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                <title>ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान पाकिस्तान दौरे पर: पीएम शहबाज शरीफ से करेंगे मुलाकात ; भारत की बढ़ सकती है मुश्किलें, जानें कैसे ?</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के आमंत्रण पर इस्लामाबाद का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए आभार जताना है। दोनों देश अंतिम समझौते के लिए 60 दिवसीय रोडमैप पर सहमत हुए हैं, जिससे कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iranian-president-pezeshkian-will-meet-pm-shahbaz-sharif-during-pakistan/article-157858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm1.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष आमंत्रण पर इस्लामाबाद का एक दिवसीय दौरा कर रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों की दिशा में एक और बड़ा कदम है। ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के जनसंपर्क प्रमुख हबीबुल्लाह अब्बासी ने पुष्टि की, कि वार्ता को सुगम बनाने में पाकिस्तान के नेतृत्व की भूमिका के लिए उनका आभार व्यक्त करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य होगा।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अब्बासी ने कहा कि इस यात्रा के उद्देश्यों में 'ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता' के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रति आभार व्यक्त करना शामिल है। पेज़ेशकियान की यह यात्रा मुख्य रूप से शरीफ को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देने के लिए है, क्योंकि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। पेज़ेशकियान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ-साथ शरीफ, पाकिस्तान के विदेश मंत्री और 'नेशनल असेंबली' के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका उच्च स्तरीय वार्ता के पहले दौर के संपन्न होने के तुरंत बाद हो रही है, जहां दोनों पक्षों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त 'प्रगति' की है। पेज़ेशकियान ने यात्रा से पहले कहा, "वार्ता की प्रभावशीलता जिम्मेदारियों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता और उनके सटीक कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। इस रास्ते पर प्रगति को जिम्मेदारियों के प्रति व्यावहारिक पालन से मापा जाएगा। </p>
<p>इस वार्ता में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभायी, जो आखिरकार दोनों पक्षों को स्विट्जरलैंड में एक साथ लाये। यह वार्ता ब्युर्गनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई, जहां वरिष्ठ ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों ने मुलाकात की, जिसे पिछले कई वर्षों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर राजनयिक आदान-प्रदान में से एक बताया जा रहा है। वार्ता के बाद पाकिस्तान और कतर दोनों ने घोषणा की, कि ईरान और अमेरिका एक अंतिम समझौते की दिशा में रोडमैप पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। अन्य मसलों को तय करने के लिए इस सप्ताह स्विट्जरलैंड में तकनीकी चर्चाएं जारी हैं।</p>
<p>पाकिस्तान यात्रा के अलावा, ईरान एक और राजनयिक रास्ते पर भी आगे बढ़ रहा है। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन और जहाजरानी के ईरानी प्रबंधन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए ओमान की यात्रा कर रहे हैं। उनके कार्यालय ने सोमवार को अपने टेलीग्राम चैनल के माध्यम से इस यात्रा की घोषणा की। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भी इस व्यापक राजनयिक प्रयास में शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि उनके विशिष्ट कार्यक्रमों का विवरण अभी सामने नहीं आया है।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में पेज़ेशकियन की यह दूसरी इस्लामाबाद यात्रा होगी। जून 2025 में 12 दिनों तक चले ईरान-इजरायल युद्ध के बाद, उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए पाकिस्तान को चुना था और लाहौर तथा इस्लामाबाद का दौरा किया था। उस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे और द्विपक्षीय व्यापार को लगभग तीन अरब डॉलर से बढ़ाकर सालाना 10 अरब डॉलर करने का संकल्प लिया था। इससे पहले जनवरी 2024 में दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी, जब ईरान ने सशस्त्र समूह जैश अल-अदल के खिलाफ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मिसाइल हमले किए थे। पाकिस्तान ने भी 48 घंटों के भीतर ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में जवाबी हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों को अपने राजदूतों को वापस बुलाना पड़ा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बड़ी खबर: शिवसेना (यूबीटी) में टूट की पुष्टि, छह सांसदों ने किया शिंदे खेमे का समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र की राजनीति में भारी उलटफेर के तहत शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों ने पाला बदल लिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर एकनाथ शिंदे गुट में विलय की मांग की। उद्धव ठाकरे के पास अब केवल 3 सांसद बचे हैं, जिससे पार्टी का संकट गहरा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-news-shiv-sena-confirms-split-in-ubt-six-mps/article-157343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/mah.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र के प्रमुख सियासी दल और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक और विभाजन की गुरुवार को उस समय प्रभावी रूप से पुष्टि हो गई, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर अपने समूह का महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय करने की मांग की। इन छह बागी सांसदों में संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय जाधव (परभणी), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी-अजा) और ओमप्रकाश उर्फ ओम राजे निंबालकर (उस्मानाबाद) शामिल हैं। इस गुट के बगावत के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) में श्री उद्धव ठाकरे के प्रति वफादार रहने वाले तीन सांसद अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) और राजाभाऊ वाजे (नासिक) ही बचे हैं।</p>
<p>इस राजनीतिक संकट के बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व ने पार्टी के संसदीय विंग पर नियंत्रण का दावा करने के बागियों के प्रयास का मुकाबला करने के लिए तेजी से कदम बढ़ाया। शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य सचेतक ने संसदीय दल की बैठक बुलाई है। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और संसदीय दल के नेता संजय राउत ने सावंत और देसाई के साथ बुधवार को बिरला से मुलाकात की थी। इस बैठक में ओम बिरला से इन बागियों की अनदेखी करने का अनुरोध किया गया था। इसके अलावा सावंत ने बिरला को लिखे एक पत्र में अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे पार्टी की आधिकारिक स्थिति सुने बिना किसी भी अलग हुए गुट को मान्यता न दें। </p>
<p>उन्होंने लिखा: "शिवसेना (यूबीटी) सदन में अपने विधिवत अधिकृत नेता और सचेतक के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने वाले एक एकल राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्राप्त करना जारी रखे हुए है, और पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित गुट या अलग हुए समूह को कोई अलग मान्यता, दर्जा, विशेषाधिकार या सुविधा न दी जाए; यदि ऐसा कोई अनुरोध प्राप्त होता है, तो शिवसेना (यूबीटी) को आपके कार्यालय के समक्ष अपनी प्रस्तुतियाँ देने का अवसर दिए बिना उस पर कोई निर्णय न लिया जाए।" इसके अलावा पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने आज संसदीय दल की बैठक बुलाई है, इस कदम को व्यापक रूप से विद्रोह के बीच वफादारी की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी ने इससे पहले 2022 में भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक बड़े विभाजन का सामना किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:21:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विधानसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी का मंथन आज: मेरठ-सहारनपुर के नेताओं संग करेंगे बैठक, बूथ कमेटियों के गठन पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने संगठन को मजबूत करना शुरू कर दिया है। पार्टी प्रमुख जयंत चौधरी आज दिल्ली में मेरठ और सहारनपुर मंडल के पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति और बूथ कमेटियों के गठन पर चर्चा करेंगे। सीटों के संभावित बंटवारे को लेकर भी पार्टी के भीतर मंथन जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/jayant-chaudharys-brainstorming-before-the-assembly-elections-today-he-will/article-157311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)31.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अब राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने भी संगठन को दुरुस्त करने की क़वायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में रालोद के प्रमुख और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी आज दिल्ली में पार्टी पदाधिकारियों की अहम बैठक लेंगे। सूत्रों की मानें तो बैठक में बूथ कमेटियों के गठन को लेकर चर्चा की जाएगी। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए मंथन शुरू कर दिया है।</p>
<p>रालोद के सूत्रों ने बताया कि आज की बैठक में मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे। इसके साथ ही पार्टी के सांसद, विधायक और सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि जयंत चौधरी इन दोनों मंडलों की सियासी जमीन को परखेंगे और चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही आरएलडी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जयंत चौधरी लगातार जमीनी नेताओं से फीडबैक ले रहे हैं। पश्चिमी यूपी को रालोद का गढ़ माना जाता है। ऐसे में पार्टी यहां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जयंत चौधरी को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी सीटों में बड़ी कटौती का सामना करना पड़ सकता है जिसको लेकर पार्टी के भीतर अभी से मंथन शुरू हो गया है।</p>
<p>दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद ने 33 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और आठ सीटें जीती थीं। जिन सीटों पर जीत मिली थी उनमें छपरौली, थाना भवन, बुढ़ाना, सिवालखास, मीरापुर, पुरकाजी (एससी), शामली और सदाबाद शामिल हैं। इस चुनाव में 19 सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही लेकिन इन 33 में से 25 सीटों पर अब भाजपा के विधायक हैं, इसलिए रालोद अब उन सीटों पर दावा नहीं कर सकती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 12:58:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तुर्की की हवाई सुरक्षा होगी मजबूत, कोन्या में तैनात होगी इटली की एसएएमपी-टी (SAMP-T) मिसाइल रक्षा प्रणाली</title>
                                    <description><![CDATA[तुर्की ने नाटो की रक्षा योजना के तहत कोन्या में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल प्रणाली तैनात करने की घोषणा की है। फ्रांस और इटली द्वारा विकसित यह सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से रक्षा करेगी। इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/t%C3%BCrkiyes-big-announcement-samp-t-missile-defense-system-will-be-deployed/article-157252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/023.png" alt=""></a><br /><p>अंकारा। तुर्की ने घोषणा की है कि देश की हवाई क्षेत्र सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कोन्या प्रांत में इटली की एसएएमपी-टी मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात करेगा। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह कदम उत्तरी अटलांटिक संधि (नाटो) की स्थायी रक्षा योजनाओं  के तहत उठाया जा रहा है और इसका उद्देश्य गठबंधन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है। इटली द्वारा संचालित इस प्रणाली को कोन्या में तीसरे मुख्य जेट बेस कमांड पर तैनात किया जाएगा।</p>
<p>रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस और इटली द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एसएएमपी-टी एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसे बैलिस्टिक मिसाइलों सहित कई तरह के खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। नाटो ने पहले ही अदाना प्रांत के इंसिलिक एयर बेस पर एक अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैनात कर दक्षिण-पूर्वी तुर्की में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 17:25:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राम मंदिर चंदा विवाद गरमाया: अयोध्या में कथित घोटालों पर कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, SIT की निष्पक्षता पर भी सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण और चंदे में संगठित लूट का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए एसआईटी (SIT) की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गायब हुई 1200 राम शिलाओं सहित पूरे मामले की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से समयबद्ध जांच की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ram-temple-donation-controversy-heated-up-misuse-of-money-raised/article-157174"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ram-mandir.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर में चंदे में कथित घोटाले की उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में समयबद्ध जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि अयोध्या में जमीन, निर्माण और चंदे से जुड़े सभी कथित घोटालों के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी नेता आराधना मिश्रा ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि अयोध्या में शुरू से ही भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जमीन के सौदों को लेकर विवाद हुए, फिर मंदिर निर्माण को लेकर सवाल उठे और अब चंदे में कथित घोटाले का मामला सामने आया है, जिससे लोगों की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लोगों की आस्था के साथ छल किया है तथा धर्म के नाम पर सौदा किया जा रहा है। उनका कहना था कि श्रीराम जन्मभूमि को लेकर सामने आ रही जानकारियां दर्शाती हैं कि एक संगठित लूट हुई है, जिसमें बड़े-बड़े लोग शामिल हैं और इसकी ओर इशारा भाजपा के पूर्व सांसद भी कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अध्यक्ष पूर्व नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा को बनाया गया। ट्रस्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गईं, जिनमें चंपत राय और अनिल मिश्रा भी शामिल हैं। ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग पहले भी विवादों में रहे हैं और इस पूरे मामले की जवाबदेही केंद्र सरकार पर बनती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन यह स्वीकार करने जैसा है कि मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि पहले शिलापूजन के नाम पर बड़े पैमाने पर धन एकत्र किया गया, जिसका कोई लेखा-जोखा सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि 1400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के दुरुपयोग के आरोप हैं और विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल के समय एकत्र की गई धनराशि का भी हिसाब सामने आना चाहिए।</p>
<p>उनका कहना था कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने लोगों की आस्था और भगवान को चढ़ाये गए धन का दुरुपयोग किया है। उनका कहना था कि अयोध्या में संगठित तरीके से लूट हुई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी निगरानी ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिनके खिलाफ महाकुंभ में हुई भगदड़ से जुड़े मामले में जांच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। उनका कहना था कि एसआईटी की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक की जानी चाहिए और पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में करायी जानी चाहिये।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में शंकराचार्यों तथा अन्य प्रमुख धार्मिक नेताओं को भी स्थान दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि राम जन्मभूमि परिसर के आसपास भूमि आवंटन और निर्माण कार्यों को लेकर पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं, लेकिन उनकी जांच का परिणाम सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पहली बरसात में ही मंदिर परिसर में पानी टपकने और जमीन धंसने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। उन्होंने दावा किया इधर 1200 राम शिलाओं के गायब होने की बात सामने आ रही है और इन सभी मामलों की समग्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा ने हमेशा प्रभु राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया है और अयोध्या में सामने आए सभी कथित घोटालों की निष्पक्ष तथा समयबद्ध जांच कर सच्चाई देश के सामने लायी जानी चाहिये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:34:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जी-7 शिखर सम्मेलन: एवियन पहुंचे पीएम मोदी, राष्ट्रपति पार्मेलिन से की मुलाकात, फ्रांस G7 समिट में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के एवियन शहर पहुंच चुके हैं। यात्रा के दौरान उन्होंने स्विट्जरलैंड में राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन से भी मुलाकात की। पीएम मोदी वैश्विक समृद्धि के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई प्रमुख विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-reaches-evian-for-g-7-summit-meets-president-parmelin/article-157175"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/pm-modi-g7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को स्लोवाकिया से फ्रांस के शहर एवियन पहुंच गये। वह कुछ देर के लिए स्विटजरलैंड भी रूके और राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के साथ मुलाकात की। मुलाकात के बाद वह एवियन के लिए रवाना हो गये। एवियन पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि वह महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ बातचीत के लिए उत्सुक हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "जी 7 समिट के लिए फ्रांस के एवियन पहुँचा। दुनिया के नेताओं से बातचीत करने और अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का बेसब्री से इंतज़ार है। भारत एक ज़्यादा टिकाऊ और समृद्ध दुनिया के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि भारत जी 7 शिखर सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में हिस्सा ले रहा है। शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री की विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता का भी कार्यक्रम है। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मिलने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 17:31:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दुनिया में बढ़ा भारत का मान: स्लोवाकिया के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से नवाजे गए प्रधानमंत्री मोदी, भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिली नई मजबूती </title>
                                    <description><![CDATA[स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से विभूषित किया है। पीएम मोदी ने इसे 1.4 अरब भारतीयों को समर्पित किया। यह उनका 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इसके बाद वे जी7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के लिए रवाना होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/indias-prestige-increased-in-the-world-prime-minister-modi-honored/article-157115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(5)12.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान "द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास" से सम्मानित किया है। स्लोवाकिया की तीन दिन की यात्रा पर गए मोदी को राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने सोमवार रात एक विशेष समारोह में स्लोवाकिया के सर्वोच्च राजकीय सम्मान, "द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास" से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने इस विशिष्ट सम्मान के लिए राष्ट्रपति, स्लोवाकिया की सरकार और जनता के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। सम्मान स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों तथा भारत और स्लोवाकिया के बीच स्थायी मैत्री संबंधों को समर्पित है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत और स्लोवाकिया के लोगों को जोड़ने वाली आत्मीयता, विश्वास और स्नेह का प्रमाण बताते हुए आशा व्यक्त की कि यह सम्मान दोनों देशों की भावी पीढ़ियों को उनकी विशेष मित्रता को आगे भी सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला 33वां अंतरराष्ट्रीय या वैश्विक सम्मान है। मोदी जी 7 देशों के 52वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज फ्रांस के एवियन शहर के लिए रवाना होंगे। भारत इस सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में हिस्सा ले रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:11:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी का स्लोवाकिया दौरा: ब्रातिस्लावा में हुआ पारंपरिक स्वागत, अलग अंदाज में सुनाया वंदे मातरम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, जहां ब्रेड और नमक भेंट कर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। पीएम मोदी यहां राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और पीएम रॉबर्ट फिको के साथ व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-visit-to-slovakia-prime-minister-fico-welcomed-him/article-157034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की यात्रा पर पहुंचने पर कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और बढ़ती साझेदारी और गहरी होगी। पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी में उतरने के तुरंत बाद कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ होने वाली बैठकों को लेकर भी उत्सुकता जताई।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ब्रातिस्लावा पहुंच गया हूं। यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर देती है। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ फलदायी बैठकों की उम्मीद है।" वहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें स्लोवाकिया की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया। यह अनूठी परंपरा मेहमाननवाजी, सद्भावना और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती है।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस स्वागत के लिए आभार जताया और कहा, "ब्रातिस्लावा में स्वागत के दौरान ब्रेड और नमक भेंट करने की पारंपरिक प्रथा देखने को मिली। यह स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहाँ के लोगों की सद्भावना व दोस्ती की भावना को दर्शाता है।" इस यात्रा के दौरान स्लोवाकिया की लोक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने मियावा क्षेत्र के लोक दल 'कोपानिसियारिक' की एक मनमोहक प्रस्तुति देखी। उन्होंने किसी देश के इतिहास और पहचान को बचाए रखने में पारंपरिक कलाओं की भूमिका की सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, "स्लोवाकिया के मियावा क्षेत्र के कोपानिसियारिक दल की एक बेहतरीन प्रस्तुति देखी। इस तरह की लोक परंपराएं अपनी संस्कृति और इतिहास को संजोकर रखने में मदद करती हैं।" ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए भारतीय समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में जुटे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते आपसी रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त किया और कहा कि समुदाय का यह स्नेह भारत और स्लोवाकिया को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को उजागर करता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, "मैं भारतीय समुदाय के लोगों के इस स्नेह और गर्मजोशी के लिए उनका आभारी हूँ। ऐसे भाव हमारे लोगों को जोड़ने वाले मजबूत रिश्तों को दर्शाते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत करते हैं।" प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत बदलते वैश्विक और आर्थिक हालातों के बीच मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को बढ़ाना चाहता है। यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य स्लोवाकिया, व्यापार, निवेश, विनिर्माण, रक्षा सहयोग, नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी और आवाजाही जैसे क्षेत्रों में भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरा है।</p>
<p>राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ पीएम मोदी की बैठकों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने, औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने, तकनीकी सहयोग में सुधार लाने और सांस्कृतिक व शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत और स्लोवाकिया के बीच दशकों से दोस्ताना राजनयिक संबंध रहे हैं और हाल के वर्षों में दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है, जबकि भारतीय कंपनियों ने स्लोवाकिया में अपनी उपस्थिति मजबूत की है, खासकर ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में। वहीं स्लोवाकिया की कंपनियों ने भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र में रुचि दिखाई है।</p>
<p>ब्रातिस्लावा की यह यात्रा पीएम मोदी के व्यापक यूरोपीय राजनयिक संपर्क का हिस्सा है। उम्मीद है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक बातचीत, आर्थिक सहयोग और जनसंपर्क को मजबूत करके भारत-स्लोवाकिया संबंधों को एक नई गति देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:12:01 +0530</pubDate>
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                <title>अमरनाथ यात्रा से पहले हाई लेवल बैठक, अमित शाह करेंगे सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज एक उच्च स्तरीय बैठक में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। अजीत डोभाल और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी वाली इस बैठक में 3 जुलाई से शुरू होने वाली दो महीने की तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर विशेष चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-will-review-the-preparations-for-amarnath-yatra-devotees/article-156752"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/yatra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को यहां एक बैठक में पवित्र अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। बैठक में यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों की सुविधा और उनकी सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।</p>
<p>पवित्र अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से 28 अगस्त तक होगी। करीब दो महीने तक चलने वाली इस वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अप्रैल को शुरू हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-will-review-the-preparations-for-amarnath-yatra-devotees/article-156752</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 17:54:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विकसित भारत का विज़न: नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी का आह्वान, राज्यों के सहयोग और महिला सशक्तिकरण पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की 11वीं संचालन परिषद बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है। पीएम ने 'विकसित भारत' के विज़न के लिए राज्यों से सहयोग, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/niti-aayog-an-important-platform-to-work-together-towards-developed/article-156678"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नीति आयोग केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग के मंच के तौर पर अहम भूमिका निभाते हुए राज्यों को 'विकसित भारत' के विज़न के लिए मिलकर काम करने के लिए सशक्त बना सकता है। पीएम मोदी ने गुरुवार को यहां नीति आयोग की संचालन परिषद की 11 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि दुनिया अभी अनिश्चितता के दौर से गुज़र रही है लेकिन भारत विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "दुनिया अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुज़र रही है, फिर भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। जैसे-जैसे भारत 'विकसित राष्ट्र' के विज़न को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।" राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच बातचीत का आधार सहयोग, संवाद और विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भी विकास और निर्यात के अवसर बढेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, "भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ये समझौते हमारे एमएसएमई के लिए भी एक बड़ा अवसर साथ लाते हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करके और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर वैश्विक बाज़ारों के लिए तैयार हो सकते हैं।" प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' के मुख्य स्तंभ के तौर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खेती, स्टार्टअप, विज्ञान और नवाचार जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाएं बहुत योगदान दे रही हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में महिलाओं की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए राज्यों को उनकी शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:00:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अल्बानिया: स्केनबेर्ग चौक आंदोलन बना व्यापक सत्ता-विरोधी प्रदर्शन, पीएम एदी रामा के इस्तीफे की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[अल्बानिया की राजधानी तिराना में जैरेड कुशनर की पर्यटन परियोजना के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया है। लगातार 10वें दिन सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग की और सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/albania-sch%C3%B6nberg-square-movement-becomes-massive-anti-establishment-protest-demanding-pm/article-156696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/अलबनिया.png" alt=""></a><br /><p>तिराना। यूरोपीय देश अल्बानिया में एक संरक्षित तटीय क्षेत्र में प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजना के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन अब एक व्यापक सत्ता-विरोधी आंदोलन में बदल चुका है। बुधवार रात राजधानी तिराना में लगातार 10वें दिन हजारों लोग सड़कों पर उतरे और प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार और मुख्य विपक्षी दल दोनों ही देश की राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।</p>
<p>राजधानी तिराना के स्केनबेर्ग चौक पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और वहां से संसद भवन की ओर मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘रामा जेल में, बेरीशा जेल में’ के नारे लगाये। यहां ‘बेरीशा’ का संदर्भ पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान में ‘डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ अल्बानिया’ के अध्यक्ष सालि बेरीशा से है, जिससे साफ है कि जनता सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से नाराज है। यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से पीशे पोरो क्षेत्र और साज़ान द्वीप पर एक प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजना के खिलाफ शुरू हुआ था। यह परियोजना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर से जुड़े एक उद्यम द्वारा एक संरक्षित तटीय क्षेत्र में निवेश से संबंधित है। </p>
<p>पर्यावरण और स्थानीय हितों को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है, जो सरकार की विभिन्न नीतियों और कानूनों को चुनौती दे रहा है। आंदोलन के दसवें दिन आयोजकों ने इसे एक राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का रूप दिया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने देश और विदेशों में रहने वाले सभी अल्बानियाई लोगों से इस रैली में शामिल होने का आह्वान किया था। इस रैली को जानबूझकर ‘लीग ऑफ प्रिजरेन’ की स्थापना की वर्षगांठ के दिन आयोजित किया गया था, जो 19वीं सदी की एक ऐतिहासिक घटना है और अल्बानियाई राष्ट्रीय एकता का एक बड़ा प्रतीक मानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:30:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान, बोले- नेतन्याहू से हुईं गलतियां, हित हमेशा नहीं मिलते</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इजरायली पीएम नेतन्याहू से कुछ चीजें गलत हुई हैं। लेबनान सैन्य कार्रवाई और ईरान तनाव के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतन्याहू अपने देश के हितों की पैरवी करते हैं, लेकिन जहां टकराव होगा, वहां अमेरिका अपने नागरिकों का हित चुनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-vice-president-jd-vances-big-statement-said-netanyahu/article-156671"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jd-vance.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोगी रहे अमेरिका और इजरायल के बीच पिछले कुछ हफ्तों से रिश्तों में तल्खी साफ देखने को मिल रही है। इस बीच, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ‘निश्चित रूप से कुछ चीजें गलत हुई हैं।’ वेंस ने हालांकि इसका कोई खास उदाहरण नहीं दिया, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि नेतन्याहू ‘अपने देश के हितों की आक्रामक रूप से पैरवी करते हैं’, लेकिन उनके हित हमेशा अमेरिका के हितों के अनुकूल नहीं होते। उनका यह बयान दोनों सहयोगियों के बीच हाल के दिनों में उपजे तनाव को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने जैसा है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली नेता के बीच लेबनान में सैन्य कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई थी। इजरायल की इस कार्रवाई के कारण क्षेत्र में नए सिरे से हमले शुरू हो गए हैं, जिससे ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है। बीती रात अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन हवाई हमलों हुए जिससे अप्रैल महीने से दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम संकट में आ गया है। यह तनाव तब दोबारा भड़का जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने युद्ध को समाप्त करने का ‘सौदा करने में बहुत लंबा समय ले लिया।’ ताजा संघर्ष की मुख्य वजह लेबनान के घटनाक्रम हैं, जहां इजरायल ईरान-समर्थित सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना सैन्य अभियान लगातार जारी रखे हुए है।</p>
<p>इस साक्षात्कार का प्रसारण आगामी रविवार होगा। इसमें वेंस ने कहा कि नेतन्याहू एक ऐसे देश का शासन चला रहे हैं जो निश्चित रूप से अमेरिका का बहुत करीबी भागीदार रहा है। लेकिन, बेहद करीबी सहयोगी होने के बावजूद, कभी-कभी हमारे हित पूरी तरह एक जैसे होते हैं और कभी-कभी उनमें टकराव होता है। मैंने प्रधानमंत्री के रुख में यही देखा है कि वह अपने देश के हितों को बहुत आक्रामक तरीके से सामने रखते हैं, कभी इसका मतलब यह होता है कि हम दोनों एक ही राह पर हैं, और कभी इसका मतलब होता है कि हम अलग हैं।”अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने आगे स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन का मुख्य काम इस बात पर ध्यान केंद्रित करना है कि अमेरिका के सर्वोत्तम हित में क्या है। उन्होंने कहा, "जहां हमारे हितों में टकराव होगा, वहां इजरायलियों के लिए दुर्भाग्य से ही सही हमें अमेरिकी जनता का पक्ष चुनना होगा।” जब वेंस से उन उदाहरणों के बारे में पूछा गया, जहां नेतन्याहू से गलतियां हुईं, तो उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि ‘ऐसी बातचीत को निजी रखना ही बेहतर होता है।’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:29:25 +0530</pubDate>
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