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                <title>alliance - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>महिला आरक्षण पर सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार : जयराम ने कहा-संसद के विशेष सत्र के दौरान नहीं था महिलाओं का आरक्षण वास्तविक मुद्दा </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को तत्काल प्रभावी बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनावी शोर थमने के बाद अब 2029 तक इंतजार करने के बजाय महिलाओं को न्याय दिलाने हेतु ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि संसद में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/government-called-all-party-meeting-on-womens-reservation-jairam-said/article-151962"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/jairam-ramesh-2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित थे, वहां अब चुनाव लगभग समाप्त हो गए हैं, इसलिए सरकार को महिला आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अब विभिन्न राज्य विधानसभाओं के लिए होने वाले चुनाव का प्रचार समाप्त हो चुका है और लोकसभा के परिसीमन को लागू करने का सरकार का प्रयास विपक्ष की एकजुटता के कारण विफल रहा है, तो अब केंद्र सरकार को महिला आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर पहल करनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को वर्ष 2029 से लोकसभा की मौजूदा संख्या के साथ किस प्रकार लागू किया जा सकता है, इस पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। यह कदम संभव, वांछनीय और आवश्यक है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि संसद के विशेष सत्र के दौरान महिलाओं का आरक्षण वास्तविक मुद्दा नहीं था, बल्कि उस समय का एजेंडा परिसीमन से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 15:10:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तमिलनाडु चुनाव: पूर्व सीएम पलानीस्वामी ने की अमित शाह से मुलाकात; सीट बंटवारे को लेकर हुई चर्चा, तमिलगा वेट्री कषगम को एनडीए में शामिल करने की अटकलों को किया खारिज </title>
                                    <description><![CDATA[अन्नाद्रमुक नेता ई.के. पलानीस्वामी ने अमित शाह से मुलाकात के बाद घोषणा की है कि तमिलनाडु में एनडीए का सीट बंटवारा चार दिनों में फाइनल होगा। एआईएडीएमके करीब 170 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि भाजपा और अन्य सहयोगियों के बीच शेष सीटों का समन्वय होगा। अगले सप्ताह चुनावी घोषणापत्र जारी होने के साथ ही प्रचार तेज होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/before-tamil-nadu-elections-cm-palaniswami-met-amit-shah-discussed/article-147189"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/amit-shah.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा है कि तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत शनिवार से शुरू होगी और चार दिनों के भीतर इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।</p>
<p>चेन्नई रवाना होने से पूर्व दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में पलानीस्वामी ने कहा कि एनडीए सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं है। बातचीत पूरी होने के बाद सभी दलों के लिए सीटों और निर्वाचन क्षेत्रों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद चुनावी अभियान तेज किया जाएगा। पलानीस्वामी की अमित शाह से कल रात मुलाकात हुई थी। ऐसी खबरें हैं कि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) 234 सदस्यीय विधानसभा में करीब 165-170 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी 40-45 सीटों पर दावा कर सकती है। शेष सीटें अन्य सहयोगी दलों को दी जाएंगी।</p>
<p>पलानीस्वामी ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम को एनडीए में शामिल करने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्नाद्रमुक का चुनावी घोषणापत्र एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाएगा और पार्टी को जीत की पूरी उम्मीद है। इस बीच, एनडीए के अन्य सहयोगी जैसे अंबुमणि रामदास और टी टी वी दिनाकरन भी सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा है कि सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है और अंतिम निर्णय बातचीत के जरिए लिया जाएगा। एनडीए में भाजपा, पीएमके, एएमएमके के अलावा तमिल मनीला कांग्रेस और अन्य छोटे दल भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 14:01:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शरद पवार के साथ गठबंधन के बीच एनसीपी नेता का बड़ा बयान, हम महायुति के साथ रहेंगे : प्रफुल्ल</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने साफ किया कि अजित पवार गुट महाराष्ट्र और केंद्र में बीजेपी-नेतृत्व वाली महायुति के साथ रहेगा, पार्टी के एकीकरण की अटकलें खारिज कीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ncp-leaders-big-statement-amid-alliance-with-sharad-pawar-we/article-139399"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ncp.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पवार फैमिली की एकजुटता और पार्टी के एकीकरण की खबरों के बीच अजित पवार की एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल ने बड़ा बयान दिया है। रविवार को एनसीपी के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन के साथ रहेगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अजित पवार ने पुणे, पिंपरी चिंचवड़ और परभणी के नगर निगम चुनाव में शरद पवार की एनसीपी से गठबंधन किया है।</p>
<p>महायुति को लेकर दिया बयान: महाराष्ट्र निकाय चुनाव में एनसीपी कई नगर निगमों में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। बीएमसी में वह महायुति के गठबंधन से बाहर है और उसने अपने कैंडिडेट उतारे हैं। सियासी गलियारों में एनसीपी के दोनों धड़ों के एक होने की चर्चा भी चल रही है। खुद अजित पवार ने एक इंटरव्यू में इसके संकेत दिए थे। अब प्रफुल्ल पटेल ने महायुति को लेकर बयान दिया है।</p>
<p><strong>एनसीपी भविष्य में भी महायुति में ही रहेगी</strong></p>
<p>राज्यसभा सांसद ने कहा कि जहां तक केंद्र सरकार और महाराष्ट्र विधानसभा का सवाल है, हम महायुति में हैं। एनसीपी भविष्य में भी महायुति में ही रहेगी। महाराष्ट्र में हम सीएम देवेंद्र फडणवीस और दिल्ली में (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में के नेतृत्व में काम करेंगे। उन्होंने पार्टी के विरोधी गुटों के बीच किसी भी बड़े सुलह की अटकलों को खारिज कर दिया।</p>
<p><strong>गठबंधन बदलने वाला नहीं</strong></p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि क्या शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले भी भविष्य में उनके साथ शामिल हो सकती हैं? प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मैं आपको कुछ भी काल्पनिक नहीं बताऊंगा। लेकिन आज की सच्चाई यह है कि हम अलग हैं। हमारी पार्टी एनडीए में है। कई बार हम देखते हैं कि एनसीपी-एसपी के बयान नरेंद्र मोदी या आज की सरकार के साथ मेल नहीं खाते हैं। और जब ऐसा नहीं है, तो उनसे बात करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि हमारा गठबंधन बदलने वाला नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 11:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश चुनाव: भारत विरोधी जमात-ए-इस्लामी का बड़ा दांव, 11 दलों संग महागठबंधन</title>
                                    <description><![CDATA[ बांग्लादेश में अगले महीने, फरवरी में होने वाले आम चुनाव से पहले सियासी जोड़तोड़ तेज हो गया है। खासतौर से जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व में बन रहा बड़ा गठबंधन ध्यान खींच रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/bangladesh-elections-anti-india-jamaat-e-islamis-big-bet-grand-alliance-with-11/article-139242"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bangladesh2.png" alt=""></a><br /><p>ढाका। बांग्लादेश में अगले महीने, फरवरी में होने वाले आम चुनाव से पहले सियासी जोड़तोड़ तेज हो गया है। खासतौर से जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व में बन रहा बड़ा गठबंधन ध्यान खींच रहा है। जमात और एनसीपी सहित 11 पार्टी मिलकर गठबंधन बना रही हैं। ये गठबंधन तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, जिनको शेख हसीना की गैरहाजिरी में सबसे मजबूत नेता माना जा रहा है। वहीं भारत के लिए भी इस तरह का मजबूत एलायंस चिंता बढ़ाएगा क्योंकि जमात का भारत विरोध का पुराना इतिहास है। वहीं छात्रों के नेतृत्व वाली एनसीपी का मिजाज भी एंटी इंडिया रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 11-दलीय गठबंधन सीट बंटवारे के मामले में नतीजे के पास पहुंच गया है। लंबी चर्चा के बाद गठबंधन के नेता सभी 300 निर्वाचन क्षेत्रों में साथ मिलकर लड़ने की बात कह रहे हैं। 20 जनवरी से पहले इसका ऐलान हो सकता है। 20 जनवरी ही नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है।</p>
<p><strong>जल्द ही गठबंधन का होगा ऐलान</strong></p>
<p>11-दलीय इस गठबंधन में जमात-ए-इस्लामी, इस्लामी अंदोलन बांग्लादेश (कअइ) और एनसीपीके अलावा बांग्लादेश खिलाफत मजलिस, बांग्लादेश खिलाफत अंदोलन, आमार बांग्लादेश पार्टी, बांग्लादेश निजाम-ए-इस्लाम पार्टी, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (छऊढ), जातीय गणतांत्रिक पार्टीऔर बांग्लादेश डेवलपमेंट शामिल है। इन दलों का अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभाव है। जमात के नेता अहसानुल महबूब जुबैर ने द डेली स्टार से कहा कि गठबंधन पर चीजें तकरीबन फाइनल हो गई है। जल्दी ही संयुक्त रूप से इसकी जाएगी। इस्लामी अंदोलन बांग्लादेश के संयुक्त महासचिव अशरफुल आलम, बांग्लादेश खेलाफत मजलिस के महासचिव मौलाना जलालुद्दीन अहमद और एनसीपी नेताओं ने भी ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन जाने की बात कही है।</p>
<p><strong>नाम वापस लेंगे उम्मीदवार</strong></p>
<p>बांग्लादेश के 12 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए अभी तक जमात ने 276 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस्लामी अंदोलन ने 268 सीटों पर, एनसीपी ने 44 सीटों पर, एबी पार्टी ने 53 सीटों पर, बांग्लादेश खेलाफत मजलिस ने 94 सीटों पर और खेलाफत मजलिस ने 68 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि गठबंधन का ऐलान होने के बाद बाकी उम्मीदवार अपना नाम वापस ले लेंगे। यानी अगर कोई सीट जमात के हिस्से में आती है तो गठबंधन की बाकी 9 पार्टियों में से जिनके उम्मीदवार उस सीट पर होंगे, वह नाम वापस ले लेंगे। </p>
<p>गठबंधन में जमात को सबसे ज्यादा और उसके बाद एनसीपी को सीटें मिलने की संभावना है। घोर दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी इस गठबंधन में प्रमुख भूमिका निभा रही है। बीएनपी के साथ भी जमात के तालमेल की बात सामने आई थी। हालांकि बीएनपी के साथ उसकी बात नहीं बन सकी। जमात अब अपने साथ 10 और दलों को जोड़कर चुनाव में एक मजबूत ताकत बनने की ओर ध्यान दे रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:23:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा-शिवसेना शिंदे ने दूर किए मतभेद, नगर निकाय चुनावों में एकजुट होकर करेंगे मुकाबला </title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने विवाद खत्म कर गठबंधन में चुनाव लड़ने का निर्णय किया है। नागपुर बैठक में नेताओं ने आपसी मतभेद दूर कर संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमति जताई। जल्द ही सीट बंटवारे पर चर्चा होगी और महायुति को एकजुट रखने पर जोर दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-shiv-sena-shinde-resolve-differences-will-fight-unitedly-in-municipal/article-135447"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/maharashtra-elections.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अपना विवाद खत्म कर दिया है। दोनों ने आखिरकार चुनाव में एक साथ उतरने का फैसला कर लिया है।  पार्टी सूत्रों के मुताबिक मुंबई, ठाणे और अन्य नगर निगमों में दोनों दल एक गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सोमवार देर रात हुई बैठक में निर्णय किया गया कि भाजपा और शिवसेना गठबंधन के तौर पर ही निकाय चुनावों में उतरेंगी। यह बैठक नागपुर में हुई। जहां संघ का मुख्यालय है। कछु विश्लेषकों का कहना है कि इस समझौते में संघ की भूमिका भी हो सकती है। राज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम चुनावों की तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन दोनों दलों ने चुनावी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है।</p>
<p><strong>चंद्रशेखर बावनकुले और रविंद्र चव्हाण भी मौजूद: </strong></p>
<p>बैठक में भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले और रविंद्र चव्हाण भी मौजूद रहे। सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों ने यह सहमति बनाई कि वे एक-दूसरे के नेताओं को नहीं तोड़ेंगे और न ही दल-बदल को बढ़ावा देंगे। हाल के महीनों में महायुति घटक दलों के बीच खींचतान बढ़ गई थी, क्योंकि स्थानीय चुनावों के पहले चरण में भाजपा और शिवसेना कई जगह आमने-सामने आ गई थीं। कई सीटों पर चुनाव प्रचार भी तीखा हो गया था, जिसे लेकर शिंदे ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को शिकायत की थी।</p>
<p><strong>सीट बंटवारे पर चर्चा शीघ्र</strong></p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार सीट बंटवारे को लेकर चर्चा अगले दो-तीन दिनों में शुरू होगी। दोनों दल यह सुनिश्चित करने की कोशिश में हैं कि पिछले चुनावों में जो गलतियां हुईं, वे इस बार न दोहराई जाएं। दोनों ही दलों का जोर खास तौर पर मुंबई और ठाणे पर रहेगा, जहां चुनाव बेहद प्रतिष्ठा का मामला माने जाते हैं। शिवसेना के लिए यह क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखना जरूरी है, जबकि भाजपा महापौर पदों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।</p>
<p><strong>भाजपा, शिवसेना और एनसीपी को एकजुट होकर लड़ना चाहिए</strong></p>
<p>एकनाथ शिंदे ने सोमवार को अपने विधायकों और मंत्रियों के साथ अलग बैठक की। उन्होंने कहा कि महायुति में शामिल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी को एकजुट होकर लड़ना चाहिए। उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया कि वे कोई ऐसा बयान न दें या कदम न उठाएं जिससे गठबंधन में विवाद बढ़े। शिंदे ने यह भी कहा कि जिला परिषद और नगर निगम चुनावों में महायुति को मजबूत तरीके से उतरना होगा ताकि विपक्ष को कोई मौका न मिले।</p>
<p>पहले चरण के स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति के सहयोगी दल कई जगह सीधे टकरा गए थे। इससे कार्यकतार्ओं में नाराजगी बढ़ी और चुनावी माहौल बिगड़ने लगा। अब जब दोनों दलों ने औपचारिक तौर पर साथ लड़ने का फैसला किया है, तो चुनौती यह है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट कैसे रखा जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-shiv-sena-shinde-resolve-differences-will-fight-unitedly-in-municipal/article-135447</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 12:28:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करेगा इंडिया गठबंधन : देशव्यापी आंदोलन करने की तैयारी में लगा, फिर से करेगा सुप्रीम कोर्ट का रुख</title>
                                    <description><![CDATA[ चुनाव आयोग नौ दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी करेगा और अंतिम सूची सात फरवरी को प्रकाशित की जायेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-alliance-will-oppose-the-sir-process-and-is-preparing/article-131406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन ने मंगलवार से दूसरे चरण की शुरू हो रही मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का विरोध करने की योजना बनायी है। सूत्रों के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव के बाद एसआईआर को लेकर इंडिया गठबंधन ने देशव्यापी आंदोलन करने की तैयारी की है। इंडिया गठबंधन इसके विरोध में सामूहिक रूप से उच्चतम न्यायालय का फिर से रुख करने की भी तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव के बाद (एसआईआर) के मसले पर इंडिया गठबंधन की बैठक आयोजित की जायेगी, जिसमें उच्चतम न्यायालय से गुहार करने और देशव्यापी आंदोलन करने की रूपरेखा तैयार की जायेगी। फिलहाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस नेतृत्व के साथ मिलकर मतदाता सूची पुनरीक्षण मुद्दे पर संघर्ष को आगे बढ़ाने पर सहमति दी है। </p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एसआईआर के दूसरे चरण की घोषणा की थी। उनके अनुसार, एसआईआर चार नवंबर से गणना चरण के साथ शुरू होगा और चार दिसंबर तक जारी रहेगा। चुनाव आयोग नौ दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी करेगा और अंतिम सूची सात फरवरी को प्रकाशित की जायेगी। दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप, गोवा, गुजरात, केरल, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जायेगा। असम में यह प्रक्रिया अलग से होगी। बिहार के बाद एसआईआर का यह का दूसरा चरण है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 16:50:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु में बीजेपी और अन्नाद्रमुक में गठबंधन की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण भारत में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की नीति के अंतर्गत बीजेपी ने हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को केरल में पार्टी का मुखिया बनाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/preparation-of-alliance-in-bjp-and-aiadmk-in-tamil-nadu/article-109943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>दक्षिण भारत में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की नीति के अंतर्गत बीजेपी ने हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को केरल में पार्टी का मुखिया बनाया है। अब इसके नेता अपना रुख तमिलनाडु की ओर कर रहे हैं, हालांकि कहने को तो जेपी नड्डा बीजेपी के अध्यक्ष हैं, लेकिन यह किसी से छिपा नहीं कि केन्द्रीय गृहमंत्री ही पार्टी के मुख्य रणनीतिकार हैं, उनके चलते ही केरल में बदलाव किए गए थे। अब वे तमिलनाडु को साधने में लगे हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं, इसलिए यहां की राजनीति तेजी से करवट ले रही है, नए समीकरण बन रहे हैं। तमिलनाडु में बड़े दो क्षेत्रीय दल द्रमुक और अन्नाद्रमुक गत कई दशकों से अपना दबदबा बनाए हुए हैं। </p>
<p>छोटे दल इनके साथ मिलकर चुनाव लड़ते आ रहे हैं, बीजेपी तथा कांग्रेस  जैसे राष्ट्रीय दल यहां हाशिये पर रहे हैं, कारण यह है कि क्षेत्रीय दल द्रविड़ अस्मिता और संस्कृति को आगे रख कर चुनाव लड़ते हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर के दल राष्ट्रीय मुद्दे सामने रखते हैं। अगर पिछला राजनीतिक इतिहास देखा जाए, तो यह बात सामने आती है कि राष्ट्रीय स्तर पर अपना वजूद दिखाने के लिए द्रमुक और अन्नाद्रमुक कभी कांग्रेस और कभी बीजेपी के साथ हाथ मिलते रहे हैं। राज्य की छ बार मुख्यमंत्री रही और अन्नाद्रमुक की मुखिया जयललिता का 2016 में निधन होने के बाद अन्नाद्रमुक के पास कोई बड़ा राजनीतिक चेहरा नहीं है, पार्टी में फूट भी आ रही थी, कभी जयललिता की खास रही शशिकला के समर्थकों ने पार्टी पर कब्जा करने की भरसक कोशिश की, जब वे इसमें सफल नहीं हुए तो पार्टी का विभाजन कर दिया, हालांकि उनके साथ अधिक लोग नहीं गए। पार्टी के इस अलग गुट के नेता दिनाकरण थे। </p>
<p>पलानिस्वामी जयललिता के उत्तराधिकारी के रूप में उभरे तथा जयललिता के बाद वे मुख्यमंत्री बने। वे पिछड़ा वर्ग से आते हैं तथा उनका राजनीतिक कद जयललिता जैसा नहीं था। राज्य में 2021 में विधान सभा चुनाव होने थे, धीरे धीरे पार्टी का यह गुट बीजेपी के निकट आता चला गया दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन राज्य में उस समय द्रमुक की हवा थी, लेकिन उस समय द्रमुक में भी करुणानिधि जैसा नेता नहीं था, उन्होंने अपने जीवन काल में ही अपने बेटे एमके स्टालिन को अपना उत्तराधिकारी  बना दिया था। </p>
<p>द्रमुक का लम्बे समय से कांग्रेस के साथ गठबंधन चला आ रहा था, जिसमें कांग्रेस गठबंधन की जूनियर पार्टनर थी और अभी भी है। विधान सभा चुनावों में इस गठबंधन की जीत हुई। इसे 234 में से 133 सीटें मिली, उधर अन्नाद्रमुक और बीजेपी गठबंधन को कुल 75 सीटें मिली। राज्य में पहली बार बीजेपी का खाता खुला और इसे 4 सीटें मिली, लेकिन लोकसभा चुनाव आते आते अन्नाद्रमुक और बीजेपी के गठबंधन में दरार आनी शुरू हो गई। बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व ने यहां अन्नामलाई को राज्य पार्टी का अध्यक्ष  बनाया, वे आईपीएस अधिकारी रहे हैं तथा कर्नाटक कैडर के थे, उन्होंने वीआरएस लेकर राजनीति में आने का निर्णय किया था, वे मूल रूप से तमिलनाडु के हैं तथा पिछड़ा वर्ग से आते हैं, वे और अन्नाद्रमुक के प्लानिस्वामी एक ही समुदाय के हैं, अन्नामलाई शुरू से ही इस सोच के हैं कि बीजेपी को यहां स्वतंत्र रूप से अपनी पहचान बनानी  चाहिए, उनका कहना था कि अगर छोटे दलों को साथ ले लिया जाए, तो पार्टी राज्य में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बाद तीसरा विकल्प बन सकती है, इसलिए लोकसभा चुनाव बीजेपी ने अलग से लड़ा। अन्नाद्रमुक ने भी कुछ छोटे दलों को अपने में जोड़ा, लेकिन यह गणित लोकसभा चुनावों में काम नहीं आया। </p>
<p>द्रमुक और कांग्रेस ने मिलकर राज्य की 39 में से 31 सीटों पर कब्जा कर लिया। अन्नाद्रमुक और बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली, दोनों ने इस हार से सबक सीखा और अब वे फिर एक साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। पिछले दिनों पलानिस्वमी और अन्नाद्रमुक के कई अन्य नेता दिल्ली में अमित शाह से मिले तथा यह तय हुआ कि पुरानी बातों को भूल कर दोनों को विधानसभा का चुनाव मिलकर लड़ना चाहिए। यह माना जा रहा है कि पार्टी जल्दी ही अन्नामलाई को अपना पद छोड़ने के लिए कह सकती है, ताकि दोनों दलों का फिर गठबन्धन बनने में कोई कठिनाई नहीं आए, उन्हें पार्टी के केन्द्रीय स्तर पर कोई पद दिया जा सकता है।</p>
<p><strong>-लोकपाल सेठी</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 12:44:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान उपचुनाव : गठबंधन नहीं हुआ तो 3 सीटों पर होगा त्रिकोणीय मुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय आदिवासी पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी इन दोनों दलों को कांग्रेस मना नहीं पाई तो खींवसर व चौरासी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होना लगभग तय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/if-there-is-no-alliance-in-rajasthan-by-election-there-will/article-91255"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/election-symbol3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में अक्टूबर माह में प्रस्तावित 7 सीटों पर उपचुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अलावा इस बार दो तीसरे दल भी चर्चा में है। इनमे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और भारतीय आदिवासी पार्टी शामिल है। लोकसभा चुनाव में इन दोनों ही पार्टी से कांग्रेस ने गठबंधन किया था और डूंगरपुर- बांसवाड़ा लोकसभा सीट भारतीय आदिवासी पार्टी और नागौर लोकसभा सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को गठबंधन में दी थी। इसके चलते भारतीय जनता पार्टी को इन दोनों ही सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था।</p>
<p>प्रदेश से पहली बार भारतीय आदिवासी पार्टी का लोकसभा में खाता खुला और राजकुमार रोत यहां से सांसद बने। वही नागौर में पिछली बार लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी के साथ था, लेकिन पिछले चुनाव में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से लोकतांत्रिक पार्टी का गठबंधन हुआ। यहां हनुमान बेनीवाल एक बार फिर से सांसद चुने गए। बेनीवाल और राजकुमार दोनों ही क्रमशः खींवसर और चौरासी विधानसभा से विधायक थे। अब इन दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं लेकिन दोनों दलों का कांग्रेस से इस बार गठबंधन विधानसभा में भी जारी रहने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही दोनों दलों से समझौता नहीं करने की बात कही है। ऐसे में अगर कांग्रेस इन दोनों दलों को मना नहीं पाई, तो खींवसर व चौरासी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होना लगभग तय है। वहीं सलूंबर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा का पिछले दिनों निधन हो गया था। यह सीट उदयपुर संभाग के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में है। इस सीट पर भारतीय आदिवासी पार्टी चुनाव लड़ने के मूड में है । ऐसे में यहां भी त्रिकोणीय मुकाबला होने की पूरी उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Sep 2024 18:00:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उपचुनाव में चौरासी-खींवसर सीट पर गठबंधन करेगी कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[सलूम्बर सीट पर बीएपी के सहयोग से कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी। बाकी 3 सीट देवली उनियारा, दौसा और झुंझुनूं सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में आएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। राजस्थान में 6 सीटों पर उपचुनाव में जीत की रणनीति बनाने में जुटी कांग्रेस चौरासी और खींवसर सीट पर गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी। सलूम्बर में गठबंधन पार्टी बीएपी के सहयोग से कांग्रेस उम्मीदवार उतारा जाएगा। कांग्रेस ने चौरासी सीट पर सांसद राजकुमार रोत की भारत आदिवासी पार्टी से और खींवसर में सांसद हनुमान बेनीवाल की आरएलपी पार्टी से गठबंधन करेगी। सलूम्बर सीट पर बीएपी के सहयोग से कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी। बाकी 3 सीट देवली उनियारा, दौसा और झुंझुनूं सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में आएंगे। </p>
<p>पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने अपने उदयपुर दौरे में चौरासी और सलूम्बर सीट पर गठबंधन को लेकर कवायद पूरी कर ली है और जल्दी ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। सलूम्बर सीट पर पूर्व सांसद रघुवीर मीणा भी दावेदारी जता रहे हैं। खींवसर सीट पर गठबंधन नहीं होने की स्थिति में रिछपाल मिर्धा, पूर्व जिला प्रमुख बिंदु चौधरी आदि दावेदार हैं। दौसा, झुंझुनूं और देवली उनियारा सीट पर कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट के दखल से पार्टी प्रत्याशी तय होंगे और सम्भवतः यंहा से बने सासंदो की सिफारिश पर ही टिकट फाइनल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/congress-will-form-alliance-on-chaurasi-khivansar-seat-in-by-election/article-89609</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 15:44:31 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>भाजपा अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम, किसी के साथ गठबंधन नहीं: मदन राठौड़</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उपचुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी से गठबंधन करने से साफ इनकार कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/madan-rathore-bjp-is-not-capable-of-contesting-elections-alone/article-89079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/pze-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उपचुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी से गठबंधन करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है और ऐसी किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी जो समाज को बांटने का काम करते हैं। भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल के एक दिन पहले भारतीय आदिवासी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर दिए संकेत पर उन्होंने कहा कि उनके बयानों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने गठबंधन को लेकर कोई बात नहीं कही है। वही जयपुर में आदर्श नगर विधायक रफीक खान के साथ हुई मारपीट को लेकर उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता का सेवक होता है। जनता उसके पास गुस्से से भी आती है लेकिन उसे संयमित व्यवहार का परिचय देना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उनकी सरकार के वक्त लगाई अधिकारियों से ही काम कराए जाने को लेकर उठाए सवाल पर कहा कि अधिकारियों का तबादला कोई फल नहीं होता है सरकार को उन्हें नेक नियति से काम करने की सीख देनी होती है ताकि वह ईमानदारी से काम करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 14:46:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस ने केवल सत्ता के लिए किया चुनावी गठबंधन : महबूबा</title>
                                    <description><![CDATA[पार्टी सीट बंटवारे से अधिक अपने मूल मूल्यों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि पीडीपी ने हमेशा जम्मू-कश्मीर में जनता के समर्थन पर भरोसा करते हुए स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/national-conference-congress-made-electoral-alliance-only-for-power--criticism-at-agenda--says-mehbooba/article-88902"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/mehbooba-mufti-.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने महज सत्ता हासिल करने के लिए चुनावी गठबंधन किया है। मुफ्ती ने पार्टी मुख्यालय मे नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के चुनावी गठबंधन की यह कहते हुए आलोचना की है कि इनकी साझेदारी केवल सत्ता की लालसा से प्रेरित है। उन्होंने जोर दिया कि उनकी पार्टी ने अतीत में कांग्रेस या भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के साथ गठबंधन किया, तो यह जम्मू-कश्मीर के लिए एक स्पष्ट एजेंडे पर आधारित था, जबकि नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन केवल सत्ता हासिल करने पर केंद्रित है।<br />उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन के विवादास्पद इतिहास पर प्रकाश डाला, जिसमें जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट और अफजल गुरु को उनके कार्यकाल के दौरान फांसी दी गयी थी। उन्होंने 1987 में कथित चुनाव धांधली का भी उल्लेख किया। उन्होंने पीडीपी के अपने एजेंडे के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी सीट बंटवारे से अधिक अपने मूल मूल्यों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि पीडीपी ने हमेशा जम्मू-कश्मीर में जनता के समर्थन पर भरोसा करते हुए स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा है।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से हमारी पार्टी बनी है, हम अकेले और लोगों के समर्थन से लड़े हैं। हमने यहां लोगों की पीड़ा को समाप्त करने के लिए लड़ाई लड़ी है। पीडीपी का मूल एजेंडा सम्मान के साथ शांति लाना है। उन्होंने दोहराया कि वह आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने विधानसभा की कम होती शक्ति का हवाला दिया और इसकी तुलना नगरपालिका से की। उन्होंने सार्वजनिक पद पर बने रहने के उद्देश्य पर भी यह कहते हुए सवाल उठाया कि निर्णयों के लिए भी उपराज्यपाल की मंजूरी की आवश्यकता होती है। </p>
<p>मुफ्ती ने एक शक्तिशाली मुख्यमंत्री के रूप में अपनी उन पिछली उपलब्धियों पर जोर दिया, जिनमें 12,000 व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी वापस लेना और युद्ध विराम लागू करवाना शामिल है। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने स्वयं कहा था कि उन्हें एक चपरासी के तबादले के लिए उपराज्यपाल से मिलना होगा।  मैंने अपने कार्यकाल में शक्तिशाली मुख्यमंत्री होने का परिचय देते हुए केंद्र में भाजपा के साथ सरकार चलायी और 12,000 लोगों की प्राथमिकी वापस ली तथा अलगाववादियों को पत्र लिखने के साथ ही युद्ध विराम लागू करवाया। क्या आप अब ऐसा कर सकते हैं? मैं एक शक्तिशाली मुख्यमंत्री थी। विधानसभा शक्तिशाली थी, जो अब एक नगरपालिका बन गयी है। हम कोई कानून पारित नहीं कर सकते।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 19:09:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस हमारा एजेंडा माने, गठबंधन को है तैयार : महबूबा</title>
                                    <description><![CDATA[महबूबा ने कहा कि हमारी सरकार बनी, तो आर्म्स फोर्सेस को मिली स्पेशल पावर, आतंक निरोधी कानून, पब्लिक सेफ्टी एक्ट और ऐनेमी एक्ट हटाएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-accept-our-agenda-is-ready-for-alliance--says-mehbooba/article-88554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/mehbooba-mufti-1.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू। कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के स्पेशल स्टेटस आर्टिकल 370 और 35 ए की वापसी के प्रयास और पाकिस्तान से ट्रेड दोबारा शुरू करने का वादा किया है। महबूबा ने कहा कि हमारी सरकार बनी, तो आर्म्स फोर्सेस को मिली स्पेशल पावर, आतंक निरोधी कानून, पब्लिक सेफ्टी एक्ट और ऐनेमी एक्ट हटाएंगे। </p>
<p>उन्होंने कश्मीरी पंडितों के लिए 2बीएचके मकान देने का वादा किया। महबूबा ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस से समर्थन के सवाल पर कहा कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन सीट बंटवारे पर हो रहा है, ना कि एजेंडे पर। अगर दोनों दल हमारी पार्टी का एजेंडा मानेंगे, तो हम गठबंधन को तैयार हैं। हमारा सिर्फ एक ही एजेंडा है, जम्मू-कश्मीर की समस्या का समाधान है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Aug 2024 12:26:20 +0530</pubDate>
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