अनुसार अब इन मशीनों को भी ओ एण्ड एम के आधार पर चलाने की योजना है। जिसका भी टेंडर किया गया है। जिससे सीवरेज की सफाई मेनुअल की जगह इन मशीनों से होगी। कोटा दक्षिण में टिपर भी ठेके पर नगर निगम की हालत यह है कि घर-घर कचरा संग्रहण में लगे टिपरों को चलाने के लिए उनके पास चालक तक नहीं हैं। इस कारण से कोटा दक्षिण निगम के 80 वार्डों में दो-दो टिपरों के हिसाब से 160 टिपरों को ठेके पर चलाया जा रहा है। जिसमें टिपर निगम के हैं। जबकि उसके अलावा डीजल, मरम्मत व चालक संवेदकों के हैं। जिसकी एवज में निगम द्वारा संवेदकों को हजारों रुपए महीना संवेदक को भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं कोटा उत्तर निगम में टिपर संचालक का ठेका नहीं होने से उन्हें’ होमगार्ड व सिविल डिफेंस के जवानों से चलवाया जा रहा है। लेकिन ये टिपर दशहरा मैदान में खड़े हो रहे हैं। यूं हो रहा निगम को घाट मशीनें क्रय तो कर ली गई लेकिन इन्हें काम नहीं लिया जा रहा। ऐसे में प्रतिवर्ष इनका डेप्रिशियशन हो रहा है। इसके साथ इन्हें रखने को जगह नहीं होने से निगम की जमीन पर ही यह खड़ी हुई धीरे-धीरे कंडम हो जाएंगी। दशहरा मैदान में इन्हें रखा गया था । अब दशहरा मैदान के सुधार पर ही लाखों रुपए खर्च होंगे। यदि यह संवेदक के स्थान पर होती तो निगम को यह खर्चा वहन नहीं करना पड़ता। दूसरा जब मशीनें काम ली जाएंगी तो एमओयू ज्यादातर बाहर की फर्मों के साथ है उस स्थिति में उसके चालक और आॅपरेटर आएंगे तभी वह चल सकेगी। खड़ी हुई मशीन की नियमित देखभाल भी संवेदक कंपनी नहीं कर रही है। वह तो ठेका लेकर चली गई है। ऐसे में कुल मिलाकर सारा घाटा निगम के हिस्से में आएगा। इनका कहना है निगम के वाहनों को ओ एण्ड एम पर देने का मकसद है कि वाहनों का संचालन व मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित संवेदक की होगी। जिसकी एवज में निगम उसे भुगतान करेगा। लेकिन वह भुगतान तभी होगा जब वाहन चलेगा। बिना वाहन चले कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। नगर निगम कोटा दक्षिण में पानी के टैंकर, जेटिंग मशीन व ट्रेैक्टर ट्रॉलियों की जरूरत है। जिन्हे क्रय करने का प्रयास किया जा रहा है। - राजीव अग्रवाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/buy-crores-of-vehicles--expenses-of-corporation--earning-of-applicants/article-19976</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/buy-crores-of-vehicles--expenses-of-corporation--earning-of-applicants/article-19976</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Aug 2022 16:43:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/kharide-karoro-ke-vahan%2C-kharcha-nigam-ka...kota-news-22.8.2022.jpg"                         length="70191"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएफओ और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी  </title>
                                    <description><![CDATA[शहर की स्थाई लोक अदालत ने शहर में बनी कई बहुमंजिला इमारतों के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीएफ ओ नगर निगम कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर 27 मई तक जवाब मांगा है ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-issued-to-cfo-and-district-collector/article-10123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/court-hammer045.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा ।  शहर की स्थाई लोक अदालत ने शहर में बनी कई बहुमंजिला इमारतों के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीएफ ओ नगर निगम कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण और जिला कलेक्टर को नोटिस जारी कर 27 मई तक जवाब मांगा है । <br /><br />इस मामले मे वकील लोकेश कुमार सैनी ने अदालत में एक जनहित याचिका दायर की थी । जिसमें बताया गया था कि शहर में बनी हुई बहुमंजिला इमारतों में से अधिकतर बहुत सकडी और रेल के डिब्बे की तरह बनी हुई है । जिनमें प्रवेश व निकासी का एक ही द्वार है, यहां तक के उक्त इमारतों में  आसपास  कोई जगह नहीं है, जहां से लोग भीषण आग लगने पर कूदकर अपनी जान बचा सके ।  शहर के करीब डेढ़ से 2 लाख बच्चे हर वर्ष कोचिंग की पढ़ाई करने आते हैं, इनमें से अधिकतर बच्चे हॉस्टलों में रह रहे हैं । इतने अधिक बच्चे रखने के लिए हॉस्टल तो बहुत हैं पर  सभी बहुमंजिला इमारतों वाले हैं । इनमें  जवाहर नगर तलवंडी, राजीव गांधी नगर, इंद्र विहार, विज्ञान नगर , दादाबाड़ी , महावीर नगर के साथ ही पुराने कोटा में नदी पार के लैंडमार्क सिटी और बारां रोड पर  सैकड़ों की संख्या में हॉस्टल बन चुके हैं । इनमें से अधिकतर में प्रवेश व निकासी का एक ही गेट बना हुआ है , जिसमें कभी भी कोई भगदड़ मचने या आग लगने की घटना होने पर वहां रहने वाले इतने अधिक बच्चों एवं कर्मचारियों को  बाहर निकालने में  बड़ी चुनौती होगी । ऐसे में बड़ा हादसा होने का भी पूरा खतरा बना हुआ है । शहर के हर कोने में बहुमंजिला इमारत हैं । उनमें से आवासीय बहुमंजिला इमारतों और मॉल में तो प्रवेश और निकासी की सुविधा अलग-अलग है जब के हॉस्टल में यह व्यवस्था नहीं है  । <br /><br />कोटा में हॉस्टल में आग लगने की पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं । तलवंडी स्थित एक मकान में बने हॉस्टल में रात्रि के समय आग लगने से वहां रहने वाले बच्चों ने ऊपर की तरफ  से पास के मकान की छत से कूद कर अपनी जान बचाई थी । जबकि कई बच्चों  को निगम के फायर अधिकारियों ने सीढ़ियों से उतारा था । कोरल  पार्क पास के हॉस्टल में सुबह के समय आग लगने की घटना हुई थी, उस हॉस्टल की पहली मंजिल में बिजली के पैनल में आग लगी थी । परंतु ऊपर से नीचे जाने का रास्ता एक ही था, ऐसे में धुए के कारण बच्चों को निकलने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा था और बड़ी मुश्किल से अग्निशमन अधिकारी बच्चों को बाहर निकाल उनकी जान बचाई थी। कोटा  में पूर्व में हुई आग लगने की घटनाओं के पश्चात निगम के अनुभाग द्वारा अभियान चलाकर बहुमंजिला इमारतों का सर्वे किया गया था , उसने चौकाने वाले तथ्य  सामने आए थे । अधिकतर इमारतों में न तो फायर एनओसी थी और  ना  वहां पर  फायर  उपकरण  कार्यशील  थे तो कहीं उनका उपयोग करने की लोगों को  किसी प्रकार की जानकारी थी।   नगर निगम कोटा उत्तर  और दक्षिण के  सीएफओ और जिला कलेक्टर की अनदेखी के कारण बहुमंजिला इमारतों में इन सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। जिससे वहां रहने वाले लोगों के लिए हमेशा जान का खतरा बना रहता है। इस मामले में न्यायालय ने प्रसंज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर, उत्तर, दक्षिण के सीएफ ओ को नोटिस जारी करते हुए 27 मई तक जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-issued-to-cfo-and-district-collector/article-10123</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-issued-to-cfo-and-district-collector/article-10123</guid>
                <pubDate>Fri, 20 May 2022 16:50:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-05/court-hammer045.jpg"                         length="40961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेचिंग ग्राउंड में दोबारा आग लगी तो डाबी तिराहे पर दिया जाएगा अनिश्चितकालीन धरना</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने नगर निगम के आयुक्त , पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट रूप ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रेचिंग ग्राउंड में अब दोबारा से आग लगी तो नांता क्षेत्र के लोगों के साथ  डाबी तिराहे पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे,फिर प्रशासन चाहे गोली चलाएं या लाठी । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/indefinite-picket-will-be-given-at-dabi-tirahe-if-the-trenching-ground-catches-fire-again/article-8840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/2fgds.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । भाजपा के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने नगर निगम के आयुक्त , पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट रूप ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रेचिंग ग्राउंड में अब दोबारा से आग लगी तो नांता क्षेत्र के लोगों के साथ  डाबी तिराहे पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे,फिर प्रशासन चाहे गोली चलाएं या लाठी । साथ ही शहर के कचरे को ट्रेचिंग ग्राउंड पर डालने नहीं दिया जाएगा । सारा कचरा निगम में  डालने के लिए भेज दिया जाएगा।  पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने यह चेतावनी शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान आयुक्त से मिलने के बाद दी । नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने की मांग को लेकर पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने नदी पार  नांता व करणी नगर क्षेत्र के लोगों के साथ नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया । बड़ी संख्या में लोग नांता और थर्मल चौराहे पर एकत्र हुए । वहां से दो पहिया व चार पहिया वाहनों पर रैली के रूप में नारेबाजी व ढोल बाजों के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां रैली में शामिल लोग स्वायत्त शासनमंत्री शांति धारीवाल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे । <br /><br />नगर निगम कार्यालय के बाहर सभा को संबोधित करते हुए प्रहलाद गुंजल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय मंत्री धारीवाल ने 6 महीने में ट्रेचिंग ग्राउंड को नांता से शिफ्ट करने का वादा किया था । लेकिन  साढे तीन साल बाद भी अभी तक उसे शिफ्ट नहीं किया गया,ना ही ट्रेचिंग ग्राउंड के कचरे का निस्तारण किया गया है। उन्होंने कहा कि कचरे में बार-बार लगने वाली आग से उठने वाले धुएं से वहां के लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है । वहां के कचरे के कारण पानी में जिस तरह के जहरीले कण मिल रहे हैं उससे कैंसर और टीबी जैसी बीमारियों का खतरा बन रहा है।  उन्होंने कहा कि मंत्री ने वादा किया लेकिन अभी तक कोई काम इस दिशा में सकारात्मक नहीं किया गया है। एक दिन पहले नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के महापौर ने जिस तरह से दावे किए कि तीन साल में कचरे का निस्तारण कर दिया जाएगा लेकिन उनके पास किसी तरह का कोई एक्शन प्लान नहीं है । <br /><br />प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत व कोटा दक्षिण के आयुक्त राजपाल सिंह से मुलाकात की । इस दौरान एडीएम सिटी महेंद्र लोढ़ा ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील व प्रवीण जैन भी मौजूद थे । पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने नगर निगम के अधिकारियों से पूछा कि वे ग्राउंड को कितने समय में शिफ्ट कर देंगे या उसके कचरे का कितने समय में निस्तारण कर देंगे । इसके लिए वह समय सीमा बता दें लेकिन, निगम के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके और बगले झांकते रहे । इस पर गुंजल ने उन्हें स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि ट्रेचिंग ग्राउंड में दोबारा आग लगती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम व पुलिस प्रशासन की होगी । जिस दिन आग लगेगी उसी दिन स्थानीय लोगों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की होगी। फिर चाहे प्रशासन गोली चलाएं तब तक नहीं उठेंगे जब तक ट्रेचिंग ग्राउंड के कचरे का निस्तारण नहीं हो जाएगा । अब बातचीत से नहीं सड़कों पर ही समस्या का समाधान कराने के लिए उतरेंगे। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं बता सके और उन्होंने एक दिन पहले जो पत्रकार वार्ता की थी उसमें भी जनता को धोखा देने का काम किया है । इसलिए अब सड़क पर ही निपटा जाएगा । प्रदर्शन के दौरान पूर्व पार्षद बृजेश शर्मा, वर्तमान में कई पार्षद और बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/indefinite-picket-will-be-given-at-dabi-tirahe-if-the-trenching-ground-catches-fire-again/article-8840</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/indefinite-picket-will-be-given-at-dabi-tirahe-if-the-trenching-ground-catches-fire-again/article-8840</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Apr 2022 20:00:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/2fgds.jpg"                         length="110304"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खबर का असर- सोने के लिए रैन बसेरे व सामुदायिक भवनों में नहीं गए तो जबरन हटा देंगे </title>
                                    <description><![CDATA[सड़क किनारे फुटपाथ व फ्लाई ओवर के नीचे खुले में सोने वालों पर हादसों का खतरे के मुद्दे को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-do-not-go-to-night-shelters-and-community-buildings-to-sleep--you-will-forcibly-remove/article-8356"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/footpath.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । सड़क किनारे व फुटपाथ पर आए दिन हो रहे हादसों से लोगों को बचाने के लिए नगर निगम व नगर विकास न्यास प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को न्यास के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने फ्लाई ओवर के नीचे सोने वाले लोगों से वहां से हटने की समझाइश की। गुरुवार दोपहर करीब 2.30 बजे न्यास का अतिक्रमण दस्ता केशवपुरा फ्लाई ओवर पहुंचा तो वहां फुटपाथ पर रहने वालों में हड़कंप मंच गया। बड़ीसंख्या में पुलिस बल को देखकर बच्चे और महिलाएं पुलिस वालों से उन्हें यहां नहीं हटाने की विनती करने लगी। पुलिस वालों कहा अभी तो समझा रहे है। आगे से अतिक्रमण किया तो सामान भर कर ले जाएंगे। <br /><br />नगर विकास न्यास का अतिक्रमण निरोधक दस्ता तहसीलदार राम कल्याण यादवेन्द्र के नेतृत्व में केशवपुरा फ्लाई ओवर के नीचे पहुंचा। यहां जवाहरनगर क्षेत्र में फ्लाई ओवर के नीचे व फुटपाथ और सड़क किनारे परिवार समेत रहने वाले लोगों को वहां से हटने के लिए समझाइश की गई। न्यास दस्ते में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी व जाब्ता भी मौजूद था। इस दौरान पुलिसकर्मियों व न्यास अधिकारियों से लोगों से कहा कि वे फु टपाथ और फ्लाईओवर के नीचे से हट जाएं। यहां हादसों का खतरा बना रहता है। उनके लिए प्रशासन ने रैन बसेरे व सामुदायिक भवन खोल दिए है। वहां रहने के साथ ही नि:शुल्क भोजन की भी सुविधा है। ऐसे में जितने भी लोग यहां खुले में सो रहे हैं, वे सभी वहां जाएं। हालांकि लोगों ने न्यास व पुलिस अधिकारियों को अपनी जगह छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे यहां से नहीं जाएंगे। इस पर अधिकािरयों ने उनसे कहा कि अभी तो वे समझाइश करने आए हैं। शीघ्र ही वे नजदीकी रैन बसेरों व सामुदायिक भवनों में चले जाएं, वरना उन्हें जबरन यहां से उठाकर वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। न्यास के तहसीलदार राम कल्याण यादवेन्द्र ने बताया कि जवाहर नगर में फ्लाई ओवर के नीचे व सड़क किनारे ढोल व घोड़ीे वाले रहते हैं। उनहें वहां से हटने के लिए समझाइश की है। इधर, नगर निगम का जाब्ता भी इस काम में जुट गया है। आयुक्त के निर्देश पर अतिक्रमण निरोधक दस्ते से फुटपाथ पर सोने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। <br /><br /><strong>फ्लाई ओवर के नीचे से हटाया टैक्सी स्टैंड</strong><br />अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने गुरुवार को केशवपुरा फ्लाई ओवर के नीचे बने अवैध टैक्सी स्टैंड व बेचने के लिए रखी पुरानी गाडियों को हटाया और चालकों को यहां गाड़िया खड़ी नहीं करने के लिए पांबद किया। <br /><br /><strong>कलक्टर ने रेन बसेरा में जाने की अपील</strong><br />जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा ने भी घुमंतू जाति के लोगों व सड़क किनारे फुटपाथ पर सोने वालों से नजदीकी रैन-बसेरों व सामुदायिक भवनों में जाने की अपील की है। जिला कलक्टर की अपील के बाद निगम व न्यास के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। और उन्होंने पूरे शहर में सड़क किनारे व फुटपाथ पर सोने वालों से पहले चरण में समझाइश करना शुरू कर दिया है। <br /><br /><strong>ये बनाए आश्रय स्थल</strong><br />दोनों नगर निगमों द्वारा बस स्टैंड नयापुरा, एमबीएस अस्पताल नयापुरा, सेक्टर 2 भीमगंजमण्डी स्टेशन, एमबीएस अस्पताल में महिला आश्रय स्थल, न्यू मेडिकल कॉलेज परिसर में आश्रय स्थल पर आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। <br /><br /><strong>दैनिक नवज्योति ने उठाया मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि सड़क किनारे फुटपाथ व फ्लाई ओवर के नीचे खुले में सोने वालों पर हादसों का खतरे के मुद्दे को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया है। इस संबंध में 21 अप्रैल को समाचार भी प्रकाशित किया है। जिसमें सभी पहलुओं को समाहित किया गया है। दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर ने भी ऐसे लोगों से रैन बसेरों व सामुदायिक भवनों में जाने की अपील की है। साथ ही निगम व न्यास के अधिकारी भी हरकत में आए हैं। <br /><br /><strong>हादसे में मौत के बाद मंत्री ने दिए थे निर्देश</strong><br />गत दिनों नयापुरा थाना क्षेत्र में एक श्रमिक परिवार के देर रात को कार चालक ने सोते हुए के टक्कर मार दी थी। जिससे उस परिवार के मुखिया की मौत हो गई थी। जबकि उसकी पत्नी व बच्चे का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-do-not-go-to-night-shelters-and-community-buildings-to-sleep--you-will-forcibly-remove/article-8356</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-do-not-go-to-night-shelters-and-community-buildings-to-sleep--you-will-forcibly-remove/article-8356</guid>
                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 14:56:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-04/footpath.jpg"                         length="59710"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम कोटा उत्तर ने दिया ब्लैक लिस्टेड फर्म को टेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा 28/12/ 2021 को 4 सेक्टरों में 300 श्रमिक आपूर्ति हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इन निविदाओं में 20 सवेदकों ने भाग लिया था जिसमें 17 सवेदक सफल पाए गए थे । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/municipal-corporation-kota-north-gave-tender-to-blacklisted-firm/article-6745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/32.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा 28/12/ 2021 को 4 सेक्टरों में 300 श्रमिक आपूर्ति हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इन निविदाओं में 20 सवेदकों ने भाग लिया था जिसमें 17 सवेदक सफल पाए गए थे । नगर निगम द्वारा जो तकनीकी निविदा प्रपत्र जारी किया गया था उसमें 14 शर्ते थी जिसमें संख्या 12 नंबर की शर्त में यह साफ शब्दों में अंकित किया गया था कि कोई भी ऐसी फर्म जो किसी भी राज्य सरकार, केंद्र सरकार, निगम बोर्ड से ब्लैक लिस्टेड होगी उसे कार्य नहीं दिया जाएगा। इस हेतु उस फर्म द्वारा रु 50 के नॉन ज्यूडिशियल स्टांप पर लिख कर भी देना था हमारी फर्म कहीं भी ब्लैक लिस्टेड नहीं है। किन्तु हमारी जानकारी में आया  है कि राजस्थान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट संस्था भोपो का बाड़ा अजमेर राजस्थान ने भी इस कार्य हेतु निविदा में हिस्सा लिया । जबकि यह फर्म कार्यालय नगर पालिका पुष्कर जिला अजमेर ने ब्लैक लिस्टेड फर्म है ।  ब्लैक लिस्टेड होने के आदेश की प्रतिलिपि ज्ञापन के साथ उपलब्ध करा दी गई है ।  हमारी जानकारी में आया कि नगर निगम प्रशासन ब्लैक लिस्टेड फर्म को ही इस निविदा में सफल मानकर देने की तैयारी कर रहा है । यदि ऐसा हुआ तो हम सभी पार्षदों द्वारा आंदोलन किया जाएगा । निगम कोटा उत्तर आयुक्त वासुदेव मलावत की अनुपस्थिति में पार्षदों ने मुख्य अभियंता प्रेम शंकर शर्मा को ज्ञापन सौंप कर उचित कार्रवाई की मांग की।  नवल सिंह हाडा, बीरबल लोधा, नंदकिशोर मेवाड़ा, रवि मीणा पार्षद व मोहन सैनी, योगेंद्र सैनी ,वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रामलाल सैनी की उपस्थित में ज्ञापन दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/municipal-corporation-kota-north-gave-tender-to-blacklisted-firm/article-6745</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/municipal-corporation-kota-north-gave-tender-to-blacklisted-firm/article-6745</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Mar 2022 18:00:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/32.jpg"                         length="66863"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी के बावजूद निगम में पीने के पानी की सुविधा नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी के मौसम में जहां नगर निगम द्वारा पूर्व में प्याऊ लगाकर लोगों की प्यास बुझाई जाती थी उस नगर निगम की हालत यह है कि निगम कार्यालय में ही पीने के पानी की सुविधा तक नहीं है। जबकि गर्मी पड़ने लगी है । निगम कार्यालय के सभी वाटर कूलर बंद पड़े हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-the-heat--there-is-no-facility-of-drinking-water-in-the-corporation/article-6664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/kota2.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा । गर्मी के मौसम में जहां नगर निगम द्वारा पूर्व में प्याऊ लगाकर लोगों की प्यास बुझाई जाती थी उस नगर निगम की हालत यह है कि निगम कार्यालय में ही पीने के पानी की सुविधा तक नहीं है। जबकि गर्मी पड़ने लगी है । निगम कार्यालय के सभी वाटर कूलर बंद पड़े हुए हैं।  नगर निगम के दशहरा मैदान स्थित राजीव गांधी प्रशासनिक भवन में पहली मंजिल से तीसरी मंजिल तक हर मंजिल पर दोनों तरफ 2 वाटर कूलर लगे हुए हैं । लेकिन मार्च खत्म होने को है और गर्मी अपना रंग दिखाने लगी है इसके बावजूद निगम कार्यालय के सभी वाटर कूलर बंद पड़े हुए हैं। <br /><br /> निगम कार्यालय आमजन से जुड़ा हुआ विभाग है और यहां नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के महापौर ,उपमहापौर और आयुक्त समेत सभी अधिकारी- कर्मचारी बैठते हैं।  आमजन रोजाना बड़ी संख्या में अपने कामों के संबंध में निगम कार्यालय में आते हैं।  गुरुवार को भी लोग निगम कार्यालय में आए लेकिन प्यास लगने पर जब वह पानी पीने के लिए वाटर कूलर की तरफ गए तो सभी वाटर कूलर बंद पड़े हुए थे । किसी वाटर कूलर का नल टूटा हुआ था तो किसी वाटर कूलर का बिजली कनेक्शन ही नहीं था । <br />किसी में पानी की व्यवस्था ही नहीं थी।  ऐसे में लोग परेशान होते रहे लेकिन उन्हें पूरे कार्यालय में घूमने के बावजूद पीने का पानी नहीं मिला।  नगर निगम कार्यालय में ए, बी और सी ब्लॉक में करीब 8 वाटर कूलर लगे हुए हैं।  उनमें से ए ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर सिर्फ एक वाटर कूलर चालू है।  बाकी अधिकतर वाटर कूलर बंद होने से लोगों को पीने के पानी नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  एक ओर गर्मी में जहां निगम कार्यालय के सभी कक्षों में अधिकारी और कर्मचारियों के लिए कूलर व एसी लगे हुए हैं वहीं आमजन को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-the-heat--there-is-no-facility-of-drinking-water-in-the-corporation/article-6664</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-the-heat--there-is-no-facility-of-drinking-water-in-the-corporation/article-6664</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Mar 2022 17:51:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/kota2.jpg"                         length="32432"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिरकार निजी फर्म ने शुरू किया यूडी टैक्स सर्वे व वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[वर्ष 2005 के बाद से नया सर्वे नहीं हुआ था, लेकिन अब नगर निगम कोटा दक्षिण ने निजी फर्म के माध्यम से नगरीय कर वसूलने का टेंडर किया है। जिसका ठेका रांची की फर्म को मिला है। जिसने सर्वे के साथ ही वसूली भी शुरू कर दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/eventually-the-private-firm-started-the-survey-and-recovery-of-ud-tax-of-the-corporation/article-5520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/nigam_kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की बोर्ड बैठक में यूडी टैक्स की वसूली निजी फर्म से नहीं कराने के निर्णय के बावजूद निजी फर्म ने वसूली शुरू कर दी है। इसके साथ निजी फर्म ने लगभग 15 वर्ष बाद  (यूडी टैक्स) सर्वे भी शुरू कर दिया है।  रांची की फर्म को नगर निगम कोटा दक्षिण ने वसूली का टेंडर दिया गया है। जिसने सर्वे के साथ ही वसूली भी शुरू कर दी है। शहर में व्यवसायिक व आवासीय भूखंडों से नगर निगम द्वारा हर साल नगरीय विकास कर वसूल किया जाता है। इसके लिए नगर निगम द्वारा मापदंड निर्धारित किए हुए हैं। उसके अनुसार ही नियमानुसार हर साल यूडी टैक्स की राशि संबंधित व्यक्ति को नगर निगम में जमा करवानी होती है। अभी तक नगर निगम द्वारा यह कर वर्ष 2005 में हुए सर्वे के आधार पर ही वसूल किया जा रहा था। वर्ष 2005 के बाद से नया सर्वे नहीं हुआ था, लेकिन अब नगर निगम कोटा दक्षिण ने निजी फर्म के माध्यम से नगरीय कर वसूलने का टेंडर किया है। जिसका ठेका रांची की फर्म को मिला है। नगर निगम ने उसे जनवरी में कार्यादेश भी जारी कर दिया है। जिसके बाद फर्म ने शहर में सर्वे तो शुरू कर ही दिया है। साथ ही उसके अनुसार कर भी वसूलना शुरू कर दिया है। <br /><br /><strong>दो साल का दिया टेंडर</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा रांची की फर्म को फिलहाल दो साल का टेंडर दिया है। हर साल 7 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया है। फर्म को 11 फीसदी कमीशन पर यह टेंडर दिया है। सूत्रों के अनुसार संबंधित फर्म ने कार्यादेश मिलते ही 27 जनवरी से काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही 6 दिन में करीब 15 से 20 लाख रुपए कर भी वसूल कर लिया है। फर्म के शहर में 15 कर्मचारी काम कर रहे हैं। वे सर्वे के तुरंत बाद बिल बनाकर संबंधित व्यक्ति को दे रहे हैं। व्यक्ति  नगरीय विकास कर की राशि का चैक या डीडी से भुगतान कर रहा है। सूत्रों के अनुसार अभी तक फर्म द्वारा करीब 15 से 20 लाख रुपए टैक्स  वसूल भी कर लिया है। यह टैक्स नियमानुसार ही लिया जाएगा। <br /><br /><strong>निगम का राजस्व अनुभाग नहीं कर पा रहा था लक्ष्य पूृरा</strong><br />नगर निगम द्वारा हर साल बजट में नगरीय विकास कर वसूली का लक्ष्य तय किया जाता है। पिछले कई सालों से नगर निगम यह कर पूरा नहीं वसूल  पा रहा था। इसका कारण निगम के राजस्व अनुभाग के पास अधिकारी व कर्मचारियों की कमी होना बताया जा रहा था। हालत यह है कि चालू वित्तीय वर्ष में दोनों नगर निगमों में 12 करोड़ की एवज में 31 जनवरी तक मात्र 2.68 करोड़ रुपए ही नगरीय विकास कर वसूल किया जा सका है। <br /><br /><strong>बजट की बोर्ड बैठक में हुआ विरोध, टेंडर निरस्त करने का निर्णय</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की बजट बोर्ड बैठक 17 फरवरी को आयोजित की गई थी। जिसमें निजी फर्म द्वारा यूडी टैक्स वसूल करने का विरोध किया गया। जिसके बाद बैठक में सर्व सम्मति से यूडी टैक्स का टेंडर निरस्त करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन जब तक टेंडर निरस्त करने का निर्णय हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी। निगम ने संबंधित फर्म को कार्यादेश ही जारी कर दिया था। <br /><br /><strong>कोटा उत्तर में टेंडर प्रक्रिया जारी</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण में तो यूडी टैक्स का टेंडर रांची की फर्म को दिया जा चुका है। जिसने काम भी शुरू कर दिया है। जबकि नगर निगम कोटा उत्तर में अभी तक यह फाइनल नहीं हुआ है। यहां यूृडी टैक्स अभी भी टेंडर प्रक्रिया में ही चल रहा है। <br /><br /><strong>कोटा उत्तर ने बढ़ाया एक करोड़ का लक्ष्य</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण ने चालू वित्तीय वर्ष के समान ही आगामी वित्तीय वर्ष का नगरीय विकास कर लक्ष्य 7 करोड़ रुपए ही रखा है। जबकि नगर निगम कोटा उत्तर ने अपने चालू वित्तीय वर्ष के 5 करोड़ रुपए से एक करोड़ रुपए बढ़ाकर आगामी वित्त वर्ष का लक्ष्य 6 करोड़ रुपए कर दिया है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण और राजस्व अनुभाग में कर्मचारियों की कमी के चलते यूडी टैक्स का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा था। साथ ही सर्वे भी काफी पुराना हो गया था।  जोधपुर व उदयपुर की तर्ज पर ही कोटा में निजी फर्म को टेंडर दिया है। जिससे नए सिरे से सर्वे भी हो जाएगा। साथ ही संबंधित फर्म को नगरीय कर वसूल करने पर एक निर्धारित राशि का भुगतान किया जाएगा। ऐसे में फर्म द्वारा अधिक कमीशन के प्रयास में अधिक से अधिक नगरीय कर वसूल  किया जाएगा। जिससे नगर निगम को लाभ होगा और आय भी बढ़ेगी। टेंडर निरस्त करने का निर्णय बोर्ड बैठक में हुआ है उस पर विधिक राय ली जाएग़ी। <br /><strong>-कीर्ति राठौड़, आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong><br /><br />निगम द्वारा यूडी टैक्स का टेंडर पहले ही किया जा चुका है। उसे निरस्त करने का निर्णय बोर्ड बैठक में सर्व सम्मति से बाद में लिया गया है। इस बारे में बोर्ड बैठक की प्रोसिडिंग आने के बाद ही पता चलेगा कि अधिकारियों ने क्या किया। <br /><strong>-राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/eventually-the-private-firm-started-the-survey-and-recovery-of-ud-tax-of-the-corporation/article-5520</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/eventually-the-private-firm-started-the-survey-and-recovery-of-ud-tax-of-the-corporation/article-5520</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 18:39:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/nigam_kota.jpg"                         length="124054"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निगम ने पकड़े एक दर्जन मवेशी </title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा शुक्रवार को शहर में सड़कों पर लावारिस हालत में घूमने वाले एक दर्जन मवेशियों को पकड़कर कायन हाउस में बंद किया है। वहीं देव नारायण योजना में  आवेदन करने वाले पशु पालकों के लिए न्यास ने राशि जमा करवाने में सरलीकरण किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-caught-a-dozen-cattle/article-5515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/21.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा शुक्रवार को शहर में सड़कों पर लावारिस हालत में घूमने वाले एक दर्जन मवेशियों को पकड़कर कायन हाउस में बंद किया है। वहीं देव नारायण योजना में  आवेदन करने वाले पशु पालकों के लिए न्यास ने राशि जमा करवाने में सरलीकरण किया है।</p>
<p><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के संवेदक द्वारा सुबह विज्ञान नगर क्षेत्र से सड़कों पर घूमने वाले मवेयिशों को घेराबंदी कर पकड़ा। जानकारी के अनुसार एक दर्जन मवेशी पकड़े जिनमें से 6 सांड और 6 बछड़े शामिल हैं। उन्हें नगर निगम की किशोरपुरा स्थित कायन हाउस में रखा गया है। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण द्वारा शहर में घूमने वाले लावारिस मवेशियों को पकड़ने का अलग-अलग टेंडर दिया हुआ है। लेकिन हालत यह है कि मवेशी पकड़ने का टेंडर होने के बावजूद शहर कीे सड़कों पर मवेशियों का इतना अधिक जमावड़ा है कि उनसे यातायात  बाधित होने  के साथ ही दुर्घटनाओं का भी खतरा बना हुआ है।</p>
<p>देव नारायण योजना में पशु पालकों को शिफ्ट नहीं करने और निगम द्वारा मवेशियों को नहीं पकड़ने से शहर में हो रही समस्या के बारे में दैनिक नवज्योति में 4 मार्च के अंक में ‘ देव नारायण योजना में आवेदन की बार-बार बढ़ रही तारीख’  शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें योजना के शुरू नहीं होने से सड़कों पर मवेशियों के घूमने से होने वाली समलसया को  प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद निगम के अधिकारी हरकत में आए। संवेदक के माध्यम से शुक्रवार को 12 पशुओं को पकड़ा गया।<br /><br /><strong>इधर मासिक किस्त होने से कर रहे पशु पालक आवेदन</strong><br />इधर देव नारायण आवासीय योजना में पशु पालकों के लिए आवास बनाए गए हैं। लेकिन उनमें अभी तक भी अधिकतर पशु पालकों ने आवेदन नहीं किए हैं। जिससे नगर विकास न्यास को बार-बार आवेदन की तिथि बढ़ानी पड़ रही है। <br />जानकारी के अनुसार योजना में 737 आवास 35 गुणा 90 फीट और 237 आवास 35 गुणा 70 फीट वाले हैं। आवासों की राशि 14 लाख रुपए होने व पूर्व में एक माह में एक मुश्त राशि जमा करवाने से पशु पालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस कारण से आवेदन नहीं कर पाए थे। पशु पालकों की समस्या को देखते हुए न्यास द्वारा बैंकों के साथ मिलकर शिविर लगाए जिनमें ऋण की सुविधा दी गई। लेकिन पशु पालकों के पास पर्यापत दस्तावेज नहीं होने से वे ऋण भी नहीं ले सके। उस समय  न्यास ने उनकी  12 हजार व 10 हजार रुपए मासिक किस्त की। जिसमें कुछ लोगों ने फिर आवेदन किए। लेकिन उसके बाद भी आवास खाली रह गए। इस पर राज्य सरकार की सहमति से न्यास ने फिर से आवेदन की तिथि बढ़ाकर 7 मार्च कर दी है। साथ ही अब पशु पालकों को योजना में आवेदन करने पर न तो ऋण लेने की जरुरत है और न ही अधिक राशि मासिक किस्त के जमा करवाने की। अब पशु पालक 5 हजार व 6 हजार रुपए मासिक किश्त 20 साल तक जमा करवाकर आवास ले सकता है। <br />जानकारी के अनुसार योजना में राशि जमा करवाने का सरलीकरण करने के कारण अब अधिक पशु पालक आवेदन कर रहे हैं। योजना में अब तक 75 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। योजना में सर्वेधारी पशु पालक ही आवेदन कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-caught-a-dozen-cattle/article-5515</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-caught-a-dozen-cattle/article-5515</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 18:37:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/21.jpg"                         length="199763"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        